हेमंत सोरेन ने ईडी को 31 जनवरी को एक बजे सीएम आवास बुलायाटीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को पूछताछ के लिए 31 जनवरी को मुख्यमंत्री आवास आने के लिए कहा है। ईडी को राजधानी रांची में जमीन की खरीद-बिक्री में हुई अनियमितता के मामले में झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष सह झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन से पूछताछ करनी है। 20 दिसंबर को एक बार हेमंत सोरेन से पूछताछ हो चुकी है। उस दिन की पूछताछ से ईडी की टीम पूरी तरह संतुष्ट नहीं थी। इसलिए उसने एक बार फिर सीएम को समन भेजा। हेमंत सोरेन को भेजे गए 10वें समन में कहा गया कि वे 29 से 31 जनवरी के बीच किस दिन पूछताछ के लिए उपलब्ध रहेंगे, 28 जनवरी तक इसकी जानकारी दें। इसमें कहा गया था कि अगर आप नहीं आये, तो पूछताछ करने के लिए हम आयेंगे। इसके जवाब में मुख्यमंत्री कार्यालय से ईडी कार्यालय को एक चिट्ठी भेजी गयी। इसमें कहा गया कि अभी वह व्यस्त हैं। बाद में समय बतायेंगे। 27 जनवरी को ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दिल्ली रवाना हो गये। इसके बाद 29 जनवरी को सुबह-सुबह ईडी की टीम हेमंत सोरेन के दिल्ली स्थित आवास पहुंची। उस वक्त हेमंत सोरेन अपने आवास पर नहीं थे। ईडी की टीम झारखंड भवन भी पहुंची, लेकिन वहां भी उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री से नहीं हो पायी।
रिमांड अवधि को कोर्ट से मिली मंजूरी, अगले 4 दिन इजहार अंसारी से पूछताछ करेगी ईडीटीम एबीएन, रांची। कोयला कारोबारी इजहार अंसारी से ईडी अगले चार दिन और पूछताछ करेगी। 16 जनवरी को मिले 5 दिनों के रिमांड के बाद आज उसे पीएमएलए के प्रभात कुमार शर्मा के कोर्ट में पेश किया गया। जहां ईडी ने 6 दिनों की अतिरिक्त रिमांड की मांग की। हालांकि कोर्ट ने चार दिनों के रिमांड की मंजूरी दी है अब अगले 4 दिन इजहार अंसारी ईडी के तीखे सवालों का सामना करेगा।दरअसल, उसके ठिकानों से 13 लाख रुपये नकदी के अलावा विभिन्न शेल कंपनियों व काले धन के निवेश से संबंधित दस्तावेज मिले हैं, जिसका ईडी सत्यापन कर रही है। ईडी ने जहां छापेमारी की थी, उनमें हजारीबाग के लोहसिंघना थाना क्षेत्र के मिल्लत कालोनी स्थित आवास, रामगढ़ के कुजू ओपी क्षेत्र में इजहार की फैक्ट्री व एक अन्य ठिकाना शामिल रहा वहीं बताते चले की। इजहार पर तत्कालीन खान और भूतत्व विभाग की सचिव पूजा सिंघल के सहयोग से अवैध तरीके से कोयले का आवंटन लेकर करोड़ों रुपये की काली कमाई का आरोप है। वही फर्जी कंपनियों के नाम पर कोयला उठाकर खुले बाजार में बेचते थे ईडी की यह छापेमारी कोल लिंकेज से संबंधित थी इजहार अंसारी पर आरोप है कि उसने फर्जी कंपनियों के नाम पर रियायती दर पर कोयला उठाया और उसे खुले बाजार में बेचा। ईडी को उसके ठिकानों से विभिन्न फर्जी कंपनियों से संबंधित दस्तावेज भी मिले थे, जिसके बारे में ईडी ने गत वर्ष उससे पूछताछ भी की थी।
दिल्ली हाइकोर्ट ने शिबू सोरेन के खिलाफ लोकपाल की कार्रवाई में हस्तक्षेप से किया इनकारएबीएन सेंट्रल डेस्क। दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे की शिकायत के आधार पर लोकपाल द्वारा झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के प्रमुख शिबू सोरेन के खिलाफ शुरू की गयी कार्रवाई में हस्तक्षेप करने से सोमवार को इनकार कर दिया।पूर्व मुख्यमंत्री ने दलील दी थी कि सात साल की अवधि समाप्त होने के बाद संबंधित कानून के तहत शिकायत नहीं की जा सकती, लेकिन अदालत ने कहा कि यह तर्क उच्च कार्यालयों में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए लाये गये अधिनियम के मूल उद्देश्य से ऊपर नहीं है। न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा कि लोकपाल की कार्रवाई के साथ-साथ शिकायत को चुनौती देने वाली झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री की याचिका समय पूर्व दाखिल की गयी। न्यायाधीश ने सोरेन की याचिका पर फैसला सुनाते हुए कहा कि अभी इसका वक्त नहीं आया है। उन्होंने कहा कि यह लोकपाल को तय करना है कि कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त सामग्री है या नहीं।अगस्त 2020 में की गयी शिकायत में झारखंड की गोड्डा सीट से भाजपा के लोकसभा सदस्य दुबे ने दावा किया कि शिबू सोरेन और उनके परिवार के सदस्यों ने सरकारी खजाने का दुरुपयोग करके भारी संपत्ति अर्जित की और घोर भ्रष्टाचार में लिप्त रहे हैं। यह शिकायत मिलने के बाद लोकपाल ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सोरेन के खिलाफ प्रारंभिक जांच करने का निर्देश दिया ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनके खिलाफ कार्यवाही के लिए प्रथम दृष्टया कोई मामला बनता है या नहीं। न्यायमूर्ति प्रसाद ने अपने 31 पृष्ठ के फैसले में वरिष्ठ नेता के इस आरोप को खारिज कर दिया कि यह मामला दुर्भावनापूर्ण है। उन्होंने कहा कि लोकपाल एक स्वतंत्र प्राधिकरण है और उसने सीबीआई द्वारा प्रदान की गयी सामग्री पर अभी तक गौर नहीं किया है। अदालत ने कहा कि लोकपाल के समक्ष कार्रवाई के दुर्भावनापूर्ण और राजनीति से प्रेरित होने की आशंका संबंधी आरोप को स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसने स्पष्ट किया कि वह शिकायत के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं कर रही है। इसने कहा कि उच्चतम के फैसले के अनुसार, भ्रष्टाचार ऐसी महामारी है जो न केवल संक्रामक है बल्कि यदि इसे नियंत्रित नहीं किया गया तो यह जंगल में आग की तरह फैल सकती है। उच्च न्यायालय ने 12 सितंबर, 2022 को लोकपाल की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी और कहा था कि मामले पर विचार की आवश्यकता है। सोरेन ने उच्च न्यायालय के समक्ष दलील दी थी कि उनके खिलाफ मामला पूरी तरह से दुर्भावनापूर्ण और राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने दलील दी थी कि शिकायत पर भ्रष्टाचार विरोधी लोकपाल द्वारा विचार नहीं किया जा सकता क्योंकि आरोप शिकायत प्रस्तुत करने की तारीख से सात साल पहले के समय से संबंधित थे।लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 की धारा 53 के तहत प्रावधानों के अनुसार, शिकायत में उल्लिखित अपराध किये जाने की तारीख से सात साल गुजरने के बाद शिकायत नहीं की जा सकती है। जवाब में, लोकपाल ने कहा कि कार्यवाही कानून के अनुसार की जा रही है और शिकायत अभी भी निर्णय के लिए खुली है क्योंकि कोई अंतिम दृष्टिकोण नहीं बनाया गया है और वह इस स्तर पर शिकायत के गुण-दोष पर टिप्पणी नहीं कर सकता।
ईपीएफओ का बड़ा अपडेट, अब आधार कार्ड नहीं होगा डेट ऑफ बर्थ प्रूफएबीएन सेंट्रल डेस्क। अगर आप नौकरीपेशा में हैं तो ये खबर आपके बहुत काम की है। क्योंकि भविष्य निधि संगठन यानि ईपीएफओ ने बड़ा फैसला लिया है, जिसमें ईपीएफओ ने अब आधार कार्ड को डेट ऑफ बर्थ प्रूफ मानने से इनकार कर दिया है।साथ ही वैलिड प्रूफ का नाम जोड़ते हुए सर्कुलर भी जारी कर दिया है। जानकारी के मुताबिक अब आधार सिर्फ आईडेंटिफिकेशन टूर के रूप में ही एक्सेप्ट किया जायेगा। ईपीएफओ के इस बड़े बदलाव से शुरूआत में लोगों को परेशानी आना लाजमी है। क्योंकि अभी तक बर्थ ऑफ प्रूफ के लिए आधार को ही वैलिड माना गया था।जारी हुआ सर्कुलरइस सर्कुलर के अनुसार ईपीएफओ से संबंधित कामकाज के दौरान जन्मतिथि या डेट ऑफ बर्थ में करेक्शन करने के लिए अब आधार कार्ड को वैलिड प्रूफ नहीं माना जायेगा। साथ ही डेट ऑफ प्रूफ की लिस्ट से आधार को हटाया जा रहा है।अभी तक जिसे कई लाभार्थियों द्वारा डेट ऑफ बर्थ प्रूफ माना जा रहा था। अब आधार को सिर्फ आइडेंटिटी वेरिफिकेशन टूल के रूप में ही मान्य किया जायेगा, न कि बर्थ प्रूफ। इसके लिए एक सर्कुलर 22 दिसंबर, 2023 को ही जारी कर दिया गया था।जिसमें साफ कहा गया था कि आने वाले दिनों में ईपीएफओ डेट ऑफ प्रूफ की लिस्ट से आधार कार्ड को बाहर करने वाला है। इसे सिर्फ आइडेंटिफिकेशन टूल के रूप में ही मान्य किया जायेगा। हाल ही में एक और नोटिफिकेशन जारी किया गया है। आधार को डेट ऑफ प्रूफ की लिस्ट से हटा ही दिया गया है। साथ ही वैलिड डॅाक्यूमेंट्स की लिस्ट भी जारी की गयी है।अब ये डॅाक्यूमेंट्स होंगे डेट ऑफ प्रूफ के लिए मान्यकिसी मान्यता प्राप्त सरकारी बोर्ड या यूनिवर्सिटी द्वारा जारी मार्कशीटस्कूल लिविंग सर्टिफिकेट या एसएलसी /स्कूल ट्रांसफर सर्टिफिकेट यानी टीसी सर्टिफिकेट जिसमें नाम और जन्म तिथि शामिल हो।ये होंगे मान्यसर्विस रिकॉर्ड बेस्ड सर्टिफिकेटपैन कार्डकेंद्रीय/राज्य पेंशन पेमेंट ऑर्डरसरकार द्वारा जारी डोमिसाइल सर्टिफिकेटपासपोर्टसरकारी पेंशनसिविल सर्जन द्वारा जारी मेडिकलसर्टिफिकेट
साहिबगंज डीसी रामनिवास यादव को ईडी ने फिर भेजा समनएबीएन न्यूज नेटवर्क, साहिबगंज। जिले के उपायुक्त रामनिवास यादव को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को दूसरा समन भेजा है। ईडी ने रामनिवास यादव को 19 जनवरी को पूछताछ के लिए उपस्थित होने को कहा है। इससे पहले डीसी रामनिवास यादव को 6 जनवरी को समन भेजकर 11 जनवरी को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह पूछताछ के लिए ईडी कार्यालय नहीं गये।
टीवी देखना होगा महंगा, फेवरेट चैनल देखने के लिए चुकाने होंगे ज्यादा पैसेएबीएन सेंट्रल डेस्क। जी एंटरटेनमेंट, वायाकॉम 18 और सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया जैसे देश के टॉप ब्रॉडकास्टर्स ने आम लोगों को बड़ा झटका दिया है। इन तमाम ब्रॉडकास्टर्स ने बढ़ते कंटेंट खर्चों की भरपाई के लिए टीवी चैनलों की कीमतों में इजाफा कर दिया है जिससे कंज्यूमर के मंथली बिल में इजाफा हो जायेगा। नेटवर्क18 और वायाकॉम18 की इंडियाकास्ट ने अपने चैनल्स की कीमत में 20-25 फीसदी का इजाफा कर दिया है। जी ने 9-10 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। सोनी ने भी 10-11 फीसदी का इजाफा किया है। डिज्नी स्टार ने अभी तक अपने प्राइस का खुलासा नहीं किया है। ब्रॉडकास्टर्स ने कहा है कि नयी कीमत 1 फरवरी से लागू होगी। रेगुलेशन में कहा गया है कि वे रेफरेंस इंटरकनेक्ट आफर (आरआईओ) के पब्लिकेशन के 30 दिन बाद नई कीमत लागू कर सकते हैं। 2024 चुनावी वर्ष होने के कारण, भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण यानी ट्राई कस्टमर्स की नाराजगी को रोकने के लिए ब्रॉडकास्टर रेट कार्ड की सावधानीपूर्वक निगरानी कर रहा है।सबसे ज्यादा वायाकॉम18 में क्यों?नवंबर 2022 में ट्राई द्वारा एनटीओ 3.0 के इंप्लीमेंटेशन के बाद ब्रॉडकास्टर्स ने दूसरी बार अपनी कीमतें बढ़ायी हैं। एनटीओ 2.0 के इंप्लीमेंटेशन पर गतिरोध के कारण फरवरी 2023 से पहले टीवी चैनल की कीमतें लगभग तीन साल तक फ्रीज थीं। फरवरी 2023 में कीमतों में बढ़ोतरी ब्रॉडकास्टर्स और केबल टीवी कंपनियों के बीच विवाद के बाद हुई, जिसकी वजह से ब्रॉडकास्टर्स ने केबल टीवी आपरेटर्स के लिए टीवी सिग्नल बंद कर दिये। ब्रॉडकास्टर्स को अपने चैनलों के लिए ला कार्टे यानी लिस्ट और बुके दोनों कीमतों की घोषणा करने की आवश्यकता होती है लेकिन अधिकांश कंज्यूमर ऐसे बुके को पसंद करते हैं जो सस्ता हो। उद्योग के अधिकारियों का कहना है कि वायाकॉम18 की तरफ से ज्यादा इजाफा स्पोर्ट्स राइट्स में 34,000 करोड़ से अधिक के निवेश के कारण हुआ है जिसमें इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) डिजिटल राइट्स, बीसीसीआई मीडिया राइट्स, क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका मीडिया राइट्स और ओलंपिक 2024 शामिल हैं।ब्रॉडकास्टिंग फर्म के अधिकारी ने कहा कि वायाकॉम18 बीसीसीआई के जुड़ने के कारण सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू में डबल डिजिट का ग्रोथ टारगेट बना रहा है। सोनी और जी ने महंगाई की वजह से इजाफा किया है। मीडिया रिपोर्ट में एक सूत्र के मुताबिक, डिज्नी ने अपने अभी तक प्राइस का अनाउंमेंट नहीं किया है। बीसीसीआई के मीडिया राइट्स खोने के बाद वह इस पर गहन मंथन कर रहा है।डिज्नी स्टार ने 3 बिलियन डॉलर में आईसीसी मीडिया राइट्स हासिल किए हैं और डिजिटल राइट्स बरकरार रखते हुए टीवी अधिकार जी को सब-लाइसेंस दे दिए। जी को अभी भी डिज्नी स्टार के प्रति अपनी प्रतिबद्धताओं का हिस्सा पूरा करना बाकी है, जो सब -लाइसेंसिंग डील को रोके हुए है। जानकारों की मानें तो जी की बुके कीमत का आईसीसी टीवी राइट्स पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। डिज्नी स्टार की नयी कीमत देखना दिलचस्प होगा क्योंकि उन्होंने बीसीसीआई राइट्स खो दिये हैं और आईसीसी टीवी राइट्स अब उनकी जिम्मेदारी हैं।
ट्रेड लाइसेंस को लेकर के शहर के कई प्रतिष्ठानों को किया गया सीलटीम एबीएन, झुमरीतिलैया। नगर परिषद लगातार लोगों को ट्रेड लाइसेंस को लेकर के जागरूक कर रहा था। जिसके बावजूद कई ऐसे प्रतिष्ठानों के मालिक हैं, जो बिना ट्रेड लाइसेंस के ही अपने व्यापार को संचालित कर रहे हैं। जिसके लिए नप ने नोटिस जारी किया था, इसके बावजूद प्रतिष्ठानों के मालिकों ने ट्रेड लाइसेंस लेने का प्रयास नहीं किया। जिसे लेकर नप ने संयुक्त टीम गठित कर कई प्रतिष्ठानों को सील किया। सील हुए प्रतिष्ठानों में पुर्णिमा टाकीज परिसर में चल रहे डिज्नीलैंड मेला (अनाधिकृत रूप से), चंपारण मीट अड्डा, ओम नम: शिवाय कांप्लेक्स में संचालित दीनदयाल उपाध्याय कौशल विकास केंद्र, अल्मुनियम हाउस, हेयर विग, उजाला कांप्लेक्स में अवस्थित अल्फा मोबाइल केयर, बी एंड संस मोबाईल, खुशी इंटरप्राइजेज, रीलोड मेंस वेयर आदि। नप के प्रशासक हर्ष वर्धन के निर्देश पर नगर प्रबंधक सह नोडल पदाधिकारी डॉ अरविंद कुमार मोदी के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया। प्रशासक ने बताया कि नगर परिषद क्षेत्रांतर्गत बिना ट्रेड लाइसेंस लिये व्यापार करना गैर कानूनी है जिसे लेकर लगातार प्रचार प्रसार एवं पूर्व में नोटिस भी किया गया। जिसके बावजूद लोग ट्रेड लाइसेंस नहीं ले रहे है जिसे लेकर आज कई प्रतिष्ठानों को सील किया गया। साथ ही पुर्णिमा टाकीज परिसर में बिना अनुमति के संचालित हो रहे डिजनी लैंड मेला, जिसने बिना विज्ञापन शुल्क जमा किए ही अवैध रूप से संचालित हो रहा था। जिसे नप ने मौखिक रूप सूचना दी, फिर भी डिजनीलैंड संचालक ने कोई पहल नहीं की। फिर नप ने 24 घंटे के अंदर स्ट्रक्चर हटाने के लिए नोटिस जारी किया। पांच दिनों के बाद डिजनी लैंड को बुधवार को नप के द्वारा सील कर दिया गया। मौके पर टैक्स दरोगा महादेव यादव, सफाई निरीक्षक राजू राम, सहायक अनिल कुमार, सुदर्शन श्रीवास्तव, लखन सिंह, मिल्टन टंडन, दुलारचंद यादव, भोला दास, संजय दास, राजकिरण यादव, नारायण कुमार, नगर परिषद के होमगार्ड, तिलैया थाना के एस आई एस एन सिंह समेत थाना के जवान आदि मौजूद थे।
झारखंड में ईडी की कार्रवाई, CM सोरेन के मीडिया सलाहकार समेत JMM नेताओं के करीबियों के ठिकानों पर छापेमारीटीम एबीएन, रांची। झारखंड में प्रवर्तन निदेशालय की टीमों ने सुबह-सुबह कई जगहों पर छापेमारी की। बताया जा रहा है कि ईडी ने अवैध खनन मामले में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेताओं के करीबियों के ठिकानों पर छापे मारे हैं। ईडी की एक टीम सोरेन के मीडिया सलाहकार अभिषेक प्रसाद उर्फ पिंटू के यहां भी पहुंची है। अभिषेक प्रसाद के घर के साथ ईडी की टीमें 12 अलग-अलग जगहों पर रेड कर रही है। इसके अलावा साहेबगंज के डिप्टी कमिश्नर के आवास पर भी छापेमारी की गयी।झारखंड से लेकर राजस्थान तक रेडबुधवार को झारखंड से लेकर राजस्थान तक ईडी ने एक साथ दबिश दी है। रांची में मुख्यमंत्री के प्रेस सलाहकार पिंटू श्रीवास्तव के रातू रोड स्थित आवास, सीएम के बेहद करीबी माने जाने वाले आर्किटेक्ट विनोद सिंह के पिस्का मोड़ स्थित रंगोली स्वीट्स स्थित आवास और कार्यालय, पिंटु के करीबी रौशन के यहां एक साथ छापेमारी शुरू हुई है।वहीं साहिबगंज के डीसी रामनिवास यादव के साहिबगंज और राजस्थान स्थित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। इसके अलावा झारखंड के देवघर स्थित पूर्व विधायक पप्पू यादव, डीएसपी राजेंद्र दुबे के हजारीबाग और दूसरे ठिकाने, अभय सरावगी के कोलकाता आवास और कार्यालय और जेल हवलदार अवधेश कुमार के ठिकानों में भी छापेमारी की जा रही है।कहां-कहां हो रही है ईडी की छापेमारीरांची में झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन के मीडिया सलाहकार अभिषेक प्रसाद उर्फ पिंटू के आवास पर।आईएएस और साहिबगंज डीसी रामनिवास यादव के साहिबगंज और राजस्थान स्थित आवासों पर।रांची में ग्रिड आर्किटेक्ट के मालिक बिनोद कुमार के ठिकानों पर।साहिबगंज में खोदनिया ब्रदर्स के यहां।देवघर में पूर्व विधायक पप्पू यादव के आवास पर।हजारीबाग डीएसपी राजेंद्र दुबे के घर पर।इसके अलावा अभय सरावगी के कोलकाता स्थित ठिकानों पर।कोलकाता में सिपाही अवधेश खुमार के यहां।
31 दिसंबर से पहले कर लें ये 5 काम, नहीं तो हो सकता है बड़ा नुकसान!यूपीआइ, होम लोन और डीमैट अकाउंट से जुड़े नियमों में एक जनवरी, 2024 से होने जा रहा है बदलावएबीएन सोशल डेस्क। साल 2023 के अंत के साथ ही फाइनैंशियल जगत में भी कई नियमों की डेडलाइन समाप्त होने जा रही है। ऐसे में किसी भी तरह के छोटे या मोटे नुकसान से बचने के लिए ये बहुत जरूरी है कि इनके बारें में पहले ही जान लिया जाये। आइये जानते हैं उन नियमों के बारे में जो एक जनवरी, 2024 से बदलने जा रहे हैं : नये साल से बंद हो सकती है आपकी यूपीआइ आइडी, जल्दी कर लीजिये ये काम नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन आफ इंडिया ने पेमेंट ऐप्स और बैंकों से नंबरों को निष्क्रिय करने के लिए कहा है जो एक साल से अधिक समय से सक्रिय नहीं हैं। कहा कि यदि ग्राहक अपने पुराने नंबर को बैंकिंग सिस्टम से अलग किये बिना अपना मोबाइल नंबर बदलते हैं तो अनपेक्षित प्राप्तकर्ताओं को पैसे के अनजाने ट्रांसफर को रोकने के लिए यह निर्णय लिया गया है। होम लोन पर ब्याज दरों में छूट त्योहारी सीजन की शुरूआत के साथ ही भारतीय स्टेट बैंक होम लोन पर आकर्षक छूट दे रहा है। होम लोन लेने वालों के लिए एक विशेष अभियान के तहत, देश का शीर्ष ऋणदाता 65 आधार अंक तक की रियायतें दे रहा है। होम लोन पर रियायत की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2023 है। बैंक ने अपनी वेबसाइट पर इसका उल्लेख किया है। बता दें कि यह रियायतें सिबिल स्कोर पर आधारित हैं। यदि आप भी कम ब्याज दर वाला होम लोन लेना चाहते हैं तो आपके लिए यह बेहतर विकल्प हो सकता है। 750-800 सिबिल स्कोर- 750-800 और उससे ऊपर के सिबिल स्कोर के लिए, आफर अवधि के दौरान 55 बीपीएस की रियायत के साथ होम लोन की ब्याज दर 8.60% है। 700 -749 सिबिल स्कोर- 700 से 749 तक के सिबिल स्कोर के लिए, आॅफर अवधि के दौरान 65 बीपीएस की छूट के साथ होम लोन की ब्याज दर 8.7% है।एक जनवरी से आधार कार्ड में किसी बदलाव का लगेगा पैसाआधार कार्ड में मुफ्त में विवरण आनलाइन अपडेट करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर, 2023 है। इसका मतलब है कि न्यू ईयर यानी 1 जनवरी, 2024 से आधार कार्ड में अगर आपको किसी भी तरह का कोई भी बदलाव करने का अनुरोध करना है तो उसके लिए आपको 50 रुपये का शुल्क देना पड़ेगा।नये साल से पहले डीमैट अकाउंट होल्डर्स ऐड करें नॉमिनीआपके म्यूचुअल फंड निवेश, ट्रेडिंग और डीमैट अकाउंट्स के लिए नॉमिनी अपडेट करने की डेडलाइन सिर्फ 9 दिन दूर है। निवेशकों के पास ऐसा करने के लिए 31 दिसंबर तक का समय है।यदि निवेशक 31 दिसंबर की डेडलाइन तक अपने म्यूचुअल फंड निवेश, ट्रेडिंग के साथ-साथ डीमैट अकाउंट्स में नॉमिनी ऐड नहीं करते हैं तो बाजार नियामक सेबी ऐसे ट्रेडिंग और डीमैट खातों को 31 दिसंबर, 2023 के बाद फ्रीज कर सकता है।इसका तात्पर्य यह है कि निवेशक म्यूचुअल फंड से धन निकालने या व्यापारिक उद्देश्यों के लिए अपने डीमैट खातों का उपयोग करने में असमर्थ होंगे। बता दें कि मौजूदा निवेशक जिन्होंने पहले ही नामांकन विवरण प्रदान कर दिया है, उन्हें नामांकन विवरण दोबारा जमा करने की आवश्यकता नहीं है।एक जनवरी से पहले बैंक लॉकर एग्रीमेंट पर करें साइनभारतीय रिजर्व बैंक ने संशोधित बैंक लॉकर समझौते पर साइन करने की डेडलाइन 31 दिसंबर, 2023 तक रखी है। यदि कोई बैंक ग्राहक ऐसा करने में विफल रहता है, तो उनका लॉकर फ्रीज कर दिया जायेगा। 31 दिसंबर, 2023 की अंतिम तारीख के साथ बैंक लॉकर एग्रीमेंट के लिए फेज में रिन्यूवल प्रोसेस अनिवार्य कर दी है। जिन अकाउंट होल्डर्स ने 31 दिसंबर, 2022 को या उससे पहले बैंक लॉकर एग्रीमेंट जमा किया था, उन्हें एक रिवाइज एग्रीमेंट साइन करके अपनी संबंधित बैंक ब्रांच में जमा करना होगा। लॉकर एलॉटमेंट के समय, बैंक ग्राहक के साथ एक एग्रीमेंट करते हैं, जिस पर दोनों पक्ष साइन करते हैं। बैंक आरिजिनल एग्रीमेंट को उस ब्रांच में रखता है जहां लॉकर स्थित है, जबकि लॉकर किराए पर लेने वाले को एक डुप्लिकेट कॉपी देता है।
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