टीम एबीएन, रांची। जामताड़ा विधायक इरफान अंसारी के आवास पर पश्चिम बंगाल सीआईडी छापामारी कर रही। सोमवार की सुबह सीआईडी की टीम स्थानीय पुलिस के साथ विधायक के आवास पर पहुंची और छापामारी की कार्रवाई शुरू की। बताया जा रहा है कि विधायक के कमरे की बारिकी से छानबीन की जा रही है। हालांकि सीआईडी को क्या हाथ लगी। इसकी जानकारी नहीं मिली है। बता दें कि विधायक इरफान अंसारी अपने दो अन्य कांग्रेसी विधायक विधायकों के साथ पश्चिम बंगाल में कैश के साथ गिरफ्तार किए गए थे। इस कैशकांड की जांच में पश्चिम बंगाल की जांच में सीआईडी जामताड़ा कोर्ट रोड स्थित विधायक के आवास की जांच कर रही है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अब आपको ट्रेन टिकट और होटल में कमरा बुक काफी सोच समझकर करना चाहिए। ऐसा इसलिए है, क्योंकि अब बुकिंग रद्द करना आपकी जेब पर काफी भारी साबित होगा। इसका कारण है बुकिंग कैंसिल करने पर लगने वाले चार्ज पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का लागू होना। गुड्स एंड सर्विस टैक्स के नियमों के मुताबिक, बुकिंग कैंसिल करना एक प्रकार से डील से मुकरने जैसा है। डील कैंसिल करने पर जुर्माना भरना पड़ता है। यानी अब ग्राहक को जुर्माने पर टैक्स देना होगा। गौरतलब है कि काफी समय से इसे लेकर विवाद भी चल रहा था। अब वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि कैंसिलेशन सेवा से जुड़ा है तो इस कैंसिलेशन चार्ज पर जीएसटी देना होगा। वित्त मंत्रालय के टैक्स रिसर्च यूनिट ने इस संबंध में सर्कुलर भी जारी कर दिया है। इसके मुताबिक ग्राहक ने बुकिंग करते समय जिस दर से जीएसटी अदा किया था, कैंसिल करने पर उसे उसी दर से कैंसिलेशन चार्ज पर जीएसटी देना होगा। अनुबंध पर सहमति सेवा आपूर्ति : टैक्स रिसर्च यूनिट ने तीन सर्कुलर जारी किए हैं। इनमें से एक में कॉन्ट्रेक्ट के उल्लंघन पर शुल्क लगाए जाने की व्याख्या की गई है। इसमें कहा गया है कि होटल, एंटरटेनमेंट और ट्रेन टिकटों की बुकिंग एक कॉन्ट्रेक्ट की तरह है जिसमें सर्विस प्रोवाइडर एक सर्विस देने का वादा करता है। जब ग्राहक इस कॉन्ट्रेक्ट का उल्लंघन करता है या बुकिंग कैंसल करता है तो सर्विस प्रोवाइडर कैंसिलेशन चार्ज के रूप में एक निश्चित राशि प्राप्त करता है। चूंकि कैंसिलेशन चार्ज कॉन्ट्रेक्ट के उल्लंघन के बदले में किया गया भुगतान है इसलिए इस पर जीएसटी लगेगा। कितना लगेगा टैक्स : टैक्स रिसर्च यूनिट द्वारा जारी सर्कुलर में बताया गया है कि फर्स्ट क्लास या एसी कोच टिकट के लिए कैंसिलेशन चार्ज पर 5 फीसदी जीएसटी देना होगा। यह टिकट पर लगाया जाने वाला रेट है। इसी प्रकार से हवाई यात्रा या होटल की बुकिंग को कैंसिल करने पर बुकिंग करते समय जिस दर से जीएसटी अदा किया था, कैंसिल करने पर उसे उसी दर से कैंसिलेशन चार्ज पर जीएसटी देना होगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आतंकी समूह आईएसआईएस संदिग्ध को शनिवार को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। बाटला हाउस से दबोचे गए संदिग्ध पर इस्लामिक स्टेट (आईएस) का सक्रिय सदस्य होने का आरोप है। आरोपी की पहचान बिहार राज्य के पटना निवासी मोहसिन अहमद के रूप में हुई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 25 जून को दर्ज आईएसआईएस की ऑनलाइन और ग्राउंड एक्टिविट से जुड़े एक मामले में शनिवार को मोहसिन अहमद को छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया गया था। एनआईए ने रविवार को एक बयान में कहा कि आरोपी मोहसिन अहमद आईएसआईएस का कट्टर और सक्रिय सदस्य है। उस पर आईएस मॉड्यूल के तहत फंडिंग इकट्ठा करने का भी आरोप है। एनआईए ने बयान में यह भी कहा कि मोहसिन फंडिंग में इकट्ठा रकम को क्रिप्टोकरेंसी के जरिए सीरिया और अन्य स्थानों पर भेज रहा था ताकि आईएसआईएस की गतिविधियों में कोई बाधा न आए। एनआईए ने यह भी बताया कि आईएसआईएस के लिए फंड जुटाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए मोहसिन अहमद ने सोशल मीडिया पर भी खूब टेरर प्रोपेगेंडा फैलाता था। इसके अलावा, मोहसिन युवाओं को गुमराह कर रहा था। करीब हफ्ते भर पहले ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने देश के अलग-अलग 6 राज्यों में 13 जगहों पर छापेमारी की थी। इन जगहों में मध्य प्रदेश में भोपाल और रायसेन जिले; गुजरात में भरूच, सूरत, नवसारी और अहमदाबाद; बिहार में अररिया, कर्नाटक में भटकल और तुमकुर जिले; महाराष्ट्र में कोल्हापुर और नांदेड़ जिले और उत्तर प्रदेश के देवबंद का नाम शामिल था।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। 8वां वेतन आयोग को लेकर मोदी सरकार ने बड़ा खुलासा किया है। केंद्र की मोदी सरकार ने कंफर्म कर दिया है कि 8वां वेतन आयोग का लाभ अभी दिया जायेगा कि नहीं? सरकारी कर्मचारियों के कंफ्यूजन को दूर करते हुए राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा है कि 8वां वेतन आयोग लाने को लेकर कोई भी मामला अभी विचाराधीन नहीं है और इसे लाने को लेकर कोई भी विचार नहीं किया जा रहा है। पंकज चौधरी ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि अभी ऐसा कोई भी विचार नहीं किया जा रहा है और न ही ऐसी कोई प्लानिंग है। सरकार केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्ते और पेंशन को रिवाइज करने के लिए 8वें वेतन आयोग के गठन पर विचार नहीं किया जाता है। उन्होंने कहा- सातवें वेतन आयोग की सिफारिश के मुताबिक, केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को दिए जाने वाले वेतन, भत्ते और पेंशन की समीक्षा के लिए एक और वेतन आयोग का गठन करने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। 8वां वेतन आयोग लाने से नहीं किया इनकार : केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि पे मैट्रिक्स की समीक्षा और संशोधन के लिए नई व्यवस्था पर काम होना चाहिए। हालाकि उन्होंने 8वां वेतन आयोग लाने से इनकार नहीं किया है। सरकार की ओर से ऐसी व्यवस्था की जा रही है, ताकि कर्मचारियों के परफॉर्मेंस बेस पर सैलरी में इजाफा हो। इसके लिए सरकार नए पे मैट्रिक पेश कर सकती है।
टीम एबीएन, धनबाद/रांची। धनबाद के जज उत्तम आनंद की हत्या के केस में सीबीआई कोर्ट ने दोषियों को आजीवन कारावास और 25 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। इससे पहले 28 जुलाई को कोर्ट ने आॅटो ड्राइवर लखन वर्मा और उसके साथी राहुल वर्मा को जज उत्तम आनंद हत्याकांड का दोषी पाया था। 28 जुलाई 2021 को सुबह न्यायाधीश उत्तम आनंद को आॅटो ने टक्कर मार दी थी। जिसके बाद जज उत्तम आनंद की मौत हो गई थी, धनबाद के सीबीआई के विशेष न्यायाधीश रजनीकांत पाठक की अदालत में इस मामले का स्पीडी ट्रायल हुआ। पांच महीने में 58 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अदालत ने मंगलवार को सुनवाई के बाद 28 जुलाई 2022 की तारीख जजमेंट के लिए निर्धारित कर दी थी। सुनवाई के दौरान सीबीआई की क्राइम ब्रांच के स्पेशल पीपी अमित जिंदल ने आरोप पत्र के कुल 169 गवाहों में से 58 गवाहों का बयान दर्ज कराया था। सीबीआई ने दावा किया है कि आरोपित लखन वर्मा एवं राहुल वर्मा ने जानबूझकर जज उत्तम आनंद को टक्कर मारी थी जिनसे उनकी मौत हुई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अष्टम उत्तम आनंद हर दिन की तरह बुधवार को भी मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। इसी दौरान एक आॅटो ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गए। बाद में वहां से गुजर रहे दूसरे आॅटो चालक ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें उन्हें एक आॅटो टक्कर मारते दिख रहा है। उत्तम आनंद चर्चित रंजय हत्याकांड की सुनवाई कर रहे थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि भारत में बच्चे को गोद लेने की प्रक्रिया बहुत ही कठिन है और प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने की तत्काल आवश्यकता है। न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला की पीठ ने केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) केएम नटराज से देश में बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया को कारगर बनाने के लिए कदम उठाये जाने के अनुरोध संबंधी एक जनहित याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने को कहा। पीठ ने कहा, हमारे जनहित याचिका पर नोटिस जारी करने का कारण यह है कि भारत में बच्चे को गोद लेने की प्रक्रिया बहुत कठिन है। केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (सीएआरए) की वार्षिक क्षमता 2,000 दत्तक ग्रहण करने की है जो अब बढ़कर 4,000 हो गई है। इस देश में तीन करोड़ बच्चे अनाथ हैं। प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने की तत्काल आवश्यकता है। अदालत ने नटराज को जनहित याचिकाकर्ता "द टेंपल ऑफ हीलिंग" के सुझावों पर विचार करने और प्रक्रिया को कारगर बनाने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जवाब दाखिल करने को कहा। एएसजी ने कहा कि उन्हें गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) की विश्वसनीयता के बारे में पता नहीं है और याचिका की एक प्रति उन्हें नहीं दी गई है। पीठ ने एनजीओ की ओर से पेश पीयूष सक्सेना को याचिका की एक प्रति नटराज को देने के लिए कहा, ताकि वह अपना जवाब दाखिल कर सकें। न्यायालय ने मामले को तीन सप्ताह के बाद सूचीबद्ध कर दिया।
टीम एबीएन, रांची। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड में एक कथित अवैध खनन और जबरन वसूली मामले में जारी धनशोधन जांच के सिलसिले में एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यहां दाहू यादव के सहयोगी बच्चू यादव को पूछताछ के बाद हिरासत में ले लिया गया। पिछले महीने बच्चू यादव से जुड़े परिसरों में छापेमारी की गई थी। दाहू यादव का संबंध झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के राजनीतिक सहयोगी पंकज मिश्रा से है। अधिकारियों ने कहा कि ईडी द्वारा मामले में कार्रवाई शुरू करने के बाद से दाहू यादव भूमिगत हो गया है। ईडी ने इस मामले में मिश्रा को 19 जुलाई को गिरफ्तार किया था। अधिकारियों ने कहा कि बच्चू यादव को शुक्रवार को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा और ईडी उससे पूछताछ के लिए उसे उसकी हिरासत में भेजने का अनुरोध करेगा। इस बीच, एजेंसी ने सोरेन के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद उर्फ पिंटू से दूसरे दिन शहर के हिनू इलाके में अपने क्षेत्रीय कार्यालय में पूछताछ की। अधिकारियों ने बताया कि प्रसाद को शुक्रवार को फिर से पेश होने को गया है। उससे बुधवार और बृहस्पतिवार को पूछताछ की गई थी।
टीम एबीएन, धनबाद/रांची। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अष्टम उत्तम आनंद हत्याकांड में सीबीआई की विशेष अदालत शनिवार (6 अगस्त) को सजा की बिंदु पर अपना फैसला सुनायेगी। इससे पहले कोर्ट ने 28 जुलाई 2022 को यानी जज की मौत के ठीक एक साल बाद आरोपी लखन वर्मा और राहुल वर्मा को धारा 302 और 201 में दोषी करार दिया। 28 जुलाई 2021 को सुबह न्यायाधीश उत्तम आनंद को ऑटो ने टक्कर मार दी थी, जिसके बाद जज उत्तम आनंद की मौत हो गई थी, धनबाद के सीबीआई के विशेष न्यायाधीश रजनीकांत पाठक की अदालत में इस मामले का स्पीडी ट्रायल हुआ। पांच महीने में 58 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अदालत ने मंगलवार को सुनवाई के बाद 28 जुलाई 2022 की तारीख जजमेंट के लिए निर्धारित कर दी थी। सुनवाई के दौरान सीबीआई की क्राइम ब्रांच के स्पेशल पीपी अमित जिंदल ने आरोप पत्र के कुल 169 गवाहों में से 58 गवाहों का बयान दर्ज कराया था। सीबीआई ने दावा किया है कि आरोपित लखन वर्मा एवं राहुल वर्मा ने जानबूझकर जज उत्तम आनंद को टक्कर मारी थी जिनसे उनकी मौत हुई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अष्टम उत्तम आनंद हर दिन की तरह बुधवार को भी मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। इसी दौरान एक ऑटो ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गए। बाद में वहां से गुजर रहे दूसरे ऑटो चालक ने उन्हें SNMMCH पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें उन्हें एक ऑटो टक्कर मारते दिख रहा है। उत्तम आनंद चर्चित रंजय हत्याकांड की सुनवाई कर रहे थे।
टीम एबीएन, रांची। अवैध खनन के जरिए करोड़ों रुपए की कमाई और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रेस एडवाइजर अभिषेक प्रसाद उर्फ पिंटू सहित तीन लोगों से गुरुवार को लंबी पूछताछ की। ईडी ने गुरुवार को अभिषेक के अलावा रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े सुजीत सिंह और साहिबगंज के सोनू सिंह से भी पूछताछ की। हालांकि नोटिस के बाद भी दाहू यादव ईडी के ऑफिस नहीं पहुंचे। सीएम के प्रेस एडवाइजर अभिषेक उर्फ पिंटू गुरुवार को लगातार दूसरे दिन ईडी के जोनल आफिस पहुंचे थे। ईडी ने गुरुवार को अभिषेक के अलावा रियल स्टेट से जुड़े सुजीत सिंह और साहिबगंज में फेरी सर्विस संचालन से जुड़े सोनू सिंह से पूछताछ की। हलांकि ईडी ने नौ घंटे की पूछताछ में किन पहलूओं पर जानकारी दी। इसका खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन सूत्रों की मानें तो अभिषेक से जमीन में निवेश, खनन के जरिए की गई कमायी समेत अन्य पहलूओं पर पूछताछ की गई। जानकारी के मुताबिक, कई कंपनियों के गठन और उनके स्ट्राइक ऑफ की प्रक्रिया के संबंध में भी पिंटू से ईडी ने जानकारी ली। वहीं, ईडी ने पूर्व में गिरफ्तार निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल के सीए सुमन सिंह के काफी करीबी माने जाने वाले रियल स्टेट से जुड़े सुजीत सिंह से भी पूछताछ की। सुजीत सिंह ईडी के बुलावे पर पटना से रांची पहुंचे थे। जानकारी के मुताबिक, ईडी ने उन लोगों के बारे में सुजीत से जानकारी मांगी, जिन्होंने सुमन सिंह के जरिए रांची में जमीन का निवेश किया है। पहले में भी ईडी ने सुजीत सिंह से पूछताछ की थी। पंकज मिश्रा की गिरफ्तार और अभिषेक प्रसाद से पूछताछ में आए तथ्यों के बाद फिर से सुजीत को ईडी ने बुलाया था। ईडी ने साहिबगंज में फेरी सर्विस से जुड़े सोनू सिंह से भी गुरुवार को पूछताछ की। लगभग 9 घंटे के पूछताछ के बाद गुरुवार को ईडी के अधिकारियों ने सीएम के प्रेस एडवाइजर अभिषेक प्रसाद को घर जाने की इजाजत दी। ईडी अधिकारियों के मुताबिक, ईडी शुक्रवार को भी अभिषेक प्रसाद से पूछताछ करेगी।
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