टीम एबीएन, रांची। झारखंड में बिजली की दर में बढ़ोतरी हो सकती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिजली टैरिफ निर्धारित करने को लेकर कार्यवाही शुरू हो गयी है। जानकारी के मुताबिक जेबीवीनएल ने घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली की दरों में प्रति यूनिट दो रुपये बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। वर्तमान में शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं का बिजली दर 6.65 रुपये प्रति यूनिट है। दो रुपये बढ़ जाने से इसकी दर 8.65 रुपये हो जायेगी।
वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के बिजली उपभोक्ताओं की दर भी 6.30 से बढ़ाकर 8 रुपये करने का प्रस्ताव है। झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग बिजली टैरिफ पर जनसुनवाई की प्रक्रिया आरंभ करेगा। इसकी शुरूआत 19 मार्च को चाईबासा में होगा। इसके बाद 20 को धनबाद, 21 मार्च को देवघर, 24 मार्च को डाल्टेनगंज और 25 मार्च को रांची में जनसुनवाई होगी। 26 मार्च को राज्य विद्युत सलाहकार समिति की बैठक में टैरिफ पर सहमति ली जायेगी।
31 मार्च को नये टैरिफ की घोषणा संभव है, जो 1 अप्रैल 2025 से लागू हो जायेगी। बिजली टैरिफ के अलावा फिक्स्ड चार्ज भी 100 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 200 रुपये करने का प्रस्ताव है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों का फिक्सड चार्ज भी 75 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये करने का प्रस्ताव है।
इसके अलावा डीएस एचटी यानी कि आवासीय कॉलोनी या अपार्टमेंट का बिजली दर भी 6.25 रुपये प्रति यूनिट से बढ़ाकर 9.50 रुपये करने का प्रस्ताव है। वहीं, फिक्स्ड चार्ज 150 से बढ़ाकर 250 रुपये होगा। वहीं, कमर्शियल उपभोक्ताओं की दर में भी 4.90 प्रति यूनिट की दर से बढ़ेगा।
टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने झारखंड प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों को आरोप मुक्त किया है।
1. विवेक कुमार सुमन तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी जामा दुमका को आरोप मुक्त किया है।
इन पर जामा प्रखंड अंतर्गत पंचायत स्तर की योजनाओं का प्रखंड स्तर से एफ टी वो करने बिना कार्य करें कुल 973571.00 रुपए की राशि पंचायत एवं प्रखंड से निकासी करने मनरेगा एक्ट का खुलेआम उल्लंघन करने के साथ भ्रष्टाचार में संलिप्त रहकर अनुसूचित जाति के लोगों को प्रताड़ित कर स्वार्थवर्ष राशि का बंदरबाट करने से संबंधित आरोप था।
2. मोहम्मद प्रवेज़ तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी गढ़वा को भी आरोप मुक्त किया है।
मोहम्मद प्रवेज़ के विरुद्ध मनरेगा अंतर्गत संचालित योजनाओं का निरीक्षण/पर्यवेक्षण नहीं करने कुल नौ योजनाओं में फर्जी निकासी एवं सरकार को 830157.00 रुपए की राजस्व क्षति पहुंचाने के साथ-साथ अनियमितता बरतने का आरोप था।
इस संबंध में कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने संकल्प जारी किया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखण्ड सरकार की ओर से आज विधानसभा में बताया गया कि राज्य में जल जीवन मिशन के तहत कुल 34.23 लाख घरों को नल जल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है।
बीजेपी विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी के एक प्रश्न के उत्तर में मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सदन में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र से धनराशि का भुगतान न होने से परियोजना प्रभावित हो रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत अब तक 62,55,684 घरों के लक्ष्य के मुकाबले 34,23,562 घरों में नल का पानी उपलब्ध कराया है। उन्होंने कहा कि इस योजना की समयसीमा दिसंबर 2024 थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर दिसंबर 2028 कर दिया गया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमरनाथ यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। यात्रा का शेड्यूल जारी हो गया है। इस साल श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन 3 जुलाई से लेकर 9 अगस्त तक कर सकेंगे। इस पवित्र तीर्थयात्रा के लिए कुल अवधि 38 दिन निर्धारित की गई है। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की बैठक में ये फैसला लिया गया है। यात्रा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया जल्द शुरू होगी, जिससे श्रद्धालु समय रहते अपनी यात्रा की योजना बना सकें।
अमरनाथ श्राइन बोर्ड के चेयरमैन और जम्मू कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें जम्मू कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात, मुख्य सचिव अटल ढुल्लू सहित कई वरिष्ठ अफसरों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में अमरनाथ यात्रा की तैयारियों और उसके शेड्यूल पर चर्चा की गयी, जिसके बाद यात्रा की तारीख पर फाइनल मुहर लगी। ऐसे में अब श्रद्धालु 3 जुलाई से 9 अगस्त तक बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकेंगे।
हर साल अमरनाथ यात्रा 45 से 60 दिनों तक चलती थी। हालांकि इस बार ये अवधि थोड़ी कम है। पिछले साल 2024 में श्रद्धालुओं ने 29 जून से लेकर 19 अगस्त तक बाबा बर्फानी के दर्शन किये थे, लेकिन इस बार सिर्फ 38 दिनों तक ही अमरनाथ यात्रा चलेगी।
ये यात्रा रक्षाबंधन के दिन संपन्न होगी। अमरनाथ यात्रा को लेकर ट्रस्ट और सरकार की ओर से श्रद्धालुओं के लिए खास इंतजाम किए जाएंगे। सुरक्षा का खास ख्याल रखा जाएगा। उनके रहने की व्यवस्था की जायेगी। लंगर की भी सुविधा होगी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में निकोटिनयुक्त गुटखा और पान मसाला पर प्रतिबंध लगने के बाद से रांची जिला में अनुमंडल पदाधिकारी सदर, रांची के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और कोटपा 2003 के तहत जांच दल सघन छापामारी कर रही है।
कोतवाली थाना अंतर्गत अपर बाजार, महावीर चौक,मारवाड़ी कॉलेज एवं लेक रोड इत्यादि स्थानों पर सघन जांच अभियान चलाई गई जांच के दौरान कुल 22 प्रतिष्ठानों की जांच की गई जिसमें 7 दुकान खाद्य प्रतिष्ठान के थे।
जिनके खाद्य सामग्रियों जैसे मिठाई, पेड़ा लड्डू बुंदिया गाजा इत्यादि की जांच की गई एवं दुकानों को साफ सफाई का ध्यान रखने एवं और अखाद्य रंग का इस्तेमाल न करने सख्त चेतावनी दी गई। खाद्य लाइसेंस नहीं दिखाने पर तीन दुकानों को नोटिस दिया गया है । जिन दुकानों में कोटपा अधिनियम 2003 का उल्लंघन पाया गया उन दुकानदारों पर कोटपा अधिनियम के तहत कुल ₹1400 का जुर्माना लगाया गया।
इसके साथ ही, सभी खाद्य सामग्री बेचने वाली दुकानों को यह सख्त हिदायत दी गई कि वे निकोटिनयुक्त गुटखा और पान मसाला न बेचें। यदि किसी दुकान में इस प्रतिबंधित पदार्थ की बिक्री पाई गई तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस जांच अभियान में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी सुबीर रंजन, टोबैको कंट्रोल सेल के डिस्ट्रिक्ट कंसल्टेंट सुशांत कुमार, खाद्य सुरक्षा कार्यालय के कर्मी शिवनंदन यादव एवं सजल श्रीवास्तव साथ ही कोतवाली थाना के पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल शामिल थे। प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया कि इस तरह के निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे और होली त्यौहार को देखते हुए खाद्य सामग्रियों की जांच भी व्यापक पैमाने पर की जा रही है ताकि किसी प्रकार की मिलावट युक्त सामग्री की बिक्री न हो।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 1,45,400 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट पेश किया। वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए इसे अबुआ बजट करार दिया, जो झारखंड की जनता के समग्र विकास के लिए समर्पित है। यह बजट शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, ग्रामीण विकास और महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर देता है।
इस बजट में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी मईंया सम्मान योजना को 13,363 करोड़ 36 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत 18 से 50 वर्ष की महिलाओं को 2500 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जायेगी। वित्त मंत्री ने इसे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दूरदर्शी सोच का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं के भविष्य को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभायेगी।
वित्त मंत्री ने घोषणा की कि 22,023 करोड़ 33 लाख 85 हजार रुपये सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए आवंटित किये गये हैं, जिससे गरीब और वंचित वर्गों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा ग्रामीण विकास के लिए 9,000 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गयी है, जिससे गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और रोजगार सृजन में मदद मिलेगी।
अपने बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने झारखंड के हिस्से की 1,36,000 करोड़ रुपये की बकाया राशि का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि यह झारखंड के हक का पैसा है और हम इसे लेकर रहेंगे। हेमंत सरकार सत्ता में आने के बाद से लगातार केंद्र सरकार से इस राशि की मांग कर रही है, जिसे लेकर राजनीतिक तनाव भी बना हुआ है।
वित्त मंत्री ने झारखंड को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए 2029 तक 10 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था विकसित करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य में निवेश को बढ़ावा दिया जायेगा, स्थानीय संसाधनों का उपयोग किया जाएगा और पर्यटन, उद्योग और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में नई योजनाएं शुरू की जायेंगी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा में आज बजट पारित होने के बाद सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि जनता पर बिना किसी तरह का आर्थिक बोझ दिये हमने एक संतुलित बजट पेश किया है। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में विकास के लिए राशि का प्रावधान किया है और कोई भी क्षेत्र इससे अछूता नहीं है।
ये सबको जोड़ने वाला बजट है
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि हमने पिछली सरकार में विकास की गति को बनाये रखा और हमारा खर्च भी आगे बढ़ा है, लेकिन किसी तरह का बोझ किसी नागरिक पर नहीं डाला गया। सीएम ने कहा कि ये सबको जोड़ने वाला बजट है और जो इससे छूटेंगे उनको या उस क्षेत्र का आने वाले समय में जोड़ेंगे।
झारखंड एक पिछड़ा राज्य होते हुए भी अपनी वित्तीय व्यवस्थाओं को मजबूती प्रदान कर रहा है। सोरेन ने आगे कहा, मैंने किसी अखबार में पढ़ा है कि अपनी वित्तीय व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में हमारा राज्य देश में चौथे स्थान पर है। बता दें कि वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष 2025-2026 का 1,45, 000 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। बजट पेश के दौरान वित्त मंत्री ने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं का उल्लेख किया।
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने शिक्षा के क्षेत्र में कई बड़े ऐलान किये हैं। प्रदेश में शिक्षा में इनोवेशन हब बनेगा। जमशेदपुर, गुमला तथा साहिबगंज में नए विश्वविद्यालय की स्थापना की जायेगी। राजधानी रांची, खूंटी, गिरिडीह, जमशेदपुर, धनबाद, देवघर और जामताड़ा में मेडिकल कॉलेज की स्थापना होगी जमशेदपुर, पलामू, रांची, धनबाद और देवघर में स्कूल आॅफ बिजनेस एंड मास कम्युनिकेशन की स्थापना का प्रस्ताव।
झारखंड के बजट में पहली बार बाल बजट का ऐलान किया गया है। इसके लिए सरकार ने 9411.27 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के लिए 255 करोड़ रुपये का ऐलान किया है। फसल बीमा के लिए 350 करोड़, किसानों को कृषि यंत्रों के लिए 140 करोड़, कृषि उपज भंडारण के लिए 259 करोड़, कृषि क्षेत्र का कुल बजट 4 हजार 587 करोड़ 66 लाख 24 हजार रुपये का एलान किया गया है। ग्रामीण विकास का कुल बजट 9841 करोड़ रुपये का है। जल संसाधन के लिए 2257 करोड़ 45 लाख, तालाब- डीप बोरिंग के लिए 203 करोड़, उद्यान विकास योजना के लिए 304 करोड़, पंचायती राज के लिए 2144 करोड़ 78 लाख 14 हजार रुपये का एलान किया गया है। चास, गिरिडीह, धनवार, कपाली, गुमला, लोहरदगा, विश्रामपुर, बरहरवा, श्रीवंशीधरनगर, छत्तरपुर एवं हरिहरगंज में जलापूर्ति परियोजनाओं का एलान किया गया है।
उद्यमियों के लिए एमएसएमई डायरक्टरेड या एमएसएमई सेल का बजट में एलान किया गया है। इसके साथ ही बोकारो, गिरिडीह, कांड्रा, सिंदरी, आदित्यपुर, जसीडीह, देवीपुर औद्योगिक क्षेत्र में आधारभूत संरचना का विकास किया जायेगा।
मंईया सम्मान योजना के लिए बजट में बड़ा ऐलान किया गया है। बजट में मंईयां सम्मान योजना के लिए 13363 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं।
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने पर्यटन के क्षेत्र में झारखंड में असीम संभावनाएं को देखते हुए प्रमंडल स्तर (डिवीजन लेवल) पर पर्यटन सर्किट बनाने की घोषणा की। इससे राज्य में रोजगार के अवसर और राजस्व दोनों में इजाफा होगा।
राज्य में टीएसी की तर्ज पर अनुसूचित जाति के लिए परामर्शदात्री समिति की स्थापना की जायेगी।
सर्वजन पेंशन योजना के तहत 3 हजार 850 करोड़ 66 लाख रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है।
प्रदेश में वर्ष 2025 में 2500 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कराया जायेगा। इसके लिए 250 करोड़ 17 लाख रुपये आवंटित किये गये हैं।
कौशल विकास मिशन के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 585 करोड़ 99 लाख रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा चुनाव को लगभग तीन महीने से ज्यादा का समय हो चुका है। इसके बाद भी अब तक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष का चयन नहीं कर पाई है। प्रदेश में बजट सत्र की शुरुआत भी हो चुकी है और कल (3 मार्च) हेमंत सोरेन की सरकार विधानसभा में बजट पेश करेगी।
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा बजट पेश किया जाएगा, लेकिन विडंबना की बात ये है कि इस बार बिना नेता प्रतिपक्ष के बजट पेश किया जाएगा। कई बैठकें होने के बावजूद भी नेता प्रतिपक्ष को चुना ही नहीं गया है। हालांकि सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि अप्रैल तक नया प्रदेश अध्यक्ष मिलेगा, इसके बाद नेता प्रतिपक्ष चुना जाएगा।
बजट सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष का न होना राज्य की राजनीति में बयानबाजी का कारण भी बन गया है। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने नाराजगी जताते हुए कहा है कि विधानसभा को सुचारु रूप से चलाने में नेता प्रतिपक्ष का भी अहम योगदान रहता है। संवैधानिक नियम के अनुसार विधानसभा की कार्यवाही में नेता प्रतिपक्ष का होना अनिवार्य है।
भाजपा की केंद्रीय कमेटी भी प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष को चुनने में देरी कर रही है। विधानसभा चुनाव के संपन्न होने के बाद झारखंड में कई केंद्रीय नेता आ चुके हैं, लेकिन नेता प्रतिपक्ष का चयन अब तक नहीं हो पाया है।
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