एबीएन सेंट्रल डेस्क। अब तक यदि आपके पास आधार नंबर नहीं है या अब तक आपने आधार के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं कराए हैं तो सतर्क हो जाए। क्योंकि आधार नहीं होने पर अब आपको भारी घाटा उठाना पड़ेगा। एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों और राज्य सरकारों को सर्कुलर जारी कर कहा है कि सभी सरकारी सब्सिडी और लाभ के लिए आधार नंबर को अनिवार्य बनाया जाए। UIDAI ने 11 अगस्त को जारी सर्कुलर की एक कॉपी है जिसके मुताबिक आधार नियमों को और सख्त किया है। आधार अधिनियम की धारा 7 में बिना आधार वाले व्यक्ति को भी सुविधा प्रदान करने के लिए मौजूदा प्रावधान है। ऐसे व्यक्तियों को पहचान के वैकल्पिक और व्यवहार्य साधनों के माध्यम से सरकारी लाभ, सब्सिडी और सेवाओं का लाभ उठाने का प्रावधान है। हालांकि सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि देश में 90 प्रतिशत वयस्कों के पास आधार नंबर उपलब्ध है।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। फीफा ने तीसरे पक्ष द्वारा गैर जरूरी दखल का हवाला देकर अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ को सोमवार की रात निलंबित कर दिया। इसके साथ ही भारत में 11 से 30 अक्टूबर तक होने वाले फीफा अंडर 17 महिला विश्व कप की मेजबानी भी खतरे में पड़ गई है। फीफा ने कहा कि निलंबन तुरंत प्रभाव से लागू होगा। फीफा ने एक बयान में कहा, निलंबन तभी हटेगा जब AiFF कार्यकारी समिति की जगह प्रशासकों की समिति के गठन का फैसला वापस लिया जायेगा और AiFF प्रशासन को महासंघ के रोजमर्रा के काम का पूरा नियंत्रण दिया जायेगा। फीफा ने कहा कि इसके मायने हैं कि अंडर 17 महिला विश्व कप पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भारत में नहीं हो सकता। इसने कहा,फीफा भारत के खेल मंत्रालय से लगातार संपर्क में है और सकारात्मक नतीजे तक पहुंचने की उम्मीद है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने के लिए नगर निगम ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में नगर निगम क्षेत्र में सभी घर में तिरंगा फहराया जाए इसके लिए नगर निगम की ओर से प्रत्येक वार्ड में कम से कम दो हजार तिरंगा का वितरण किया जाएगा। इसको लेकर नगर निगम की तरफ से सभी वार्ड पार्षदों को दिशा निर्देश दिए गए हैं कि सभी वार्ड के पार्षद और सुपरवाइजर नगर निगम से को-आर्डिनेशन बनाकर तिरंगा प्राप्त कर लें और उसके बाद अपने अपने क्षेत्र में जो लोग आर्थिक रूप से कमजोर हैं उन्हें मुफ्त में तिरंगा मुहैया कराएं। आजादी की 75वीं वर्षगांठ को लेकर आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में इस साल स्वतंत्रता दिवस को भव्यता के साथ मनाने के लिए हर घर तिरंगा अभियान चलाया जा रहा है और लोगों से अपील की जा रही है कि वे 13 अगस्त से 15 अगस्त तक अपने घरों पर तिरंगा लगाएं। केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि देश के तकरीबन सभी 25 करोड़ परिवारों के घरों में तिरंगा लहराए। इसके लिए विभिन्न संस्थाएं लोगों को जागरूक कर रहीं हैं और तमाम संस्थाएं निशुल्क झंडे का वितरण भी कर रहीं हैं। तिरंगा लहराने एवं फहराने का जानिए नियम : • राष्ट्रीय ध्वज को किसी भी हालत में उल्टा नहीं फहराना है • खराब राष्ट्रध्वज को नहीं फहराया जाएगा। • राष्ट्रीय ध्वज को सम्मानपूर्ण स्थान दिया जाएगा, ऐसी जगह ध्वज को नहीं लगाया जाना है जहां से वह स्पष्ट रूप से दिखाई न दे। • सरकारी भवन पर राष्ट्रीय ध्वज रविवार और छुट्टियों के दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहराया जाता है, विशेष अवसरों पर इसे रात में भी फहराया जा सकेगा। • राष्ट्रीय ध्वज को स्फूर्ति के साथ फहराया जाएगा और धीरे-धीरे आदर के साथ उतारा जाएगा। • राष्ट्रीय ध्वज को अधिकारी की गाड़ी पर लगाया जाए तो उसे सामने की ओर बीचो-बीच या कार के दाईं तरफ लगाया जाए। • किसी दूसरी ध्वजा-पताका को राष्ट्रीय ध्वज से ऊंचे स्थान या उससे ऊपर नहीं लगाया जाएगा। न ही बराबर रखा जाएगा। • राष्ट्रीय ध्वज पर कुछ भी लिखा छपा नहीं होना चाहिए।
टीम एबीएन, रांची। सीएम हेमंत सोरेन के खिलाफ हाई कोर्ट में चल रही शेल कंपनी के मामले को चुनौती देने वाली याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सर्वोच्च न्यायालय ने इस पर सुनवाई अगली तारीख तक ले लिए टाल दी। अब इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय 17 अगस्त को सुनवाई करेगा। इससे पहले सीएम हेमंत सोरेन के खिलाफ दाखिल की गई जनहित याचिका को झारखंड उच्च न्यायालय सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया था। न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित और न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट की पीठ ने शुक्रवार को सीएम हेमंत सोरेन की याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान पीठ ने झारखंड सीएम सोरेन की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल को अदालत में दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया। इससे पहले सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने अदालत से कहा कि जनहित याचिका शर्तों को पूरा नहीं करती और यह राजनीति से प्रेरित है। इसके बाद भी झारखंड उच्च न्यायालय इस मामले में सुनवाई के लिए तैयार हो गया। उन्होंने अदालत से कहा कि ईडी ने सीलबंद लिफाफे में जो सबूत पेश किए हैं, उस पर कई आपत्ति हैं। लेकिन हाई कोर्ट ने उनकी आपत्ति पर गौर नहीं किया। सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जनहित याचिका में जिन मुखौटा कंपनी का जिक्र किया गया है। वे साठ के दशक से मौजूद हैं। यह जनहित याचिका राजनीति से प्रेरित है, इसलिए इसे खारिज कर दिया जाना चाहिए। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल से पूछा कि क्या राज्य या मुख्यमंत्री ने इस संबंध में पुलिस अधिकारियों से शिकायत की है। इस पर सिब्बल ने जवाब दिया नहीं। इस पर कोर्ट ने मामले की सुनवाई स्थगित कर दी और मूल याचिका से संबंधित सारे दस्तावेज पेश करने के लिए कहा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। महाराष्ट्र में आयकर विभाग ने जालना में एक स्टील, कपड़ा व्यापारी और रियल एस्टेट कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान लगभग 390 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति जब्त की गई, जिसमें 58 करोड़ रुपये नकद, 32 किलो सोना, मोती-हीरे और संपत्ति के कागजात शामिल हैं। बता दें कि आयकर विभाग ने डेवलपर के परिसरों में 1-8 अगस्त तक छापेमारी की। बता दें कि आयकर विभाग की नासिक ब्रांच ने ये कार्रवाई की और राज्य भर के 260 अधिकारी और कर्मचारी इस कार्रवाई में शामिल हुए और छापेमारी में 120 से ज्यादा गाड़ियों का इस्तेमाल हुआ।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को बंगाल स्कूल भर्ती घोटाले केस में पहली गिरफ्तारी की। सीबीआई ने 2 बड़े अधिकारियों को हिरासत में ले लिया। सीबीआई ने नियुक्तियों के लिए गठित विशेष सलाहकार समिति के संयोजक शांति प्रसाद सिन्हा और राज्य स्कूल सेवा आयोग के सचिव अशोक साहा को गिरफ्तार किया है। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को 23 जुलाई को इसी मामले में गिरफ्तार किया था। कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा मामले की सीबीआई जांच के आदेश के बाद शांति प्रसाद सिन्हा और अशोक साहा से कई बार पूछताछ की गई। बुधवार को भी घंटों पूछताछ के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी को ईडी द्वारा पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा प्रायोजित और सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) द्वारा की गई अवैध भर्तियों में मनी ट्रेल की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। इधर, ईडी का दावा है कि उसने मुखर्जी के स्वामित्व वाले अपार्टमेंट से 49.80 करोड़ रुपये नकद, आभूषण और सोने की छड़ें बरामद की हैं। इन दोनों पर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत आरोप हैं।
टीम एबीएन, रांची। भारत के लोकपाल ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन को आय से अधिक संपत्ति की शिकायत से जुड़े मामले में 25 अगस्त को लोकपाल के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति अभिलाषा कुमारी (न्यायिक सदस्य) और सदरूय महेंद्र सिंह एवं इंद्रजीत पी गौतम की पीठ ने इस मामले की सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया है। 4 अगस्त को ही चार प न्नों के आदेश में कहा गया है कि लोकपाल की विचाराधीन मामले में धारा 20 (3) के तहत दिशोम गुरु शिबू सोरेन के खिलाफ कार्यवाही शुरू की जानी चाहिए, ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि लोक सेवक के खिलाफ कार्रवाई करने का प्रथम दृष्टया मामला है या नहीं। भाजपा सांसद डॉ निशिकांत दुबे ने ट्वीट कर कहा- झारखंड के राज परिवार को आदरणीय लोकपाल महोदय ने अकूत भ्रष्टाचार और संपत्ति देखते हुए 25 अगस्त को बुलाया है। लगता है कि आज 9 अगस्त 1942 के अंग्रेजों भारत छोड़ों की तरह सोरेन परिवार झारखंड व गद्दी छोड़ो का नारा लग गया है। आज आदिवासी दिवस पर भ्रष्टाचार से आदिवासी को मुक्ति। सूत्रों के मुताबिक लोकपाल ने रजिस्ट्री को लोकपाल अधिनियम की धारा 20 (3) के तहत नोटिस जारी करने का निर्देश दिया, ताकि वह व्यक्तिगत रूप से या अपने वकील के माध्यम से आरोपों का बचाव कर सके। इसके अलावा लोकपाल ने रजिस्ट्री को यह भी निर्देश दिया कि शिबू सोरेन को शिकायत की एक प्रति और सीबीआई की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट प्रदान की जाए। बताया गया है कि शिबू सोरेन के खिलाफ 5 अगस्त 2020 को शिकायत दर्ज करायी गयी थी। जिसमें यह आरोप लगाया था कि कि वह और उनके परिवार के सदस्य बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार में शामिल है, उन्होंने झारखंड में सरकारी खाजने का दुरुपयोग कर आय से ज्ञात और घोषित श्रोतों तथा उनके नाम पर कई वाणिज्यिक एवं आवासीय संपत्तियों के अनुपात में बड़ी संपत्ति अर्जित की है। लोकपाल की पूर्ण पीठ ने 15 सितंबर 2020 को सीबीआई को मामले की प्रारंभिक जांच का निर्देश दिया था और 1 जुलाई को सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है, जिसमें शिबू सोरेन और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर जो भी संपत्तियां है, उनका विवरण संलग्न है। सीबीआई ने कुछ आयकर रिटर्न भी संलग्न किया गया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के कांग्रेस पार्टी के तीन विधायकों की जमानत याचिका पर कलकत्ता उच्च न्यायालय में बुधवार को सुनवाई होने की उम्मीद है। विधायकों का प्रतिनिधित्व कर रहे वकीलों ने सोमवार को न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की अदालत में जमानत याचिकाएं पेश कीं और शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया। अदालत ने कहा कि याचिका बुधवार को सुनवाई के लिये सूचीबद्ध की जाएगी। झारखंड से कांग्रेस विधायकों- इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन बिक्सल कोंगारी- को 30 जुलाई को हावड़ा जिले के पांचला में राष्ट्रीय राजमार्ग 16 पर उनकी गाड़ी से 49 लाख रुपये नकद बरामद होने के बाद गिरफ्तार किया गया था। उच्च न्यायालय की एक अन्य एकल पीठ ने पिछले हफ्ते तीनों विधायकों के उस अनुरोध को खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने मामले की जांच सीबीआई या किसी अन्य केंद्रीय एजेंसी को सौंपे जाने का अनुरोध किया था।
एबीएन सेंट्रल डेस्क।।भारतीय रिजर्व बैंक ने कई नियमों के उल्लंघन के मामले में आठ सहकारी बैंकों पर जुर्माना लगाया है। गुजरात के मेहसाणा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक पर 40 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। रिजर्व बैंक के अनुसार, मेहसाणा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक पर भारतीय रिज़र्व बैंक (सहकारी बैंक - जमा पर ब्याज दर) निर्देश, 2016 के कुछ प्रावधानों का अनुपालन नहीं करने पर जुर्माना लगाया गया है। केंद्रीय बैंक ने सोमवार को बयान में कहा कि ऋण मानदंडों से संबंधित कुछ प्रावधानों के उल्लंघन के लिए महाराष्ट्र के इंदापुर शहरी सहकारी बैंक, इंदापुर पर सात लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। वहीं, महाराष्ट्र के वरुद अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक, वरुद, मध्य प्रदेश के जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, छिंदवाड़ा और महाराष्ट्र के यवतमाल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक, यवतमाल पर अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) मानदंडों में उल्लघंन को लेकर जुर्माना लगाया है। इसके अलावा कुछ केवाईसी प्रावधानों का पालन न करने पर छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित, रायपुर पर 25 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा गुना के एक सहकारी बैंक तथा पणजी के गोवा राज्य सहकारी बैंक पर भी जुर्माना लगाया गया है।
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