टीम एबीएन, रांची। झारखंड की राजधानी रांची में कई ठिकानों पर एक साथ ईडी और आयकर विभाग का छापा पड़ा है। राजधानी रांची के मोरहाबादी, खेलगांव, बूटी मोड़ और हिनू में ईडी और आयकर विभाग की टीम की छापेमारी जारी है। मिली जानकारी के मुताबिक ईडी ने चेशायर होम स्थित 4.83 एकड़ जमीन को फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेचने के मामले में जमीन बिचौलिया शेखर कुशवाहा के घर छापा मारा। शेखर कुशवाहा का घर खेलगांव थानाक्षेत्र अंतर्गत गाड़ी गांव में है। जमीन घोटाले की जांच की आंच कई लोगों तक पहुंच रही है। इस बीच आयकर विभाग की टीम भी रांची के अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। दरअसल, मणिकरण पावर के ठिकानों पर देशभर में आयकर विभाग का छापा पड़ा है। इसी सिलसिले में रांची के मोरहाबादी, अशोक नगर, बूटी मोड़ और खेलगांव में छापेमारी हो रही है। कुछ तस्वीरें भी सामने आयी है। एक तस्वीर विपिन सिंह नाम के शख्स के घर की है। आयकर विभाग ने मोरहाबादी में बोरेया रोड स्थित सत्येंदू अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर-402 में छापा मारा। टीम ने सीआरपीएफ जवानों के साथ फ्लैट में दबिश दी।
टीम एबीएन, रांची। मोरहाबादी इलाके में सुबह से ईडी की छापेमारी चल रही है। बताया जाता है कि सरकारी दस्तावेज में जालसाजी करके जमीन खरीदने के मामले में ईडी एक ठेकेदार सहित 4 लोगों के आवास पर छापेमारी कर रही है। बताया जा रहा है कि नोएडा में विपिन सिंह को ट्रैक किया गया था, लेकिन उनका परिवार आज सुबह सभी सामान के साथ निकल गये हैं और ईडी के आने से पहले सुबह 6:30 बजे तक फ्लैट खाली था। उन्होंने प्रभात पांडेय (फ्लैट मालिक) को बुलाया है और फ्लैट 402 को सील कर दिया गया है। ईडी सूत्रों के मुताबिक राजधानी रांची के कई इलाके में ईडी की छापेमारी चल रही है।
टीम एबीएन, रांची। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित अवैध भूमि सौदों में धनशोधन की जांच के सिलसिले में सोमवार को झारखंड कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी छवि रंजन से करीब 10 घंटे तक पूछताछ की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। ईडी के सूत्रों ने कहा कि रंजन को एक मई को फिर से एजेंसी के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। 2011 बैच के आईएएस अधिकारी रंजन वर्तमान में राज्य के समाज कल्याण विभाग के निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। वह राज्य की राजधानी के हिनू क्षेत्र स्थित ईडी कार्यालय में अपने आधिकारिक वाहन से सुबह करीब 10.30 बजे पहुंचे और रात 8.30 बजे निकले। सूत्रों ने कहा कि मामले के जांच अधिकारी ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत आईएएस अधिकारी का बयान दर्ज किया। एजेंसी ने रंजन से 13 अप्रैल को भी पूछताछ की थी, जब इस मामले में उनके और झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में कुछ अन्य के परिसरों में छापे मारे गये थे। ईडी ने इन छापेमारी के बाद झारखंड सरकार के एक अधिकारी समेत कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया था। ईडी के सूत्रों ने कहा कि कोलकाता स्थित पश्चिम बंगाल सरकार के एक सहायक रजिस्ट्रार (आश्वस्ति) को भी दो मई को गवाही देने के लिए कहा गया है। संघीय एजेंसी रक्षा भूमि से संबंधित एक मामले सहित एक दर्जन से अधिक भूमि सौदों की जांच कर रही है। सूत्रों ने कहा कि इस धोखाधड़ी के तहत गरीबों और दलितों की जमीनों को हड़प लिया गया। पीएमएलए के तहत अपनी जांच शुरू करने के लिए, संघीय एजेंसी ने रांची में अधिकारियों द्वारा दर्ज कुछ व्यक्तिगत पहचान दस्तावेजों की जालसाजी से संबंधित पुलिस प्राथमिकी का संज्ञान लिया। सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने तलाशी के दौरान कई फर्जी मुहरें, जमीन के कागजात और रजिस्ट्री दस्तावेज बरामद किये हैं।
पहले रेड अब ईडी का समन, कम नहीं हो रहीं आईएएस छवि रंजन की मुश्किलें; 21 अप्रैल को होना है पेशटीम एबीएन, रांची। रांची में हुए सेना के जमीन घोटाला सहित अन्य भूमि घोटाले मामले में रांची के पूर्व उपायुक्त रहे वर्तमान में समाज कल्याण विभाग के निदेशक आईएएस अधिकारी छवि रंजन की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ईडी के द्वारा आईएएस अधिकारी छवि रंजन को समन जारी कर 21 अप्रैल को सीडी दफ्तर में पूछताछ के लिए बुलाया गया है।बता दें कि पिछले 13 अप्रैल को ईडी के द्वारा आईएएस अधिकारी छवि रंजन, बड़गाई अंचल के सीओ मनोज कुमार, कर्मचारी भानु प्रताप समेत 18 लोगों के 22 से ज्यादा ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गयी थी, छापेमारी के बाद ईडी ने 7 लोगों को 14 अप्रैल को हिरासत में लिया था। जिनको कोर्ट में पेश कर ईडी चार दिनों की रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। जिन सात लोगों को ईडी के अधिकारियों द्वारा रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। उसमें बड़गाई के अंचल के सीआई भानु प्रताप, प्रदीप बागची, अफसर अली, मोहम्मद सद्दाम, इम्तियाज समेत अन्य लोग शामिल हैं। इसके साथ ही बता दें कि जमीन घोटाला मामले में कोलकाता के एडिशनल रजिस्ट्रार ऑफ इंश्योरेंस प्रदीप मिश्रा को भी ईडी ने तलब कर दो मई को रांची के एयरपोर्ट रोड स्थित जोनल दफ्तर में पूछताछ के लिए बुलाया है।आईएएस छवि रंजन को समन जारीपिछले 13 अप्रैल को आईएएस अधिकारी छवि रंजन समेत 18 लोगों के 22 से ज्यादा ठिकानों पर एक साथ की गयी छापेमारी के दौरान ईडी अधिकारियों को कई जमीनों की फर्जी दस्तावेज के आधार पर खरीद-फरोख्त के प्रमाण मिले हैं। बरामद दस्तावेजों और रिमांड पर लिये गये आरोपियों से की गयी पूछताछ के के आधार पर ईडी ने आईएएस छवि रंजन को समन जारी किया है।आईएएस छवि रंजन के खिलाफ भ्रष्टाचार मामले में संलिप्तता को लेकर ईडी के हाथ कई पुख्ता सबूत और दस्तावेज लगे हैं। बता दें कि सेना की जमीन घोटाला या अन्य जो जमीन के फर्जीवाड़े और घोटाले उसी दौरान हुई जब आईएएस अधिकारी छवि रंजन रांची के उपायुक्त थे। इन सभी घोटालों में आईएएस छवि रंजन की भूमिका संदिग्ध है।कई और आईएएस अधिकारियों से कर चुकी है ईडी पूछताछईडी द्वारा भ्रष्टाचार सहित अन्य मामलों में समन जारी करते हुए पूछताछ के लिए ईडी कार्यालय बुलाये जाने वाले कोई पहले आईएएस अधिकारी नहीं है छवि रंजन, इन से पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रधान सचिव रहे आईएएस अधिकारी राजीव अरुण एक्का, साहेबगंज के उपायुक्त श्रीनिवास यादव और झारखंड की खान एवं उद्योग सचिव आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल से भी ईडी पूछताछ कर चुकी है।
एबीएन कैरियर डेस्क। फर्जी आवेदनों में वृद्धि के बीच आस्ट्रेलिया के कम से कम 5 विश्वविद्यालयों ने भारत के कुछ राज्यों के छात्रों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है।द एज और द सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड अखबारों के अनुसार, विक्टोरिया विश्वविद्यालय, एडिथ कोवान विश्वविद्यालय, वोलोंगोंग विश्वविद्यालय, टॉरेंस विश्वविद्यालय और साउथ क्रॉस विश्वविद्यालय ने भारतीय छात्रों के आवेदनों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। फरवरी में पर्थ स्थित एडिथ कोवान विश्वविद्यालय ने भारतीय राज्यों- पंजाब और हरियाणा के आवेदकों पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके बाद मार्च में विक्टोरिया विश्वविद्यालय ने पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात सहित आठ भारतीय राज्यों के छात्रों के आवेदनों पर प्रतिबंध बढ़ा दिए। यह घटनाक्रम आस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बानीस के भारत दौरे के दौरान विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों के साथ एक नये समझौते की घोषणा किए जाने के बाद हुआ। छात्रों की रिकॉर्ड संख्या : आस्ट्रेलिया में इस साल भारतीय छात्रों की संख्या वर्ष 2019 के 75,000 के सर्वाधिक आंकड़े को पार कर सकती है। इससे निपटने के लिए कई विश्वविद्यालय अब प्रतिबंध लगा रहे हैं।
टीम एबीएन, रांची। मनरेगा घोटाला और मनी लाउंड्रिंग केस में जेल में बंद झारखंड की चर्चित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 21 अप्रैल को सुनवाई होगी। पूजा सिंघल 3 माह की अंतरिम जमानत पर जेल से बाहर निकली थीं। 12 अप्रैल को जमानत अवधि पूरी होने के बाद उन्होंने आत्मसमर्पण किया था।सुप्रीम कोर्ट में 13 अप्रैल को सुनवाई होनी थी, लेकिन नहीं हो सकी। अगली तारीख 21 अप्रैल निर्धारित की गयी है। पूजा सिंघल को ईडी ने 11 मई 2022 को गिरफ्तार किया था। सुप्रीम कोर्ट ने बेटी के इलाज के लिए दो बार में तीन महीने की अंतरिम जमानत की सुविधा दी थी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। यदि आप फेसबुक इस्तेमाल करते हैं और आपका फेसबुक अकाउंट 2007 से दिसंबर 2022 के बीच बना है तो आपको पैसे मिल सकते हैं। जी हां, फेसबुक आपको भुगतान करेगा। दरअसल, फेसबुक पर 2018 में कैंब्रिज एनालिटिका को गलत तरीके से अपने 8.7 करोड़ यूजर्स की निजी जानकारी देने का आरोप लगा था। मेटा अब इस मुकदमे में भुगतान करने के लिए सहमत है। यानी आप 725 मिलियन डॉलर यानी करीब 5,947 करोड़ रुपये के समझौते के एक हिस्से के हकदार हो सकते हैं। फेसबुक पर डाटा चोरी का यह आरोप 2018 में लगाया गया था। वहीं 2019 में मुकदमा दायर किया गया है। मुकदमे में दावा किया गया था कि फेसबुक न केवल लिंग और उम्र जैसे बुनियादी डाटा को शेयर कर रहा है, बल्कि उनकी फोटो, उनके द्वारा बनाये गये वीडियो, उनके द्वारा देखे गये वीडियो और उनके व्यक्तिगत मैसेज को भी शेयर करता है। कानून कार्यालय ने अपनी वेबसाइट पर शेयर किया- फेसबुक कथित तौर पर कैंब्रिज एनालिटिका के अनुचित डाटा कलेक्शन के बारे में 2015 से जानता था और गतिविधि को रोकने या यूजर्स को सूचित करने के लिए कार्रवाई करने में विफल रहा। यह मुकदमा कंपनी के खिलाफ दावा करता है कि फेसबुक यूजर्स के डाटा और कंटेंट का दुरुपयोग या अनधिकृत पहुंच से ठीक से सुरक्षित करने में विफल रहा।फेसबुक यूजर्स जिनका अकाउंट 24 मई, 2007 से 22 दिसंबर, 2022 के बीच का है वह इस क्लेम में दावा कर सकते हैं। इन व्यक्तियों को 25 अगस्त, 2023 तक दावा प्रस्तुत करना होगा। अगस्त 2022 में एक समझौता किया गया और अदालत में लाया गया, उसके बाद 22 दिसंबर तक महीनों की बातचीत हुई, जब वादी ने समझौते की प्रारंभिक स्वीकृति के लिए एक प्रस्ताव दायर किया। वादी का प्रतिनिधित्व करने वाली कानूनी फर्म केलर रोहरबैक एलएलपी के डेरेक लोसर और लेस्ली वीवर ने एक बयान में कहा कि यह ऐतिहासिक समझौता इस जटिल और प्रमुख प्राइवेसी मामले में वर्ग को राहत प्रदान करेगा। बता दें कि समझौते की राशि 725 मिलियन डॉलर यानी करीब 59,47 करोड़ रुपये है। यानी आप इस राशि के एक हिस्से के हकदार हो सकते हैं। जो यूजर्स सोचते हैं कि वे निपटारे के एक हिस्से के हकदार हैं, वे अपने नाम, पते और ईमेल के साथ फॉर्म भर सकते हैं। आप अपने अकाउंट से जुड़े अपने फेसबुक यूजर्स नाम और फोन नंबर प्रदान करने के लिए कहा जायेगा।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्र की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में मंगलवार को त्रिकुट रोप-वे हादसे पर लिये गये स्वतः संज्ञान से जनहित याचिका में तब्दील मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय देने का आग्रह किया गया। कोर्ट ने सरकार को 16 मई तक शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 16 मई को होगी।सुनवाई के दौरान कोर्ट में राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता पीयूष चित्रेश ने पक्ष रखा। हाई कोर्ट की ओर से नियुक्त अमेकस क्यूरी (न्याय मित्र) कुमार वैभव भी अदालत में मौजूद थे। पिछले साल दस अप्रैल को देवघर के त्रिकूट पहाड़ के रोप-वे पर हुए हादसे पर झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की बेंच ने स्वत: संज्ञान लिया था।झारखंड हाई कोर्ट इस मामले को स्वतः संज्ञान से जनहित याचिका में तब्दील कर सुनवाई कर रहा है। हाई कोर्ट ने इस मामले को लेकर सरकार से जवाब मांगा था।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने माफिया डॉन रहे अतीक अहमद और उसके भाई की गोली मारकर की गयी हत्या के मामले का संज्ञान लेते हुए निर्णय लिया है कि पत्रकारों की रक्षा व सुरक्षा को लेकर एक मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की जायेगी। सूत्रों के अनुसार गृह मंत्रालय ने रविवार को एसओपी तैयार करने का फैसला किया है।उल्लेखनीय है कि शनिवार रात कुछ अपराधी पत्रकार बनकर पुलिस हिरासत में मेडिकल जांच के लिए जा रहे अतीक अहमद और उसके भाई की हत्या कर दी। हत्या के समय अतीक और उसका भाई पत्रकारों से बातचीत कर रहा था। इस घटना ने पत्रकारों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े किये हैं।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।
© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.