प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ की तारीफएबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उच्चतम न्यायालय के फैसलों को क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराने पर प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) डी वाई चंद्रचूड़ के जोर देने की रविवार को सराहना की। हाल ही में एक समारोह में सीजेआई जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने क्षेत्रीय भाषाओं में सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों को उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने की बात कही। उन्होंने इसके लिए तकनीक के उपयोग का भी सुझाव दिया। यह एक प्रशंसनीय विचार है, जो कई लोगों की मदद करेगा। मोदी ने ट्विटर पर लिखा और मुंबई में बार काउंसिल ऑफ महाराष्ट्र एंड गोवा द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में सीजेआई के भाषण की प्रासंगिक क्लिप को साइट पर साझा किया। अतीत में प्रधान मंत्री ने प्राय: न्यायिक निर्णयों को क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराकर आम आदमी के लिए अधिक सुलभ बनाने की वकालत की है। मोदी ने एक अन्य ट्वीट में कहा, भारत में कई भाषाएं हैं, जो हमारी सांस्कृतिक जीवंतता को बढ़ाती हैं। केंद्र सरकार भारतीय भाषाओं को प्रोत्साहित करने के लिए कई प्रयास कर रही है, जिसमें इंजीनियरिंग और चिकित्सा जैसे विषयों को अपनी मातृभाषा में पढ़ने का विकल्प शामिल है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित शिक्षक नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले में आखिरकार हुगली जिले के तृणमूल युवा नेता कुंतल घोष को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार कर लिया। घोष को सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित केंद्रीय एजेंसी के क्षेत्रीय कार्यालय में पूछताछ के लिए लाया जा रहा है। ईडी के सूत्रों ने यह जानकारी दी।ईडी अधिकारियों की दो टीमें शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे चिनार पार्क स्थित कुंतल के दो फ्लैटों की तलाशी लेने पहुंची थीं। एक फ्लैट में कुंतल को बैठा कर रखा गया। तलाशी में महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए। इस पर उससे पूछताछ की गई और शनिवार सुबह उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।मूल रूप से हुगली जिले के बालागढ़ में तृणमूल युवा के बड़े नेता के तौर पर जाने जाने वाले कुंतल के बारे में प्राथमिक शिक्षा परिषद के पूर्व अध्यक्ष माणिक भट्टाचार्य के करीबी तापस मंडल ने बताया था। तापस से सीबीआई अधिकारियों ने पूछताछ की थी। उसने पूछताछ में दावा किया था कि कुंतल ने 325 छात्र-छात्राओं से करीब 19 करोड़ रुपये की वसूली की है ।ईडी ने इस संबंध में चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें यह जिक्र है कि 325 छात्रों से घोष बाबू नाम के एक नेता ने 3.25 करोड़ रुपये सीधे लिए थे। उस समय पता नहीं चला था कि घोष बाबू कौन है। अब कुंतल की गिरफ्तारी से स्पष्ट हो गया है कि इसी तृणमूल नेता के बारे में चार्जशीट में जिक्र था।सीबीआई ने बुधवार को कुंतल से निजाम पैलेस में पूछताछ की थी। पूछताछ के बाद बाहर निकल कर उसने कहा था कि अगर मैंने शिक्षक नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले में एक रुपया भी लिया होता तो सीबीआई मुझे इतनी आसानी से नहीं छोड़ती।
टीम एबीएन, रांची। बच्चू यादव की जमानत याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने उसे जमानत की सुविधा प्रदान कर दी है। अदालत ने दोनों पक्षों की ओर से बहस सुनने के बाद बेल अर्जी पर अपना फैसला सुनाया है। झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस राजेश शंकर की कोर्ट में बच्चू की याचिका पर सुनवाई हुई। यह मामला आर्म्स एक्ट से जुड़ा हुआ है। प्राथमिकी के मुताबिक, साहिबगंज के शुक्र बाजार में बच्चू यादव और दाहु यादव ने गोलीबारी की थी, जिसमें साहेबगंज के मुफस्सिल थाना में कांड संख्या 29/2022 दर्ज की गई है। इससे पहले निचली अदालत ने इस केस में बच्चू को जमानत देने से इनकार कर दिया था। इस केस में दाहु यादव और मुनीम यादव भी आरोपी हैं। बता दें कि बच्चू यादव मनी लॉन्ड्रिंग केस में भी आरोपी हैं। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड हाई कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति मामले में सजायाफ्ता झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का और उनकी पत्नी मेनन एक्का को निचली अदालत से दी गई सजा बरकरार रखा है। इसके अलावा हाई कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ईडी कोर्ट द्वारा एनोस एक्का को सुनाई गई सजा को भी बरकरार रखने का आदेश दिया है।एक्का दंपती ने निचली अदालतों के फैसलों के खिलाफ अपील की थी, जिन्हें खारिज कर दिया गया है। झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस गौतम कुमार चौधरी की कोर्ट ने शुक्रवार को एक्का दंपती की याचिकाओं पर फैसला सुनाया। गौरतलब है कि 25 फरवरी 2020 को सीबीआई के विशेष जज एके मिश्रा की अदालत ने आय से अधिक संपत्ति में एनोस एक्का और उनकी पत्नी मेनन को 7 साल की सजा सुनाई थी। फिलहाल एनोस एक्का और उनकी पत्नी मेनन एक्का दोनों जेल में हैं। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी कोर्ट ने अप्रैल 2020 में एनोस एक्का को सात साल की सजा सुनाई थी और उन पर दो करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाया था। पूर्व मंत्री एनोस पर 20 करोड़ 31 लाख 77 हजार रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप था। एनोस झारखंड के तत्कालीन सीएम मधु कोड़ा के मंत्रिमंडल में मंत्री हुआ करते थे। ईडी ने रांची में एयरपोर्ट रोड पर स्थित उनके नवनिर्मित आवास को जब्त कर लिया था। झारखंड में ईडी का जोनल कार्यालय अभी उसी मकान में चलता है। झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान अपीलकर्ता की ओर से वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार और अधिवक्ता जितेंद्र एस सिंह ने पैरवी की थी, वहीं सीबीआई की ओर से अधिवक्ता प्रशांत पल्लव ने दलीलें दीं।
टीम एबीएन, रांची। प्रवर्तन निदेशालय ( ईडी ) ने साहिबगंज डीसी रामनिवास यादव को बुधवार को समन भेजा है। ईडी के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि रामनिवास यादव को ईडी ने समन भेज कर 23 जनवरी को रांची के क्षेत्रीय कार्यालय में उपस्थित होने को कहा है। 1000 करोड़ के अवैध खनन का मामला में समन भेजा गया है। वहीं दूसरी ओर पंकज मिश्रा और बच्चू यादव पर ईडी ने नया केस (इसीआईआर) दर्ज किया है।
बिजली चोरी के खिलाफ विद्युत विभाग ने की कार्रवाई टीम एबीएन, दारू। बिजली चोरी कर जलाने वालों के खिलाफ विद्युत विभाग के द्वारा मेढकुरी पंचायत के चोरहेत और घाघरा में कार्रवाई की गई। इस करवाई में दस घरों में बिजली चोरी करते हुए पाया गया। दस में से 4 ऐसे थे जिनका मुर्गी फार्म था जहां बिजली चोरी कर मुर्गी फार्म चला रहे थे। इस संबंध में सहायक विद्युत अभियंता राजेश निरंजन टोप्पो ने दारू थाना में आवेदन देकर पारस सिंह, सुबोध सिंह, प्रमोद सिंह, मुकदेव सिंह, नंदकिशोर सिंह सभी चोरहेत निवासी और अनुज प्रसाद मेहता, प्रमोद महतो, निरंजन कुमार मेहता, प्रकाश मेहता, प्रदीप प्रसाद मेहता सभी घाघरा निवासी पर जुमार्ना के साथ मामला दर्ज कराया है। विद्युत अभियंता ने बताया कि विद्युत चोरी के खिलाफ आगे भी करवाई जारी रहेगी जिनका बिजली बिल बकाया है वे जल्द बिल जमा कर दे।
बढ़ सकती हैं राजद सुप्रीमो लालू यादव मुश्किलें! एबीएन सेंट्रल डेस्क। एक बार फिर पूर्व केंद्रीय मंत्री और राजद प्रमुख लालू यादव की मुश्किलें बढ़ सकती है। लालू यादव के खिलाफ गृह मंत्रालय ने सीबीआई के मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है। दरअसल, रेलवे घोटाले मामले सीबीआई ने मुकदमा चलाने की मंजूरी मांगी थी। लालू यादव पर रेल मंत्री रहते हुए जमीन के बदले नौकरी देने के आरोप लगे हैं।
टीम एबीएन, रांची। रांची में एमएलए कैश कांड को लेकर कांग्रेस के तीन विधायकों पर प्रवर्त्तन निदेशालय (ईडी) की गाज गिर गई है। दरअसल, कांग्रेस के तीनों विधायक इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन विक्सल कोंगाड़ी को ईडी ने समन भेज पूछताछ के लिए कार्यालय बुलाया है। ईडी इन तीनों से 13, 16 और 17 जनवरी को पूछताछ करेगी।हावड़ा पुलिस ने तीनों विधायकों की थी गिरफ्तारी : रांची जोनल कार्यालय में ईडी ने तीनों विधायकों को बुलाया है। इन तीनों की गिरफ्तारी हावड़ा पुलिस ने 30 जुलाई 2022 में हुई थी। तीनों विधायकों के पास से पुलिस ने 48 लाख रुपये बरामद किए थे। साथ ही बता दें कि इन तीनों विधायकों की गिरफ्तारी के अगले दिन विधायक जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह ने रांची के अरगोड़ा थाने में 31 जुलाई को जीरो एफआईआर दर्ज करायी थी। पुलिस ने एफआईआर के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल पर लगभग दो माह पहले जांच शुरू की है। विधायक ने एफआईआर में लगाया था आरोप : विधायक अनूप सिंह ने एफआईआर में आरोप लगाया था कि झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में चल रही महागठबंधन की सरकार गिराने के लिए भाजपा नेताओं के साथ मिलकर तीनों विधायकों ने साजिश रची थी। अनूप सिंह के मुताबिक सरकार गिराने के लिए इन साथी विधायकों के जरिए उन्हें 10 करोड़ रुपये और मंत्री पद का ऑफर दिया जा रहा था। कांग्रेस विधायक अनूप ने अपनी शिकायत में कहा था कि इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और विक्सल कोंगाड़ी उन्हें कोलकाता बुला रहे थे।ईडी ने नौ घंटे अनूप से की थी पूछताछ : ईडी ने अनूप सिंह से नौ घंटे तक पूछताछ की थी। इसके अलावा एक शिकायतकर्ता के तौर पर उनका बयान भी दर्ज किया गया था। ईडी ने उनसे यह भी पूछा था कि झारखंड में सरकार गिराने के लिए उन्हें किसने 10 करोड़ रुपये का ऑफर दिया था और उससे उनका क्या संबंध था। जमानत पर हैं कैशकांड के गिरफ्तार विधायक : पुलिस ने कैश कांड में तीनी विधायक को गिरफ्तार किया था। अभी तीनों विधायक जमानत पर चल रहे हैं। जल्द ही आने वाले दिनों में ईडी पूरे मामले को लेकर पूछताछ करेगी। कैशकांड में गिरफ्तार तीनों विधायक अभी जमानत पर है : हावड़ा पुलिस की ओर से कैश के साथ गिरफ्तार किये गये तीनों विधायक फिलहाल जमानत पर हैं। अब ईडी पूरे मामले पर उनसे पूछताछ करेगी। इस मामले से संबंधित लोगों को किसी सूरत में नहीं छोड़ा जायेगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। आयकर दाता, सरकारी अधिकारी-कर्मचारी व बड़े लोग छोटे व मझोले किसान बनकर केन्द्र सरकार की आंखों में धूल झोंक कर पीएम सम्मान निधि योजना का लाभ लिया है। ऐसे लोगों की संख्या जिले में 18898 है, जिनसे अब करीब 29 करोड़ रुपये की वसूली की जानी है। शासकीय आदेश के बाद कृषि विभाग ने इन अपात्र लोगों से वसूली शुरू कर करीब 10 लाख रुपये की वसूली भी कर ली है। शेष राशि कृषि विस्तार अधिकारी व राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी वसूली करेंगे और शासकीय खजाना में जमा करेंगे।केन्द्र सरकार ने देशभर के छोटे व मझोले किसानों के आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए पीएम सम्मान निधि योजना लागू की है। इस योजना के तहत पंजीकृत किसानों को साल में तीन किश्तों में 6000 रुपये दिया जाना है। इस योजना का लाभ छोटे व मझोले किसानों को दिया जाना था, लेकिन धमतरी जिले के 18894 आयकर दाता, सरकारी अधिकारी-कर्मचारी व बड़े किसान रुपये के लालच व शासकीय योजना का लाभ पाने इसके लिए आवेदन कर दिया, जबकि वे इस योजना के लिए अपात्र थे। अपात्र होकर स्वयं को इन लोगों ने छोटे व मझोले किसान बताकर पंजीकृत हुआ और योजनाओं का लाभ पा रहे थे, लेकिन केन्द्र सरकार ने इस योजना के पंजीकृत किसानों के जब केवायइसी अपडेट कराया, तो अपात्र किसानों की पुष्टि हो गई। इससे इन अपात्र लोगों में हड़कंप मच गया है।1824 आयकर दाताकृषि उप संचालक मोनेश कुमार साहू ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में अपात्र किसानाें की संख्या 17074 है, जिसमें कई वेतनभोगी व बड़े किसान शामिल है। वहीं 1824 आयकर दाता है। दोनों मिलाकर 18894 अपात्र किसान है, जो पीएम सम्मान निधि योजना के लिए पात्र नहीं थे और गलत ढंग से योजना का लाभ ले रहे थे। शासकीय आदेशानुसार इन अपात्र लोगों से कुल 28 करोड़ 80 लाख 24000 रुपये की वसूली करना है। कृषि विभाग पिछले कुछ समय में अपात्र किसानों से अब तक नौ लाख 92000 रुपये 121 अपात्र किसानाें से वसूली कर ली है। शासकीय योजना के राशि लौटाने वालों में 105 आयकरदाता और 16 अपात्र किसान है। इन अपात्र लोगों से राशि वसूली में तेजी लायी जायेगी। जिलेभर के कृषि विस्तार अधिकारी और राजस्व अधिकारी भी अब इस राशि की वसूली करेंगे, इसके लिए शासन से आदेश जारी हुआ है।योजना के लिए कौन है पात्रकृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार केन्द्र सरकार के पीएम सम्मान निधि योजना के लिए पांच एकड़ से कम कृषि जमीन वाले छोटे व मझोले किसान पात्रता रखते हैं, इससे अधिक जमीन वाले किसान अपात्र है। वहीं पेंशनभोगी, सरकारी अधिकारी-कर्मचारी, ग्राम पंचायत, जनपद, जिला पंचायत के जनप्रतिनिधि, आयकर दाताओं को योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इसके बावजूद धमतरी जिले में इनमें से कई लोगों ने इस योजना का लाभ सांठगांठ कर उठाया है, जिनसे अब वसूली की जा रही है।
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