Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...

कानून व्यवस्था

View All
झारखंड हाईकोर्ट ने सीनियर डीएसपी से एसपी के पद पर प्रोन्नति पर लगी रोक को हटाया
Published / 2025-05-06 22:05:55
झारखंड हाईकोर्ट ने सीनियर डीएसपी से एसपी के पद पर प्रोन्नति पर लगी रोक को हटाया

टीम एबीएन, रांची। झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमस रामचंद्र राव ने सीनियर डीएसपी से एसपी के पद पर प्रोन्नति पर लगी रोक को हटा दी है। एकलपीठ ने 26 मार्च को प्रमोशन देने पर रोक लगा दी थी। इसके खिलाफ प्रार्थियों ने खंडपीठ में अपील की थी। इस संबंध में रजतमणि वाखला एवं अन्य ने एकलपीठ में याचिका दायर की थी। प्रार्थियों की ओर से अदालत को बताया था कि सरकार ने डीएसपी पद पर तैनात नौ अधिकारियों को एसपी में प्रोन्नति देने के लिए सूची भेजी है। यह सूची गलत है। सूची में तीन डीएसपी शिवेंद्र, राधाप्रेम किशोर, मुकेश महतो का भी नाम शामिल है। इन तीनों पर आपराधिक मामले चल रहे हैं। इनके खिलाफ सीबीआई जांच चल रही है और सीबीआई ने तीनों के खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल कर दिया है। दागी डीएसपी का नाम प्रोन्नति के लिए सरकार ने भेजा है, जबकि जिन अधिकारियों पर कोई आरोप नहीं है उनका नाम प्रोन्नति के लिए नहीं भेजा गया है। नियमों के अनुसार जिस अधिकारी पर आपराधिक मामला चल रहा है उसका नाम प्रोन्नति के लिए नहीं भेजा जा सकता। सुनवाई के बाद अदालत ने सरकार और संघ लोक सेवा आयोग को नियुक्ति प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने का निर्देश दिया था।इसके खिलाफ खंडपीठ में याचिका दायर की गयी थी। खंडपीठ में प्रार्थियों की ओर से कहा गया कि प्रमोशन पर रोक लगाने का आदेश उचित नहीं है। सुनवाई के बाद अदालत ने रोक हटा ली।

आरबीआई की कार्रवाई से सकते में बैंक, लगाया भारी जुर्माना
Published / 2025-05-03 19:47:08
आरबीआई की कार्रवाई से सकते में बैंक, लगाया भारी जुर्माना

आरबीआई ने 5 बड़े बैंकों पर लगाया 2.52 करोड़ का जुर्माना, जानिये कौन-कौन हैं शामिल एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय रिजर्व बैंक ने 2 मई 2025 को एक प्रेस विज्ञप्ति में देश के पांच प्रमुख बैंकों पर कुल 2.52 करोड़ का मौद्रिक जुर्माना लगाने की जानकारी दी। यह कार्रवाई बैंकों द्वारा विभिन्न नियामकीय नियमों का उल्लंघन करने पर की गयी है। आइये जानते हैं कि किन बैंकों पर कितना जुर्माना लगा और इसके पीछे की असली वजह क्या है? एक्सिस बैंक : 29.60 लाख जुर्माना आंतरिक/कार्यालय खातों के अनधिकृत संचालन और संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन न करना। आबीआई का पक्ष : बैंक ने कुछ ऐसे इंटरनल अकाउंट्स का संचालन किया, जो नियमों के विरुद्ध थे। आइसीआइसीआइ बैंक : 97.80 लाख जुर्माना साइबर सुरक्षा फ्रेमवर्क, केवाइसी (अपने ग्राहक को जानो) और डेबिट/के्रडिट कार्ड संचालन से संबंधित निर्देशों का उल्लंघन। आरबीआई का निष्कर्ष : बैंक ने संवेदनशील ग्राहक डेटा और सुरक्षा से जुड़े नियमों को पर्याप्त रूप से लागू नहीं किया। बैंक आफ बड़ौदा : 61.40 लाख जुर्माना बैंकिंग सेवाओं और ग्राहक सेवा से संबंधित नियमों का सही तरीके से पालन न करना। प्रभाव : इससे ग्राहकों को समय पर और सटीक सेवा नहीं मिल पायी, जो कि उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है। आईडीबीआई बैंक : 31.80 लाख जुर्माना किसान के्रडिट कार्ड (केसीसी) के तहत अल्पकालिक कृषि ऋण पर ब्याज सहायता योजना के नियमों का पालन न करना। असर : इससे ग्रामीण और कृषि क्षेत्र को समय पर लाभ नहीं मिल पाया। बैंक आफ महाराष्ट्र : 31.80 लाख जुर्माना केवाइसी के नियमों का पालन करने में चूक। आरबीआई का पक्ष : यह लापरवाही मनी लॉन्ड्रिंग जैसे मामलों के जोखिम को बढ़ा सकती है। क्या इससे ग्राहकों पर होगा कोई असर? नहीं, यह जुर्माना ग्राहकों पर सीधे असर नहीं डालता। यह जुर्माना बैंकों की प्रशासनिक या प्रक्रियात्मक लापरवाहियों पर लगाया जाता है, न कि किसी ग्राहक की गलती पर। हालांकि, यदि आप इन बैंकों के ग्राहक हैं, तो यह जानना जरूरी है कि बैंक आपकी जानकारी और लेनदेन को सुरक्षित रखने में कितना सतर्क है।

कोडरमा अंचल का राजस्वकर्मी सुरेन्द्र प्रसाद रिश्वत लेते गिरफ्तार
Published / 2025-05-02 20:08:06
कोडरमा अंचल का राजस्वकर्मी सुरेन्द्र प्रसाद रिश्वत लेते गिरफ्तार

जमीन ऑनलाइन के नाम पर मांग रहा था 50 हजारटीम एबीएन, झुमरी तिलैया। कोडरमा में हजारीबाग भ्रष्टाचार निरोधक दस्ते ने शुक्रवार को एक हल्का कर्मचारी को घूस लेते गिरफ्तार किया। सदर अंचल के हल्का कर्मचारी सुरेंद्र प्रसाद को अंचल कार्यालय के पास से 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा गया। सुरेंद्र 2026 के जनवरी में सेवानिवृत्त होने वाले थे।बेकोबार निवासी बहादुर राणा ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी दो भूमि है। एक खाता संख्या 68 में 5 एकड़ 62 डिसमिल और दूसरी खाता संख्या 294 में 91 डिसमिल है। इसको को पंजी-2 में ऑनलाइन दर्ज कराने के लिए जनवरी 2023 में आवेदन किया था। कोई कार्रवाई नहीं होने पर फरवरी 2025 में उपायुक्त को पुनः आवेदन दिया गया। इसके बाद हल्का कर्मचारी सुरेंद्र प्रसाद ने बहादुर राणा से 50 हजार रुपए की मांग की। बहादुर राणा ने एसीबी से संपर्क किया।पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपए देने की बात हुईएसीबी ने योजना बनाकर 45 हजार रुपए में सौदा तय करवाया। पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपए देने की बात हुई। एसीबी ने आवेदक को मार्क किए गए नोट दिए। जैसे ही कर्मचारी ने रिश्वत ली, एसीबी ने उसे गिरफ्तार कर लिया।डोमचांच अंचल से कोडरमा अंचल किया गया था ट्रांसफरहल्का 5 के कर्मचारी सुरेंद्र प्रसाद 2004 में सतगांवां अंचल में बतौर हल्का कर्मचारी का प्रभार लिया था। इसके बाद कोडरमा जिले के अलग-अलग अंचलों में लगातार सेवा में रहे। कोडरमा सदर अंचल में यह इनका तीसरा टर्म था। अभी हाल में तीन महीने पूर्व ही इनका तबादला डोमचांच अंचल से कोडरमा अंचल किया गया था।

हाइकोर्ट के आदेश पर फिर से रिम्स निदेशक बने डॉ राजकुमार
Published / 2025-04-28 21:36:36
हाइकोर्ट के आदेश पर फिर से रिम्स निदेशक बने डॉ राजकुमार

झारखंड उच्च न्यायालय ने रिम्स निदेशक को हटाये जाने के आदेश को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया टीम एबीएन, रांची। झारखंड उच्च न्यायालय में राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के निदेशक डॉ राजकुमार को हटाये जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति दीपक रौशन की एकल पीठ ने तत्काल प्रभाव से 17 अप्रैल 2025 के आदेश को स्थगित कर दिया है। इसके अलावा न्यायालय ने राज्य सरकार एवं अन्य को नोटिस जारी करने व शपथ पत्र के माध्यम से जबाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इस मामले की विस्तृत सुनवाई अगले मंगलवार 6 मई को होगी। उल्लेखनीय है कि रिम्स निदेशक डॉ राजकुमार को स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने 17 अप्रैल 2025 को देर रात आदेश निकाल कर तत्काल प्रभाव से रिम्स निदेशक पद से हटा दिया था। इसके बाद रिम्स की डीन डॉ शशिबाला सिह ने 18 अप्रैल 2025 को अपराह्न तीन बजे कार्यकारी व्यवस्था के तहत रिम्स की प्रभारी निदेशक का पदभार ग्रहण कर लिया था।

झारखंड : राजधानी में एक बार फिर ईडी की रेड
Published / 2025-04-22 19:00:23
झारखंड : राजधानी में एक बार फिर ईडी की रेड

रांची के हरिओम टावर समेत रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े कई ठिकानों पर ईडी की रेडटीम एबीएन, रांची। झाररखंड की राजधानी रांची में मंगलवार सुबह ईडी ने रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई मुख्य रूप से राजवीर कंस्ट्रक्शन और अन्य बिल्डरों से जुड़े दफ्तरों व परिसरों पर की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, ईडी की टीम लालपुर थाना क्षेत्र और हरिओम टावर स्थित राजवीर कंस्ट्रक्शन के कई ठिकानों पर तलाशी ले रही है। हालांकि, अभी तक ईडी ने इस छापेमारी से जुड़े मामले या आरोपों के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। स्थानीय सूत्रों की मानें तो छापेमारी के दौरान ईडी ने कई अहम दस्तावेजों की जांच की है, साथ ही डिजिटल डाटा और लेन-देन से जुड़ी जानकारियां जुटायी जा रही हैं। मौके पर ईडी अधिकारी तैनात हैं और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये हैं। अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि यह छापेमारी किस आर्थिक अपराध या मनी लॉन्ड्रिंग के मामले से जुड़ी है, लेकिन जांच के बाद इसकी पूरी जानकारी सामने आने की संभावना है।

झारखंड हाइकोर्ट का सीएम से सवाल : आप बतायें लोकायुक्त नियुक्त होंगे या नहीं...
Published / 2025-04-16 20:35:11
झारखंड हाइकोर्ट का सीएम से सवाल : आप बतायें लोकायुक्त नियुक्त होंगे या नहीं...

झारखंड में लोकायुक्त की नियुक्ति की जायेगी या नहीं, हाईकोर्ट ने हेमंत सोरेन सरकार से पूछा टीम एबीएन, रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य में लोकायुक्त का पद चार सालों से खाली रहने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। जस्टिस आनंद सेन की बेंच ने मंगलवार को एक याचिका की सुनवाई करते हुए सरकार से पूछा कि राज्य में लोकायुक्त की नियुक्ति की जायेगी या नहीं? कोर्ट ने इस संबंध में राज्य के मुख्य सचिव को दो सप्ताह में स्पष्ट जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इस संबंध में अधिवक्ता अभय कुमार मिश्रा ने याचिका दाखिल की है। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि एक स्कूल के प्रबंधन से संबंधित विवाद में अभय कुमार मिश्रा से तत्कालीन डीएसपी प्रभात रंजन बरवार ने रुपये की मांग की थी। उन्होंने रुपये मांगने की बात को मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया था। इसके बाद उनकी ओर से इस संबंध में लोकायुक्त के पास वर्ष 2020 में शिकायत दर्ज करायी गयी थी। लोकायुक्त के आदेश पर इस मामले की जांच तत्कालीन आईजी और डीआईजी ने की थी। दोनों अधिकारियों की ओर से कहा गया था कि मोबाइल रिकॉर्डिंग से रुपये की लेन-देन की बात सामने आ रही है, लेकिन इसकी फॉरेंसिक जांच कराना उचित होगा। यह भी कहा गया कि जिस समय की रिकॉर्डिंग की बात कही जा रही है, वह (प्रभात रंजन बरवार) उस दौरान हटिया डीएसपी नहीं थे, इसलिए मामला झूठा प्रतीत हो रहा है। हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर की गई है ये मांगमामले की सुनवाई की प्रक्रिया के बीच में ही लोकायुक्त के निधन होने से पद रिक्त हो गया। प्रार्थी की ओर से हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में मांग की गयी है कि इस मामले की जांच सीआईडी या एसीबी से करायी जाए या फिर लोकायुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया जाये। सुनवाई के दौरान अदालत ने लोकायुक्त के अधिवक्ता से पूछा कि लोकायुक्त कार्यालय में अभी कितने मामले लंबित हैं? इस पर बताया गया कि लोकायुक्त का पद रिक्त होने की वजह से हजारों मामले लंबित हैं। इसके बाद अदालत ने राज्य के मुख्य सचिव को लोकायुक्त की नियुक्ति के संबंध में स्पष्ट जवाब देने को कहा है।

चतरा : पांच हजार रिश्वत लेते रोजगार सेवक गिरफ्तार
Published / 2025-03-27 20:55:37
चतरा : पांच हजार रिश्वत लेते रोजगार सेवक गिरफ्तार

इटखोरी में एसीबी की कार्रवाई, 5 हजार की रिश्वत लेते रोजगार सेवक गिरफ्तार एबीएन न्यूज नेटवर्क, इटखोरी। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए इटखोरी प्रखंड के रोजगार सेवक उमेश कुमार को रोजगार सेवक उमेश कुमार को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। उमेश कुमार चतरा जिले के चोर मोहल्ला का निवासी है और इटखोरी प्रखंड के नवादा पंचायत में रोजगार सेवक के रूप में कार्यरत था। नवादा पंचायत के नरचा कला गांव के बिनोद सिंह ने एसीबी से शिकायत की थी कि उनके परिवार के नाम से मनरेगा के तहत मेड़बंदी का काम स्वीकृत हुआ था। जब उन्होंने मजदूरी भुगतान के लिए संपर्क किया, तो रोजगार सेवक ने 26,000 रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायत की जांच के बाद एसीबी ने जाल बिछाया और उमेश कुमार को इटखोरी हाई स्कूल के पास महराजा फर्नीचर दुकान में 5 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।गिरफ्तारी के बाद आरोपी को हजारीबाग ले जाया गया, जहां उससे पूछताछ जारी है। इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। उमेश कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

लोहरदगा : छह लोगों को आजीवन कारावास
Published / 2025-03-27 11:44:46
लोहरदगा : छह लोगों को आजीवन कारावास

अंधविश्वास के नाम पर हुई थी दो लोगों की हत्याएबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। साल 2015 में अंधविश्वास के नाम पर हुई दो लोगों की हत्या मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है। इस मामले में 6 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही इन पर जुर्माना भी लगाया गया है। मामले को लेकर दो अलग-अलग ट्रायल चले, जिसमें एक सेशन ट्रायल में 5 और दूसरे सेशन ट्रायल में एक आरोपी को सजा हुई है।9 साल बाद आया फैसलादरअसल, अंधविश्वास, डायन-बिसाही के नाम पर दो लोगों की बर्बरता पूर्वक पीट-पीटकर हत्या मामले में अदालत में छह लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जबकि 11 आरोपियों को बरी किया गया है। आरोपितों को जुर्माना भी लगाया गया है। एडीजे टू नीरजा आशरी की अदालत ने फैसला सुनाया है। मामले में अपर लोक अभियोजक सुमन कुमार ने दलीलें पेश की। फिलहाल सभी जेल में हैं। मामला लोहरदगा जिला के कैरो थाना क्षेत्र का है। यह घटना 14 अगस्त 2015 की है।इस घटना में लोहरदगा जिला के कैरो थाना क्षेत्र के हुदू निवासी बुधराम भगत और मन्ना मुंडा की ग्रामीणों ने ओझा-गुणी का आरोप लगाकर पीट पीटकर हत्या कर दी थी। गांव में एक बच्चा अक्सर बीमार रहता था। इस बात को लेकर बच्चे के परिजन एक ओझा के पास गए।ओझा ने दो लोगों के नाम बताए थे। जिसके बाद बच्चे की मौत हो गई थी। इसके बाद ग्रामीणों ने बुधराम और मन्ना मुंडा को पकड़कर एक स्थान पर ले जाकर पीट पीटकर हत्या कर दी थी। मामले को लेकर स्वर्गीय बुधराम भगत के बेटे जतन भगत के बयान पर कैरो थाना में अपराध संख्या 30/2015 दर्ज किया गया था।

1 मई से एटीएम से पैसे की निकासी पर जेब होगी ढीली
Published / 2025-03-25 20:46:32
1 मई से एटीएम से पैसे की निकासी पर जेब होगी ढीली

एबीएन सेंट्रल डेस्क। 1 मई से एटीएम से पैसे निकालना महंगा हो जायेगा, क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एटीएम इंटरचेंज फीस बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इससे होम बैंक नेटवर्क के बाहर अगर आप एटीम एटीएम से पैसे निकालते हैं या बैलेंस चेक करते हैं, तो आपको पहले से ज्यादा फीस चुकानी पड़ेगी। एटीएम चार्ज में कितनी बढ़ोतरी होगी पहले जब आप अपने होम बैंक के एटीएम की जगह दूसरे बैंक के एटीएम से पैसे निकालते थे तो आपको 17 रुपये देने होते थे, जो कि अब 19 रुपये हो गये हैं। अब, दूसरे बैंक के एटीएम से पैसे निकालने पर आपको 17 रुपये की जगह 19 रुपये देने होंगे। बैलेंस चेक करने पर 6 रुपये की जगह अब 7 रुपये देना होगा। दूसरे बैंक के एटीएम से ट्रांजेक्शन फीस तभी वसूली जायेगी। जब आप फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट को पार कर देंगे। मेट्रो शहरों में दूसरे बैंक के एटीएम से 5 फ्री ट्रांजैक्शन मिलेंगे, जबकि नॉन-मेट्रो शहरों में 3 ट्रांजैक्शन फ्री होंगे।व्हाइट लेबल एटीएमछोटे शहरों और गांवों में व्हाइट लेबल एटीएम लगाए गए हैं, जिनमें किसी बैंक का बोर्ड नहीं होता। इन एटीएम से पैसे निकालने के साथ ही अन्य सेवाएं भी उपलब्ध हैं। साथ में बिल पेमेंट, मिनी स्टेटमेंट, चेक बुक रिक्वेस्ट, कैश डिपॉजिट जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। फइक का यह फैसला व्हाइट लेबल एटीएम आॅपरेटरों की बढ़ती लागत के कारण लिया गया है।

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।

विज्ञापन

© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.

कुल पाठक (Total Visitors): 47,281