राज काज

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Published / 2025-05-11 19:03:58
पाक के खिलाफ यूएनएससी में पुख्ता सबूत पेश करेगा भारत

यूएनएससी में पाकिस्तान के खिलाफ सबूत पेश करेगा भारत 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की 1267 प्रतिबंध समिति की आगामी बैठक में पाकिस्तान की आतंकवाद में संलिप्तता के नवीनतम सबूत प्रस्तुत करने की योजना बनायी है। 

यह बैठक अगले सप्ताह होने वाली है, जिसमें भारत की एक उच्च स्तरीय टीम भाग लेगी। इसका उद्देश्य पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों जैसे जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा की गतिविधियों पर अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करना है, जो भारत में कई आतंकवादी हमलों के लिए जिम्मेदार रहे हैं। 

भारत की चिंता

भारत ने पहले भी पाकिस्तान को आतंकवाद का वैश्विक केंद्र बताया है, जो 20 से अधिक संयुक्त राष्ट्र सूचीबद्ध आतंकवादी संस्थाओं को पनाह देता है और सीमा पार आतंकवाद का समर्थन करता है। भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने संयुक्त राष्ट्र में कहा कि पाकिस्तान की आतंकवाद में संलिप्तता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। 

चीन की भूमिका

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए कई प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं, लेकिन चीन ने बार-बार इन प्रस्तावों को रोक दिया है। उदाहरण के लिए, चीन ने 26/11 मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड साजिद मीर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के प्रस्ताव को रोक दिया था।

Published / 2025-05-10 19:43:05
जानें भारत-पाकिस्तान संघर्ष का शब्दकोष

रोज सामने आ रहे इन नये-नये शब्दों का मतलब जान लीजिये 

  • भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर लगातार नये अपडेट सामने आ रहे हैं। सेना और विदेश मंत्रालय की ओर से समय-समय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए ताजा हालात की सूचना दी जा रही है। इस बीच प्रेस ब्रीफिंग हो या खबर, अपने ऐसे कई शब्द सुने या पढ़े होंगे जिनका मतलब बहुत कम लोग जानते होंगे। आइए ऐसे शब्द और उनका अर्थ समझते हैं

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति लगातार बढ़ रही है। आॅपरेशन सिंदूर के बाद बौखलाया पाकिस्तान भारत की सीमा से सटे इलाकों में भारी गोलाबारी कर रहा है। भारत भी पाकिस्तान का मुंहतोड़ जवाब दे रहा है। भारतीय सैन्य और विदेश मंत्रालय द्वारा प्रेस ब्रीफिंग के जरिए ताजा हालात की जानकारी दी जा रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस और जंग से जुड़ी खबरों में अपने कई शब्द शायद पहली बार सुने होंगे। आइए ऐसे शब्द और उनका मतलब जानते हैं।  

  1. एलएसी क्या है : एलएसी (लाइन आॅफ एक्चुअल कंट्रोल),  भारत और चीन के बीच करीब 3,488 किलोमीटर से अधिक लंबी अनौपचारिक सीमा है, जिसे वास्तविक नियंत्रण रेखा कहा जाता है। यह पश्चिम में लद्दाख से पूर्व अरुणाचल प्रदेश तक फैली हुई है। हालांकि चीन इसे करीब 2000 किलोमीटर लंबा ही मानता है। 2020 में गलवान घाटी में एलएसी पर भारत-चीन सैनिकों के बीच झड़प हुई थी। 
  2. एलओसी क्या है : एलओसी (लाइन आॅफ कंट्रोल), यह भारत और पाकिस्तान के बीच जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा है, जो 1971 के युद्ध के बाद सिमला समझौते के तहत स्थापित हुई। एलओसी एक अस्थायी सैन्य सीमा है, जो दोनों देशों के नियंत्रण वाले क्षेत्रों को अलग करती है। यह सियाचिन ग्लेशियर से लेकर जम्मू तक फैली है। 
  3. अंतरराष्ट्रीय सीमा क्या है : अंतरराष्ट्रीय सीमा यह भारत और पाकिस्तान के बीच आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त सीमा है, जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत दोनों देशों द्वारा स्वीकार की गयी है। यह पंजाब, राजस्थान और गुजरात में फैली है और रेडक्लिफ रेखा पर आधारित है। इसे स्थायी और स्पष्ट सीमा माना जाता है। वाघा-अटारी सीमा अंतरराष्ट्रीय सीमा का हिस्सा है, जहां परेड होती है। 
  4. एलएसी, एलओसी, अंतरराष्ट्रीय सीमा में क्या अंतर है : एलएसी भारत-चीन के बीच, एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा भारत-पाकिस्तान के बीच है। एलएसी अनौपचारिक और अस्पष्ट है, जबकि एलओसी अस्थायी लेकिन परिभाषित है, और अंतरराष्ट्रीय सीमा स्थायी और कानूनी रूप से मान्य है। 
  5. भारतीय इंटीग्रेटेड अनआर्म्ड एरियल सिस्टम : भारतीय इंटीग्रेटेड अनआर्म्ड एरियल सिस्टम (सी-यूएएस) एक उन्नत रक्षा प्रणाली है, जो अनधिकृत ड्रोन्स का पता लगाने, ट्रैक करने और निष्क्रिय करने के लिए डिजाइन की गयी है। यह रडार, रेडियो फ्रीक्वेंसी सेंसर, आॅप्टिकल कैमरे और ध्वनिक डिटेक्टरों का उपयोग करता है। आॅपरेशन सिंदूर में इसने पाकिस्तानी ड्रोन्स और मिसाइलों को निष्प्रभावी किया है। यह प्रणाली भारत की हवाई सुरक्षा को मजबूत करती है और आतंकवादी गतिविधियों को रोकने में महत्वपूर्ण है। 
  6. वायु रक्षा रडार : वायु रक्षा रडार भारत की हवाई सुरक्षा का आधार हैं, जो विमानों, मिसाइलों और ड्रोन्स जैसे हवाई खतरों का पता लगाते हैं। स्वदेशी रडार जैसे राजेंद्र, स्वॉर्डफिश और रोहिणी सटीक ट्रैकिंग और लक्ष्य पहचान में सक्षम हैं। ये रडार एस-400, आकाश और बराक-8 जैसे वायु रक्षा सिस्टम के साथ मिलकर कई स्तर पर सुरक्षा करते हैं। ऊफऊड द्वारा विकसित ये सिस्टम आत्मनिर्भर भारत पहल को बढ़ावा देते हैं। 
  7. टेक्निकल इंस्टॉलेशन : यह सैन्य उपकरणों, जैसे रडार, संचार प्रणाली, या ड्रोन लॉन्च सिस्टम को स्थापित करने और संचालित करने की सुविधाएं हैं। जैसे आपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान के एयर डिफेंस रडार साइट्स को नष्ट किया, जो टेक्निकल इंस्टॉलेशन का हिस्सा हैं। 
  8. कमांड एंड कंट्रोल सेंटर : सैन्य मुख्यालय को कमांड एंड कंट्रोल सेंटर कहा जाता है, जहां से युद्ध की रणनीति बनाई जाती है, आदेश दिये जाते हैं और मिलिट्री एक्टिविटीज को कंट्रोल किया जाता है। भारत ने स्पष्ट किया कि उसने आॅपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के किसी कमांड सेंटर को निशाना नहीं बनाया। 
  9. रडार साइट : यह ऐसी जगह है जहां रडार सिस्टम स्थापित किये जाते हैं, जो दुश्मन के विमानों, मिसाइलों या ड्रोन्स का पता लगाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। 
  10. ट्यूब ड्रोन सिस्टम : यह एक ऐसा सिस्टम है, जिसमें ड्रोन को ट्यूब या कैनिस्टर से लॉन्च किया जाता है। ये ड्रोन निगरानी, हमले, या इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के लिए उपयोगी हैं। भारत ने आॅपरेशन सिंदूर में हारोप ड्रोन का उपयोग किया, जो ट्यूब-लॉन्च सिस्टम से संचालित होता है। 
  11. आर्टिलरी गन सिस्टम : एडवांस्ड टोड आर्टिलरी गन सिस्टम एक स्वदेशी तोप है, जो लंबी दूरी तक सटीक हमले करने में सक्षम है। यह इलेक्ट्रिक ड्राइव से संचालित होती है और भविष्य में लंबी दूरी की गाइडेड म्यूनिशन्स को फायर कर सकती है। अन सब का विकास किया जा रहा है और यह युद्ध में गेमचेंजर साबित हो सकता है। 
  12. आर्टिलरी रेजिमेंट : युद्ध में तोपों, रॉकेट्स, और मिसाइलों का उपयोग करने वाली सेना की शाखा। यह दुश्मन की रक्षा को तोड़ने में मदद करती है। 
  13. इन्फेंट्री : सेना का वह हिस्सा जो पैदल युद्ध लड़ता है और सीधे दुश्मन से मुकाबला करता है। 
  14. एयर डिफेंस सिस्टम : दुश्मन के विमानों और मिसाइलों को रोकने के लिए रडार और मिसाइलों का सिस्टम, जैसे एस-400। 
  15. स्वार्म ड्रोन : कई ड्रोन जो एक साथ समन्वित रूप से हमला करते हैं, जैसे भारत का न्यूस्पेस स्वार्म यूएवी। 
  16. लॉइटरिंग म्यूनिशन : ऐसे ड्रोन जो टारगेट के ऊपर मंडराते हैं और सही समय पर हमला करते हैं, जैसे हारोप। 
  17. पिनाका रॉकेट सिस्टम : स्वदेशी रॉकेट सिस्टम, जो 90 किमी तक हमला कर सकता है। 
  18. प्रलय मिसाइल : जमीन से जमीन पर मार करने वाली मिसाइल, जो 10 मीटर की सटीकता के साथ टारगेट को नष्ट करती है। 
  19. बराक-8 मिसाइल : लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल, जो नौसेना और सेना में उपयोगी है। 
  20. एएसएटी मिसाइल  : एंटी-सैटेलाइट मिसाइल, जो दुश्मन के सैटेलाइट्स को नष्ट कर सकती है। 
  21. के9 वज्र : स्वदेशी सेल्फ-प्रोपेल्ड आर्टिलरी गन, जो 36 किमी तक हमला कर सकती है। 
  22. धनुष तोप : बोफोर्स तोप के डिजाइन पर स्वदेशी संस्करण, जिसकी रेंज 27-36 किमी है। धनुष तोप भारत द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित 155 मिमी, 45 कैलिबर की आधुनिक तोप है। धनुष तोप भारतीय सेना की आर्टिलरी मोडराइजेशन प्रोग्राम का हिस्सा है और इसे 2019 में सेवा में शामिल किया गया। 
  23. बोफोर्स गन : बोफोर्स गन एक 155 मिमी, 39 कैलिबर की स्वीडिश निर्मित तोप है, जिसे 1980 के दशक में भारतीय सेना ने खरीदा था। यह अपनी सटीकता, विश्वसनीयता और 30 किलोमीटर तक की मारक क्षमता के लिए जानी जाती है। कारगिल युद्ध में इसकी प्रभावशीलता ने इसे भारतीय सेना का महत्वपूर्ण हथियार बनाया। 
  24. रेजिमेंट : सेना की एक इकाई, जिसमें विशिष्ट क्षेत्र या समुदाय के सैनिक शामिल होते हैं, जैसे राजपुताना राइफल्स। 
  25. युद्ध घोष : रेजिमेंट का नारा, जो सैनिकों का उत्साह बढ़ाता है, जैसे मराठा लाइट इन्फैंट्री - बोला श्री छत्रपति शिवाजी महाराज की जय!, राजपूत 
  26. रेजिमेंट: राजा रामचंद्र की जय!, सिख रेजिमेंट: जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल! और गोरखा रेजिमेंट: जय महाकाली, आयो गोरखाली! 
  27. गनर : आर्टिलरी रेजिमेंट का सैनिक, जो तोप या मिसाइल संचालित करता है। 
  28. सर्विलांस : दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने की प्रक्रिया, जैसे ड्रोन या रडार से। 
  29. डिसइंगेजमेंट : सैनिकों को सीमा से पीछे हटाने की प्रक्रिया, जैसे एलएसी पर भारत-चीन समझौता। 
  30. पैट्रोलिंग : सीमा पर गश्त करना, ताकि घुसपैठ या हमले का पता लगाया जा सके।

Published / 2025-05-10 19:33:58
पुनर्वासित लोगों को आवंटित भूमि/ आवास का मालिकाना हक दें : मुख्य सचिव

  • पोलपोल में पूर्नवासित लोगों से मिली झारखंड की मुख्य सचिव अलका तिवारी 
  • मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा गांव : उपायुक्त  
  • पलामू व्याघ्र परियोजना के कोर क्षेत्रों से 79 परिवारों को बसाये जाने की हुई पहल 
  • पोलपोल में बसा दिये गये 57 परिवार 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पोलपोल/ मेदिनीनगर (पलामू)। झारखंड की मुख्य सचिव अलका तिवारी आज पलामू जिले के पोलपोल गांव पहुंचकर पलामू व्याघ्र परियोजना से पुनर्वासित लोगों से मिली। उनसे बातचीत की और उन्हें मिली आवास एवं सुविधाओं से अवगत हुईं। पुनर्वासित लोगों ने मुख्य सचिव को बताया कि यह स्थान उनके लिए काफी उपयुक्त है। सरकार व स्थानीय प्रशासन की ओर से सुविधायुक्त आवास मिला है। जहां आवासन से उन्हें आनंद की अनुभूति हो रही है। सभी खुश हैं। 

मुख्य सचिव ने लोगों को आश्वस्त किया कि सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने पुनर्वासित लोगों को संपत्ति में दस्तावेजी अधिकार देने की बातें कही। उन्होंने आवंटित भूमि, मकान का मालिकाना हक प्रदान करने की पहल करने का निदेश दिया।  मालिकाना हक प्रदान करने के लिए उन्होंने प्रावधान के अनुरूप आवंटित संपत्ति/भूमि के रजिस्टर-2 में नाम दर्ज कराने संबंधी प्रस्ताव तैयार कर राज्य को भेजने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इसे माडल ग्राम के रूप में विकसित करने में राज्य से सहयोग प्रदान किया जायेगा। 

उन्होंने सभी परिवारों का आधार कार्ड बनवाने एवं बने आधार कार्ड में पत्ता बदलवाने तथा सभी पुनर्वासित परिवारों को कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, सिंचाई विभाग आदि विभिन्न विभागों की योजनाओं से आच्छादित करने का निर्देश दिया। साथ ही बच्चों को स्कूल एवं आंगनबाड़ी केन्द्र से जोड़कर शिक्षा ग्रहण कराने का निर्देश दिया।

पलामू उपायुक्त शशि रंजन ने पुनर्वासित लोगों को सुविधा मुहैया कराये जाने से संबंधित योजनाओं से मुख्य सचिव को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि बिजली, पानी एवं अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधायुत आवास लाभुकों को उपलब्ध कराये गये हैं। साथ ही कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की योजनाओं से लाभुकों को लाभ देने का प्रयास जारी है। नाहर के माध्यम से यहां सिंचाई की व्यवस्था उपलब्ध कराये जाने की योजना है। 

उन्होंने कहा कि सभी कार्डधारियों को राशन मुहैया करायी जा रही है। इसकी और सुगम व्यवस्था होगी। उन्होंने पुनर्वासित लोगों के आवंटित आवासों पर सोहराई पेंटिंग या पुनर्वासित लोगों के पसंद के अनुरूप पेटिंग बनवाने, पाथवे, कम्यूनिटी सेंटर आदि बनाकर मॉडल गांव के रूप में विकसित किये जाने की पहल की जायेगी। उन्होंने  गांव में व्यापक सुविधा बहाल करने को लेकर राज्य से सहयोग की अपेक्षा जतायी। मुख्य सचिव ने प्रस्ताव तैयार कर भेजने का निर्देश दिया।  

विदित हो कि व्याघ्र परियोजना के कोर क्षेत्र में निवास करने वाले लोगों को जीवन परिवर्तित करने, वन्य जीवों से सुरक्षा प्रदान करने एवं सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ-साथ बिजली, पानी की सुविधा एवं पक्का मकान का सपना साकार करने को लेकर पलामू व्याघ्र परियोजना के कोर क्षेत्रों से वन विभाग के पुनर्वास योजना के तहत सुरक्षित स्थान पोलपोल में बसाया जा रहा है। इसके तहत वन विभाग के कोर क्षेत्र गारू प्रखंड के कुजरूम से 57 एवं जयगीर से 22 परिवारों को बसाया जा रहा है। इसमें जयगीर से 22 एवं कुजरूम से 35 परिवार बसाये जा चुके हैं। इससे ग्रामीणों को फायदा हो रहा है। ग्रामीणों को प्रति लाभुक बड़ी नगद राशि भी प्रदान की जा रही है।

पोलपोल में मुख्य सचिव के आगमन कार्यक्रम में वन व कृषि विभाग के सचिव अबु बक्कर सिद्धिकी, जल संसाधन के सचिव प्रशांत कुमार, पलामू उपायुक्त शशि रंजन, पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन, गढ़वा उपायुक्त शेखर जमुआर, पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार पांडेय, लातेहार उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता, पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव, पलामू ब्याघ्र परियोजना के निदेशक एस.आर. नटेश, उप निदेशक कुमार आशीष, पलामू के उप विकास आयुक्त शब्बीर अहमद, पलामू के वन प्रमंडल पदाधिकारी सत्यम कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय, अनुमंडल, प्रखंड-अंचल स्तरीय व वन विभाग एवं पलामू ब्याघ्र परियोजना के पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।

Published / 2025-05-09 21:46:51
डिजिटल सेवा पूरी तरह सक्रिय, अफवाहों से बचें

  • SBI, PNB समेत इन बैंकों ने कहा, ATM और डिजिटल सेवाएं पूरी तरह चालू, अफवाहों पर ध्यान न दें

एबीएन सेन्ट्रल डेस्क। भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और कई अन्य बैंकों ने शुक्रवार को कहा कि उनके एटीएम पूरी तरह से चालू हैं, उनमें पर्याप्त नकदी है और डिजिटल सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं। 

सोशल मीडिया पर आई उन खबरों की पृष्ठभूमि में यह बयान जारी किया गया जिनमें दावा किया गया था कि भारत और पाकिस्तान के मध्य बढ़ते तनाव के बीच आने वाले दिन में एटीएम बंद हो सकते हैं। 
बैंकों ने यह भी कहा कि उनकी सभी डिजिटल सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं।

भारत के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, हमारे सभी एटीएम, सीडीएम/एडीडब्ल्यूएम और डिजिटल सेवाएं पूरी तरह से चालू हैं और जनता के लिए उपलब्ध हैं। भारत के सबसे बड़े ऋणदाता ने अपने ग्राहकों को असत्यापित जानकारी पर भरोसा न करने की सलाह भी दी है। बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब एंड सिंध बैंक, केनरा बैंक और बैंक ऑफ इंडिया ने भी इसी तरह के संदेश जारी किये। 

पंजाब नेशनल बैंक ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, हमारी सभी डिजिटल सेवाएं भी सुचारू रूप से चल रही हैं, जिससे आपको घर बैठे सहज बैंकिंग अनुभव सुनिश्चित हो रहा है। इस बीच, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शाम को बैंकों और वित्तीय संस्थानों की साइबर सुरक्षा तैयारियों पर समीक्षा बैठक करेंगी।

Published / 2025-05-09 21:43:16
हर इमरजेंसी के लिए रहें तैयार : गृह मंत्री

  • गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को जारी किये निर्देश

एबीएन सेन्ट्रल डेस्क। भारत व पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को सख्त निर्देश जारी किये हैं। युद्ध के हालात के बीच भारत पूरी तरह से तैयार है। आज सुबह भी पाकिस्तान द्वारा भेजे गए कई ड्रोन व मिसाइलों को नष्ट कर दिया गया है। 

जानकारी के मुताबिक, 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के मद्देनजर गृह मंत्रालय (एमएचए) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आपात स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश जारी किये हैं।

राज्यों को नागरिक सुरक्षा नियमों के तहत आपातकालीन शक्तियों को सक्रिय करने, मॉक ड्रिल आयोजित करने और आवश्यक सेवाओं की तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों मुख्य सचिवों और प्रशासकों को पूरी तरह से तैयार रहने की सलाह दी है। 

इसके अलावा, मंत्रालय ने युद्ध के दौरान जरूरी सामग्री जैसे रसद आदि की खरीदारी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया, ताकि जब जरूरत पड़े, ये सामग्रियां सभी को उपलब्ध कराई जा सकें। आपात स्थितियों के लिए नागरिकों को तैयार करने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित कर रहे हैं तथा उन्हें हवाई हमलों, ब्लैकआउट और आपातकालीन स्थितियों में सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने का प्रशिक्षण दे रहे हैं। 

इसके अलावा एम्स दिल्ली जैसे अस्पतालों को भी हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है और आवश्यक चिकित्सा आपूर्ति और स्टाफ तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके बाद पंजाब सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात कर दी गई हैं तथा हवाई अड्डों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

Published / 2025-05-09 15:04:45
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बनायी रणनीति

  • साउथ ब्लॉक में राजनाथ सिंह कर रहे सुरक्षा बैठक

एबीएन सेन्ट्रल डेस्क। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह साउथ ब्लॉक में CDS जनरल अनिल चौहान, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और रक्षा सचिव आरके सिंह के साथ स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं।

Published / 2025-05-08 20:27:11
हेमंत कैबिनेट ने लिये कई महत्वपूर्ण निर्णय

टीम एबीएन, रांची। गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक की गयी। 08 मई 2025 को आयोजित इस बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये, जिनमें प्रमुख इस प्रकार हैं :

  • कुख्यात उग्रवादियों/नक्सल क्रियावादियों/कुख्यात अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु पुरस्कार राशि घोषित करने की नीति में संशोधन की स्वीकृति दी गई।
  • झारखण्ड ग्रामीण पेयजलापूर्ति (संचालन एवं सम्पोषण) नीति-2025 के गठन की स्वीकृति दी गई।
  • केन्द्र प्रायोजित One Stop Centre योजना अन्तर्गत 07 अतिरिक्त नए One Stop Centre के संचालन की स्वीकृति दी गई।
  • प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (PM-JANMAN) के तहत् राज्य अन्तर्गत Particularly Vulnerable Tribal Group (PVTG) बहुल क्षेत्रों में 275 आँगनबाड़ी केन्द्रों के स्थापना, संचालन एवं इनमें भवन निर्माण की स्वीकृति दी गई।
  • राज्य सरकार के कर्मियों को दिनांक 01.01.2016 से प्रभावी पुनरीक्षित वेतनमान (सातवें केन्द्रीय वेतनमान) में दिनांक 01 जनवरी, 2025 के प्रभाव से महँगाई भत्ता की दरों में अभिवृद्धि की स्वीकृति दी गई। राज्य के सेवीवर्ग, जिनके वेतनमान/वेतन संरचना का पुनरीक्षण (सप्तम वेतन पुनरीक्षण) विभाग के संकल्प संख्या 217/वि. दिनांक 18.01.2017 द्वारा दिनांक 01.01.2016 के प्रभाव से किया है, उन्हें दिनांक 01.01.2025 के प्रभाव से वेतन का 55% (पचपन प्रतिशत) महँगाई भत्ता स्वीकृत किया गया है।
  • दिनांक 01.01.2016 से पुनरीक्षित/प्रभावी राज्य सरकार के पेंशन/पारिवारिक पेंशनभोगियों को 01 जनवरी, 2025 के प्रभाव से महँगाई राहत की दरों में अभिवृद्धि की स्वीकृति दी गई। राज्य के पेंशनधारियों / पारिवारिक पेंशनभोगियों, जिनके मूल पेंशन का पुनरीक्षण (सप्तम पुनरीक्षण) वित्त विभाग के संकल्प संख्या 218/वि. दिनांक 18.01.2017 द्वारा दिनांक 01.01.2016 के प्रभाव से किया गया है, उन्हें दिनांक 01.01.2025 के प्रभाव से मूल पेंशन का 55% (पचपन प्रतिशत) महँगाई स्वीकृत किया गया है।
  • HRMS अन्तर्गत विकसित Vigilance Clearance Information System (VCIS) के माध्यम से निगरानी स्वच्छता प्रमाण पत्र प्राप्त करने की स्वीकृति दी गई।
  • झारखण्ड राज्यान्तर्गत अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के नियंत्रणाधीन संचालित दो आश्रम विद्यालयों को 10+2 तक उत्क्रमित करने की स्वीकृति दी गई।
  • रिम्स, राँची के अधीन कार्यरत सरकारी सहायक प्राध्यापकों को सह-प्राध्यापक के पद पर दी गयी प्रोन्नति हेतु सह-प्राध्यापक तथा सह-प्राध्यापकों को प्राध्यापक के पद पर प्रोन्नति प्रदान करने हेतु प्राध्यापक के छाया पदों (Supernumarary Posts) के सृजन की स्वीकृति दी गई।
  • स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अन्तर्गत झारखण्ड फार्मासिस्ट संवर्ग (भर्ती, प्रोन्नति एवं अन्य सेवाशर्त्त) नियमावली-2025 के गठन की स्वीकृति दी गई।
  • झारखण्ड सेवा संहिता के नियम-76 को क्षांत करते हुए स्व० अरविन्द कुमार, सेवानिवृत परिवार कल्याण कार्यकर्त्ता, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, ईचागढ़, सरायकेला-खरसावाँ के कुल 17 वर्षों के अनाधिकृत अनुपस्थित अवधि को झारखण्ड सेवा संहिता के नियम-236 के तहत असाधारण अवकाश के रूप में विनियमित करने की स्वीकृति दी गई।
  • W.P.(S) No.6207/2016-Arun Kumar & Ors vrs The State of Jharkhand and Others में माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 18.04.2023 को पारित न्याय निर्णय के आलोक में अधिग्रहित प्राईवेट इंजीनियरिंग कॉलेज के स्नातक प्रयोगशाला सहायक (वादीगण) को दिनांक - 09.12.1986 [नियमित (स्थायी) नियुक्ति] से प्रयोग प्रदर्शक (Demonstrator) नामित करने एवं UGC वेतनमान की स्वीकृति प्रदान करने की स्वीकृति दी गई।
  • झारखण्ड अवर शिक्षा सेवा संवर्ग (प्राथमिक शाखा) के पदाधिकारियों को राज्य शिक्षा सेवा वर्ग-2 (निरीक्षी शाखा) के पद पर भूतलक्षी प्रभाव से प्रोन्नति की स्वीकृति दी गई।
  • ग्रामीण कार्य विभाग अन्तर्गत कार्य प्रमंडलों (जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यान्वयन हेतु PIU के रुप में कार्य कर रहे हैं), के सुदृढ़ीकरण हेतु पूर्व में स्वीकृत सहायक अभियंता के 131 एवं कनीय अभियंता के 398 पद के विरूद्ध संविदा पर नियुक्त कुल 22 सहायक अभियंता एवं 65 कनीय अभियंता के पदों का तीन वर्ष के लिए यथा 2024-25, 2025-26 एवं 2026-27 तक अथवा योजना चालू रहने की तिथि तक, जो भी पहले हो, के लिए अवधि विस्तार की स्वीकृति दी गई।
  •  स्व० संगीता कुमारी, भा०पु० से० के एयर एम्बुलेंस (Airlift) में हुए व्यय राशि रूपये 6,40,000/- (छः लाख चालीस हजार) मात्र की प्रतिपूर्ति की स्वीकृति दी गई।
  • W.P.(S) No. 4051/2018 रविन्द्र कुमार रविकार एवं अन्य बनाम राज्य सरकार एवं अन्य तथा सदृश्य वाद W.P. (S) No. 2491/2009 प्रभात कुमार एवं अन्य बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, W.P.(S) No. 4366/2021 उदय शंकर एवं अन्य बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, W.P.(S) No. 437/2021 अरूण कुमार एवं अन्य बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, W.P.(S) No. 4145/2018 विद्युत कुमार ओझा एवं अन्य बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, W.P.(S) No. 6345/2018 संजय कुमार एवं अन्य बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, W.P.(S) No. 1196/2012 मुरारी कुमार सिंह एवं अन्य बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, W.P.(S) No. 3894/2019 मृणालकान्त सिंह एवं अन्य बनाम राज्य सरकार एवं अन्य में दिनांक 11.08.2023 को पारित न्यायादेश के अनुपालन की स्वीकृति दी गई।
  • राज्य के सरकारी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्राचार्य, प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों के स्थानान्तरण नीति में संशोधन की स्वीकृति दी गई।
  • श्रीमती सुमनलता टोपनो बलिहार, झा०शि० से० सम्प्रति सेवानिवृत, क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक, उत्तरी छोटानागपुर प्रमण्डल, हजारीबाग की सेवाकाल में अनिर्णित अवधि की सामंजन की स्वीकृति दी गई।
  • झारखण्ड राज्य पुलिस सेवा नियमावली-2012 (यथासंशोधित) में किए गये संशोधन की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।
  • भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 के तहत अनुसंधान हेतु अनुसंधानकर्ता को मोबाईल फोन की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु निर्गत संकल्प में संशोधन की स्वीकृति दी गई।
  • झारखण्ड राजमार्ग फीस (दरों का निर्धारण एवं संग्रहण) संशोधन नियमावली, 2021 के संशोधन की स्वीकृति दी गई।
  • झारखण्ड राज्य में अवस्थित शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज, धनबाद, एम०जी०एम० मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर, शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज, हजारीबाग, फुलो-झानो मेडिकल कॉलेज, दुमका तथा मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज, पलामू में सुपर स्पेशियलिटि के विभिन्न विभागों में शैक्षणिक संवर्ग के कुल- 168 आवश्यक पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।
  • झारखण्ड राज्य में अगले 05 (पाँच) वर्षों (वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30) के लिए मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना को चरणबद्ध तरीकों से सभी चिकित्सा महाविद्यालयों, जिला अस्पतालों, अनुमण्डल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं स्वास्थ्य उपकेन्द्रों में लागू किए जाने हेतु कुल राशि रू0 299.30 (दो सौ निनावे करोड़ तीस लाख) रूपये के अनुमानित लागत पर योजना की प्रशासनिक स्वीकृति एवं स्वास्थ्य संस्थानों को Managed Wi-Fi से युक्त करने हेतु वित्त नियमावली के नियम-235 के प्रावधानों को शिथिल करते हुए एवं वित्त नियमावली के नियम-245 के अन्तर्गत भारत संचार निगम लिमिटेड के मनोनयन तथा Hospital Management Information System (HMIS) का क्रियान्वयन हेतु निर्गत विभागीय संकल्प संख्या- 131, दिनांक- 28.08.2017 को शिथिल करते हुए राज्य में CDAC, जो भारत सरकार का उपक्रम है, के मनोनयन की स्वीकृति दी गई।
  • डब्ल्यू.पी. (सि.) सं.-132/2016 रजनीश कुमार पाण्डेय-बनाम-भारत सरकार एवं अन्य में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 07.03.2025 को पारित अंतरिम न्यायादेश के आलोक में विभिन्न प्रकार के दिव्यांग बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के निमित्त संविदा पर कार्यरत रिसोर्स पर्सन पर निर्णय हेतु स्क्रीनिंग कमिटी के गठन की स्वीकृति दी गई।
  • डब्ल्यू०पी० (एस०) संख्या 2606/2023 आशा प्रकाश-बनाम-राज्य सरकार एवं अन्य में दिनांक 06.03.2024 को पारित न्यायादेश के अनुपालन के क्रम में वादी आशा प्रकाश के पेंशनादि लाभ की गणना हेतु इनकी वैचारिक नियुक्ति तिथि 31.12.2011 की स्वीकृति दी गई।
  •  पश्चिम सिंहभूम जिला के सदर चाईबासा अंचल अन्तर्गत मौजा-गितिलपी, थाना नं0-580, खाता नं0-01 प्लॉट संख्या-905 में अन्तर्निहित कुल रकबा 0.70 एकड़ पुरानी परती भूमि सहायक आसूचना ब्यूरो (SIB) के कार्यालय एवं आवासीय भवन के निर्माण हेतु Subsidiary Inteligence Bureau, Ministry of Home Affairs, Government of India, Chaibasa के साथ सशुल्क स्थायी लीज बंदोबस्ती की स्वीकृति दी गई।
  • राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), राँची अंतर्गत क्षेत्रीय नेत्र संस्थान की स्थापना हेतु विभिन्न स्तर के कुल 103 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।
  • पथ प्रमण्डल, गढ़वा अन्तर्गत गढ़वा-चिनियाँ पथ (MDR-137) कुल लंबाई  (26.300 कि०मी०) के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण / पुनर्निर्माण कार्य (भू-अर्जन/सहित) हेतु रु ० 123,14,82,900/- (रूपये एक सौ तेईस करोड़ चौदह लाख बेरासी हजार नौ सौ) मात्र की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
  • राज्य संचालित कम्बल एवं वस्त्र वितरण योजना के क्रियान्वयन में आंशिक संशोधन की स्वीकृति दी गई।
  • षष्ठम झारखण्ड विधान सभा का द्वितीय (बजट) सत्र (दिनांक 24.02.2025 से 27.03.2025 तक) के सत्रावसान हेतु मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दी गई।
  • खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा-15 के अन्तर्गत Jharkhand Sand Mininig Rules, 2025 को अधिसूचित करने की स्वीकृति दी गई।
  • झारखण्ड माल और सेवा कर अधिनियम-2017 के आलोक में झारखण्ड राज्य के जी.एस.टी. निबंधन प्रमाण-पत्र की अनिवार्यता हेतु झारखण्ड पथ निर्माण संवेदक निबंधन नियमावली, 2008 तथा पथ निर्माण विभाग के अन्तर्गत कार्यों के कार्यान्वयन निमित्त वर्तमान में प्रवृत् F2 कान्ट्रैक्ट डॉक्यूमेंट एवं स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट (SBD) में संशोधन की स्वीकृति दी गई।
  • झारखण्ड राज्य पुलिस ट्रेड संवर्ग (भर्ती, प्रोन्नति तथा अन्य सेवा शर्त) नियमावली, 2025 के गठन की स्वीकृति दी गई।
  • ★ डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, राँची के नाम में परिवर्तन हेतु झारखण्ड राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) अधिनियम, 2017 में संशोधन की स्वीकृति दी गई।

Published / 2025-05-07 21:16:42
राष्ट्रपति मुर्मू को पीएम मोदी ने बतायी मिशन सिंदूर की सफलता

मिशन सिंदूर के बाद राष्ट्रपति मुर्मू से मिले पीएम मोदी, आपरेशन के बारे में दी पूरी जानकारी 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी ठिकानों पर भारतीय सशस्त्र बलों की ओर से किये गये मिसाइल हमले के कुछ घंटे बाद बुधवार (7 मई, 2025) को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति को आपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी। 

पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में, भारतीय सशस्त्र बलों ने मंगलवार देर रात आपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान स्थित जिन आतंकी ठिकानों पर हमला किया उनमें जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ बहावलपुर और लश्कर-ए-तैयबा का अड्डा मुरीदके शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को 26 नागरिकों के नरसंहार के दो हफ्ते बाद ये मिसाइल हमले किये गये।  

राष्ट्रपति कार्यालय ने बैठक की तस्वीरें साझा कीं और एक्स पर एक पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और उन्हें आपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी।  

आपरेशन सिंदूर से जुड़ी कुछ अहम बातें 

बुधवार की सुबह शुरू किया गया यह अभियान भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना की ओर से संयुक्त रूप से संचालित किया गया। बीती रात 1.05 बजे से 1.30 बजे के बीच 24 मिसाइलों से नौ आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया गया, जिनमें मुरीदके स्थित लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय और बहावलपुर स्थित प्रमुख प्रतिष्ठान शामिल थे, ये वे स्थान हैं, जिन्हें आतंकवादी गतिविधियों का केंद्र माना जाता है। 

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस अभियान में लगभग 70 आतंकवादी मारे गये। अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई समझ-बूझकर, आनुपातिक और गैर-उग्र प्रकृति की थी, जिसमें नागरिक और सैन्य बुनियादी ढांचे को छोड़कर, विशेष रूप से आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया गया था। 

बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आपरेशन की विस्तृत जानकारी दी और भारतीय सेना की बहादुरी की जमकर सराहना की। कैबिनेट मंत्रियों ने इस सफल अभियान के लिए पीएम मोदी को बधाई दी और उनके नेतृत्व में पूर्ण विश्वास जताया। सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी रात भर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और सैन्य कमांडरों के संपर्क में रहे, ताकि अभियान योजना के अनुरूप संपन्न हो। 

आपरेशन सिंदूर को लेकर भारतीय सेना, वायुसेना और विदेश मंत्रालय ने संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग की, जिसमें विदेश सचिव विक्रम मिस्री, वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह और भारतीय थल सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी शामिल हुईं। सैन्य अधिकारियों ने आतंकी ठिकानों पर किये गये हमले की क्लिप भी दिखायी। 

कर्नल कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान ने दशकों से पीओके और अपनी सीमाओं के भीतर आतंकी शिविरों, लॉन्च पैडों और भर्ती केंद्रों का एक नेटवर्क विकसित किया है। इस आपरेशन का उद्देश्य उन्हीं बुनियादों को ध्वस्त करना था। 

आपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद केंद्र सरकार ने गुरुवार (8 मई) को सुबह 11 बजे एक सर्वदलीय बैठक बुलायी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सहित वरिष्ठ मंत्री मौजूद होंगे। बैठक का एजेंडा विपक्षी नेताओं को आपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देने और राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों पर भविष्य की कार्रवाई पर चर्चा करने पर केंद्रित है।

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