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झारखंड में पहली बार...  हत्यारोपी नाबालिग को उम्रकैद की सजा
Published / 2022-02-06 14:52:21
झारखंड में पहली बार... हत्यारोपी नाबालिग को उम्रकैद की सजा

टीम एबीएन, धनबाद। झारखंड के धनबाद में कोर्ट ने हत्या के एक मामले में नाबालिग को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। राज्य में यह पहला मामला है, जब किसी नाबालिग को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। आरोपी 17 साल का है। धनबाद के झरिया के रहने वाले रामचंद्र साव के छोटे बेटे सौरभ की हत्या कर दी गई थी। 29 जुलाई 2017 को सौरभ (17 साल) के पिता की ओर से झरिया थाने में आरोपी एवं उसके अन्य साथियों को आरोपी बनाते हुए हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। प्राथमिकी में कहा गया कि वह अपने बड़े बेटे श्याम सागर और छोटे बेटे सौरभ के साथ बाजार से वापस घर लौट रहे थे। राधा कृष्णा रोड पर विकास साव, संटी कुमार रावत, सोनू व नाबालिग पहले से घात लगाए बैठे थे। सभी ने उनका पीछा किया और सुनसान स्थान पर छोटे बेटे सौरभ पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में सौरभ बुरी तरह जख्मी हो गया था। इलाज के दौरान सौरभ की मौत हो गई थी। बेटे को खो देने वाले परिजनों ने कोर्ट के फैसले पर खुशी जताई। वहीं अभियोजन पक्ष के वकील जावेद ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 9 गवाह अदालत में पेश किए गए थे। अधिवक्ता जावेद ने बताया कि मृतक की बहन के साथ नाबालिग आरोपी अपने दोस्तों के साथ अश्लील हरकत किया करते थे, जिसका सौरभ विरोध किया करता था। सौरव के इसी विरोध पर आरोपी ने उसकी हत्या कर दी। इस मामले में अदालत ने दोषी पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अधिवक्ता ने बताया कि दिल्ली के निर्भयाकांड के बाद जुवेनाइल एक्ट में संशोधन किया गया है। इस कानून के मद्देनजर झारखंड में पहली बार किसी कोर्ट ने नाबालिग को उम्रकैद की सजा सुनाई।

देश में विचाराधीन कैदी बढ़े, दोषियों की संख्या में रिकॉर्ड 15% की कमी
Published / 2022-02-04 11:11:44
देश में विचाराधीन कैदी बढ़े, दोषियों की संख्या में रिकॉर्ड 15% की कमी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में 2015 से जेलों में बंद भारतीय विचाराधीन कैदियों की संख्या में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है, जबकि दोषियों की संख्या में 15 प्रतिशत की कमी आई है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की वार्षिक "जेल सांख्यिकी भारत 2020" रिपोर्ट के अनुसार, 2020 के अंत तक देश में भारतीय कैदियों की संख्या 4.83 लाख थी। आंकड़ों के अनुसार, 2015 में देशभर में 4.13 लाख कैदी थे। 2016 में यह संख्या बढ़कर 4.26 लाख, 2017 में 4.45 लाख, 2018 में 4.61 लाख, 2019 में 4.76 लाख और 2020 में 4.83 लाख हो गई। एनसीआरबी ने कहा, जेलों में भारतीय कैदियों की संख्या में 31 दिसंबर 2015 की तुलना में 31 दिसंबर 2020 में 17.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इन कैदियों में, विचाराधीन और बंदियों की संख्या में क्रमशः 31.3 प्रतिशत और 40.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि 2015 की तुलना में 31 दिसंबर, 2020 तक दोषियों की संख्या में 15.5 प्रतिशत की कमी आई है। भारतीय कैदियों के अलावा, 2020 के अंत तक देश की जेलों में विदेशी मूल के 4,926 कैदी बंद थे। राज्यों की बात करें तो, उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 1.06 लाख, यानी कुल संख्या के 22.1 प्रतिशत विचाराधीन कैदी हैं। इसके बाद बिहार में 51,849 यानी 10.7 प्रतिशत और मध्य प्रदेश में 45,456 यानी 9.4 प्रतिशत कैदी हैं। आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में ही सबसे अधिक 26,607 (कुल संख्या के 23.9 प्रतिशत) दोषी ठहराए गए कैदी हैं। इसके बाद मध्य प्रदेश में 13,641 (12.2 प्रतिशत) और बिहार में 7,730 (6.9 प्रतिशत) सजायाफ्ता कैदी हैं। एनसीआरबी, केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करता है।

खट्टर सरकार को झटका : निजी क्षेत्र में नौकरियों में 75 प्रतिशत आरक्षण के निर्णय पर रोक
Published / 2022-02-03 13:11:29
खट्टर सरकार को झटका : निजी क्षेत्र में नौकरियों में 75 प्रतिशत आरक्षण के निर्णय पर रोक

एबीएन सेंट्रल डेस्क। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने आज हरियाणा की खट्टर सरकार को झटका देते हुए हरियाणा के लोगों को निजी क्षेत्र में नौकरियों में 75 प्रतिशत आरक्षण के निर्णय पर रोक लगा दी है। उल्लेखनीय है कि हरियाणा सरकार के आरक्षण के आदेश को फरीदाबाद इंडस्ट्री एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए इसे रद्द करने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार के इस आदेश पर रोक लगा दी हो और इस पर सरकार से जवाब तलब किया है। निजी नौकरियों में स्थानीय लोगों के लिए हरियाणा सरकार के 75 फीसदी कोटे पर पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को अंतरिम रोक लगा दी है। इस कानून को चुनौती देने वाले याचिकाकतार्ओं में से एक के वकील ने बताया कि अदालत ने अंतरिम स्थगनादेश जारी किया है। अदालत का यह आदेश क्षेत्र में काम कर रही कंपनियों के लिए राहत लेकर आया है, जिनका मानना था कि इस कानून का भविष्य में उनके कामकाज और निवेश पर प्रतिकूल प्रभाव होगा। हरियाणा राज्य स्थानीय अभ्यर्थी रोजगार कानून, 2020 राज्य के नौकरी पाने के इच्छुक लोगों को निजी क्षेत्र की नौकरियों में 75 फीसदी आरक्षण देता है। यह कानून 15 जनवरी से प्रभावी हुआ है। यह कानून हरियाणा में स्थित निजी क्षेत्र की कंपनियों, सोसायटियों, ट्रस्ट, साझेदारी वाली लिमिटेड कंपनियों, साझेदारी फर्म, 10 से ज्यादा लोगों को मासिक वेतन/दिहाड़ी पर नौकरी देने वाले कार्यालयों, विनिर्माण क्षेत्र आदि पर लागू होता है।

शीतकालीन ओलंपिक के उद्घाटन-समापन समारोह में शामिल नहीं होंगे राजदूत
Published / 2022-02-03 12:36:31
शीतकालीन ओलंपिक के उद्घाटन-समापन समारोह में शामिल नहीं होंगे राजदूत

एबीएन डेस्क। भारत के विदेश मंत्रालय ने एलान किया है कि चीन स्थित उसके राजदूत बीजिंग में होने वाले शीतकालीन ओलंपिक के उद्घाटन और समापन समारोह का हिस्सा नहीं बनेंगे। दरअसल, चीन ने भारतीय सेना के साथ गलवां घाटी मुठभेड़ में शामिल रहे एक सैनिक को ओलंपिक टॉर्च का वाहक बनाया था। चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने बुधवार को इसका खुलासा किया, जिसके बाद भारत ने ड्रैगन की इस हरकत पर नाराजगी जताई और शीतकालीन ओलंपिक के सांकेतिक राजनयिक बहिष्कार का एलान कर दिया। उधर इस्राइल से पेगासस की खरीद को लेकर पूछे गए एक सवाल पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एक समिति कर रही है। हमारे पास इस पर कोई जानकारी नहीं है। 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस्राइल यात्रा के दौरान 7 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए, जिनका विवरण सार्वजनिक है।

स्थानीय विस्थापितों को मिल सकेगा एक करोड़ तक का कॉन्ट्रैक्ट
Published / 2022-02-01 17:00:55
स्थानीय विस्थापितों को मिल सकेगा एक करोड़ तक का कॉन्ट्रैक्ट

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन और केंद्रीय कोयला मंत्री के बीच नवंबर 2021 में हुई बैठक का प्रतिफल है कि कोल इंडिया द्वारा अधिग्रहण की गई भूमि से विस्थापित स्थानीय लोगों को अब एक करोड़ रुपये तक का कॉन्ट्रैक्ट मिलेगा। सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने इसपर अपनी सहमति दे दी है। इससे विस्थापितों की आर्थिक आजीविका को मजबूत आधार मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय कोयला मंत्री से कहा था कि एक करोड़ तक का ठेका स्थानीय लोगों को देने की योजना बने। इसके बाद समिति का गठन हुआ और स्थानीय विस्थापितों को कॉन्ट्रैक्ट देने की सिफारिश हुई है। कोयला परिवहन के तहत विभिन्न क्षेत्रों में कोयले की लोडिंग एवं परिवहन कार्य। सिविल कार्य के तहत अकुशल कार्यबल की व्यवस्था करना। साफ-सफाई, रखरखाव, बागवानी कार्य समेत अन्य कार्य। कोल इंडिया द्वारा स्थानीय लोगों से वाहन किराया पर लेने को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

देश में मौत की सजा पाने वाले 400 से ज्यादा कैदी, इतनों को लगेगी फांसी...
Published / 2022-01-31 15:25:49
देश में मौत की सजा पाने वाले 400 से ज्यादा कैदी, इतनों को लगेगी फांसी...

एबीएन सेंट्रल डेस्क। देशभर में 2020 तक मौत की सजा पाए 413 कैदी विभिन्न जेलों में बंद थे। केंद्र सरकार के नए आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (ठउफइ) के वार्षिक जेल सांख्यिकी भारत 2020 में कहा गया कि मौत की सजा पाए कुल कैदियों में से 94 को 2020 में फांसी की सजा सुनाई गई। गृह मंत्रालय के अधीन काम करने वाले एनसीआरबी ने बताया कि 2020 में 29 दोषियों की मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया गया। रिपोर्ट में कहा गया कि देश में 2020 के दौरान कुल 94 लोगों को मौत की सजा सुनाई गई। इन 94 कैदियों में से उत्तर प्रदेश और राजस्थान के 15-15 लोग, पश्चिम बंगाल के 14, बिहार के आठ और झारखंड तथा तमिलनाडु के छह-छह लोग शामिल रहे। इसने बताया कि जिन 29 दोषियों की मौत की सजा को उम्रकैद में बदला गया उनमें से 24।1 प्रतिशत कैदी महाराष्ट्र के थे। इसके बाद राजस्थान और तमिलनाडु के क्रमश: पांच और 17।2 प्रतिशत कैदी थे। रिपोर्ट में कहा गया है, मौत की सजा पाए कुल 413 दोषी (पिछले वर्षों में मृत्युदंड पाने वाले 319 और 2020 में मृत्युदंड पाने वाले 94 कैदियों समेत) विभिन्न जेलों में बंद थे, जो कुल दोषियों का 0।36 प्रतिशत है। इसमें कहा गया है कि उत्तर प्रदेश में ऐसे सबसे अधिक 12।8 प्रतिशत (413 में से 53) दोषी पाए गए। इसके बाद महाराष्ट्र में 11।9 फीसदी (49) और मध्य प्रदेश में 9।7 (40) फीसदी दोषी हैं।

लोगों से जुर्माना वसूल रहे रांची नगर निगम पर 20,000 का जुर्माना...
Published / 2022-01-31 12:30:31
लोगों से जुर्माना वसूल रहे रांची नगर निगम पर 20,000 का जुर्माना...

टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची स्थित होटल सेंट्रल प्वाइंट को सील करने के मामले में दायर याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद रांची नगर निगम पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। होटल सेंटर प्वाइंट को खोलने के ट्रिब्यूनल के आदेश को सही माना है। ट्रिब्यूनल के आदेश के खिलाफ नगर निगम द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया है। नगर निगम को होटल की सील को खोलने का आदेश दिया है। हाई कोर्ट के न्यायाधीश राजेश शंकर की अदालत में इस मामले पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि नगर निगम ने बिना किसी गलती के होटल को सील कर दिया है। नगर निगम के उस आदेश के खिलाफ ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की गई। ट्रिब्यूनल ने मामले पर सुनवाई के बाद नगर निगम की कार्रवाई को गलत बताते हुए होटल की सील खोलने का आदेश दिया था। इसके बावजूद भी नगर निगम ने होटल की सील को नहीं खोला है। इधर, नगर निगम के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि ट्रिब्यूनल का आदेश सही नहीं है। इसलिए ट्रिब्यूनल के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद ट्रिब्युनल के आदेश को सही माना नगर निगम की याचिका को खारिज कर दिया। बता दें कि राजधानी रांची होटल सेंटर प्वाइंट को नगर निगम ने बिल्डिंग प्लान में गड़बड़ी करने का आरोप लगाते हुए होटल को सील कर दिया था। नगर निगम के उसी आदेश के खिलाफ होटल सेंटर प्वाइंट ने ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की। ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद नगर निगम ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। उसी याचिका पर सुनवाई हुई।

चारा घोटाला : 139 करोड़ के गबन मामले में बहस पूरी, बढ़ सकती हैं लालू की मुश्किलें
Published / 2022-01-30 14:05:36
चारा घोटाला : 139 करोड़ के गबन मामले में बहस पूरी, बढ़ सकती हैं लालू की मुश्किलें

टीम एबीएन, रांची। चारा घोटाले के चार विभिन्न मामलों में 14 वर्ष तक की कैद की सजा पा चुके राजद के प्रमुख लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। रांची के डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ रुपए के गबन से जुड़े पांचवें और अंतिम मामले में लालू यादव सहित कुल 99 आरोपियों के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत में शनिवार को बहस पूरी हो गई। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एस के शशि ने इस मामले में फैसला सुनाने के लिए 15 फरवरी की तारीख निर्धारित की है। सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक बीएमपी सिंह ने बताया कि फैसले के दिन सभी आरोपियों को अदालत में निजी तौर पर उपस्थित रहने का आदेश दिया गया है। चारा घोटाले में डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ रुपए की अवैध निकासी से जुड़े मामले में प्रारंभ में 170 आरोपी बनाए गए थे। इसमें से 55 आरोपियों की मौत हो गई। मामले में 7 लोगों को सीबीआई ने सरकारी गवाह बनाया। वहीं, 6 आरोपी अब भी फरार हैं। इस मामले में लालू प्रसाद, पूर्व सांसद जगदीश शर्मा, पशुपालन विभाग के सहायक निदेशक केएम प्रसाद समेत अन्य मुख्य आरोपी हैं। इससे पहले, चारा घोटाले के 4 अन्य मामलों में लालू प्रसाद को दोषी ठहराया जा चुका है और उन्हें विभिन्न मामलों में 14 वर्ष तक की कैद एवं 60 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई। पहले के चार मामलों में लालू यादव को उच्च न्यायालय से जमानत मिल चुकी है और वर्तमान में वह जमानत पर हैं।

सड़क मंत्रालय का आदेश- यात्री और स्कूल बसों में आग की चेतावनी वाला सिस्टम जरूरी
Published / 2022-01-29 14:18:34
सड़क मंत्रालय का आदेश- यात्री और स्कूल बसों में आग की चेतावनी वाला सिस्टम जरूरी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने लंबी दूरी वाली यात्री बसों और स्कूल बसों में फायर अलार्म और सप्रेशन सिस्टम लगाना जरूरी कर दिया है। मंत्रालय की तरफ से शनिवार को जारी एक बयान के मुताबिक, लंबी दूरी तय करने के लिए बनाई गई एवं संचालित की जा रहीं यात्री बसों और स्कूल बसों के उस हिस्से में आग लगने से बचाव का सिस्टम लगाना होगा जहां पर लोग बैठते हैं। इसके लिए 27 जनवरी को अधिसूचना जारी कर दी गई है। अभी तक वाहनों के इंजन वाले हिस्से से निकलने वाली आग की पहचान करने, अलार्म बजने और सप्रेशन सिस्टम की ही व्यवस्था लागू रही है। वाहन उद्योग मानक 135 के अनुसार इंजन में आग लगने की स्थिति में यह सिस्टम सतर्क कर देता है। सड़क परिवहन मंत्रालय ने कहा, टाइप-3 बसों एवं स्कूल बसों के भीतर सवारियों के बैठने वाले हिस्से में फायर अलार्म सिस्टम लगाने की व्यवस्था लागू की गई है। टाइप-3 बसें लंबी दूरी तय करने के लिए डिजाइन की जाती हैं। बसों में आग लगने की घटनाओं के बारे में हुए अध्ययन का हवाला देते हुए कहा गया है कि ऐसे हादसों के समय बसों के भीतर बैठे यात्री अक्सर अधिक तापमान और धुएं की वजह से हताहत होते हैं। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि अगर सवारियों के बैठने वाले हिस्से में ही आग की चेतावनी देने वाली प्रणाली लगी हो तो इन हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है। चेतावनी मिलने के बाद सवारियों को बस से फौरन निकलने का वक्त मिल जाएगा।

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