एबीएन सेंट्रल डेस्क। जर्मनी ने सोमवार को जर्मन कानून का पालन करने में विफल रहने के लिए मैसेजिंग एप टेलिग्राम को चलाने वालों खिलाफ 5 मिलियन अमरीकी डालर यानी तकरीबन 41 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा दिया। फेडरल ऑफिस ऑफ जस्टिस ने कहा कि टेलीग्राम ने अवैध सामग्री की रिपोर्ट करने के लिए कोई तरीका नहीं बताया है। उसने आधिकारिक संचार के लिए जर्मनी में किसी को नियुक्त भी नहीं किया है। ये दोनों ही बातें जर्मन कानूनों के तहत बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को नियंत्रित करने के लिए जरूरी हैं। जर्मन संघीय पुलिस ने इस साल की शुरुआत में चेतावनी दी थी कि एप कट्टरपंथ का माध्यम बन रहा है, जिसका उपयोग कुछ लोग राजनेताओं, वैज्ञानिकों और डॉक्टरों को कोरोना से निपटने में भूमिका के लिए निशाना बनाने के लिए कर रहे हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने गैंगस्टर्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। एनआईए ने मंगलवार को कई राज्यों में कई ठिकानों पर छापेमारी की। यह छापेमारी भारत और विदेशों में स्थित आतंकवादियों, गैंगस्टरों और ड्रग तस्करों के बीच के गठजोड़ को खत्म करने के लिए की गयी। एनआईए ने दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में 40 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की है। लॉरेंस बिश्नोई, नीरज बवाना समेत कई गैंग से जुड़े लोगों के ठिकानों पर यह कार्रवाई की गयी है। इससे पहले 12 सितंबर को एनआईए ने पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर में 50 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस साल 26 अगस्त को दिल्ली पुलिस ने दो मामले दर्ज किये थे। भारत और विदेशों में स्थित कुछ गैंगस्टर देश में आतंकी और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे गैंगस्टर्स की पहचान कर मामला दर्ज किया गया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। इस वर्ष दीपावली, छठ और गुरु पर्व पर सिर्फ दो घंटे पटाखे चलाने की इजाजत दी जायेगी। क्रिसमस और न्यू ईयर पर पटाखे चलाने के लिए मात्र 35 मिनट का समय तय किया गया है। झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इसे लेकर शनिवार को विस्तृत निर्देश जारी कर दिये हैं। इसके अनुसार दीपावली की रात को आठ बजे से दस बजे तक ही पटाखे चलाये जा सकेंगे। छठ के दिन सुबह छह से आठ, गुरुपर्व पर रात्रि आठ से दस तथा क्रिसमस एवं नववर्ष पर 31 दिसंबर की रात 11 बजकर 55 मिनट से 12.30 तक पटाखों की अनुमति दी जायेगी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव यतींद्र कुमार दास द्वारा जारी निर्देश में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा पारित आदेश का हवाला देते हुए कहा गया है कि झारखंड के उन शहरों में जहां वायु गुणवत्ता का स्तर अच्छा या संतोषप्रद है, वहां निर्धारित समय पर ही पटाखे चलाये जा सकेंगे। उन्होंने पटाखों की बिक्री को लेकर भी निर्देश जारी किया है। इसके अनुसार राज्य में 125 डेसिबल से कम क्षमता वाले पटाखों की ही बिक्री की जा सकेगी। इन निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर आईपीसी की धारा 188 और वायु प्रदूषण निवारण नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जायेगी। इसे लेकर राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों को भी पत्र लिखा गया है। राज्य के शहरी इलाकों में दिवाली पर गली-मोहल्लों में पटाखों की बिक्री पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। पटाखों की दुकानें लगाने के लिए शहरों में खुली जगहों पर क्लस्टर बनाये जा रहे हैं। खुदरा विक्रेता उन्हीं क्लस्टरों में दुकान लगा सकें। झारखंड की राजधानी रांची में चार से पांच क्लस्टर बनाये गये हैं। इनके अलावा पटाखा बिक्री के लिए प्रशासन ने कुछ शर्तें भी निर्धारित की है। सभी विक्रेताओं को इसका पालन करना होगा। पटाखों की बिक्री के लिए लाइसेंस लेना होगा।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में शेल कंपनियों और अवैध खनन के जरिये की गई मनी लाउंड्रिंग संबंधी याचिका को रफा दफा करने के लिए राजीव कुमार की गिरफ्तारी से जुड़े मामले में ईडी ने शुक्रवार को चार्जशीट दायर कर दी है। इस मामले में शिकायतकर्ता अमित अग्रवाल और गिरफ्तार आरोपी राजीव कुमार दोनों के ही खिलाफ चार्जशीट दायर की गई है। ईडी ने अपनी चार्जशीट में अमित अग्रवाल को आरोपी नंबर एक बनाया है। ईडी के इतिहास में ऐसा पहली बार है जब किसी केस के शिकायतकर्ता को ही आरोपी नंबर एक बना दिया गया। अमित अग्रवाल की शिकायत पर कोलकाता पुलिस ने राजीव कुमार को 50 लाख नकदी के साथ 31 जुलाई को गिरफ्तार किया था। 10 अगस्त को इस केस में रांची जोनल आॅफिस में ईडी ने मनी लाउंड्रिंग का केस दर्ज किया था। केस में शेल कंपनियों के मामले में याचिकाकर्ता शिवशंकर शर्मा और अधिवक्ता राजीव कुमार को आरोपी बनाया गया था। शुक्रवार को ईडी की विशेष अदालत में एजेंसी ने चार्जशीट दायर की।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश संजय कुमार द्विवेदी की अदालत में पश्चिम बंगाल के कोलकाता में 46 लाख कैश के साथ पकड़े गए कांग्रेस के तीन विधायकों इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन विक्सल कोंगाड़ी के मामले में रांची में दर्ज की गई जीरो एफआईआर को कोलकाता स्थानांतरित किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई हुई। हाई कोर्ट ने झारखंड और पश्चिम बंगाल सरकार से इस मामले में शपथ पत्र दायर करने को कहा है। वहीं कोलकाता पुलिस को मामले की जांच को जारी रखने का निर्देश दिया है। लेकिन कोर्ट ने चार्जशीट दायर करने पर रोक लगा दी है। हाई कोर्ट ने इन तीनों विधायकों के खिलाफ जांच में किसी प्रकार की रोक लगाने से इंकार किया है। मामले की अगली सुनवाई 1 दिसंबर को होगी। बता दें कि 3 विधायकों के खिलाफ रांची के अरगोड़ा थाने में विधायक अनूप सिंह की ओर से शिकायत की गई थी। इस पर पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर ली थी, जिसे कोलकाता ट्रांसफर कर दिया गया था। आरोपी विधायकों ने जांच के लिए केस को कोलकाता भेजे जाने के फैसले को निरस्त करने मांग की थी। प्रार्थी विधायकों का कहना था कि झारखंड में जांच होनी चाहिए, कोलकाता में इसकी जांच नहीं होनी चाहिए। आरोपी विधायकों की बेल पर सुनवाई करते हुए कोलकाता हाई कोर्ट ने कोलकाता पुलिस को 10 नवंबर को जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा है। इससे पहले इन तीनों विधायकों को 46 लाख कैश के साथ 30 जुलाई को पश्चिम बंगाल के हावड़ा में कोलकाता पुलिस ने पकड़ा था। कलकत्ता हाई कोर्ट ने उन्हें पूर्व में कोलकाता में रहने की शर्त पर जमानत दे दी है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में 1.14 लाख किसान प्रधानमंत्री किसान योजना का दोहरा लाभ ले रहे थे। ये किसान अब पीएम किसान योजना का लाभ नहीं ले पायेंगे। ये वैसे किसान हैं, जिनकी एक से अधिक जिलों में जमीन थी। ऐसे किसान कई जिलों से पीएम किसान योजना का लाभ ले रहे थे। जांच में ऐसे किसानों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। राज्य सरकार केंद्र के साथ मिलकर ऐसे किसानों को चिह्नित कर रहा है। पूरे देश में इस तरह का मामला था। किसानों को उनके लैड रिकॉर्ड के आधार पर चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू की गयी है। अब तक राज्य में 22 लाख किसानों को चिह्नित किया गया है, जो दोहरा लाभ ले रहे थे। भारत सरकार ने किसानों के नाम और उनकी जमीन के अाधार पर पीएम किसान योजना कि लिए लाभुक तय किया था। इसमें प्रावधान था कि एक किसान एक ही बार लाभ ले सकेंगे। इसके लिए जिलास्तर से लाभुक का अनुमोदन होता था। भारत सरकार ने जब डाटा की जांच की, तो पता चला कि पूरे देश में लाखों किसान कई जिलों से लाभ ले रहे हैं। इसके बाद भारत सरकार ने सभी राज्यों को जांच का आदेश दिया। भारत सरकार ने कहा कि सभी राज्य अब जमीन की जीपीएस रिकॉर्ड, खाता व प्लॉट नंबर के आधार पर किसानों की पहचान करें। केंद्र सरकार ने डाटा की जांच उपायुक्त के स्तर से करायी है। झारखंड में अद्यतन सर्वे रिपोर्ट नहीं है। इस कारण केंद्र सरकार से राज्य सरकार ने वंशावली को जमीन के मालिक का अाधार बनाने का आग्रह किया। इसे भारत सरकार ने स्वीकार किया था। इसके बाद कृषि विभाग ने भू राजस्व विभाग के साथ मिलकर डाटा अपडेट किया। इसका मिलान करने के लिए भारत सरकार को यहां की झारभूमि का सर्वर उपयोग करने की अनुमति दी गयी। भारत सरकार ने इनमें से 17.60 लाख किसानों का डाटा वैलिडेट कराया है। इन किसानों को पीएम किसान योजना की 12वीं किस्त का भुगतान किया जायेगा। राज्य सरकार ने तय किया है कि 22.60 लाख में 17.60 लाख किसानों को 12वीं किस्त की राशि दे दी जायेगी। शेष किसानों का भुगतान डाटा जांच के बाद होगा। डाटा की जांच किसानों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के कुछ आईपीएस और आईएएस अधिकारी के साथ-साथ एक मंत्री भी ईडी के रडार पर हैं। जानकारी के अनुसार ईडी ने राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो, उनके पीए पवन कुमार, सेवानिवृत हुए आईएएस अधिकारी केके खंडेलवाल, पाकुड़ के पूर्व डीसी दिलीप झा, गिरिडीह एसपी अमित रेणू, एसडीपीओ अनिल कुमार सिंह समेत कई अन्य अधिकारियों, कारोबारियों के खिलाफ जानकारी मांगी है ईडी ने राज्य पुलिस मुख्यालय के आईजी मानवाधिकार से इस संबंध में जानकारी मांगी थी, जिसके बाद आईजी मानवाधिकार ने सीआईडी से संबंधित लोगों पर दर्ज केस, आरोप पत्र और शिकायत की जानकारी मांगी है। पुलिस मुख्यालय से रिपोर्ट भेजे जाने के बाद ईडी आगे की कार्रवाई करेगी। ईडी धनबाद समेत कई अन्य जिलों में अवैध कोयले की तस्करी को लेकर भी कार्रवाई की तैयारी में है। कोयला क्षेत्र में धनबाद के एसएसपी संजीव कुमार और गिरिडीह में अमित रेणू के खिलाफ ईडी को शिकायत मिली थी। ईडी की शिकायत में धनबाद एसएसपी पर आरोप लगाया गया है कि धनबाद में मुगमा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कोयला तस्करी हो रही है। धनबाद में कोयला चालान धंसने से मौत की वजह तस्करी बतायी गई है, साथ ही फरवरी माह में हुए वारदातों को उदाहरण के तौर पर बताया गया है। गिरिडीह के एसपी अमित रेणू पर भी पद का दुरूपयोग करते हुए अपने और अपने परिजनों के नाम पर संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाते हुए पीएलएमए के तहत जांच की मांग की गई है। बीसीसीएल के सीनियर मैनेजर बीएन बेहरा, चीफ विजिलेंस अफसर अनिमेष कुमार से जुड़े मामले में भी ईडी ने जानकारी मांगी है। दुमका के हरिनंदन चौधरी, बालू के कारोबार से जुड़े मनीष यादव से जुड़े केस या आरोप पत्र की जानकारी भी इडी ने मांगी है।
एबीएन सोशल डेस्क। अगर आपका भी आधार कार्ड 10 साल से पुराना हो गया तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। दरअसल, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने उन लोगों से अपने दस्तावेजों एवं जानकारियों को अद्यतन (अपडेट) कराने का आग्रह किया है जिन्होंने अपना आधार 10 साल से पहले बनवाया था और उसके बाद कभी अपडेट नहीं कराया है। UIDAI ने यहां जारी एक बयान में कहा कि सूचनाएं अद्यतन करने का काम ऑनलाइन या आधार केंद्रों पर जाकर दोनों तरीकों से किया जा सकता है। हालांकि उसने इसे अनिवार्य नहीं बताया है। उसने कहा कि ऐसे व्यक्ति जिन्होंने अपना आधार दस साल पहले बनवाया था एवं उसके बाद इन सालों में कभी अपडेट नहीं करवाया है, ऐसे आधार नंबर धारकों से दस्तावेज अपडेट करवाने का आग्रह किया जाता है। निकाय ने कहा कि यूआईडीएआइई ने इस संबंध में आधार धारकों को दस्तावेज अपडेट की सुविधा निर्धारित शुल्क के साथ प्रदान की है और आधार धारक व्यक्तिगत पहचान प्रमाण और पते के प्रमाण से जुड़े दस्तावेजों को आधार डाटा में अपडेट कर सकता है| बयान में कहा गया है कि इन दस साल के दौरान, आधार संख्या किसी व्यक्ति की पहचान के प्रमाण के रूप में उभरी है और आधार संख्या का उपयोग विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उठाने के लिए किया जा रहा है। UIDAI ने कहा कि इन योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उठाने के लिए, लोगों को व्यक्तिगत नवीनतम विवरण से आधार डाटा को अपडेट रखना है ताकि आधार प्रमाणीकरण व सत्यापन में कोई असुविधा नहीं हो|
एबीएन सेंट्रल डेस्क। छत्तीसगढ़ के कई शहरों में ईडी ने मंगलवार को दिनभर छापेमारी की। सुबह-सुबह एक बार फिर से छापेमारी की है। इस बार ईडी ने राज्य के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ कारोबारियों के घर पर भी छापेमारी की है। जिसमें कुछ ऐसे भी लोग शामिल हैं जिन पर पहले आईटी की भी रेड पड़ चुकी है। छत्तीसगढ़ में इस बार ईडी ने दुर्ग, रायपुर, रायगढ़ और महासमुंद सहित कई जगहों पर छापा मारा है। सूत्रों ने बताया कि ईडी की छापेमारी में शाम तक लगभग चार करोड़ रुपये की नकदी बरामद की गई है जबकि करोड़ों रुपये के आभूषण मिले हैं। सूत्रों ने हालांकि यह नहीं बताया कि ये सब सामान कहां बरामद किया गया है। माना जा रहा है कि ईडी अधिकारियों को छापेमारी में बहुत कुछ बरामद कर लिया है। शाम को दिल्ली के अधिकारी भी रायपुर पहुंच चुके हैं। इस पूरी छापेमारी की दिल्ली से वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जा रही है। ईडी ने सीआरपीएफ से अतिरिक्त फोर्स मांगा है। इससे उम्मीद की जा रही है कि ईडी बुधवार को इससे भी बड़ी कार्रवाई करेगी। छत्तीसगढ़ के दुर्ग में मुख्यमंत्री बघेल की ओएसडी सौम्या चौरसिया, रायगढ़ में कलेक्टर रानू साहू के आवास पर, महासमुंद में अग्नि चंद्राकर, सूर्यकांत तिवारी, माइनिंग हेड आईएएस जेपी मौर्य के रायपुर स्थित आवास पर, रायगढ़ के गांजा चौक निवासी नवनीत तिवारी, प्रिंस भाटिया, सीए सुनील अग्रवाल के ठिकानों पर ईडी की कार्यवाही जारी है। बताया जा रहा है कि सुबह पांच बजे से इन सभी के घर ईडी दर्जनभर टीम के साथ रेड कर रही है। इससे पहले भी आईटी और ईडी द्वारा मुख्यमंत्री की ओ एच डी सौम्या चौरसिया, कलेक्टर रानू साहू, सूर्यकांत तिवारी से पहले भी पूछताछ की जा चुकी है। इस दौरान कोयला व्यापारी सूर्यकांत तिवारी और सौम्या चौरसिया के घर से बड़ी मात्रा में लगभग 200 करोड रुपये की चल अचल संपत्ति सामने आई थी।
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