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सीएम के सलाहकार अभिषेक पिंटू ने ईडी अधिकारियों से मांगा और समय
Published / 2022-08-01 17:59:27
सीएम के सलाहकार अभिषेक पिंटू ने ईडी अधिकारियों से मांगा और समय

टीम एबीएन, रांची। अवैध खनन और गलत तरीके से लीज पट्टा आवंटित कराने के मामले को लेकर ईडी के अधिकारी राजधानी रांची सहित विभिन्न जिलों में छापेमारी कर रहे हैं। इसी को लेकर राज्य के कई नामी-गिरामी चेहरों से पूछताछ हो रही है। इस कड़ी में कई लोग गिरफ्तार भी किए गए हैं। इस कड़ी में ईडी ने मुख्यमंत्री के प्रेस सलाहकार अभिषेक कुमार पिंटू को भी समन भेजकर सोमवार को बुलाया था, लेकिन सोमवार शाम तक पिंटू ईडी दफ्तर नहीं पहुंचे। हालांकि कहा जा रहा है कि पिंटू ने पूछताछ के लिए ईडी दफ्तर आने के लिए छह अगस्त का समय लिया है। बता दें कि झारखंड में अवैध खनन, मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रही ईडी अभी तक मुख्यमंत्री के करीबी पंकज मिश्रा, आईएएस पूजा सिंघल आदि को गिरफ्तार कर चुकी है। इसी के साथ इनकी पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर कुछ और लोगों से पूछताछ कर रही है। इस कड़ी में ईडी ने समन जारी कर मुख्यमंत्री के प्रेस सलाहकार अभिषेक कुमार पिंटू को भी पूछताछ के लिए बुलाया था। लेकिन अभिषेक कुमार पिंटू ईडी दफ्तर सोमवार को देर शाम तक नहीं पहुंचे। हालांकि अनुमान लगाया जा रहा था कि अभिषेक कुमार पिंटू ईडी दफ्तर पहुंचेंगे, जिसके बाद कई बड़ी शख्सियत के नाम सामने आ सकते हैं। ईडी के अधिकारियों से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने कैमरे पर कुछ भी बोलने से साफ मना कर दिया। हालांकि विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली है कि अभिषेक कुमार पिंटू ने 6 अगस्त का समय लिया है और यह उम्मीद जताई जा रही है अगली तारीख तक ईडी दफ्तर मैं अभिषेक कुमार पिंटू पहुंच सकते हैं।

झारखंड कैश कांड : तीनों कांग्रेस विधायक 10 दिन की रिमांड पर, अब तक 5 लोग धराये
Published / 2022-07-31 17:02:41
झारखंड कैश कांड : तीनों कांग्रेस विधायक 10 दिन की रिमांड पर, अब तक 5 लोग धराये

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बंगाल पुलिस ने शनिवार को हावड़ा में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक गाड़ी से भारी मात्रा में कैश बरामद किया था। इस गाड़ी में झारखंड के तीन कांग्रेस विधायक भी सवार थे। जिनकी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। रविवार को पहले पार्टी ने उन्हें सस्पेंड कर दिया, तो वहीं अब उन्हें हावड़ा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सभी को रविवार को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने विधायकों को पुलिस रिमांड पर भेज दिया। भारी मात्रा में नकदी के साथ पकड़े गए झारखंड के तीनों विधायकों को पहले मेडिकल परीक्षण के लिए ले जाया गया। बाद में इन लोगों को एक अदालत में पेश किया गया। हावड़ा जिला अदालत ने तीनों विधायकों को 10 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने का निर्देश दिया।इससे पहले हावड़ा ग्रामीण की एसपी स्वाति भंगालिया ने बताया, गाड़ी से भारी मात्रा में कैश मिलने के बाद कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जिसमें झारखंड के तीन विधायक भी शामिल हैं। कैश का कोई कानूनी हिसाब नहीं था, इस वजह से उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। साथ ही उन्हें रविवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके बाद पुलिस आगे की जांच करेगी।वहीं झारखंड में बेरमो निर्वाचन क्षेत्र के विधायक जयमंगल सिंह ने एक शिकायत पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने कहा कि पकड़े गए तीन विधायकों को गुवाहाटी जाना था। वहां पर वो असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा से मिलते। सिंह ने आगे कहा कि हेमंत सोरेन सरकार को गिराने के लिए प्रति विधायक 10 करोड़ का ऑफर दिया गया था। इसके अलावा मंत्री पद का भी आश्वसन मिला था।

आईएसआईएस : एनआईए की 6 राज्यों के 13 परिसरों में दबिश, आपत्तिजनक दस्तावेज-सामग्री बरामद
Published / 2022-07-31 12:12:26
आईएसआईएस : एनआईए की 6 राज्यों के 13 परिसरों में दबिश, आपत्तिजनक दस्तावेज-सामग्री बरामद

एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आज आईएसआईएस की गतिविधियों से संबंधित मामले में 6 राज्यों में संदिग्धों के 13 परिसरों की तलाशी ली। एनआईए की तलाशी में आपत्तिजनक दस्तावेज और सामग्री जब्त की गई है। एनआईए की ये तलाशी आईएसआईएस माड्यूल केस (आरसी-26/2022/ एनआईए-डीएलआइ) के सिलसिले में हुई है। एनआईए के ट्विटर पर शेयर की गई जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने मध्य प्रदेश के भोपाल और रायसेन जिलों, गुजरात के भड़ौच, सूरत, नवसारी और अहमदाबाद जिलों, बिहार के अररिया जिले, कर्नाटक के भटकल और तुमकुर जिलों, महाराष्ट्र के नांदेड़ और कोल्हापुर जिलों और उत्तर प्रदेश के देवबंद में आईएसआईएस की गतिविधियों से संबंधित मामले में संदिग्धों के परिसरों की तलाशी ली है। एनआईए दिनांक 25.06.2022 को आईपीसी की धारा 153 ए, 153 बी और यूए (पी) एक्ट की धारा 18, 18बी, 38, 39 और 40 के तहत मामला दर्ज किया था। एनआईए की आज ली गई तलाशी में आपत्तिजनक दस्तावेज और सामग्री जब्त की गई है। इस मामले की जांच आगे जारी है।

एचईसी और अन्य बकायेदारों की बत्ती गुल करेगा जेबीवीएनएल
Published / 2022-07-30 15:07:46
एचईसी और अन्य बकायेदारों की बत्ती गुल करेगा जेबीवीएनएल

टीम एबीएन रांची। बकाया बिजली बिल वसूली को लेकर झारखंड बिजली वितरण निगम एक्शन में है। जेबीवीएनएल ने एचईसी सहित बड़े बकायादारों को नोटिस जारी कर बकाया बिजली बिल नहीं देने पर बिजली कनेक्शन काटने की धमकी दी है। रांची डिवीजन में फिलहाल 88 डिफॉल्टर हैं, ऐसे में अब बिजली बिल का भुगतान न करने पर इनकी बिजली आपूर्ति रोकी जा सकती है। बिजली बिल बकाया वसूली को लेकर झारखंड बिजली वितरण निगम एक्शन में है। इस कड़ी में वित्तीय कमी से जूझ रहे झारखंड बिजली वितरण निगम ने बड़े बकायदारों पर कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। विभाग द्वारा एचईसी सहित वैसे बकायादारों को नोटिस भेजा है जिनके ऊपर एक लाख से ज्यादा का बिजली बिल बकाया है। विभाग ने इसके लिए रांची सहित राज्य के अन्य जिलों में विशेष अभियान चलाकर राजस्व वसूली पर जोर दिया गया है। रांची प्रक्षेत्र के कार्यपालक अभियंता दिनेश्वर कुमार सिंह के अनुसार ऐसे उपभोक्ता जिन पर एक लाख से ज्यादा का बिजली बिल बकाया है उन्हें चिन्हित कर नोटिस भेजा गया है। रांची डिवीजन में करीब 600 एचटी कन्ज्यूमर हैं जिसमें से 88 डिफॉल्टर हैं। ऐसे उपभोक्ताओं के बिजली बिल जमा नहीं करने पर लाइन काटने का स्पष्ट निर्देश जेई को दिया गया है। वित्तीय घाटे को कम करने के लिए जेबीवीएनएल ने राजस्व संग्रह पर जोर देना शुरू कर दिया है। इसके तहत बड़े बकायादारों को चिन्हित कर कार्रवाई करने की तैयारी की गई है। इस सूची का बड़ा बकायेदार एचईसी है, जिस पर बिजली विभाग का 160 करोड़ बकाया है। जेबीवीएनएल ने एचईसी को बिजली बिल जमा करने को कहा है। बिजली विभाग द्वारा नोटिस मिलने के बाद एचईसी से विभाग की बातचीत हुई है।

अब हर तंबाकू उत्पाद के पैकेट पर नई चेतावनी
Published / 2022-07-29 13:22:53
अब हर तंबाकू उत्पाद के पैकेट पर नई चेतावनी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सरकार ने हर प्रकार के तंबाकू उत्पाद के पैकेट पर नयी तरह से चेतावनी छापने के लिए निर्देश जारी किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने शुक्रवार को यहां बताया कि हर प्रकार के तंबाकू उत्पादों के पैकेटों पर स्वास्थ्य चेतावनी के एक नये स्वरूप को अधिसूचित कर दिया है। इसके लिए सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद (पैकेजिंग और लेबलिंग) नियम, 2008 में संशोधन किया गया है। अधिसूचना के साथ स्वास्थ्य चेतावनी की सॉफ्ट या प्रिंट करने वाली प्रतियां 19 भाषाओं में मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। इसके अनुसार एक दिसंबर, 2022 को या उसके बाद सभी तम्बाकू उत्पादों की पैकेजिंग एक विशेष फोटो के साथ ‘तंबाकू यानी दर्दनाक मौत’ नामक स्वास्थ्य चेतावनी छापनी होगी। जिन उत्पादों की पैकेजिंग एक दिसंबर, 2023 को या उसके बाद होगी, उन सब पर एक अन्य फोटो के साथ ‘तंबाकू सेवन यानी अकाल मृत्यु’ नामक स्वास्थ्य चेतावनी छापनी होगी। चेतावनी के साथ छापने के लिए सरकार ने विशेष फोटो जारी किये हैं। अधिसूचना में कहा गया है कि संबंधित प्रावधान का उल्लंघन दंडनीय अपराध है, जिसके लिए कारावास या जुर्माने का प्रावधान है।

सीएम के प्रेस सलाहकार पिंटू के पत्थर खदान की जांच करने साहिबगंज पहुंची ईडी
Published / 2022-07-29 03:32:46
सीएम के प्रेस सलाहकार पिंटू के पत्थर खदान की जांच करने साहिबगंज पहुंची ईडी

टीम एबीएन, साहिबगंज/रांची। अवैध पत्थर खनन और परिवहन की जांच कर रही ईडी की टीम गुरुवार को चौथे दिन भी साहिबगंज में जमी हुई है। टीम सुबह ही मिर्जाचौकी पहुंची और ड्रोन कैमरे से खदानों का सर्वे शुरू किया। दुर्गम इलाका होने और नेटवर्क न होने से ईडी के अधिकारियों को थोड़ी परेशानी भी हो रही है। ईडी की टीम पकड़िया, दामिनभिट्ठा और सुंदरे मौजा की तस्वीर ड्रोन से ली गई है, ईडी के अधिकारी पैदल ही पहाड़ों के खाक छान रहे हैं। इन इलाकों में टिंकल भगत, पतरू सिंह, राजेश जायसवाल, अभिषेक प्रसाद की पत्थर खदान है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद का पत्थर खदान पकड़िया मौजा में है। ईडी की टीम सबसे पहले टिंकल भगत की पत्थर खदान में पहुंची और वहां की तस्वीरें ली। ईडी के अधिकारी टिंकल भगत के खदान के बाद पतरू सिंह के पत्थर खदान पहुंचे और ड्रोन से तस्वीर लेने के बाद जरूरत के अनुसार पत्थर खदानों की मापी करायी जाएगी। सूत्रों की मानें तो अभिषेक प्रसाद के पत्थर खदान में अभी पत्थर निकालने का काम शुरू नहीं हो पाया था। अभी उसकी साफ-सफाई ही कराई जा रही थी। ईडी की जांच-पड़ताल के बाद फिलहाल काम बंद है। ये वही पत्थर व्यवसायी हैं जिनके घर ईडी ने 8 जुलाई को छापा मारा था। ईडी की टीम ड्रोन कैमरा की सहायता से पहाड़ों पर अवैध खनन तक पहुंच रही है। पहाड़ में नेटवर्क की समस्या है इसलिए ईडी नए तरकीब से काम कर रही है। ईडी की टीम मुख्यमंत्री के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद उर्फ पिंटू के माइंस तक पहुंच चुकी है, जल्द साफ सफाई कर मापी कराई जाएगी।

जज उत्तम आनंद हत्याकांड : आरोपी लखन वर्मा और राहुल वर्मा दोषी करार
Published / 2022-07-28 17:30:50
जज उत्तम आनंद हत्याकांड : आरोपी लखन वर्मा और राहुल वर्मा दोषी करार

टीम एबीएन, धनबाद/ रांची। जज उत्तम आनंद हत्याकांड में कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। सीबीआई की विशेष अदालत में मामले की सुनवाई चली। कोर्ट ने ठीक एक साल के बाद जज उत्तम आनंद मामले में अपना फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी लखन वर्मा और राहुल वर्मा को धारा 302 और 201 में दोषी करार दिया है। 6 अगस्त को अदालत सजा के बिंदु पर अपना फैसला देगी। 28 जुलाई 2021 को सुबह न्यायाधीश उत्तम आनंद को आॅटो ने टक्कर मार दी थी। जिसके बाद जज उत्तम आनंद की मौत हो गई थी, धनबाद के सीबीआई के विशेष न्यायाधीश रजनीकांत पाठक की अदालत में इस मामले का स्पीडी ट्रायल हुआ। पांच महीने में 58 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अदालत ने मंगलवार को सुनवाई के बाद 28 जुलाई 2022 की तारीख जजमेंट के लिए निर्धारित कर दी थी। सुनवाई के दौरान सीबीआई की क्राइम ब्रांच के स्पेशल पीपी अमित जिंदल ने आरोप पत्र के कुल 169 गवाहों में से 58 गवाहों का बयान दर्ज कराया था। सीबीआई ने दावा किया है कि आरोपित लखन वर्मा एवं राहुल वर्मा ने जानबूझकर जज उत्तम आनंद को टक्कर मारी थी जिनसे उनकी मौत हुई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अष्टम उत्तम आनंद हर दिन की तरह बुधवार को भी मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। इसी दौरान एक आॅटो ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गए। बाद में वहां से गुजर रहे दूसरे आॅटो चालक ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें उन्हें एक आॅटो टक्कर मारते दिख रहा है। उत्तम आनंद चर्चित रंजय हत्याकांड की सुनवाई कर रहे थे। न्यायाधीश उत्तम आनंद ने छह महीने पहले ही जिला एवं सत्र न्यायाधीश अष्टम के पद पर ज्वाइन किया था। इससे पहले वे बोकारो के जिला एवं सत्र न्यायाधीश थे। वे चर्चित रंजय सिंह हत्याकांड की सुनवाई कर रहे थे। रंजय सिंह धनबाद के बाहुबली नेता और झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह के काफी करीबी माने जाते थे। कुछ दिन पहले ही शूटर अभिनव सिंह और अमन का गुर्गा रवि ठाकुर की जमानत याचिका उन्होंने खारिज कर दी थी। आशंका जताई जा रही है कि रंजय सिंह हत्याकांड मामले में ही उनकी हत्या की गई है। झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह के करीबी माने जाने वाले रंजय सिंह की हत्या 29 जनवरी 2017 में धनबाद-गोविंदपुर मुख्य मार्ग पर चाणक्य नगर के मुख्य दरवाजे पर शाम में लगभग 5:30 बजे कर दी गई थी। माना जा रहा है कि इसी के प्रतिशोध में 21 मार्च 2017 को डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या की गई थी। नीरज सिंह की हत्या स्टील गेट के पास कोयला भवन जाने वाले मुख्य चौराहे पर धनबाद- गोविंदपुर मुख्य मार्ग पर हुई थी। इस हत्याकांड में नीरज सिंह सहित चार लोगों की मौत हुई थी।

17 वर्ष के युवा भी कर सकते हैं मतदाता सूची के लिए अग्रिम आवेदन : आयोग
Published / 2022-07-28 17:27:01
17 वर्ष के युवा भी कर सकते हैं मतदाता सूची के लिए अग्रिम आवेदन : आयोग

एबीएन सेंट्रल डेस्क। चुनाव आयोग ने कहा है कि सत्रह वर्ष के अधिक उम्र के युवा अब अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने के लिए अग्रिम रूप से आवेदन कर सकते हैं और अब इसके लिए उन्हें किसी वर्ष की एक जनवरी को 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने के पूर्व अपेक्षित मानदंड की प्रतीक्षा करने की जरूरत नहीं है। आयोग की गुरुवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार और निर्वाचन आयुक्त अनूप चंद पाण्डेय के नेतृत्व में निर्वाचन आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों और सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को इस तरह के प्रौद्योगिकी-सक्षम समाधान तैयार करने के निर्देश दिये गये हैं। निर्देश में कहा गया है कि युवाओं को न केवल एक जनवरी को बल्कि एक अप्रैल, एक जुलाई और एक अक्टूबर के संदर्भ में भी अपने अग्रिम आवेदन दाखिल करने की सुविधा मिल सकेगी। अब निर्वाचक नामावली प्रत्येक तिमाही में अद्यतन की जाएगी और पात्र युवाओं को उस वर्ष की अगली तिमाही में पंजीकृत किया जा सकता है जिसमें उन्होंने 18 वर्ष की पात्रता आयु पूरी कर ली होगी। पंजीकरण करवाने के बाद उन्हें निर्वाचक फोटो पहचान पत्र (एपिक) जारी किया जाएगा। निर्वाचक नामावली, 2023 के वार्षिक पुनरीक्षण के चालू राउंड के लिए वर्ष 2023 के एक अप्रैल, एक जुलाई और एक अक्टूबर तक 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने वाला कोई भी नागरिक मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए निर्वाचक नामावली के प्रारूप प्रकाशन की तारीख से अग्रिम आवेदन जमा कर सकता है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 14(ख) में विधिक संशोधनों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 में किए गए परिणामी संशोधनों के अनुसरण में, निर्वाचन आयोग ने विधानसभा / संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावली को तैयार करने / उसका पुनरीक्षण करने के लिए आवश्यक परिवर्तन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। निर्वाचन आयोग की अनुशंसा पर विधि एवं न्याय मंत्रालय ने हाल ही में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम में संशोधन किया है, जिसमें निर्वाचक नामावलियों में युवाओं के लिए पंजीकृत होने की पात्रता के लिए केवल एक जनवरी की पूर्ववर्ती सिर्फ एक अर्हक तिथि की पुरानी व्यवस्था के उलट चार अर्हक तिथियों अर्थात एक जनवरी, एक अप्रैल, एक जुलाई और एक अक्टूबर का उपबंध किया गया है।

ईडी ने जब्त किया खनन माफियाओं का 30 करोड़ का पानी का जहाज
Published / 2022-07-27 17:14:53
ईडी ने जब्त किया खनन माफियाओं का 30 करोड़ का पानी का जहाज

टीम एबीएन, रांची। ईडी ने झारखंड में अवैध खनन माफिया पर कार्रवाई करते हुए पानी के जहाज को जब्त किया है, जिसकी मदद से अवैध खनन माफिया खनन कर पत्थरों को राज्य से बाहर ले जा रहे थे। जब्त जहाज की कीमत 30 करोड़ रुपये है और इसे पश्चिम बंगाल में रजिस्टर्ड करवाया गया था, लेकिन झारखंड में चलाने की किसी तरह की इजाजत नहीं थी। इस जहाज को पंकज मिश्रा के करीबी राजेश यादव उर्फ दाहू यादव के आदमी अवैध खनन को ट्रांस्पोर्ट के लिए इस्तेमाल कर रहे थे। अवैध खनन माफियाओं पर नकेल कसने की तैयारी प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी झारखंड सरकार के प्रदूषण विभाग की टीम के साथ साहेबगंज इलाके में 25 जुलाई से सर्वे और जांच कर रही थी; ताकि उस इलाके में चल रही अवैध खनन माफियाओं पर नकेल कसी जा सके। एजेंसी ने साहेबगंज के मौजा सिमारिया इलाके में माइन का पता लगाया, जहां से अवैध खनन किया जा रहा था। इसके अलावा मौजा डेंबा इलाके में सरकारी मंजूरी वाले इलाके से ज्यादा जगह को घेर कर अवैध खनन किया जा रहा था। इस अवैध खनन को बिष्णु यादव और उसके आदमी कर रहे थे। अभी तक की जांच के मुताबिक आरोपी 37.5 मिलियन क्यूबिक फीट अवैध खनन कर चुके हैं जिसकी कीमत करीब 45 करोड़ रुपये है। एजेंसी ने इलाके से अवैध तरीके से खनन में इस्तेमाल दो स्टोन क्रैशर जब्त किए हैं, जिसे बिष्णु यादव और पवित्रा यादव मां अम्बे स्टेन वर्क्स के नाम से इस्तेमाल कर रहे थे। इसके अलावा तीन ट्रक भी जब्त किए हैं जो इन पत्थरों को जहाज तक पहुंचा रहे थे। इन लोगों के खिलाफ मामले दर्ज : इस मामले में झारखंड पुलिस ने दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। पहला मामला पानी के जहाज के मालिक के खिलाफ दर्ज किया गया है जो अवैध खनन को अवैध तरीक से झारखंड से बाहर ले जाने के लिए जहाज का इस्तेमाल कर रहा था और दूसरा मामला अवैध खनन से जुड़ा है। इस छापेमारी के बाद 19 जुलाई को पंकज मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया, जो फिलहाल 1 अगस्त तक ईडी की हिरासत में हैं। पंकज मिश्रा झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी हैं और उनके राजनीतिक प्रतिनिधि भी। इसके अलावा मिश्रा झारखंड मुक्ति मोर्चा की केन्द्रीय कमेटी के सदस्य भी हैं।

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