अगले 3 महीने में 40 हजार युवाओं को दी जाएगी सरकारी नौकरी, सीएम चंपई का निर्देशटीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री सीएम चंपई सरकार अगले 3 महीने में झारखंड में 40 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी देगी। संबंधित आयोग को इस समय सीमा के अंदर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दे दिया गया है। झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग ने बीते बुधवार को जेएसएससी-सीजीएल भर्ती परीक्षा सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया है। जेएसएससी द्वारा जारी कैलेंडर के मुताबिक झारखंड सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा अगस्त के तीसरे सप्ताह में होगी। झारखंड पैरामेडिकल संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा सितंबर के पहले सप्ताह में ली जायेगी। झारखंड स्नातक (तकनीकी/विशिष्ट) योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन सितंबर के अंतिम सप्ताह में होगा।महिला पर्यवेक्षिका प्रतियोगिता परीक्षा जुलाई के अंतिम सप्ताह में होगी। इसके अलावा झारखंड प्रारंभिक विद्यालय प्रशिक्षित सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा प्रक्रियाधीन है। मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि हमारी सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ने का काम कर रही है। सीएम चंपई ने कहा कि सरकार निजी क्षेत्र की कंपनियों में भी स्थानीय युवाओं को नौकरी दिलाने के लिए अभियान चलाएगी। सीएम सोरेन ने कहा कि जो युवा स्वरोजगार के इच्छुक हैं, उन्हें मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत आर्थिक मदद की जा रही है। सीएम ने धनबाद स्थित बिरसा मुंडा मेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 23,540 लाभार्थियों के बीच 69 करोड़ 73 लाख 99 हजार रुपये की परिसंपत्तियों का भी वितरण किया। बता दें कि दिन प्रतिदिन चंपई सरकार झारखंड वासियों के लिए नई योजनाएं लेकर आ रही है। चाहे युवा हो या फिर महिलाएं हो, चंपई सरकार हर किसी को लाभ देने से पीछे नहीं हट रही। वहीं, जिनके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है, उनका भी 15 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज सरकारी एवं निजी अस्पतालों में होगा। सीएम चंपई ने पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि राज्य का कोई भी गरीब व्यक्ति इलाज से वंचित न रहे, इसे लेकर नई योजना शुरू की जाये। इसके तहत आयुष्मान कार्ड से वंचित वैसे सभी व्यक्ति जिनके पास राशन कार्ड होगा, उन्हें 5 लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा मिलेगी। सीएम चंपई ने सभी सरकारी नर्सिंग स्कूल और कालेजों में विद्यार्थियों की क्षमता बढ़ाने के भी निर्देश दिये। साथ ही वहां पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति योजना का लाभ देने तथा बेहतर प्लेसमेंट की भी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
टीम एबीएन, रांची। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर बी आई टी मेसरा के लालपुर केंद्र में योग के साथ वृक्षारोपण का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर करंज, नीम के पौधे लगाये गये। वृक्षारोपण करते हुए केंद्र की निदेशक और डीन युजी डॉ संजय कुमार झा उपस्थित रहे। वृक्षारोपण करते हुए निदेशक डॉ वंदना भट्टाचार्य ने योग दिवस पर इस प्रकार से पर्यावरण संरक्षण के लिए पेड़ लगाना एक बेहतर सोच है। हम आज के बदलते मौसम के लिए जितना ज्यादा हो सके, क्षेत्र को हरा भरा रखना होगा। डीन डॉ संजय झा ने कहा वृक्ष और योग दोनो मनुष्य के लिए बहुत जरूरी है। दोनों ही मनुष्य के स्वस्थ शरीर के लिए आवश्यक है। एक मनुष्य को बाहरी ऊर्जा देता है तो दूसरा आंतरिक ऊर्जा प्रदान करता है इसलिए एक सच्चा योग पौधरोपण ही है। बी आई टी लालपुर के सहायक कुलसचिव मनोज कुमार गिरि ने कहा कि शहर के बीच इस प्रांगण को हरा भरा रखने के लिए और पेड़ पौधे लगाने और उससे संरक्षण के लिए संस्थान इस प्रकार के और आयोजन करेगा। आज के इस आयोजन में मनोज कुमार, राणा मिश्रा सहित संस्थान के शिक्षक और कर्मचारियों ने भाग लिया।
टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 20.6.2024 को स्वयंसेवी संस्था स्तंभ ने संत उर्स लाइन कॉन्वेंट हाई स्कूल, हेसाग, हटिया में अंडर टैलेंट सम्मान वार्षिक कार्यक्रम के तहत विगत 6 वर्षों की भांति इस वर्ष भी शैक्षणिक वर्ष 2003- 2024 में आयोजित मैट्रिक परीक्षा (10वीं बोर्ड जैक) में उत्तीर्ण तीन टॉपर छात्राओं अनुष्का रूणडा 442, प्रीति कुमारी 439 एवं गौरी कुमारी 437 को साइकिल प्रदान कर सम्मानित किया गया। साइकिल डोनेशन में अशफाक अर्श जमील, आदित्य शर्मा एवं बी एस ए हरक्यूलिस कंपनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विजेता साइकिल पाकर बहुत ही उत्साहित दिखे। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की प्राचार्या सिस्टर संचित ने की। कार्यक्रम में अशफाक अर्श जमील एवं राकेश शरण में भी अपना वक्तव्य दिया। कार्यक्रम में स्तंभ के शंकर महतो, पप्पू कुमार, रितेश कुमार, राजू कुमार, उदय सिंह सहित विद्यालय की शिक्षिकाएं, छात्राएं एवं अभिभावकगण मौजूद रहे। कार्यक्रम में बीएसए हरक्यूलिस कंपनी का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
नीट के 1563 छात्रों को ग्रेस मार्क देने का फैसला वापस, स्टूडेंट्स को दिया विकल्पएबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा -स्नातक (नीट-यूजी), 2024 के 1,563 अभ्यर्थियों को कृपांक (ग्रेस मार्क) देने के फैसले को निरस्त कर दिया गया है और उन्हें 23 जून को पुन: परीक्षा देने का विकल्प मिलेगा।केंद्र और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के वकीलों ने न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की अवकाशकालीन पीठ को बताया कि जिन विद्यार्थियों को कृपांक दिये गये थे, उन्हें पुन: परीक्षा का विकल्प दिया जायेगा।न्यायालय ने कहा कि वह प्रवेश के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया पर रोक नहीं लगायेगा। केंद्र ने कहा कि यदि इन 1,563 छात्रों में से कोई परीक्षार्थी पुन: परीक्षा नहीं देना चाहता तो परिणाम में उसके मूल अंकों को शामिल किया जायेगा, जिसमें कृपांक नहीं जोड़े जायेंगे। केंद्र ने न्यायालय को बताया कि पुन: परीक्षा का परिणाम 30 जून को घोषित किया जायेगा और एमबीबीएस, बीडीएस और अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग छह जुलाई को शुरू होगी।दलीलों पर गौर करते हुए पीठ ने कहा कि एडटेक फर्म फिजिक्स वाला के मुख्य कार्यकारी अलख पांडे समेत अन्य लोगों द्वारा कृपांक दिए जाने के मुद्दे पर दायर याचिका सहित सभी याचिकाओं पर 8 जुलाई को सुनवाई की जायेगी। इनमें प्रश्नपत्र लीक होने और अन्य धांधली के आरोपों में नीट-यूजी 2024 परीक्षा को निरस्त करने के अनुरोध वाली याचिकाएं भी शामिल हैं।एनटीए ने 5 मई को 4,750 केंद्रों पर नीट-यूजी की परीक्षा आयोजित की थी और करीब 24 लाख उम्मीदवारों ने इसमें हिस्सा लिया था। नतीजे 14 जून को आने की उम्मीद थी, लेकिन उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पहले ही पूरा हो जाने के कारण नतीजे 4 जून को घोषित कर दिये गये।प्रश्नपत्र लीक होने जैसे आरोपों और 1,500 से अधिक परीक्षार्थियों को कृपांक दिए जाने को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये और सात हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में मामले दायर किए गए। नीट-यूजी, 2024 परीक्षा में 67 छात्रों को 720 अंकों में से पूरे अंक मिले हैं जो कि नीट के इतिहास में अभी तक नहीं हुआ।इनमें से छह छात्रों ने हरियाणा के फरीदाबाद के एक ही केंद्र पर परीक्षा दी थी जिसके बाद अनियमितताओं को लेकर संदेह पैदा होने लगा। दिल्ली में 10 जून को बड़ी संख्या में छात्रों ने प्रदर्शन किया और कथित धांधली की जांच की मांग की।आरोप है कि कृपांक की वजह से 67 छात्र परीक्षा में अव्वल आये हैं। नीट-यूजी परीक्षा का आयोजन देशभर के सरकारी और निजी संस्थानों में एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष और अन्य संबंधित पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए एनटीए करता है। धांधली हुई है, पेपर लीक हुए हैं, भ्रष्टाचार हुआ है। वहीं, कांग्रेस ने नीट परीक्षा में हुई धांधली पर सवाल उठाये हैं। कांग्रेस ने कहा कि वह इस मामले को संसद सत्र के दौरान जोरशोर से उठायेगी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि परीक्षा में धांधली हुई है, पेपर लीक हुए हैं और भ्रष्टाचार हुआ है।
सीआरसी रांची से विशेष शिक्षा में अपने करियर को नयी ऊंचाइयों पर ले जायेंटीम एबीएन, रांची। कॉम्पोजिट रीजनल सेंटर (सीआरसी) रांची, भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त विशेष शिक्षा में डिप्लोमा (डीएड एसई-आईडीडी) पाठ्यक्रम के लिए शैक्षणिक वर्ष 2024-2026 के लिए आवेदन आमंत्रित कर रहा है। यह पाठ्यक्रम आरसीआई (रीहैबिलिटेशन काउंसिल आॅफ इंडिया) से मान्यता प्राप्त है। नामांकन की अंतिम तिथि 14 जून 2024 है। दोनों वर्षों के लिए कुल शुल्क 35,250 रुपये है परंतु यह पाठ्यक्रम विकलांग व्यक्तियों के लिए पूरी तरह से नि:शुल्क है। योग्यता : आवेदकों का 10+2 परीक्षा में न्यूनतम 50% अंकों के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है। झारखंड का एकमात्र सरकारी संस्थान : सीआरसी.रांची झारखंड का एकमात्र सरकारी संस्थान है जो इस प्रकार के विशेष शिक्षा पाठ्यक्रम की पेशकश करता है। सीआरसी रांची में विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनमें फिजियोथेरेपी, आक्यूपेशनल थेरेपी, विशेष शिक्षा, प्रारंभिक पहचान और हस्तक्षेप, प्रोस्थेसिस और आर्थोसिस, स्पीच और हियरिंग थेरेपी शामिल हैं। विकलांग व्यक्तियों के लिए सभी सेवाएं नि:शुल्क प्रदान की जाती हैं। अधिक जानकारी और आवेदन के लिए, निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क करें : रिहेबिलिटेशन आॅफिसर (8987632707), असिस्टेंट प्रोफेसर स्पेशल एजुकेशन (9453664736) और मुकेश (7631035667)।
जेईई एडवांस्ड 2024 में शानदार प्रदर्शन, परिवार का समर्पण और सपनों को पूरा करते हुए सफलता की ओर अग्रसर अभिज्ञानटीम एबीएन, कोडरमा। रविवार को घोषित हुए जेईई एडवांस्ड 2024 के परिणाम में शहर के तिलैया थाना के पीछे भादोडीह निवासी अभिज्ञान सिन्हा ने 260 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया जनरल कैटेगरी में 466 वां स्थान प्राप्त किया है। यह शहर के लिए गर्व का विषय है। अभिज्ञान ने अपनी इस सफलता से यह साबित कर दिया कि समर्पण और मेहनत से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उनके माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों के सहयोग और मार्गदर्शन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। अभिज्ञान की यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।शिक्षा की राह में अद्वितीय प्रदर्शनअभिज्ञान ने जेईई मेंस के प्रथम चरण में 99.85 परसेंटाइल और सेशन-2 में 99.937 परसेंटाइल हासिल किए थे। उन्होंने 2022 में पीवीएस डीएवी पब्लिक स्कूल से मैट्रिक की परीक्षा में 99 प्रतिशत अंक प्राप्त किये थे, जबकि 12वीं कक्षा में 96.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किये।परिवार का समर्पणअभिज्ञान के पिता सुनील कुमार सिन्हा सीडी गर्ल्स हाई स्कूल में अंग्रेजी के शिक्षक हैं। उनकी मां स्मिता सिन्हा भी शहर के एक निजी विद्यालय में शिक्षिका थीं, लेकिन अपने बेटे की बेहतर शिक्षा के लिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी। वे बोकारो के कोऑपरेटिव कॉलोनी में किराए के मकान में रहकर अपने बेटे की पढ़ाई का विशेष ख्याल रखती हैं। अभिज्ञान ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, दादा-दादी, परिवार के अन्य सदस्यों और शिक्षकों को दिया।सुनील : बेटा देश के लिए कुछ ऐसा करे जिससे पूरे देश को उस पर गर्व होसुनील कुमार सिन्हा ने बताया, अभिज्ञान शुरू से ही पढ़ाई में उत्कृष्ट था। जब वह एलकेजी में था, तब से ही वह कुछ अलग करने की सोचता था। यूकेजी में गणतंत्र दिवस पर भाषण देने के लिए उसने महज कुछ घंटों की तैयारी में ही एक प्रभावी भाषण दे दिया। तभी हमें आभास हो गया था कि अभिज्ञान में कुछ करने का जुनून है।उन्होंने कहा कि उनका बेटा देश में पढ़े और देश के लिए कुछ ऐसा करें कि पूरे देशवासियों को उनके पुत्र पर गर्व हो।शैक्षणिक उपलब्धियांअभिज्ञान ने कक्षा आठवीं में 99 प्रतिशत अंक लाकर जोन टॉपर बने थे और दसवीं में रिन्यूबल पावर प्लांट का मॉडल बनाने के लिए इंस्पायर अवार्ड से सम्मानित हुए थे, जिसमें 10 हजार रुपये का नगद पुरस्कार भी शामिल था। एस्टॉनोमी ओलंपियाड में उन्होंने राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। वर्ष 2023 में होमी भाभा इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च में केमिस्ट्री और एस्ट्रोनॉमी में टॉप वन परसेंट में शामिल होने का गौरव प्राप्त हुआ।स्कालरशिप और आर्थिक सहूलियतफिटजी में आयोजित स्कॉलरशिप परीक्षा में अभिज्ञान ने 450 में से 442 अंक प्राप्त किये, जिससे उनकी सारी फीस माफ हो गई और उन्हें 1.2 लाख रुपये का नगद पुरस्कार भी मिला। उनके पिता ने बताया- हमारे बेटे ने हमारे सपनों को पूरा किया है और हमें उस पर गर्व है। हमें उम्मीद है कि वह देश के लिए कुछ ऐसा करेगा जिससे पूरे देशवासी उस पर गर्व कर सकें।अभिज्ञान सिन्हा : कठिनाइयों को पार कर सफलता की ओर अग्रसर, प्रेरणा, समर्पण और सही मार्गदर्शन से मिली सफलताअभिज्ञान बताते हैं कि मैंने कक्षा एक से ही ओलंपियाड की परीक्षाएं देनी शुरू की थीं। शुरुआत में कक्षा एक और दो में उतनी सफलता नहीं मिली, लेकिन सही तैयारी के बाद, कक्षा तीन से दसवीं तक मुझे गोल्ड मेडल मिले। जब मैं जेईई की तैयारी के लिए बोकारो गया, तो पहले छह महीने कठिन थे। कई प्रश्न हल नहीं हो पाते थे, जिससे मैं कभी-कभी डिमोटिवेट हो जाता था। लेकिन मेरे माता-पिता और दादा-दादी ने मुझे हमेशा प्रेरित किया।अभिज्ञान ने कहा कि वे सोशल नेटवर्किंग साइट्स से दूर रहते थे और सिर्फ एजुकेशनल कंटेंट के लिए यूट्यूब का इस्तेमाल करते थे। उन्होंने आठवीं कक्षा में ही ठान लिया था कि उन्हें जेईई की तैयारी करनी है और टॉप आईआईटी कॉलेज में प्रवेश लेना है। उन्होंने तैयारी कर रहे बच्चों को सलाह दी कि वे सीमित किताबें खरीदें ताकि वे अपने लक्ष्य को आसानी से प्राप्त कर सकें।अभिज्ञान के अनुसार, इस परिणाम का पूर्ण श्रेय उनके माता-पिता, दादा-दादी और शिक्षकों को जाता है। उनकी इस सफलता से झुमरी तिलैया का नाम रोशन हुआ है और पूरे शहर में गर्व का माहौल है।
टीम एबीएन, रांची। अग्रवाल सभा एवं अग्रवाल सभा महिला समिति के तत्वावधान में 21वां समर कैंप 28, 29 और 30 मई को आयोजित किया जा रहा है। कक्षा 1 से कक्षा 12 तक के अग्रवंशी बच्चे भाग ले सकते हैं।सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक समर कैंप में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए संस्कार, योग, मार्शल आर्ट, चित्रकला, शतरंज, वक्तृत्व कला, हस्तकला, अभिनय, गायन, नृत्य की बेसिक जानकारी रोचक तरीके से दी जाती है जिससे वे अपने अंदर छुपी हुई प्रतिभा को पहचान सकें और उसे विकसित कर सकें। रांची के निपुण प्रशिक्षकों ने अपनी सहमति दे दी है। अध्यक्ष नंदकिशोर पाटोदिया, सचिव मनोज चौधरी, उपाध्यक्ष सज्जन पाड़िया, निर्मल बुधिया, आकाश एवं महिला समिति की मधु सर्राफ, उर्मिला पाड़िया, मंजू केडिया, प्रीति पोद्दार, छाया अग्रवाल, संगीता गोयल, सीमा पोद्दार की उपस्थिति में समर कैंप के पोस्टर का विमोचन किया गया। अग्रसेन भवन में फार्म उपलब्ध है, विस्तृत जानकारी महाराजा अग्रसेन भवन से या संयोजिका रूपा अग्रवाल (फोन 9708603305) से प्राप्त की जा सकती है। उक्त जानकारी अग्रवाल सभा के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने दी है। उक्त जानकारी अग्रवाल सभा, महिला समिति की संयोजिका रूपा अग्रवाल ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
उत्तर प्रदेश रक्षा गलियारे में सरकार करेगी 5,000 करोड़ का निवेश एबीएन, सेंट्रल डेस्क। चित्रकूट में रक्षा औद्योगिक गलियारे को बढ़ावा देने के लिए सरकार 5,000 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है। इस निवेश का उपयोग चित्रकूट में कई मिलिट्री-वेयर प्रोजेक्ट को स्थापित करने के लिए किया जायेगा। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने पहले ही चित्रकूट में 60 हेक्टेयर भूमि के विकास को मंजूरी दे दी है। एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण का अनुमान है कि इस मंजूरी से 5,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शुरू होंगी और इससे चित्रकूट में 1 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। गलियारे में यूपी के कौन-कौन से जिले शामिल इस गलियारे में लखनऊ, कानपुर, झांसी, अलीगढ़, चित्रकूट और आगरा जिले शामिल हैं। गलियारे के विकास में पर्यावरण का भी ध्यान रखा जायेगा, क्योंकि चित्रकूट के एक तिहाई हिस्से को हरित क्षेत्र के रूप में आरक्षित किया जायेगा। साथ ही, प्रदूषण नियंत्रण और आधुनिक बुनियादी ढांचे का भी ध्यान रखा जायेगा। यह गलियारा मेक इन यूपी मिशन को आगे बढ़ायेगा और भारत को सैन्य उपकरणों के मामले में आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा। ड्रोन, हेलीकॉप्टर, हथियार और गोला-बारूद जैसे रक्षा उपकरणों का उत्पादन इसी गलियारे में होगा। राज्य सरकार ने पहले ही 25,000 करोड़ रुपये की रक्षा विनिर्माण परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है और 140 सरकारी और प्राइवेट कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन भी किया है। किन बड़ी कंपनियों ने साइन किया एमओयूरक्षा क्षेत्र की दिग्गज कंपनियां भी उत्तर प्रदेश के रक्षा गलियारे में निवेश के लिए उत्साहित दिख रही हैं। अडानी डिफेंस, ब्रह्मोस एयरोस्पेस, टाटा टेक्नोलॉजीज, भारत डायनेमिक्स जैसी कई कंपनियों ने इस गलियारे में निवेश के लिए समझौता ज्ञापन पर साइन किये हैं। राज्य सरकार ने लगभग 5,000 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण का प्रस्ताव रखा है, जिसमें से 1,700 हेक्टेयर पहले ही लिया जा चुका है और कंपनियों को आवंटित कर दिया गया है। वहीं झांसी में हथियार और गोला-बारूद के उत्पादन और परीक्षण के लिए करीब 1,000 हेक्टेयर भूमि दी गयी है, जहां भारत डायनेमिक्स प्रमुख निवेशक के रूप में सामने आ रहा है।
टीम एबीएन, रांची। 15 फरवरी 2024 से 13 मार्च 2024 तक सीबीएसई बोर्ड द्वारा लिए गए परीक्षा का रिजल्ट दो महीने बाद जारी कर दिया गया है। सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की परीक्षा का रिजल्ट जारी होने के बाद रांची के हरमू रोड स्थित एस्कॉट इंटरनेशनल स्कूल के शानदार रिजल्ट के कारण छात्रों के चेहरे पर खुशी देखने को मिल रही है। सीबीएसई बोर्ड के 10वीं में नव्या सिंह ने 93.2% लाकर प्रथम स्थान, सुहानी कुमारी 92.4% लाकर द्वितीय स्थान व आरती कुमारी 90% और नेहा बनर्जी 90% लाकर तृतीय स्थान पर रही, और प्लस टू के विज्ञान संकाय में माही गुप्ता ने 90% लाकर प्रथम स्थान, अनीश कुमार 85.2% लाकर द्वितीय स्थान व आयुष कुमार 82.2% लाकर तृतीय स्थान प्राप्त किया और वाणिज्य संकाय में लक्ष्मी कुमारी ने 86.2% लाकर प्रथम स्थान, रितिका कुमारी 80% लाकर द्वितीय स्थान व नंदिता कुमारी 72% लाकर तृतीय स्थान प्राप्त किया। बच्चों ने बताया कि स्कूल में शिक्षकों ने जो भी सिखाया था उसे उन्होंने बेहतर तरीके से सीखा और परीक्षा में इसका परिणाम भी देखने को मिला। स्कूल के प्राचार्य शादान आलम ने कहा कि बच्चों को पढ़ाने के पीछे यह मंशा होती है कि बच्चों को बेहतर और बेसिक नॉलेज दिया जाये ताकि बेसिक नॉलेज के आधार पर बड़े से बड़े सवाल को वह अपने स्तर से हल कर सके।इसी सोच के साथ स्कूल के शिक्षक लगातार मेहनत कर रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि आने वाले समय में स्कूल के छात्र और बेहतर रिजल्ट करेंगे। निदेशक कुणाल कश्यप ने बताया कि ये सभी शिक्षको और बच्चों के मेहनत का परिणाम है और अभी स्कूल के 11वीं में नामांकन जारी है, छात्र अपना नामांकन करा सकते हैं। उक्त जानकारी एस्कॉट इंटरनेशनल स्कूल के प्राचार्य शादान आलम ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
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