झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री को ईडी ने किया गिरफ्तारटीम एबीएन, रांची। झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार कर लिया है। आलम को बुधवार (15 मई) को लगातार दूसरे दिन पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। लगातार दो दिन चली पूछताछ के बाद आलमगीर आलम को गिरफ्तार किया गया है। मंत्री की गिरफ्तारी के बाद ईडी कार्यालय की सुरक्षा चाक-चौबंद कर दी गयी। डॉक्टरों ने उनकी जांच की और आलम को पूरी तरह फिट बताया। कहा कि ब्लड शुगर बढ़ा हुआ है, उसके लिए दवा दे दी है। आलमगीर आलम से मिलने के लिए उनकी मां और बेटी ईडी दफ्तर पहुंचीं थीं। आलमगीर आलम की गिरफ्तारी से पहले उनके आप्त सचिव संजीव लाल और निजी सहायक जहांगीर को गिरफ्तार किया गया था। उनके आवास से नोटों के ढेर मिले थे। इसके बाद आलमगीर आलम को ईडी की ओर से समन जारी किया गया था। 14 मई को तय समय पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता और झारखंड के मंत्री ईडी दफ्तर पहुंचे। कागजी कार्रवाई के बाद उनसे पूछताछ शुरू हुई।
मंत्री आलमगीर आलम पहुंचे ईडी दफ्तर, 35 करोड़ किसके हैं... का होगा जवाबटीम एबीएन, रांची। ईडी के समन पर झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ईडी के दफ्तर पहुंच एजेंसी के सवालों का सामना कर रहे है। टेंडर घोटाला मामले में ईडी ने मंत्री को समन जारी करते हुए मंगलवार को पूछताछ के लिए तलब किया था। झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के पीए और उनके दूसरे सहयोगियों के ठिकानों पर हुई छापेमारी के बाद बरामद 35 करोड़ रुपये मामले में मंत्री आलमगीर से ईडी पूछताछ कर रही है। इस मामले में मंत्री के पीए संजीव लाल, संजीव के नौकर जहांगीर आलम को ईडी ने 7 मई को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तरी के बाद जहांगीर ने ईडी के सामने खुलासा किया था कि बरामद करोड़ों रुपये पीए संजीव लाल के हैं। जबकि संजीव लाल ने बताया कि पूरे पैसे विभाग में टेंडर देने के बदले मिले कमीशन का है और कमीशन का पैसा अधिकारियों से लेकर राजनेताओं तक जाता था। इसी के बाद मंत्री आलमगीर आलम ईडी की रडार पर आ गए। जिसके बाद ईडी ने शनिवार को मंत्री को समन जारी करते हुए 14 मई को 35 करोड़ की बरामदगी और टेंडर घोटाले में पूछताछ के लिए तलब किया। मंत्री आलमगीर आलम ईडी के द्वारा समन दिए जाने के बाद तय समय पर ईडी दफ्तर पहुंचे।ईडी अधिकारियों ने 50 आये ज्यादा सवाल भी मंत्री के लिए तैयार किया हुआ था, मसलन वीरेंद्र राम से लेकर संजीव लाल से जो करोड़ों की रकम बरामद हुए हैं उसके बारे में मंत्री को क्या जानकारी। विभाग में चल रहे करोड़ों के कमीशन के खेल में मंत्री की क्या भूमिका थी। संजीव और जहांगीर के पास मिले पैसे कहां पहुंचाये जाने थे। ऐसे कई सवालों का जबाब मंत्री आलमगीर आलम को देना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार अगर जरूरत हुई तो संजीव लाल और जहांगीर आलम के सामने बिठा कर मंत्री से पूछताछ की जायेगी।
झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन को ईडी कोर्ट से झटका, जमानत याचिका खारिज टीम एबीएन, रांची। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन को पीएमएलए कोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने सोमवार (13 मई) को पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की जमानत याचिका खारिज कर दी।क्या है मामलाबड़गाई अंचल की 8.5 एकड़ जमीन मामले में पूर्व सीएम हेमंत सोरेन ने पीएमएलए कोर्ट से जमानत मांगी थी। उनकी याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन फिलहाल बड़गाईं अंचल की जमीन से जुड़े मनी लाउंडरिंग मामले में जेल में बंद हैं। उनका दावा है कि उन्हें झूठे मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने फंसाया है। जिस कथित जमीन घोटाले के मामले में उनको गिरफ्तार किया गया है, उस जमीन से उनका कोई वास्ता नहीं है।
करोड़ों की कैश बरामदगी में ईडी ने किया था अरेस्टटीम एबीएन, रांची। झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के पीएस (आप्त सचिव) संजीव लाल सस्पेंड कर दिये गये हैं। पिछले दिनों करोड़ों की कैश बरामदगी मामले में ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। न्यायिक हिरासत में जाने की सूचना के बाद सरकार की ओर से उन्हें सस्पेंड करने की कार्रवाई की जा रही थी। इस संदर्भ में आज आदेश जारी कर दिया गया। झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन की सहमति के बाद संजीव लाल को सस्पेंड कर दिया गया। कैश बरामदगी मामले में ईडी के हत्थे चढ़े संजीव लाल झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। आज शुक्रवार को कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने उन्हें निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।
अर्जुन मुंडा पर पूर्व में लगाए गए 125000 के जुर्माना को उच्च न्यायालय ने माफ किया टीम एबीएन, रांची। झारखंड उच्च न्यायालय में याचिका में त्रुटि दूर किये बिना सुनवाई के लिए मेंशन करने पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा पर पूर्व में लगाये गये 125000 के जुमार्ने को आज न्यायालय ने माफ कर दिया। प्रार्थी की ओर से आज अधिवक्ता प्रशांत पल्लव ने श्री मुंडा पर लगाये गये जुर्माना की राशि माफ करने का आग्रह उच्च न्यायालय से किया था। जिसे न्यायालय ने मान लिया। वहीं न्यायालय ने रांची में भाजपा के सचिवालय मार्च मामले में धुर्वा थाने में दर्ज एफआईआर मामले में अर्जुन मुंडा सहित 27 आरोपियों पर पीड़क कार्रवाई पर रोक 25 जुलाई तक जारी रखी है।
ईडी को प्रोजेक्ट भवन में मंत्री के पीएस संजीव लाल के ड्रॉवर से मिले दो लाख रुपये टीम एबीएन, रांची। ईडी की टीम बुधवार को प्रोजेक्ट भवन पहुंची। टीम के साथ झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के पीएस (आप्त सचिव) संजीव लाल भी हैं। उनके कमरे को ईडी के अधिकारी खंगाल रहे हैं। इस दौरान 500 नोटों के कई बंडल मिले हैं। बताया जा रहा है कि करीब दो लाख रुपये ईडी ने बरामद किये हैं। बता दें कि करोड़ों की कैश बरामदगी मामले में ईडी की टीम ने संजीव लाल व सहायक जहांगीर आलम को छह मई को ही देर रात गिरफ्तार कर लिया था। छापेमारी में ईडी को 35 करोड़ रुपये कैश मिले थे। फिलहाल, संजीव व जहांगीर 13 मई तक ईडी की रिमांड पर हैं। बताया जाता है कि मंत्री के पीएस संजीव लाल के निर्देश पर ही कमीशन की रकम जहांगीर आलम के घर रखी जाती थी। छह मई को ईडी की रेड में कुल 35 करोड़ कैश बरामद हुए थे। जहांगीर के घर से 32.20 करोड़ रुपये, संजीव लाल के पार्टनर मुन्ना सिंह के ठिकाने से 2.93 करोड़ एवं संजीव लाल के पास से 10.50 लाख रुपये बरामद किये गये थे। छापेमारी के क्रम में संजीव लाल के पास दो गाड़ियां मिलीं। इनका रजिस्ट्रेशन जहांगीर के नाम पर कराया गया है।
सोशल मीडिया पर गलत सूचना तीन घंटे में हटाने का दलों को चुनाव आयोग का निर्देश एबीएन सेंट्रल डेस्क। चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों और उनके प्रतिनिधियों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के जिम्मेदार और नैतिक उपयोग का निर्देश देते हऐ उन्हें उनके ध्यान में लायी गयी कुल सूचना को तीन घंटे के अंदर उस पोस्ट को हटाने के निर्देश दिये हैं। आयोग ने सोमवार को एक विज्ञप्ति में कहा है कि गलत सूचना और सिंथेटिक सामग्री से निपटने के लिए मौजूदा कानूनी ढांचे के तहत कार्रवाई की जायेगी। आयोग ने कहा है कि पार्टियों को फर्जी सामग्री उनके संज्ञान में आने पर उसके तीन घंटे के भीतर उसे हटानी होगी। आयोग ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को बनाये रखने की आवश्यकता पर बल देते हुये, जानकारी को विकृत करने या गलत सूचना का प्रचार करने के लिए एआई आधारित उपकरणों के दुरुपयोग के खिलाफ पार्टियों को चेतावनी दी है। आयोग ने कहा है कि मौजूदा कानूनी प्रावधानों के मद्देनजर, अन्य निदेर्शों के अलावा, पार्टियों को विशेष रूप से सूक्ष्म नकली आडियो/ वीडियो को प्रकाशित और प्रसारित करने से परहेज करने, गलत, असत्य या भ्रामक प्रकृति की किसी भी गलत सूचना या जानकारी का प्रसार करने या पोस्ट करने से परहेज करने का निर्देश दिया गया है। उन्हें महिलाओं के प्रति अपमानजनक सामग्री, अभियानों में बच्चों का उपयोग करने से बचने, हिंसा या जानवरों को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री से भी बचने को कहा गया है। विज्ञप्ति में कहा गया है- पार्टियों को ऐसी किसी भी सामग्री को उनके संज्ञान में लाने के तीन घंटे के भीतर तुरंत हटाने तथा अपनी पार्टी में जिम्मेदार व्यक्ति को चेतावनी देने, संबंधित प्लेटफार्मों पर गैरकानूनी जानकारी और सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्तियों के लिए दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 का नियम 3ए नकली उपयोगकर्ता खातों की रिपोर्ट करने और लगातार मुद्दों को शिकायत अपीलीय समिति तक पहुंचाने का निर्देश दिया गया है। आयोग ने कहा है कि उसने इस सम्बंध में राजनीतिक दलों/ उनके प्रतिनिधियों द्वारा एमसीसी के कुछ उल्लंघनों और मौजूदा कानूनी प्रावधानों का संज्ञान लेते हुए ये दिशा- निर्देश जारी किये हैं। आयोग ने दलों का ध्यान उन मौजूदा कानूनी प्रावधानों की ओर भी आकृष्ट किया है जो गलत सूचना के उपयोग और डीप फेक का उपयोग करके जालसाजी के खिलाफ लागू होते हैं। इसमें सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्तियों के लिये दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम 2021, भारतीय दंड संहिता और 1950 और 1951 के जन प्रतिनिधित्व अधिनियमों तथा चुनाव के संदर्श में अयोग द्वारा लागू आदर्श आचार संहिता के प्रावधान शामिल हैं।
जेपीएससी परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर सीबीआई ने दायर किया आरोप पत्रटीम एबीएन, रांची। जेपीएससी परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर सीबीआई ने शनिवार को न्यायधीश पीके शर्मा की अदालत में आरोप पत्र दायर किया। इसमें कुल 37 लोगों को आरोपी बनाया गया है। दरअसल, परीक्षा में गड़बड़ी की सीबीआई जांच 12 साल से अधिक समय से चल रही है। लेकिन यह अभी तक पूरी नहीं हुई। इसे लेकर झारखंड हाईकोर्ट में कई बार सुनवाई भी हुई है। वहीं, अदालत ने जांच में हो रही देरी को लेकर सीबीआई से जवाब तलब भी कर चुकी है। हालांकि, जांच एजेंसी पहले मामले की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर चुकी है।क्या है पूरा मामलादरअसल, प्रथम और द्वितीय जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में गड़बड़ी का मामला सामने आया था। इस मामले को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने 2012 को सीबीआई जांच का आदेश दिया। परीक्षा में नियुक्त पदाधिकारियों के वेतनमान पर रोक लगा दिया गया था। बाद में हाईकोर्ट के इस फैसले को चुनौती दी गयी। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने राहत देते हुए इस फैसले को पलट दिया। कुछ दिन पहले हुई सुनवाई में झारखंड हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इस मामले को दूसरे सक्षम बेंच में भेजने का निर्देश दिया था।बुद्धदेव उरांव द्वारा दायर जनहित याचिका में अप्रैल में हुई सुनवाई के दौरान बताया गया कि 12 साल से अधिक बीत जाने के बाद भी सीबीआई ने जांच प्रक्रिया पूरी नहीं की। न ही इस मामले में आरोप पत्र दायर किया गया। जिस पर सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि गड़बड़ी मामले की जांच अब तक जारी है।
टीम एबीएन, कोडरमा। षडयंत्र रच हत्या करने के एक मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय अजय कुमार सिंह की अदालत ने शुक्रवार को आरोपी पति बंटी साव, पिता शुकर साव, कटाडीह, जयनगर, वर्तमान पता- तीन नंबर कॉलोनी आम बागान, रेलवे फाटक, आसनसोल वेस्ट बंगाल, जिला- वर्धमान एवं ससुर शुकर साव पिता - स्वर्गीय चोकन साव को 302, एवं 201 आईपीसी के तहत दोषी पाते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनायी है। साथ ही 20,000 रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना की राशि नहीं देने पर 1वर्ष अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।मामला वर्ष 2022 का है। इसे लेकर चंदवारा थाना कांड संख्या 59/ 2022 एवं ST- 126/2023 दर्ज किया गया था। अभियोजन का संचालक लोक अभियोजक पीपी एंजेलिना वारला ने किया। इस दौरान सभी गवाहों का परीक्षण कराया गया। लोक अभियोजक पीपी एंजेलिना वारला ने कार्रवाई के दौरान अपराध की गंभीरता को देखते हुए, न्यायालय से अभियुक्त को अधिक से अधिक सजा देने का आग्रह किया। वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता प्रकाश मोदी ने दलीलें पेश करते हुए बचाव किया। अदालत ने सभी गवाहों और साक्षयो का अवलोकन करने के उपरांत अभियुक्त को दोषी पाते हुए सजा मुकर्रर की और जुर्माना लगाया। इसे लेकर मृतक के पिता महादेव साव ने चंदवारा थाना में मामला दर्ज कराया था। थाना को दिये आवेदन में कहा था कि उसकी पुत्री की शादी 2009 को बंटी साव पिता शुक्र साव के साथ हिंदू रीति रिवाज से हुई थी। कुछ दिनों तक वह ससुराल में ठीक से रही। उसके बाद उसे ससुरालवालों द्वारा दहेज के लिए उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। पंचायती भी हुई लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसी बीच उसे एक पुत्री व दो पुत्र हुआ।जब हम लोग छठ करने का प्रोग्राम बनाये तो उनकी छोटी पुत्री ने बताया कि आप छठ कैसे करोगे। गांव की एक महिला ने बताया कि आपकी पुत्री की हत्या कर दी गयी है। यह जानकारी मिलने के बाद वे लोग तुरंत अपनी पुत्री के ससुराल पहुंचे और पूछताछ की तो उसके दामाद ने बताया कि आपकी पुत्री की हत्या कर जवाहर घाटी में फेंक दिये हैं। आपको जो करना है कर लीजिये। तब हम लोग चंदवारा थाना पहुंचे। वहां पर मेरी पुत्री की फोटो दिखायी गयी। इसे हम लोगों ने पहचाना। 14/01/2023 को मामला दर्ज कराते हुए आरोपियों पर उचित कार्रवाई करने की गुजारिश की थी। ढाई माह पूर्व पानी में तैरता हुआ मिला मऊथा लाश कोडरमा- चंदवारा थाना के चौकीदार महेंद्र यादव को 1/8/2022 को गुप्त सूचना मिली थी कि जवाहर घाटी में एक अज्ञात लड़की का लाश है। जिसकी सूचना पर उन्होंने थाना प्रभारी को सूचना देते हुए घटनास्थल गये। वहां पहुंचा तो देखा कि जवाहर घाटी में बन रहे नये पुल के नीचे एक अज्ञात लड़की का लाश पड़ा हुआ है। जिसका दोनों हाथ दुपट्टा से बंधा हुआ है और मुंह में कपड़ा डाला हुआ। चोट का निशान भी है। जिससे प्रतीत होता है कि लड़की के साथ मारपीट कर हत्या कर, लाश छुपाने के उद्देश्य घाटी में फेंक दिया गया है। इसे लेकर उसके द्वारा थाना में एक मामला दर्ज कराया गया था।
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