एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। शहरी क्षेत्र वार्ड नंबर 8 के राजकीय मध्य विद्यालय, पावरगंज, लोहरदगा में विद्यालय प्रबंधन समिति का आज पुनर्गठन किया गया। राज्य परियोजना कार्यालय एवं प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, लोहरदगा के निर्देशन अनुसार आज पुनर्गठन हेतु बैठक रखी गयी। विद्यालय प्रबंधन समिति के पुनर्गठन में प्रखंड साधन सेवी त्रिसंघा प्रजापति की अध्यक्षता में प्रक्रिया पूरी की गयी। इस बैठक में बच्चों के माता-पिता, अभिभावक, बाल संसद के बच्चे, प्रभारी प्रधानाध्यापिका रूबी कुजूर, शिक्षिका रौनक जहां, सहायक शिक्षिका कुमारी अर्चना, जगेश्वर उरांव सहित अन्य लोग उपस्थित थे। विद्यालय प्रबंधन समिति में सर्वसम्मति से अध्यक्ष लीलमनी उरांव, उपाध्यक्ष रामनाथ महतो को चुना गया। साथ ही समिति के 15 सदस्यों का भी चुनाव किया गया। मौके पर वार्ड पार्षद अविनाश कौर ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालय के शिक्षक और आप लोगों के सहयोग से ही बच्चे आज अच्छी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और इसी तरह हम लोगों को मिलकर विद्यालय को आगे बढ़ाना है। किंतु अभिभावकों से यह कहना चाहूंगी कि प्रतिदिन कम से कम अपने बच्चों को एक घंटा घर में अवश्य समय दें।स्वयं उनको पढ़ायें या उनसे जानकारी लें कि दिन भर में आज उन्होंने क्या-क्या पढ़ाई की, ताकि बच्चे और आगे बढ़ सके। वहीं वार्ड पार्षद ने विद्यालय के जर्जर भवन को देखते हुए कहा कि शीघ्र ही जिले के उपायुक्त से मिलकर यह अपील की जायेगी कि इस जर्जर विद्यालय के कमरों को यथाशीघ्र ठीक कराने की कृपा की जाये।
टीम एबीएन, रांची। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल पुंदाग की वरिष्ठ शिक्षिका पुष्पा त्रिवेदी को भावभीनी विदाई दी गयी। विद्यालय परिवार की ओर से प्राचार्य डॉ तापस घोष ने उन्हें स्मृति चिह्न, उपहार तथा अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने सम्पूर्ण समर्पण और कर्त्तव्य निष्ठा के साथ अपने लगभग इकतीस वर्षों के सेवा काल को पूर्ण करके अवकाश प्राप्त किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य तथा उनके सहकर्मी गण ने उनके साथ के अपने कार्य काल के अनुभव को साझा किये। उन्होंने भी इस शानदार विदाई के लिए विद्यालय परिवार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। प्राचार्य डॉ तापस घोष ने उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभ कामनाएं देते हुए कहा कि मैडम पुष्पा विद्यालय के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं, जिन्होंने पूरी कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपना कार्यकाल पूरा किया। उनकी कर्तव्यनिष्ठा अनुकरणीय है। उन्होंने सभी शिक्षक- शिक्षिकाओं के समक्ष उनकी कार्यकुशलता को उदाहरण के रूप में रखा। उनके योगदान से विद्यालय ने नयी ऊंचाइयों को छुआ है। विदाई समारोह में पूरे विद्यालय परिवार ने उपस्थित रह कर पुष्पा त्रिवेदी के आरोग्य, सुख- शांति, संपदा की कामना की।
एबीएन कैरियर डेस्क, रांची। उर्सूलाइन इंटर कॉलेज रांची में फॉरेसिंक साइंस में करियर और इसकी उपयोगिता से संबंधित कार्यक्रम का आयोजन हुआ। शुक्रवार को आयोजित इस कार्यक्रम में स्कूल की पूर्ववर्ती छात्रा और वर्तमान में नोएडा में फॉरेंसिक साइंस में स्रातक की पढ़ाई कर रही मोनिका ने स्कूल की छात्राओं के साथ संवाद स्थापित किया। इस कार्यक्रम में मोनिका ने इस क्षेत्र में करियर की संभावना और इसकी उपयोगिता के बारे में विस्तार से बताया। इस अवसर पर उपस्थित छात्राओं ने कई सवाल भी किये। इस उपयोगी और ज्ञानवर्द्धक कार्यक्रम से छात्राओं को लाभ पहुंचा। उनका सत्र उत्कृष्ट था। उन्होंने आत्मविश्वास से बात की, हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं पर उनकी उत्कृष्ट पकड़ थी, और उन्होंने हर प्रश्न का उत्तर ठोस, विचारशील और आकर्षक ढंग से दिया। छात्रों ने संवाद का भरपूर आनंद लिया और सत्र के हर पल का लुत्फ उठाया। एक पूर्व छात्रा को अगली पीढ़ी को प्रेरित करते देखना प्रेरणादायक था।
एबीएन कैरियर डेस्क। द इंस्टीट्यूट आॅफ चाटर्ड अकाउंटेंट्स आॅफ इंडिया का विद्यार्थी बनना गर्व का विषय है। यह वाणिज्य संकाय विद्यार्थियों का सपना होता है। इस सपने को साकार करने की दिशा में एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग की एक पूर्व छात्रा; शबरीन फिरदौस अग्रसर है। उसने एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग से पिछले वर्ष सीबीएसई बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा पास करने के उपरांत चार्टर्ड अकाउंटेंसी की पढ़ाई करने के लिए अपना नामांकन करवाया तथा अपने कठिन परिश्रम के बल पर उसने फाउंडेशन का चरण पूरा किया। प्राचार्य डॉ तापस घोष ने शबरीन को उसकी इस शानदार उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि वह अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती है।उसके जैसे विद्यार्थियों पर विद्यालय परिवार को गर्व है। उन्होंने शबरीन को सलाह दी कि इसी प्रकार लगन से पढ़ाई करती रहे, ताकि कम से कम समय में वह सीए का कोर्स भी पूरा कर सके। उन्होंने शबरीन के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
टीम एबीएन, रांची। रांची विश्वविद्यालय अपनी स्थापना का 67वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय तीन दिवसीय स्थापना दिवस कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। बता दें कि रांची विश्वविद्यालय में एक लाख 60 हजार विद्यार्थी एक सत्र में पढ़ाई करते हैं। स्थापना दिवस कार्यक्रम की शुरूआत हो चुकी है। कार्यक्रम में कई पूर्व कुलपति भी शामिल हैं। रांची विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉक्टर सरोज शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा का अलख जगाने का काम 1960 से करता आ रहा है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नरेंद्र भगत पूर्व आईएएस अधिकारी भी उपस्थित रहे।
प्रेस विज्ञप्तिJPSC प्रारंभिक परीक्षा (PT) परिणाम में पारदर्शिता सुनिश्चित करने एवं मेंस परीक्षा स्थगित करने की मांगटीम एबीएन, रांची। अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) ने JPSC प्रारंभिक परीक्षा (PT) विज्ञापन संख्या 01/2026 के परिणाम को लेकर उत्पन्न अभ्यर्थियों की शंकाओं एवं व्यापक असंतोष को देखते हुए माननीय मुख्यमंत्री, झारखंड सरकार के नाम तथा झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के अध्यक्ष के नाम ज्ञापन सौंपा है।प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा का कहना है कि परिणाम घोषित होने के बाद से अभ्यर्थियों द्वारा लगातार परिणाम की पारदर्शिता, वैधता, श्रेणीवार कट-ऑफ तथा चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में मात्र 16 दिनों के भीतर मेंस परीक्षा आयोजित करना अभ्यर्थियों के साथ न्यायोचित नहीं होगा। ज्ञापन के माध्यम से निम्न प्रमुख मांगें रखी गई हैं।जब तक पीटी परिणाम से संबंधित सभी आपत्तियों एवं संदेहों का समाधान नहीं हो जाता, तब तक मेंस परीक्षा स्थगित की जाए।पीटी परिणाम की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन किए जाएं तथा सभी श्रेणियों (ST, SC, OBC-I, OBC-II एवं EWS) का अलग-अलग कट-ऑफ सार्वजनिक किया जाए।अंतिम उत्तर कुंजी (Final Answer Key) एवं अभ्यर्थियों की उत्तर रैंकिंग/मेरिट सूची सार्वजनिक की जाए। परिणाम तैयार करने की पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा बाहरी एजेंसी की भूमिका और आयोग की जवाबदेही स्पष्ट की जाए। चयनित अभ्यर्थियों की संख्या, रिक्तियों के अनुपात तथा अतिरिक्त चयन के आधार पर आयोग विस्तृत स्पष्टीकरण जारी करे।सोशल मीडिया पर वायरल हो रही OMR शीट एवं परिणाम से जुड़ी शिकायतों की जांच कर आयोग आधिकारिक स्थिति स्पष्ट करे।परिणाम में क्रमांक संबंधी विसंगतियों एवं अन्य तकनीकी त्रुटियों का सार्वजनिक रूप से निराकरण किया जाए। पीटी एवं मेंस परीक्षा के बीच अत्यंत कम समय निर्धारित किए जाने के संबंध में आयोग अपना SOP एवं निर्णय का आधार सार्वजनिक करे।अखिल झारखंड छात्र संघ के प्रदेश सचिव सक्षम झा ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए चयन प्रक्रिया का पूर्णतः निष्पक्ष एवं पारदर्शी होना आवश्यक है। संगठन ने राज्य सरकार एवं झारखंड लोक सेवा आयोग से अभ्यर्थियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।प्रदेश सचिव राजेश सिंह ने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता सुनिश्चित होने तक मेंस परीक्षा आयोजित नहीं की जानी चाहिए, ताकि योग्य अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा हो सके और आयोग की निष्पक्षता पर जनता का विश्वास बना रहे। उक्त जानकारी अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने दी।
जेएलकेएम नेता देवेन्द्र नाथ महतो ने महामहिम राज्यपाल से मुलाकात कर 14वीं JPSC पीटी परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं से कराया अवगत, सीबीआई जांच एवं मुख्य परीक्षा स्थगित करने की मांगलाखों जेपीएससी छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शीता सुनिश्चित हो : देवेन्द्र नाथ महतोटीम एबीएन, रांची। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष एवं छात्र आंदोलनकारी नेता देवेन्द्र नाथ महतो ने आज पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत महामहिम राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से लोकभवन, राँची में मुलाकात कर 14वीं संयुक्त असैनिक सेवा (JPSC) प्रारंभिक परीक्षा-2025 के परिणाम में सामने आई कथित अनियमितताओं एवं अभ्यर्थियों की समस्याओं से संबंधित विस्तृत ज्ञापन सौंपा। देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि कुछ दिन पूर्व आयोजित प्रेस वार्ता के माध्यम से भी उन्होंने 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा परिणाम में सामने आए विभिन्न तथ्यों को सार्वजनिक किया था। उन्हीं तथ्यों एवं छात्रों की शिकायतों से आज महामहिम राज्यपाल को विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया।उन्होंने कहा कि यह मामला केवल परीक्षा परिणाम तक सीमित नहीं है, बल्कि झारखंड के लाखों छात्रों के भविष्य, झारखंड लोक सेवा आयोग की विश्वसनीयता एवं संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा से जुड़ा हुआ है। इसलिए पूरे मामले में निष्पक्ष एवं त्वरित हस्तक्षेप आवश्यक है।देवेन्द्र नाथ महतो ने महामहिम राज्यपाल के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं :14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा-2025 की संपूर्ण चयन प्रक्रिया की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय सीबीआई अथवा सक्षम एजेंसी से जांच कराई जाए।आयोग द्वारा जारी परिणाम पर संवैधानिक सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं होने तथा श्रेणीवार कट-ऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए जाने के पूरे मामले की जांच कराई जाए और संबंधित तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए।सोशल मीडिया पर वायरल ओएमआर शीट एवं उससे जुड़े दावों की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।जांच पूरी होने एवं श्रेणीवार कट-ऑफ सार्वजनिक किए जाने तक 18, 19 एवं 20 जुलाई 2026 को प्रस्तावित मुख्य परीक्षा तत्काल स्थगित की जाए।अभ्यर्थियों को आवेदन एवं तैयारी के लिए पर्याप्त समय दिया जाए, क्योंकि वर्तमान में मात्र सात दिनों में जाति, स्थानीय, आय, क्रीमीलेयर एवं दिव्यांगता सहित आवश्यक प्रमाण-पत्र बनवाना तथा मुख्य परीक्षा की तैयारी करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।भविष्य में JPSC की सभी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता, जवाबदेही एवं संवैधानिक प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाए तथा यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सिद्ध होती है तो दोषी अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए। देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि JLKM किसी भी राज्य अथवा किसी अभ्यर्थी के विरुद्ध नहीं है। संगठन की लड़ाई केवल झारखंड के युवाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं न्यायपूर्ण भर्ती प्रक्रिया दिलाने के लिए है।उन्होंने कहा कि महामहिम राज्यपाल ने पूरे मामले को गंभीरता से सुना तथा ज्ञापन प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में राँची जिला अध्यक्ष गुणा भगत, महानगर अध्यक्ष संजय महतो, केंद्रीय सचिव विराट महतो एवं केंद्रीय संगठन महासचिव मनीष साहू उपस्थित रहे।
टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 6/7/2026 को अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू ) के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता लगातार गंभीर सवालों के घेरे में है। जेपीएससी की हालिया प्रतियोगी परीक्षाओं एवं उनके परिणामों ने लाखों अभ्यर्थियों के मन में गहरा अविश्वास पैदा किया है। वर्तमान परिस्थितियों में जेपीएससी योग्यता और निष्पक्ष चयन का माध्यम बनने के बजाय अव्यवस्था, अपारदर्शिता और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का प्रतीक बनता जा रहा है। हालिया सिविल सेवा परीक्षा में 103 पदों के विरुद्ध 2204 अभ्यर्थियों को सफल घोषित कर दिया गया, लेकिन आज तक कटआॅफ अंक सार्वजनिक नहीं किये गये। इतना ही नहीं, मेरिट सूची पर आयोग के सभी सदस्यों के हस्ताक्षर तक नहीं होने से पूरी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गये हैं। इसी प्रकार बैकलॉग पीटी परीक्षा में 832 अभ्यर्थियों का रिकॉर्ड स्पष्ट नहीं होने से पूरी प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ गयी है। यह कोई सामान्य प्रशासनिक त्रुटि नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य के साथ किया जा रहा गंभीर अन्याय है। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाएं अब प्रतिभा की नहीं, बल्कि अनिश्चितता, भ्रम और मानसिक प्रताड़ना की परीक्षा बन गयी हैं। वर्षों तक परीक्षाएं आयोजित नहीं होतीं और जब परिणाम आते हैं तो वे विवादों में घिर जाते हैं। कभी मॉडल उत्तर-पुस्तिका पर सवाल उठते हैं, कभी कटआॅफ सार्वजनिक नहीं किया जाता, कभी मेरिट सूची पर आवश्यक हस्ताक्षर नहीं होते और कभी सैकड़ों अभ्यर्थियों के रिकॉर्ड ही संदिग्ध हो जाते हैं। ओएमआर शीट के मूल्यांकन में भी बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे उदाहरण सामने आए हैं, जिनमें किसी अभ्यर्थी को प्रथम प्रश्नपत्र में 100 में से 48 अंक प्राप्त हुए, जबकि सफल होने के लिए दूसरे प्रश्नपत्र में 100 में से 97 अंक प्राप्त करना आवश्यक हो जाता है। परीक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी स्थिति अत्यंत असामान्य और संदेहास्पद है। इससे पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठते हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए आजसू मांग करती है कि जेपीएससी की हालिया पीटी पूरी परीक्षा प्रक्रिया एवं हालिया विवादित परिणामों की सीबीआई जांच करायी जाये। सभी परीक्षाओं के कटआॅफ, मेरिट निर्धारण की प्रक्रिया, मूल्यांकन प्रणाली एवं ओएमआर मूल्यांकन का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाये। परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर दोषी पाये जाने वाले अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाये। राज्य के सभी प्रतियोगी छात्रों से अपील है कि यह संघर्ष किसी एक परीक्षा या एक बैच का नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य और उनके अधिकारों का प्रश्न है। सभी छात्र लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठायें। अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) प्रत्येक उस छात्र के साथ मजबूती से खड़ी है, जिसके भविष्य के साथ सरकार और जेपीएससी द्वारा अन्याय किया गया है। आजसू युवाओं के अधिकार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और निष्पक्ष चयन सुनिश्चित कराने के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी। उक्त जानकारी अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने दी।
एबीएन कैरियर डेस्क। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग, रांची में वर्ष 2026 में कक्षा एकादश के विद्यार्थियों का हर्षोल्लासपूर्वक स्वागत किया गया। कक्षा द्वादश के विद्यार्थियों द्वारा आयोजित इस फ्रेशर्स वेलकम समारोह की शुरुआत कक्षा एकादश व द्वादश के लिए हवन से हुई, जिसमें समृद्ध और सफल शैक्षणिक यात्रा की कामना की गयी। दीप प्रज्ज्वलन के बाद प्राचार्य डॉ. तापस घोष ने प्रेरक संबोधन दिया और बताया कि विज्ञान, वाणिज्य व मानविकी—हर स्ट्रीम में उज्ज्वल भविष्य के अवसर हैं। उन्होंने नियमित उपस्थिति, अनुशासन और निरंतर मेहनत को सफलता की कुंजी बताया। समारोह का विशेष आकर्षण स्कूल के सफल पूर्व विद्यार्थियों के साथ संवाद रहा। बैच 2024 की टॉपर राशि सिंह, जो वर्तमान में मैत्रेय कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हैं; ने अपने अनुभव साझा किये। साथ ही दीप गुप्ता (एमबीबीएस एमजीएम मेडिकल कॉलेज), अनुष्का अधिकारी (वाणिज्य टॉपर, सेंट्स जेवियर्स कॉलेज की छात्रा), तनु सिंह (विज्ञान टॉपर) और स्वस्ती साहू (एनआईएफटी, गांधीनगर) ने भी अपने प्रेरणादायक सफर के विषय में बताते हुए महत्वपूर्ण सलाह दी। पूर्व विद्यार्थियों ने कक्षा एकादश में मजबूत आधार बनाने, शिक्षकों पर विश्वास रखने और कोचिंग पर अधिक निर्भर न करते हुए स्वयं मेहनत पर जोर देने की अपील की। कार्यक्रम में सुंदर नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियां दी गयीं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। फ्रेशर्स प्रेरित, आत्मविश्वासी और आगे बढ़ने के लिए तैयार दिखाई दिये। प्राचार्य डॉ तापस घोष और समस्त शिक्षकों की ओर से कक्षा एकादश के विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।समारोह का समापन शांति पाठ से हुआ।
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