एबीएन सेंट्रल डेस्क। पांच देशों के राजदूतों और उच्चायुक्तों ने सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को अपने परिचय पत्र पेश किये। राष्ट्रपति सचिवालय ने बताया है कि राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में कंबोडिया, मालदीव, सोमालिया, क्यूबा और नेपाल के राजदूतों तथा उच्चायुक्तों ने अपने परिचय पत्र राष्ट्रपति को सौंपे।
परिचय पत्र प्रस्तुत करने वाले राजनयिकों में कंबोडिया की राजदूत रथ मैनी, मालदीव की उच्चायुक्त सुश्री ऐशथ अजीमा, सोमालिया के राजदूत डॉ अब्दुल्लाही मोहम्मद ओडोवा, क्यूबा के राजदूत जुआन कार्लोस मार्सन एगुइलेरा और नेपाल के राजदूत डॉ. शंकर प्रसाद शर्मा शामिल हैं।
टीम एबीएन, रांची। 38वें राष्ट्रीय खेलों में झारखंड को 25 पदक मिले हैं। वहीं, इस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर खेल एवं युवा कार्य निदेशालय, झारखंड के पोस्ट को साझा किया और खिलाड़ियों को बधाई दी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड के खिलाड़ियों की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया और उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड सरकार खेलों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और खिलाड़ियों को हर संभव समर्थन प्रदान करेगी। वहीं, बता दें कि 28 जनवरी से 14 फरवरी तक उत्तराखंड के देहरादून में आयोजित 38वें नेशनल गेम्स में झारखंड ने 7 स्वर्ण, 6 रजत और 12 कांस्य सहित कुल 25 पदक जीते।
झारखंड ने लॉन बॉल में सर्वाधिक 5 स्वर्ण पदक जीते। तीरंदाजी में भी 2 स्वर्ण पदक मिला। तैराकी, वुशु और हॉकी में रजत पदक मिला। गौरतलब है कि गोवा में आयोजित 37वें नेशनल गेम्स में भी झारखंड ने 25 पदक ही जीते थे। नेशनल गेम्स में झारखंड की लॉन बॉल टीम ने 5 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य सहित कुल 9 पदक जीते। तीरंदाजी में 2 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य मिलाकर 6 पदक जीते।
मॉडर्न पेंटाथलन में झारखंड के खिलाड़ियों ने 1 रजत और 3 कांस्य पदक जीता। वुशु में 1 रजत और 2 कांस्य सहित कुल 3 पदक मिला। तैराकी में 2 कांस्य और महिला हॉकी में टीम को कांस्य पदक मिला। झारखंड के लिए लॉन बॉल स्पर्धा में लवली चौबे, रूपा रानी तिर्की, कविता कुमारी और रेशमा कुमारी ने पदक जीता। लॉन बॉल अंडर-25 में बसंती कुमारी ने पदक जीता। लॉन बॉल पुरुष डबल्स में झारखंड के दिनेश कुमार और सुनील बहादुर को पदक मिला।
लॉन बॉल पुरुष फोर्स स्पर्धा में अभिषेक लकड़ा, वसीम अकरम, आलोक लकड़ा और दिनेश कुमार ने पदक जीता। पुरुष सिंगल्स में सुनील बहादुर ने पदक जीता। तीरंदाजी महिला एकल में पूर्व विश्व चैंपियन दीपिका कुमारी विजेता रहीं। तीरंदाजी पुरुष रिकर्व टीम स्पर्धा में गोल्डी मिश्रा, बिष्णु चौधरी, श्रेय भारद्वाज और गुरु चरण बेसरा ने पदक जीता। इन खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया।
टीम एबीएन, रांची। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने दो दिवसीय दौरे पर झारखंड आ रही हैं। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए राजधानी रांची की ट्रैफिक व्यवस्था में व्यापक बदलाव किये गये हैं। इस संबंध में रांची के ट्रैफिक एसपी कैलाश करमाली ने आदेश जारी किया है। मैट्रिक परीक्षार्थियों और हवाई यात्रियों के लिए भी विशेष निर्देश जारी किये गये हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के रांची आगमन को लेकर रांची की यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। रांची के ट्रैफिक एसपी की ओर से जारी आदेश के अनुसार 14 फरवरी को सुबह 8 से रात 10 बजे तक शहर में बड़े वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा। 14 फरवरी को दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक शहर में छोटे मालवाहक वाहनों का प्रवेश भी वर्जित किया गया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। 2020 में भारत सरकार ने जब 267 चीनी ऐप्स पर बैन लगाया था, तब लगा था कि ये हमेशा के लिए गये। लेकिन 2025 आते-आते ये ऐप्स नये नाम, नये अवतार में फिर से लौट आये हैं।
गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर पर कम से कम 36 ऐसे ऐप्स फिर से उपलब्ध हैं, जो पहले बैन हो चुके थे। इनमें से कुछ ने सिर्फ नाम बदल लिया, तो कुछ ने मालिकाना हक में बदलाव दिखाकर वापसी की।
अब ये ऐप्स सीधे चीन से नहीं, बल्कि दूसरे देशों की कंपनियों के नाम से भारत में लिस्ट हो रहे हैं। सिंगापुर, वियतनाम, दक्षिण कोरिया, सेशेल्स, जापान और बांग्लादेश जैसी जगहों पर रजिस्ट्रेशन दिखाकर ये स्टोर्स में वापस आ गये हैं।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में डिलीवरी बॉय, कैब ड्राइवरों के लिए एक खुशखबरी है। दरअसल, झारखंड सरकार आनलाइन कंपनियों से जुड़े गिग कर्मियों को कानूनी संरक्षण देने जा रही है। इससे संबंधित विधेयक का ड्राफ्ट राज्य सरकार के श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग ने तैयार कर लिया है।
इसे विधि और वित्त विभाग की सहमति मिलने के बाद कैबिनेट से मंजूर कराया जायेगा। जिसके बाद 24 फरवरी से शुरू होने वाले झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में पेश किया जायेगा। बता दें कि इस विधेयक का नाम द झारखंड प्लेटफॉर्म बेस्ड गिग वर्कर्स (रजिस्ट्रेशन एंड वेलफेयर) बिल रखा गया है।
इस विधेयक में ऐसे प्रावधान किये जा रहे हैं, जिससे आनलाइन कंपनियों से जुड़े गिग वर्कर्स यानी कि फूड डिलीवरी बॉय, ई-कॉमर्स कंपनियों के डिलीवरी ब्वॉय व कैब ड्राइवरों को न्यूनतम वेतन, बीमा, स्टाइपेंड और अन्य प्रकार की सामाजिक सुरक्षा हासिल हो सके।
बताया जा रहा है कि पूरे झारखंड के विभिन्न जिलों में लगभग 12 लाख लोग का ऐसे कामों में लगे होने का अनुमान हैं। गिग वर्कर्स के मामलों की सुनवाई के लिए झारखंड प्लेटफॉर्म बेस्ड गिग वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड का गठन किया जायेगा। गौरतलब हो कि इस विधेयक का प्रस्तावित ड्राफ्ट पिछले साल जुलाई महीने में ही प्रकाशित किया था, जिसपर सरकार ने नियोजक कंपनियों, गिग वर्कर्स और आम लोगों से सुझाव मांगे थे।
टीम एबीएन, रांची। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 14 फरवरी को रांची आ रही हैं। वह बीआईटी मेसरा के हीरक जयंती समारोह में 15 फरवरी को शामिल होंगी। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर सुरक्षा के लिए रांची पुलिस ने चाक-चौबंद व्यवस्था की है। राष्ट्रपति एयरपोर्ट से सीधे राजभवन जायेंगी। राष्ट्रपति की सुरक्षा तीन लेयर में होगी। उनकी सुरक्षा में 1000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया जायेगा।
सुरक्षा में 10 आइपीएस अधिकारी की भी तैनाती होगी। 14 व 15 फरवरी को ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया जायेगा। 14 फरवरी को राष्ट्रपति एयरपोर्ट से हरमू बाइपास होकर राजभवन पहुंचेंगी। इस दौरान आधा से एक घंटा पहले ट्रैफिक रोक दिया जायेगा। राष्ट्रपति का काफिला जैसे-जैसे आगे बढ़ता जायेगा, ट्रैफिक को उसी हिसाब से खोल दिया जायेगा।
ट्रैफिक रोकने के लिए कई जगह बैरिकेडिंग भी की जायेगी। कई जगह ड्रॉप गेट बनाये जायेंगे। ट्रैफिक संभालने के लिए ट्रैफिक डीएसपी, इंस्पेक्टर व पुलिसकर्मियों को हर रोड में तैनात किया जायेगा। उनकी सुरक्षा को लेकर डीआइजी सह एसएसपी, सिटी एसपी, ग्रामीण एसपी, ट्रैफिक एसपी, एएसपी सीसीआर सहित 10 आइपीएस, 20 से अधिक डीएसपी और काफी संख्या में जिला बल, स्पेशल ब्रांच के इंस्पेक्टर भी लगाये जायेंगे।
सुरक्षा में रांची पुलिस के अलावा अर्द्धसैनिक बल, सेना के जवान की भी तैनाती रहेंगे। रांची पुलिस, रैपिड एक्शन पुलिस, जैप, इको, जिला बल की लाठी पार्टी तैनात रहेगी। ऊंची इमारतों से भी सुरक्षाकर्मी निगहबानी में लगे रहेंगे। साथ ही स्पेशल ब्रांच के पुलिसकर्मी सादे लिबास में विभिन्न इलाकों में तैनात रहेंगे। सेना के जवान भी अपने स्तर से जगह-जगह तैनात रहेंगे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर (पलामू)। झारखंड अधिविद्य परिषद, रांची द्वारा वार्षिक माध्यमिक परीक्षा एवं वार्षिक इंटरमीडिएट परीक्षा 11 फरवरी से 3 मार्च 2025 तक संचालित होगी। उपायुक्त शषि रंजन के निदेश पर कदाचार मुक्त परीक्षा की सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। परीक्षा को लेकर पलामू जिला प्रशासन सजग है। प्रशासन की ओर से सर्तकता बरती जा रही है, ताकि किसी को कदाचार का मौका नहीं मिले।
उपायुक्त ने सभी को निषेधाज्ञा का पालन करने की बातें कही है। इसका उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने परीक्षार्थियों को सुझाव दिया है कि यह परीक्षा उनके लिए महत्वपूर्ण है। कदाचार पर बिल्कुल ही ध्यान नहीं दें। सवालों को ध्यान से पढ़कर उत्तर दें। साफ-सुथरा लिखावट पर परीक्षार्थियों को अच्छे अंक प्राप्त होंगे। परीक्षा की घड़ी में घबरायें नहीं, आत्मविश्वास के साथ उतर लिखें।
परीक्षा में तनाव से मुक्त करने के लिए माध्यमिक परीक्षा एवं इंटरमीडिएट परीक्षा के प्रश्न पत्र अवलोकन हेतु 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया जा रहा है। उपायुक्त ने परीक्षा के सफल संचालन हेतु झारखंड परीक्षा संचालन अधिनियम, 2001 के प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन करने एवं परीक्षा से जुड़े सभी पदाधिकारियों को आपसी समन्वय एवं समय प्रबंधन के साथ कार्य करने का निदेश दिया है।
उन्होंने कहा कि जिले में निष्पक्ष, शांतिपूर्ण व कदाचार मुक्त परीक्षा संचालन की तैयारी की गई है। परीक्षा संचालन को लेकर उड़नदस्ता-सह गश्ती दंडाधिकारी, स्टैटिक दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, उड़नदस्ता एवं गस्ती दल पदाधिकारी सहित अन्य वरीय पदाधिकारियों को लगाया गया है। साथ ही जिला स्तर पर दो नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।
माध्यमिक परीक्षा में 34665 एवं इंटरमीडिएट कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकायों की परीक्षा में 32597 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे। इस प्रकार दोनों परीक्षाओं में 67262 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे। माध्यमिक परीक्षा के लिए पलामू जिले में 76 परीक्षा केंद्र निर्धारित किये गये हैं। वहीं इंटर परीक्षा के लिए 40 परीक्षा केंद्र बनाये गये हैं।
मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा के सफल संचालन हेतु दो स्थानों पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। अपर समाहार्ता के वेश्म में स्थापित नियंत्रण कक्ष के प्रभारी पदाधिकारी के रूप में जिला पंचायत राज पदाधिकारी विनय कुमार श्रीवास्तव होंगे। उनके सहयोग के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा अधीक्षक को प्रतिनियुक्त किया गया है। वहीं दो लिपिक लगाये गये हैं।
राजकीय संस्कृत उच्च विद्यालय के लिपिक लल्लू साव एवं स्तरोन्नत प्लस टू उच्च विद्यालय, नावाबाजार के लिपिक अभिषेक राजन को लगाया गया है। नियंत्रण कक्ष का दूरभाष संख्या-06562-228008 है। दूसरा नियंत्रण कक्ष जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय वेश्म में परीक्षा नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इमसें पदाधिकारी एवं कर्मियों की प्रतिनियुक्त कर दी गई है।
डीईओ आफिस में स्थापित नियंत्रण कक्ष के प्रभारी जिला शिक्षा पदाधिकारी सौरभ प्रकाश हैं। वहीं जिला शिक्षा अधीक्षक संदीप कुमार सहायक नियंत्रण प्रभारी हैं। इसके साथ ही अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी संजय कापरी, लिपिक अरूण कुमार गिरी एवं राही पासवान तथा कंप्यूटर आपरेटर राज कुमार विश्वकर्मा को प्रतिनियुक्त किया गया है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर/ पलामू। छतरपुर अनुमंडल क्षेत्र में निर्धारित मानकों के विरुद्ध संचालित तीन निजी स्वास्थ्य संस्थानों पर प्रशासन की बड़ी का कार्रवाई हुई है। उपायुक्त सह पीसी एंड पीएनडीटी के अध्यक्ष शशि रंजन के निदेश पर छतरपुर अनुमंडल पदाधिकारी आशीष गंगवार के नेतृत्व में स्वास्थ्य मानकों पर खरा नहीं उतरने वाले स्वास्थ्य संस्थानों में छापेमारी की गई। छतरपुर के सरईडीह रोड में संचालित तीन संस्थान वर्मा हॉस्पीटल, मां ललिता हॉस्पीटल एवं खुशी अल्ट्रासाउण्ड में छापेमारी में कई तथ्य उजागर हुए हैं।
तीनों संस्थानों के संचालकों के विरूद्ध उपाधीक्षक-सह-छतरपुर अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने शो-कॉज किया है। इन्हें 48 घंटे के अंदर विस्तृत स्पष्टीकरण समर्पित करने का निदेश दिया गया है। स्पष्टीकरण असंतोजनक/अप्राप्त रहने की स्थिति में कठोर कार्रवाई हेतु उच्चाधिकारियों को प्रतिवेदित किया जायेगा। छापेमारी सह औचक निरीक्षण में अनुमंडल पदाधिकारी आशीष गंगवार सहित छतरपुर के अंचल अधिकारी एवं उपाधीक्षक सह छतरपुर अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी शामिल रहे।
उपायुक्त शशि रंजन के निदेश पर पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत प्रशासन की कार्रवाई जारी रहेगी। उपायुक्त ने कहा कि पलामू वासियों को समयबद्धता के साथ बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के दिशा में प्रशासन निरंतर कार्य कर रही है। स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दास्त नहीं की जाये। जिले में बिना निबंधन एवं निबंधन वैद्यता समाप्त पाये जाने वाले हॉस्पीटल एवं अन्य संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी।
वर्मा हॉस्पीटल के छापेमारी सह औचक निरीक्षण में कई त्रुटियां पाई गई। अस्पताल का निबंधन वैद्यता समाप्त पाई गयी। वहीं अयोग्य व्यक्ति के द्वारा मरीजों का आपरेशन किया जा रहा था। बीडीएस डॉ सुनिल वर्मा (दांत के डॉक्टर) के द्वारा मरीजों का आॅपरेशन किया जा रहा था। वहीं आॅपरेशन के पूर्व मरीजों से लिए जाने वाले घोषणा पत्र तथा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों का संधारण लगभग न के बराबर किया जा रहा था। इतना ही नहीं निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कोई भी रजिस्टर्ड डॉक्टर नहीं पाये गये। जांच से स्पष्ट हुआ कि अस्पताल का संचालन बिना वैध दस्तावेज तथा रजिस्टर्ड डॉक्टर के किया जा रहा है। साथ ही बिना योग्य डॉक्टर के मरीजों का आपरेशन करते हुए आवश्यक दस्तावेजों का संधारण भी नहीं किया जा रहा है।
पदाधिकारियों द्वारा मॉ ललिता हॉस्पीटल के औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल का निबंधन वैद्यता समाप्त पाई गयी। साथ ही भर्ती मरीजों से संबंधित दस्तावेजों का संधारण सही ढंग से नहीं किया जा रहा था। वहीं पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत अल्ट्रासाउण्ड किये जाने वाले लाभार्थियों के दस्तावेजों का संधारण सही ढंग से नहीं किया गया था। अल्ट्रासाउंड से संबंधित चिकित्सक भी मौके पर उपलब्ध नहीं पाये गये। निरीक्षण के दौरान पाये गये उपरोक्त तथ्यों से स्पष्ट होता है कि अस्पताल का संचालन बिना वैध दस्तावेज का करते हुए आवश्यक दस्तावेजों का संधारण भी नहीं किया जा रहा है।
छतरपुर के सरईडीह रोड में ही स्थित खुशी अल्ट्रासाउंड के औचक निरीक्षण करने पहुंचे पदाधिकारियों को दूर से आते देख जांच केंद्र के कर्मीगण जल्दबाजी में केंद्र बंद कर गायब हो गये। साथ ही दूरभाष पर वापस आने के लिए कहने के बावजूद वापस नहीं आये। निरीक्षण के क्रम में ऐसी जानकारी मिली है कि अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र का न तो निबंधन है और न ही अहर्ता प्राप्त चिकित्सक जांच करते हैं।
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