टीम एबीएन, रांची। कैश कांड में ईडी ने कांग्रेस से निलंबित विधायक इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन विक्सल कोंगाड़ी को सम्मन भेजा। इरफान अंसारी को 13 जनवरी जबकि राजेश कच्छप को 16 जनवरी और नमन विक्सल कोंगाड़ी को 17 जनवरी को ईडी ने रांची जोनल ऑफिस में बुलाया है। ईडी ने इस मामले में तीनों को मनी लांड्रिंग का आरोपी बनाया है। कांग्रेस के तीनों निलंबित विधायकों को ईडी ने रांची जोनल ऑफिस बुलाया है। ईडी की ओर से भेजे गये नोटिस के अनुसार विधायक इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन विक्सल कोंगाड़ी को क्रमश : 13 जनवरी, 16 जनवरी और 17 जनवरी को हाजिर होने को कहा है।
पर्यावरण मंत्रालय ने राज्य सरकार को जारी किया निर्देश एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार ने जैन तीर्थ स्थल सम्मेद शिखर को सभी पर्यटन और इको टूरिज्म एक्टिविटी पर रोक लगाने का निर्देश जारी किया है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। भूपेंद्र यादव ने गुरुवार को दिल्ली में जैन समाज के प्रतिनिधियों से मीटिंग की थी। भूपेंद्र यादव ने मीटिंग के बाद कहा कि झारखंड के पारसनाथ पहाड़ पर स्थित जैनियों के पवित्र तीर्थस्थल सम्मेद शिखर की पवित्रता की रक्षा का आग्रह करने वाले जैन समुदाय के लोगों से मिला। उन्हें आश्वासन दिया कि पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार सम्मेद शिखर सहित जैन समाज के सभी धार्मिक स्थलों पर उनके अधिकारों की रक्षा और संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्र सरकार ने 2019 में किया नोटिफाई 2019 में केंद्र सरकार ने सम्मेद शिखर को इको सेंसिटिव जोन घोषित किया था। इसके बाद झारखंड सरकार ने एक संकल्प जारी कर जिला प्रशासन की अनुशंसा पर इसे पर्यटन स्थल घोषित किया। गिरिडीह जिला प्रशासन ने नागरिक सुविधाएं डेवलप करने के लिए 250 पन्नों का मास्टर प्लान भी बनाया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने रामपुर की एक विशेष अदालत में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों को कथित उत्पीड़न के आधार पर उत्तर प्रदेश के बाहर स्थानांतरित करने से बुधवार को इनकार कर दिया। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एसए नज़ीर और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ ने कहा कि खान के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों को स्थानांतरित करने के लिए अधिक ठोस कारणों की जरूरत है। खान की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने उनके हवाले से कहा कि मुझे राज्य में न्याय नहीं मिलेगा। मुझे प्रताड़ित किया जा रहा है...यह न्यायाधीश के बारे में नहीं... यह राज्य के बारे में है। राज्य में कहीं भी स्थिति ऐसी ही रहेगी। पीठ ने कहा कि हमें कोई मामला स्थानांतरित करने के लिए और ठोस कारण चाहिए होते हैं। बहरहाल, हम आपको इलाहाबाद हाईकोर्ट जाने की अनुमति देते हैं। समाजवादी पार्टी के नेता ने रामपुर में एक विशेष सुनवाई अदालत में उनके खिलाफ चल रहे कई आपराधिक मामलों को उत्तर प्रदेश के बाहर स्थानांतरित करने का अनुरोध किया था। खान को हाल ही में आपत्तिजनक भाषण से संबंधित एक आपराधिक मामले में दोषी ठहराया गया था और राज्य विधानसभा में एक विधायक के रूप में उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया था।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति एस चंद्रशेखर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में मंगलवार को छठी जेपीएससी में रिजर्व कैटेगरी के अभ्यर्थियों के मेरिट को कंसीडर करते हुए उनका कैडर आवंटन अनारक्षित श्रेणी में किए जाने से संबंधित चंदन कुमार और गौतम कुमार की अपील याचिका की सुनवाई हुई। कोर्ट ने मामले की विस्तृत सुनवाई के लिए 11 जनवरी की तिथि निर्धारित की है।हाई कोर्ट की एकल पीठ ने जून 2021 में जेपीएससी द्वारा रिजर्व कैटेगरी वाले अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर उनका कैडर आवंटन अनारक्षित श्रेणी में किए जाने को सही ठहराया था। याचिकाकर्ता का कहना था कि उनका कैडर आवंटन उन्हीं की रिजर्व कैटेगरी में होना चाहिए था।याचिकाकर्ता ने एकल पीठ के आदेश को खंडपीठ में चुनौती दी है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रार्थी को बताने को कहा है कि कैसे उनका कैडर आवंटन अनारक्षित श्रेणी में किया जाना अनुचित है। जेपीएससी ने बताया कि नियम के अनुसार ही उनका कैडर आवंटन अनारक्षित श्रेणी में किया गया है।
शिक्षा सचिव ने जारी की नई गाइड लाइनटीम एबीएन, रांची। झारखंड के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को क्लास रूम में मोबाइल ले जाने पर पाबंदी लगा दी गई है। अब शिक्षक स्कूल के प्रधानाध्यापक के पास या फिर स्टाफ रूम में अपने लॉकर में मोबाइल को रखकर कक्षा में जाएंगे। जानकारी के मुताबिक लगातार झारखंड के सरकारी स्कूलों से शिकायत मिल रही थी कि क्लास रूम में बच्चे पढ़ते हैं या खेलते हैं। जानकारी के मुताबिक क्लास में शिक्षक मोबाइल में बिजी रहते थे और यह शिकायत लगातार विभिन्न जिलों के सरकारी स्कूल से मिल रही थी। जिसके बाद शिक्षा सचिव ने एक निर्देश जारी करते हुए साफ तौर पर शिक्षकों को क्लासरूम में मोबाइल का उपयोग करने से मना कर दिया है। शिक्षा सचिव ने क्लासरूम में फोन के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी है। वहीं निर्देश जारी होते ही रांची के सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल बच्चों के साथ शिक्षकों को भी यह निर्देश पालन करने का आदेश देते हुए नजर आ रहे हैं। इस निर्देश के बाद स्कूली छात्राओं में काफी खुशी देखी गई। उन्होंने कहा कि कई शिक्षक क्लासरूम में आकर मोबाइल में बिजी हो जाते हैं। जिसकी वजह से शिक्षक के साथ-साथ बच्चों का भी ध्यान भटकता है और अच्छी तरह से पढ़ाई नहीं हो पाती है। अब इस निर्देश के बाद शिक्षक क्लासरूम में मोबाइल लेकर नहीं आयेंगे, जिससे शिक्षक अच्छे तरीके से बच्चों को पढ़ा सकेंगे। वहीं शिक्षकों ने भी इस निर्देश का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि हां यह बात सही है कि मोबाइल लेकर क्लास रूम में जाने से ध्यान भटकता है और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है। अब मोबाइल नहीं ले जाने से ध्यान नहीं भटकेगा और बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाई जा सकेगी।
आधार कार्ड को लेकर आई बड़ी खबर अब घर के मुखिया की सहमति के बिना नहीं होगा ये बदलावएबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने अब निवासियों को यह सुविधा दी है कि वे अपने परिवार के मुखिया की सहमति से आनलाइन ढंग से आधार कार्ड में पते को अद्यतन कर सकते हैं। यूआईडीएआई ने मंगलवार को आधिकारिक बयान में कहा कि परिवार के मुखिया से संबंध को दर्शाने वाला कोई दस्तावेज जमा कर निवासी पते को आॅनलाइन अद्यतन कर सकते हैं। इस तरह के दस्तावेजों के रूप में राशन कार्ड, अंक-पत्र, विवाह प्रमाण-पत्र और पासपोर्ट आते हैं जिनपर मुखिया और उस व्यक्ति दोनों के नाम एवं संबंध अंकित हों। प्राधिकरण ने कहा है कि अगर किसी व्यक्ति के पास इस तरह का कोई दस्तावेज नहीं है तो वह परिवार के मुखिया की तरफ से एक निर्धारित प्रारूप में की गई स्व-घोषणा को जमा कर सकता है। बयान के मुताबिक, परिवार के मुखिया की सहमति से पते को आनलाइन ढंग से आधार में अद्यतन करने की सुविधा किसी निवासी के बच्चों, पत्नी या माता-पिता जैसे उन करीबी रिश्तेदारों के लिए काफी मददगार होगी जिनके पास अपने नाम पर सहयोगी दस्तावेज नहीं हैं। विभिन्न कारणों से लोग शहरों एवं कस्बों को बदलते रहते हैं, ऐसे में यह सुविधा लाखों लोगों के लिए मददगार होगी। आधार में दर्ज पते को अद्यतन करने की यह नई सुविधा पहले से जारी सुविधा से इतर है। पहले से ही पते के वैध दस्तावेजों के आधार पर अद्यतन करने की सुविधा देता रहा है। प्राधिकरण ने यह भी कहा है कि 18 साल से अधिक उम्र के किसी भी व्यक्ति को परिवार का मुखिया माना जा सकता है और वह अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ अपना पता साझा कर सकता है। प्राधिकरण के माई आधार पोर्टल पर जाकर पते को आॅनलाइन अद्यतन किया जा सकता है। इसके लिए प्राधिकरण ने 50 रुपये का शुल्क भी निर्धारित किया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड की निलंबित महिला आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल को मंगलवार (तीन जनवरी) को सुप्रीम कोर्ट से एक महीने के लिए अंतरिम जमानत मिल गयी है। उन्हें यह जमानत मेडिकल ग्राउंड पर मिली है। सिंघल को गिरफ्तारी के सात माह 23 दिन बाद यह अंतरिम जमानत मिली है। बता दें कि 2000 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की अधिकारी पूजा सिंघल को 11 मई को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था। उनके ऊपर मनरेगा योजना में कथित अनियमितता करने का गंभीर आरोप है। उच्चतम न्यायालय ने पूजा सिंघल को अपनी बीमार बेटी की देखभाल के लिए एक महीना के लिए अंतरिम जमानत दी है। न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति अभय एस ओका की पीठ ने प्रवर्तन निदेशालय को सिंघल की मुख्य जमानत याचिका पर तीन सप्ताह में जवाब देने का भी निर्देश दिया। ईडी की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने कहा कि याचिका गलत है और इसमें कोई दम नहीं है। कानून अधिकारी ने कहा कि मैं इस तरह की दलीलों का विरोध करने वाला आखिरी व्यक्ति होऊंगा। शीर्ष अदालत, जिसने अब निलंबित आईएएस अधिकारी की याचिका को 6 फरवरी को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कुछ शर्तें भी लगायी हैं, जिसमें यह भी शामिल है कि जब तक शहर में सुनवाई के लिए अदालत का मामला सूचीबद्ध नहीं हो जाता, तब तक वह रांची नहीं जायेंगी।
टीम एबीएन, रामगढ़/रांची। कांग्रेस की रामगढ़ विधायक ममता देवी की विधानसभा की सदस्यता समाप्त कर दी गयी। स्पीकर रबीन्द्र नाथ महतो ने अदालत के फैसले के बाद उनकी सदस्यता रद्द कर दी है। झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो ने सोमवार को अयोग्यता आदेश जारी कर दी।जानकारी के अनुसार गोला गोलीकांड मामले में 13 दिसंबर को हजारीबाग जिला अदालत ने पांच साल के कठोर कारावास की सजा ममता देवी को सुनाई थी। स्पीकर ने न्यायालय के आदेश की तिथि से उनकी सदस्यता को रद्द करने का आदेश जारी किया है। अब रामगढ़ सीट खाली हो गई है। वह कांग्रेस के सिंबल पर विधायक चुनी गई थीं। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत वह सजा की अवधि समाप्त होने के बाद छह साल की अवधि के लिए कोई भी चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हो जाती है। अब चुनाव आयोग छह महीने के भीतर उपचुनाव कराने की अधिसूचना जारी करेगा।उल्लेखनीय है कि विशेष रूप से अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश -4 पवन कुमार की अदालत ने स्थानीय फायरब्रांड नेता राजीव जायसवाल के साथ अंतर्देशीय बिजली संयंत्र फायरिंग मामले में उसे दोषी ठहराया था। उन्हें आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 307, 332, 326 और आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया था।अगस्त 2016 में गोला में पावर प्लांट कंपनी के मुख्य गेट पर ग्रामीणों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी, जिसमें चार लोग मारे गए थे। तत्कालीन बीडीओ दिनेश प्रसाद सूरी की शिकायत पर ममता और जायसवाल सहित कई अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
अजय दीप वाधवाएबीएन बिजनेस डेस्क। पैन और आधार गत दिनों भारतीय आय कर विभाग ने यह स्पष्ट कर दिया है जो लोग अपने पैन कार्ड को अपने आधार के साथ लिंक नहीं करेंगे तो मार्च 2023 से उनका पैन निष्क्रिय हो जायेगा और कार्य नहीं करेगा। आज हम इस आलेख में इस विषय को विस्तार से समझेंगे।भारतीय आय कर अधिनियम 1961 के अंर्तगत सभी पैन धारकों को अपने पैन को आधार से जोड़ना या लिंक करना आवश्यक है। इस संबंध में मई 2017 में एक अधिसूचना भी जारी की गई थी कि आसाम/ जम्मू कश्मीर /मेघालय के निवासी, अनिवासी भारतीय, भारतीय नागरिक जिनकी आयु 80 वर्ष से अधिक है और जो भारत के निवासी भारत के नागरिक नहीं हैं, उन सबको छोड़ कर हर पैन कार्ड धारकों को अपने पैन और आधार को लिंक करना आवश्यक है। जो पैन धारक ऐसा नहीं करेंगे उनका पैन एक निश्चित तिथि के बाद कार्य नहीं करेगा जो अब 1 अप्रैल 2023 के रुप में निर्धारित की गई है और अगर एक बार आपका पैन कार्ड निष्क्रिय हुआ तो आपकी ऐसा हुआ तो बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। वैसे लोग पैन कार्ड निष्क्रिय हो जाने के बाद अपना आय कर रिटर्न जमा नहीं कर पायेंगे। उनके लंबित रिटर्न, अगर है, तो उसको भी आगे की कार्यवाही होने से रोक दिया जायेगा। इसके अलावा ऐसे निष्क्रिय पैन धारक अपने बैंक और दूसरे वित्तीय संस्थान से लेन देन करने में समस्या झेलेंगे और उनका केवाईसी भी पूर्ण नहीं हो पायेगा। यह हम सबको ज्ञात है कि बैंक खाते को चलाते रखने के लिए और निवेश करने के लिए केवाईसी का होना अनिवार्य है। इसके अलावा अवैध पैन कार्ड धारकों पर आय कर विभाग भी कड़ी कार्यवाही कर सकता है।पैन कार्ड को आधार से लिंक करवाना बहुत आसान है। इसके लिए दो तरीके आप घर बैठे अपना सकते हैं। 1. पहला तरीके के अंतर्गत आप ई-फाइलिंग वेबसाइट के माध्यम से पैन कार्ड को आधार कार्ड से ऑनलाइन लिंक करें। इसके लिए इनकम टैक्स ई-फाइलिंग वेबसाइट पर जायें, फॉर्म में अपना पैन और आधार नंबर दर्ज करें, अपने आधार कार्ड के अनुसार अपना नाम दर्ज करें (यदि आपके आधार कार्ड पर केवल आपकी जन्मतिथि का उल्लेख है, तो आपको बॉक्स में सही का चिह्न लगाना होगा) और इसके बाद वेरीफाई करने के लिए इमेज में दिए गए कैप्चा कोड को दर्ज करें और Link Aadhaar बटन पर क्लिक करें। इसके बाद आपको एक पॉप-अप मैसेज दिखाई देगा कि आपका आधार आपके पैन के साथ जल्द ही सफलतापूर्वक जुड़ जायेगा। नेत्रहीन उपयोगकर्ता OTP के लिए अनुरोध कर सकते हैं जो कैप्चा कोड के बजाय रजिस्टर मोबाइल नंबर पर भेजा जायेगा।2. दूसरा तरीके के अंर्तगत आप SMS भेजकर आधार को पैन से लिंक कर सकते हैं। इसके लिए आपको एक फ़ॉर्मेट में मैसेज लिखना होगा, जो इस प्रकार होगा - UIDPAN<12 डिजिट का आधार न०> <10 डिजिट का पैन न०> । इसे अपने रजिस्टर मोबाइल नंबर से 567678 या 56161 पर SMS भेजें। उदाहरण के लिए अगर अगर आपका आधार नंबर 987654321012 है और आपका पैन ABCDE1234F है , तो आपको टाइप करना है UIDPAN 987654321012 ABCDE1234F और इस मैसेज को 567678 या 56161 पर भेजना है। इसके बाद पैन और आधार लिंक हो जायेगा। आइये, राष्ट्र हित में एक अच्छा नागरिक बनें और अपने पैन को आधार से तुरंत लिंक करवाएं, अगर ऐसा अभी तक नहीं किया है तो। (लेखक सीएमए, कॉस्ट अकाउंटेंट और कर सलाहकार विशेषज्ञ हैं)
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