टीम एबीएन, रांची। अपर न्यायायुक्त एसएम शाहजाद की अदालत ने गुरुवार को आपसी विवाद में दोहरे हत्याकांड मामले में दोषी कांके निवासी सुमित मुंडा को उम्रकैद की सजा सुनायी है। साथ ही उसपर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। आरोप है कि सुमित मुंडा ने घर में सो रहे तेतरू पाहन एवं लखिया देवी की हत्या धारदार हथियार से कर दी थी। मामले को लेकर 26 फरवरी 2021 को गोंदा थाना में कांड संख्या 14/21 दर्ज हुआ था। अभियोजन की ओर से 11 गवाहों की गवाही हुई थी। घटना को अंजाम आपसी विवाद को लेकर दिया गया था।
आज ईडी छवि रंजन से करेगी पूछताछ, सेना जमीन घोटाले मामले से जुड़े पूछे जायेंगे सवालटीम एबीएन, रांची। सेना जमीन घोटाले में ईडी एक्शन में नजर आ रही है। आज ईडी फिर से छवि रंजन से पूछताछ करेगी। आज दूसरी बार छवि रंजन ईडी ऑफिस जायेंगे। आज छवि रंजन आश्रितों के डॉक्यूमेंट्स लेकर ईडी ऑफिस जायेंगे। बताते चलें कि 24 अप्रैल को 9 घंटे छवि रंजन से पूछताछ की गयी थी। पूछताछ के बाद ईडी ने छवि रंजन को जमीन से जुड़ी जानकारी, कई दस्तावेज, उनकी व उनके आश्रितों की संपत्ति और बैंक खातों के विवरण के साथ आने का समन जारी किया था।तीन आरोपियों से पूछताछआपको बता दें कि रांची में जमीन घोटाला मामले में 3 आरोपियों से पूछताछ हुई। हालांकि 5 आरोपियों को ईडी ने समन भेजा था, लेकिन 5 में से सिर्फ 3 ही ईडी कार्यालय पहुंचे। इनमें जमशेदपुर के श्याम सिंह और रवि सिंह भाटिया और रांची के प्रियरंजन सहाय शामिल हैं। जिनसे ईडी कार्यालय में पूछताछ हुई। फरार ठेकेदार विपिन सिंह और आरोपी शेखर कुशवाहा ईडी कार्यालय नहीं पहुंचे।ठिकानों पर छापेमारीबता दें कि 26 अप्रैल को विपिन सिंह समेत अन्य के ठिकानों पर छापेमारी की गयी थी और विपिन सिंह उसी दिन से फरार चल रहा है। ईडी को कार्रवाई के दौरान पांचों के लगभग 50 खाते सील हुए थे। वहीं, 40 लाख की बरामदगी भी हुई थी। ऐसे में ईडी उन्हीं तथ्यों के आधार पर तीनों से पूछताछ की है।सूत्रों से मिली जानकारीवहीं, ईडी से जुड़े सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सेना जमीन घोटाले में ईडी को तत्कालीन डीसी छवि रंजन और प्रेम प्रकाश की संलिप्तता के सीधे साक्ष्य मिले हैं। छवि रंजन के डीसी रहते ही बजरा, सेना जमीन व चेशायर होम रोड की जमीन का फर्जीवाड़ा हुआ।
20 करोड़ की संपत्ति बरामदएबीएन सेंट्रल डेस्क। सीबीआई ने आय से अधिक संपत्ति मामले में दिल्ली, गाजियाबाद समेत 19 जगहों पर छापेमारी की। इस छापेमारी में सीबीआई को करीब 20 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की है।सीबीआई ने यह छापेमारी जलशक्ति मंत्रालय के तहत आने वाली वैपकोस वाटर एंड कंसल्टेंसी के पूर्व सीएमडी राजेंद्र कुमार गुप्ता के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में की है। गुप्ता के खिलाफ हाल में आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के लिए मामला दर्ज किया गया था।अधिकारियों ने बताया कि गुप्ता और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के बाद, सीबीआई ने उनके परिसरों की तलाशी ली, जहां संपत्ति और अन्य कीमती सामानों से संबंधित दस्तावेजों के अलावा 20 करोड़ रुपये नकद जब्त किये गये।वाप्कोस जल शक्ति मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाला केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम है। इसे पहले वाटर एंड पावर कंसल्टेंसी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड के रूप में जाना जाता था।
टीम एबीएन, लोहरदगा। कार्यकारिणी समिति नेतरहाट विद्यालय समिति के सभापति डॉ संतोष उरांव ने नेतरहाट विद्यालय के प्राचार्य पद पर नियुक्ति हेतु बिना आम सहमति के विज्ञापन संख्या-01/2023 का प्रकाशन कर दिया था। प्रकाशित विज्ञापन नियम विरुद्ध होने के कारण विद्यालय के प्राचार्य सह समिति के सदस्य सचिव डॉ संतोष कुमार सिंह ने माननीय उच्च न्यायालय, झारखंड में रिट याचिका संख्या-डब्ल्यूपी (सी)-1977/2023 दायर किया था। दायर याचिका के संबंध मे आज दिनांक 02/05/2023 को माननीय न्यायाधीश श्री एसएन पाठक के कोर्ट में सुनावई हुई। याचिकाकर्ता की ओर से पूर्व महाधिवक्ता सह वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार ने कोर्ट को बताया कि दिनांक-27/03/2023 को सभापति द्वारा वाट्सअप के माध्यम से सूचना देकर एक बैठक बुलायी थी, बैठक मे प्राचार्य सह सदस्य सचिव को नहीं बुलाया गया। बैठक में दो वरीय सदस्यों के मत के विपरीत जाकर बिना आम सहमति के सभापति ने नियुक्ति के लिए विज्ञापन का प्रसारण कर दिया। कोर्ट को बताया गया कि प्रकाशित विज्ञापन के संबंध में दोनों सदस्यों ने लिखित आपत्ति विभाग को दिया। वरिष्ठ अधिवक्ता ने यह भी बताया कि बाई लॉ के अनुसार प्रोसिडिंग जारी करने का अधिकार सदस्य सचिव को है, जबकि ऐसा नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है। वरिष्ठ अधिवक्ता के दलील सुनने के बाद कोर्ट ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सभापति को निर्देश दिया है कि किन परिस्थितियों में बिना आम सहमति के विज्ञापन का प्रकाशन किया गया। इसपर अपना स्पष्ट पक्ष कोर्ट के समक्ष रखे। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि इस नियुक्ति के संबंध में अंतिम निर्णय कोर्ट के आदेश के उपरांत ही लिया जायेगा। अंत में कोर्ट ने कहा कि सभापति को कोई भी फैसला स्वयं लेने का अधिकार नहीं है, भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सभापति को सचेत रहने की जरूरत है।
गैंगस्टर एक्ट में आया बड़ा फैसला, अफजल भी दोषी करार एबीएन सेंट्रल डेस्क। माफिया मुख्तार अंसारी पर गैंगस्टर मामले में गाजीपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट का फैसला आ गया। कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को दोषी करार देते हुए दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही पांच लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। साथ ही कोर्ट ने सांसद अफजाल अंसारी को भी दोषी करार किया है। बता दें कि शनिवार सुबह से ही गाजीपुर के एसपी कार्यालय के बाहर न्यायालय जाने वाले मार्ग को बैरिकेडिंग कर आवागमन रोक दिया गया था। पीएसी और पुलिस फोर्स तैनात कर दी गयी थी। वहीं, न्यायालय में फैसला आने को लेकर गाजीपुर सांसद अफजाल अंसारी सुबह 10.45 बजे कोर्ट में पहुंच गये थे। मुख्तार अंसारी बांदा जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। एमपी/एमएलए कोर्ट में चल रहे इस मामले में बीते 15 अप्रैल को फैसला आना था। न्यायाधीश के अवकाश में होने के चलते फैसला नहीं आ पाया था। ऐसे फैसले के लिए 29 अप्रैल को तारीख नियत की गयी थी। वर्ष 2007 के इस मामले में बीते एक अप्रैल को बहस और सुनवाई पूरी कर ली गयी थी और 15 अप्रैल को फैसला होना था। अफजल अंसारी, मुख्तार अंसारी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत एमपी/एमएलए कोर्ट में चल रहे इस केस में भाजपा विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड केस गैंग चार्ट में शामिल है। जबकि नन्दकिशोर रूंगटा के अपहरण और हत्या का केस भी गैंग चार्ट में शामिल है। 29 नवंबर 2005 को गाजीपुर के भांवरकोल थाना अंतर्गत सियाड़ी गांव में भाजपा विधायक कृष्णानंद राय सहित सात लोगों पर एके-47 जैसे अत्याधुनिक असलहों से लगभग 400 राउंड से ज्यादा फायरिंग कर उनकी हत्या कर दी गयी थी। सातों लोगों का शव पोस्टमार्टम के लिए बीएचयू लाया जाने लगा तो भाजपा विधायक के समर्थक उग्र हो गये थे और जगह-जगह तोड़फोड़ व हिंसा की गयी थी।
टीम एबीएन, रांची। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी झारखंड की राजधानी रांची के पूर्व उपायुक्त छवि रंजन से कथित जमीन घोटाला मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत चार मई को पूछताछ करेंगे। ईडी ने उन्हें समन भेजकर ऑफिस में तलब किया है। आईएएस छवि रंजन के अलावा रांची सदर रजिस्ट्रार वैभव मणि त्रिपाठी और रांची के बड़े कारोबारी विष्णु अग्रवाल को भी नए सिरे से समन जारी कर बुलाया है। वैभव मणि त्रिपाठी को एक मई और अग्रवाल को आठ मई को ईडी के रांची जोनल ऑफिस बुलाया गया है। सनद रहे कोलकाता से फर्जी कागजात बनाकर जमीन रजिस्ट्री के इस कथित मामले की जांच में ईडी को अब तक कई अहम दस्तावेज हाथ लग चुके हैं। ईडी ने सेना की जमीन समेत अन्य जमीन की रजिस्ट्री में गड़बड़ी के मामले में छवि रंजन से 24 अप्रैल को पूछताछ की थी।
अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला टीम एबीएन, रांची। झारखंड उच्च न्यायालय ने भाजपा नेता अमित शाह के बारे में कथित रूप से विवादित टिप्पणी करने के मामले में पेशी के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी को स्थानीय न्यायिक मजिस्ट्रेट की ओर से जारी नोटिस पर लगी रोक शुक्रवार को बढ़ा दी। गांधी ने रांची में मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा उनके खिलाफ शुरू की गयी आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने का अनुरोध करते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया है। न्यायमूर्ति अंबुज नाथ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश दिया कि इस संबंध में अदालत के अगले आदेश तक गांधी के खिलाफ कोई कठोर कदम नहीं उठाया जाये। उच्च न्यायालय ने तीन फरवरी को रांची में मजिस्ट्रेट की अदालत में राहुल गांधी की पेशी के नोटिस पर रोक लगा दी थी। उन्हें रांची में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य नवीन झा की शिकायत पर दर्ज मामले में मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने का आदेश दिया गया था। श्री झा ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि गांधी ने 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले चाईबासा में दिये गये एक भाषण में भाजपा नेता अमित शाह के बारे में आपत्तिजनक बयान दिया था।
सेबी के बड़े फैसले से बैंक वालों की फजीहत एबीएन बिजनेस डेस्क। पूंजी बाजार नियामक सेबी ने शेयर ब्रोकरों एवं क्लियरिंग सदस्यों को ग्राहकों के कोष पर एक मई से नई बैंक गारंटी लेने से रोक दिया है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने मंगलवार को एक परिपत्र में कहा कि शेयर ब्रोकरों एवं क्लियरिंग सदस्यों को अपनी सभी मौजूदा बैंक गारंटी सितंबर के अंत तक वापस लेने का भी निर्देश जारी किया गया है। सेबी ने परिपत्र में कहा कि एक मई, 2023 से शेयर ब्रोकर एवं क्लियरिंग सदस्य ग्राहकों के पैसे से कोई भी बैंक गारंटी नहीं ले पाएंगे। ग्राहकों के कोष से अभी तक ली गयीं सभी बैंक गारंटी को 30 सितंबर, 2023 तक समेटना होगा। मौजूदा समय में शेयर ब्रोकर एवं क्लियरिंग सदस्य ग्राहकों के पैसे को बैंकों के पास गिरवी रखते हैं। बैंक यह राशि अधिक लाभ के लिए क्लियरिंग निगमों को बैंक गारंटी के तौर पर जारी करते हैं। इस प्रक्रिया में ग्राहकों का पैसा बाजार जोखिमों के अधीन आ जाता है। हालांकि, यह प्रावधान शेयर ब्रोकरों एवं क्लियरिंग सदस्यों के स्वामित्व वाले कोष पर लागू नहीं होगा।
कारोबारी, जमीन माफियाओं के ठिकानों पर ईडी की दबिश टीम एबीएन, रांची। जमीन घोटाला मामले में रांची के पूर्व डीसी छवि रंजन के करीबियों पर शिकंजा कसना शुरू हो चुका है। जमीन घोटाले को लेकर ईडी ने बुधवार को रांची में छवि रंजन के करीबी कारोबारी रवि कुमार भाटिया, श्याम सिंह, जमीन माफिया शेखर कुशवाहा, प्रिय रंजन सहाय और विपिन कुमार सिंह के ठिकानों पर छापेमारी की, छापेमारी में कई तरह के कागजात ईडी ने जब्त किये हैं। सुबह 6.40 से शुरू हुई छापेमारी : बुधवार सुबह 6.40 बजे ईडी की टीम ने रांची और जमशेदपुर में छापेमारी शुरू की, ईडी की टीम रांची में शेखर कुशवाहा के सदर थाना क्षेत्र के गाड़ीगांव, प्रियरंजन सहाय के कोकर बैंक रोड, विपिन सिंह के मोरहाबादी सत्येंदू अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 402, जमशेदपुर में विष्ठुपर में रवि सिंह भाटिया के बरगोनिया टावर और श्याम सिंह के जुगसलाई स्थित ठिकाने पर दबिश दी। रांची के मोरहाबादी स्थित टैगोर हिल रोड में छापेमारी के दौरान विपिन सिंह घर पर नहीं था, ऐसे में ईडी की टीम ने उसके फ्लैट को सील कर दिया। जानकारी मिली कि विपिन फिलहाल दिल्ली में है जिसके बाद उसे दिल्ली में ईडी की टीम ने पकड़ा और मुख्यालय ले जाकर पूछताछ की। रेड के दौरान ईडी को छवि रंजन से जुड़ी कई जानकारियां हासिल हुई है। रांची के बजरा में खाता नंबर 140 की सात एकड़ जमीन की रजिस्ट्री रवि सिंह भाटिया और श्याम सिंह के नाम से चार अलग अलग डीड के जरिए हुई थी। भूमि की लगान रसीद महज रजिस्ट्री के एक दिन पहले निर्गत किया गया था। साल 1938 से 2021 तक की लगान रसीद एक ही दिन में तत्कालीन डीसी छवि रंजन के आदेश से जारी की गयी थ। इस मामले में भूमि के दावेदार चंदन कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसमें जमाबंदी के डीसी के आदेश को गलत बताते हुए जमाबंदी रद्द कर दी गयी थी। मामले में तत्कालीन कमिश्नर नितिन मदन कुलकर्णी ने भी छवि रंजन के आदेश को नियम विरूद्ध बताया था। खाता नंबर 140 के सारे कागजात भी रिकॉर्ड रूम से गायब है।
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