Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...

कानून व्यवस्था

View All
आय से अधिक संपत्ति : पेश हुए कोड़ा-भानु, नहीं पहुंचे गवाह
Published / 2022-03-28 10:05:15
आय से अधिक संपत्ति : पेश हुए कोड़ा-भानु, नहीं पहुंचे गवाह

टीम एबीएन, रांची। आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और पूर्व मंत्री सह भाजपा विधायक भानु प्रताप शाही, कमलेश सिंह और विनोद सिन्हा कोर्ट में उपस्थित हुए। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश प्रभात कुमार की अदालत में इस मामले में गवाही होना था लेकिन गवाहों के कोर्ट नहीं पहुंचने की वजह से गवाही नहीं हो सकी है। मुख्यमंत्री मधु कोड़ा समेत मंत्रिमंडल में शामिल कई मंत्रियों पर आय से अधिक संपत्ति (Rc5a/10) और मनी लॉन्ड्रिंग (ECIR 2/9)का मामला चल रहा है। सीबीआई की विशेष अदालत ने यह मामला गवाही के स्टेज में चल रही है। वहीं झारखंड के मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में कमलेश सिंह और भानु प्रताप शाही मंत्री थे। ईडी और सीबीआई ने आरोप लगाया है कि उन्होंने 2005 से 2009 के बीच अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध संपत्ति अर्जित की है।

आय से अधिक संपत्ति : विधायक बंधु तिर्की को तीन साल की सजा
Published / 2022-03-28 09:58:38
आय से अधिक संपत्ति : विधायक बंधु तिर्की को तीन साल की सजा

टीम एबीएन, रांची। आय से अधिक संपत्ति मामले में मांडर विधायक बंधु तिर्की को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा सुनाई है।

खराब प्रेशर कुकर : Paytm मॉल और Snapdeal पर एक-एक लाख का जुर्माना
Published / 2022-03-27 16:02:56
खराब प्रेशर कुकर : Paytm मॉल और Snapdeal पर एक-एक लाख का जुर्माना

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने ई-कॉमर्स कंपनी पेटीएम मॉल और स्नैपडील पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। सीसीपीए बिना मानक वाले प्रेशर कुकर बेचने के लिए जुर्माना लगाते हुए दोनों कंपनियों से बेची गई वस्तुओं को वापस लेने के साथ-साथ उपभोक्ताओं द्वारा भुगतान की गई राशि को वापस करने का आदेश दिया है। सीसीपीए ने दो अलग-अलग आदेशों में पेटीएम ईकॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड (पेटीएम मॉल) और स्नैपडील प्राइवेट लिमिटेड को खराब प्रेशर कुकर बेचने का दोषी पाया। उसने पाया कि यह प्रेशर कुकर भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) मानकों के अनुरूप नहीं थे और घरेलू प्रेशर कुकर (गुणवत्ता नियंत्रण) आदेश-2020 (क्यूसीओ) का अनुपालन नहीं करते थे। पेटीएम मॉल ने प्रिस्टिन और क्यूबा कंपनी के प्रेशर कुकर को अपने मंच पर बेचने के लिए डाला था, जबकि उत्पाद विवरण में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि इसमें आईएसआई मार्क नहीं है। सीसीपीए ने 25 मार्च को अपने आदेश में पेटीएम मॉल को अपने मंच पर बिकने वाले 39 प्रेशर कुकर के सभी उपभोक्ताओं को सूचित करने, प्रेशर कुकर को वापस लेने और उपभोक्ताओं को उनकी कीमत वापस देने के लिए कहा है। इसके अलावा इस संबंध में इसकी अनुपालन रिपोर्ट को 45 दिन के भीतर देने के लिए कहा गया है।

राज्य में पुरानी पेंशन योजना जल्द : हेमंत सोरेन
Published / 2022-03-26 17:42:36
राज्य में पुरानी पेंशन योजना जल्द : हेमंत सोरेन

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए जल्द ही पुरानी पेंशन योजना जल्द लागू करने का भरोसा दिलाते हुए विधायक मद की राशि चार करोड़ रुपया से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपए करने की घोषणा की। सोरेन ने शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन अपने समापन संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार की कोयला कंपनियों पर राज्य सरकार का एक लाख 36 हजार करोड़ रुपए का बकाया है। उन्होंने कहा कि बकाया राशि की जल्द वसूली की जाएगी और केंद्र सरकार की कंपनियां बकाया भुगतान नहीं करती है तो राज्य से बाहर जाने वाली खनिज संपदा को रोक दिया जाएगा, ताला लगा दिया जाएगा। स्थानीयता नीति के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खतियान का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि जो भी कानून बनेगा वह राज्य के जनमानस और जन भावना के अनुरूप होगा। उन्होंने बताया कि 2005 में भी सर्वे का काम हुआ है जबकि इससे पहले 1911, 1918, 1932, 1934 और 1993 में भी सर्वे का काम हुआ है। इनमें से किस खतियान को छोड़ा जाए और कैसे पकड़ा जाए किस का फैसला सदन को तय करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे हमेशा हक और अधिकार के लिए लड़ने और मर मिटने की बात करते रहे हैं ऐसे में जब मौका मिला है तो इसे हाथ से जाने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय नीति के मसले पर समग्र चिंतन की जरूरत है और राज्य के अंदर समन्वय बनाकर जन भावना के अनुरूप और वैधानिक पहलुओं को ध्यान में रखकर कोई भी फैसला लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न सर्वे का अध्ययन करने के बाद और लोगों की भावना जानने के बाद ही व्यापक सहमति बनाकर राज्य सरकार आगे बढ़ेगी।मुख्यमंत्री ने नेतरहाट की तर्ज पर राज्य में 3 नए विद्यालय की स्थापना करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि पारा शिक्षकों को अब सहायक अध्यापक का दर्जा दिया जा चुका है और अब वह सामान की जिंदगी जी सकेंगे। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड की संख्या सात लाख से बढ़ाकर 35 लाख करने की भी बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड एक ऐसा पहला राज्य है जो 18 वर्ष की विधवा को भी पेंशन योजना का लाभ दे रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने हो, मुंडारी, उरांव, कुड़ुख भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा है। इसी तरह से सरना धर्म कोड लागू करने का भी प्रस्ताव भेजा गया लेकिन केंद्र में इसका क्या हाल हुआ यह भाजपा विधायकों को बताना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पास कई ऐसे दस्तावेज भी है जिसमें यह पता चलता है कि पूर्ववर्ती सरकार में किस तरह से अपने लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए नियम कानून की अनदेखी की गई इन सारे विषयों की जांच चल रही है।

हिजाब विवाद : फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर तत्काल सुनवाई नहीं करेगा सुप्रीम कोर्ट
Published / 2022-03-24 16:27:53
हिजाब विवाद : फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर तत्काल सुनवाई नहीं करेगा सुप्रीम कोर्ट

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर तत्काल सुनवाई करने से बृहस्पतिवार को इनकार कर दिया, जिसमें अदालत ने कक्षा के अंदर हिजाब पहनने की अनुमति मांगने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया था और कहा था कि हिजाब इस्लाम धर्म में आवश्यक धार्मिक प्रथा का हिस्सा नहीं है। चीफ जस्टिस एनवी रमण और जस्टिस कृष्ण मुरारी की एक पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत के अनुरोध को खारिज कर दिया। कामत ने कहा था कि परीक्षाएं चल रही हैं, इसलिए मामले को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाना चाहिए। पीठ ने कहा, परीक्षाओं का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वे बार-बार मामले का जिक्र कर रहे हैं। शीर्ष अदालत ने कहा, सॉलिसिटर जनरल जी, क्या आप इंतजार कर सकते हैं। वहीं, उसने कामत से कहा कि मामले को संवेदनशील न बनाएं। कामत ने कहा, इन लड़कियों की 28 तारीख को परीक्षा है। उन्हें स्कूल में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा। उनका एक साल बर्बाद हो जाएगा। न्यायालय ने हालांकि उनके अनुरोध को स्वीकार नहीं किया। सुप्रीम कोर्ट कक्षाओं में हिजाब पहनने की अनुमति देने से इनकार करने के कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर होली के अवकाश के बाद सुनवाई करने के लिए 16 मार्च को सहमत हो गया था। न्यायालय ने कुछ छात्राओं की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता की उन दलीलों पर गौर किया था कि आगामी परीक्षाओं को देखते हुए तत्काल सुनवाई की आवश्यकता है। मामले में उच्च न्यायालय की पूर्ण पीठ के आदेश के खिलाफ कुछ याचिकाएं दायर की गयी हैं। उच्च न्यायालय ने कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत हिजाब पहनना इस्लाम धर्म में आवश्यक धार्मिक प्रथा नहीं है। उच्च न्यायालय ने कक्षाओं में हिजाब पहनने की अनुमति मांगने वाली उडुपी स्थित गवर्नमेंट प्री-यूनिवर्सिटी गर्ल्स कॉलेज की मुस्लिम छात्राओं के एक वर्ग की याचिकाएं खारिज कर दी थीं। उसने कहा था कि स्कूल की वर्दी का नियम एक उचित पाबंदी है और संवैधानिक रूप से स्वीकृत है, जिस पर छात्राएं आपत्ति नहीं उठा सकतीं।

गोलीकांड : पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और पूर्व विधायक निर्मला देवी को 10-10 साल की सजा
Published / 2022-03-24 09:16:01
गोलीकांड : पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और पूर्व विधायक निर्मला देवी को 10-10 साल की सजा

टीम एबीएन, हजारीबाग। बड़कागांव गोलीकांड में कोर्ट का फैसला आ चुका है। कोर्ट ने मामले में दोनों दोषी पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और पूर्व विधायक निर्मला देवी को 10-10 साल की सजा सुनाई है। इससे पहले 22 मार्च को दोनों को दोषी ठहराया गया था। क्या है मामला : पूरा मामला 2015 का है। बड़कागांव में एनटीपीसी प्लांट लगा रही थी। जिसका स्थानीय लोग विरोध कर रहे थे और वे अपनी जमीन किसी कीमत पर एनटीपीसी को नहीं देना चाह रहे थे। इसी को लेकर झारखंड के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और पूर्व विधायक निर्मला देवी ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर 2015 में एनटीपीसी के खिलाफ बड़कागांव, हजारीबाग में कफन सत्याग्रह किया था। इस आंदोलन को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी कोशिश कर रही थी। लेकिन बातचीत बेनतीजा होने के बाद विधायक निर्मला देवी को गिरफ्तार कर लिया गया। निर्मला देवी की गिरफ्तारी के बाद ग्रामीण भड़क गए जिसके बाद पुलिस पर पथराव कर उन्हें पुलिस की हिरासत से छुड़ा लिया।

बच्ची की हत्या के आरोपी को उम्रकैद की सजा
Published / 2022-03-22 17:55:49
बच्ची की हत्या के आरोपी को उम्रकैद की सजा

टीम एबीएन, रांची। शराब नहीं देने के प्रतिशोध में जगरनाथपुर थाना के चंदाघासी निवासी विमल तिर्की उर्फ रघु तिर्की ने अपने गांव के बबलू कच्छप की छह वर्षीय बच्ची की हत्या कर दिया था। पोक्सो के विशेष अदालत ने मंगलवार को दोषी करार अभियुक्त को उम्र कैद की सजा सुनाई। साथ ही 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माने की रकम जमा नहीं करने पर उसे अतिरिक्त एक साल सजा काटनी होगी। पोक्सो के विशेष न्यायाधीश मो आसिफ इकबाल ने 15 मार्च को दोषी पाया था। अपर लोक अभियोजक मोहन रजक ने बताया कि बच्ची की हत्या पांच जुलाई 2017 को मुंह दबाकर कर दी गई थी। हत्या से पहले उसके साथ छेड़छाड़ की कोशिश की गई थी। अभियुक्त 11 जुलाई 2017 से लगातार जेल में ही है। मामले के जांच अधिकारी विमल कुमार ने जांच के दौरान पाया की बच्ची की हत्या अप्राथमिकी अभियुक्त विमल तिर्की ने किया है। जबकि बच्ची के पिता ने अपने गोतिया के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। दाखिल चार्जशीट में कहा गया है कि अभियुक्त का मृतका का घर बराबर जाया करता था। एक दिन उसके घर जाकर दारू की मांग की। नहीं मिलने पर बच्ची की हत्या कर बदला लिया। घटना के दिन बच्ची शाम छह बजे दुकान से सामान लाने गई थी। उसी दुकाने पर अभियुक्त खड़ा था। सामान लेने के बाद बच्ची को अभियुक्त ने गोदी में उठाकर अपने साथ ले गया। जब बच्ची घर नहीं लौटी तो उसके घरवालों ने खोजबीन की। अगले दिन उसकी लाश खेत में मिली थी।

बड़कागांव के पूर्व विधायक दम्पत्ति दोषी करार
Published / 2022-03-22 17:39:25
बड़कागांव के पूर्व विधायक दम्पत्ति दोषी करार

टीम एबीएन, रांची। जानलेवा हमला, सरकारी कार्य में बाधा समेत कई अन्य आरोपों में पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव एवं उनकी पत्नी पूर्व विधायक निर्मला देवी (तत्कालीन विधायिका) को अदालत ने दोषी करार दिया है। जबकि पुत्र अंकित राज को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। अपर न्यायायुक्त विशाल श्रीवास्तव की अदालत ने मंगलवार को बड़कागांव कांड संख्या 228/2016 मामले में फैसला सुनाया। साथ ही सजा के बिन्दु पर सुनवाई के लिए 24 मार्च की तारीख निर्धारित की है। फैसले के समय मां-बेटा कोर्ट में उपस्थित थे। जबकि योगेंद्र साव को जेल से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्य्म से अदालत में पेश किया गया था। दोषी पाए जाने के बाद निर्मला देवी को भी जेल भेज दिया गया। मालूम हो कि एक अक्तूबर 2016 को चिरूडीह खनन के रास्ते पर विधायक निर्मला देवी कफन सत्याग्रह कर रही थीं। एनटीपीसी के खनन क्षेत्र के दोनों मार्ग अवरूद्ध हो गए थे। विधि-व्यवस्था को ठीक करने के लिए निर्मला देवी को बड़कागांव कांड संख्या 226/16 मामले में गिरफ्तार किया गया। लेकिन उनके समर्थकों ने पुलिस बल पर जानलेवा हमला करते हुए उन्हें छुड़ा ले गए। जिसमें कई अधिकारी एवं पुलिसकर्मी गंभीर रूप से जख्मी हो गये थे। मामले में अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक परमानंद यादव ने गवाही कराई थी। मामले में हजारी कोर्ट में 15 गवाह एवं रांची कोर्ट में पांच गवाही दर्ज की गई थी। अदालत इसी आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया है। तत्कालीन एएसपी अभियान ने दर्ज कराई थी प्राथमिकी : घटना में गंभीर रूप से जख्मी एएसपी अभियान कुलदीप कुमार के बयान पर बड़कागांव थाना में कांड संख्या 228/16 के तहत दो अक्तूबर 2016 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जख्मी होने के बाद उनको एयर लिफ्ट कर मेडिका रांची में भर्ती कराया गया था। मेडिका में ही घटना की पूरी जानकारी दी थी। घटना में बड़कागांव के तत्कालीन सीओ शैलेंद्र कुमार सिंह भी गंभीर रूप से जख्मी हुए थे। मेडिका में उनका इलाज चला। लेकिन स्थिति में सुधार नहीं होने के बाद उन्हें मेंदाता गुडगांव ले जाया गया था। जहां तीन दिनों तक आईसीयू में रहे। 10 अक्तूबर 2016 को अस्पताल से छूट्टी मिली थी। घटना की जांच अनुसंधान पदाधिकारी विजय शंकर ने की थी। योगेंद्र साव ने 15 अप्रैल 2019 को किया था सरेंडर : योगेंद्र साव एवं निर्मला देवी को शीर्ष अदालत ने सशर्त 15 दिसंबर 2017 को जमानत दी थी। जिसमें एक शर्त के रूप में भोपाल में रहने का निर्देश शामिल था। जहां जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया गया। इसके बाद शीर्ष अदालत ने जमानत रद्द करते हुए चार अप्रैल 2019 को अदालत में सरेंडर करने का आदेश दिया था। आदेश पर वह रांची की निचली अदालत में 15 अप्रैल 2019 को सरेंडर किया। तब से इस मामले में जेल में हैं। बड़कागांव की घटना समेत 17 मुकदमे हजारीबाग से पहुंचा रांची : सुप्रीम कोर्ट ने जमानत रद्द करने के साथ ही हजारीबाग कोर्ट में चल रही सुनवाई के सभी मामलों को रांची कोर्ट में स्थानांतरित करने का आदेश दिया था। बड़कागांव समेत सभी 17 मामलों के केस रिकॉर्ड हजारीबाग से रांची अप्रैल 2019 को पहुंचा। मामले में सुनवाई प्रारंभ हुई। घटना में जो गंभीर रूप से जख्मी हुए : घटना में गंभीर रूप से जख्मी होनेवालों में बड़कागांव के तत्कालीन सीओ शैलेश कुमार सिंह, एएसपी कुलदीप कुमार, एसडीपीओ प्रदीप पाल, डीआरडीए निदेशक श्रीनारायण विज्ञान प्रभाकर, एएसपी के अंगरक्षक अजय कुमार प्रमाणिक, चालक किशुन कुमार साव समेत अन्य शामिल है। पुलिस की गोली से चार की मौत : घटना में पुलिस की ओर से फायरिंग की गई थी। जिसमें पवन कुमार साव, मो महताब, रंजन कुमार दास एवं अभिषेक की मौत हो गई थी। फैक्ट फाइल : घटना - चिरूडीह खनन क्षेत्र बड़कागांव तारीख - 1 अक्तूबर 2016 की सुबह छह बजे प्राथमिकी - 2 अक्तूबर 2016 नामजद - योगेंद्र साव, निर्मला देवी एवं अंकित राज चार्जशीट - 3 दिसंबर 2016 आरोप तय - 19 अप्रैल 2018 रांची कोर्ट में गवाही - 26 अप्रैल 2019 से, अभियोजन साक्ष्य बंद - 23 नवंबर 2021, अभियोजन गवाह संखाय - 20, आरोपियों का बयान - 9 दिसंबर 2021, बचाव पक्ष की गवाही बंद - 9 फरवरी 2022, दोनों पक्षों की बहस पूरी - 8 मार्च 2022, फैसला - 22 मार्च 2022, सजा का ऐलान - 24 मार्च 2022 को होगा।

माल्या, मोदी-चौकसी की 19,111.20 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त
Published / 2022-03-22 17:24:32
माल्या, मोदी-चौकसी की 19,111.20 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सरकार ने मंगलवार को कहा कि बैंकों का ऋण चुकाए बिना विदेश भाग जाने वाले कारोबारियों विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चौकसी की 19,111.20 करोड़ रुपये की संपत्ति अब तक जब्त की गई है। राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि तीनों कारोबारियों ने अपनी कंपनियों के माध्यम से सरकारी बैंकों से बेईमानी से निधियां निकालकर धोखाधड़ी की है, जिसके परिणाम स्वरूप सरकारी क्षेत्र के बैंकों को कुल 22585.83 करोड़ रुपये की हानि हुई है। उन्होंने कहा, 15 मार्च 2022 के अनुसार इनमें से 19111.20 मूल्य की आस्तियां धन शोधन निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत जब्त की गई हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से 15,113.91 करोड़ रुपये की आस्तियां सरकारी क्षेत्र के बैंकों को वापस कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इसके साथ-साथ 335.06 करोड रुपए मूल्य की आस्तियां जब्त कर भारत सरकार को दे दी गई हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दिनांक 15 मार्च 2022 के अनुसार इन मामलों में धोखाधड़ी से निकाली गई कुल निधि में से 84.61 प्रतिशत जब्त कर ली गई है और बैंकों को हुई कुल हानि का 66.91 प्रतिशत बैंकों को वापस दे दिया गया है। उन्होंने कहा, यहां यह उल्लेख करना उचित होगा कि एसबीआई के नेतृत्व में बैंकों के संघ ने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा उन्हें सौंपी गई यात्रियों को बेचकर 7975.27 करोड रुपये वसूल कर लिया है।

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।

विज्ञापन

© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.

कुल पाठक (Total Visitors): 33,637