टीम एबीएन, रांची। रातु के कटहल मोड़ स्थित गुरुकुल द्रोण एकेडमी में शनिवार को दिन 2 बजे से नि:शुल्क टैलेंट हंट प्रतियोगिता करायी गयी। प्रतियोगिता में 5 वर्ष से 17 वर्ष तक की आयु के बच्चे शामिल हुए। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों के बीच चित्रांकन, मेंटल मैथ और वाद-विवाद प्रतियोगिता हुई। जिससे बच्चे काफी उत्साहित दिखे। बच्चों के अभिभावक भी ऐसी प्रतियोगिता देख काफी प्रभावित हुए और इच्छा जाहिर की कि इस तरह की प्रतियोगिता आगे भी होती रहे। संस्थान ने प्रतिभागी विजेताओं के बीच पुरस्कार वितरण किया। संस्थान की डायरेक्टर उषा प्रसाद ने कहा कि अपने संस्थान में इस तरह की प्रतियोगिता आयोजित कर मैं काफी उत्साहित हूं। उन्होंने कहा कि सेकंड राउंड की प्रतियोगिता पुन: 9 अप्रैल को आयोजित की जायेगी। जिसमें हमारी कोशिश होगी कि उक्त प्रतियोगिता में अधिक से अधिक बच्चे प्रतिभागी बनें। जिससे बच्चों की प्रतिभा सामने आ सके। वहीं अतिथि (गेस्ट) के रूप में राष्ट्र बचाओ आंदोलन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह, समाजसेवी राकेश चौधरी, संजय कुमार, रजनी कुमार, जितेंद्र गुप्ता कार्यक्रम में शामिल हुए। मौके पर उन्होंने संयुक्त रूप से कहा कि इस तरह की प्रतियोगिता के आयोजन से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है। बच्चे की प्रतिभा सामने निकल कर आती है। कहा कि वर्षों पूर्व अपने भारतवर्ष में गुरुकुल का प्रचलन था जिसे अन्य देशों के आक्रांताओं ने समाप्त कर दिया। आज फिर से भारतवर्ष में गुरुकुल द्रोण, गुरुकुलम् जैसे अन्य संस्थान खोले जाने से आधुनिक शिक्षा पद्धति के साथ-साथ पौराणिक शिक्षा पद्धति की ओर अग्रसर होते देख हम लोग काफी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन के लिए संस्थान की डायरेक्टर उषा प्रसाद को धन्यवाद ज्ञापित करते हैं, जिनके प्रयास के कारण देश फिर से पौराणिक शिक्षा पद्धति की ओर अग्रसर होती दिख रही है। इस प्रतियोगिता को सफल बनाने में शिक्षक प्रीति झा, स्वाति प्रसाद, रत्ना लाल, शालिनी श्रीवास्तव, कल्याणी कुमारी, प्रियंका, नीतू, सविता, मनीष कुमार कुशवाहा का सराहनीय योगदान रहा।
मेडिकल छात्रों का अनिवार्य रूप से होगा शत प्रतिशत पंजीकरणएबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रदेश के समस्त मेडिकल एवं नर्सिंग कॉलेज ई-ग्रन्थालय से जुड़ेंगे, इसके लिए विभगीय अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं। मेडिकल शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत शत-प्रतिशत छात्र-छात्राओं का ई-ग्रन्थालय में पंजीकरण किया जायेगा, ताकि मेडिकल छात्र देशभर के मेडिकल शिक्षण संस्थानों में उपलब्ध पुस्तकों, शोध पत्रों एवं पत्रिकाओं का अध्ययन कर सकेंगे। एनईपी-2020 के प्रावधानों के तहत उत्तराखंड के सभी शिक्षण संस्थानों में ई-ग्रन्थालय को अनिवार्य कर दिया गया है।यमुना कॉलोनी स्थित शासकीय आवास में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। मंत्री ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग की तर्ज पर शीघ्र ही प्रदेशभर के निजी एवं राजकीय मेडिकल कालेजों तथा नर्सिंग कॉलेजों को भी ई-ग्रन्थालय से जोड़ा जायेगा, जिसके निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं।उन्होंने कहा कि मेडिकल शिक्षण संस्थानों के ई-ग्रन्थालय से जुड़ने से मेडिकल एवं नर्सिंग की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को इसके माध्यम से कैटलागिंग की आधुनिक डिजिटल सुविधा के साथ-साथ विभिन्न मेडिकल कालेजों, नर्सिंग कालेजों में उपलब्ध बेहतर पुस्तकें, शोध पत्रों एवं पत्रिकाओं सहित पठन-पाठन के अन्य संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे।विभागीय मंत्री ने कहा कि ई-ग्रन्थालय से सभी मेडिकल एवं नर्सिंग छात्र-छात्राओं को जोड़ने के लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि एनईपी-2020 के अंतर्गत प्रत्येक शिक्षण संस्थानों में डिजिटल लाइब्रेरी अनिवार्य कर दी गयी है, इसलिए उत्तराखंड के तमाम शिक्षण संस्थानों में एनआईसी के सहयोग से ई-ग्रन्थालय स्थापित किये जा रहे हैं।मंत्री ने बताया कि ई-ग्रन्थालय के माध्यम से सभी मेडिकल एवं नर्सिंग कालेज नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी से भी जुड़ सकेंगे। इसके लिये शीघ्र ही एनआईसी अलग से एक पोर्टल तैयार करेगी जिसमें मेडिकल एवं नर्सिंग कालेजों को अपना पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद इसमें मेडिकल छात्र-छात्राओं का पंजीकरण किया जायेगा। इससे पहले उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में ई-ग्रंथालय की स्थापना कर दी गयी है, जिसमें 21 लाख से अधिक पुस्तकें उपलब्ध है।बैठक में निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ आशुतोष सयाना, कुलसचिव मेडिकल यूनिवर्सिटी प्रो एमके पंत सहित एनआईसी के अधिकारी उपस्थित रहे।
टीम एबीएन, कोडरमा। ग्रिजली कॉलेज ऑफ एजुकेशन में एडमिशन सेल द्वारा बीएड सत्र 2023-25 में नामांकन को लेकर प्राचार्य प्रो डॉ बीसी स्वेन की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में महाविद्यालय के नामांकन प्रभारी सौरभ शर्मा ने बताया कि आवेदक झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद के अधिकृत वेबसाइट http://jceceb.jharkhand.gov.in के होम पेज पर online form B.Ed. Combined Entrance Competitive Examination -2023 बटन पर click कर दिये गये निर्देश निर्देश ओं का पालन करते हुए राज्य के 136 बीएड कॉलेजों में सत्र 2023-25 में नामांकन के लिए 10 फरवरी से 10 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन भर सकते हैं। जिसकी प्रवेश परीक्षा 23 अप्रैल को रांची, धनबाद, जमशेदपुर, बोकारो, दुमका और पलामू जिला मुख्यालय स्थित विभिन्न केंद्रों पर आयोजित होगी।आवेदक परीक्षा शुल्क पेमेंट गेटवे के माध्यम से क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग के द्वारा दे सकते हैं। सामान्य जाति के लिए परीक्षा शुल्क ₹1000, पिछड़ी जाति -1/ पिछड़ी जाति -11 ( झारखंड राज्य के लिए) परीक्षा शुल्क ₹750 एवं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सभी कोटि की महिला (झारखंड राज्य के लिए) के लिए ₹500 है। परीक्षा का पैटर्न ऑफलाइन मोड में होगा। परीक्षा में 100 प्रश्न होंगे। जिसमें 0.25 नेगेटिव मार्किंग प्रत्येक गलत उत्तर के लिए होगी। मौके पर महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक, अजय कुमार गुप्ता, खुशबू कुमारी सिन्हा, शिक्षकेत्तर कर्मचारी दीपक पांडे, मुख्तार आलम आदि मौजूद थे।
7वीं, 10वीं पास के लिए नौकरी का मौका, होम गार्ड की 1478 वैकेंसी, 100 रुपये में करें आवेदनटीम एबीएन, रांची। झारखंड में होमगार्ड पदों पर भर्ती होने का अच्छा मौका है। झारखंड होम डिफेंस कॉर्प्स, धनबाद ने होमगार्ड के 1478 रिक्त पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती के लिए आवेदन ऑफलाइन मोड में करना है। इस भर्ती का फॉर्म जिला कमांडेंट, झारखंड होमगार्ड, धनबाद से प्राप्त कर सकते हैं। झारखंड होमगार्ड भर्ती 2023 के लिए आवेदन प्रक्रिया 18 फरवरी से शुरू हो चुकी है। इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 17 मार्च 2023 है। झारखंड होमगार्ड वैकेंसी का नोटिफिकेशन धनबाद जिले की ऑफिशियल वेबसाइट dhanbad.nic.in पर उपलब्ध है। यहां से डाउनलोड कर सकते हैं।नोटिफिकशन के अनुसार, झारखंड में 1478 होमागार्ड की वैकेंसी में से 638 वैकेंसी ग्रामीण इलाकों के लिए और 840 पद शहरी इलाकों के लिए हैं। होमगार्ड भर्ती के लिए उम्र कम से कम 19 साल और अधिकतम 40 साल होनी चाहिए।महिलाओं को 50% आरक्षण : झारखंड में हो रही होमागर्ड जवानों की भर्ती में महिलाओं को 50% आरक्षण मिलेगा। जानकारी के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में 319 महिला होमगार्ड की भर्ती होगी और शहरी क्षेत्रों में 420 महिला होमगार्ड की भर्ती होगी। इस तरह कुल 739 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी।ग्रामीण क्षेत्रों के लिए- कम से कम 7वीं पास होना चाहिए। शहरी क्षेत्र- 10वीं पास होना जरूरी है।होमगार्ड भर्ती के लिए शारीरिक मापदंडलंबाई : जनरल/ओबीसी- 162 सेमी, एससी/एसटी- 157 सेमी, महिला- 148 सेमीसीना : जरल/ओबीसी- 79 सेमी, एससी/एसटी-76 सेमीआवेदन शुल्क– 100 रुपयेजरूरी डॉक्यूमेंट्स : आवासीय प्रमाण पत्र, उम्र प्रमाण पत्र/जन्म प्रमाण पत्र, शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र आदि।
टीम एबीएन, रांची। आज बीआइटी लालपुर सेंटर के एनएसएस के नेतृत्व में सी-20 एंबेसडर के रूप में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सी-20 के आयोजन को युवाओं तक कैसे पहुंचाया जा सकता है इसी निमित यह कार्यक्रम में मुख्य वक्ता रांची के सांसद संजय सेठ ने युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने सी-20 के इस आयोजन को हम हल्के में न लेकर हम भविष्य के विकसित भारत के रूप के लिए इस आयोजन को सफल बनाने में रांची की आम जनता को धन्यवाद देते हुए कहा कि युवाओं को नया भारत बनाने में अपने ऊर्जा को लगाते हुए झारखंड की अपनी पहचान उसकी पर्यटन स्थलों को अपने सोसल मीडिया के माध्यम से और प्रचारित करें।बीआइटी लालपुर की निदेशक डॉ वंदना भट्टाचार्य ने अपने संबोधन से आज के युवा शक्ति को देश के विकास के लिए अपनी ऊर्जा को लगाने की निवेदन करते हुए उनके नई तकनीकों की विस्तार देश की अर्थव्यवस्था को और विकसित करने में लगाने पर जोर दिया।पर्यावरण और पुरातत्व के जानकार एसडी सिंह ने झारखंड के पुरातत्व धरोहरों को युवाओं को अपने अनुभव के माध्यम से यह जानकारी दी कि हम इस क्षेत्र में अपने को कैसे विकसित कर सकते है जो मेरे देश कीअर्थव्यवस्था को और उच्च स्तरीय ले जाने में सहायक बने।कार्यक्रम में सी-20 के संयोजक ऐश्वर्य सेठ ने अपने ऊर्जावान वक्तव्यों से नया भारत के लिए नया जोश भरने की जरुरत से युवाओं को परिचित करायाऔर नया भारत के निर्माण में सहयोगी बने।युवा के ब्रांड एंबेसडर खादी के आशीष सत्यब्रत साहू ने युवक युवतियों को पारंपरिक परिधान पर विशेष महत्व को युवाओं को। बताया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ अभय रंजन श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों को इस आयोजन में उपस्थित होने पर एनएसएस की तरफ से धन्यवाद प्रकट किया। इस आयोजन में डॉ प्रदीप मुंडा, डॉ प्रणव कुमार, डॉ अमृता प्रियम डॉ सोमनाथ मुखर्जी डॉ जलेश्वर भगत डॉ संजय कुमार डॉ एके सिंह, डॉ संदीप शाहदेव, सिमरन, निकिता, अरुणिमा, ऋषि, फरहान, आयुषी, विभूति, शुभम सहित बीआईटी के शिक्षक और शिक्षिका कर्मचारियों की उपस्थित रहे।
टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 27/2/23 दिन सोमवार को रांची विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग में आयुर्वेद एवं प्राचीन चिकित्सा पद्धति विषय पर विभागाध्यक्षा प्रो अर्चना कुमारी दुबे के नेतृत्व में साप्ताहिक विभागीय संगोष्ठी तथा विविध विषयों पर पोस्टर प्रेजेंटेशन का आयोजन किया गया। महोदया ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया एवं छात्रों की प्रस्तुति की सराहना की। संगोष्ठी के मुख्य प्रवक्ता डॉ श्रीप्रकाश सिंह ने आयुर्वेद, योग, चिकित्सा तीनों का समन्वयन करते हुए छात्रों के जीवन उपयोगी एवं स्वास्थ्य संवर्धन समेत अनेक आयुर्वेद के तथ्यों को बहुत ही सरल ढंग से अधिगम करवाया। डॉ घोषाल ने भी नक्षत्र विज्ञान एवं आयुर्वेद पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। स्नातकोत्तर चतुर्थ एवं प्रथम सत्र के छात्रों ने भी अपने अपने शोधपत्र पढ़े। सभा का संचालन शोधार्थी धर्मवीर आर्य ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ भारती द्विवेदी ने किया। संगोष्ठी में डॉ सविता उरांव, डॉ धीरेंद्र दुबे, जगन्मय विश्वास, मुरारी मंडल आदि उपस्थित रहे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने आगामी शैक्षणिक सत्र से शुरू होने वाले मॉडल स्कूलों में कक्षा छह में नामांकन के लिए आवेदन की तिथि बढ़ा दी है। पहले इन स्कूलों में आवेदन करने की अंतिम तिथि 28 फरवरी तक थी। किसी कारणों से स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव के रवि कुमार ने जैक अध्यक्ष को निर्देश दिया है कि आवेदन भरने की तिथि 10 दिन बढ़ायी जाये। सचिव ने अपने निर्देश में कहा है कि आवेदन फॉर्म भरने में बच्चों को अपने जन्म एवं आवासीय प्रमाण पत्र बनाने में समय लग रहा है। इससे बच्चों को नामांकन के लिए आवेदन करने में परेशानी हो रही है। इसे देखते हुए आवेदन भरने में दो तरह का बदलाव करें।पहला – विद्यालय के प्रधानाध्यापक या प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा सत्यापित जन्म तिथि एवं आवासीय पते को मान्यता देते हुए आवेदन करने की अनुमति दी जाये।दूसरा – आवेदन भरने की तिथि 10 दिन और बढ़ाया जाये।सचिव ने जैक अध्यक्ष को कहा है कि पूर्व निर्देश के अनुरूप चयन के बाद संबंधित छात्र-छात्राओं से नामांकन के समय सभी वांछित प्रमाण-पत्र, आवासीय एवं जन्म प्रमाण पत्र लिया जाये।उल्लेखनीय है कि राज्य में निर्माणाधीन 89 मॉडल स्कूलों में अगले शैक्षणिक सत्र 2023-2024 से पठन-पाठन का काम शुरू होगा। सभी मॉडल स्कूल अंग्रेजी माध्यम से संचालित होंगे। सभी स्कूल पूरी तरह से गैर-आवासीय होंगे। नामांकन के लिए परीक्षा की तिथि नौ अप्रैल निर्धारित है। परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र दो अप्रैल को ऑनलाइन डाउनलोड करना होगा।
एबीएन कैरियर डेस्क। झारखंड में मैट्रिक-इंटर की परीक्षा 14 मार्च से शुरू हो रही है। इस परीक्षा में करीब आठ लाख विद्यार्थी शामिल होने जा रहे हैं। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने मैट्रिक और इंटर की परीक्षा को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं।जैक अध्यक्ष अनिल कुमार महतो ने कहा कि विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गृह जिलों में परीक्षा केंद्र बनाये गये हैं। जैक बोर्ड की ओर से समय से प्रश्न पत्र एवं अन्य परीक्षा सामग्री जिलों को उपलब्ध करा दी जायेगी। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा पाने के लिए मैट्रिक और इंटर का रिजल्ट जून के प्रथम सप्ताह में जारी कर दिया जायेगा, जिससे विद्यार्थियों को किसी तरह की दिक्कत न हो।मैट्रिक और इंटर की परीक्षा के लिए जैक ने जिला स्तर पर परीक्षा केंद्र बनाया है। इस वर्ष पिछले साल की तुलना में कम परीक्षा केंद्र बनाये गये हैं। 2022 में जैक बोर्ड ने 1936 परीक्षा केंद्र बनाये थे। जबकि इस बार अभी तक करीब 1400 केंद्रों को निर्धारित किया गया है। रांची में 159 केंद्रों पर मैट्रिक और इंटर की परीक्षा होगी, जिसमें 102 मैट्रिक की परीक्षा के लिए और इंटर की परीक्षा के लिए 57 केंद्र बनाये गये हैं, जहां लगभग 82 हजार परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे।विद्यार्थियों की सुविधा को देखते हुए मैट्रिक के परीक्षा केंद्र प्रखंड स्तर पर जबकि इंटर के परीक्षा केंद्र अनुमंडल स्तर पर बनाये गये हैं। मैट्रिक की परीक्षा प्रथम पाली और इंटर की परीक्षा द्वितीय पाली में आयोजित की जायेगी।जैक अध्यक्ष ने कहा कि इस बार बदले हुए पैटर्न से मैट्रिक और इंटर की परीक्षा होगी। इसमें परीक्षा ओएमआर शीट और उत्तर पुस्तिका दोनों पर ली जायेगी। दोनों के 40 40 अंक होंगे और 20 अंक आंतरिक मूल्यांकन के होंगे। छात्रों से परीक्षा में वस्तुनिष्ठ एवं लघु उत्तरीय तथा दीर्घ उत्तरीय प्रश्न पूछे जायेंगे।उल्लेखनीय है कि साल 2023 की मैट्रिक -इंटर परीक्षा में राज्यभर के आठ लाख परीक्षार्थी शामिल होंगे, जिसमें मैट्रिक की परीक्षा में लगभग 4:50 लाख और इंटर की परीक्षा में 3:50 लाख परीक्षार्थी शामिल होंगे। जानकारी के मुताबिक पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष परीक्षार्थियों की संख्या बढ़ी है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव डॉ मनीष रंजन ने सिविल सेवा की प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए भारतीय कला एवं संस्कृति पर पुस्तक लिखी है। ये भारतीय प्रशासनिक सेवा 2002 बैच के झारखंड कैडर के अधिकारी हैं। भारतीय कला, भारतीय संस्कृति एवं भारतीय विरासत नाम से तीन खंडों में विभाजित करते हुए विभिन्न अध्यायों में विवेचना की गयी है। इस बुक को लिखने डॉ मनीष रंजन को पांच साल से अधिक का समय लगा।डॉ मनीष रंजन ने बताया कि इस पुस्तक में भारतीय कला, भारतीय संस्कृति एवं भारतीय विरासत नामक तीन खंडों में विभाजित करते हुए प्रत्येक खंड की तार्किक दृष्टिकोण से विभिन्न अध्यायों में विवेचना की गयी है। इसमें भारतीय कला संस्कृति एवं विरासत के विविध स्वरूपों तथा चित्रकला एवं हस्तशिल्प, वास्तुशिल्प, नाट्य नृत्य, संगीत, मूर्ति एवं स्थापत्य कला, अभिलेख, शिलालेख, पर्व-त्योहार, यूनेस्को की ओर से घोषित विरासत स्थल, भाषा, साहित्य, शिक्षा, धर्म एवं दर्शन आदि ऐसे ही अनेक विषयों को उनके उद्भव काल से लेकर अब तक के ऐतिहासिक विकास क्रम में नवीनतम शोधों से प्राप्त प्रमाणित एवं अद्यतन आंकड़ों के साथ-साथ नये स्वरूप में प्रस्तुत किया गया है।
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