टीम एबीएन, रांची। जेवियर इंस्टीट्यूट आॅफ सोशल सर्विस (एक्सआईएसएस) ने अपना दो दिवसीय वार्षिक उत्सव पनाश 2024 को 10 फरवरी, शनिवार को संस्थान परिसर में समाप्त किया। सरसंग्राम कार्यक्रम के दौरान लाइव संगीत प्रदर्शनों से लेकर रैंप पर चलने तक, संस्थान ने सफलतापूर्वक वार्षिक उत्सव का आयोजन किया। दो-दिनी इस उत्सव के दौरान, विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। फेस पेंटिंग प्रतियोगिता में, अल्पना केकेर्टा और वंदना रानी इंडवार ने पहले स्थान संको प्राप्त किया, दूसरे स्थान पर अमिती यूनिवर्सिटी से तन्वी झा और निलेश निलय ने प्राप्त किया, और तीसरे स्थान पर नंदिनी प्रकाश और प्रयाग संदील ने प्राप्त किया। कुकिंग विथौत फायर की प्रतियोगिता को सेंट जेवियर्स कॉलेज की टेस्ट टाइटन्स टीम ने जीता, जबकि दूसरे स्थान को सेंट जेवियर्स कॉलेज से स्टेलर चीफ टीम ने अपने नाम किया, और तीसरे स्थान को एक्सआईएसएस से हेल्थी मील्स टीम ने प्राप्त किया। ओपन माइक प्रतियोगिता में, एक्सआईएसएस से बिप्लवकुमार ने पहले स्थान को प्राप्त किया, जबकि दूसरे स्थान को भी एक्सआईएसएस से मेहा वर्मा ने प्राप्त किया और तीसरे स्थान को झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय से संभावी ने प्राप्त किया। फैशन शो, कार्यक्रम जो पारंपरिक संस्कृति को आधुनिक फैशन के साथ मिश्रित करने के रूप में था, अपने विजेता को एक्सआईएसएस से चुनकर समाप्त हुआ। विजयी टीम, हाउस आफ स्टाइल, चंदन कुमार बारा, हर्षा प्रिया पॉल, साक्षी सिंह, मीत गुप्ता, मनीष कुमार गौतम, रोहन पांडे, सौरभ चौहान, सुरभि, तहसीन खान, और प्रार्थना दास से मिलकर बनी थी। फोटोग्राफी प्रतियोगिता में, एक्सआईएसएस से अंकित प्रणय तिर्की पहले स्थान पर सुरक्षित किया, उसके बाद अकाश कुमार, और तीसरे स्थान पर प्रेरणा जायसवाल, एक्सआईएसएस के बने। वहीं रील प्रतियोगिता में, ह्रितिक कुंडू पहले स्थान पर विजयी बने, जबकि शनोज सुरज दूसरे स्थान पर रहे और अनमोल लकड़ा तीसरे स्थान को हासिल किया सभी एक्सआईएसएस के थे। एक व्यावसायिक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता थी जो उत्कृष्ट उपलब्धियों के साथ समाप्त हुआ: एक्सआईएसएस की यूनिटम टीम ने पहले स्थान को सुरक्षित किया, बिटबिज ने दूसरे स्थान पर फॉलो किया और बीआईटी से एडवांस टीम ने तीसरे स्थान को प्राप्त किया।इसके आगे नृत्य प्रतियोगिता में, सोलो चैंपियन के रूप में संत जेवियर्स कॉलेज से शशांक, दूसरे स्थान पर सबीना लकड़ा ने प्राप्त किया। समूह नृत्य श्रेणी में, प्रथम सम्मान एमिटी विश्वविद्यालय को मिला, जबकि संत जेवियर्स कॉलेज से ग्रूवर्स टीम ने दूसरे स्थान को सुरक्षित किया। आरजे राशी ने बैटल आफ थे बैंड्स का कुशलतापूर्वक आयोजन किया, इस दौरान दर्शकों को उन्होंने पूरी तरह से आकर्षित किया। इस प्रतियोगिता के विजेता रांची विश्वविद्यालय से फोर लीफ क्लोवर और बीआईटी से टीम ध्वनि थे। पनाश के अंतिम दिन कई आयोजन हुए, जैसे कलाकृति, नुक्कड़ नाटक, बेच सको तो बेचो, और सुर संग्राम शामिल थे। रैंप वाक कार्यक्रम को फेमिना मिस इंडिया झारखंड 2022, मिस रिया तिर्की, अतुल गेरा, मिस रचना तिवारी, और मिस ख्याति मुंजाल द्वारा जज किया गया, जिसमें को मिस पनाश और मिस्टर पनाश का खिताब पहनाया गया। इसके अतिरिक्त, इंडियन आइडल फेम शगुन पाठक द्वारा एक अद्भुत प्रदर्शन भी था। इंडियन आइडल फेम शगुन पाठक के अद्भुत कार्यक्रम ने सभी के पैरों को थिरकाने पर मजबूर कर दिया। पनाश का समापन डीजे आकाश मक्कर के गानों द्वारा सभी के दिलों पर राज करने के साथ हुआ।
टीम एबीएन, रांची। आज बीआईटी मेसरा में लालपुर के तत्वावधान में छात्रों के सोसायटी विजुअल एंड परफोर्मिंग आर्ट्स के द्वारा आयोजित कार्यक्रम जिसमें घरेलू उपयोग में आने वाले वस्तुओं को पुनः उपयोग में लाने के लिए निर्माण कर उसे साज सज्जा के लिए छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण को ध्यान रख यह कार्यक्रम आयोजित किया था। इस कार्यक्रम के उद्घाटन करते हुए संस्थान की निदेशक डॉ वंदना भट्टाचार्य ने पर्यावरण संरक्षण पर आधारित इस प्रतियोगिता में अपने को शामिल करना एक सुखद अनुभव है। इस प्रकार के कार्यक्रम को आयोजित कर सोसायटी ने संस्थान को गौरवान्वित किया है।कार्यक्रम की सलाहकार के रूप में बोलते हुए डॉ अमृता प्रियम ने इस आयोजन में शामिल होने वाले सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए सभी नव निर्मित वस्तुओं की तारीफ किया। छात्र गतिविधियों के संकाय प्रमुख डॉ आशुतोष मिश्रा ने बताया की यह कार्यक्रम सोसायटी की अध्यक्ष सुश्री निमिषा रवानी की तारीफ करते हुए इस योजना को पर्यावरण संरक्षण और उसको बढ़ावा के लिए बेहतरीन आयोजन बताया।डॉ महुआ बनर्जी ने सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया। आज के इस कार्यक्रम को दो भागों में रखा गया था- पहला मोबाइल कवर को सुसज्जित करना और कचड़े से कलाकृति बनाने की कला। जिसमें प्रथम पुरस्कार शिवांगी तिवारी, दूसरा स्थान हृषिता प्रसाद, तृतीय स्थान आस्था अग्रवाल और दीपिका खलखो ने जीता। दूसरी प्रतियोगिता में प्रथम आफरीन खातून, नेहा कुमारी, मुश्कान ने जीता। सोसायटी की अध्यक्ष सुश्री निमिषा रवानी ने बताया कि यह पूरा आयोजन पर्यावरण संरक्षण पर आधारित रहा, इसलिए कार्यक्रम में शामिल सभी वस्तुओं का प्रयोग पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए बनाया गया था। जिसमें शामिल होने वाले सभी सदस्यों और शिक्षकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।आज के इस प्रतियोगिता में संस्थान के डॉ प्रणव कुमार, डॉ श्रावणी मुखोपाध्याय, डॉ उमेश प्रसाद, सिद्धिकांत मिश्रा, डॉ अभय रंजन श्रीवास्तव, डॉ सोमित्रो, निमिषा रवानी, मोहित कुमार, अमीषा, अनुश्री, आर्यन, अदिति सहाय, अदिति प्रिया, सहित सोसाइटी के सदस्यों ने भाग लिया। यह जानकारी मीडिया प्रभारी राणा मिश्रा ने दी।
टीम एबीएन, रांची। बिड़ला इंस्टीट्यटू ऑफ टेक्नोलॉजी मेसरा के प्रबंधन विभाग ने वार्षिक स्पीक फेस्ट आयोजित किया। जहां विचार कहानियां बन जाते हैं और आवाजें अपनी महिमा में उभरती हैं। इसका आयोजन किया गया, जिसका ग्रैंड फिनाले स्टूडेंट एक्टिविटी फोरम ने प्रस्ततु किया। इस अवसर पर प्रबधंन के छात्रों को कई विषयों पर अपनी राय व्यक्त करने और अपनी सार्वजनिक बोलने की क्षमता प्रदर्शित करने का मौका मिला। प्रतिष्ठित निर्णायक पैनल में प्रबधंन विभाग के प्रमखु डॉ उत्पल बाउल डॉ सुजाता प्रियंबदा दास, (सहायक प्रोफेसर), डॉ रोहित पांडे (सहायक प्रोफेसर) और डॉ अनपुम घोष (सहायक प्रोफेसर) शामिल थे।ग्रैंड फिनाले में पांच छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें अनामिका, जूही कुमारी, प्रतीक कुमार पात्रा, इंदु कुमारी और लावण्या सिन्हा शामिल हैं। वे सभी अगले दौर में पहुंच गये। फाइनलिस्टों ने व्यक्तिगत विकास में रिश्तों के मूल्य, कार्यस्थल में सॉफ्ट स्किल्स का प्रभाव, सीखने को सोशल मीडिया की तरह व्यसनी कैसे बनाया जाये।जिज्ञासा का महत्व और आत्मविश्वास के महत्व जैसे महत्वपर्णू मुद्दों को संबोधित किया। आकर्षक प्रस्तुतियों और मूल्यांकन के दो दौर के बाद जूही कुमारी को विजेता घोषित किया गया। लावण्या सिन्हा को फर्स्ट रनर-अप घोषित किया गया, जबकि प्रतीक कुमार पात्रा ने सेकेंड रनर-अप का स्थान हासिल किया। प्रबधंन विभाग के प्रमुख डॉ उत्पल बाउल ने विजेताओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि स्पीक फेस्ट हमारे छात्रों के लिए अपने संचार कौशल को सुधारने, अपने अद्वितीय दृष्टिकोण को व्यक्त करने और सार्वजनिक बोलने में मूल्यवान अनभुव प्राप्त करने का एक उल्लेखनीय मंच रहा है। प्रतिभागियों की आज की प्रस्तुतियों की क्षमता हमारे छात्रों की प्रतिभा और समर्पण का प्रमाण है। इच्छुक प्रबधंकों को अपनी आवाज खोजने, आलोचनात्मक सोच का अभ्यास करने और दर्शकों पर प्रभाव डालने के लिए प्रेरित करना स्पीकफेस्ट द्वारा संभव बनाया गया था।शैक्षणिक समझ और अच्छे संचार कौशल दोनों के साथ अच्छी तरह से विकसित लोगों को तैयार करने के लिए प्रबधंन विभाग का समर्पण इस आयोजन की सफलता से प्रदर्शित होता है।
सफलता के लिए अपनी समझ बढ़ाने की जरूरत : एनके मुरलीधरटीम एबीएन, रांची। स्कॉट इंटरनेशनल स्कूल हरमू रांची में ब्लेसिंग डे और मोटिवेशनल काउंसलिंग का आयोजन सफलता के लिए बुद्धिमान होना आवश्यक है। सृष्टि के निर्माण के बाद जो सबसे बड़ा अविष्कार हुआ, वह गुरुकुल यानी विद्यालय का ही हुआ।व्यक्ति जंगलों से सभ्यता की ओर चला। स्कॉट इंटरनेशलन स्कूल हरमू राची में आयोजित ब्लेसिंग डे के अवसर पर आयोजित मोटिवेशलन कार्यक्रम में एनके मुरलीधर ने बच्चों को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अवसरों की कमी नहीं होगी क्योंकि यह परिवर्तन का दौर है। प्रतियोगिता के अनुकूल अपने मन और विचार को बनाना अतिआवश्यक है। हम क्या करते हैं और हम क्या कर सकते हैं इन दो प्रश्नों के बीच जिंदगी की सफलता सुनिश्चित हो जाती है। इस अवसर पर स्कूल के प्राचार्य सदान आलम ने कहा कि आने वाले दिनों में आपकी परीक्षा और आप तनाव महसूस कर रहे होंगे। लेकिन तनाव तब नहीं होता अगर आप हर दिन अभ्यास करते रहते। उन्होंने कई उदाहरण के साथ बच्चों को संबोधित किया।इस अवसर पर संस्थान के डायरेक्टर कुणाल कश्यप ने कहा कि हम स्कूल के बच्चों को उनकी सफलता पर लैट टॉप का पुरस्कार देने वाले हैं। दसवी में 95 प्रतिशत लाने वाले और 12 वीं में 90 प्रतिशत अंक लाने वाले छात्रों को लैपटाप दिया जाएगा। उन्होंने अपने अनुभव शेयर करते हुए कहा कि हमारे बच्चे उस आर्थिक पृष्ठभूमि से आते हैं जिन्हें माता-पिता या धर में कोई व्यक्ति शैक्षणिक सहयोग नहीं कर पाता है। ऐसे में हमारा काम और अधिक चुनौती वाला हो जाता है। अभिभावक से संवाद के क्रम में कई बार ऐसा अवसर आता है जब हम उनसे बच्चों के शिक्षा पर ध्यान देने को कहते हैं तब माता-पिता या अभिभावक यह कहते हैं कि सर हम कुछ पढ़ें लिखे नहीं है किस प्रकार बच्चे की कॉपी देख सकते हैं। लेकिन उनमें से एक ऐसी मां भी मिली जो बोली कि मैं पढ़ी लिखी नहीं हूं सर, लेकिन सही और गलत के चिह्न को पहचान कर अपने बच्चों की हर गलतियों पर पूछताछ करती हूं। आज स्कूल से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतिभा सामने आ रही है और हमें अपने छात्रों पर जो अधिकांश सामान्य परिवार के हैं उनकी सफलता पर गर्व है।
टीम एबीएन, रांची। डीएवी कपिलदेव कडरू रांची में आज झारखंड समेत बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बंगाल में अनेक डीएवी संस्थाओं की स्थापना करनेवाले महात्मा एनडी ग्रोवर को उनकी पुण्यतिथि पर याद किया गया। मौके पर विद्यालय के प्राचार्य एमके सिन्हा ने भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए पुष्प अर्पित किए। उन्होंने महात्मा एन डी ग्रोवर जी द्वारा बताए रास्ते पर चलने की सलाह दी। प्राचार्य ने बताया कि झारखंड की मिट्टी से ग्रोवर सर को बहुत लगाव था। प्राचार्य ने महात्मा एन डी ग्रोवर से संबंधित कई अन्य प्रसंग भी सुनाये। उन्होंने कहा कि ग्रोवर सर शिक्षा का संपूर्ण प्रसार चाहते थे। वे चाहते थे कि बालकों की तरह बालिकाओं को भी शिक्षा का मौका मिले।सभी बच्चों में आर्य समाज के संस्कार दिखाई दे। मौके पर शिक्षिका साधना शर्मा तथा छात्रा आराधना सिन्हा ने भी महात्मा एन डी ग्रोवर सर को याद किया। इस अवसर पर बच्चे और शिक्षक मौजूद थे। उक्त जानकारी डीएवी कपिलदेव कडरू रांची के आलोक इंद्र गुरु ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
टीम एबीएन, रांची। जेवियरसमाज सेवा संस्थान (एक्सआईएसएस), रांची में वित्तीय वर्ष2024-25 के लिए केंद्रीय बजट पर पैनल चर्चा आयोजन आडिटोरियम में सोमवार को किया गया। कार्यक्रम का आयोजन एक्सआईएसएस के मार्केटिंग मैनेजमेंट प्रोग्राम एवं क्लब मार्क बज्ज के द्वारा एक्सआईएसएसके फैकल्टी और स्टूडेंट्स के बीच स्वास्थ्य, शिक्षा, वित्त, कृषि, सामाजिक क्षेत्र आदि क्षेत्रों में बजट के विवरण पर आयोजित किया गया। चर्चा की शुरुआत करते हुए संस्थान के निदेशक डॉ जोसफ मारियानुस कुजूर एसजे ने अपने स्वागत भाषण में उन्होंने विकसित भारत के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री के नारे - सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्व और सबका प्रयास पर जोर दिया। उन्होंने पूंजीगत व्यय परिव्यय पर संक्षिप्त जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास के लिए व्यापक कर सुधार आवश्यक हैं।उन्होंने बजट में बताये गये दो और बिंदुओं पर फोकस किया और कहा कि अगले वित्तीय वर्ष के लिए अनुमानित राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 5.1% है, लेकिन आलोचक ऐसे उच्च घाटे की स्थिरता और दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता पर इसके प्रभाव के बारे में चिंता व्यक्त करते हैं। उन्होंने सामाजिक न्याय और आदिवासी मामलों, आदिवासी उपयोजना के संबंध में आवंटन के बारे में भी बात की क्योंकि यह आदिवासी विकास, आदिवासियों की शिक्षा का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। उन्होंने अपने संबोधन के अंत में कहा कि बजट 2024 को रोजगार और कौशल प्रशिक्षण पर अधिक ध्यान केंद्रित करना चाहिए। चर्चा की शुरूआत स्टूडेंट टीम की पैनल चर्चा से हुई। फाइनेंस मैनेजमेंट से अभिनव विजय और अनुभव यश ने इंफ्रास्ट्रचर पर बजट परचर्चा किया। ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट (एचआरएम) की श्रेया समुई और सिमरन छाबड़ा कीटीम ने समाज कल्याण पर - समावेशी विकास, कृषि क्षेत्र के लिए डिजिटल बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्टर, हरित विकास और युवा शक्ति पर चर्चा की। मार्केटिंग मैनेजमेंट के सत्यम कुमार और अंजलि गुप्ता ने इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश पर चर्चा किया और अंत में रूरल मैनेजमेंट की सादिया और धनेश गोप की टीम ने शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर चर्चा की। कार्यक्रम में आगे फैकल्टी पैनल चर्चा में मार्केटिंग के डॉ अमर तिग्गा, डीन अकादमिक ने पूंजी निवेश पर फोकस किया। उन्होंने कहा कि बजट में आगामी रोजगार के अवसरों की कमी है जबकि एक सबसे आकर्षक बात यह है कि इसमें इनोवेशन और टेक्नोलॉजी के लिए काफी धन आवंटित किया गया है।डॉ रमाकांत अग्रवाल, प्रोफेसर ने इस बात पर जानकारी दी कि बजट विकास, रोजगार और मुद्रा विस्तार उन्मुख है। डॉ अरूप मुखर्जी, प्रोफेसर ने जीएसटी पर जानकारी दी और कहा कि विकसित भारत तभी संभव है जब लोग विकसित होंगे। अंत में डॉ निरंजन साहू, प्रोफेसर ने बजट में जलवायु पहलू और सतत विकास दृष्टिकोण पर बात की। ईवी, सौर और पवन ऊर्जा, एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए आवंटित बजट की सराहना की। सत्र का समापनबजट पर आधारित ओपन हाउस क्विज और स्टूडेंट पैनल की विजेता टीम श्रेया समुई और सिमरन छाबड़ा को सर्टिफिकेट और कैश प्राइज देने के साथ हुआ। वहीं कार्यक्रम का समापन सहायक निदेशक, डॉ प्रदीप केरकेट्टा एसजे ने अपने संबोधन के साथ किया, उन्होंने कहा कि बजट की उपलब्धता तो अच्छीहै, लेकिन इसकीपहुंचअधिकमहत्वपूर्णहै, क्योंकि यह लोगों के सामाजिक न्याय के पक्ष में है। यह सीखने के लिए एक विचार-मंथन सत्र था और उन्होंने छात्रों को सीखना जारी रखने पर जोर दिया। चर्चा के समापन पर अतिथि वक्ताओं को स्मृति चिन्ह दिया गया। हिस्सा लेने वाले स्टूडेंट्स को प्रमाण पत्र दिया गया। पूरी चर्चा का संचालन डॉ भभानी प्रसाद महापात्रा, प्रमुख, मार्केटिंग मैनेजमेंट प्रोग्राम और क्लब मार्कबज के छात्रों ने किया।
टीम एबीएन, रांची। 40 साल बाद कार्मेल स्कूल सामलोंग के 1983 बैच के वर्ग 6 के पूर्ववर्ती छात्र/छात्राओं का मिलन समारोह शनिवार को हुआ। मौके पर सभी उपस्थित लोगों ने सबसे पहले विद्यालय की पूर्व शिक्षिका 78 वर्षीय श्रीमती प्रिस्का को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सिस्टर स्टेफी को गुलदस्ता देकर सम्मानित किया। इसके बाद सभी पूर्ववर्ती छात्रों ने स्कूल को कुछ उपहार भेंट किये। इसके बाद सबों ने पूरे स्कूल का भ्रमण किया और पुरानी यादों को ताजा किया। सभी इतने दिनों के बाद मिलकर काफी उत्साहित थे। इस मिलन समारोह के कुछ छात्र कोलकाता, बेंगलुरु और दिल्ली से आये थे। दो घंटे साथ बिताने के बाद सभी मित्रो ने फिर से मिलने का वादा लेकर एक दूसरे से विदा लिया। अपनी बाल काल के दिनों की यादों को एक दूसरे से साझा करते हुए और आज की भाग दौड़ भरी जीवन को मिलान कर उन यादों में खो गये। आज के इस मिलन समारोह में डॉ प्रणव कुमार, विष्णु, जॉय सेनगुप्ता, देशराज मिश्रा, कंचन, लरिस और अनुपमा सहित अन्य पूर्ववर्ती छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
सीएम हेमंत सोरेन 22 जनवरी को 2500 युवाओं को देंगे ऑफर लेटरटीम एबीएन, रांची। झारखंड के स्थानीय युवाओं को निजी क्षेत्र में 75 प्रतिशत नियोजन सुनिश्चित करने की दिशा में राज्य सरकार लगातार आगे बढ़ रही है। सीएम हेमंत सोरेन 22 जनवरी को 2500 युवाओं को निजी क्षेत्र में ऑफर लेटर सौंपेंगे।रांची के होटवार स्थित खेलगांव के टाना भगत स्टेडियम में हुनरमंद युवाओं को अरविंद टेक्सटाइल, किशोर एक्सपोर्ट, श्री गणपति क्रिएशन, अर्बन डिजाइन प्राइवेट लिमिटेड, मैट्रिक्स क्लोथिंग, वेलेंसिया अपैरल्स एवं ओरिएंट क्राफ्ट टेक्सटाइल कंपनियों के लिए ऑफर लेटर सौंपा जायेगा।
टीम एबीएन, रांची। एसओएफ अंतर्राष्ट्रीय इंग्लिश ओलंपियाड में एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग के प्रतिभागियों का प्रदर्शन शानदार रहा। सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उनमें से कक्षा पंचम की साक्षी कुमारी को, कक्षा षष्ठ की शानवी सारा, विशाल आदित्य लखियार, लावण्या गुप्ता को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया, जबकि अदिति जैन को डिस्टिंशन के साथ स्वर्ण पदक से नवाज़ा गया। कक्षा नवम की आर्या अंबास्टा तथा कक्षा दशम की दीपशिखा एवं आदित्य कुमार झा को भी स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ।प्राचार्य एसके मिश्र ने सभी विजेताओं को बधाई तथा शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ अन्य गतिविधियों में भी सक्रिय रहना चाहिए। तभी उनका चहुमुखी विकास होगा तथा वे अपने लक्ष्य तक पहुंच सकेंगे।
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