टीम एबीएन, रांची। झारखंड में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। इसके तहत 20 जिलों के डीसी बदले गए हैं। कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार जारी अधिसूचना के अनुसार अजयनाथ झा को बोकारो का डीसी बनाया गया है। आदित्य रंजन को धनबाद का डीसी बनाया गया है। कंचन सिंह को सिमडेगा का डीसी बनाया गया है। शशि प्रकाश सिंह को हजारीबाग का डीसी बनाया गया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रपति भवन में कलाकारों के निवास कार्यक्रम के अंतर्गत कलाकारों के एक समूह ने आज (26 मई, 2025) राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। आर्टिस्ट इन रेसिडेंस कार्यक्रम- कला उत्सव में भारत के पारंपरिक कला प्रारूपों को उनके मूल स्वरूप में प्रदर्शित किया जाता है। राष्ट्रपति भवन में यह कला उत्सव भारत के उन लोक, आदिवासी और पारंपरिक कलाकारों को एक मंच प्रदान करता है, जिन्होंने पीढ़ियों से कला के विभिन्न प्रारूपों को सहेज रखा है।
आर्टिस्ट-इन-रेसिडेंस कार्यक्रम के अंतर्गत मध्य प्रदेश की गोंड चित्रकला और बिहार की मधुबनी चित्रकला के कलाकार 20 से 27 मई 2025 तक राष्ट्रपति भवन में रह रहे हैं। इनमें मधुबनी चित्रकला की कलाकार शांति देवी, अंबिका देवी, मनीषा झा, प्रीति कर्ण, रंजन पासवान, शांति देवी, उर्मिला देवी, श्रवण पासवान, कुमारी नलिनी शाह और मोती कर्ण तथा गोंड कलाकार दुर्गाबाई व्याम, सुभाष व्याम, ननकुसिया श्याम, राम सिंह उवेर्ती, दिलीप श्याम, चंपाकली, हीरामन उवेर्ती और जापानी श्याम धुर्वे शामिल हैं।
राष्ट्रपति ने कलाकारों द्वारा राष्ट्रपति भवन में प्रवास के दौरान बनाई गई पेंटिंग्स का अवलोकन किया और भारत के महत्वपूर्ण पारंपरिक कला प्रारूपों के रचनात्मक चित्रकारी की सराहना की। उन्होंने भविष्य के कलात्मक प्रयासों की उनकी सफलता की कामना की।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार ने गरीब एवं वंचित तबकों के लिए आवास योजनाओं में ऐतिहासिक निर्णय लिया है। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर आवास योजना के अंतर्गत अब 1.20 लाख / 1.30 लाख रुपये की जगह 2 लाख रुपये प्रति आवास की सहायता देने की दिशा में आवश्यक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है।
ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने निर्देश देते हुए कहा कि हर झारखंडवासी को गरिमामयी जीवन देने की दिशा में यह एक निर्णायक कदम है। दीपिका पांडेय सिंह ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आवासीय योजनाओं के लक्ष्यों में वृद्धि करने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। साथ ही अबुआ आवास योजना के वार्षिक लक्ष्य का 1% जिलों के पास संरक्षित रखने की अनुशंसा की गयी है, जिससे आकस्मिक जरूरतों के समय आवास आवंटन में बाधा न आये।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, अबुआ आवास योजना और बाबा साहब भीमराव अंबेडकर आवास योजना के प्रचार-प्रसार को पंचायत स्तर तक ले जाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया जायेगा। प्रचार सामग्री में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की तस्वीरों को शामिल करने के निर्देश दिये गये हैं, ताकि योजनाओं की विश्वसनीयता और जनता से जुड़ाव और मजबूत हो।
अबुआ आवास योजना अंतर्गत राज्य एवं जिला स्तर पर संधारित खातों में 230.79 करोड़ रुपये की राशि 13 मई 2025 तक शेष थी। मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने इस पूरी राशि को एक सप्ताह के भीतर योग्य लाभुकों के खातों में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है। साथ ही 2025-26 के बजट में प्राप्त 3000 करोड़ रुपये की त्वरित निकासी कर समय पर आवास निर्माण सुनिश्चित करने को कहा गया है।
प्रधानमंत्री जनजातीय मानवाधिकार आवास योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए मंत्री ने स्पष्ट किया कि अनुश्रवण और सामग्री की डिलीवरी में कोई ढिलाई नहीं चलेगी। लाभुकों को समय पर सामग्री मिले, निर्माण समयबद्ध तरीके से पूरा हो, इसे जिला प्रशासन सुनिश्चित करे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर (पलामू)। उपायुक्त शशि रंजन जिले में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों की पढ़ाई के लिए गंभीर हैं। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को जिले के निजी विद्यालयों में भी बेहतर शिक्षा ग्रहण कराने के लिए कड़ी पहल करने में जुटे हैं। उपायुक्त आज समाहरणालय सभागार में जिले के निजी विद्यालय प्रबंधन के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने शिक्षा का अधिकार कानून के तहत निजी विद्यालयों में बच्चों का नामांकन की गहणता से समीक्षा की।
उन्होंने निजी विद्यालयों के प्रवेश कक्षाओं में निर्धारित सीट, शिक्षा के अधिकार कानून के तहत आवंटित सीट, स्कूल का नामांकन शुल्क संरचना, बस शुल्क, विद्यालय एवं बच्चों के परिवहन में लगे बसों में आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था, वार्षिक शुल्क, मासिक शुल्क, स्कूल का यू-डायस, विद्यालय में सीसीटीवी का अधिष्ठापन आदि की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने प्रवेश कक्षाओं में बच्चों के नामांकन की प्रगति पर जिला शिक्षा अधीक्षक के प्रति कड़ी नाराजगी जतायी। साथ ही शिक्षा के अधिकार कानून के प्रभावी क्रियान्वयन कराने का निर्देश दिया। उन्होंने निजी विद्यालयों में बच्चों का नामांकन सुनिश्चित कराने का सख्त निर्देश दिया।
उन्होंने शिक्षा के अधिकार कानून का सख्ती से अनुपालन नहीं करने वाले विद्यालय प्रबंधन को शो-कॉज करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने शिक्षा का अधिकार कानून के तहत रिक्त सीटों पर आगामी 30 दिनों के अंदर नामांकन प्रक्रिया पूर्ण कराने का निर्देश दिया। साथ ही कानून का पालन नहीं करने वाले विद्यालयों की मान्यता रद्द करने संबंधी कार्रवाई करने का सख्त निर्देश दिया।
उन्होंने बच्चों का नामांकन नहीं लेने या नामांकन में उदासीन रवैया अपनाने वालों के विरूद्ध जुर्माना लगाये जाने की कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी। उन्होंने स्कूलों में सीसीटीवी का अधिष्ठापन का निदेश दिया। वहीं स्कूल बसों में फस्ट एड बॉक्स के साथ-साथ अन्य सुरक्षात्मक उपायों का प्रबंध करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने विद्यालयों में भी नशीले पदार्थो के सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया। वैसे विद्यालय जहां कक्षा 9, 10 एवं 11 की पढ़ाई होती हो, उसके निश्चित परिधि के अंदर किसी भी नशीले चीजों की बिक्री की शिकायत नहीं मिलने की बातें कही। विद्यालय के आसपास विद्यालय प्रबंधन का भी इसपर नजर रखने एवं इससे संबंधित प्रत्येक माह रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।
वहीं विद्यालयों में एनिमिया टेस्ट कैंप आयोजित कराने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा आगामी 15 दिनों के अंदर एआई बेस्ड प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा। यह प्रतियोगिता सभी के लिए रहेगा। इससे विद्यार्थियों में एआई बेस्ड लर्निंग आकलन किया जायेगा।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर (पलामू)। उपायुक्त शशि रंजन के निर्देश पर उप विकास आयुक्त शब्बीर अहमद आज समाहरणालय के ब्लाक सी स्थित डीआरडीए सभागार में बैठक की। इस दौरान उन्होंने समाज कल्याण विभाग अंतर्गत बाल विकास परियोजनाओं में संचालित योजनाओं का ससमय क्रियान्वयन की समीक्षा की।
उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्रों में सेविका/सहायिका के रिक्त पदों पर चयन, केन्द्रों में विद्युतीकरण, पेयजल एवं शौयालय की उपलब्धता एवं चेहरा प्रमाणीकरण की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिये। बैठक में मुख्य रूप से जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान उपस्थित थीं।
उप विकास आयुक्त ने आंगनबाडी सेविका/सहायिका चयन की समीक्षा में जिले में संचालित 2625 आंगनबाड़ी केंद्रों में 68 सेविका एवं 248 सहायिका के रिक्त पदों पर बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, पाटन के द्वारा विभागीय निर्देश के बावजूद अब तक सेविका/ सहायिका चयन हेतु सूचना का प्रकाशन नहीं किये जाने को लेकर कार्यालय सहायक का वेतन स्थगित करने संबंधी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
उन्होंने किराये के भवन में संचालित आंगनबाड़ी भवनों में शत-प्रतिशत विद्युत की उपलब्धता सुनिश्चित कराने एवं सरकारी भवनों में एक सप्ताह के अंदर विद्युत विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए विद्युत्त कनेक्शन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उप विकास आयुक्त ने आंगनबाड़ी केन्द्रों में पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित कराने हेतु पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता से समन्वय स्थापित कर पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने चेहरा प्रमाणीकरण कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं होने को लेकर नीलांबर- पीतांबरपुर परियोजना को छोड़कर शेष सभी बाल विकास परियोजना की महिला पर्यवेक्षिकाओं का वेतन अगले आदेश तक स्थगित रखने का निर्देश दिया। वहीं 31 मई तक शतप्रतिशत चेहरा प्रमाणीकरण का कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिया। बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना मामले में 70 प्रतिशत उपलब्धि हासिल नहीं करने वाली महिला पर्यवेक्षिकाओं का वेतन अगले आदेश तक स्थगित करने का निर्णय लिया गया।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में विधि-व्यवस्था की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आगामी 27 मई 2025 को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक राजधानी रांची में आयोजित की जाएगी, जिसमें राज्य के शीर्ष पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी, गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, तथा खुफिया एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बैठक में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराध, नक्सल गतिविधियों और संगठित अपराध जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा की जाएगी। कुल मिलाकर 16 प्रमुख बिंदुओं को लेकर समीक्षा और रणनीति पर विचार-विमर्श होगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस संबंध में कहा है कि राज्य सरकार नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार हरसंभव कदम उठाएगी और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।
इस समीक्षा बैठक के बाद नई सुरक्षा नीतियों, प्रशासनिक निर्देशों और संरचनात्मक सुधारों की घोषणा किए जाने की संभावना जताई जा रही है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई हो।
टीम एबीएन, देवघर/ रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 11 जुलाई से शुरू होने वाले विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला-2025 की तैयारियों को लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम- बासुकीनाथ तीर्थ क्षेत्र विकास प्राधिकार एवं वरीय पदाधिकारियों के साथ आज शुक्रवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। श्री लोक कृष्ण लोक प्रशासन संस्थान में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ने राजकीय श्रावणी मेले से जुड़ी सारी तैयारियां ससमय पूरी करने का निर्देश अधिकारियों को दिया।
उन्होंने कहा कि श्रावणी मेले में देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा और सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। बैठक में अधिकारियों ने श्रावणी मेले की चल रही तैयारियों की अद्यतन स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रावणी मेला हमारी आस्था का एक बड़ा केंद्र है। श्रावणी मेले से झारखंड को देश-दुनिया में विशिष्ट पहचान मिली है। हर वर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा नगरी आते हैं।
हर वर्ष इस विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले को काफी बेहतर तरीके से आयोजित करते आ रहे हैं। इस वर्ष भी लगभग 50 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। ऐसे में वे यहां से बेहतर अनुभव लेकर जायें, इसके लिए श्रावणी मेले में नई कड़ियों को जोड़ने के साथ इसे और भी भव्य स्वरूप देने की दिशा में आगे बढ़ें। इसके लिए जो भी जरूरतें होंगी, उसे उपलब्ध कराया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रावणी मेले में सुरक्षा, स्वच्छता, विश्राम, पेयजल, बिजली, पानी, शौचालय, स्नानागार, यातायात और स्वास्थ्य से संबंधित सारी व्यवस्थाएं पुख्ता होनी चाहिए। इसके लिए सभी विभाग आपस में समन्वय बनाकर तैयारियों को अंतिम रूप दें। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव से कहा कि वे श्रावणी मेले की तैयारियों को लेकर विभागों द्वारा की जा रही व्यवस्था की मॉनिटरिंग करें।
टीम एबीएन, रांची। रांची जिला में सर्वजन पेंशन योजना अंतर्गत पेंशनधारियों को मई महीने तक के पेंशन राशि का भुगतान कर दिया गया है। राज्य संपोषित सर्वजन पेंशन योजना अंतर्गत जिले में कुल 2 लाख 14 हजार 350 लाभुकों के बैंक खाते में राशि डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की गयी है।
इनमें मुख्यमंत्री राज्य आदिम जनजाति पेंशन योजना, मुख्यमंत्री राज्य निराश्रित महिला सम्मान पेंशन योजना, मुख्यमंत्री राज्य वृद्धावस्था पेंशन योजना, एचआईवी/एड्स पीड़ित व्यक्ति सहायतार्थ पेंशन योजना, मुख्यमंत्री राज्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना (थर्ड जेंडर) के लाभुक शामिल हैं।
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