टीम एबीएन, पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) महासचिव एवं पूर्व विधायक भोला यादव की आज हुई गिरफ्तारी से पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें ब बढ़ सकती हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा बुधवार को नई दिल्ली से पूर्व विधायक को गिरफ्तार करने से सबसे ज्यादा राजद अध्यक्ष की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। राजद अध्यक्ष के हनुमान कहे जाने वाले भोला यादव के पटना, दरभंगा और नई दिल्ली स्थित ठिकानों पर सीबीआई और आयकर विभाग की कार्रवाई से पार्टी में जहां खलबली मच गई है वहीं लालू परिवार की चिंता भी बढ़ सकती हैं। दरअसल राजद अध्यक्ष और श्री यादव का करीबी रिश्ता रहा है। पूर्व विधायक उस दौर से राजद अध्यक्ष के साथ हैं जब श्री लालू प्रसाद यादव बिहार के मुख्यमंत्री हुआ करते थे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक प्रेमरंजन पटेल ने सीबीआई की कार्रवाई को लेकर आज कहा कि श्री यादव सिर्फ राजद अध्यक्ष के करीबी नहीं थे, उनके ओएसडी के पद पर भी थे। राजद अध्यक्ष जब रेल मंत्री के पद पर थे उस समय उनके सारे काम की जानकारी उन्हें (पूर्व विधायक) होती थी। जो बातें राजद अध्यक्ष के बारे में उनके परिवार को मालूम नहीं रहती थीं, वह पूर्व विधायक को जानकारी होती थी। जाहिर है जब मुखिया ही इस महापाप में शामिल रहे हैं तो उनके करीबी कैसे इससे बचे होंगे। अगर सीबीआई ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है, गिरफ्तार किया है तो निश्चित है उनके खिलाफ कुछ जानकारी मिली होगी।
टीम एबीएन, पटना/ रांची। बिहार के सियासी गलियारे से आ रही है जहां लालू प्रसाद यादव के बेहद करीबी और राजद के पूर्व विधायक भोला यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। भोला यादव की गिरफ्तारी केंद्रीय जांच एजेंसी CBI द्वारा दिल्ली में की गई है। CBI सूत्रों द्वारा औपचारिक तौर पर इस गिरफ्तारी की पुष्टि कर दी गई है। जमीन के बदले रेलवे में नौकरी देने संबंधित मामले में सीबीआई द्वारा ये पहली गिरफ्तारी की गई है। भोला यादव की गिरफ्तारी दिल्ली में हुई है। इसके साथ ही बुधवार को देश के अलग-अलग चार लोकेशनों पर CBI द्वारा छापेमारी की जा रही है। भोला यादव की दिल्ली में हुई गिरफ्तारी के बाद बिहार के दरभंगा जिला स्थित उनके आवास पर छापेमारी की भी खबरें सामने आ रही हैं। भोला यादव लालू प्रसाद और उनके परिवार के बेहद खास हैं। 2004 से लेकर 2009 तक वो लालू यादव के ओएसडी के रूप में काम कर रहे थे। भोला यादव की गिरफ्तारी इसी आधार पर हुई है। भोला यादव लालू के सबसे करीबी नेताओ में से एक हैं। वो लालू प्रसाद के साथ घर से लेकर अस्पताल तक में देखे जाते हैं। लालू परिवार में भी भोला यादव की खास अहमियत है। भोला यादव 2015 में दरभंगा के बहादुरपुर के विधायक थे लेकिन 2020 के चुनाव में हायाघाट से उनको हार मिली थी। 53 साल के भोला यादव द्वारा निर्वाचन आयोग में घोषित एफिडेविट में कुल घोषित आय- 3.4 करोड़ रुपए है, उनकी चल संपत्ति 98.7 लाख, अचल संपत्ति 2.4 करोड़, कुल आय 13.50 लाख रुपए है। सीबीआई की टीम भोला यादव के अनीसाबाद पटना के फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित मकान में भी छापेमारी कर रही है।
टीम एबीएन, रांची। राज्य में अवैध खनन और टेंडर मैनेज कर अवैध कमाई करने और मनी लाउंड्रिंग के मामले की जांच कर रही ईडी ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रेस एडवाइजर अभिषेक श्रीवास्तव उर्फ पिंटू को भी समन जारी किया है। ईडी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पिंटू को ईडी ने मंगलवार को ही समन जारी किया है। जानकारी के अनुसार अभिषेक श्रीवास्तव उर्फ पिंटू को एक अगस्त को ईडी कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। वहीं भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सीएम के प्रेस सलाहकार को ईडी के नोटिस को लेकर ट्वीट किया है। उन्होंने कहा है कि ‘आखिर मुख्यमंत्री दरवाजे तक ईडी पहुंच गई। गीदड़ भभकी गायब पार्टी महासचिव विधायक प्रतिनिधि पंकज के बाद अब प्रेस सलाहकार पिंटू यानि शकुनि भी, वाह रे संसार...’
टीम एबीएन, रांची। अवैध खनन और टेंडर मैनेज करने से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बरहेट विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। गिरफ्तारी के बाद ईडी ने पंकज मिश्रा को 6 दिनों के रिमांड पर लिया था। मंगलवार को 6 दिन की अवधि पूरी हो गई है। इसके बाद पंकज मिश्रा को अदालत में पेश किया जाएगा। वहीं, जेल में बंद निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल की जमानत याचिका पर भी सुनवाई होनी है। पंकज मिश्रा की ईडी कोर्ट में पेशी मंगलवार को होगी। ईडी अधिकारी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पंकज मिश्रा से पूछताछ के लिए अभी और समय चाहिए। ऐसा माना जा रहा है कि अदालत में पेश करने के बाद ईडी के अधिकारी पंकज मिश्रा की रिमांड अवधि बढ़ाने के लिए अदालत से आग्रह करेंगे। वहीं दूसरी तरफ मनी लांड्रिंग के आरोप में जेल में बंद निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल की जमानत याचिका पर भी सुनवाई होगी। पिछली दो सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने ईडी द्वारा दाखिल चार्जशीट की सर्टिफाइड कॉपी प्राप्त करने का समय लिया था। उन्होंने खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर जमानत याचिका दायर की है। बता दें कि निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल पिछले 25 मई से बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में बंद हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को नोटिस जारी किया है। साथ ही उनकी याचिका पर आम्रपाली समूह के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा शुरू की गई मध्यस्थता की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। मध्यस्थता का आदेश दिल्ली हाई कोर्ट ने धोनी की अर्जी पर ही दिया था। बता दें, आम्रपाली ग्रुप और धोनी के बीच लेन-देन का एक मामला चल रहा है, जिसको लेकर सर्वोच्च अदालत में सुनवाई हुई। आम्रपाली ग्रुप के ब्रांड एम्बेसडर रहे धोनी की यह लेनदेन करीब 150 करोड़ रुपये की है। धोनी ने दिल्ली हाई कोर्ट में अर्जी दी थी कि आम्रपाली ग्रुप ने उनकी फीस नहीं दी है। उन्होंने हाई कोर्ट से इस मामले में मध्यस्थता की मांग की थी, लेकिन धोनी की उस अर्जी के बाद आम्रपाली ग्रुप सुप्रीम कोर्ट चला गया। उसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने धोनी को नोटिस भेजा है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान पीड़ितों की तरफ से यह कहा गया है कि एक तरफ फंड की कमी की वजह से लोगों को फ्लैट नहीं मिल पा रहा है, दूसरी तरफ धोनी 150 करोड़ रुपये की मांग करते हुए मामला मध्यस्थ कमेटी के पास ले गए हैं। अगर इस मामले में मध्यस्थ कमेटी धोनी के पक्ष में आदेश दे देती है तो आम्रपाली को 150 करोड़ रुपये देने पड़ेंगे, जिससे फ्लैट खरीदारों को फ्लैट मिलना मुश्किल हो जायेगा। पीड़ितों का कहना है कि दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा जिस कमेटी का गठन किया गया है, उसके सामने धोनी अपने बकाए 150 करोड़ रुपये का मामला ले गए हैं। अब पीड़ितों की ओर से तर्क दिया गया है कि अगर आम्रपाली ग्रुप धोनी के बकाये को देने में पैसे खर्च करेगा तो उनके फ्लैट नहीं मिल पाएंगे। इसी बाबत अब सुप्रीम कोर्ट ने महेंद्र सिंह धोनी और आम्रपाली ग्रुप को नोटिस जारी किया है और अपना पक्ष रखने को कहा है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने चार सहकारी बैंकों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। इसमें ग्राहकों के अपने बैंक खातों से पैसा निकालने की सीमा लगाना शामिल है। इन बैंकों की बिगड़ती आर्थिक स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। आरबीआई के अनुसार, साईबाबा जनता सहकारी बैंक, द सूरी फ्रेंड्स यूनियन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सूरी (पश्चिम बंगाल) और बहराइच के नेशनल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर प्रतिबंध लगाया गया है। आदेश के मुताबिक, साईबाबा जनता सहकारी बैंक के जमाकर्ता 20,000 रुपए से अधिक नहीं निकाल सकते है। जबकि सूरी फ्रेंड्स यूनियन को-ऑपरेटिव बैंक के लिए यह सीमा 50,000 रुपए है। इसी तरह, नेशनल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के मामले में निकासी की सीमा प्रति ग्राहक 10,000 रुपए कर दी गई है। आरबीआई ने बिजनौर स्थित यूनाइटेड इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर भी कई प्रतिबंध समेत ग्राहकों द्वारा धन निकासी पर रोक लगा दी है। केंद्रीय बैंक द्वारा चार सहकारी बैंकों को यह निर्देश बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के तहत जारी किये गए है, जो छह महीने तक लागू रहेंगे। रिजर्व बैंक ने एक अन्य बयान में कहा कि उसने सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक पर धोखाधड़ी से संबंधित कुछ मानदंडों के उल्लंघन को लेकर 57.75 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार कर लिया। बताया गया है कि उन्हें शिक्षक भर्ती घोटाले के मामले में अरेस्ट किया गया है। इसके बाद उन्हें स्थानीय अदालत के सामने पेश करने के लिए ले जाया गया। एक दिन पहले ही उनकी करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के घर पर भी ईडी की रेड पड़ी थी। इस छापे में करीब 20 करोड़ रुपये मिलने का दावा हुआ था। बताया जा रहा है कि मामले में मजिस्ट्रेट नीलम शशि कुजूर ने कोलकाता के बैंकशाल कोर्ट में सुनवाई की। हालांकि, पार्थ को मजिस्ट्रेट के सामने पेश नहीं किया गया। मजिस्ट्रेट ने कहा कि चूंकि यह एक विशेष मामला है, यह इस अदालत के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। इसके बाद कोर्ट ने पार्थ को दो दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया। अब पार्थ चटर्जी सोमवार को सुबह 10.30 बजे विशेष अदालत में पेश किया जायेगा। मेरे मुवक्किल के आवास से कोई पैसा बरामद नहीं हुआ : पार्थ के वकील- पार्थ चटर्जी के वकील ने कहा कि मेरे मुवक्किल के आवास से कोई पैसा बरामद नहीं हुआ और न ही उन्हें गिरफ्तार करने के लिए कोई विशेष अनुमति ली गई क्योंकि वे एक लोक सेवक है। प्राथमिक अपराधों में जब भी बुलाया गया वे पेश हुए लेकिन इस बार समन नहीं आया। गौरतलब है कि ईडी के अधिकारियों ने कथित शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में चटर्जी से शुक्रवार को रातभर पूछताछ की। एजेंसी के अधिकारियों ने चटर्जी से आवास पर शुक्रवार सुबह आठ बजे से उनसे पूछताछ शुरू की थी, इसके बाद आज उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। जब यह कथित घोटाला हुआ था, तब चटर्जी राज्य के शिक्षा मंत्री थे। प्रवर्तन निदेशालय इस घोटाले में कथित रूप में शामिल लोगों के खिलाफ धनशोधन संबंधी पहलू की जांच कर रहा है। पार्थ चटर्जी अभी उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री हैं। सीबीआई दो बार उनसे पूछताछ कर चुकी है। पहली बार 25 अप्रैल को और दूसरी बार 18 मई को पूछताछ की गई थी। पश्चिम बंगाल के शिक्षा राज्यमंत्री अधिकारी से भी सीबीआई पूछताछ कर चुकी है। इसके अलावा उनकी बेटी स्कूल शिक्षक की अपनी नौकरी गंवा चुकी हैं। क्या बोले टीएमसी नेता : तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, हम हालात पर निकटता से नजर रख रहे हैं। हम उचित समय पर इस मामले पर बयान जारी करेंगे। इस बीच, विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय को विधानसभा के किसी सदस्य को गिरफ्तार करने से पहले अध्यक्ष को इसके बारे में सूचित करना चाहिए। उन्होंने कहा, ईडी या सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) को किसी भी सांसद या विधायक को गिरफ्तार करते समय लोकसभा या विधानसभा के अध्यक्ष को सूचित करना होता है। यह संवैधानिक नियम है, लेकिन चटर्जी की गिरफ्तारी के बारे में ईडी से मुझे कोई सूचना नहीं मिली। एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि ईडी ने चटर्जी की करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को भी हिरासत में ले लिया जिनके एक परिसर से 21 करोड़ रुपये नकद राशि जब्त की गई थी। अफसर ने कहा, चटर्जी हमारे अधिकारियों के साथ सहयोग नहीं कर रहे थे जो उनसे शुक्रवार सुबह से पूछताछ कर रहे थे। उन्हें दिन में एक अदालत में पेश किया जायेगा। मंत्री की करीबी सहयोगी के घर मिले 20 करोड़ रुपये : जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के घर पर भी ईडी ने छापा मारा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान ईडी ने करीब 20 करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं। इस कार्रवाई की जो तस्वीर सामने आई है, उसमें 500 रुपये और 2000 रुपये के नोटों का एक बड़ा पहाड़ देखने को मिल रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अर्पिता के अलावा ईडी ने कई और ठिकानों पर छापे मारे हैं। इस सूची में मंत्री पार्थ चैटर्जी, माणिक भट्टाचार्य, आलोक कुमार सरकार, कल्याण मॉय गांगुली जैसे नाम शामिल बताए गए हैं। बताया जा रहा है कि इतनी बड़ी जब्ती के बाद आरबीआई का एक ट्रक अर्पिता के घर पर पहुंचा है। ट्रक में कई सील बंद ट्रंक रखे गए हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को कहा कि उसने कथित शिक्षक भर्ती घोटाले में पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी की एक करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के परिसरों पर छापेमारी में 20 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की है। ईडी ने एक बयान में कहा, इस धन के एसएससी घोटाले से जुड़े होने का संदेह है। नोट गिनने वाली मशीन के माध्यम से नकदी की गिनती के लिए जांच टीम बैंक अधिकारियों की मदद ले रही है। ईडी ने कहा कि अर्पिता मुखर्जी के परिसर से 20 से अधिक मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं, जिसके उद्देश्य और उपयोग का पता लगाया जा रहा है। बयान में कहा गया कि ईडी ने चटर्जी के अलावा शिक्षा राज्य मंत्री परेश सी अधिकारी, विधायक माणिक भट्टाचार्य और अन्य के परिसरों पर छापा मारा।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में रांची स्थित ईडी की विशेष अदालत ने निलंबित आईएएस पूजा सिंघल के पति और पल्स अस्पताल के मालिक अभिषेक झा, सीए सुमन कुमार, जेई राम विनोद सिंह, राजेंद्र जैन, जय किशोर चौधरी और शशि प्रकाश के खिलाफ दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया। ईडी की स्पेशल कोर्ट ने इन सभी आरोपियों के विरुद्ध समन जारी किया है, जिसके बाद इन लोगों की मुश्किलें बढ़ गयी है। कोर्ट ने जिन आरोपियों के विरुद्ध समन जारी किया है, उन्हें 3 अगस्त तक कोर्ट के समक्ष उपस्थित होना है। मनरेगा घोटाले मामले में ईडी ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। ईडी की ओर से कोर्ट में करीब 5000 पन्नों में चार्जशीट दाखिल की गई है। जिसमें पूजा सिंघल से जुड़े नेक्सस के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी है, साथ ही इस केस से जुड़ कई अहम जानकारियां भी दी गई है। गौरतलब है कि ईडी ने 5 मई को पूजा सिंघल के 25 ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसके बाद पूजा सिंघल और सीएम सुमन सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। ईडी ने छापेमारी के दौरान सुमन सिंह के आवास और कार्यालय से 19.31 करोड़ रुपए की बरामदगी भी हुई थी।
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