टीम एबीएन, रांची। साल 2025 की होली बेहद अनोखी है। इस वर्ष 14 और 15 मार्च दोनों ही दिन होली मनायी जा रही है। ऐसे में राजधानी की पुलिस की जिम्मेवारी बेहद बड़ी हो जाती है।
राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बिल्कुल मुकम्मल रहे, इसके लिए डीआईजी सह रांची एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने खुद ही पूरी जिम्मेदारी संभाल रखी है। अपनी क्यूआरटी के साथ एसएसपी खुद सड़कों पर निकल कर पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते नजर आये।
एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि हर तरफ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। होली भाईचारे का पर्व है। वहीं रमजान का महीना चल रहा है। सभी लोग मिलजुल कर दोनों पर्व मना रहे हैं। रांची के सीनियर एसपी सह डीआईजी चंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि रांची में दो दिनों यानी 14 और 15 मार्च को होली मनाई जा रही है।
इसे देखते हुए लगातार दो दिनों तक राजधानी रांची में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। 14 से 15 मार्च तक पुलिस सड़कों पर होली को लेकर अलर्ट है। एसएसपी ने बताया कि होली को लेकर रांची जिला बल के अलावा रैफ और होमगार्ड के जवानों को लगाया गया है। सभी थानों में क्विक रिस्पांस टीम भी तैनात की गई है।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 12 मार्च 2025 को मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की गयी। जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मेडिकल कॉलेजों से पढ़ाई कर तीन साल तक सरकारी सेवा में नहीं रहने वाले डॉक्टरों को आर्थिक क्षतिपूर्ति देनी होगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में पूर्व के फैसले में संशोधन करते हुए सरकार ने पहले साल में सरकारी सेवा छोड़ने वाले डॉक्टरों के लिए 30 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति को बरकरार रखा है, लेकिन दूसरे साल में छोड़ने वाले ऐसे डॉक्टरों को शेष तीन साल की सेवा तक 1.25 लाख रुपये प्रतिमाह देना होगा।
कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने जानकारी देते हुए बताया कि आज की बैठक में कुल 31 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है, जिसमें झारखंड मालकर एवं सेवा अधिनियम विधेयक 2025 को कैबिनेट विधानसभा के चालू सत्र में पेश करने की मंजूरी दी गयी है।
राज्य सरकार ने कैबिनेट की बैठक में खान एवं भूतत्व विभाग के एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर निर्णय लेते हुए राज्य की कंपनियों द्वारा पावर रेगुलेटेड सेक्टर को दिए जाने वाले कोयले पर स्वामित्व रॉयल्टी की वसूली की तरह ही अन्य गैर पावर रेगुलेटेड सेक्टर को दिए जाने वाले कोयले पर रॉयल्टी वसूलने का निर्णय लिया। गौरतलब है कि 80 फीसदी कोयले की आपूर्ति पावर रेगुलेटेड कंपनी को की जाती है। जिस पर 14% जीएसटी लगता है।
कैबिनेट की बैठक में पुलिस भर्ती की शारीरिक दक्षता में बदलाव करते हुए नए नियम बनाने को लेकर पुलिस कक्षपाल, सिपाही, गृह रक्षा वाहिनी उत्पाद सिपाही संयुक्त भर्ती नियमावली 2025 बनाने की मंजूरी दी गई। इसके तहत पुरुष अभ्यर्थियों के लिए छह मिनट में 1600 मीटर और महिलाओं के लिए 10 मिनट में 1600 मीटर की दौड़ तय की गयी है। पहले पुरुषों के लिए 10 किलोमीटर की दौड़ तय थी, जो अभ्यर्थियों के बीमार पड़ने के कारण काफी विवादों में रही थी। इसके अलावा कैबिनेट ने मार्च 2025 तक सभी जिलों में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य बढ़ा दिया है।
एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर फैसला लेते हुए कैबिनेट ने ओरमांझी स्थित भगवान बिरसा जैविक उद्यान परिसर में भगवान बिरसा मुंडा की 9 फीट की कांस्य आदमकद प्रतिमा लगाने का फैसला लिया है। इस पर 25 लाख रुपये खर्च किये जायेंगे। प्रदेश में आंधी तूफान और लू से जान-माल की हानि की आशंका को देखते हुए आंधी तूफान और ग्रीष्म लहर को राज्य की विशिष्ट स्थानीय आपदा के अंतर्गत आपदा घोषित करने की स्वीकृति दी गयी है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आगामी पर्व-त्योहारों के मद्देनजर प्रदेश पुलिस को बेहतर विधि-व्यवस्था का संधारण हर हाल में सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। सोरेन ने बुधवार को झारखंड मंत्रालय में आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए राज्य में विधि-व्यवस्था संधारण की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए वरीय पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री हेमंत ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि होली, सरहुल, ईद, रामनवमी इत्यादि त्योहारों के मद्देनजर राज्य में बेहतर विधि व्यवस्था का संधारण हर हाल में सुनिश्चित करें। पर्व-त्योहारों का उत्सव अपराध मुक्त वातावरण में आपसी प्रेम-सौहार्द के साथ मनाया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के किसी भी क्षेत्र में किसी भी प्रकार से कोई छोटी-मोटी अप्रिय घटना, सांप्रदायिक तनाव या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो, इस निमित्त पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ अलर्ट मोड पर रहे। जिन क्षेत्रों में सांप्रदायिक तनाव अथवा विवाद की संभावनाएं रहती है, उन क्षेत्रों में विशेष चौकसी बरती जाए।
सोरेन ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों में शांति समिति के साथ निरंतर बैठक कर समन्वय स्थापित करें। भीड़-भाड़ वाले जगहों, धार्मिक स्थलों पर पुलिस बल की तैनाती करें तथा शरारती तत्वों पर पैनी नजर रखते हुए कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि पर्व-त्योहारों के समय सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखें। अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के समक्ष राज्य के पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता ने अपराध नियंत्रण को लेकर किए जा रहे कार्यों की अद्यतन जानकारी दी।
बैठक में मुख्य सचिव अलका तिवारी, अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, प्रधान सचिव गृह विभाग वंदना दादेल, डीजीपी अनुराग गुप्ता, पुलिस महानिरीक्षक विशेष शाखा प्रभात कुमार, पुलिस महानिरीक्षक अभियान एवी होमकर, पुलिस महानिरीक्षक अपराध अनुसंधान विभाग असीम विक्रांत मिंज, पुलिस महानिरीक्षक मुख्यालय मनोज कौशिक सहित अन्य वरीय पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर (पलामू)। प्रधान मंत्री आवास योजना एवं अबुआ आवास योजना अंतर्गत स्वीकृत लाभुकों को विभिन्न किस्तों के भुगतान किये जाने एवं आवास संबंधी सभी समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु प्रत्येक बुधवार को जिले के सभी पंचायत भवनो में विशेष कैंप आयोजित किया जायेगा। कैंप के आयोजन को लेकर डीडीसी शब्बीर अहमद ने सभी प्रखंडों के बीडीओ एवं आवास कॉ-आॅर्डिनेटर्स को निर्देश दिया है। उन्होंने 12 मार्च 2025 (बुधवार) से ही कैंप की शुरुआत करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने योजना के क्रियान्वयन में प्रगति लाने के लिए पंचायत/गांव स्तर पर प्रधानमंत्री/अबुआ आवास योजना के लाभुकों को आवास निर्माण में सहायता प्रदान करने के लिए जेएसएलपीएस के द्वारा गठित एवं संचालित ग्राम संगठन से सहायता लेने, स्वीकृत लाभुकों को सहयोग राशि की किस्तों के भुगतान में एकरूपता, अनुशासन एवं पारदर्शिता बनाये रखे जाने के उद्देश्य से विभाग द्वारा दिये गये निर्देश का अनुपालन का आदेश दिया।
उन्होंने कहा कि प्रखंड के प्रत्येक पंचायत अंतर्गत लाभुकों को चार-चार समूहों में विभाजित किया जाये। स्वीकृत लाभुकों को लंबित किस्तों का भुगतान माह के किसी एक सप्ताह के निर्धारित बुधवार को ही किया जाये। साथ ही चार समूहों में से प्रत्येक समूह को माह के चार में से किसी एक सप्ताह के बुधवार को ही राशि भुगतान किया जाये।
उन्होंने निर्धारित बुधवार को संबंधित पंचायत सचिव, संबंधित पंचायत के ग्राम संगठन, प्रखंड समन्वयक तथा लाभुक निर्धारित स्थल (पंचायत भवन) पर एकत्र होकर आवास निर्माण संबंधी समस्याओं की चर्चा करेंगे तथा अगली किस्त की अहर्ता पूर्ण करने वाले लाभुकों को संबंधित किस्तों का भगतान करेंगे। कैंप के माध्यम से लाभुक सीधे पदाधिकारी/ कर्मी से संवाद स्थापित कर अपनी समस्या का निराकरण करा सकेंगे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर (पलामू)। पलामू उपायुक्त शशि रंजन ने कहा कि पलामू जिले का रिकॉर्ड रूम समद्ध किया जायेगा। सक्रियता से इसकी पहल शुरू करें। अंचल कार्यालय एवं रिकॉर्ड रूम में रखे गये खतियान का मिलान होगा। जीर्ण-शीर्ण खतियान होने की स्थिति में रैयतगणों से अपील कर उनके पास सुरक्षित खतियान की कॉपी लेने का कार्य होगा, ताकि राजस्व संबंधी समस्याओं का निराकरण किया जा सके। उपायुक्त आज समाहरणालय सभागार में जिले के अंचल अधिकारियों, राजस्व उप निरीक्षकों एवं कर्मचारियों के साथ राजस्व संबंधी बैठक कर रहे थे।
उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों को रिकॉर्ड संधारित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि खतियान की एक कॉपी अंचल कार्यालय में रखना सुनिश्चित करें। वहीं अपर समाहर्ता एवं रिकॉर्ड रूम में भी खतियान की कॉपी का मिलान करते हुए रखवाना सुनिश्चितत करें, ताकि आम रैयतगणों को सुविधा हो।
उन्होंने अंचल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में भूमि की बंदोवस्ती का डेटा बेस तैयार करने, पंजियों/रजिस्टर का ज्ञान रखने, पंजियों का संधारण करने का निर्देश दिया। साथ ही अपर समाहर्ता को इससे संबंधित पीपीटी तैयार कर सभी को प्रशिक्षित करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने सभी को जनता के प्रति जिम्मेदारी पूर्वक कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायत मिली तो कार्रवाई की जायेगी। उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों को अपने-अपने संबंधित क्षेत्र के पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए अभियान चलाकर अतिक्रमण मुक्त कराने का निर्देश दिया, ताकि सड़क जाम की समस्या से लोगों को निजात मिले।
उन्होंने आगामी पर्व-त्योहारों को लेकर विधि व्यवस्था संधारण में तत्परता बरतने का भी निर्देश दिया। बैठक में उप विकास आयुक्त शब्बीर अहमद, अपर समाहर्ता कुंदन कुमार सहित विभिन्न अंचलों के अंचल अधिकारी, राजस्व उप निरीक्षक, कर्मचारी आदि उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड सहित देशभर में होली की धूम है। होली को लेकर लोग जहां तैयारियों में जुटे हैं, वहीं सरकारी छुट्टियों में भी फेरबदल कर कर्मचारियों को सरकार सहायता पहुंचा रही है। झारखंड सरकार के सचिवालय में होली की छुट्टी चार दिनों की होगी। कार्मिक विभाग ने होली को लेकर 13-14 मार्च को सरकारी छुट्टी घोषित की है।
15 शनिवार और 16 रविवार होने की वजह से लगातार चार दिनों की छुट्टी का आनंद कर्मी उठा पायेंगे। इसी तरह सरकारी बैंक में भी 13-14 मार्च को छुट्टी घोषित की गयी है। हालांकि होली 15 मार्च को है। ऐसे में शनिवार होने की वजह से बैंक में भी कम ही उपस्थिति देखने को मिलेगी। इस संबंध में
झारखंड सचिवालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष ध्रुव प्रसाद ने बताया कि सरकारी आदेश के अनुसार सचिवालय में 13-14 मार्च को होली की छुट्टी है। यह महज संयोग है कि शनिवार और रविवार होने की वजह से इसका लाभ कर्मचारियों को होली की छुट्टी के साथ मिलेगा। इधर, बैंक कर्मचारियों ने यूनियन के माध्यम से सरकार को होली की छुट्टी बिहार की तरह 14-15 मार्च को करने की मांग की है।
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र पर भी होली का असर देखने को मिल रहा है। होली के कारण विधानसभा में छुट्टी होने की वजह से सदन की कार्यवाही 12 मार्च से 17 मार्च तक स्थगित रहेगी। पिछले दिनों कमेटी की बैठक में सब समिति से निर्णय लेते हुए 17 मार्च को होने वाली सदन की कार्यवाही 22 मार्च को करने का निर्णय लिया था।
22 मार्च को शनिवार होने की वजह से पूर्व में छुट्टी निर्धारित की गयी थी। गौरतलब है कि 13 मार्च को होलिका दहन होने की वजह से होली की सरकारी छुट्टी 13-14 मार्च को निर्धारित की गयी थी, लेकिन होली 15 को होने की वजह से सरकारी छुट्टी में फेरबदल किया गया है।
टीम एबीएन, रांची। राज्य कर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत कर्मियों के लिए आॅनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए 30 अप्रैल तक नामांकन कर सकते हैं। जिन कर्मियों ने 30 अप्रैल तक नामांकन नहीं कराया उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
राज्य कर्मियों के लिए योजना 1 मार्च से लागू है
बीमा योजना का लाभ लेने के लिए आॅनलाइन आवेदन करना होगा। www.sehis.jharkhand.gov.in पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना होगा। पूर्व में आवेदन कर चुके पात्र तथा नए पात्र कर्मियों दोनों को आनलाइन आवेदन करना होगा। पहले चरण में राज्य कर्मियों का ही नामांकन होगा, जिनके लिए योजना 1 मार्च से लागू है।
पेंशनरों, बोर्ड-निगम के कर्मियों, विश्वविद्यालय शिक्षकों एवं कर्मियों, अंगीभूत कॉलेजों के शिक्षकों एवं कर्मियों तथा अखिल भारतीय सेवा के पदाधिकारियों के लिए यह योजना 1 मई से लागू होनी है। इसलिए इनके लिए नामांकन प्रक्रिया बाद में शुरू होगी।
आनलाइन आवेदन करने के बाद संबंधित डीटीओ द्वारा आवेदन का सत्यापन किया जाएगा। डीडीओ द्वारा सत्यापन के उपरांत आवेदक को बीमा कार्ड जारी कर दिया जाएगा। आवेदन के लिए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, आवेदक एवं आश्रितों के फोटो, जन्म तिथि प्रमाण (आवेदक एवं आश्रित), आधार नंबर, कार्यालय विवरण (नियुक्ति तिथि, कार्यालय का पता), जीपीएफ नंबर होना अनिवार्य है। वहीं, अधिक जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 18003455027 पर संपर्क किया जा सकता है।
बता दें कि इस योजना के तहत राज्य कर्मियों एवं उनके आश्रितों को 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज सूचीबद्ध अस्पतालों में होगा। गंभीर बीमारी की स्थिति में 10 लाख रुपये तक का इलाज होगा। इसमें एयर एंबुलेंस की निशुल्क सेवा का भी प्रावधान किया गया है। साथ ही आॅर्गन ट्रांसप्लांट की स्थिति में डोनर की चिकित्सा पर खर्च होने वाली राशि का भी वहन किया जायेगा।
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