Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...

कानून व्यवस्था

View All
सीबीआई ने लालू के खिलाफ दायर की चार्जशीट
Published / 2022-10-07 17:17:44
सीबीआई ने लालू के खिलाफ दायर की चार्जशीट

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सीबीआई ने पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के खिलाफ कथित रेलवे घोटाले में चार्जशीट दायर कर दी है। चार्जशीट में लालू यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी समेत 15 लोगों को आरोपी बनाया गया है। सीबीआई ने मई महीने में बिहार के लालू और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ 2004-09 में रेलवे में ग्रुप डी की नौकरियों के बदले पटना में एक लाख वर्ग फुट जमीन कथित तौर पर लेने के आरोप में एक नई प्राथमिकी दर्ज की थी। यह मामला तब का है जब संयुक्त प्रगतिशील मोर्चा (संप्रग) सरकार के दौरान लालू रेल मंत्री थे। सीबीआई की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा 18 मई को प्राथमिकी दर्ज करने के बाद एजेंसी ने प्रसाद, उनके परिवार के सदस्यों और अन्य आरोपियों के दिल्ली, पटना और गोपालगंज परिसरों में 16 स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने प्रसाद, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटियों मीसा भारती व हेमा यादव के अलावा मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर, हाजीपुर के रेलवे जोन में नौकरी पाने वाले 12 लोगों को नामजद किया है। केंद्रीय एजेंसी ने रेलवे में जमीन के बदले नौकरी मामले में 23 सितंबर 2021 को प्रारंभिक जांच दर्ज की थी। रेलवे अधिकारियों द्वारा, अनुचित जल्दबाजी में आवेदन करने के तीन दिनों के भीतर उम्मीदवारों को ग्रुप डी पदों पर वैकल्पिक तौर पर नियुक्त किया गया था और बाद में इसके बदले में व्यक्तियों या उनके परिवार के सदस्यों द्वारा अपनी भूमि हस्तांतरित करने पर उन्हें नियमित कर दिया गया। जमीन का यह हस्तांतरण राबड़ी देवी के नाम पर तीन विक्रय विलेख, मीसा भारती के नाम पर एक विक्रय विलेख और हेमा यादव के नाम पर दो उपहार विलेख के जरिये किया गया।

ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग की कार्बन डेटिंग पर फैसला आज
Published / 2022-10-07 05:13:44
ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग की कार्बन डेटिंग पर फैसला आज

एबीएन सेंट्रल डेस्क। ज्ञानवापी सर्वे में मिले शिवलिंग की कार्बन डेटिंग होगी या नहीं, इस पर वाराणसी कोर्ट का आदेश आज यानी 7 अक्टूबर को आयेगा। इस मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद आदेश के लिए जिला जज डॉ अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने 7 अक्टूबर की तारीख तय की थी। सुनवाई के दौरान वादिनी राखी सिंह के वकील ने कार्बन डेटिंग न कराये जाने की मांग की तो वहीं चार अन्य वादियों के वकील विष्णु शंकर जैन ने कार्बन डेटिंग या साइंटफिक जांच करवाकर शिवलिंग की प्राचीनता का पता लगाने की गुहार लगाई। बता दें कि ज्ञानवापी सर्वे के दौरान हिंदू पक्ष के दावे के मुताबिक जो शिवलिंग मिली थी, उसी की कार्बन डेटिंग का मांग चार पक्षकारों के वकील विष्णु शंकर ने की थी। उनका दावा था कि अगर कोर्ट आदेश दे देता है कि शिवलिंग की कार्बन डेटिंग हो, तब इससे यह पता लगाया जा सकता है कि जो पत्थर है, वह कितना प्राचीन है। इससे पहले, 29 सितंबर की सुनवाई से पहले ही कार्बन डेटिंग को लेकर मंदिर पक्ष ही बंटा दिखाई देने लगा। वादी राखी सिंह ने अपने वकील अनुपम दिवेदी के जरिए कार्बन डेटिंग की मांग पर अदालत में प्रार्थना पत्र देकर अपना विरोध दर्ज कराया था। विरोध के पीछे तर्क था कि कार्बन डेटिंग या किसी दूसरे ऐसे वैज्ञानिक तरीके जिससे सैंपल लेना पड़े, उससे शिवलिंग भंग होगा। जिससे सनातन धर्मावलंबियों की आस्था को धक्का लगेगा।

यात्री कार में छह एयर बैग लगाना अनिवार्य : नितिन गडकरी
Published / 2022-09-29 15:12:00
यात्री कार में छह एयर बैग लगाना अनिवार्य : नितिन गडकरी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि सड़क पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए एम-1 श्रेणी की कारों के लिए एयरबैग लगाना अनिवार्य किया जायेगा। श्री गडकरी ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर कहा कि सभी कीमतों और सभी प्रकार के मोटर वाहनों में यात्रा करने वाले यात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यात्री सुरक्षा को देखते हुए अगले साल 1 अक्टूबर से एम-1 श्रेणी की यात्री कारों पर एयर बैग लगाने जरूरी कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आॅटो उद्योग के सामने मौजूद वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला संकट और माइक्रो इकोनॉमिक परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए तय किया गया है कि सभी यात्री कारों एम-1 श्रेणी की कारों पर कम से कम 6 एयरबैग अनिवार्य करने का प्रस्ताव एक अक्तूबर 2023 से लागू किया जायेगा। श्री गडकरी का कहना है कि इससे पहले, पीछे से लगने वाली टक्कर की सूरत में मोटर वाहन यात्रियों की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए केंद्रीय मोटर वाहन नियमों 1989 में संशोधन कर सुरक्षा उपायों को बढ़ाने का फैसला किया गया। इस संबंध में गत 14 जनवरी को मसौदा अधिसूचना जारी की गई थी जिसमें आगामी एक अक्तूबर के बाद निर्मित सभी एम-1 श्रेणी के वाहनों के भीतर दोनों तरफ और दो साइड से खुलने वाले एयर बैग फिट किये जाने का प्रस्ताव किया गया था। इनमें से आगे की सीटों पर सामने की ओर मुंह करके बैठने वाले यात्रियों के लिए एयरबैग और पीछे की सीटों पर बैठने वाले यात्रियों की सुरक्षा के लिए वाहन के भीतर दोनों ओर से खुलने वाले पर्दे और ट्यूब आकार के एयरबैग लगाए जाने का प्रस्ताव था।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से समाज पर क्या पड़ेगा असर
Published / 2022-09-29 09:14:11
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से समाज पर क्या पड़ेगा असर

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि भारत में अविवाहित महिलाओं को भी एमटीपी एक्ट के तहत गर्भपात का अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी महिलाओं को यह चुनने का अधिकार है। कोर्ट ने कहा कि भारत में गर्भपात कानून के तहत विवाहित और अविवाहित महिलाओं में भेद नहीं किया गया है। गर्भपात के उद्देश्य से रेप में वैवाहिक रेप भी शामिल है। सुप्रीम कोर्ट ने विवाहित और अविवाहित महिलाओं के बीच गर्भपात के अधिकार को मिटाते हुए अपने फैसले में कहा कि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट (एमटीपी) से अविवाहित महिलाओं को लिव-इन रिलेशनशिप से बाहर करना असंवैधानिक है।

अब लीजिये... अब एक साल में मिलेंगे सिर्फ 15 गैस सिलेंडर, महीने का कोटा तय
Published / 2022-09-29 09:02:11
अब लीजिये... अब एक साल में मिलेंगे सिर्फ 15 गैस सिलेंडर, महीने का कोटा तय

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अब घरेलू रसोई एलपीजी गैस सिलेंडर की संख्या ग्राहकों के लिए फिक्स हो गई है। नये नियम के मुताबिक, अब ग्राहक एक साल में सिर्फ 15 सिलेंडर ही खरीद सकेंगे। एक साल में किसी भी ग्राहक को 15 सिलेंडर से ज्यादा नहीं दिये जायेंगे। इसके अलावा ग्राहक सिर्फ महीने में दो सिलेंडर ही ले सकेंगे। ग्राहकों को 2 से ज्यादा सिलेंडर नहीं मिलेंगे। अभी तक सिलेंडर पाने के लिए महीने या साल का कोई कोटा तय नहीं था। मंनीकंट्रोल की खबर के मुताबिक, नये नियम के हिसाब से अब साल में सब्सिडी वाले 12 सिलेंडरों की संख्या 12 होगी। इसके ज्यादा अगर आप सिलेंडर खरीदते हैं तो उस पर सब्सिडी नहीं मिलेगी। बाकी के सिलेंडर ग्राहकों को बिना सब्सिडी के ही खरीदने होंगे। राशनिंग के लिए सॉफ्टवेयर में बदलाव किया गया है। ये नियम लागू किये जा चुके हैं। खास बात यह है यह नए नियम इसलिए लागू किये गये हैं, क्योंकि काफी समय से शिकायत मिल रही थी कि घरेलू गैर सब्सिडी की रीफिल कॉमर्शियल से सस्ती होने की वजह से वहां इसका इस्तेमाल ज्यादा होने लगा था, जिसके कारण सिलेंडर पर राशनिंग की गई है। 1 अक्टूबर से एलपीजी की कीमत बढ़ सकती है। 1 अक्टूबर को होने वाली कीमतों की समीक्षा में नेचुरल गैस के दाम बढ़ाये जा सकते हैं। गैस की कीमत हर 6 महीने में एक बार सरकार तय करती है। सरकार यह हर साल 1 अप्रैल और 1 अक्टूबर को करती है। गैस की कीमत इसकी अधिकता वाले देश में चल रही कीमतों पर आधारित होती है। इसके अलावा सीएनजी की कीमत भी बढ़ाई जा सकती हैं। नेचुरल गैस से ही एलपीजी और सीएनजी बनाई जाती है। पिछले महीने 19 किलोग्राम के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 36 रुपये घटाकर 1,976.50 रुपये कर दी गई थी। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल होटल, रेस्टोरेंट और अन्य कमर्शियल काम के लिए किया जाता है। मई के बाद से कमर्शियल एलपीजी कीमत यह चौथी बार कटौती की गई थी। कुल मिलाकर कीमतों में प्रति सिलेंडर 377.50 रुपये की कमी हुई है। इसके अलावा घरेलू रसोई में इस्तेमाल होने वाली एलपीजी गैस की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

देवघर हवाई अड्डे पर भूमि अधिग्रहण के लिए नोटिस दें : हाई कोर्ट
Published / 2022-09-28 07:55:29
देवघर हवाई अड्डे पर भूमि अधिग्रहण के लिए नोटिस दें : हाई कोर्ट

टीम एबीएन, रांची। झारखंड उच्च न्यायालय ने जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार को देवघर हवाई अड्डे से विमानों की रात्रि उड़ानों में बाधक बन रहे नौ मकानमालिकों को भूमि अधिग्रहण के संबंध में नोटिस देने और हवाई अड्डे पर अन्य आवश्यक सुविधाएं देने के मंगलवार को निर्देश दिए। मुख्य न्यायाधीश डररवि रंजन एवं न्यायमूर्ति एसएन प्रसाद की खंडपीठ में देवघर हवाई अड्डे के संचालन को लेकर दाखिल भारतीय जनता पार्टी के नेता एवं सांसद निशिकांत दूबे की याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने हवाई अड्डे के पास तोड़े जाने वाले नौ भवनों के स्वामियों को प्रतिवादी बनाया और देवघर उपायुक्त को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि इन सभी मकान मालिकों को नोटिस जारी किए जाएं। बता दें कि मामले में अगली सुनवाई 19 अक्टूबर को होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस वर्ष 13 जुलाई को इस हवाई अड्डे का उद्घाटन किया था।

मोदी सरकार ने पीएफआई पर लगाया 5 साल का बैन, 8 सहयोगी संगठनों पर भी प्रतिबंध
Published / 2022-09-28 07:08:33
मोदी सरकार ने पीएफआई पर लगाया 5 साल का बैन, 8 सहयोगी संगठनों पर भी प्रतिबंध

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार ने कथित रूप से आतंकी गतिविधियों में लिप्त रहने के कारण पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर बैन लगा दिया है। केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) को गैरकानूनी संगठन बताते हुए उस पर 5 साल का बैन लगाया है। साथ ही पीएफआई के सहयोगी संगठनों पर भी कार्रवाई हुई है। इन पर भी पांच साल का प्रतिबंध लगाया गया है। गृह मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना : केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से मंगलवार रात जारी एक अधिसूचना के अनुसार, केंद्र सरकार का मानना है कि पीएफआई और उसके सहयोगी ऐसी विनाशकारी कृत्यों में शामिल रहे हैं, जिससे जन व्यवस्था प्रभावित हुई है, देश के संवैधानिक ढांचे को कमजोर किया जा रहा है और आतंक-आधारित शासन को प्रोत्साहित किया जा रहा है तथा उसे लागू करने की कोशिश की जा रही है। अधिसूचना में कहा गया है कि संगठन देश के खिलाफ असंतोष उत्पन्न करने के इरादे से राष्ट्र विरोधी भावनाओं को बढ़ावा देने और समाज के एक विशेष वर्ग को कट्टरपंथी बनाने की लगातार कोशिश कर रहा है। गृह मंत्रालय ने कहा, उक्त कारणों के चलते केंद्र सरकार का दृढ़ता से यह मानना है कि पीएफआई की गतिविधियों को देखते हुए उसे और उसके सहयोगियों या मोर्चों को तत्काल प्रभाव से गैरकानूनी संगठन घोषित करना जरूरी है। पीएफआई के अलावा रिहैब इंडिया फाउंडेशन, कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया, ऑल इंडिया इमाम काउंसिल, नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन, नेशनल वुमंस फ्रंट, जूनियर फ्रंट, एम्पावर इंडिया फाउंडेशन, रिहैब फाउंडेशन जैसे सहयोगी संगठनों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। पीएफआई पर बैन के बाद अब ये देश में किसी प्रकार की गतिवधि को अंजाम नहीं दे सकता है। वह न तो आधिकारिक तौर पर कोई कार्यक्रम आयोजित कर सकता है, न उसका कोई दफ्तर होगा, न ही वो कोई सदस्यता अभियान चला सकेगा और न ही फंडिंग आदि ले सकेगा। 15 राज्यों में एक्टिव है पीएफआई : पीएफआई अभी दिल्ली, आंध्र,प्रदेश, असम, बिहार, केरल, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, हरियाणा, तमिलनाडु, तेलंगाना, मध्य प्रदेश में एक्टिव है। बता दें कि हाल में 22 सितंबर को ईडी और एनआईए ने छापेमारी में पीएफआई से जुड़े 106 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। वहीं मंगलवार (28 सितंबर) को दूसरे राउंड की छापेमारी में 247 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

जेल में ही बीतेगी पूजा सिंघल की दुर्गा पूजा
Published / 2022-09-27 17:17:53
जेल में ही बीतेगी पूजा सिंघल की दुर्गा पूजा

टीम एबीएन, रांची। निलंबित आईएएस और मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपी पूजा सिंघल की जमानत याचिका पर मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस अंबुज नाथ की अदालत में यह सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने पूजा सिंघल की याचिका पर अवकाश खत्म होने के बाद सुनवाई का निर्देश दिया गया। ईडी ने पूजा सिंघल की बेल पर जवाब दाखिल कर दिया है। इसके साथ ही केस डायरी भी हाईकोर्ट में दाखिल कर दी गई है। गौरतलब है कि 11 मई से पूजा सिंघल न्यायिक हिरासत में हैं। पूजा सिघंल ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से उच्च न्यायालय में नियमित जमानत के लिए अर्जी दाखिल की है। पूजा सिंघल पिछले 4 महीने से ज्यादा समय से जेल में बंद हैं। ईडी की विशेष कोर्ट ने 3 अगस्त को पूजा की बेल पिटीशन खारिज करते हुए उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट में जमानत के लिए गुहार लगाई है। मालूम हो कि ईडी ने पांच मई को पूजा सिंघल के 25 ठिकानों पर छापेमारी की थी। जिसके बाद ईडी ने पूजा सिंघल और सीए सुमन सिंह को गिरफ्तार किया था। दोनों से 14 दिनों की पुलिस हिरासत में पूछताछ की गई। इसमें ईडी को बेहिसाब पैसे और आवास के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके अलावा कई जिले के डीएमओ के खिलाफ मिले सबूतों की जांच चल रही है।

एक हफ्ते में 8 राज्यों में पीएफआई पर एनआईए का दूसरा छापा, कर्नाटक में 45 सदस्य हिरासत में
Published / 2022-09-27 05:34:46
एक हफ्ते में 8 राज्यों में पीएफआई पर एनआईए का दूसरा छापा, कर्नाटक में 45 सदस्य हिरासत में

एबीएन सेंट्रल डेस्क। एनआईए अन्य जांच एजेंसियां के साथ मिलकर पीएफआई पर हफ्ते भर के अंदर दूसरे दौर की छापेमारी कर रही है। एनआईए ने कट्टरपंथी संगठन पीएफआई पर पर अपनी कार्रवाई जारी रखी है। 8 राज्यों में पीएफआई पर छापेमारी की जा रही है। एनआईए के नेतृत्व में पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां आठ राज्यों में छापेमारी कर रही हैं। कर्नाटक में पीएफआई के 45 सदस्यों को हिरासत में भी लिया गया है। एनआईए सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पहले दौर की छापेमारी में पीएफआई नेताओं से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिली हैं। असम के सात पीएफआई नेताओं को आज सुबह करीब 5 बजे राज्य पुलिस द्वारा की गई छापेमारी में गिरफ्तार किया गया है। उन्हें कामरूप जिले के नगरबेरा इलाके से गिरफ्तार किया गया। कर्नाटक में, 45 पीएफआई सदस्यों को हिरासत के तहत उठाया गया है। उन्हें स्थानीय तहसीलदार के सामने पेश किया जायेगा और न्यायिक हिरासत की मांग की जायेगी और उन्हें जेल भेजा जायेगा। इन पीएफआई सदस्यों ने या तो एनआईए कर्मियों को रोका था और पहले विरोध किया था या स्थानीय स्तर पर परेशानी पैदा की थी।

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।

विज्ञापन

© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.

कुल पाठक (Total Visitors): 38,157