एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की 1267 प्रतिबंध समिति की आगामी बैठक में पाकिस्तान की आतंकवाद में संलिप्तता के नवीनतम सबूत प्रस्तुत करने की योजना बनायी है।
यह बैठक अगले सप्ताह होने वाली है, जिसमें भारत की एक उच्च स्तरीय टीम भाग लेगी। इसका उद्देश्य पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों जैसे जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा की गतिविधियों पर अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करना है, जो भारत में कई आतंकवादी हमलों के लिए जिम्मेदार रहे हैं।
भारत ने पहले भी पाकिस्तान को आतंकवाद का वैश्विक केंद्र बताया है, जो 20 से अधिक संयुक्त राष्ट्र सूचीबद्ध आतंकवादी संस्थाओं को पनाह देता है और सीमा पार आतंकवाद का समर्थन करता है। भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने संयुक्त राष्ट्र में कहा कि पाकिस्तान की आतंकवाद में संलिप्तता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए कई प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं, लेकिन चीन ने बार-बार इन प्रस्तावों को रोक दिया है। उदाहरण के लिए, चीन ने 26/11 मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड साजिद मीर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के प्रस्ताव को रोक दिया था।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति लगातार बढ़ रही है। आॅपरेशन सिंदूर के बाद बौखलाया पाकिस्तान भारत की सीमा से सटे इलाकों में भारी गोलाबारी कर रहा है। भारत भी पाकिस्तान का मुंहतोड़ जवाब दे रहा है। भारतीय सैन्य और विदेश मंत्रालय द्वारा प्रेस ब्रीफिंग के जरिए ताजा हालात की जानकारी दी जा रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस और जंग से जुड़ी खबरों में अपने कई शब्द शायद पहली बार सुने होंगे। आइए ऐसे शब्द और उनका मतलब जानते हैं।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पोलपोल/ मेदिनीनगर (पलामू)। झारखंड की मुख्य सचिव अलका तिवारी आज पलामू जिले के पोलपोल गांव पहुंचकर पलामू व्याघ्र परियोजना से पुनर्वासित लोगों से मिली। उनसे बातचीत की और उन्हें मिली आवास एवं सुविधाओं से अवगत हुईं। पुनर्वासित लोगों ने मुख्य सचिव को बताया कि यह स्थान उनके लिए काफी उपयुक्त है। सरकार व स्थानीय प्रशासन की ओर से सुविधायुक्त आवास मिला है। जहां आवासन से उन्हें आनंद की अनुभूति हो रही है। सभी खुश हैं।
मुख्य सचिव ने लोगों को आश्वस्त किया कि सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने पुनर्वासित लोगों को संपत्ति में दस्तावेजी अधिकार देने की बातें कही। उन्होंने आवंटित भूमि, मकान का मालिकाना हक प्रदान करने की पहल करने का निदेश दिया। मालिकाना हक प्रदान करने के लिए उन्होंने प्रावधान के अनुरूप आवंटित संपत्ति/भूमि के रजिस्टर-2 में नाम दर्ज कराने संबंधी प्रस्ताव तैयार कर राज्य को भेजने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इसे माडल ग्राम के रूप में विकसित करने में राज्य से सहयोग प्रदान किया जायेगा।
उन्होंने सभी परिवारों का आधार कार्ड बनवाने एवं बने आधार कार्ड में पत्ता बदलवाने तथा सभी पुनर्वासित परिवारों को कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, सिंचाई विभाग आदि विभिन्न विभागों की योजनाओं से आच्छादित करने का निर्देश दिया। साथ ही बच्चों को स्कूल एवं आंगनबाड़ी केन्द्र से जोड़कर शिक्षा ग्रहण कराने का निर्देश दिया।
पलामू उपायुक्त शशि रंजन ने पुनर्वासित लोगों को सुविधा मुहैया कराये जाने से संबंधित योजनाओं से मुख्य सचिव को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि बिजली, पानी एवं अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधायुत आवास लाभुकों को उपलब्ध कराये गये हैं। साथ ही कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की योजनाओं से लाभुकों को लाभ देने का प्रयास जारी है। नाहर के माध्यम से यहां सिंचाई की व्यवस्था उपलब्ध कराये जाने की योजना है।
उन्होंने कहा कि सभी कार्डधारियों को राशन मुहैया करायी जा रही है। इसकी और सुगम व्यवस्था होगी। उन्होंने पुनर्वासित लोगों के आवंटित आवासों पर सोहराई पेंटिंग या पुनर्वासित लोगों के पसंद के अनुरूप पेटिंग बनवाने, पाथवे, कम्यूनिटी सेंटर आदि बनाकर मॉडल गांव के रूप में विकसित किये जाने की पहल की जायेगी। उन्होंने गांव में व्यापक सुविधा बहाल करने को लेकर राज्य से सहयोग की अपेक्षा जतायी। मुख्य सचिव ने प्रस्ताव तैयार कर भेजने का निर्देश दिया।
विदित हो कि व्याघ्र परियोजना के कोर क्षेत्र में निवास करने वाले लोगों को जीवन परिवर्तित करने, वन्य जीवों से सुरक्षा प्रदान करने एवं सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ-साथ बिजली, पानी की सुविधा एवं पक्का मकान का सपना साकार करने को लेकर पलामू व्याघ्र परियोजना के कोर क्षेत्रों से वन विभाग के पुनर्वास योजना के तहत सुरक्षित स्थान पोलपोल में बसाया जा रहा है। इसके तहत वन विभाग के कोर क्षेत्र गारू प्रखंड के कुजरूम से 57 एवं जयगीर से 22 परिवारों को बसाया जा रहा है। इसमें जयगीर से 22 एवं कुजरूम से 35 परिवार बसाये जा चुके हैं। इससे ग्रामीणों को फायदा हो रहा है। ग्रामीणों को प्रति लाभुक बड़ी नगद राशि भी प्रदान की जा रही है।
पोलपोल में मुख्य सचिव के आगमन कार्यक्रम में वन व कृषि विभाग के सचिव अबु बक्कर सिद्धिकी, जल संसाधन के सचिव प्रशांत कुमार, पलामू उपायुक्त शशि रंजन, पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन, गढ़वा उपायुक्त शेखर जमुआर, पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार पांडेय, लातेहार उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता, पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव, पलामू ब्याघ्र परियोजना के निदेशक एस.आर. नटेश, उप निदेशक कुमार आशीष, पलामू के उप विकास आयुक्त शब्बीर अहमद, पलामू के वन प्रमंडल पदाधिकारी सत्यम कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय, अनुमंडल, प्रखंड-अंचल स्तरीय व वन विभाग एवं पलामू ब्याघ्र परियोजना के पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।
एबीएन सेन्ट्रल डेस्क। भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और कई अन्य बैंकों ने शुक्रवार को कहा कि उनके एटीएम पूरी तरह से चालू हैं, उनमें पर्याप्त नकदी है और डिजिटल सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं।
सोशल मीडिया पर आई उन खबरों की पृष्ठभूमि में यह बयान जारी किया गया जिनमें दावा किया गया था कि भारत और पाकिस्तान के मध्य बढ़ते तनाव के बीच आने वाले दिन में एटीएम बंद हो सकते हैं।
बैंकों ने यह भी कहा कि उनकी सभी डिजिटल सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं।
भारत के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, हमारे सभी एटीएम, सीडीएम/एडीडब्ल्यूएम और डिजिटल सेवाएं पूरी तरह से चालू हैं और जनता के लिए उपलब्ध हैं। भारत के सबसे बड़े ऋणदाता ने अपने ग्राहकों को असत्यापित जानकारी पर भरोसा न करने की सलाह भी दी है। बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब एंड सिंध बैंक, केनरा बैंक और बैंक ऑफ इंडिया ने भी इसी तरह के संदेश जारी किये।
पंजाब नेशनल बैंक ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, हमारी सभी डिजिटल सेवाएं भी सुचारू रूप से चल रही हैं, जिससे आपको घर बैठे सहज बैंकिंग अनुभव सुनिश्चित हो रहा है। इस बीच, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शाम को बैंकों और वित्तीय संस्थानों की साइबर सुरक्षा तैयारियों पर समीक्षा बैठक करेंगी।
एबीएन सेन्ट्रल डेस्क। भारत व पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को सख्त निर्देश जारी किये हैं। युद्ध के हालात के बीच भारत पूरी तरह से तैयार है। आज सुबह भी पाकिस्तान द्वारा भेजे गए कई ड्रोन व मिसाइलों को नष्ट कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के मद्देनजर गृह मंत्रालय (एमएचए) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आपात स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश जारी किये हैं।
राज्यों को नागरिक सुरक्षा नियमों के तहत आपातकालीन शक्तियों को सक्रिय करने, मॉक ड्रिल आयोजित करने और आवश्यक सेवाओं की तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों मुख्य सचिवों और प्रशासकों को पूरी तरह से तैयार रहने की सलाह दी है।
इसके अलावा, मंत्रालय ने युद्ध के दौरान जरूरी सामग्री जैसे रसद आदि की खरीदारी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया, ताकि जब जरूरत पड़े, ये सामग्रियां सभी को उपलब्ध कराई जा सकें। आपात स्थितियों के लिए नागरिकों को तैयार करने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित कर रहे हैं तथा उन्हें हवाई हमलों, ब्लैकआउट और आपातकालीन स्थितियों में सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने का प्रशिक्षण दे रहे हैं।
इसके अलावा एम्स दिल्ली जैसे अस्पतालों को भी हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है और आवश्यक चिकित्सा आपूर्ति और स्टाफ तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके बाद पंजाब सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात कर दी गई हैं तथा हवाई अड्डों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
एबीएन सेन्ट्रल डेस्क। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह साउथ ब्लॉक में CDS जनरल अनिल चौहान, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और रक्षा सचिव आरके सिंह के साथ स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं।
टीम एबीएन, रांची। गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक की गयी। 08 मई 2025 को आयोजित इस बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये, जिनमें प्रमुख इस प्रकार हैं :
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी ठिकानों पर भारतीय सशस्त्र बलों की ओर से किये गये मिसाइल हमले के कुछ घंटे बाद बुधवार (7 मई, 2025) को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति को आपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी।
पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में, भारतीय सशस्त्र बलों ने मंगलवार देर रात आपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान स्थित जिन आतंकी ठिकानों पर हमला किया उनमें जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ बहावलपुर और लश्कर-ए-तैयबा का अड्डा मुरीदके शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को 26 नागरिकों के नरसंहार के दो हफ्ते बाद ये मिसाइल हमले किये गये।
राष्ट्रपति कार्यालय ने बैठक की तस्वीरें साझा कीं और एक्स पर एक पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और उन्हें आपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी।
बुधवार की सुबह शुरू किया गया यह अभियान भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना की ओर से संयुक्त रूप से संचालित किया गया। बीती रात 1.05 बजे से 1.30 बजे के बीच 24 मिसाइलों से नौ आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया गया, जिनमें मुरीदके स्थित लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय और बहावलपुर स्थित प्रमुख प्रतिष्ठान शामिल थे, ये वे स्थान हैं, जिन्हें आतंकवादी गतिविधियों का केंद्र माना जाता है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस अभियान में लगभग 70 आतंकवादी मारे गये। अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई समझ-बूझकर, आनुपातिक और गैर-उग्र प्रकृति की थी, जिसमें नागरिक और सैन्य बुनियादी ढांचे को छोड़कर, विशेष रूप से आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया गया था।
बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आपरेशन की विस्तृत जानकारी दी और भारतीय सेना की बहादुरी की जमकर सराहना की। कैबिनेट मंत्रियों ने इस सफल अभियान के लिए पीएम मोदी को बधाई दी और उनके नेतृत्व में पूर्ण विश्वास जताया। सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी रात भर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और सैन्य कमांडरों के संपर्क में रहे, ताकि अभियान योजना के अनुरूप संपन्न हो।
आपरेशन सिंदूर को लेकर भारतीय सेना, वायुसेना और विदेश मंत्रालय ने संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग की, जिसमें विदेश सचिव विक्रम मिस्री, वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह और भारतीय थल सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी शामिल हुईं। सैन्य अधिकारियों ने आतंकी ठिकानों पर किये गये हमले की क्लिप भी दिखायी।
कर्नल कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान ने दशकों से पीओके और अपनी सीमाओं के भीतर आतंकी शिविरों, लॉन्च पैडों और भर्ती केंद्रों का एक नेटवर्क विकसित किया है। इस आपरेशन का उद्देश्य उन्हीं बुनियादों को ध्वस्त करना था।
आपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद केंद्र सरकार ने गुरुवार (8 मई) को सुबह 11 बजे एक सर्वदलीय बैठक बुलायी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सहित वरिष्ठ मंत्री मौजूद होंगे। बैठक का एजेंडा विपक्षी नेताओं को आपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देने और राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों पर भविष्य की कार्रवाई पर चर्चा करने पर केंद्रित है।
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