टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों पर कार्रवाई की है। रविंद्र कुमार, तत्कालीन अंचल अधिकारी, मांडू, रामगढ़ के विरूद्ध सेवा संपुष्टि की तिथि से झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2016 के नियम-14 के अन्तर्गत असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतन वृद्धि का दंड अधिरोपित किया है। वर्तमान में उपनगर आयुक्त रांची नगर निगम के पद पर स्थापित है। बुड़ांय सारू, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, बंदगांव, पश्चिमी सिंहभूम के विरूद्ध झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2016 के नियम-14 के तहत निंदन का दंड अधिरोपित किया है। राजेश कुमार सिन्हा, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, चतरा नगर परिषद्, चतरा द्वारा समर्पित अपील अभ्यावेदन को अस्वीकृत करते हुए उनके विरूद्ध विभागीय संकल्प सं0-21903 दिनांक 28.06.2023 द्वारा अधिरोपित एक वेतन वृद्धि का दंड असंचात्मक प्रभाव से यथावत रखा जाता है। इस संबंध में कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग में संकल्प जारी किया है।
हेमंत सोरेन भेजा गया बिरसा मुंडा जेल टीम एबीएन, रांची। जमीन घोटाला मामले में गिरफ्तार पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को गुरुवार को ईडी की विशेष अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार भेज दिया गया है। रिमांड अवधि खत्म होने के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच हेमंत सोरेन को अदालत में पेश किया गया था। 13 दिनों तक हुई पूछताछ गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को प्रवर्तन निदेशालय ने 31 जनवरी की रात रांची जमीन घोटाला मामले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद एजेंसी ने लगातार तीन बार अदालत से पूछताछ के लिए हेमंत सोरेन को रिमांड पर लिया था। एजेंसी ने हेमंत सोरेन से 13 दिनों तक पूछताछ की, जिसके बाद गुरुवार को उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच विशेष अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें 14 दिनों के न्यायिक हिरासत में रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार भेज दिया गया। जेल पहुंचे हेमंत अदालत से निकलने के बाद रांची पुलिस के द्वारा कड़ी सुरक्षा के बीच हेमंत सोरेन को रांची के होटवार स्थित केंद्रीय कारागार लाया गया। हेमंत सोरेन को जेल में पूर्व से ही कमरा आवंटित किया हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जो सेल अलॉट हुआ था उसमें अटैच बाथरूम और किचन मौजूद है। अपर डिवीजन के सेल नंबर एक को वीआईपी कैदियों को रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सेल में एक अर्दली भी उपलब्ध करवाया गया है।
टीम एबीएन, रांची। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ईडी कोर्ट ने गुरुवार को न्यायिक हिरासत में लेते हुए होटवार जेल भेज दिया। दरअसल बड़गाई अंचल के 8.46 एकड़ जमीन घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की गुरुवार को 13 दिनों की रिमांड अवधि खत्म हो गयी थी। जिसके बाद उन्हें ईडी ने पीएमएलए कोर्ट में पेश किया। इस दौरान कोर्ट से ही चाकचौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूर्व मुख्यमंत्री को होटवार जेल भेज दिया गया है।बता दें कि हेमंत सोरेन को पहले पांच दिन की ईडी रिमांड पर लिया गया था। ईडी ने होटवार जेल से उन्हें तीन फरवरी को अपने साथ ले गई। जिसके बाद उसी दिन से लगातार पूछताछ की जा रही थी। ईडी की पहली रिमांड अवधि सात फरवरी को खत्म हो गयी। जिसके बाद ईडी ने हेमंत सोरेन को कोर्ट में पेश किया। इस दौरान ईडी ने कोर्ट से आग्रह किया था कि जमीन घोटाला मामले में अभी हेमंत सोरेन से और भी कई बिंदुओं पर पूछताछ करनी है। लिहजा एक बार फिर सात दिनों की रिमांड की अनुमति दी जाये।
टीम एबीएन, रांची। ईडी की टीम ने जमीन घोटाला मामले में मंगलवार को हेमंत सोरेन के करीबी दोस्त व पेशे से आर्किटिकेट विनोद सिंह, कोकर अयोध्यापुरी में रहने वाले जमीन कारोबारी रमेश गोप और बड़गाई इलाके में रहने वाले हेलिरियस कच्छप के यहां छापेमारी की। आर्किटेक्ट विनोद के रोस्पा टावर स्थित ग्रिड कंस्लटेंट आफिस में ईडी ने दूसरी बार छापेमारी की। ईडी की टीम ने मंगलवार को सुबह से ही तीनों के ठिकानों पर छापेमारी की। छापेमारी में जमीन कारोबारी रमेश गोप और हिलेरियस कच्छप के यहां से मोबाइल फोन, डिजिटल डिवाइस जब्त किये हैं। वहीं, दोनों के यहां से जमीन में निवेश संबंधी कई दस्तावेज और जमीन से जुड़े कागजात भी ईडी ने जब्त किये हैं। वहीं, रांची के रोस्पा टावर स्थित विनोद सिंह के कार्यालय में मंगलवार दिन के 12 बजे से बुधवार सुबह 6 बजे तक ईडी ने छापेमारी कर आॅफिस को खंगाला। यानि 18 घंटे तक ईडी के अधिकारी विनोद के आफिस में डटे रहे। पिछले दिनों भी ईडी के अधिकारियों ने विनोद के कार्यलय रेड की थी। यह छापेमारी लैंड स्कैम मामले में को लेकर ईडी ने की। विनोद सिंह के ग्रिड कंसल्टेंट के कार्यलय में ईडी के अधिकारी कागजात के अलावा कंप्यूटर को खंगाला। विनोद के यहां दूसरी बार छापेमारी बता दें कि रांची जमीन घोटाले में बड़गाई की 8.46 एकड़ जमीन को अवैध तरीके से कब्जे में लेने के साथ-साथ कई अन्य जमीनों के विषय में ईडी को जानकारी मिली थी। विनोद सिंह के यहां ईडी ने पहले अवैध खनन और गवाहों को प्रभावित करने से जुड़े मामले में छापेमारी की थी। अब जमीन घोटाले में उनके ठिकानें पर छापेमारी के बाद स्पष्ट हो गया है कि ईडी उन्हें इस केस में भी आरोपी बना सकती है।
धनशोधन जांच में घोर असहयोगपूर्ण रवैया दिखा रहे हेमंत सोरेन, ईडी का आरोपटीम एबीएन, रांची। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आरोप लगाया कि झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन धनशोधन जांच में घोर असहयोगपूर्ण रवैया दिखा रहे हैं। केंद्रीय एजेंसी ने कहा कि सोरेन कथित तौर पर अपने द्वारा अर्जित की गयी भूमि के बारे में जानकारी देने के इच्छुक नहीं हैं।ईडी ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के 48 वर्षीय नेता को न्यायाधीश राजीव रंजन की विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत के समक्ष पेश किया, जिसने उनकी ईडी हिरासत 3 दिन के लिए और बढ़ा दी। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिये जाने के बाद 31 जनवरी को सोरेन को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार कर लिया था। एजेंसी ने अदालत को बताया कि सोरेन और उनके कथित करीबी सहयोगी बिनोद सिंह के बीच व्हाट्सऐप चैट में एक बैंक्वेट हॉल का विवरण है, जिसे रांची के बड़गाई क्षेत्र में 8.5 एकड़ भूमि पर बनाने का प्रस्ताव था। ईडी का आरोप है कि यह अचल संपत्ति सोरेन द्वारा अवैध रूप से अर्जित है। ईडी ने सोरेन का चार दिन का रिमांड मांगते हुए कहा कि आरोपी व्यक्ति हेमंत सोरेन घोर असहयोग दिखा रहे हैं और अपने तथा उनसे जुड़े अन्य व्यक्तियों द्वारा अर्जित संपत्तियों के संबंध में सही तथ्य बताने के इच्छुक नहीं हैं।एजेंसी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री का बिनोद सिंह के साथ उनकी व्हाट्सऐप चैट को लेकर सामना कराया जा रहा है, जिसमें अचल संपत्तियों से संबंधित सूचनाओं का आदान-प्रदान शामिल है। इसने कहा कि सोरेन संपत्तियों के बारे में जानकारी छिपाने के लिए व्हाट्सऐप चैट संबंधी बात को स्वीकार करने से भी इनकार कर रहे हैं। ईडी ने कहा, बिनोद सिंह और हेमंत सोरेन के बीच व्हाट्सऐप चैट की जांच से 06.04.2021 को बिनोद सिंह द्वारा हेमंत सोरेन को प्रस्तावित बैंक्वट हॉल के बारे में साझा की गयी योजना/मानचित्र की पहचान हुई है। इसने दावा किया, उक्त योजना में उल्लिखित प्रस्तावित बैंक्वट हॉल का स्थान उक्त 8.5 एकड़ भूमि से मेल खाता है, जो अवैध रूप से अधिगृहित की गयी। ईडी की ओर से अदालत को सूचित किया गया कि उसके अधिकारियों ने 10 फरवरी को बड़गाई क्षेत्र के अधिकारियों, बिनोद सिंह, भानु प्रताप प्रसाद (इस मामले में गिरफ्तार राजस्व उपनिरीक्षक) की उपस्थिति में एक सर्वेक्षण किया था और इसकी पुष्टि की गयी थी कि बिनोद सिंह (व्हाट्सऐप पर सोरेन के साथ) द्वारा साझा की गयी योजना के अनुसार बैंक्वट हॉल का क्षेत्र और सोरेन द्वारा अधिगृहीत 8.5 एकड़ भूमि का क्षेत्रफल समान है।एजेंसी ने पूर्व में आरोप लगाया था कि जांच शुरू होने के बाद जमीन का उक्त टुकड़ा राजकुमार पाहन नाम के एक व्यक्ति को वापस कर दिया गया था। इसने कहा कि सोरेन सहयोग नहीं कर रहे हैं और अपने से जुड़ी संपत्तियों के बारे में जानकारी देने के लिए तैयार नहीं हैं और इसलिए उनकी ईडी हिरासत बढ़ाये जाने की आवश्यकता है। एजेंसी ने कहा कि मामले में सात फरवरी को तलाशी ली गयी और नये सबूत सामने आये हैं।
पूर्व सीएम हेमंत सोरेन को पीएमएलए कोर्ट ने 3 दिन की ईडी रिमांड में भेजाटीम एबीएन, रांची। जमीन घोटाला मामले में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पीएमएलए के विशेष जज राजीव रंजन ने 3 दिन की ईडी रिमांड में भेज दिया है। प्रवर्तन निदेशालय के वकील ने कोर्ट से हेमंत सोरेन की 4 दिन की रिमांड की मांग की थी। हेमंत सोरेन के वकील ने उनको और ईडी रिमांड देने का कोर्ट में विरोध किया। कहा कि हेमंत सोरेन से जितनी पूछताछ होनी थी, 10 दिन में हो चुकी है। उनसे और पूछताछ की जरूरत नहीं है। लेकिन, विशेष जज ने झारखंड के पूर्व सीएम को तीन दिन की ईडी रिमांड में भेजने का आदेश सुना दिया। जमीन घोटाला मामले में गिरफ्तार हुए थे हेमंत सोरेन जमीन घोटाला मामले में हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद ईडी की विशेष अदालत ने दो बार ईडी को उनकी रिमांड सौंपी थी। दोनों बार हेमंत सोरेन से पूछताछ के लिए ईडी को 5-5 दिन का समय दिया गया था। हेमंत सोरेन को 31 जनवरी की रात को सात से आठ घंटे की पूछताछ के बाद ईडी ने गिरफ्तार कर लिया था। आखिरी बार उन्हें 7 फरवरी को कोर्ट में पेश किया गया था। कोर्ट ने उन्हें 5 दिन की हिरासत में भेज दिया था। सुप्रीम कोर्ट का हेमंत की याचिका पर सुनवाई से इंकार हेमंत सोरेन ने गिरफ्तारी को हाईकोर्ट में चुनौती दी। बाद में वह सुप्रीम कोर्ट चले गए और हाईकोर्ट में अपील दायर की कि वह अपना केस वापस लेना चाहते है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने हेमंत सोरेन की याचिका पर सुनवाई करने से इंकार कर दिया और उन्हें हाईकोर्ट जाने के लिए कहा। अमेंडमेंट पर जवाब दाखिल करने के लिए ईडी ने मांगा समय चूंकि हेमंत सोरेन के वकील ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को इस याचिका की जानकारी नहीं दी थी, हाईकोर्ट ने कहा कि प्रतिवादी पक्ष को जानकारी दिए बगैर याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकती। इसके बाद हेमंत सोरेन के वकील की ओर से ईडी को इस केस की जानकारी दी गई। कोर्ट ने ईडी को जवाब दाखिल करने के लिए 9 फरवरी तक का समय दिया था। हाईकोर्ट में हेमंत सोरेन की याचिका पर सुनवाई 27 को हाईकोर्ट में 12 फरवरी को ही उनकी क्रिमिनट रिट पिटीशन पर सुनवाई हुई। ईडी के वकील ने एक्टिंग चीफ जस्टिस एस चंद्रशेखर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ को बताया कि अमेंडमेंट पर जवाब देने के लिए उसे समय दिया जाए। इस पर एक्टिंग चीफ जस्टिस की खंडपीठ ने अंतिम सुनवाई के लिए 27 फरवरी की तारीख मुकर्रर कर दी।
झारखंड हाइकोर्ट का फैसला सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया टीम एबीएन, रांची। सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2022 में जिला जजों की नियुक्ति मामले में झारखंड हाइकोर्ट के फुलकोर्ट द्वारा लिये गये निर्णय को रद्द कर दिया है। साथ ही जिला जजों के रिक्त नौ पदों पर जल्द नियुक्ति करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सुशील कुमार पांडे एवं अन्य के मामले में यह फैसला सुनाया है। झारखंड हाइकोर्ट की फुलकोर्ट ने जिला जज नियुक्ति में न्यूनतम उत्तीर्ण मार्क्स 50% कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया में हाईकोर्ट किसी भी शर्त में फेरबदल कर सकता है, लेकिन जब नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो गयी है, तो फेरबदल करना गलत है। अगर हाइकोर्ट को फेरबदल करना ही था, तो परीक्षा की प्रक्रिया शुरू होने के पहले फेरबदल करना चाहिए था। क्या है मामला दरअसल, यह मामला झारखंड हाइकोर्ट द्वारा वर्ष 2022 में 22 जिला जजों की नियुक्ति का है। हाइकोर्ट ने झारखंड सुपीरियर ज्यूडिशल सर्विस कैडर के तहत 22 पद पर नियुक्ति के लिए नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की थी। नियुक्ति प्रक्रिया के बीच में हाईकोर्ट ने बदलाव किया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गयी थी। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। झारखंड हाई कोर्ट के फुलकोर्ट द्वारा नियमों में बदलाव के प्रस्ताव को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द करते हुए रिक्त 9 पदों पर सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति का आदेश दिया है। पूर्व में हाईकोर्ट ने 22 पदों में से 13 पदों पर मेरिट लिस्ट जारी कर नियुक्ति की अनुशंसा की थी, 9 पद खाली रह गये थे।
पूर्व सीएम हेमंत के बेहद करीबी विनोद कुमार सिंह को ईडी ने बुलाया दफ्तरपूर्व प्रेस सलाहकार अभिषेक पिंटू से भी पूछताछटीम एबीएन, रांची। पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई का दायरा बढ़ता जा रहा है। ईडी ने आज हेमंत सोरेन के बेहद खास माने जाने वाले विनोद कुमार सिंह को पूछताछ के लिए बुलाया है। उनसे ईडी के रांची स्थित जोनल ऑफिस में पूछताछ की जा रही है। वहीं हेमंत सोरेन के पूर्व मीडिया सलाहकार अभिषेक प्रसाद उर्फ पिंटू को भी पूछताछ के लिए आज ही बुलाया गया है। जानकारी के मुताबिक, विनोद कुमार सिंह को पूर्व सीएम हेमंत सोरेन के दिल्ली स्थित आवास से बरामद लग्जरी कार के सिलसिले में बुलाया गया है। कहा जा रहा है कि उनके दिल्ली आवास से बरामद एक लग्जरी कार का विनोद कुमार सिंह से कनेक्शन है।साथ ही हेमंत सोरेन के साथ ट्रांसफर पोस्टिंग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा से जुड़े एडमिट कार्ड को लेकर व्हाट्सएप के जरिए की गयी पैरवी से जुड़े सवाल भी पूछे जा रहे हैं। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सीएम के पूर्व मीडिया सलाहकार अभिषेक प्रसाद उर्फ पिंटू से किस मसले पर पूछताछ की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि पिछलो दिनों अभिषेक के आवास पर ईडी ने छापेमारी की थी। तब उनके आवास से कई दस्तावेज बरामद हुए थे। वैसे पूर्व में खनन से जुड़ी शेल कंपनियों के मामले में अभिषेक उर्फ पिंटू से पूछताछ हो चुकी है।बाद में भी उन्हें समन भेजा गया था लेकिन उन्होंने कैबिनेट के फैसले का हवाला देते हुए ईडी दफ्तर जाने से इनकार कर दिया था। अब सवाल है कि विनोद कुमार सिंह आखिर हैं कौन? आखिर इनका पूर्व सीएम हेमंत सोरेन से क्या कनेक्शन है? मिली जानकारी के मुताबिक, विनोद कुमार सिंह पेशे से आर्किटेक्ट हैं। उनका मेन रोड में दफ्तर भी है। उन्होंने बीआईटी, मेसरा से पढ़ाई की है। जब वह बीआईटी मेसरा में थे, उसी दौरान हेमंत सोरेन भी वहीं के छात्र हुआ करते थे। हालांकि हेमंत सोरेन अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाये थे। कहा जा रहा है कि उसी समय से दोनों एक दूसरे के बेहद करीबी हैं।अभिषेक प्रसाद के साथ भी हेमंत सोरेन का करीबी संबंध रहा है। इसी वजह से सीएम बनने के बाद हेमंत सोरेन ने उनको अपना मीडिया सलाहकार बनाया था। फिलहाल, 31 जनवरी से हेमंत सोरेन ईडी की रिमांड पर हैं। उनसे भी लगातार पूछताछ चल रही है।
JSSC सीजीएल पेपर लीक की जांच करेगी EDराज्य सरकार को पत्र लिखकर मांगी जानकारीटीम एबीएन, रांची। झारखंड में ईडी की दबिश लगातार बढ़ती जा रही है। ताजा मामला जेएसएससी सीजीएल परीक्षा से जुड़ा है। इस परीक्षा के पेपर लीक की जांच अब ईडी की टीम कर सकती है, जिसे लेकर एक बार फिर से झारखंड में राजनीतिक सरकार भी तेज हो गयी है।पूर्व शिक्षा मंत्री नीरा यादव ने कहा कि छात्रों से जुड़े इस मामले को लेकर हम लोग सीबीआई की मांग कर रहे थे, लेकिन ईडी जांच कर रही है। वहीं झामुमो विधायक लोबिन हेंब्रम ने कहा कि जांच होनी चाहिए, लेकिन ज्यादा टाइम टेकिंग नहीं होना चाहिए। अन्यथा छात्रों का भविष्य बर्बाद हो जायेगा। वही चंपई सोरेन की नयी सरकार में मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने कहा कि इस मामले को लेकर हमारे मुख्यमंत्री पहले ही संज्ञान ले चुके हैं।बता दें कि ईडी ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर पेपर लीक केस के संबंध में जानकारी मांगी है। राज्य के साढ़े छह लाख छात्रों ने परीक्षा में शामिल होने के लिए आवेदन दिया था। 28 जनवरी को परीक्षा के दौरान ही समान्य ज्ञान का पेपर सोशल मीडिया पर पेपर लीक हो गया था, जिस कारण परीक्षा रद्द करनी पड़ी।
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