एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर (पलामू)। झारखंड अधिविद्य परिषद, रांची द्वारा वार्षिक माध्यमिक परीक्षा एवं वार्षिक इंटरमीडिएट परीक्षा, 2025 का आयोजन 11 फरवरी से 3 मार्च 2025 तक संचालित होगी। माध्यमिक परीक्षा में 34665 एवं इंटरमीडिएट कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकायों की परीक्षा में 32597 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे। इस प्रकार दोनों परीक्षाओं में 67262 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे।
माध्यमिक परीक्षा के लिए पलामू जिले में 76 परीक्षा केंद्र निर्धारित किये गये हैं। वहीं इंटर परीक्षा के लिए 40 परीक्षा केंद्र बनाये गये हैं। निष्पक्ष, शांतिपूर्ण व कदाचारमुक्त परीक्षा संचालन को लेकर आज समाहरणालय सभागार में नगर आयुक्त जावेद हुसैन एवं उप विकास आयुक्त एवं अन्य वरीय पदाधिकारियों ने सभी उड़नदस्ता-सह गश्ती दंडाधिकारी, स्टैटिक दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, उड़नदस्ता एवं गस्ती दल पदाधिकारी केंद्राधीक्षक एवं प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों के साथ बैठक की।
बैठक में परीक्षा से जुड़े सभी पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन निष्ठा एवं सजगतापूर्वक करने का निदेष दिया गया। नगर आयुक्त एवं उप विकास आयुक्त ने कहा कि परीक्षाओं का संचालन निष्पक्ष, शांतिपूर्ण व कदाचारमुक्त संपन्न कराना सभी की जिम्मेवारी है। परीक्षा के सफल संचालन हेतु झारखंड परीक्षा संचालन अधिनियम, 2001 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन करना सुनिश्चित करें। उन्होंने परीक्षा से जुड़े सभी पदाधिकारियों को आपसी समन्वय एवं समय प्रबंधन के साथ कार्य करने का निदश दिया।
केंद्राधीक्षकों को परीक्षा केन्द्र में सीसीटीव इंस्टॉल करने के सख्त निदेश दिये गये। साथ ही परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षार्थियों के लिए पीने के शुद्ध पानी, रनिंग वाटरयुक्त छात्र एवं छात्राओं के लिए शौचालय, परीक्षा कक्ष में पर्याप्त प्रकाश व्यस्था, पर्याप्त फर्नीचर (बेंच-डेस्क) आदि आवश्यक बुनियादी सुविधाएं बहाल रखने का निर्देश दिया। वहीं आवंटित रौल नंबर-रौल कोड के अनुरूप परीक्षार्थियों के लिए सिटिंग आर्गुमेंट करने का निदेश दिया। परीक्षा को लेकर परीक्षा केन्द्रों पर निषेधाज्ञा लागू की गई है।
परीक्षा केन्द्रों के 100 मीटर की परिधि में परीक्षा की तिथि को परीक्षा के दौरान निषेधाज्ञा लागू रहेगी। निषेधाज्ञा परीक्षा केंद्रों पर निर्धारित तिथि को ही लागू होगा। परीक्षा से संबंधित व्यक्तियों के अलावें अन्य किसी की उपस्थिति निषेध रहेगा। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष, शांतिपूर्ण व कदाचारमुक्त परीक्षा संचालन की जिम्मेवारी केंद्राधीक्षक को है। कोई अव्यवस्था नहीं हो, इसके लिए लिए सर्तकता बरतें।
किसी परीक्षार्थी की परीक्षा बाधित नहीं हो या परीक्षा देने से वंचित नहीं रहे, इसका पूरे तत्परता के साथ ध्यान रखी जाये। परीक्षा में लगाये गये वीक्षकों को केन्द्राधीक्षकों द्वारा परिचय पत्र जारी करने का निदेष दिया गया, ताकि उनका पहचान हो सके। इससे परीक्षा केंद्र में अनावश्यक रूप से किसी अन्य व्यक्तियों के प्रवेश को रोकने में मदद मिलेगी।
बैठक का संचालन एवं विषय प्रवेश जिला शिक्षा पदाधिकारी ने किया। मौके पर अपर समाहर्ता कुंदन कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सिविल सर्जन, कोषागार पदाधिकारी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला जिला शिक्षा अधीक्षक आदि उपस्थित थे।
माध्यमिक परीक्षा प्रथम पाली में 9:45 बजे पूर्वाहन से 1 बजे अपराह्न तक होगी और इंटरमीडिएट परीक्षा (कला, विज्ञान एवं वाणिज्य) की परीक्षा 2 बजे अपराह्न से 5:15 बजे अपराह्न तक आयोजित होगी। 11 फरवरी 2025 से शुरू होकर दोनों परीक्षाएं 3 मार्च तक चलेगी।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में झारखंड अधिविद्य परिषद के अध्यक्ष डॉ नटवा हांसदा ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री से यह उनकी शिष्टाचार भेंट थी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर (पलामू)। मनरेगा महत्वकांक्षी योजना है। इससे समाज के लोगों को उनके घर पर ही काम करने का अवसर प्राप्त होता है। मनरेगा के कार्यों को आगे बढ़ाने में सभी का सहयोग अपेक्षित है। यह बातें जिला परिषद अध्यक्ष प्रतिमा देवी ने कही। वे आज मनरेगा सप्ताह के अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। समाहणालय के ब्लॉक-सी स्थित सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मनरेगा के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मनित किया गया।
इस अवसर पर महिला मेठ सहित 100 मानव दिवस सृजन करने वाले श्रमिकों, वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रखंड स्तर पर मानव दिवस सृजन कर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, पंचायत स्तर पर मानव दिवस सृजन कर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले रोजगार सेवक, सबसे ज्यादा बागवानी योजना को आनगोइंग करने वाले प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले बागवानी सखी को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त शब्बीर अहमद ने कहा कि मनरेगा कार्यक्रमों से समाज में सकारात्मक बदालाव आ रहे हैं। ग्रामीणों क्षेत्रों में रहन-सहन भी बदले हैं। यह सरकार की महत्वपूर्ण योजना है, जिसका सीधा लाभ ग्रामीण क्षेत्र में रह रहे लोगों को मिल रहा है। मनरेगा के तहत हर हाथ को काम देने की कोषिष की गयी है। इसके प्रावधानों के अनुसार 100 दिनों का रोजगार, महिलाओं की भागीदारी, ससमय मजदूरी भुगतान कर योजनाओं को क्रायान्वित कराया जा रहा है।
निदेशक, जिला ग्रामीण विकास शाखा, पलामू, रतन कुमार ने मनरेगा सप्ताह के आयोजन एवं उसके प्रमुख उद्देष्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मनरेगा सप्ताह के माध्यम से मनरेगा में जन भागीदारी एवं लोगों को जानकारी देना है। मनरेगा रोजगार उन्मुख कार्यक्रम है। उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किये जाने से मनरेगा में अधिक-से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चत हो सकेगी।
मनरेगा लोकपाल शंकर कुमार ने कहा कि मनरेगा के तहत ग्राम-पंचायत स्तर पर अच्छे कार्य हो रहे हैं। मनरेगा संबंधी विभिन्न कार्यो से गांव-पंचायत के लोग सीधे जुड़े हैं, इससे उनका आर्थिक समृद्धि आयी है। उन्होंने मनरेगा में सजगता पूर्वक कार्य करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कार्य में शिकायत मिलने की स्थिति में उसका निराकरण करते हुए गुणात्मक कार्य पूर्ण कराने की दिशा में पहल की जाते रही है।
कार्यक्रम में जिला पंचायत राज पदाधिकारी पलामू विनय कुमार श्रीवास्तव, परियोजना पदाधिकारी उपेन्द्र राम, कार्यालय प्रबंधक धनंजय कुमार, तकनीकी सहायक संजीत कुमार सिंह, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, रोजगार सेवक, महिला मेठ, बागवानी सखी, श्रमिक आदि उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन ने आज यानी गुरुवार को कोलकाता स्थित कालीघाट शक्तिपीठ मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पत्नी संग मंदिर की परिक्रमा कर राज्य की उन्नति, सुख समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
इस दौरान सीएम के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार भी मौजूद थे। बता दें कि बीते बुधवार को सीएम हेमंत कोलकाता पहुंचे थे। यहां वह आयोजित बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट- 2025 के आठवें संस्करण के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए थे। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कोलकाता में 5 और 6 फरवरी को आयोजित हो रहे बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया था।
बता दें कि कालीघाट शक्तिपीठ, जिसे दक्षिण काली मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह कोलकाता के सबसे प्रतिष्ठित और प्राचीन धार्मिक स्थलों में से एक है। यह मंदिर देवी काली को समर्पित है, जहां माता सती के दाहिने पैर का अंगूठा गिरने का उल्लेख है। मंदिर में स्थापित देवी काली की प्रचंड प्रतिमा उनकी शक्ति और भक्ति का प्रतीक है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर (पलामू)। राजकीय आदिवासी विकास महाकुंभ मेला-2025 का आयोजन 11 एवं 12 फरवरी को दुबियाखांड़ में होगा। पलामू जिला प्रशासन इस दो दिवसीय आयोजन को वृहद रूप देने के प्रयास में जुटी है। मेले में जनजातीय विकास की थीम पर समृद्ध जनजातीय संस्कृति की झलक दिखाने की पूरी तैयारी की जा रही है। आदिवासी विकास महाकुंभ मेला में जहां कई जनजातीय सेलिब्रिटी जुटेंगे, वहीं जनजातीय विषयों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि का आयोजन होगा।
मेला में जनजातीय वाद्य यंत्रों की गूंज सुनाई देगी। वहीं पारंपारिक वेशभूषा में स्थानीय कलाकार एवं समाज के दूसरे प्रदेशों में निवास कर रहे जनजातीय कलाकार ढोल, नगाड़ा व मांदर की थाप पर थिरकते नजर आयेंगे। राजकीय आदिवासी विकास महाकुंभ मेला के सफल संचालन को लेकर आज मेदिनीनगर नगर निगम के नगर आयुक्त जावेद हुसैन की अध्यक्षता में बैठक हुई। समाहरणालय सभागार में आयोजित बैठक में मुख्य रूप से वन प्रमंडल पदाधिकारी सत्यम कुमार एवं उपविकास आयुक्त शब्बीर अहमद भी थे।
राजकीय आदिवासी विकास महाकुंभ मेला परिसर में जिला प्रशासन की ओर से वृहद तैयारी प्रारंभ कर दी गयी है। मेला परिसर में 40 से अधिक स्टॉल लगाये जा रहे हैं। यहां जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों को स्टॉल आवंटित किये जायेंगे, जहां सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एवं लाभ सीधे लाभुक वर्ग को मिलेगी। मेला में आमजनों को चिकित्सकीय सुविधा पहुंचाते हुए स्वास्थ्य लाभ दिया जायेगा। इसके लिए मेला में स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्टॉल लगाकर लोगों की स्वास्थ्य जांच की जायेगी।
वहीं जरूरतमंद व्यक्तियों को आवश्यक दवाइयां भी उपलब्ध करायी जायेगी। आई आन विल्स के माध्यम से जरूरतमंदों का नेत्र जांच भी की जायेगी। सामाज कल्याण विभाग की ओर से महिलाओं को गोद भराई एवं बच्चों का अन्नप्राशन की रस्में पूरी की जायेगी। छात्राओं को सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का स्वीकृति पत्र प्रदान किये जायेंगे। साथ ही जरूरतमंद व्यक्तियों को आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कराते हुए सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से आच्छादित किये जाने की रूपरेखा तय की जा रही है।
मेला आयोजन को लेकर यातायात प्रबंधन, विधि व्यवस्था संधारण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यातायात प्रबंधन की ऐसी रणनीति तैयार की जा रही है, जिससे राहगीरों को किसी तरह की कोई कठिनाई नहीं हो और न ही मेला में आने वाले आगंतुकों को किसी तरह की कोई असुविधा हो। मेला में आने वाले आगंतुकों को पेयजल सुविधा के लिए मेला परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में अवस्थित चापानलों को दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है। मेला के सफल आयोजन में एनसीसी तथा स्काउट एंड गाइड के वोलेंटियर के अलावा मेला आयोजन समिति के वोलेंटियर एवं पुलिस बल लगाये जायेंगे। साथ ही बैरिकेडिंग की जायेगी तथा स्थल चिह्नित करते हुए पार्किंग की पर्याप्त सुविधा मुहैया करायी जायेगी।
बैठक में सिविल सर्जन डॉ अनिल सिंह, एनडीसी विक्रम आनंद, जिला कल्याण पदाधिकारी सेवा राम साहू, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान, सदर अंचल अधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी एवं मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष अर्जुन सिंह, सचिव हृदयानंद सिंह, उमेश सिंह, भर्दुल कुमार सिंह, अवधेश सिंह चेरो, रविन्द्र सिंह चेरो, उपाध्याय सिंह रामटहल मिस्त्री आदि उपस्थित थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। दुनियाभर के देश डेटा सेफ्टी को लेकर तमाम तरह के कदम उठा रहे हैं। दुनिया जब एआई में एंट्री कर चुकी है तो ऐसे में देश के डेटा को सेफ रख पाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। भारत सरकार ने डेटा सुरक्षा के महत्व को समझते हुए फाइनेंस मिनिस्ट्री के कर्मचारियों को चैटजीपीटी और डीपसीक जैसे एआई टूल्स का उपयोग से मना किया है।
फाइनेंस मिनिस्ट्री द्वारा जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि इन टूल्स का इस्तेमाल सरकारी दस्तावेजों और संवेदनशील डेटा की गोपनीयता में सेंध लगा सकता है। वित्त मंत्रालय की यह एडवाइजरी 29 जनवरी को जारी की गयी है। वित्त मंत्रालय के कर्मचारियों को सरकारी सिस्टम और उपकरणों पर एआई आधारित ऐप्स के उपयोग से बचने की सलाह दी गयी है।
वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि भी की है। उनका कहना है कि यह निर्देश वास्तविक है और हाल ही में जारी किया गया था। इसी बीच, भारत अपने स्वदेशी एआई मॉडल विकसित करने की योजना बना रहा है। बता दें कि डीपसीक को आॅस्ट्रेलिया, इटली और नीदरलैंड में भी गोपनीयता चिंताओं के कारण प्रतिबंधित किया गया है।
टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने आम लोगों से स्टार्टअप आइडिया आमंत्रित किये हैं। चार फरवरी से यूआरएल http://abvil.jharkhand.gov.in पर जाकर स्टार्टअप आइडिया दिया जा सकता है। स्टेट इवैल्यूएशन बोर्ड की बैठक बुलाकर स्टार्टअप आइडिया का चयन किया जायेगा। चयनित आइडिया पर स्टार्टअप शुरू करने के लिए राज्य सरकार मदद देगी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर तैयार की गयी झारखंड स्टार्टअप नीति को कैबिनेट ने दिसंबर 2023 में स्वीकृति दी थी। नीति के संचालन और क्रियान्वयन के लिए एबीवीआइएल का गठन कंपनीज एक्ट 2013 के तहत सेक्शन 8 के रूप में किया गया है। इस एजेंसी का कार्य राज्य में स्टार्टअप का चयन करना और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर अगले तीन वर्षों के दौरान राज्य में एक हजार स्टार्टअप विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। सूचना तकनीक और ई-गवर्नेंस विभाग राज्य में स्टार्टअप के अनुकूल इकोसिस्टम तैयार कर देश के अग्रणी 10 राज्यों में झारखंड को शामिल करने का प्रयास कर रहा है।
टीम एबीएन, पलामू/ रांची। केन्द्र सरकार के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (बीबीबीपी) अभियान के तहत झारखंड के पलामू जिले में प्रशासन और समाज कल्याण कार्यालय की ओर से शुरू किये गये 100 दिन संकल्प अभियान के तहत विभिन्न विषयों पर 70 से अधिक जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए गए जिनमें विभिन्न आय वर्ग के लाखों लोगों को जोड़ा गया।
केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की सोमवार को जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि बीबीबीपी की 10वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में पलामू जिले में किशोरियों और महिलाओं, खास तौर पर ग्रामीण समुदायों को प्रभावित करने वाली सामाजिक चुनौतियों से निपटने के लिये विशेष अभियान चलाया गया। विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह अभियान महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केन्द्रित था।
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