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अनुच्छेद 371 (एच) को संशोधित करने की मांग
Published / 2023-02-13 22:51:02
अनुच्छेद 371 (एच) को संशोधित करने की मांग

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सेव अरुणाचल सेव इंडिजिनस (सासी) ने सोमवार को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 371 (एच) को संशोधित करने के लिए राज्य विधानसभा में हाल ही में पारित निजी सदस्य प्रस्ताव पर कारवाई की मांग करते हुए राज्य सरकार को एक महीने का अल्टीमेटम दिया।सोमवार को प्रेस क्लब में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, शासी के अध्यक्ष रोमजीर रक्षप ने कहा कि वे 13 अगस्त, 2021 से संसद में अनुच्छेद 371 (ए) और 371 (जी) को लाकर पारित या संशोधित करने की मांग कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि 2021 में विधानसभा सत्र के दौरान विधायक निनॉन्ग एरिंग द्वारा प्राइवेट मेंबर बिल पेश किया गया था। बिल के पारित किये जाने पर राज्य सरकार द्वारा आश्वासन दिया गया था कि सभी पार्टियों के प्रतिनिधियों को शामिल कर प्रतिनिधिमंडल गठित किये जायेंगे और अनुच्छेद 371 (एच) में संशोधन की मांग के लिए नई दिल्ली जायेंगे, लेकिन आज तक सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है।रोमजीर ने चेतावनी देते हुए कहा कि सासी ने राज्य सरकार से तुरंत पहल करने और जल्द से जल्द एक सर्वदलीय समिति बनाने और एक महीने के भीतर व्यावहारिक रूप से कार्य करने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।उन्होंने कहा कि राज्य में अवैध अप्रवासियों की प्रभावी जांच के लिए बंगाल ईस्टर्न फ्रंटियर रेगुलेशन 1873 के तहत वर्तमान इनर लाइन परमिट (आईएलपी) मानदंडों और विनियमन शासन में संशोधन की स्थिति की भी मांग की। सभी वन क्षेत्रों जो वन्य जीवन अभयारण्य और आरक्षित वन के कारण मानव को प्रभावित कर रहा है उन सब को तत्काल डी-आरक्षण पर काम करने की भी मांग की।

अनलिस्टेड कंपनियों में विदेशी निवेश पर टैक्स के नये नियम ला सकता है आयकर विभाग
Published / 2023-02-12 21:06:32
अनलिस्टेड कंपनियों में विदेशी निवेश पर टैक्स के नये नियम ला सकता है आयकर विभाग

एबीएन सेंट्रल डेस्क। आयकर विभाग अनिवासी निवेशकों पर कर लगाने के उद्देश्य से गैरसूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों के उचित बाजार मूल्य (एफएमवी) का पता लगाने के लिए आयकर अधिनियम के तहत संशोधित मूल्यांकन नियम जारी कर सकता है।आयकर विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि इस संशोधन की जरूरत इसलिए महसूस की जा रही है कि आयकर अधिनियम और फेमा कानून में गैर-सूचीबद्ध कंपनियों के एफएमवी की गणना के लिए अलग-अलग तरीके दिये गये हैं।अधिकारी ने पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा कि आयकर अधिनियम के नियम 11यूए को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के अनुरूप बनाने के लिए हितधारकों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए फिर से निर्धारित किया जायेगा।नियम 11यूए अचल संपत्ति के अलावा अन्य संपत्ति के एफएमवी के निर्धारण से संबंधित है। वित्त विधेयक, 2023 में आयकर अधिनियम के अनुच्छेद 56(2) में संशोधन का प्रस्ताव दिया गया है।इससे निवेश एवं आंतरिक व्यापार प्रोत्साहन विभाग (डीपीआईआईटी) से मान्यता-प्राप्त स्टार्टअप को छोड़कर गैर-सूचीबद्ध कंपनियों में किए जाने वाले विदेशी निवेश को कर दायरे में लाया जा सकेगा। हालांकि डीपीआईआईटी से मान्यता-प्राप्त और निर्धारित मानदंडों को पूरा करने वाले स्टार्टअप में निवेश पर कोई कर नहीं लगाया जायेगा।मौजूदा नियमों के अनुसार, केंद्रीकृत नियंत्रण वाली कंपनियों में किये गये घरेलू निवेशकों या निवासियों के निवेश पर ही उचित बाजार मूल्य के ऊपर कर लगाया जाता है।

अब राजधानी रांची में 10 बाजे के बाद नहीं बजेंगे लाउडस्पीकर
Published / 2023-02-11 18:06:24
अब राजधानी रांची में 10 बाजे के बाद नहीं बजेंगे लाउडस्पीकर

हाईकोर्ट का फैसला- जरूरत पड़े तो दर्ज करें केस टीम एबीएन, रांची। झारखंड के रांची जिले में ध्वनि प्रदूषण को लेकर स्वत: संज्ञान पर झारखंड हाईकोर्ट में बीते शुक्रवार को सुनवाई हुई। अदालत ने ध्वनि प्रदूषण को लेकर शपथ पत्र दाखिल नहीं किए जाने पर राज्य सरकार को फटकार लगायी। मौखिक रूप से कहा कि रात में 10 बजे के बाद हर हाल में रांची शहर में लाउडस्पीकर नहीं बजना चाहिए। जरूरत पड़े तो प्राथमिकी दर्ज की जाये। कोर्ट ने रात को लाउडस्पीकर बजाने पर लगायी रोक न्यायालय ने एसएसपी, ट्रैफिक एसपी और नगर आयुक्त को कहा कि वे देखें कि ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम हो रही है या नहीं। ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के संबंध में कोर्ट के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करें। कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि रांची शहर में ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं, इस संबंध में कोर्ट को जानकारी नहीं दी गई है। जबकि कोर्ट ने पिछली सुनवाई में सरकार को ध्वनि प्रदूषण के लिए उठाए गए कदम के संबंध में रिपोर्ट देने को कहा था। जरूरत पड़ने पर अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा सकता है प्रशासन न्यायमूर्ति एसएन पाठक की अदालत ने स्वत: संज्ञान लेकर शुरू की गयी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि सरकार को अदालत के आदेश को सख्ती से लागू करना होगा। न्यायाधीश ने कहा कि जरूरत पड़ने पर प्रशासन अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा सकता है। न्यायाधीश ने रांची में ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गये हैं, यह बताने के लिए हलफनामा दायर करने में प्रशासन की विफलता पर नाराजगी व्यक्त की। वहीं, सुनवाई के दौरान रांची के उपायुक्त (डीसी) राहुल कुमार सिन्हा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) किशोर कौशल अदालत में मौजूद थे।

निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल को सुप्रीम कोर्ट से दो महीने की अंतरिम जमानत
Published / 2023-02-10 18:11:38
निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल को सुप्रीम कोर्ट से दो महीने की अंतरिम जमानत

टीम एबीएन, रांची। मनी लॉन्ड्रिंग मामले के आरोप में जेल में बंद झारखंड की निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम बेल दे दी है। पूजा सिंघल की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई। उनके अधिवक्ता ने पूजा सिंघल और उनकी बेटी के खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए कोर्ट से यह आग्रह किया कि उन्हें बेल दी जाये। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने पूजा सिंघल को दो महीनों की अंतरिम जमानत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस संजय मिश्रा की बेंच में हुई। अंतरिम जमानत मिलने से पूजा सिंघल को बड़ी राहत मिली है। बता दें कि इससे पहले पिछले माह भी सुप्रीम कोर्ट ने पूजा सिंघल को बेटी की बीमारी के आधार पर जमानत दी थी। खूंटी में हुए मनरेगा घोटाला मामले में ईडी ने पूजा सिंघल को 11 मई 2022 को गिरफ्तार किया था।  

पलामू : पूर्व विधायक शिवपूजन मेहता को दो साल की सजा, नहीं लड़ सकेंगे चुनाव
Published / 2023-02-08 10:42:16
पलामू : पूर्व विधायक शिवपूजन मेहता को दो साल की सजा, नहीं लड़ सकेंगे चुनाव

टीम एबीएन, पलामू/ रांची। झारखंड से राजनीति को लेकर बड़ी खबर सामने आयी है। यहां पलामू जिले के एमपी एमएलए कोर्ट ने हुसैनाबाज के पूर्व बसपा विधायक कुशवाहा शिवपूजन मेहता को 2 साल की सजा की सुनाई है। इसके अलावा उन पर दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। पूर्व विधायक के साथ सात अन्य दोषी पाये लोगों को भी यही सजा सुनायी गयी है। इन सभी दोषी पाये गये लोगों पर आरोप है कि इन्होंने टायर जलाकर सड़क जाम करने और सरकारी कामकाज में बाधा पहुंचाने के आरोप में दो दो वर्ष की सजा सुनाई है। इसके अलावा सभी सजा पाए अभियुक्त आने वाले 6 सालों तक चुनाव भी नहीं लड़ पायेंगे। जानकारी के मुताबिक, एक सितंबर 2014 को एक बजे दिन में हुसैनाबाद के जेपी चौक, जपला में बहुजन समाज पार्टी के अन्य सदस्यों के साथ बिना अनुमति के सभा करने लगे और सड़क पर टायर जलाकर रास्ता जाम कर दिया था। इस मामले में एफआईआर करने वाले तत्कालीन थाना प्रभारी संतोष कुमार ने जब उनसे सड़क से जाम हटाने को कहा तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न किया। एमपी एमएलए कोर्ट के स्पेशल मजिस्ट्रेट सतीश कुमार मुंडा की अदालत ने साक्ष्य के आधार पर हुसैनाबाद के पूर्व विधायक कुशवाहा शिवपूजन मेहता, अजय कुमार भारती, हरि यादव, बसपा जिलाध्यक्ष संतोष कुमार गुप्ता, विजय प्रसाद, रंजीत वर्मा और जितेंद्र कुमार पासवान को दोषी करार देते हुए सजा सुनायी।

मनी लॉन्ड्रिंग : निलंबित आइएएस पूजा सिंघल फिर पहुंची होटवार
Published / 2023-02-04 22:36:25
मनी लॉन्ड्रिंग : निलंबित आइएएस पूजा सिंघल फिर पहुंची होटवार

अंतरिम जमानत की अवधि पूरी होने के बाद कोर्ट में किया सरेंडरटीम एबीएन, रांची। मनी लॉन्ड्रिंग की आरोपी निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल ने रांची ईडी कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम जमानत की अवधि पूरी होने के बाद उन्होंने सरेंडर किया है। सरेंडर करने के बाद उन्हें फिर से न्यायिक हिरासत में होटवार जेल भेज दिया गया। पूजा सिंघल को 3 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिली थी। सुप्रीम कोर्ट ने पूजा सिंघल को बेटी के मेडिकल ग्राउंड पर एक महीने की अंतरिम जमानत दी थी। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस अभय ओका की अदालत ने उन्हें अंतरिम जमानत दी थी। झारखंड के खूंटी में हुए मनरेगा घोटाला मामले में ईडी ने पूजा सिंघल को 11 मई 2022 को गिरफ्तार किया था। पूजा सिंघल की गिरफ्तारी के बाद झारखंड सरकार ने उन्हें सस्पेंड कर दिया। गिरफ्तारी के बाद उनके वकील ने पहले ईडी कोर्ट में जमानत याचिका दी। ईडी कोर्ट ने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया। ईडी कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद हाई कोर्ट पहुंची लेकिन वहीं भी निराशा ही हाथ लगी। हाई कोर्ट के बाद उनके वकील सुप्रीम कोर्ट पहुंचे जहां से उन्हें एक महीने के अंतरिम जमानत मिली।

झारखंड : धनबाद अग्निकांड पर हाई कोर्ट में सुनवाई आज
Published / 2023-02-02 12:15:59
झारखंड : धनबाद अग्निकांड पर हाई कोर्ट में सुनवाई आज

टीम एबीएन, रांची। झारखंड हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की कोर्ट ने धनबाद के आशीर्वाद टावर में हुए अग्निकांड पर संज्ञान लिया है। इस मामले की सुनवाई गुरुवार को होगी। उल्लेखनीय है कि धनबाद बैंक मोड़ थाना क्षेत्र के जोड़ाफाटक रोड स्थित आशीर्वाद टावर के द्वितीय तल में मंगलवार शाम भीषण आग लग गई थी। हादसे में 14 लोगों की झुलसकर मौत हो गई जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। मृतकों में दस महिलाएं, तीन बच्चे और एक पुरुष है।

यू ट्यूब पर गड़बड़ वीडियो डाले तो जायेंगे जेल
Published / 2023-02-01 13:45:01
यू ट्यूब पर गड़बड़ वीडियो डाले तो जायेंगे जेल

सावधान... अब नहीं बख्शेगी सरकारएबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रसव पूर्व लिंग-निर्धारण का वीडियो यूट्यूब पर अपलोड करने वालों की अब खैर नहीं। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने उन यूट्यूबर्स को नोटिस भेजा है, जिन्होंने अपने चैनल पर प्रसव पूर्व लिंग-निर्धारण के वीडियो अपलोड किये थे। मंत्रालय ने यूट्यूबर्स से 36 घंटों के भीतर ये वीडियोज हटाने का आदेश दिया है। अगर यूट्यूबर्स ने ऐसा नहीं किया तो उनपर कानूनी कार्रवाई की जायेगी और ऐसे लोगों को जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है। सरकार ने यूट्यूब पर ऐसे चार हजार वीडियोज की पहचान की है। देश में प्री-कंसेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स एक्ट 1994 (पीसीपीएनडीटी एक्ट) के तहत प्रसव पूर्व लिंग-निर्धारण पर बैन है। इस एक्ट के तहत डायग्नोस्टिक केंद्रों को कड़ाई से नियमों का पालन करने के लिए कहा जाता है। यह एक्टकन्या भ्रूण हत्या को रोकने और भारत में गिरते लिंगानुपात को रोकने के लिए बनाया गया था।मंत्रालय के सेक्रेटरी पीवी मोहनदास ने बताया कि मंत्रालय इस तरह की आपत्तिजनक सामग्री के लिए सोशल मीडिया की नियमित निगरानी कर रहा है। जब यह वीडियो हमारे संज्ञान में आए तो हमने सबसे पहले आपत्तिजनक चैनलों की पहचान की और उनकी एक लिस्ट बनायी। बाद में हमने ऐसे चैनलों को वीडियो हटाने के लिए नोटिस भेजा।पीवी मोहनदास ने बताया कि इससे पहले मंत्रालय ने सर्च इंजन गूगल से भी ऐसी आपत्तिजनक सामग्री हटाने को कहा था। मोहनदास ने बताया कि अगर कोई भी व्यक्ति वेबसाइट्स या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पीसीपीएनडीटी एक्ट के उल्लघंन वाली सामग्री देखे तो वह राज्य में नोडल अधिकारियों या मंत्रालय से ईमेल pndtmohfw@gmail.com पर शिकायत कर सकता है।दरअसल, कुछ दिन पहले दिल्ली के रेडियोलॉजिस्ट डॉ अनुज अग्रवाल को यूट्यूब पर पर एक ऐसा वीडियो मिला, जिसने एम्स अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ का हिस्सा होने का दावा किया था। वह यूट्यूब चैनल गर्भावस्था, गर्भावस्था के टिप्स और प्रसव पूर्व लिंग-निर्धारण की तकनीकों पर बने वीडियो से भरा हुआ था। चौंकाने वाली बात यह थी कि इस वीडियो को करीब सात लाख लोगों ने देखा था।

झारखंड हाईकोर्ट ने मांगी टीपीसी के कमांडर भीखन गंझू के आपराधिक रिकॉर्ड और केस की  डायरी
Published / 2023-01-30 23:03:58
झारखंड हाईकोर्ट ने मांगी टीपीसी के कमांडर भीखन गंझू के आपराधिक रिकॉर्ड और केस की डायरी

टीम एबीएन, रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने टीपीसी के कमांडर भीखन गंझू का आपराधिक रिकॉर्ड और केस डायरी मांगे हैं। सोमवार को गंझू की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस राजेश कुमार की अदालत ने यह दस्तावेज मांगे हैं। यह मामला आर्म्स एक्ट से जुड़ा है और पिपरवार थाना से संबंधित है।रांची पुलिस ने 10 लाख के इनामी भीखन गंझू को पिछले साल पंडरा इलाके से गिरफ्तार किया था। इसके बाद से वह न्यायिक हिरासत में है। पिपरवार के अशोका, टंडवा के मगध-आम्रपाली परियोजना में टेरर फंडिंग के केस में भी भीखन गंझू आरोपी है। इसके साथ ही नागालैंड से हथियार की तस्करी में भी एनआईए ने भीखन पर चार्जशीट दायर की है।

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