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डी कंपनी की एक्टिविटी ने बढ़ायी चिंता : दाऊद पर एनआईए ने रखा 25 लाख का इनाम
Published / 2022-09-01 10:14:41
डी कंपनी की एक्टिविटी ने बढ़ायी चिंता : दाऊद पर एनआईए ने रखा 25 लाख का इनाम

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय राष्ट्रीय जांच सुरक्षा एजेंसी ने दाऊद इब्राहिम के सिर पर 25 लाख रुपये कैश इनाम घोषित किया है। इसके साथ अन्य लोगों पर भी अगल-अलग इनामों की घोषणा की गई है। एनआईए के एक अधिकारी ने बताया कि इब्राहिम गैंग भारत में सभी तरह के गलत धंधों में शामिल है। यह गैंग हथियारों, विस्फोटकों, ड्रग्स और फर्जी नोटों की तस्करी के अलावा देश में पाकिस्तानी एजेंसी और आतंकी संगठनों के साथ मिलकर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देते हैं। अधिकारी ने अपना नाम ना बताए जाने की शर्त पर बताया कि एजेंसी ने इब्राहिम के भाई अनीस इब्राहिम उर्फ हाजी अनीस, उसका खास जावेद पटेल उर्फ जावेद चिकना, शकील शेख उर्फ छोटा शकील और इब्राहिम मुस्ताक अब्दुल रज्जाक मेनन उर्फ टाइगर मेनन के सिरों पर भी इनाम घोषित किया है। एजेंसी ने जहां दाऊद पर 25 लाख का इनाम घोषित किया वहीं छोटा शकी पर 20 लाख का और बाकी अनीस, चिकना, मेनन पर 15 लाख का इनाम घोषित किया है। कराची पाकिस्तान में छिपा दाऊद भारत का मोस्ट वांटेड अंडरवर्ल्ड डॉन है। भारत को दाऊद की तलाश कई मामलों में है, जिसमें 1993 के मुंबई ब्लास्ट भी शामिल है। दाऊद पर पहले से ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 2003 में 25 लाख डॉलर का इनाम घोषत कर रखा है। दाऊद के अलावा भारत की मोस्ट वांटेड लिस्ट में लश्कर ए तैयबा चीफ हाफिज सईद, जैश ए मोहम्मद चीफ मौलाना मसूद अजहर, हिजबुल मुजाहिदीन का फाउंडर सईद सलाहुद्दीन और उसका खास अब्दुल राऊफ असगर शामिल हैं। एनआईए ने इस साल मई में दाऊद के खिलाफ केस में 29 जगहों पर छापेमारी की थी, इसमें हाजी अली दरगाह और माहिम दरगाह के ट्रस्टी सुहैल खंडवानी से जुड़े लोग शामिल थे, जिनमें 1993 के ब्लास्ट में आरोपी समीर हिंगोरा, सलीम कुरैशी उर्फ सलीम फ्रूट, छोटा शकील का रिश्तेदार गुड्डू पठान, दाऊद के भाई का रिश्तेदार भिवाड़ी निवासी इकबाल कासकर और कय्यूम शेख शामिल हैं। भारतीय खूफिया एजेंसी के तैयार किए हुए के डोजियर में दाऊद के पाकिस्तान में 9 पते हैं, जिसमें कराची के क्लिफटन में स्थित व्हाइट हाऊस भी शामिल है। दाऊद के पास तीन पाकिस्तानी पासपोर्ट भी हैं जिनमें पहले रावलपिंडी में जारी किया गया है वहीं बाकी के दो कराची में जारी किये गये हैं।

बिना सुनवाई किसी को लंबे समय तक जेल में रखना ठीक नहीं : सुप्रीम कोर्ट
Published / 2022-08-28 13:01:46
बिना सुनवाई किसी को लंबे समय तक जेल में रखना ठीक नहीं : सुप्रीम कोर्ट

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वो ऐसी स्थिति को बनाये रखने की अनुमति नहीं दे सकता जिसमें किसी व्यक्ति को बिना किसी सुनवाई के लंबे समय तक जेल में रखा जाता है। उच्चतम न्यायालय ने बातें पश्चिम बंगाल में एक आपराधिक मामले में चार साल से जेल में बंद दो आरोपियों को जमानत देते हुए कही। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि 2018 में 414 किलोग्राम प्रतिबंधित गांजा को कथित रूप से जब्त किये जाने से संबंधित मामले में अभियोजन पक्ष के पहले गवाह से भी पूछताछ की जानी अभी बाकी है। अदालत ने हालांकि कहा कि अगर अपीलकर्ता मुकदमे में देरी करते हैं तो वह निचली अदालत को अपीलकर्ताओं को वापस जेल भेजने की अनुमति देती है। न्यायमूर्ति एसके कौल और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की पीठ ने कहा कि एक आरोप पत्र दायर किया गया था और आरोप तय किए गये थे, लेकिन मामले में सुनवाई आगे नहीं बढ़ी। पीठ ने इस सप्ताह की शुरुआत में पारित किये गये अपने आदेश में कहा, हम ऐसी स्थिति को बनाये रखने की अनुमति नहीं दे सकते हैं जिसमें किसी व्यक्ति को बिना किसी सुनवाई के लंबे समय तक जेल में रखा जाता है। उच्चतम न्यायालय ने कहा, हमारा मानना है कि क्योंकि आरोपी जेल में लगभग चार वर्ष से बंद हैं और अभियोजन पक्ष के पहले गवाह से अभी पूछताछ होनी बाकी है, इसलिए अपीलकर्ता निचली अदालत द्वारा निर्धारित नियमों और शर्तों पर जमानत के हकदार हैं। न्यायालय ने कहा कि अपीलकर्ताओं को निचली अदालत द्वारा निर्धारित सभी तारीखों पर उपस्थित रहना होगा और उनके वकील अनावश्यक स्थगन का अनुरोध नहीं करेंगे। उच्चतम न्यायालय ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के नवंबर 2021 के उस आदेश के खिलाफ आरोपियों द्वारा दायर अपील पर यह आदेश दिया, जिसमें उन्हें स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस) के प्रावधानों के तहत कथित अपराधों के लिए 2018 में दर्ज मामले के संबंध में जमानत देने से इनकार कर दिया गया था।

Google ने भारत में लोन देने वाली 2000 ऐप्स को प्ले स्टोर से हटाया
Published / 2022-08-26 08:01:30
Google ने भारत में लोन देने वाली 2000 ऐप्स को प्ले स्टोर से हटाया

एबीएन सेंट्रल डेस्क। गूगल ने इस साल जनवरी से अबतक भारत के प्ले स्टोर से कर्ज की पेशकश करने वाली दो हजार से अधिक ऐप को हटा दिया है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शर्तों का उल्लंघन, जानकारी को गलत तरीके से पेश करने और संदिग्ध ऑफ़लाइन व्यवहार के लिए इन ऐप के खिलाफ कार्रवाई की गई है। प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी आने वाले हफ्तों में इस क्षेत्र में नीतियों को कड़ा करने की भी कोशिश कर रही हैं। गूगल के एशिया प्रशांत क्षेत्र के वरिष्ठ निदेशक एवं ट्रस्ट और सुरक्षा प्रमुख सैकत मित्रा ने कहा कि कंपनी उन सभी क्षेत्रों में विनियमों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है जिनमें वह संचालन करती है। उन्होंने डिजिटल मंचों पर होने वाले ऑनलाइन नुकसान को रोकने के लिए पर्याप्त प्रयास के सवाल पर कहा कि गूगल की प्राथमिकता और इसके मूल मूल्य हमेशा उपयोगकर्ता सुरक्षा के आसपास रहे हैं।

राजभवन पहुंचा चुनाव आयोग का पत्र, सीएम अयोग्य करार, अब राज्यपाल के फैसले पर सबकी नजर
Published / 2022-08-25 08:01:42
राजभवन पहुंचा चुनाव आयोग का पत्र, सीएम अयोग्य करार, अब राज्यपाल के फैसले पर सबकी नजर

टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले में चुनाव आयोग का पत्र राज भवन पहुंच चुका है। आज दोपहर बाद राज्यपाल रमेश बैस दिल्ली से रांची पहुंचने वाले हैं। माना जा रहा है कि रांची पहुंचने के बाद वह कभी भी चुनाव आयोग की सिफारिश से राज्य की जनता को अवगत करा सकते। सूत्रों के मुताबिक सीएम हेमंत सोरेन की सदस्यता खत्म होने की चर्चा है। दोपहर बाद राज्यपाल के रांची पहुंचने पर इससे पर्दा उठा जायेगा। ईटीवी भारत को मिली जानकारी के मुताबिक हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की चुनाव आयोग ने सिफारिश की है। इससे पहले आज सुबह भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के ट्वीट से झारखंड की राजनीति में खलबली मच गई है। उन्होंने भी दावा किया है कि चुनाव आयोग का पत्र राज्यपाल तक पहुंच चुका है। उन्होंने लिखा है कि अगस्त पार नहीं होगा। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े खनन लीज मामले में चुनाव आयोग में 18 अगस्त को दलील पूरी हो चुकी थी। इस मामले को 10 फरवरी को पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने उठाया था। उन्होंने 11 फरवरी को राज्यपाल से मिलकर हेमंत सोरेन को विधायक पद से अयोग्य ठहराने की मांग की थी। बाद में इस मामले को राजभवन ने चुनाव आयोग को रेफर कर दिया था। उसी आधार पर सबसे पहले चुनाव आयोग ने मुख्य सचिव से वेरिफाइड डॉक्टूमेंट्स की मांग की थी। इसके बाद आयोग में दोनों पक्षों की ओर से दलीलें पेश की गई थी। हेमंत सोरेन मामले में चुनाव आयोग ने राज्यपाल को सौंपी रिपोर्ट, जल्द आ सकता है फैसला : झारखंड के सियासत से जुड़ी इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने झारखंड खनन में हेमंत मामले को लेकर राज्यपाल को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। अब जल्द ही इस मामले में बड़ा फैसला सामने आ सकता है। हालांकि केन्द्रीय चुनाव आयोग इस मामले पर कुछ साफ साफ नहीं बता रहा है। राजभवन से कोई भी आधिकारिक पुष्टि नहीं कर रहा है।

रहें सतर्क... एक अक्टूबर से बदल जायेंगे डेबिट-क्रेडिट कार्ड के नियम
Published / 2022-08-24 15:07:24
रहें सतर्क... एक अक्टूबर से बदल जायेंगे डेबिट-क्रेडिट कार्ड के नियम

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रिजर्व बैंक आफ इंडिया का कार्ड-आन-फाइल टोकनाइजेशन का नियम 1 अक्टूबर से बदलने जा रहा है। रिजर्व बैंक का कहना है कि कार्ड टोकनाइजेशन का नियम लागू होने से डेबिट और क्रेडिट कार्ड से होने वाला पेमेंट अधिक सुरक्षित होगा। पेमेंट और ट्रांजैक्शन में भी आसानी रहेगी। रिजर्व बैंक के मुताबिक, टोकनाइजेशन का नियम लागू होने के बाद जब भी कोई ग्राहक डेबिट या क्रेडिट कार्ड से आनलाइन, पॉइंट आफ सेल या ऐप पर ट्रांजैक्शन करेगा, तो खाते से जुड़ी सभी डिटेल इनक्रिप्टेड कोड में सेव होगी। अब तक ये होता है कि जब हम किसी पीओएस, आनलाइन या ऐप पर डेबिट या क्रेडिट कार्ड से ट्रांजैक्शन करते हैं, तो उसकी डिटेल कंपनी के सर्वर में सेव होती है। तभी जब आप दोबारा आनलाइन या ऐप पर पेमेंट करने चलते हैं, तो कंपनी आपसे पूरी डिटेल नहीं मांगती। वहां आपका खाता नंबर, कार्ड नंबर आदि पहले से मौजूद होता है। बस आपको दोबारा सीवीवी दर्ज करना होता है और पेमेंट हो जाता है। 1 अक्टूबर से ऐसा नहीं होगा क्योंकि कंपनी के सर्वर में कोई डेटा स्टोर नहीं रहेगा। कार्ड से जुड़ी हर जानकारी उन्हें एनक्रिप्टेड कोड में मिलेगी जिसे पढ़ा नहीं जा सकेगा। कार्ड की डिटेल एनक्रिप्टेड कोड में होने से ट्रांजैक्शन सुरक्षित होगा। हैकिंग और साइबर फ्रॉड की घटना से छुटकारा मिलेगा। अगर कंपनियों के सर्वर में कार्ड की डिटेल पहले से मौजूद हो, तो उसे डिलीट करना होगा। साइबर अपराध को देखते हुए टोकनाइजेशन सिस्टम को लागू किया जा रहा है। डेबिट और क्रेडिट कार्ड से जुड़ा टोकनाइजेशन का नियम पहले 1 जुलाई को लागू होने वाला था लेकिन उसे बढ़ाकर 1 अक्टूबर कर दिया गया है। इसमें ग्राहक को कुछ नहीं करना होगा बल्कि पीओएस, आनलाइन और ऐप कंपनियों को सिस्टम लागू करना है। एक रिपोर्ट कहती है कि अधिकांश मर्चेंट ने रिजर्व बैंक के कार्ड-आन-फाइल टोकनाइजेशन का पालन शुरू कर दिया है और अब तक 19.5 करोड़ टोकन जारी किए गए हैं। यह टोकन उस फिजिकल टोकन से अलग है जिसे बैंक आदि में नंबर आने तक इंतजार के लिए दिया जाता है। कार्ड-आन-फाइल टोकन का काम सेंकंडों में पूरा होगा और वह डेबिट या क्रेडिट कार्ड को पंच करते ही सेंकडों में जनरेट होगा। फिर उसी टोकन के आधार पर कंपनी आपके खाते से पैसे काटेगी लेकिन कंपनी कार्ड का डिटेल नहीं देख सकेगी क्योंकि वह पूरी तरह से एनक्रिप्टेड होगी।

प्रेम प्रकाश के घर से मिले एक-47 मामले में दो पुलिसकर्मी निलंबित
Published / 2022-08-24 15:06:26
प्रेम प्रकाश के घर से मिले एक-47 मामले में दो पुलिसकर्मी निलंबित

टीम एबीएन, रांची। ईडी को प्रेम प्रकाश के घर से मिले एके 47 मामले में रांची पुलिस ने ईडी को पत्र लिखा है और बताया कि दोनों हथियार रांची जिला बल के आरक्षियों के हैं। रांची पुलिस ने ये भी बताया कि वहां हथियार पहुंचने के बारे में भी जानकारी दी है और उसे वापस मांगा है। इस बीच कार्रवाई करते हुए दोनों आरक्षियों को निलंबित कर दिया गया है।

प्रेम प्रकाश के ठिकानों से दो AK-47 बरामद
Published / 2022-08-24 10:48:15
प्रेम प्रकाश के ठिकानों से दो AK-47 बरामद

टीम एबीएन, रांची। झारखंड की निलंबित आईएएस पूजा सिंघल के करीबी माने जाने वाले प्रेम प्रकाश के घर हुई रेड के दौरान एके-47 रायफल मिले हैं। सूत्रों ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय के छापे के दौरान प्रेम प्रकाश के ठिकाने से दो AK-47 राइफल बरामद किया गया है। दोनों AK-47 राइफल आरोपी के रांची स्थित ठिकानों से मिले हैं। प्रेम प्रमाश के ठिकाने से AK-47 राइफल मिलने पर प्रवर्तन निदेशालय की टीम भी भौंचक्का रह गई। दोनों रायफल को आलमीरा में बंद कर के रखा गया था। ईडी ने इससे पहले बीते 25 मई को भी प्रेम प्रकाश के हरमू स्थित ऑफिस और वसुंधरा अपार्टमेंट में छापेमारी की थी। छापेमारी के क्रम में प्रेम प्रकाश के वसुंधरा अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर – 802 में ईडी अधिकारियों को काफी कीमती सामान का पता लगा था। वहीं ईडी को प्रेम प्रकाश के हरमू स्थित कार्यालय में भी छापेमारी के क्रम में विदेशी मूल का कछुआ मिला था। बुधवार को सासाराम के नगर थाना क्षेत्र के दो ठिकानों पर बुधवार सुबह से ही ईडी की छापामारी चल रही है। झारखंड में हुए मनरेगा घोटाला और अवैध माइनिंग के किंगपिन माने जाने वाले प्रेम प्रकाश उर्फ छोटू के सासाराम के बैंक कॉलोनी स्थित आवास पर ईडी की रेड से काफी गहमागहमी का माहौल है। प्रेम प्रकाश के मामा रतन श्रीवास्तव के गौरक्षणी मोहल्ले में स्थित आवास पर भी सुबह से छापामारी चल रही है।

झारखंड के 11 ठिकानों पर छापामारी कर रही ईडी
Published / 2022-08-24 05:00:09
झारखंड के 11 ठिकानों पर छापामारी कर रही ईडी

टीम एबीएन, रांची। ईडी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अवैध खनन से जुड़े लोगों के यहां छापेमारी की जा रही है। इसी क्रम में टीम प्रेम प्रकाश के दफ्तर भी पहुंची है। सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ भी साथ है। माना जा रहा है मुख्यमंत्री के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर यह छापामारी की जा रही है। इससे पहले आईएएस पूजा सिंघल प्रकरण की जांच कर रही ईडी की टीम ने मई 2022 में प्रेम प्रकाश से पूछताछ की थी। ईडी ने बीते दो साल में प्रेम प्रकाश ने कहां-कहां से कमाई की, इसकी हिस्सेदारी किसे किसे दी, इस पर पूछताछ की थी। प्रेम प्रकाश झारखंड में सत्ता के गलियारे के चर्चित नाम हैं। ये सत्ता के गलियारे में पीपी के नाम से जाने जाते हैं। बताया जाता है कि प्रेम प्रकाश मिड डे मील के लिए अंडे की सप्लाई किया करते थे। इसके बाद उनकी करीबी कई आईएएस अधिकारियों से हो गई। वर्तमान सरकार में ट्रांसफर पोस्टिंग कराने वाले बड़े चेहरे के तौर पर प्रेम प्रकाश की पहचान है। कहा तो यहां तक जाता है कि सरकार की तरफ से होने वाले हर ट्रांसफर पोस्टिंग में उनकी सहमति होती है, बिना उनकी सहमति के कोई भी तबादला नहीं हो सकता है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने प्रेम प्रकाश को लेकर कुछ दिन पहले कई ट्वीट किए थे। 25 मई 2022 को अपने ट्वीट में निशिकांत दुबे ने लिखा था कि प्रेम प्रकाश के यहां आख़िर ईडी पहुंच गया। प्रेम भइया झारखंड के खेल के शातिर खिलाड़ी हैं, नेता, अधिकारी सब इनके जेब में, अमित भैया के तो सर्वे सर्वा, ट्रांसफर पोस्टिंग बिना इनकी मर्जी के नहीं। आगे का इंतजार। वहीं, विधायक सरयू राय ने भी प्रेम प्रकाश की तस्वीर ट्विटर पर डालते हुए यह लिखा था कि यह शख्स कौन है, क्या आप सब इसे पहचानते है, इसकी सत्ता के गलियारों में खूब चलती है।

आखिर सभी बीमारियों को कैसे ठीक कर सकते हो बाबा : सुप्रीम कोर्ट
Published / 2022-08-23 10:46:11
आखिर सभी बीमारियों को कैसे ठीक कर सकते हो बाबा : सुप्रीम कोर्ट

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बाबा रामदेव की इलाज पद्धति और इस संदर्भ में किये गये उनके दावों से सुप्रीम कोर्ट नाराज है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बाबा रामदेव अन्य चिकित्सा पद्धतियों का दुरुपयोग कैसे कर सकते हैं? अदालत यह जानना चाहती है कि वे कैसे गारंटी दे सकते हैं कि वह सभी बीमारियों को ठीक कर सकते हैं? इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने बाबा रामदेव कि ओर से एलोपैथी के खिलाफ दिए गए विज्ञापन पर याचिका दायर की है, जिस पर अदालत ने टिप्पणी की है। सुप्रीम कोर्ट ने बाबा रामदेव को नोटिस जारी किया है और 4 सप्ताह में जवाब मांगा है। एलोपैथिक दवाइयों और वैक्सीनेशन के खिलाफ बाबा रामदेव की टिप्पणी पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने कहा है कि बाबा रामदेव को क्या हुआ है? योग को लोकप्रिय बनाने के लिए हम उनकी इज्जत करते हैं पर उन्हें इलाज के दूसरे तरीकों पर यूं सवाल नहीं उठाना चाहिए। उन्हें दूसरों की आलोचना करने से बचना चाहिए। आईएमए ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि देश में टीकाकरण अभियान और आधुनिक दवाओं के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने भी लगाई रामदेव को फटकार : इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट से भी बाबा रामदेव को फटकार लगी थी। कोर्ट ने कहा था कि वो एलोपैथी के खिलाफ बयान देकर लोगों को गुमराह न करें। रामदेव ने कहा था कि वैक्सीन लगने के बाद भी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को कोरोना वायरस हो गया, ये चिकित्या विज्ञान की असफलता है। इस पर कोर्ट ने कहा कि आपके बयान से दूसरे देशों के साथ हमारे संबंध प्रभावित हो सकते हैं। न्यायमूर्ति अनूप जे भंभानी ने कहा था कि जैसा मैंने शुरू में कहा था कि मेरी चिंता सिर्फ एक है। आपका स्वागत है कि आपके फॉलोअर्स हैं, आपका अपना अनुशासन है, आप जो कहते हैं, वो लोग मानते हैं। लेकिन आप लोगों को गुमराह न करें, वो न कहें तो आधिकारिक रूप से ज्यादा है। रामदेव पर आरोप है कि उन्हें कोरोना से हुई ज्यादा मौतों के लिए एलोपैथी को जिम्मेदार ठहराया।

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