एबीएन न्यूज नेटवर्क, पलामू। मेदिनीनगर नगर निगम के सिटी मैनेजर अनिल उरांव और पीएमसी राकेश कुमार को एसीबी ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। अभी जांच चल रही है। सूचना आग की तरह फैली और निगम कार्यालय के सामने भीड़ उमड़ पड़ी है।
अब सात अक्तूबर तक बदल और जमा कर सकेंगे दो हजार के नोट; आरबीआई ने बढ़ाई तारीखएबीएन सेंट्रल डेस्क। दो हजार रुपये के पुराने नोट को बदलवाने और जमा की आखिरी तारीख को बढ़ाकर सात अक्तूबर कर दिया गया है। अभी तक इसकी आखिरी तारीख 30 सितंबर, 2023 थी। बता दें कि कुछ महीनों पहले रिजर्व बैंक आफ इंडिया ने दो हजार रुपये के नोटों को वापस लेने का एलान किया था।19 मई 2023 को प्रचलन में रहे 2000 के नोटों का 96% बैंकों में लौटाबैंकों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, 19 मई, 2023 तक प्रचलन में में रहे 3.56 लाख करोड़ रुपये के 2000 के बैंक नोटों में से 3.42 लाख करोड़ रुपये के नोट बैंकों में वापस आ चुके हैं। 29 सितंबर को कारोबार की समाप्ति के बाद केवल 0.14 लाख करोड़ रुपये ही चलन में रह गये हैं। इस प्रकार, 19 मई 2023 को प्रचलन में रहे 2000 बैंक नोटों का 96% अब बैंकों में वापस आ गया है।
झारखंड में वंदे भारत के लिए बदला नियमएबीएन सेंट्रल डेस्क। वंदे भारत ट्रेन के लिए रेलवे ने टिकट बुकिंग के नियम बदल दिए हैं। अन्य ट्रेनों में यात्रियों को आगमन समय के आधे घंटे पूर्व तक ही करंट टिकट मिलता है, लेकिन वंदे भारत में ठहराव वाले सभी स्टेशनों पर करंट टिकट की बुकिंग 15 मिनट पहले तक होती रहेगी।रेलवे के आदेश के अनुसार, करंट टिकट बुक करने से ट्रेन में मांसाहारी खाना की उम्मीद नहीं है, क्योंकि रांची से ट्रेन के खुलते समय यात्रियों की संख्या के अनुसार नाश्ता-खाना का मेन्यू व सूची बन जाती है। ऐसे में सभी को मांसाहारी खाना परोसना संभव नहीं होगा। हालांकि, ट्रेन में पहले टिकट बुक करने वालों को मांसाहारी और शाकाहारी खाने का विकल्प देना होगा। इधर, दक्षिण पूर्व जोन ने सभी स्टेशन से बुक होने वाली टिकट की संख्या पर रिपोर्ट बनाने का आदेश दिया है, ताकि यात्रियों के रुझान का पता चल सके। दूसरी ओर, वाणिज्य व कैटरिंग सुपरवाइजर से व्यवस्था पर नजर रखने के साथ सुविधाओं पर विचार लेने की तैयारी है। मालूम हो कि टाटानगर स्टेशन से होकर वंदे भारत ट्रेन का परिचालन दक्षिण पूर्व रेलवे जोन ने 27 सितंबर से शुरू किया है, लेकिन वंदे भारत ट्रेन को क्षमता के अनुरूप यात्री नहीं मिल रहे हैं, जबकि यात्री सुविधा, सफाई और सुरक्षा पर रेलवे वंदे भारत ट्रेन में दूसरी ट्रेनों से ज्यादा ध्यान दे रहा है।
निलंबित आईएएस पूजा सिंघल को जेल से निकलने के लिए अभी करना होगा इंतजार, सुप्रीम कोर्ट में अब 30 अक्टूबर को होगी जमानत पर सुनवाई टीम एबीएन, रांची। निलंबित आईएएस पूजा सिंघल को जेल से बाहर निकलने के लिए अभी और इंतजार करना होगा। मनरेगा घोटाला से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में ईडी की कार्रवाई के बाद न्यायिक हिरासत में रांची के होटवार जेल में बंद निलंबित आईएएस पूजा सिंघल की जमानत याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायाधीश संजय किशन कौल और न्यायाधीश सुधांशु धुलिया की बेंच में पूजा सिंघल की ओर से वरीय अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने दलील पेश की। उन्होंने पूजा सिंघल की खराब सेहत के अलावा अन्य बिंदुओं का हवाला देते हुए नियमित जमानत की गुहार लगायी। इसका ईडी के अधिवक्ता ने विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश संजय किशन कौल और न्यायाधीश सुधांशु धुलिया की बेंच ने ईडी को रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। यह जानकारी निलंबित आईएएस पूजा सिंघल के अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने दी। बता दें कि पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने 25 सितंबर को अगली सुनवाई की तारीख तय की थी। लेकिन सोमवार को हुई सुनवाई से स्पष्ट हो गया है कि पूजा सिंघल को अभी कम से कम 30 अक्टूबर तक तो जेल में रहना ही होगा। इसी साल 3 जनवरी को बेटी के इलाज के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक माह की सशर्त अंतरिम जमानत दी थी। अवधि पूरी होने के बाद फरवरी में उन्होंने ईडी कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। अब वह नियमित जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंची हैं।
मुख्यमंत्री ने भवन निर्माण की राशि गबन करने वाले सहायक अभियंता के खिलाफ दी अभियोजन स्वीकृतिटीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, बरही के भवन निर्माण कार्य के क्रियान्वयन में सरकारी पद का दुरूपयोग, अपराधिक षडयंत्र धोखाधड़ी एवं प्रक्रियाओं का उल्लंघन करते हुए सरकारी राशि के गबन करने के अभियुक्त सुनील कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता, ग्रामीण विशेष प्रमंडल के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृत्यादेश दिया है।बरही में दर्ज हुआ है मामलावादी डुमरीडीह कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, हजारीबाग के बयान के आधार पर उपरोक्त वर्णित अभियुक्त के विरुद्ध हजारीबाग जिलान्तर्गत बरही थाना कांड संख्या-379/2013 धारा 406 के अंतर्गत दर्ज किया गया है एवं अनुसंधान के क्रम में धारा-34 का समावेश किया गया है।17 लाख से अधिक राशि के गबन का आरोपमामले में वादी द्वारा इस प्रमंडल के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बरही के भवन निर्माण कार्य मद में विभागीय तौर पर अग्रिम राशि देकर कार्य कराया जा रहा था। अभियुक्त के द्वारा वर्णित कार्य के विरूद्ध एक करोड़ 27 लाख रुपये मात्र अग्रिम राशि ली गयी थी। एक करोड़ 27 लाख रुपये अग्रिम के विरुद्ध एक करोड़ नौ लाख 84 हजार 837 सौ रुपये समायोजन किये जाने के पश्चात् शेष असमायोजित राशि 17,17,167 रुपए अभियुक्त के नाम पर अभी तक लंबित पाया गया जो सरकारी राशि के गबन का मामला बनता है।
जमीन घोटाले से जुड़ा है मामलाएबीएन सेंट्रल डेस्क। उच्चतम न्यायालय ने कथित धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से जारी समन के खिलाफ झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की याचिका पर सुनवाई शुक्रवार को 18 सितंबर के लिए स्थगित कर दी। न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ को अवगत कराया गया कि सोरेन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी पेश होंगे, जिसके बाद उन्होंने सुनवाई स्थगित कर दी। एक जूनियर वकील ने कहा कि मैं अनुरोध करता हूं कि मामले की सुनवाई सोमवार को की जाये। वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी इस मामले में बहस करेंगे। पीठ ने अनुरोध स्वीकार कर लिया। सोरेन ने रांची में ईडी के कार्यालय में 14 अगस्त को उपस्थित होने और धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अपना बयान दर्ज कराने के लिए भेजे गए समन के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया है। इससे पहले, सोरेन पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों का हवाला देते हुए कथित रक्षा भूमि घोटाला मामले में ईडी के सामने पेश नहीं हुए थे। ईडी ने राज्य में कथित अवैध खनन से जुड़े एक अन्य धनशोधन मामले में पिछले साल 17 नवंबर को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता सोरेन (48) से नौ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी। केंद्रीय जांच एजेंसी एक दर्जन से अधिक भूमि सौदों की जांच कर रही है, जिसमें रक्षा भूमि से संबंधित एक सौदा भी शामिल है। इस मामले में कथित तौर पर माफिया, बिचौलियों और नौकरशाहों के एक समूह ने मिलीभगत करके जाली दस्तावेज बनाए थे। ईडी ने राज्य में अब तक कई लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें सोरेन के राजनीतिक सहयोगी पंकज मिश्रा भी शामिल हैं।
टीम एबीएन, रांची। रांची विवि की मोरहाबादी स्थित जमीन पर बने छात्रावास (कंडम घोषित) को तोड़ कर स्कूली व साक्षरता विभाग ने लाइब्रेरी बनाने का प्रस्ताव दिया है। विभाग की ओर से मशीन लगा कर जमीन को समतल किया जा रहा है। बताया जाता है कि दो वर्ष पूर्व ही उक्त जगह पर पांच हजार विद्यार्थियों के बैठने की क्षमता वाली लाइब्रेरी बनाने को लेकर रांची विवि व स्कूली एवं साक्षरता विभाग के साथ सहमति बनी थी। इधर, विवि की जमीन पर शिक्षा विभाग द्वारा लाइब्रेरी के नाम पर कब्जा किये जाने की आशंका को लेकर कई विद्यार्थियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। आजसू ने भी इस बाबत रांची विवि के कुलपति को ज्ञापन सौंपा है। स्कूली व साक्षरता विभाग के इस प्रस्ताव की समीक्षा करने के लिए 16 सितंबर को रांची विवि सिंडिकेट की आपात बैठक बुलायी गयी है। बैठक में विभाग को विवि की जमीन के हस्तांतरण करने या नहीं करने, पुस्तकालय के निर्माण पर विवि की क्या शर्त रहेगी आदि मुद्दों पर विचार किया जायेगा। बैठक कुलपति डॉ अजीत कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में दिन के साढ़े 11 बजे से होगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा दायर रिट पिटीशन पर सुनवाई के लिए 15 सितंबर की तिथि निर्धारित की थी। जिसपर अब 18 सितंबर को सुनवाई होगी। न्यायाधीश अनिरुद्ध बोस और न्यायाधीश बेला एम त्रिवेदी की पीठ में याचिका पर सुनवाई होगी। बताते चलें कि हेमंत सोरेन की ओर से 15 सितंबर को होनेवाले रिट पिटीशन की सुनवाई को टालने का अनुरोध किया गया था। कोर्ट ने इस बिंदु पर अभी कोई फैसला नहीं किया है।मुख्यमंत्री की ओर से दायर आवेदन में कहा गया है कि उनके वकील की तबीयत खराब है। इस कारण वह 15 सितंबर को निर्धारित सुनवाई में उपस्थित नहीं हो सकेंगे। इसलिए अदालत सुनवाई की दूसरी तिथि निर्धारित करे।
ब्यूटी कॉन्टेस्ट से हटी उम्र की बाधाएबीएन सोशल डेस्क। अब वह महिलाएं भी मिस यूनिवर्स बनने का सपना पूरा कर सकती हैं जो अपनी उम्र के कारण इस प्रतियोगिता में भाग नहीं ले पाती थी। पूरी दुनिया की एक से बढ़कर एक महिलाओं को एक मंच पर लेकर आने वाले वार्षिक इंटरनेशनल सौंदर्य प्रतियोगिता मिस यूनिवर्स में एक बार फिर बढ़ा बदलाव होने जा रहा है। मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता के इतिहास में पहली बार उम्र में कोई पाबंदी नहीं होगी। न्यूयॉर्क फैशन वीक में टान्नर फ्लेचर के ब्यूटी पेजेंट शो के दौरान मिस यूनिवर्स 2022 आर बोनी गेब्रियल ने यह ऐलान किया है। मिस यूनिवर्स ब्यूटी कॉन्टेस्ट में भाग लेने के लिए आयु सीमा हटा दी गई है। इससे पहले मिस यूनिवर्स उम्मीदवार की उम्र 18 से 27 वर्ष के बीच रखी गई थी। अब तक की सबसे उम्रदराज मिस यूनिवर्स का ताज पहनने वाली आर बोनी गेब्रियल खुद पिछले रिकॉर्ड को तोड़ चुकी हैं। 2022 की विजेता वर्तमान में 29 वर्ष की थी, इससे पहले उनसे कम उम्र की लड़कियों के सिर पर ही ये ताज सजा था। हालांकि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियां इस प्रतियोगिता में भाग नहीं ले पाएंगी। मिस यूनिवर्स विजेता ने न्यूयॉर्क फैशन वीक में कहा- उम्र किसी महिला की प्रतिस्पर्धा करने और महानता हासिल करने की क्षमता में बाधा नहीं है। मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता के लिए ये है नियमपहले मिस यूनिवर्स उम्मीदवार की उम्र 18 से 27 वर्ष के बीच होनी अनिवार्य थी। जो उम्मीदवार मिस यूनिवर्स प्रतियोगियता में भाग लेना चाहते हैं वो अपने राष्ट्रीय निदेशक के तहत आवेदन कर सकती हैं। मिस यूनिवर्स प्रतियोगियता में भाग लेना उम्मीदवार राष्ट्रीय प्रतियोगिता के विजेता होना चाहिए। कंटेस्टेंट को अपनी महत्वाकांक्षा को स्पष्ट करने की क्षमता होनी चाहिए।
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