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साइबर अपराध : ठगी का हॉटस्पॉट जानने जामताड़ा और देवघर पहुंची केंद्रीय गृह मंत्रालय की टीम
Published / 2022-07-08 13:31:43
साइबर अपराध : ठगी का हॉटस्पॉट जानने जामताड़ा और देवघर पहुंची केंद्रीय गृह मंत्रालय की टीम

टीम एबीएन, रांची। साइबर क्राइम का जामताड़ा मॉड्यूल झारखंड को देशभर में बदनाम करता रहा है। झारखंड के जामताड़ा में सक्रिय साइबर अपराधियों के अलग-अलग जिलों के द्वारा अक्सर देशभर में ठगी की वारदातों को अंजाम दिया जाता है। वहीं हाल के दिनों में शिव की नगरी देवघर भी साइबर अपराधियों के नए केंद्र के तौर पर उभरा है। इन दोनों जिलों में साइबर अपराध पर नकेल कसने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने योजना बनाई है। साइबर क्राइम के लिए बदनाम जामताड़ा और देवघर जिलों में साइबर अपराध पर लगाम कसने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नई योजना बनायी है। गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी और डिप्टी सेक्रेटरी रैंक के तीन अफसरों ने सीआईडी की टीम के साथ जामताड़ा और देवघर जिले का दौरा किया। केंद्रीय टीम दोनों जिलों के उन हॉटस्पॉट पर भी गई, जहां से सर्वाधिक साइबर ठगी की घटनाएं हो रही हैं। केंद्रीय टीम ने साइबर अपराध प्रभाव वाले इलाकों में समस्याओं का हाल जाना, वहां के वस्तुस्थिति की भी जानकारी ली। आज (8 जुलाई) केंद्रीय टीम रांची आएगी, इसके बाद इससे संबंधित पहलुओं पर डीजीपी नीरज सिन्हा से भी चर्चा की जाएगी। जानकारी के मुताबिक केंद्रीय टीम यह रिसर्च कर रही है कि जिन इलाकों से साइबर अपराध की वारदात हो रही, वहां क्या समस्याएं हैं। साइबर अपराध में शामिल युवाओं का पुनर्वास कैसे हो, युवाओं को रोजगार से कैसे जोड़ा जाए ताकि वह साइबर अपराध की दुनिया में नहीं उतरें, इसे लेकर भी पहल की जा रही है। टीम में शामिल अधिकारियों के मुताबिक, जामताड़ा व देवघर में युवाओं के द्वारा ही साइबर अपराध किया जाता है। कम पढ़े लिखे युवक भी साइबर अपराध की दुनिया में सक्रिय हैं। ऐसे में जामताड़ा या अन्य साइबर प्रभाव वाले इलाकों में साइबर हब खोलने, आईटी के क्षेत्र में कम पढ़े लिखे युवाओं को भी जोड़ने की दिशा में योजना बनाने पर काम किया जाएगा। साइबर के क्षेत्र में हुनर का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है, इसकी भी तैयारी की जा रही है।

झारखंड : सीएम के करीबियों के 18 ठिकानों पर ED की छापेमारी
Published / 2022-07-08 08:14:45
झारखंड : सीएम के करीबियों के 18 ठिकानों पर ED की छापेमारी

टीम एबीएन, रांची। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के राजनीतिक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा और कुछ अन्य के खिलाफ लगभग 18 स्थानों पर छापेमारी की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। साहिबगंज जिले और इसके बरहेट और राजमहल जैसे शहरों में छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि करीब 18 स्थानों पर छापेमारी की जा रही है और यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धाराओं के तहत की जा रही है।

सीएम हेमंत के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा के कई ठिकानों पर ED की रेड
Published / 2022-07-08 05:09:29
सीएम हेमंत के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा के कई ठिकानों पर ED की रेड

टीम एबीएन, रांची। कथित टेंडर घोटाला मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा के घर पर ईडी की छापेमारी हुई है। मिली जानकारी के अनुसार झारखंड में पंकज मिश्रा के करीब 18 ठिकानों पर शुक्रवार सुबह 5 बजे से ही ईडी ने रेड करनी शुरू कर दी है। झारखंड टेंडर घोटाला से जुड़े मामले पर यह अब तक की बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि ईडी की टीम सुबह 5 बजे से ही पंकज मिश्रा के अलग-अलग ठिकानों छापेमारी कर रही है। पंकज मिश्रा के अलावा उनके करीबी कहे जाने वाले मिर्जाचौकी स्थित कारोबारी राजू, पतरु सिंह और ट्विंकल भगत के घर पर भी ईडी का छापा पड़ा है। इसके अलावा बरहरवा में भी कृष्णा साह समेत तीन पत्थर व्यवसायियों के यहां भी ईडी ने रेड मारी है। मिली जानकारी के अनुसार झारखंड टेंडर घोटाला मामले में राज्य के साहेबगंज, बरहेट और राजमहल समेत 18 जगहों पर ईडी की छापेमारी जारी है। इस छापेमारी में ईडी के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों की भी मदद ली जा रही है। ईडी की टीम पंकज मिश्रा के अलग-अलग ठिकानों से तमाम दस्तावेजों और जानकारी को जुटाने में लगी। झारखंड टेंडर स्कैम मामले में यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है।

स्कूल में प्रार्थना बदलवाने के मामले की जांच कर झारखंड सरकार : एनसीपीसीआर
Published / 2022-07-07 08:22:00
स्कूल में प्रार्थना बदलवाने के मामले की जांच कर झारखंड सरकार : एनसीपीसीआर

टीम एबीएन, रांची। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने झारखंड के गढ़वा जिला प्रशासन को नोटिस जारी कर इस शिकायत की तत्काल जांच करने को कहा है कि एक स्कूल के छात्रों पर कथित रूप से शरीयत और इस्लामी प्रथाएं थोपी गई हैं। शीर्ष बाल अधिकार संस्था ने जिले के अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया। आरोप है कि कुछ इस्लामी कट्टरपंथियों ने एक सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक को पुराने प्रार्थना गीत दया कर दान विद्या को बदलने पर मजबूर किया और प्रार्थना में तू ही राम है तू रहीम है गीत करा दिया। इसके बाद एनसीपीसीआर ने यह नोटिस जारी किया। लीगल राइट्स ऑब्ज़र्वेटरी की ओर से दायर शिकायत के मुताबिक, सदर प्रखंड के कोरवाडीह गांव में सरकारी माध्यमिक विद्यालय में बच्चों को हाथ जोड़कर प्रार्थना करने से रोका जा रहा है। झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा कि उन्होंने इसकी जांच के आदेश दे दिए हैं। एनसीपीसीआर प्रमुख प्रियांक कानूनगो ने बुधवार को कहा, हमें मंगलवार को एक शिकायत मिली कि इस्लामी कट्टरपंथी नाबालिगों पर शरीयत और इस्लामी प्रथाओं को थोपने की कोशिश कर रहे हैं और उन्होंने स्कूल की पुरानी प्रार्थना को बदल दिया है। हमने जिला प्रशासन को नोटिस जारी कर जांच और कानूनी कार्रवाई शुरू करने को कहा है। प्रधानाध्यापक का दावा है कि पिछले काफी महीनों से मुस्लिम समुदाय के युवक उन पर दबाव बना रहे थे और जबरन इस नई प्रार्थना को विद्यालय में कुछ माह पूर्व लागू करा दिया। झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने बताया, मैंने पहले ही घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। चाहे हिंदू हो या मुस्लिम, किसी को भी संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन करने की अनुमति नहीं है। हम जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करेंगे। कथित घटना का विरोध करते हुए, भाजपा ने दावा किया कि यह झामुमो के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार की कथित तुष्टीकरण नीति का परिणाम है।

कुछ सामग्री हटाने के लिए ट्विटर ने लगायी अदालत से गुहार
Published / 2022-07-06 16:52:05
कुछ सामग्री हटाने के लिए ट्विटर ने लगायी अदालत से गुहार

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अपने प्लेटफॉर्म से कुछ सामग्री हटाने के भारत सरकार के निर्देश के खिलाफ ट्विटर अदालत पहुंच गई है। इस सोशल मीडिया कंपनी ने इसके खिलाफ कर्नाटक उच्च न्यायालय में न्यायिक समीक्षा की याचिका डाली है। यह कदम उठाने से पहले ही कंपनी ने ट्विटर प्लेटफॉर्म से कुछ सामग्री हटाने के सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के नोटिस का पालन कर लिया है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिकी सोशल मीडिया कंपनी कौन सी सामग्री हटाए जाने की न्यायिक समीक्षा चाहती है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक ट्विटर ने अपने अनुरोध में कहा है कि वह उन मामलों में न्यायिक समीक्षा चाहती है, जिनमें सामग्री हटाए जाने का आदेश उसे भारत के सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की प्रक्रियागत जरूरतों के अनुरूप नहीं लगता। ट्विटर को याचिका के संबंध में एक ईमेल भेजा गया लेकिन उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बेहद सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि इसके लिए भारत समेत दुनिया भर में एक पारिस्थितिकी खड़ी की जा रही है। दुनिया भर में यह सवाल काफी मौजूं हो चुका है कि इसे किस तरह जवाबदेह बनाया जाए। पहला कदम स्व-नियमन है। समाज पर नुकसानदेह असर डालने वाली किसी भी सामग्री को हटाया जाना चाहिए। फिर उद्योग नियमन और उसके बाद जाकर सरकारी नियमन का स्थान आता है। ट्विटर अपने प्लेटफॉर्म से सामग्री हटाने में समय लगा रही थी, जिसके कारण उसके और सरकार के बीच मतभेद हो गए थे। 27 जून को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने ट्विटर इंक के मुख्य अनुपालन अधिकारी को नोटिस जारी करते हुए कहा कि उसे 4 जुलाई तक विभिन्न सामग्री हटाने संबंधी नोटिस पर अमल करने का अंतिम अवसर दिया जा रहा है। साथ ही चेतावनी भी दी गई कि नोटिस का पालन नहीं करने पर कंपनी को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम 2000 के तहत मध्यवर्ती कंपनी के रूप में बचने का मौका नहीं मिलेगा। मई में सरकार ने ट्विटर से कहा था कि वह खालिस्तान और कश्मीर से जुड़ी सामग्री के खिलाफ कदम उठाए। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक सरकार ने ट्विटर से कहा था कि वह पत्रकारों, राजनेताओं और किसान आंदोलन के समर्थकों के 60 खाते और ट्वीट हटाए। मंत्रालय के एक अधिकारी ने उस समय बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया था कि ट्विटर आईटी अधिनियम की धारा 69 (ए) के तहत कई नोटिस जारी होने के बाद भी ऐसी सामग्री हटाने में नाकाम रही थी। सोशल मीडिया कंपनी अनुपालन नहीं होने पर समय-समय पर भेजे गए नोटिसों पर कदम नहीं उठा सकी। अधिनियम की धारा 69(ए) के अनुसार सरकार के पास विशेष परिस्थितियों में किसी सूचना तक जनता की पहुंच सीमित करने का निर्देश देने का अधिकार है। वह देश की संप्रभुता, अखंडता और रक्षा, देश की सुरक्षा, विदेशी राज्यों से मित्रवत संबंध या लोक व्यवस्था के हित में इंटरनेट से कोई भी डिजिटल सामग्री हटाने को कह सकती है। इस बीच सरकार ने यह प्रस्ताव भी रखा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के ऐसे कदमों से पीड़ित होने वालों की अपील पर सुनवाई के लिए एक शिकायत अपील समिति भी गठित की जा सकती है।

झारखंड हाई कोर्ट में राहुल गांधी की याचिका खारिज, जारी रहेगा मुकदमा
Published / 2022-07-06 08:20:18
झारखंड हाई कोर्ट में राहुल गांधी की याचिका खारिज, जारी रहेगा मुकदमा

टीम एबीएन, रांची। झारखंड उच्च न्यायालय ने यहां एक निचली अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल मानहानि के मुकदमे में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए इस संबन्ध में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष की याचिका खारिज कर दी। अब गांधी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं और उन्हें इस मामले में अब रांची की निचली अदालत में पेश होना पड़ सकता है। न्यायमूर्ति एस के द्विवेदी की पीठ ने यहां निचली अदालत में दाखिल मानहानि के वाद को खारिज करने की गांधी की याचिका को खारिज कर उन्हें वहां पेश होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए। उच्च न्यायालय के इस आदेश से गांधी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उच्च न्यायालय ने गांधी और प्रतिवादी पक्ष के वकीलों की लंबी बहस के बाद अपना फैसला सुनाया। न्यायालय ने एक स्थानीय अदालत से जारी समन को चुनौती देने वाली गांधी की याचिका को खारिज कर दिया। पीठ ने कहा कि प्रार्थी अपनी बात निचली अदालत में सुनवाई के दौरान रखें। गांधी ने निचली अदालत से जारी समन को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान मोरहाबादी मैदान में जनसभा में कहा था कि सभी मोदी नाम वाले चोर होते हैं। उनके इस बयान के बाद अधिवक्ता प्रदीप मोदी ने उनके खिलाफ एक स्थानीय अदालत में एक शिकायतवाद दर्ज कराई। उसमें कहा गया कि गांधी ने मोदी नामधारियों के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिया है जिससे मोदी समाज की भावना आहत हुई है। याचिका में गांधी के खिलाफ अदालत से कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया गया था। इस शिकायत पर अदालत ने गांधी को 22 फरवरी 2019 को अदालत में हाजिर होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया था। लेकिन निचली अदालत में पेश होने की बजाय इस समन के खिलाफ गांधी ने उच्च न्यायालय में रिट दाखिल कर पूरे मामले को ही खारिज करने की मांग की थी लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।

गुटका थूकनेवालों पर होगी सख्त कार्रवाई, इतना तय हुआ जुर्माना
Published / 2022-07-05 08:26:18
गुटका थूकनेवालों पर होगी सख्त कार्रवाई, इतना तय हुआ जुर्माना

एबीएन सेंट्रल डेस्क। जीवाजी विश्वविद्यालय प्रबंधन ने स्वच्छता की ओर एक कदम बढ़ाते हुए विश्वविद्यालय को स्वच्छ बनाने की पहल की है। इसके तहत जीवाजी विश्वविद्यालय प्रशासनिक बिल्डिंग में लगाए गए कैमरे के आधार पर एक कर्मचारी पर गुटका खाकर थूकने पर जुर्माने की कार्रवाई तय की गई है और भविष्य में चेतावनी दी है कि अगर इस तरह की हरकत दोबारा की गई तो निलंबन की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। गुटका थूकने पर लगेगा जुर्माना : दरअसल जीवाजी विश्वविद्यालय परिसर में निगरानी के लिए लगे सीसीटीवी कैमरे में एक कर्मचारी गुटखा खाकर बार-बार थूकता हुआ नजर आया था। जिस पर जेयू प्रबंधन ने कड़ा एक्शन लिया है। कर्मचारी को चुनकर उस पर 500 रूपये का जुर्माना लगाया गया है और भविष्य में अगर वह फिर से गलती दोहराता है तो उसका निलंबन भी हो सकता है। परिसर को स्वच्छ बनाए रखने की अपील : यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सभी विश्वविद्यालय परिसर में स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है और ऐसा नहीं करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी हैं।

रेस्टोरेंट में अब नहीं देना होगा जबरन सर्विस चार्ज
Published / 2022-07-05 05:36:48
रेस्टोरेंट में अब नहीं देना होगा जबरन सर्विस चार्ज

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी यानी सीसीपीए (CCPA) ने एक राहत भरी घोषणा की है। सीसीपीए ने रेस्टोरेंट और होटलों में सर्विस चार्ज को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की है। अब आपके बिल में सर्विस चार्ज लगकर नहीं आएगा। गाइडलाइंस के मुताबिक अब से कोई भी रेस्टोरेंट और होटल अपने ग्राहकों को सेवा देने के बदले जबरन सर्विस चार्ज नहीं वसूल सकते हैं। सर्विस चार्ज देना या ना देना ग्राहक पर निर्भर : गाइडलाइंस के मुताबिक, सर्विस चार्ज देना या ना देना ग्राहक पर निर्भर करेगा, रेस्टोरेंट इसके लिए किसी भी तरीके से ग्राहकों को बाध्य नहीं कर सकता है। रेस्टोरेंट और होटलों को ग्राहकों को स्पष्ट रूप से बताना होगा कि सर्विस चार्ज वैकल्पिक, स्वैच्छिक और ग्राहक के विवेक पर है। राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1915 पर दर्ज करा सकते हैं शिकायत : आदेश के मुताबिक, होटल और रेस्टोरेंट के बिल में सर्विस उपभोक्ताओं से किसी अन्य नाम से नहीं लिया जा सकता और न ही इसे भोजन बिल में जोड़ा जा सकता है। सीसीपीए के आदेश के मुताबिक, अगर कोई रेस्टोरेंट अपने बिल में सर्विस चार्ज लगाता है, तो ग्राहक राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1915 पर रेस्टोरेंट शिकायत दर्ज करा सकते हैं। फ्रेमवर्क लाएगा DoCA उपभोक्ता मामलों के विभाग यानी डीओसीए (DoCA) ने पहले कहा था कि यह जल्द ही रेस्टोरेंट और होटलों द्वारा लगाए गए सर्विस चार्ज के संबंध में स्टेकहोल्डर्स द्वारा सख्त कंप्लायंस को लागू करने के लिए एक मजबूत फ्रेमवर्क विकसित करेगा क्योंकि यह नियमित रूप से ग्राहकों को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। रेस्टोरेंट द्वारा लिया जाने वाला सर्विस चार्ज पूरी तरह से कानूनी : रेस्टोरेंट एसोसिएशन मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया यानी एनआरएआई (NRAI) ने यह साफ किया है कि रेस्टोरेंट द्वारा लिया जाने वाला सर्विस चार्ज पूरी तरह से कानूनी है और उपभोक्ता मामलों के विभाग ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि नए फ्रेमवर्क को अपनाया जाए या नहीं।

पूजा सिंघल की जमानत याचिका पर 12 जुलाई को फिर होगी बहस
Published / 2022-07-04 08:31:50
पूजा सिंघल की जमानत याचिका पर 12 जुलाई को फिर होगी बहस

टीम एबीएन, रांची। निलंबित आईएएस पूजा सिंघल की जमानत याचिका पर ईडी की विशेष अदालत में सोमवार (4 जुलाई) को आंशिक सुनवाई हुई, जिसमें पूजा सिंघल की जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए 12 जुलाई की तारीख दी गई है। पूजा सिंघल के वकील ने सोमवार को अपना पक्ष रखा, जिस पर बहस के लिए कोर्ट ने नई तिथि निर्धारित की है। खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर दायर की है जमानत अर्जी : मनी लॉन्ड्रिंग मामले के आरोप में जेल में बंद निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल ने जमानत याचिका दाखिल की है। उन्होंने पीएमएलए कोर्ट के जज प्रभात कुमार शर्मा की अदालत में अपने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए जमानत याचिका दाखिल की है। प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने छापेमारी के बाद आईएएस अफसर पूजा सिंघल को 11 मई को गिरफ्तार किया था। 14 दिनों की पूछताछ के बाद 25 मई को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार भेज दिया गया था, तब से पूजा सिंघल जेल में बंद है। उनके अधिवक्ता विश्वजीत मुखर्जी ने जमानत याचिका दाखिल की है। उनके न्यायिक हिरासत की अवधि 5 जुलाई को समाप्त हो रही है। बता दें कि ईडी की टीम ने पूजा सिंघल के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। इस दौरान उनके सीए सुमन कुमार के घर से करोड़ों रुपए जब्त हुए थे। इसके बाद कई दिनों तक पूजा सिंघल से पूछताछ के बाद उन्हें ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया था। फिलहाल, इस मामले में उनके सीए सुमन कुमार भी होटवार जेल में बंद है। मालूम हो कि मनरेगा से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की टीम कई बिल्डर के ठिकानों पर भी छापेमारी कर चुकी है।

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