सभी डीसी को तैयारी का निर्देश, रजिस्ट्री कराने उमड़ने लगी, भीड़ टीम एबीएन, रांची। राज्य के शहरी क्षेत्रों में एक अगस्त से जमीन और मकान की कीमत में ईजाफा होगा। बताया जा रहा है कि इस बार जमीन और मकान क कीमत में 10 फीसदी तक बढ़ोत्तरी हो सकती है। इसके लिए निबंधन विभाग की ओर से राज्य के सभी जिलों के डीसी ( जिला निबंधक) को तैयारी करने को कहा गया है। इसी के आलोक में राज्य के सभी जिला अवर निबंधन कार्यालयों में जमीन और फ्लैट की कीमत में बढ़ोत्तरी की तैयारी शुरू कर दी गयी है। बताते चलें कि निबंधन नियमावली के अनुसार राज्य के शहरी क्षेत्रों में हरेक दो साल पर और ग्रामीण क्षेत्रों में भी हरेक दो साल पर जमीन और मकान की कीमत में वृद्धि की जाती है। इस साल शहरी क्षेत्र की बारी बारी है। चडरी (रांची) और बैंकमोड़ (धनबाद) में सबसे महंगी रांची में चड़री मौजा, धनबाद का बैंकमोड़ और खूंटी का खूंटी और तोरपा की जमीन सबसे महंगी होगी। यहां की जमीन और मकान की कीमत वर्तमान कीमत से 10 फीसदी महंगी हो जायेगी। इसी तरह जमशेदपुर, बोकारो, पलामू, गढ़वा, दुमका औरह देवघर समेत राज्य के अन्य शहरों में भी जमीन और फ्लैट की कीमत एक अगस्त से 10 फीसदी तक महंगी हो जायगी। यही कारण है कि जून के आखिरी हफ्ते से ही राज्य के निबंधन कार्यालयों पर दवाब बढ़ने लगा है। प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराने को निबंधन कार्यालयों में भीड़ लगने लगी है।2022 में महंगी हुई थी ग्रामीण ईलाकों की जमीन पिछले साल 2022 में ग्रामीण क्षेत्रों की जमीन व मकान की कीमत बढ़ी थी। इस बार शहरी क्षेत्र की जमीन व मकान की कीमत बढ़ेगी। बताया जा रहा है कि जमीन और मकान की कीमत बढ़ने का असर अगस्त महीने के रेवन्यू पर देखने को मिलता है। एक से 10 अगस्त तक राज्य के निबंधन कार्यालयों में सन्नाट का महौल रहता है। धीरे-धीरे लोग यूज टू होते हैं और फिर दस्तावेजों के निबंधन में तेजी आ जाती सहै। 30 लाख के फ्लैट पर 21 हजार अधिक लगेगा शुल्क फ्लैट की कीमत 10 प्रतिशत बढ़ायी गयी है। अगर किसी फ्लैट की वर्तमान कीमत 30 लाख है। इसमें तीन प्रतिशत रजिस्ट्रेशन शुल्क कुल सात प्रतिशत देय होता था। 21 हजार सरकारी शुल्क लगता था। एक अगस्त से उसी फ्लैट की सरकारी मूल्य 33 लाख हो जायेगी। इसका रजिस्ट्री शुल्क 23,100 रुपये लगेगा। प्रोपर्टी की रजिस्ट्री के लिए भीड़, सर्वर हो गया फेल एक अगस्त से जमीन व मकान की कीमत बढ़ेगी। इसे लेकर लोग एक अगस्त से पहले प्रोपर्टी की रजिस्ट्री कराने को लेकर आपाधापी कर रहे हैं। रजिस्ट्री कार्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन सर्वर फेल रहने के कारण उन्हें बैरंग लौटना पड़ रहा है। 11 से लेकर तीन बजे तक सर्वर डाउन रहता है। तीन बजे के बाद सर्वर चालू होता है, लेकिन गति काफी धीमी रहती है। एक तो मैन पावर की कमी, ऊपर से सर्वर की दिक्कत। इस वजह से डीड राइटर से लेकर क्रेता-विक्रेता दोनों परेशान हैं। एक अगस्त से शहरी क्षेत्र में जमीन व मकान की सरकारी कीमत बढ़ेगी। मूल्यांकन कार्य चल रहा है। हर दो साल पर जमीन व मकान का मूल्यांकन किया जाता है। पिछले साल ग्रामीण क्षेत्र की जमीन व मकान की कीमत बढ़ी थी। इस बार सिर्फ शहरी क्षेत्र में जमीन व मकान की कीमत बढ़ेगी। -बाल्मिकी साहू, जिला अवर निबंधक, खूंटी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड राज्य आवास बोर्ड ने रांची के तीन सौ दुकानों को नोटिस जारी किया है। यह मामला आवासीय परिसर में शॉपिंग मॉल और दुकान खोलने से जुड़ी है, जिसमें बोर्ड ने हरमू और अरगोड़ा स्थित करीब 300 दुकानों को चिह्नित कर नोटिस जारी किया है।आवासीय परिसर में शॉपिंग मॉल और दुकान खोलने मामले में झारखंड राज्य आवास बोर्ड ओर से नोटिस जारी होते ही दुकानदारों में हड़कंप मच गया है। बोर्ड की ओर से यह पहली नोटिस है। वहीं तीसरे नोटिस के बाद बोर्ड की ओर से दुकानदारों को दुकान हटाने का आदेश दिया जायेगा।
टीम एबीएन, पलामू/ रांची। नक्सलियों के खिलाफ एनआईए ने शिकंजा कसा है। पलामू में टॉप नक्सली के ड्राइवर की तलाश में एनआईए की टीम ने कार्रवाई की है। यह छापेमारी पिपरा थाना क्षेत्र के लोहरसी के इलाके में की गई है। एनआईए जिस ड्राइवर की तलाश में लोहरसी के इलाके में पहुंची थी, वह फरार है। लेकिन उनकी टीम को ड्राइवर के घर से अहम दस्तावेज हासिल हुए हैं। लोहरसी में नक्सली के ड्राइवर जुबैर अंसारी के पिता अनीश अंसारी के घर से कागजात बरामद हुए हैं। एनआईए की टीम जुबैर अंसारी का पास बुक अपने साथ ले गई है। मिली जानकारी के अनुसार पलामू के पांकी के इलाके में 2017-18 में हुए एक नक्सली घटना में यह छापेमारी की गयी है। एनआईए की टीम ने छापेमारी के लिए पलामू पुलिस से सहयोग मांगा। पलामू पुलिस की स्पेशल टीम उनकी मदद कर रही है। एनआईए के अधिकारियों के विषय में पुलिस को अधिक जानकारी नहीं दी गयी है। लोहरसी में छापेमारी के बाद उनकी टीम किसी और इलाके में छापेमारी के लिए निकल गई है। मिली जानकारी के अनुसार जुबैर अंसारी टॉप नक्सली का ड्राइवर है और नक्सली हमले के दौरान वो दस्ते में भी शामिल था। वो नक्सलियों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाता था और कई तरह से मदद भी करता था। लातेहार के लुकईया हमले मे टॉप माओवादी रबिन्द्र गंझू के दस्ते का हाथ था, जुबैर अंसारी इसी दस्ते का ड्राइवर था। फिलहाल जुबैर अंसारी फरार है। जानकारी के अनुसार जुबैर अंसारी के बैंक खाते में नक्सलियों का पैसा आया था, इसकी जानकारी एनआईए को मिली थी।
टीम एबीएन, रांची। कांटाटोली-मेकॉन फ्लाई ओवर निर्माण कार्य के कारण (शनिवार) आज से सिरमटोली पटेल चौक मार्ग पर परिचालन पूर्णत: बंद रहेगा। ट्रैफिक एसपी कार्यालय से जारी नोटिस के अनुसार यह व्यवस्था पांच जुलाई तक लागू रहेगी।इस दौरान सिर्फ सिरमटोली-पटेल चौक के बीच रहने वाले लोगों को ही प्रवेश की अनुमति दी जायेगी। सिरमटोली चौक से पटेल चौक एवं पटेल चौक से सिरमटोली चौक की ओर आने-जाने वाले सभी प्रकार के वाहन रांची रेलवे स्टेशन होकर जायेंगे। इसको लेकर ट्रैफिक एसपी हारिस बिन जमां ने निर्देश जारी किया है।फ्लाईओवर निर्माण कार्य करने वाली कंपनी ने ट्रैफिक एसपी को आवागमन बंद करने का अनुरोध किया था ताकि, ओवरब्रिज के ऊपरी हिस्से का कार्य किया जा सके।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड पुलिस ने बुधवार को एक साइबर अपराध रैकेट का पर्दाफाश करने का दावा करते हुए एक बुजुर्ग व्यक्ति को करीब सात लाख रुपये का चूना लगाने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के एक अधिकारी ने बताया कि रांची के रामधनी साहू (74) की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए दुमका से गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि ये लोग स्वयं को बैंक का ग्राहक सेवा अधिकारी बताकर एनीडेस्क के माध्यम से लोगों के खातों से पैसे निकाल रहे थे। सीआईडी के बयान के अनुसार, मौजूदा मामले में उन्होंने शिकायतकर्ता से एक ऐप डाउनलोड करने को कहा और गैर-कानूनी तरीके से उनके खाते से 6.99 लाख रुपये निकाल लिये। बयान के अनुसार, आगे की जांच की जा रही है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सीबीआई ने एक अस्पताल के प्रबंधक पर लगे जुर्माने के निपटान के लिए 12 लाख रुपये रिश्वत लेते समय कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के प्रवर्तन अधिकारी ऋषि राज को गिरफ्तार किया है। सीबीआई के एक प्रवक्ता ने यहां कहा- आरोप है कि आरोपी (राज) ने दिल्ली के एक मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल का निरीक्षण किया और शिकायतकर्ता (उक्त अस्पताल में प्रबंधक के रूप में कार्यरत) को सूचित किया कि अस्पताल के रिकॉर्ड में बहुत सारी अनियमितताएं हैं, जिसके लिए अस्पताल पर (लगभग) 15 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जायेगा। पुलिस ने बताया कि राज ने मामला निपटाने के लिए कथित तौर पर जुर्माने की 20 प्रतिशत राशि रिश्वत के रूप में देने के लिए कहा। प्रवक्ता ने कहा- जाल बिछाकर आरोपी को पकड़ लिया गया। आरोपी के ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
झारखंड भूमि धोखाधड़ी मामले में दायर किया आरोपपत्रटीम एबीएन, रांची। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड भूमि धोखाधड़ी मामले में सोमवार को रांची की एक विशेष अदालत के समक्ष अपना पहला आरोपपत्र दायर किया। ईडी ने इस मामले में अब तक आईएएस अधिकारी छवि रंजन सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया है।संघीय एजेंसी ने एक बयान जारी करके कहा कि उसने मामले के संबंध में 74.39 करोड़ रुपये के वाणिज्यिक मूल्य वाले दो भूखंड भी धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अस्थायी रूप से कुर्क किये हैं। इनमें से 4.55 एकड़ का एक भूखंड राज्य की राजधानी रांची के बरियातू क्षेत्र में स्थित है (वाणिज्यिक मूल्य 41.51 करोड़ रुपये), 7.16 एकड़ की दूसरी अचल संपत्ति शहर के बाजरा क्षेत्र (वाणिज्यिक मूल्य 32.87 करोड़ रुपये) में स्थित है। ईडी ने कहा- इन भूखंडों का दाखिल खारिज भू राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से भू-माफियाओं के पक्ष में फर्जी तरीके से किया गया है। पहला भूखंड पहले सेना के नाम पर था। उसने कहा कि अभियोजन शिकायत (आरोपपत्र) 12 जून को दायर किया गया।एजेंसी ने 2011 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी रंजन सहित कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने पहले राज्य समाज कल्याण विभाग के निदेशक और रांची के उपायुक्त के रूप में कार्य किया है। इस मामले में भू-राजस्व विभाग के एक पूर्व कर्मचारी भानु प्रताप प्रसाद को भी गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। धनशोधन का मामला रांची नगर निगम की एक शिकायत के आधार पर प्रदीप बागची के खिलाफ राज्य पुलिस द्वारा दर्ज एक प्राथमिकी से उपजा है। ईडी ने कहा कि कथित धोखाधड़ी भूमाफिया रैकेट से संबंधित है, जो झारखंड में सक्रिय है और जो कोलकाता और रांची में विरासत रिकॉर्ड की जालसाजी करता था। एजेंसी का आरोप है कि फर्जी जमीन के रिकॉर्ड के आधार पर इस तरह के भूखंड दूसरे लोगों को बेचे गये। ईडी ने कहा कि जांच के हिस्से के रूप में उसके द्वारा कुल 41 छापेमारी और पांच सर्वेक्षण किये गये और उसके अधिकारियों ने भू-राजस्व विभाग की जाली मुहर, भूमि के दस्तावेज, अपराध की आय के वितरण के रिकॉर्ड जब्त किये हैं। उसने कहा किा साथ ही इस कथित जालसाजी को दर्शाने वाली कुछ तस्वीरों के अलावा, सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने के सबूत आदि भी मिले हैं। एजेंसी ने कहा कि उसने प्रसाद के खिलाफ मिले सबूतों को झारखंड सरकार के साथ भी साझा किया है और रांची पुलिस ने उसके आधार पर राज्य सरकार के पूर्व कर्मचारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
ड्रोन उड़ाने पर लगी रोक... जानें क्या है मामलाएबीएन सेंट्रल डेस्क। भगवान जगन्नाथ की 20 जून को होने वाली वार्षिक रथयात्रा से पहले पुरी पुलिस ने 12वीं सदी के प्रसिद्ध मंदिर के आसपास ड्रोन उड़ाने पर रोक लगा दी है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 1 जुलाई तक यह प्रतिबंध लागू रहेगा और इसका पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जायेगी। पुरी पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अनुभवहीन लोगों द्वारा अनियंत्रित तरीके से ड्रोन का उपयोग श्रद्धालुओं के लिए जोखिम भरा हो सकता है। हमने पहले भी नियम तोड़ने वाले कुछ लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की थी। उन्होंने कहा कि श्री मंदिर, श्री गुंडीचा मंदिर, देवी-देवता के रथों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा की दृष्टि से परामर्श जारी किया गया है। परामर्श में कहा गया है कि ड्रोन नियमावली, 2021 के प्रावधानों के अनुसार श्री जगन्नाथ मंदिर को रेड जोन (निषिद्ध क्षेत्र) घोषित किया गया है और इसलिए किसी को भी मंदिर परिसर के ऊपर उपकरणों को उड़ाने की अनुमति नहीं है। इसमें कहा गया है कि नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा जारी वैध यूआईएन (विशिष्ट पहचान संख्या) के बिना कोई संचालक ड्रोन नहीं उड़ायेगा। आदेश के मुताबिक, किसी भी संपत्ति को नुकसान होने या किसी के घायल होने जैसी किसी भी घटना की जिम्मेदार ड्रोन संचालकों की होगी। इसमें कहा गया कि ड्रोन नियमों का किसी भी तरह का उल्लंघन दंडनीय है। पहले भी ड्रोन उड़ाने के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर पुरी पुलिस ने एक यूट्यूबर को गिरफ्तार किया था।
आर्थिक जुर्माना भी लगाया गयामहज तीन साल के अंदर पीड़ित परिवार को मिला न्यायपरिजनों ने कहा कि न्याय व्यवस्था पर हमारी पूरी आस्थाटीम एबीएन, लोहरदगा। सात साल की अबोध बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले फूफा को लोहरदगा पॉस्को न्यायालय ने उम्र कैद की सजा सुनाया है। न्यायालय ने अभियुक्त पर आर्थिक दंड भी लगाया है। न्यायालय का फैसला आने पर पीड़ित परिवार के लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मेरी बच्ची को न्याय मिला है। परिजनों को न्याय मिला है। समाज का विश्वास बढ़ा है। महज तीन साल के अंदर न्यायालय ने मामले का त्वरित निष्पादन कर न्याय व्यवस्था पर तमाम लोगों के विश्वास को बढ़ा दिया है।लोहरदगा सिविल कोर्ट परिसर स्थित स्पेशल पॉक्सो न्यायालाय, एडीजे-वन अखिलेश कुमार तिवारी ने सोमवार को स्पेशल पॉक्सो नंबर- 40/2020 और महिला थाना काण्ड संख्या 16/2020 के अभियुक्त 55 वर्षीय विनोद उरांव पिता स्व सोमा उरांव, बांडी बगडू, थाना बगडू, जिला लोहरदगा को धारा छह पॉक्सो एक्ट में दोषी पाते हुए आजीवन का सजा सुनायी है। साथ में 25000/ रुपये की आर्थिक दंड भी सुनाया।मामला 22 मई 2020 को सात वर्षीय नाबालिक बच्ची को खेलने के बहाने सुनसान टोंगरी की ओर ले जाकर अबोध के साथ कुकर्म कर रहा था। उसी दौरान बच्ची की ढूंढते हुए उसके परिजन मौके पर आ गए। वहां पहुंचे परिजनों ने घटना को अपने आखों से देख लिया। अभियुक्त पीड़िता का रिश्ते में फूफा लगता है। फिलहाल अभियुक्त लोहरदगा मंडल कारा में ही बंद है।
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