अपनी अच्छाइयों को बढ़ाते रहें आपका उदेश्य और लक्ष्य पूरा होगा : मुरलीधर टीम एबीएन, रांची। उर्सूलाइन इंटर कॉलेज राजा उलातू में छात्राओं ने भविष्य की संभावना और संभावना पर अपने विचार साझा किया। इस अवसर पर मोटिवेटर एनके मुरलीधर ने कॉलेज की छात्राओं के टिप्स दिये। शनिवार को एबीएन न्यूज 24 द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं पर्यावरण, समाज, देश-दुनिया की समस्या के साथ विविध विषयों पर विमर्श किया। जीवन में नैतिकता का महत्व और उससे बढ़ने वाले आत्मबल का उपयोग के साथ ही वैश्विक स्तर पर महिला शक्ति के तेज उत्थान के विषय में जानकारी दी गयी। सोशल मीडिया का बेहतर उपयोग और इसके उपयोग में सावधानी पर भी विमर्श किया गया। श्री मुरलीधर ने बताया कि किस प्रकार हमारे दिमाग में सकरात्मक चीजों का जमा होना हमारे लिये लाभ दायक है। अगर हम नकरात्मक तथ्यों से अपने दिमाग को भर लेंगे तो हमारी सोच सही दिशा में नहीं जायेगी। यह चुनौती का समय है और इसमें क्या करना है और क्या नहीं करना है इसका पूरा ज्ञान हमें होना चाहिए। स्कूली जीवन और हॉस्टल का जीवन हमारी पूरी जिंदगी की दिशा तय करते हैं। हमारे परिवार और शिक्षक के मार्गदर्शन का पालन कर हम शांति और सकून से जिंदगी जी सकते हैं। आज वैश्विक पर्यावरण की समस्या, ध्वनि, वायु और जल प्रदूषण से दूर राजा उलातू का उसूर्लाइन इंटर कॉलेज का यह भव्य परिसर शिक्षण और ज्ञान अर्जन के लिये बहुत ही बेतहर है। रांची रिंग रोड से सटा यह क्षेत्र शिक्षण और स्वास्थ्य की दृष्टिकोण से अतुलनीय है। श्री मुरलीधर ने नेतरहाट स्कूल से इस परिसर की तुलना करते हुए इसके आसपास के वातावरण को मन मस्तिस्क में सकरात्मक भाव डालने वाला बताया। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने सवाल किया जिसका जवाब श्री मुरलीधर ने दिया। छात्राओं ने पर्यावरण प्रदूषण और उससे जीवन पर पढ़ने वाले असर के बारे में पूछा। छात्राओं ने अपनी अच्छाईयों में एक अच्छाई पर चिंतन करने उसे और अधिक बढ़ाने का शपथ भी कार्यक्रम में लिया। इस संबंध में श्री मुरलीधर ने कहा जीवन में अच्छे संस्थान में अध्ययन करने का अवसर मिल जाना एक भाग्य की बात है इस बात को सौभाग्य में बदलने के लिये सभी साधन और अवसर आज उपलब्ध है। ऐसे में हमारी सफलता सुनिश्चित हो इसके लिये हमें गंभीर होना चाहिए। जीवन में सम्मान को लेकर उन्होंने कहा कि सबसे अधिक सम्मान अपना करना चाहिए लेकिन इसमें एक खतरा है कि आपके व्यवहार में विनम्रता बनी रहे यह भी आवश्यक है। अपने सम्मान का अर्थ है कि हम मानवीय गुणों के साथ ही कुछ करने की चेष्टा करते रहे। कड़ी मेहनत से सफलता मिलती है यह सच है? लेकिन सफलता तो सही दिशा में सही मार्गदर्शन में सही समय पर सही ढंग से मेहनत करने से मिलती है। इस अवसर पर प्राचार्या सिस्टर विनिता ने कहा कि वर्तमान समय ज्ञान का है और इस दिशा में लगातार प्रयास कर रहें है। हॉस्टल से युक्त उसूर्लाइन इंटर कॉलेज के परिसर को रांची उसूर्लाइन कॉलेज पुरुलिया रोड के शिक्षक-शिक्षिकाओं का पूरा सहयोग मिलता है। प्राचार्या डॉ मेरी ग्रेस ने अथक प्रयास से उर्सूलाइन का राजा उलातू कॉलेज लगातार सफलता और उन्नति की ओर अग्रसर है।
टीम एबीएन, रांची। कांके स्थित बिरसा कृषि विवि का दीक्षांत समारोह दो फरवरी को होगा। मुख्य अतिथि के तौर पर राज्यपाल रमेश बैस के शामिल होंगे। इसमें करीब 12 सौ डिग्रियां बांटी जायेगी। इसकी तैयारी की जा रही है।जानकारी के मुताबिक दीक्षांत समारोह में यूजी, पीजी, पीएचडी डिग्री विद्यार्थियों को दी जायेगी। इसमें यूनिवर्सिटी गोल्ड मेडल और चांसलर गोल्डी मेडल भी दिया जाएगा। बिरसा कृषि विवि स्थापना वर्ष 1981 में हुई है। इसके बाद से अब तक छह दीक्षांत समारोह हुए हैं। इसमें विद्यार्थियों को डिग्री बांटी गई है। ये 7वां दीक्षांत समारोह होगा। करीब तीन साल के अंतराल पर दीक्षांत समारोह आयोजित हो रहा है। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में विवि के अंतर्गत 10 कॉलेज संचालित हैं। इसमें उद्यान, एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग, डेयरी टेक्नोलॉजी, फिशरीज और कृषि संकाय भी शामिल हैं।
युवाओं को सही दिशा देना आज सबसे जरूरी : डॉ पवन द्विवेदी टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची के सिरमटोली स्थित एक होटल के सभागार में पारुल यूनिवर्सिटी बड़ोदरा गुजरात ने प्रिंसिपल टीचर्स मीट का आयोजन किया। शनिवार को आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य भर से आये शिक्षक, प्राचार्य और शिक्षाविदों को पारुल यूनिवर्सिटी के डिप्टी रजिस्टार (एकेडमिक) डॉ पवन द्विवेदी ने संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि देश और समाज की स्थिति लगातार बेहतरी की ओर जा रही है। हमारा देश में जय जवान, जय किसान और जय विज्ञान के साथ ही जय अनुसंधान के नारे की सार्थकता समझाते हुए कहा कि हमें कृतज्ञ होना चाहिए लेकिन हम कृतध्न होते जा रहे हैं। कोरोना काल की समस्या को लेकर उन्होंने सबसे बुदिजीवी वर्ग शिक्षक प्राचार्य और शिक्षाविदों से जानना चाहा कि हमने सबसे अधिक जोखिम वाले नर्स दीदीयों, डॉक्टर, पुलिसवाले और कोरोना का दुनिया में सबसे बेहतरीन टीका रिकार्ड समय में बनाने वाले वैज्ञानिकों को किस प्रकार याद किया। श्री द्विवेदी ने कहा हम अपने बहस के मुद्दों को कुछ विषयों पर सीमित करते है जो बहुत छोटे होते हैं। हमें राष्टÑीय स्तर पर विमर्श करना चाहिए। हम शिक्षक और अभिभावक के तौर पर जो कर रहें है वहीं समाज में पा रहे हैं। हमारी पीढ़ी पूरे तौर पर नशा की शिकार हो रही है हमारे संयुक्त परिवार टूट रहें है, हमारे गुरुकुल का नाश हो रहा है यह चिंता का विषय है। दूसरी ओर हमारे किसान कोरोना काल हो या विपरीत स्थिति वे आजादी के समय की 30 करोड़ की आबादी की भूखमरी को 140 करोड़ के संपूर्ण आहार तक की यात्रा करके जय किसान का नारा बुलंद कर रहे हैं। यही नहीं अंतरिक्ष और रक्षा सेवा में भारत विश्व का सबसे सस्ता उपग्रह प्रक्षेपण का रिकार्ड बनाकर पूरी दुनिया को टक्कर दे रहा है। डॉ द्विवेदी ने कहा कि जो देश अन्न के दाने के लिये तरसा है वह आज आधी दुनिया को अन्न की आपूर्ति कर रहा है। जय विज्ञान के साथ ही अब भारत जय अनुसंधान की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। ड्रोन तकनीक से भारत की दशा-दिशा बदलने वाली है। साथ ही कृषि के क्षेत्र को खेती और किसानी में तब्दील कर हम विश्व में श्रेष्ठ स्थान पा सकते हैं। युवाओं को प्रेरित करने की हमारी पीढ़ी की जबावदेही को रेखाकिंत करते हुए डॉ द्धिवेदी ने कहा कि हमारी आदतों से ही परेशान हो रही है हम अगर विदेशी वस्तु और विचार को अपना आदर्श मानेंगे तो हमारे आदर्श कलाम, नंदन नीलकेनी, वीजी कुरियन, होमी जहांगीर भाभा कैसे हो सकते हैं। हमें अपने आदर्श और संस्कृति पर गर्व करना होगा और युवाओं को भी प्रेरित करना होगा। इस अवसर पर मोटिवेटर-काउंसलर एनके मुरलीधर ने कहा कि आज शिक्षा और समाज का रिश्ता बिगड़ा है। हर अभिभावक को उनके बच्चे तो अपने लगते हैं लेकिन स्कूल अपना नहीं लगता। समाज सदैव सरकार से बड़ा होता है। श्री मुरलीधर ने नालंदा विश्वविद्यालय का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां असम के राजा घी भेजा करते थे और नालंदा में प्रकाश व्यवस्था दीपनगर गांव के लोग किया करते थे। वे अपने शिक्षण संस्थाओं पर गर्व करते थे। आज 18 लाख युवा देश से बाहर जा रहे हैं। विदेशी यूनिवर्सिटी कोदेश में सेंटर खोलने की इजाजत दे दी गयी है। इस अवसर पर पारुल यूनिवर्सिटी के झारखंड प्रभारी नितीन नवीन ने वित्त चित्र के माध्यम से जानकारी दी कि पारुल यूनिवर्सिटी में 25 हजार छात्र अध्ययन कर रहे हैं। कार्यक्रम में रांची, भुरकुंडा, रामगढ़, खूंटी सहित कई स्थानों से प्रिंसिपल और शिक्षक कार्यक्रम में शिरकत किया।
टीम एबीएन, रांची। प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में अर्धवार्षिक परीक्षा के कार्यक्रम में आंशिक संशोधन किया गया है। अब उर्दू स्कूलों में 20 जनवरी को होने वाली परीक्षा 22 जनवरी को आयोजित की जाएगी। 20 जनवरी को शुक्रवार है। इस दिन उर्दू स्कूलों में अवकाश रहता है। झारखंड छात्र संघ के अध्यक्ष एस अली ने कहा कि सिर्फ उर्दू स्कूलों में परीक्षा कार्यक्रम में संशोधन किया गया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ का रांची जिन अधिवेशन और सांगठनिक चुनाव 21 जनवरी को अमर शहीद विश्वनाथ शाहदेव जिला स्कूल में होगा। मुख्य अतिथि रांची उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा होंगे। वहीं विधायक विकास सिंह मुंडा और झामुमो प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य मुख्य वक्ता होंगे। आरडीडीई पुष्पा कुजूर, डीईओ आकाश कुमार सम्मानित अतिथि होंगे। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए संयोजक यशवंत विजय, कुर्बान अली, सफदर इमाम, इंद्रदेव प्रसाद, भवेश चंद्र महतो, प्रेम साहू, मंजुला एक्का, आशीष खाखा सहित अन्य शिक्षक संपर्क अभियान चला रहे हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय सेना ने इंजीनियरिंग ग्रेजुएट उम्मीदवारों के लिए अधिकारी के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। इसके लिए इंजीनियरिंग की डिग्री रखने वाले अविवाहित महिला और पुरुष इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। इन पदों के लिए आवेदन की प्रक्रिया 11 जनवरी 2023 से शुरू हो चुकी है।इच्छुक उम्मीदवार इंडियन आर्मी की आधिकारिक वेबसाइट joinindianarmy.nic.in से 09 फरवरी 2023 तक आवेदन कर सकते हैं। भारतीय सेना इस भर्ती अभियान के जरिए 175 पुरुष और 14 महिलाओं को मिलाकर कुल 175 पदों पर भर्ती करेगा। सेना की यह भर्ती एसएसएसी के तहत की जायेंगी।शैक्षिक योग्यताभारतीय सेना की इस भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय, इंस्टीट्यूट से संबंधित इंजीनियरिंग विषय में बीई, बीटेक की डिग्री होनी चाहिए। इंजीनियरिंग के बैचलर डिग्री के अंतिम वर्ष में पढ़ाई कर रहे छात्र भी इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। इन सभी उम्मीदवारों को एक अक्तूबर 2023 तक अपना पासिंग सर्टिफिकेट दिखाना होगा।यह होगी सैलरीलेफ्टिनेंट के पद पर चयनित उम्मीदवारों को वेतन 56100 रुपये से लेकर 1,77500 रुपये तक मिलेगा। इसके साथ ही मिलिट्री सर्विस पे 15,500 मिलेगा। जबकि चयनित उम्मीदवारों को उनकी ट्रेनिंग के दौरान स्टाइपेंड के तौर पर 56100 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
एबीएन करियर डेस्क। नौकरी के लिए कई दफा हमें सलाह की जरूरत होती है तो हम गूगल पर सर्च कर लेते हैं। मन में कोई सवाल है तो उसका जवाब भी गूगल से पूछते हैं। दरअसल, हम गूगल पर निर्भर होते जा रहे हैं। यही वजह है कि यह लोगों की कमाई का साधन भी बन चुका है। अगर आप भी नौकरी की तलाश में हैं तो डिजिटल मार्केटिंग इंड्स्ट्री आपके लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकती है।आज के दौर में आम से लेकर खास आदमी तक हर छोटी बड़ी जरूरत की चीज के लिए गूगल पर ऑनलाइन सर्च करता है। कई दफा हमें सलाह की भी जरूरत होती है तो हम गूगल पर सर्च कर लेते हैं। मन में कोई सवाल है तो उसका जवाब भी गूगल से पूछते हैं। दरअसल, हम गूगल पर निर्भर होते जा रहे हैं। यही वजह है कि यह लोगों की कमाई का साधन भी बन चुका है। इसे हम ऑनलाइन मार्केटिंग या डिजिटल मार्केटिंग कहते हैं। क्योंकि किसी भी सेवा या वस्तु तक हम इंटरनेट के जरिए पहुंच रहे हैं। अब बात आती है इसमें करियर बनाने की कि डिजिटल सेक्टर में आखिर क्या करियर बन सकता है। तो जो लोग लिखना पसंद करते हैं वो कंटेंट मार्केटिंग क्षेत्र में जा सकते हैं। जिन्हें टेक्निकल चीजें जल्दी समझ में आती हैं वह एसईओ सेक्टर में जॉब कर सकते हैं। वहीं जिन लोगों को सेल्स के गुर आते हैं वह टेलीफोन मार्केटिंग, एफिलिएट मार्केटिंग, रेडियो मार्केटिंग, टीवी मार्केटिंग, सोशल मीडिया मार्केटिंग में अपना करियर बना सकते हैं। डिजिटल मार्केटिंग इसके अलावा भी नौकरी के कई द्वार जैसे ई-मेल मार्केटिंग और सर्च इंजन मार्केटिंग या सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन क्षेत्र में खोलता है। तो अगर आप 12वीं, ग्रेजुएट बेरोजगार हैं या नई नौकरी की तलाश कर रहे हैं तो डिजिटल मार्केटिंग फील्ड आपके लिए बेहतर साबित हो सकता है। क्योंकि इस फील्ड ने बीते दशक में शुरू होकर अपनी रफ्तार कहीं रोकी नहीं है। 2027 तक यह 750 बिलियन यूएस डॉलर इंडस्ट्री बनने जा रहा है। इसलिए युवा वर्ग इस ओर तेजी से आकर्षित हो रहा है। युवाओं की डिजिटल मार्केटिंग क्षेत्र में करियर बनाने की रुचि को देखते हुए सफलता डॉट कॉम ने एक खास डिजिटल मार्केटिंग कोर्स शुरू किया है। इस कोर्स के जरिए अब तक हजारों युवाओं ने कम समय में आकर्षक सैलरी वाली जॉब हासिल की है।ये भी सीखें एडवांस्ड डिजिटल मार्केटिंगडिजिटल मार्केटिंग ई बुकडिजिटल मार्केटिंग में करिअर सर्च इंजन मार्केटिंगटेलीफोन मार्केटिंगसर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशनसोशल मीडिया मार्केटिंगटेलीविजन मार्केटिंगएफिलिएट मार्केटिंगरेडियो मार्केटिंगकंटेंट मार्केटिंगई-मेल मार्केटिंगसफलता के साथ बनायें अपना करियर देश की जानी मानी ऐडटेक कंपनी सफलता ने युवाओं की मदद के लिए कई प्रोफेशनल और स्किल ओरिएंटेड शॉर्ट और लॉन्ग टर्म कोर्सेज की शुरुआत की है जहां से आप घर बैठे खुद को एक किसी फील्ड का प्रोफेशनल बना सकते हैं। यहां ग्रॉफिक डिजाइनिंग और डिजिटल मार्केटिंग के अलावा भी कई कोर्स मौजूद हैं। इतना ही नहीं सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए भी सफलता पर लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोर्सेज हैं। यहां से पढ़कर सैकड़ों युवाओं ने सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में शानदार नौकरियां हासिल की हैं। तो फिर देर किस बात की आज ही सफलता से जुड़ें और अपना शानदार करियर बनायें। आप अपने फोन में सफलता एप्प डाउनलोड कर भी इन कोर्सेज से जुड़ सकते हैं।
टीम एबीएन, रांची। जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा केन्द्र में मंगलवार को शुरू हुई स्नातकोत्तर मिड सेमेस्टर थ्री की परीक्षा आज शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हो गयी। नागपुरी भाषा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ उमेश नन्द तिवारी, डॉ सविता केसरी, डॉ बीरेन्द्र कुमार महतो एवं डॉ रीझू नायक ने बताया कि विभाग द्वारा आयोजित इस परीक्षा में 58 परीक्षार्थी उपस्थित रहें। सभी छात्र अनुशासन में रहकर शांतिपूर्ण परीक्षा सम्पन्न कराने में अपनी महत्ती भूमिका निभायी।डॉ तिवारी ने बताया कि परीक्षा के दौरान कोविड के खतरे को देखते हुए एहतियात के तौर पर सोशल डिस्टेंस का पूरा ख्याल रखा गया। परीक्षार्थियों ने परीक्षा के पश्चात् अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि प्रश्न काफी आसन थे, जो भी पढ़ाई हुई थी उतने से ही प्रश्न पूछे गये। परीक्षा के सफल संचालन में नागपुरी विभाग के शोध छात्र नेहा कुमारी, रवि कुमार, प्रवीण कुमार सिंह, विक्की मिंज एवं आलोक कुमार मिश्रा का सहयोग रहा।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड सेंट्रल यूनिवर्सिटी (सीयूजे) में नॉन टीचिंग के 37 पदों पर भर्ती निकली है। इच्छुक उम्मीदवार भर्ती के लिए अपना आवेदन कर सकते हैं। बता दें कि नॉन टीचिंग के पद पर आवेदन करने वाले इच्छुक उम्मीदवार यूनिवर्सिटी प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट http://cuj.ac.in/ पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उम्मीदवार को बता दें कि भर्ती से संबंधित सभी जानकारी वेबसाइट पर मिल जायेगी।उम्मीदवार को हर माह मिलेगी सैलरीबता दें कि चयनित उम्मीदवारों को केंद्र सरकार के पे मैट्रिक्स लेवल 1 से लेवल 14 के अनुरुप हर माह सैलरी मिलेगी। नॉन टीचिंग के पदों से संबंधित अधिकर जानकारी के लिए अभ्यर्थी यूनिवर्सिटी के ऑफिशियल वेबसाइट पर ऑनलाइन विजिट कर सकते हैं। इन पदों पर आवेदन की लास्ट डेट 26 जनवरी 2023 है। साथ ही झारखंड सेंट्रल यूनिवर्सिटी ने नॉन टीचिंग के पदों पर आवेदन करने वाले उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से किसी भी विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन या ग्रेजुएशन या 12वीं की डिग्री होनी चाहिए।भर्ती के लिए ये है आयु सीमाबता दें कि नॉन टीचिंग के पदों पर आवेदन करने वाले उम्मीदवार की आयु 27 से 40 साल के बीच होनी चाहिए। साथ ही आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को यूनिवर्सिटी के नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट मिलेगी। साथ ही बता दें कि आवेदन शुरु होने की डेट 27 दिसंबर 2022 है। आवेदन की लास्ट डेट 26 जनवरी 2023 तक है इसके अलावा आवेदन के पेमेंट की लास्ट डेट 26 जनवरी 2023 है।भर्ती के लिए ऐसे करें आवेदनबता दें कि इन पदों पर आवेदन करने के लिए इच्छुक उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट http://cuj.ac.in/ विजिट करें। साथ ही यूनिवर्सिटी के वेबसाट पर नॉन टीचिंग के लिंक पर क्लिक करें, मेल आईडी, पासवर्ड और मोबाल नंबर डालकर रजिस्टर के ऑप्शन पर क्लिक करें। इसके अलावा दर्ज किये गये मोबाल नंबर पर एक ओटीपी आयेगा, उसको दर्ज करें। साथ ही दोबारा https://cuj.onlineregistrationforms.com/#/home पर जाकर Login के ऑप्शन पर क्लिक करें। ये सभी प्रक्रिया करने के बाद नके पेज पर मांगी गयी जानकारी सावधानीपूर्वक भरें, गलत और त्रुटिपूर्ण आवेदन सत्यापन के दौरान निरस्त कर दिया जायेगा।
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