टीम एबीएन, रांची। जेवियर समाज सेवा संस्थान (एक्सआईएसएस) में रूरल डेवलपमेंट, बैच 1982-84 का एलुमनाई रीयूनियन शनिवार को आयोजित किया गया। जिसमें 28 पूर्व छात्र पुरानी यादों को ताजा करने, संस्थान की उपलब्धियों का जश्न मनाने और आपसी संबंधों को मजबूत करने के लिए एक साथ आये। फादर माइकल वानडेन बोगार्ट एस जे मेमोरियल आॅडिटोरियम में आयोजित इस एलुमनाई रीयूनियन ने एक्सआईएसएस के इन पूर्व स्नातकों के बीच के सौहार्द को बखूबी दर्शाया। एक्सआईएसएस के निदेशक डॉ जोसफ मारियानुस कुजूर एसजे ने अपने स्वागत भाषण में इस रीयूनियन पर खुशी व्यक्त की और कहा कि आज इन सभी पूर्व छात्रों को संस्थान में आये देख हम सबको बहुत खुशी हो रही है। संस्थान से कई वर्ष पहले स्नातक होने के बाद भी इनका यहां से इतना लगाव, इनकी एकजुटता, यही तो एक्सआईएसएस की पूंजी है। उत्कृष्टता की विरासत के साथ, जिसमें एनबीए मान्यता और शीर्ष 30बी- स्कूल रैंकिंग जिसमें संस्थान शामिल है, हम सभी छात्रों के लिए पाठ्यक्रम में निरंतर विकास और डेटा विश्लेषण को प्राथमिकता देते हैं, जिससे वे आगे चलकर एक सफल मैनेजर के रूप में अपना करियर स्थापित करते है। हमारे पूर्व-छात्र हमारी ताकत हैं और हम मिलकर एक उज्ज्वल कल का निर्माण कर रहे हैं। एक्सआईएसएस के पूर्व निदेशक फादर क्रिस्टोफर लकड़ा ने इस कार्यक्रम के आयोजन टीम के प्रति आभार व्यक्त किया और पूर्व-छात्रों के संबंधों के महत्व पर जोर देते हुए संस्थान के विकास पर विचार किया। कार्यक्रम में आगे, पूर्व-छात्रों ने अपने पुराने अनुभव साझा किये, जिससे कार्यक्रम में पुरानी यादें और हंसी जुड़ गयी और एक समूह नृत्य ने झारखंड की विविध प्रतिभाओं को प्रदर्शित किया। इस कार्यक्रम में सहायक निदेशक, डॉ प्रदीप केरकेट्टा एसजे, डीन एकेडमिक्स, डॉ अमर तिग्गा, ग्रामीण प्रबंधन कार्यक्रम के प्रमुख डॉ अनंत कुमार के साथ-साथ अन्य कार्यक्रमों के प्रमुख, फैकल्टी और ग्रामीण प्रबंधन कार्यक्रम के प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्र भी उपस्थित थे। कार्यक्रम के आयोजन में एलुमनाई आॅफिस से डॉ शारदा सिंह, सुश्री आयुर्षि सहाय और सुश्री कोयल मुखर्जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम धन्यवाद ज्ञापन के साथ संपन्न हुआ और पूर्व छात्रों ने बाद में संस्थान का दौरा किया।
टीम एबीएन, रांची। डीएवी कपिल देव पब्लिक स्कूल कडरू रांची में वर्ग ग्यारहवीं में प्रवेश के लिए आवेदन 23 मार्च तक दिये जा सकते हैं। उल्लेखनीय है कि अभी डीएवी कपिल देव में वर्ग ग्यारहवीं में विज्ञान और वाणिज्य संकाय में प्रोविजनल एडमिशन हेतु आवेदन पत्र आनलाइन और आफलाइन उपलब्ध हैं। प्री बोर्ड के अंकों के आधार पर निर्धारित शर्तों को पूरा करनेवाले वाले छात्र फार्म भरकर प्रवेश परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। उक्त जानकारी डीएवी कपिल देव पब्लिक स्कूल कडरू रांची के आलोक इंद्र गुरु ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
पहली बार होगी सीबीएससी मानकों के अनुसार होगी वार्षिक परीक्षाराज्य शिक्षा परियोजना की निगरानी में जेसीईआरटी तैयार करेगा प्रश्नपत्रटीम एबीएन, रांची। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएससी) से मान्यता प्राप्त राज्य में संचालित 80 जिलास्तरीय मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों में 12 मार्च से नौवीं और बारहवीं की वार्षिक परीक्षा शुरू होगी, जो 22 मार्च तक चलेंगी। परीक्षा की अवधि 3 घंटे की होगी। परीक्षा के दौरान छात्र मोबाइल, स्मार्ट वॉच या किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट अपने साथ परीक्षा हॉल में नहीं ले जा सकेंगे। परीक्षा परिणामों का प्रकाशन और रिपोर्ट कार्ड का वितरण 30 मार्च तक कर दिया जायेगा। इसके बाद 1 अप्रैल 2024 से नया शैक्षणिक सत्र आरंभ हो जायेगा।राज्य शिक्षा परियोजना की निगरानी में जेसीईआरटी तैयार करेगा प्रश्नपत्रमुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों में सीबीएससी मानकों के आधार पर वार्षिक परीक्षाओं के सफल संचालन के लिए राज्य शिक्षा परियोजना (जेईपीसी)ने सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों, उत्कृष्ट विद्यालय प्रधानाध्यापकों और प्रबंधकों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (जेसीईअरटी) इन परीक्षाओं के प्रश्नपत्र तैयार करेंगे। इसके बाद प्रश्न पत्र सभी जिलों को उपलब्ध कराया जायेगा। परीक्षाओं के आयोजन के लिए अनुभवी स्कूल प्रबंधकों (भूतपूर्व सीबीएससी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और उप प्रधानाध्यापक) की कमिटी गठित की गयी है।कमिटी की अनुशंसा के आधार पर सीबीएससी के मानकों के अनुरूप प्रश्नपत्र तैयार कर विद्यालय सत्र की परीक्षाएं आयोजित की जायेंगी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग ने डिप्लोमा स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 का परिणाम मंगलवार को जारी कर दिया। इसमें खान निरीक्षक, कनीय अभियंता, स्ट्रीट लाइट इंस्पेक्टर के पदों पर मेधा सह विकल्प के आधार पर अनुक्रमांकवार परीक्षाफल प्रकाशित किया गया है। इसमें खान निरीक्षक का 30, कनीय अभियंता (कृषि) का 9, स्ट्रीट लाइट इंस्पेक्टर का 41, पाइप लाइन इंस्पेक्टर का 9, कनीय अभियंता (विद्युत) ऊर्जा विभाग का 6, कनीय अभियंता (विद्युत) नगर विकास एवं आवास विभाग के 33 अभ्यर्थियों ने बाजी मारी है। परीक्षा परिणाम को झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग की वेबसाइट पर देखा जा सकता है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कर्मचारी चयन आयोग ने जूनियर हिन्दी ट्रांस्लेटर, जूनियर ट्रांस्लेटर और सीनियर हिंदी ट्रांस्लेटर भर्ती परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। उम्मीदवार अपना रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं। कर्मचारी चयन आयोग ने जूनियर हिन्दी ट्रांस्लेटर भर्ती परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। जो भी उम्मीदवार जूनियर हिंदी ट्रांस्लेटर, जूनियर ट्रांस्लेटर और सीनियर हिंदी ट्रांस्लेटर परीक्षा में शामिल हुए थे, वे आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना रिजल्ट डाउनलोड कर सकते हैं। आयोग द्वारा जारी सूचना के अनुसार, जूनियर हिंदी ट्रांस्लेटर, जूनियर ट्रांस्लेटर और सीनियर हिंदी ट्रांस्लेटर पेपर । का रिजल्ट 23 नवंबर 2023 को जारी किया गया था। इस परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के लिए पेपर 2 का आयोजन 31 दिसंबर को किया गया। जानें कितने अभ्यर्थी हुए सफल आयोग द्वारा जारी सूचना के अनुसार, जूनियर हिंदी ट्रांस्लेटर, जूनियर ट्रांस्लेटर और सीनियर हिंदी ट्रांस्लेटर परीक्षा में कुल 296 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है। जिसमें, सामान्य वर्ग के 150, ओबीसी के 69, ईडब्ल्यूएस के 25, एससी के 38 और एसटी के 14 उम्मीदवार शामिल हैं। सीनियर हिंदी ट्रांस्लेटर पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को 44,900 रुपये से 1,42,400 रुपये महीने तक वेतन दिया जाएगा। वहीं, अन्य पदों पर 35,400 रुपये से 1,12,400 रुपये प्रति महीना वेतन मिलेगा। ऐसे चेक करें रिजल्ट अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट से इन आसान तरीके से अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। एसएससी की आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर जाएं।अब मुख्य पृष्ठ पर दिख रहे SSC JHT Final Result 2023 लिंक पर क्लिक करें।अब आपकी स्क्रीन पर एक पीडीएफ खुल जायेगा। इससे संबंधित अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर चेक कर सकते हैं।
टीम एबीएन, रांची। बीआईटी मेसरा-लालपुर के एमबीए के प्रबंधन के अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं की टीम डॉ तन्मय कुमार बनर्जी, डॉ महुवा बनर्जी और ऐलिस टोप्पो के नेतृत्व में होटवार स्थित मेधा डेयरी के प्रोजेक्ट फैक्ट्री में शैक्षणिक भ्रमण किया। इस कार्यक्रम में छात्रों ने दुग्ध उत्पादन और उससे संबंधित जानकारी प्राप्त की। साथ ही दुग्ध से बने विभिन्न वस्तुओं के बारे में जानकारी और बाजार तक पहुंच की जानकारी प्राप्त की। इस कार्यक्रम में कंपनी के प्लांट हेड रवींद्र कुमार ने विद्यार्थियों को कंपनी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस भ्रमण कार्यक्रम में जयश्री, वर्षा, मयंक, सृजन सहित 50 छात्रों ने भाग लिया।
इन सुविधाओं में सहायता देगा आइआइटी कानपुर, सरकार के साथ हुआ ये समझौता आईआईटी कानपुर और यूपी सरकार में हुआ एमओयूआईआईटी कानपुर और यूपी सरकार में हुआ एमओयू एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए टेलीमेडिसिन को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार टेलीमेडिसिन को तकनीक की मदद से हर आम आदमी तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार ने आईआईटी कानपुर के साथ एक एमओयू किया है। इस एमओयू के तहत, आईआईटी कानपुर राज्य में टेलीमेडिसिन सुविधाओं को आगे बढ़ाने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा वितरण में क्रांति लाने में मदद करेगा। आईआईटी कानपुर लगातार अक पर काम कर रहा है और विभिन्न क्षेत्रों में कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। इसी क्रम में, आईआईटी कानपुर के गंगवाल स्कूल आफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी और उत्तर प्रदेश सरकार के चिकित्सा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने एआई के माध्यम से राज्य में स्वास्थ्य सेवा और टेलीमेडिसिन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। मेडिकल क्षेत्र में क्रांति लायेगा एआइ आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रोफेसर एस गणेश ने बताया कि इस एमओयू के तहत, एआई को टेलीहेल्थ और पॉइंट आफ केयर डायग्नोस्टिक के साथ तालमेल बनाकर उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा को मजबूत किया जाएगा। आईआईटी कानपुर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर एआई और मशीन लर्निंग का उपयोग करके तकनीकी रूप से स्वास्थ्य सेवाओं को हर आदमी तक पहुंचाने का काम करेगा। इस एमओयू से उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य और सकारात्मक मेडिकल क्षेत्र में काम करने की उम्मीद है।एमओयू के कुछ प्रमुख बिंदु एआई-संचालित टेलीमेडिसिन प्लेटफॉर्म का विकास दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए टेली-कंसल्टेशन सुविधाओं का विस्तार रोगों के निदान के लिए एआई-आधारित उपकरणों का विकास स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणाली की दक्षता और प्रभावशीलता में सुधार यह एमओयू उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने और टेलीमेडिसिन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
● राष्ट्रीय विज्ञान दिवस, नोबेल पुरस्कार विजेता भौतिक विज्ञानी सर सी.वी. की विरासत का सम्मान। संस्थान के इनोवेशन काउंसिल द्वारा 28 फरवरी 2024 को बीआईटी मेसरा के कैट हॉल में रमन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम सुबह 10 बजे शुरू हुआ।● कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. सुनील सिन्हा, प्रोफेसर और निदेशक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, चार्ल्स वाया जूनियर सिविल और पर्यावरण इंजीनियरिंग विभाग, वर्जिनिया टेक, यू.एस.ए. थे।● उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में प्रोफेसर इंद्रनील मन्ना, कुलपति, बीआईटी मेसरा, डॉ. सुमित मिश्रा, एचओडी, रसायन विज्ञान विभाग और आयोजन सचिव, राष्ट्रीय विज्ञान दिवस, डॉ. भास्कर कर्ण, डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स और डॉ. सी. जेगनाथन, डीन शामिल थे। अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता की।● कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि को गुलदस्ता भेंट करने और उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई।● डॉ. सुमित मिश्रा द्वारा स्वागत भाषण दिया गया और उसके बाद प्रोफेसर इंद्रनील मन्ना ने भाषण दिया।● इसके बाद, मुख्य अतिथि डॉ. सुनील सिन्हा द्वारा बदलते परिवेश में सभी के लिए लचीले, टिकाऊ, न्यायसंगत और समावेशी बुनियादी ढांचे पर एक ज्ञानवर्धक प्रस्तुति दी गई, जिसके बाद उनके और दर्शकों के बीच एक खुला बातचीत सत्र हुआ।● मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।● राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की आयोजन सचिव डॉ. प्रभजोत कौर द्वारा धन्यवाद ज्ञापन दिया गया।● सीआईएफ प्रभारी, प्रोफेसर गौतम सरखेल द्वारा संस्थान द्वारा प्रदान की गई शानदार सुविधाओं पर जोर देते हुए एक प्रस्तुति दी गई, जिसके बाद भू-स्थानिक चुनौतियों के लिए एआई और मशीन लर्निंग के महत्व पर कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अभिजीत मुस्तफी द्वारा एक प्रस्तुति दी गई। झारखंड राज्य के लिए समाधान.● डॉ. सुकल्याण चक्रवर्ती, एसोसिएट प्रोफेसर, सिविल और पर्यावरण इंजीनियरिंग ने उभरते प्रदूषकों की पहचान करने और उनसे निपटने के लिए एफटीआईआर माइक्रोस्कोप के साथ विभाग के काम पर दर्शकों को संबोधित किया। इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग की सहायक प्रोफेसर डॉ. ऋचा मिश्रा ने एआई सक्षम एमईएमएस सेंसर फैब्रिकेशन और कैरेक्टराइजेशन सुविधा पर एक प्रस्तुति दी।● डॉ. स्वागत पायरा, एसोसिएट प्रोफेसर, रिमोट सेंसिंग ने एयरोसोल कैरेक्टराइजेशन और बदलती जलवायु पर इसके विकिरण प्रभावों पर एक प्रस्तुति दी।● एक पैनल चर्चा आयोजित की गई जिसमें कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख प्रोफेसर सुप्रतिम विश्वास, स्नातकोत्तर अध्ययन के डीन प्रोफेसर संदीप सिंह सोलंकी, बायोइंजीनियरिंग और जैव प्रौद्योगिकी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजू पोद्दार, विभागाध्यक्ष डॉ. सुमित मिश्रा शामिल थे। रसायन विज्ञान, डॉ. राजीव कुमार सिन्हा, विभागाध्यक्ष, भौतिकी और डॉ. तनुश्री भट्टाचार्य, एसोसिएट प्रोफेसर, सिविल और पर्यावरण इंजीनियरिंग, विकसित भारत के लिए स्वदेशी प्रौद्योगिकियों पर।
टीम एबीएन, रांची। हमलोगों के द्वारा स्थापित स्टूडेंट सर्किल संस्थान में अनुभवी जानकार शिक्षकों द्वारा सिविल सर्विसेज upsc jpsc की तैयारी कराई जा रही है।विदित हो की इस संस्थान की शुरुआत 1997 में हुई थी। मैं इस संस्थान से 2006 तक नियमित जुडा रहा। झारखण्ड प्रशासनिक सेवा ज्वाइन करने के बाद भौतिक रूप से उपस्थित नहीँ रह पाया परन्तु मानसिक जुड़ाव बना रहा।2008 में हमारे साथ पढ़ाने वाले कुछ शिक्षक दिल्ली चले गए एवं शैक्षणिक कार्य करते रहे। अन्य शिक्षकों द्वारा संस्थान कार्य करता रहा, परन्तु 2019 के बाद संस्थान के सभी शिक्षक सरकारी सेवा ज्वाइन कर लिये। कोरोना काल में संस्थान बंद रहा।हर्ष के साथ सूचित करना है की संस्थान के पुराने अनुभवी शिक्षकगण जो दिल्ली चले गए थे पुनः वापस स्टूडेंट सर्किल ज्वाइन कर लिए हैँ। इन्होने 2003 से 2008 तक स्टूडेंट सर्किल को अपनी सेवा दी एवं संस्थान अपनी बुलंदियों पर रहा। इन्होने दिल्ली में भी upsc में कई अभ्यर्थीयों को सफलता दिलाई है।आपसे अनुरोध है कि अगर आपके परिवार में कोई अभ्यर्थी सिविल सर्विसेज upsc jpsc IAS IPS की तैयारी कर रहा है या करना चाहता है तो उसे स्टूडेंट सर्किल कॉउंसलिंग के लिए अवश्य भेजें।
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