टीम एबीएन, बोकारो/रांची। झारखंड में बोकारो की एक अदालत में सोमवार को जानलेवा हमला करने के मामले में दोषी को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (चतुर्थ) योगेश कुमार सिंह की अदालत ने अभिमन्यु राठौर उर्फ मन्नत को एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने के आरोप में 20 साल का सश्रम कारावास और 10000 रुपए जुर्माना के अलावा भारतीय दंड विधान की धारा में 10 साल का सश्रम कारावास 10000 रुपए जुर्माना और तीन साल का सश्रम कारावास का सजा सुनाई है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी। विशेष लोक अभियोजक राकेश कुमार राय ने बताया कि बालीडीह थाना क्षेत्र के एक युवती के साथ उक्त अभियुक्त छेड़खानी कर रहा था। बीच-बचाव करने आए उसके भाई और पिता पर अभियुक्त ने जानलेवा हमला कर दिया। घटना 29 जून 2021 को घटी थी।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा को ईडी ने मंगलवार शाम गिरफ्तार किया। प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लांड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए पंकज मिश्रा को अपने कार्यालय में बुलाया था। सुबह करीब 11 बजे पंकज मिश्रा प्रवर्तन निदेशाल के सवालों का जवाब देने के लिए पहुंचे। दिनभर ईडी के अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की। शाम में इस बात की घोषणा हुई कि ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। पिछले कई दिनों से ईडी अधिकारी उन्हें पूछताछ के लिए बुला रहे थे, लेकिन वह बीमारी का हवाला देकर नहीं आ रहे थे। मंगलवार को अंतत: उन्हें पूछताछ के लिए ईडी कार्यालय आना पड़ा और उनकी गिरफ्तारी भी हो गई। पंकज मिश्रा के करीबी दाहू यादव और बच्चा यादव से भी ईडी के अधिकारी कई दिनों से पूछताछ कर रहे थे। सोमवार को ही ईडी कार्यालय के सूत्रों ने कहा था कि मंगलवार को पंकज मिश्रा से पहले पूछताछ होगी। इसके बाद पंकज मिश्रा को दाहू यादव और बच्चा यादव के सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी। मंगलवार को ऐसा ही हुआ। तीनों के बयान के बाद अंतत: ईडी ने पंकज मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। दाहू यादव और बच्चा यादव ने ईडी को जानकारी दी है कि उनके अवैध खनन मामलों तथा अन्य काले धंधों में पंकज मिश्रा की हिस्सेदारी है। पंकज मिश्रा इन दोनों के माध्यम से अपना काला धन खपाने का काम करते थे। दोनों ने ईडी के समक्ष खुलासा कर दिया है कि पंकज मिश्रा ने करोड़ों की संपत्ति निवेश की है।
टीम एबीएन, रांची। स्वच्छता रैंकिंग में बार-बार नंबर-1 आ रहे मध्य प्रदेश के इंदौर की तर्ज पर अब झारखंड में भी साफ-सफाई को लेकर कवायद शुरू कर दी गई है। बाजारों में सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम सख्ती के मूड में है। नगर विकास विभाग ने राज्य के सभी नगर निकायों को शहरों को साफ और स्वच्छ बनाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही सभी मकान मालिकों और दुकानदारों को अपने घर और दुकानों में डस्टबिन रखने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही निर्देश का पालन नहीं करने पर 1000 रुपए तक जुर्माना का प्रावधान भी किया है। एक तरफ जहां शहरों में गंदगी फैलाने पर 50 रुपए से लेकर 2500 रुपए तक के दंड का प्रावधान किया गया है तो वहीं दूसरी तरफ सरकारी भवनों और चौक-चौराहों पर पोस्टर चिपकाने या किसी भी तरह के स्लोगन लिखने पर 1500 रुपए का जुर्माना लगेगा। चाट, फास्ट फुड का ठेला लगाने वाले दुकानदारों द्वारा सड़क पर कचरा फेंकने पर 75 रुपए की राशि का भुगतान करना होगा। इसके साथ ही नगर विकास विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत सरकारी या आम रास्ता पर कब्ज़ा करना, रास्ते में कचरा फेंकना और खुले में शौच या पेशाब करना दंडनीय अपराध की श्रेणी में आएगा। नगर विकास विभाग ने नगर निकायों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि लोग कूड़ा, कूड़े वाली गाड़ी पर ही डालें। यदि किसी कारण कूड़े वाली गाड़ी समय पर नहीं आती है तो लोग सार्वजनिक कचरापेटी में ही कूड़ा डाले। किसी भी परिस्थिति में सड़क पर कचरा नहीं फेंका जाए। साथ ही नगर निकाय सफाई शुल्क का भुगतान, ट्रेड लाइसेंस और नगर निकाय होल्डिंग कर का भुगतान समय पर प्राप्त करने के लिए काम करें।
टीम एबीएन, रांची। निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल की जमानत याचिका पर मंगलवार को ईडी की विशेष अदालत में सुनवाई की जाएगी। इससे पहले हुई सुनवाई के दौरान पूजा सिंघल की ओर से याचिका पर बहस के लिए समय देने का आग्रह किया गया। कोर्ट ने उनके आग्रह को स्वीकार करते हुये अगली तिथि यानी 19 जुलाई निर्धारित की थी। बता दें कि निलंबित आईएएस पूजा सिंघल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। मई माह में ईडी की टीम ने उनके आवास सहित 25 ठिकानों पर छापा मारा था। इस छापेमारी में सीए सुमन कुमार के घर से 19 करोड़ से अधिक रुपये बरामद किये थे। पूजा सिंघल के खिलाफ ECIR 03/2018 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पिछले दिनों विशेष अदालत में पूजा सिंघल की ओर से जमानत याचिका दायर की गई, जिस पर 19 जुलाई को अदालत में सुनवाई होगी। इस मामले में कई जिलों के डीएमओ से भी पूछताछ हो चुकी है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले के आरोप में जेल में बंद निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल ने जमानत याचिका दाखिल की है। उन्होंने पीएमएलए कोर्ट के जज प्रभात कुमार शर्मा की अदालत में अपने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए जमानत याचिका दाखिल की है। ईडी ने निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल, उनके पति अभिषेक झा, सीए सुमन सिंह, खूंटी जिला परिषद के तत्कालिन कनीय अभियंता रामविनोद सिन्हा, तत्कालीन सहायक अभियंता राजेंद्र जैन, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता जयकिशोर चौधरी, खूंटी विशेष प्रमंडल के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता शशि प्रकाश के खिलाफ भी मनी लाउंड्रिंग की धारा 3, 4 और पीसी एक्ट की संगत धाराओं के तहत आरोप पत्र दाखिल की है। 5 जुलाई को ईडी की टीम ने तकरीबन 200 पन्नों की चार्जशीट ईडी के विशेष न्यायाधीश प्रभात कुमार शर्मा के कोर्ट में दायर की। वहीं, ईडी ने तकरीबन पांच हजार पन्नों से अधिक का साक्ष्य भी कोर्ट में जमा कराया है। ईडी के अधिकारी दो बक्सों में कागजात लेकर कोर्ट पहुंचे थे। आरोप पत्र में छह से 25 मई तक ईडी की ओर से की गयी कार्रवाई की जिक्र है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। इस सत्र में मोदी सरकार 24 बिल लाने की तैयारी कर रही है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि मानसून सत्र में केंद्र सरकार दोनों सदनों में 24 विधेयक ला सकती है। उधर, संसद के इस सत्र में सेंट्रल हॉल में राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों की एंट्री हो सकेगी। इनके अलावा मंत्रियों और पूर्व सांसद भी सेंट्रल हॉल से प्रवेश कर सकते हैं। क्या है लोकसभा और राज्यसभा में भाजपा का आंकड़ा : लोकसभा में भारतीय जनता पार्टी और अपने सहयोगी दलों के साथ आराम से विधेयक पास करा सकती है। लोकसभा में भाजपा के 303 सांसद हैं और सहयोगी दल अपना दल सोनेलाल के 2, जेडीयू के 16 सांसद हैं। वहीं, बीजेडी और वाइएसआरसीपी बाहर से समर्थन कर सकती हैं। इसके अलावा राज्यसभा में एनडीए के 120 सांसद हैं, इनमें अकेले भाजपा के 100 सांसद हैं। ऐसे में दोनों सदनों में सरकार को विधेयक पारित कराने में ज्यादा परेशानी नहीं होने वाली है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। सीएम के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा और उनके करीबी कहे जाने वाले दहू यादव के खातों को सीज कर दिया है। अलग-अलग बैंकों में 11 करोड़ 88 लाख रुपए जमा थे। इससे पहले पूजा सिंघल से जुड़े मनरेगा और मनी लांड्रिंग मामले में 19 करोड़ से ज्यादा रुपए जब्त हुए थे। इस पूरे प्रकरण में अबतक 36.58 करोड़ रुपए सीज किए हैं। पहली बार ईडी की ओर से इस बाबत जानकारी साझा की गई है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पंजाबी गायक दलेर मेहंदी को मानव तस्करी (कबूतरबाजी) के मामले में बड़ा झटका लगा है। दलेर मेहंदी की 2 साल की सजा को एडिशनल सेशन जज पटियाला कोर्ट ने बरकरार रखा है। दलेर मेहंदी के खिलाफ थाना सदर पटियाला की पुलिस ने 498 नंबर एफआईआर साल 2003 में दर्ज की थी। दलेर मेहंदी को निचली अदालत ने 2 साल की सुनाई थी तो इसके खिलाफ मेहंदी ने अपने वकील के जरिए एडिशनल सेशन जज की अदालत में अपील दायर की थी। क्या है मामला : बता दें कि मामला 2003 का है और केस का फैसला 15 साल बाद हुआ। दलेर मेहंदी को मानव तस्करी केस में 2 साल कैद की सजा सुनाई गई थी। आरोप है कि दलेर मेहंदी और उनके भाई शमशेर गैरकानूनी रूप से लोगों को विदेश भेजकर मोटी रकम लेते थे। मामले में दलेर मेहंदी और उनके भाई के खिलाफ कुल 31 केस दर्ज किए गए थे। पहला केस 2003 में अमेरिका में दर्ज किया गया था, क्योंकि ज्यादातर लोग अमेरिका ही भेजे गए थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सुप्रीम कोर्ट राम सेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग वाली भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर सुनवाई को तैयार हो गई है। शीर्ष कोर्ट याचिका की 26 जुलाई को सुनवाई करेगी। प्रधान न्यायाधीश एनवी रमण ने स्वामी की याचिका 26 जुलाई को सुनने का आश्वासन दिया। याचिका में सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया गया है कि वह केंद्र को "राम सेतु" को राष्ट्रीय विरासत स्मारक घोषित करने का निर्देश दे। एडम ब्रिज भी कहलाता है राम सेतु : राम सेतु को एडम्स ब्रिज के नाम से भी जाना जाता है। यह तमिलनाडु के दक्षिण-पूर्वी तट पर पंबन द्वीप और श्रीलंका के उत्तर-पश्चिमी तट पर मन्नार द्वीप के बीच चूना पत्थर की एक श्रृंखला है। सीजेआई ने ली चुटकी, बोले- इसे मेरे रिटायरमेंट के बाद सूचीबद्ध करें : सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण, जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने स्वामी की दलीलों पर गौर करते हुए कहा कि यह एक जरूरी और छोटा मामला है। इसके बाद सीजेआई रमण ने हल्के फुल्के मूड में स्वामी से कहा कि इसे मेरी सेवानिवृत्ति के बाद सूचीबद्ध किया जाए।हालांकि, सीजेआई ने बाद में इसे 26 जुलाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। केंद्र ने माना राम सेतु का अस्तित्व, पर आगे कुछ नहीं हुआ : भाजपा नेता स्वामी ने सुनवाई के दौरान कहा कि वे पहले ही मुकदमे का पहला दौर जीत चुके हैं। इसमें केंद्र ने राम सेतु के अस्तित्व को स्वीकार किया था। उन्होंने आगे कहा कि संबंधित केंद्रीय मंत्री ने उनकी मांग पर विचार करने के लिए 2017 में एक बैठक बुलाई थी, लेकिन बाद में कुछ नहीं हुआ। स्वामी ने यूपीए-1 सरकार द्वारा शुरू की गई विवादास्पद सेतुसमुद्रम शिप चैनल परियोजना के खिलाफ अपनी जनहित याचिका में राम सेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने का मुद्दा उठाया था।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने भगोड़े व्यवसायी विजय माल्या को अवमानना मामले में चार महीने की सजा सुनाई है। इसके साथ दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। कोर्ट ने जुर्माना न चुकाने पर दो महीने की अतिरिक्त कैद की सजा भी सुनाई है। इसके अलावा विदेश में ट्रांसफर किए गए 40 मिलियन डॉलर 4 हफ्ते में चुकाने के लिए भी कहा। शीर्ष अदालत ने माल्या को अदालत के आदेश का उल्लंघन करते हुए अपने बच्चों को चार करोड़ डॉलर हस्तांतरित करने के लिए अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया था। माल्या को संपत्ति का सही ब्यौरा न देने के लिए 2017 में अदालत के आदेशों की अवहेलना का दोषी माना गया था। कोर्ट के इस फैसले पर माल्या की ओर से दाखिल पुनर्विचार याचिका भी सुप्रीम कोर्ट खारिज कर चुका है। 10 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने विजय माल्या को अपने खिलाफ अवमानना मामले में व्यक्तिगत रूप से या वकील के माध्यम से पेश होने के लिए दो सप्ताह का अंतिम अवसर दिया था।
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