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झारखंड हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया 2021 की नियोजन नीति
Published / 2022-12-16 16:23:44
झारखंड हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया 2021 की नियोजन नीति

अब झारखंड से मैट्रिक- इंटर परीक्षा पास करने की बाध्यता खत्मटीम एबीएन, रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) नियुक्ति नियमावली को चुनौती देने को लेकर दायर याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश डॉ रविरंजन एवं न्यायधीश सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने सभी पक्षों की ओर से बहस और दलीलें सुनने के बाद नियोजन नीति पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था। अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2021 में पारित नियोजन नीति (जेएसएससी रूल्स संशोधन) को रद्द कर दिया है। इसके साथ ही रमेश हांसदा की ओर से दाखिल याचिका को अदालत ने स्वीकार कर लिया है। झारखंड हाईकोर्ट के तीन न्यायाधीशों की बृहद पीठ ने यह फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब वैसे अभ्यर्थी भी जेएसएससी और जेपीएससी द्वारा ली जाने वाली नियुक्ति प्रतियोगिता में शामिल हो सकते हैं। जिन्होंने झारखंड के बाहर दसवीं और बारहवीं की पढ़ाई की है।

तीन महीने के अंदर पूरी करें हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया : सुप्रीम कोर्ट
Published / 2022-12-16 14:24:16
तीन महीने के अंदर पूरी करें हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया : सुप्रीम कोर्ट

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में हाईस्कूल शिक्षकों की नियुक्ति के मामले में दायर अवमानना याचिका और अन्य याचिकाओं का सुप्रीम कोर्ट ने निपटारा कर दिया है। कोर्ट ने साफ किया कि जिन शिक्षकों की अभी तक नियुक्ति हो चुकी है, उनकी नौकरियां सुरक्षित रहेंगी। इसके अलावा झारखंड हाईकोर्ट में याचिककर्ता रहे लोगों को भी नियुक्तियां होंगी। इसके लिए पहले से नियुक्त लोगों की मेरिट लिस्ट को आधार बनाया जायेगा। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि अभी शिक्षकों के जो 8586 पद खाली है, उनके लिए सरकार राज्य स्तर पर अलग से मेरिट लिस्ट बनाये। इसके लिए राज्य सरकार को शेड्यूल्ड और नॉन शेड्यूल्ड जिलों को मिलाकर एक अलग से राज्य स्तर पर मेरिट लिस्ट बनानी होगी। कोर्ट ने पूरी कवायद को पूरा करने के लिए राज्य सरकार को 3 महीने का वक़्त दिया है। 2 अगस्त को दिये अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार की शेड्यूल्ड जिलों में स्थानीय लोगों को 100 फीसदी आरक्षण देने की नीति को असंवैधानिक करार दिया था। सुप्रीम कोर्ट का कहना था कि झारखंड सरकार की ओर से 13 शेड्यूल्ड जिलो में (क्लास 3 और क्लास 4 की पोस्ट के लिए) सिर्फ स्थानीय निवासियों को ही मौका देना संविधान के अनुकूल नहीं है। इन जिलों में स्थानीय नागरिकों का 100% आरक्षण समानता के मूल अधिकार के खिलाफ है और सरकार का ऐसा करना बाकी जिलों के के लोगों को संविधान की ओर से मिले मूल अधिकारों का हनन है।सुप्रीम कोर्ट ने तब हालाकि राज्य सरकार के नोटिफिकेशन को रद्द किया था पर साथ ही ये भी कहा था कि शेड्यूल्ड डिस्ट्रिक्ट में कई सालों से टीचर्स काम कर रहे हैं, अगर उन तमाम नियुक्तियों को रद्द किया जाता है तो ऐसी सूरत में स्कूलों में शिक्षकों की कमी हो जायेगी। आदिवासी इलाकों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होंगी। लिहाजा कोर्ट ने सीधे उनकी नियुक्ति न रद कर कहा था कि शेड्यूल्ड और नॉन शेड्यूल्ड जिलो को मिलाकर एक नयी मेरिट लिस्ट बनायी जाये, उसके आधार पर हरेक की मेरिट के लिहाज से जिलो में उनकी नियुक्ति हो।कोर्ट में दायर अवमानना याचिका में आरोप लगाया गया था कि राज्य सरकार एससी के आदेश पर अमल नहीं कर रही है। अवमानना याचिका और मामले से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कोर्ट का आज का आदेश आया है। वकील के मुताबिक शिक्षको के मामले मे दिये गये राहत के इस आदेश का ग्रुप सी और ग्रुप डी की दूसरी नौकरियों पर भी पड़ेगा। शिक्षकों की तर्ज पर सुप्रीम कोर्ट ने पंचायत सचिवों की नियुक्ति के लिए भी राज्य स्तरीय मेरिट लिस्ट बनाने को कहा है।

रांची : आलम हॉस्पिटल के मालिक डॉक्टर माजीद आलम के ठिकानों पर आयकर का छापा
Published / 2022-12-14 23:40:35
रांची : आलम हॉस्पिटल के मालिक डॉक्टर माजीद आलम के ठिकानों पर आयकर का छापा

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मशहूर डॉक्टर माजीद आलम के घर पर आईटी की टीम ने बुधवार की सुबह दबिश दी है। डॉक्टर मजीद आलम के बरियातू स्थित आलम अस्पताल, जोड़ा तालाब स्थित घर और रातू स्थित घर पर ईडी की टीम एक साथ पहुंची और काजगात खंगालने में जुट गयी। हालांकि अभी यह क्लियर नहीं है कि यह आईटी की रेड है या छापेमारी। डॉ आलम के बरियातू रोड स्थित आलम नर्सिंग होम है, जहां आईटी की टीम 2 बड़े वाहनों में सवार होकर पहुंची। इस टीम ने नर्सिंग होम के अकाउंट ऑफिस को अपने कब्जा में लिया और फाइलों की जांच शुरू की। वहीं आईटी की दो अन्य टीमें डॉक्टर के रातू और जोड़ा तालाब स्थित घर भी पहुंची है, जहां संपत्ति और बैंक खातों की जांच कर रही है।

रामगढ़ : कांग्रेस विधायक ममता देवी को 5 साल की सजा
Published / 2022-12-13 18:52:39
रामगढ़ : कांग्रेस विधायक ममता देवी को 5 साल की सजा

खत्म होगी विधायकी, राज्य में पांचवां उपचुनाव जल्द होने की उम्मीदटीम एबीएन, रामगढ़। गोला गोलीकांड की दोषी कांग्रेस विधायक ममता देवी सहित 13 अभियुक्तों को सजा सुनाई गई विधायक ममता देवी समेत सभी दोषियों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई गई है। अदालत ने सभी दोषियों पर 10-10 हजार का जुर्माना भी लगाया। हजारीबाग के एमपी एमएलए कोर्ट में सजा का फैसला हुआ। दिनभर हजारीबाग कोर्ट परिसर में गहमागहमी का माहौल देखने को मिला विधायक ममता देवी के परिजन बच्चे सहित कोर्ट परिसर में मौजूद रहे। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। कोर्ट की पूरी कार्रवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई है और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही सभी को सजा सुनाई गई। रामगढ़ विधानसभा की विधायक ममता देवी को अलग-अलग धाराओं में 5 साल की सजा हुई। ममता देवी को धारा 148 में दो साल, 332 में दो साल, 333 में दो साल और 307 में पांच साल मिली है। जिसके कारण उनकी विधानसभा की सदस्यता समाप्त हो जाएगी। अब रामगढ़ विधानसभा सीट पर उपचुनाव होगा। विधायक ममता देवी को सजा के बाद कार्यकर्ता काफी दुखी दिख रहे थे। विधायक के समर्थक और परिजन कोर्ट पहुंचे थे। परिजन ममता देवी के दूधमुहे बच्चे के साथ कोर्ट पहुंचे थे। इसे देखकर सभी की आंखें नम हो रही थी।

विधायक ममता देवी प्रकरण : आज सुनवाई तली, अब सजा पर फैसला कल
Published / 2022-12-12 14:53:43
विधायक ममता देवी प्रकरण : आज सुनवाई तली, अब सजा पर फैसला कल

दुमका, मधुपुर, बेरमो और मांडर में अबतक हो चुके हैं उपचुनाव, अब पांचवें उपचुनाव की सुगबुगाहट तेजटीम एबीएन, रामगढ़/ रांची। इस विधानसभा में अब तक झारखंड में 4 उपचुनाव हो चुके हैं। दुमका, मधुपुर, बेरमो और मांडर में उपचुनाव हुए हैं, जिसमें महागठबंधन को जीत मिली है और यदि रामगढ़ में उपचुनाव होता है तो यह पांचवां होगा। लेकिन विधायकी जाने के बाद उपचुनाव होंगे। ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि पहले की स्थिति में चुनाव लड़ा जायेगा या फिर से गठबंधन के द्वारा ही दोनों पक्ष लड़ेंगे। यह तो 12 दिसंबर के बाद ही फैसला हो पायेगा। लेकिन यदि चुनाव हुआ तो वर्तमान गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी के लिए फिर से चुनौती जरूर रहेगी क्योंकि पिछली बार लगातार तीन बार भारी मतों से विजयी हुए चंद्र प्रकाश चौधरी अपनी पत्नी को जिताने में असफल हुए थे।

रांची : नशे में वाहन चलाये तो देना होगा जुर्माना, वाहन भी होगा जब्त
Published / 2022-12-12 13:04:22
रांची : नशे में वाहन चलाये तो देना होगा जुर्माना, वाहन भी होगा जब्त

क्रिसमस और नये साल को लेकर पुलिस ने बढ़ायी सख्तीटीम एबीएन, रांची। रांची में नशे में वाहन चलाने वालों की अब खैर नहीं। क्रिसमस और नये साल को लेकर पुलिस शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है। इसी क्रम में रविवार देर रात कुल 143 वाहनों की जांच की गयी। ब्रेथ एनालाइजर से जांच के बाद उन पर जुर्माना लगाया गया। कुछ वाहन चालक पुलिस से उलझ गये। इस पर मेडिकल जांच के बाद उनकी गाड़ियां जब्त कर ली गयी। वाहन मालिकों को अब कोर्ट से अपनी गाड़ी छुड़ानी होगी।एसएसपी किशोर कौशल ने बताया कि रांची के चारों यातायात थाना की ओर से ड्रंक एंड ड्राइव अभियान चलाया गया। इनमें लालपुर में 29 लोगों की जांच हुई। इसमें चार पॉजिटिव मिले। जबकि चुटिया इलाके में 45 लोगों की जांच में एक पॉजिटिव और गोंदा इलाके में 45 लोगों की जांच में एक पॉजिटिव एवं जगरनाथपुर इलाके में 24 जांच में एक भी पॉजिटिव नहीं मिला। इस दौरान छह वाहन चालक पॉजिटिव पाये गये। एसएसपी ने बताया कि नया साल आने वाला है। अक्सर शराब के नशे में वाहन सवार गाड़ी से नियंत्रण खो देते हैं, जिससे दुर्घटनाएं होती हैं। कई बार सड़क पर पैदल चलने वालों को भी चपेट में ले लिया जाता है। इसे देखते हुए यह कड़ाई बरती गई है। ट्रैफिक में तैनात पुलिस पदाधिकारियों को सख्त आदेश दिया गया है कि अगले 50 दिन लगातार अभियान चलायें ताकि लोग शराब पीकर गाड़ी नहीं चलायें।

रांची : घूसखोर दरोगा को साल की सजा
Published / 2022-12-09 17:57:35
रांची : घूसखोर दरोगा को साल की सजा

टीम एबीएन, रांची। एंटी करप्शन ब्यूरो की विशेष अदालत ने एक्साइज विभाग के दारोगा विश्वनाथ राम को 4 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर कुल एक लाख तीस हजार रुपये का जुमार्ना भी लगाया है।  एक्साइज विभाग के दारोगा विश्वनाथ राम को गुरुवार को एसीबी की विशेष कोर्ट ने दोषी करार दिया। इसी केस के सह आरोपी उत्पाद विभाग के सिपाही रामलखन राय को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था। 25 मार्च 2014 को कचहरी चौक स्थित एक चाय की दुकान से दोनों आरोपियों को 40 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए एसीबी की टीम ने गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी से एक दिन पूर्व शिकायतकर्ता प्रवीण कुमार ने घूस की मांग को लेकर एसीबी के एसपी से शिकायत की थी।

एसीसीएफ और डीएफओ सशरीर हाजिर हों : हाईकोर्ट
Published / 2022-12-09 17:44:24
एसीसीएफ और डीएफओ सशरीर हाजिर हों : हाईकोर्ट

मामला पीटीआर में एक हाथी की मौत काटीम एबीएन, रांची। झारखंड हाईकोर्ट में पलामू टाइगर रिजर्व में एक हाथी की मौत से जुड़े मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने अगली सुनवाई के दिन पलामू टाइगर रिजर्व के डीएफओ और एसीसीएफ को सशरीर हाजिर होने का निर्देश दिया है। साथ ही अदालत ने मौखिक रूप से पूछा है कि पीटीआर (पलामू टाइगर रिजर्व) के मामले में हाईकोर्ट के पूर्व के आदेशों का पालन क्यों नहीं किया गया। अब अदालत इस मामले की सुनवाई 15 दिसंबर को करेगा। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डॉ। रविरंजन और जस्टिस सुजित नारायण प्रसाद की खंडपीठ में हुई। बताते चले कि हाईकोर्ट ने लातेहार में हाथी व हाथी के बच्चे की मौत पर स्वत: संज्ञान लिया था। जिसे जनहित याचिका में तब्दील कर सुनवाई की जा रही है। अदालत ने इस मामले में नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी को भी प्रतिवादी बनाया है। राज्य के पूर्व मंत्री और जमशेदपुर के विधायक सरयू राय ने जनहित याचिका में हस्तक्षेप याचिका दाखिल की है।

नोटबंदी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त : सरकार और आरबीआई से मांगे कई रिकॉर्ड
Published / 2022-12-08 22:51:55
नोटबंदी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त : सरकार और आरबीआई से मांगे कई रिकॉर्ड

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को निर्देश दिया है कि वे 2016 के 1000 रुपए और 500 रुपए के करेंसी नोटों के डिमॉनेटाइजेशन के फैसले से संबंधित रिलेवेंट रिकॉर्ड पेश करे। सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश बुधवार को नोटबंदी को चुनौती देने वाली 58 याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया गया है। केंद्र के 2016 के फैसले को चुनौती देने वाली दलीलों के एक ग्रुप पर अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए न्यायमूर्ति एस ए नज़ीर की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने आरबीआई के वकील अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी और याचिकाकर्ताओं के वकीलों की दलीलें सुनीं, जिसमें वरिष्ठ अधिवक्ता पी चिदंबरम और श्याम दीवान शामिल थे।सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि फैसले को सुरक्षित कर लिया गया है। भारत सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक के विद्वान वकीलों को रिलेवेंट रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया जाता है। पीठ में जस्टिस बीआर गवई, एएस बोपन्ना, वी रामासुब्रमण्यन और बीवी नागरथना भी शामिल हैं। लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार बेंच ने पार्टियों को 10 दिसंबर तक लिखित सबमिशन देने की इजाजत दी। एजी ने पीठ के सामने कहा कि वह सीलबंद लिफाफे में रिलेवेंट रिकॉर्ड जमा करेंगे।इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि उसके पास नोटबंदी के फैसले के तरीके की जांच करने की शक्ति है और न्यायपालिका सिर्फ इसलिए हाथ जोड़कर बैठ नहीं सकती क्योंकि यह एक आर्थिक नीति का फैसला है। अदालत की टिप्पणी तब आई जब आरबीआई के वकील ने यह कहा कि न्यायिक समीक्षा आर्थिक नीति निर्णयों पर लागू नहीं हो सकती है। सुनवाई के दौरान, आरबीआई की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता जयदीप गुप्ता ने अदालत को काले धन और फेक करेंसी पर अंकुश लगाने के लिए डिमॉनेटाइजेशन पॉलिसी के उद्देश्य से अवगत कराया।

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