टीम एबीएन, रांची। झारखंड में त्योहारों की शोभायात्रा के दौरान अब बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होगी। हाईकोर्ट के निर्देश पर झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड यानी जेबीवीएनएल ने एसओपी जारी कर दिया है। आमतौर पर रामनवमी, सरहुल और मुहर्रम की शोभा यात्रा के दौरान बिजली काटना जरूरी हो जाता था, क्योंकि बड़े-बड़े और ऊंचे महावीरी पताके, ताजिया और सरना झंडा के बिजली तार के संपर्क में आने से दुर्घटना की संभावना बनी रहती थी।
अब इससे बचने के लिए एसओपी जारी हो गया है, जिसका पालन सभी आयोजकों, समितियों, श्रद्धालुओं और नागरिकों को करना होगा। इसका उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, त्योहार के दौरान शोभायात्रा की वजह से 10-10 घंटे बिजली काटे जाने पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था। इस दौरान आम लोगों को होने वाली परेशानी से निजात के लिए हाईकोर्ट ने वैकल्पिक उपाय को लेकर जवाब मांगा था। कोर्ट ने कहा था कि गर्मी में बिजली कटने से बुजुर्ग, बीमार, गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे, परीक्षार्थी पर ज्यादा असर पड़ता है।
बिजली के अभाव में व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद होने से राजस्व का नुकसान होता है। अस्पताल भी प्रभावित होते हैं। तब महाधिवक्ता राजीव रंजन ने साल 2000 में पलामू में हुई घटना का हवाला दिया था, जिसमें 29 लोगों की मौत हुई थी। उन्होंने बताया था कि इसी वजह से रामनवमी, मुहर्रम जुलूस के दौरान बिजली काटनी पड़ती है।
इसपर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने कहा था कि सड़क पर, ट्रेन से या विमान में यात्रा करते समय दुर्घटनाएं हो सकती हैं। इसके लिए लोगों को सड़क, ट्रेन या विमान का उपयोग करने से नहीं रोका जा सकता है। किसी तरह की दुर्घटना ना हो, इसके उपाय किये जाने चाहिए। जब जुलूस की अनुमति दी जाती है, तब पोल और झंडों की ऊंचाई और लंबाई भी तय की जानी चाहिए। इसी मामले में जेबीवीएनएल ने एसओपी जारी किया है।
टीम एबीएन, रांची। रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि प्रशासन ने 27 जून से शुरू हो रहे 10 दिवसीय रथ यात्रा मेले के दौरान प्लास्टिक के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। भजंत्री ने बताया कि मेले में सभी स्टॉल संचालकों और दुकानदारों को आदेश का सख्ती से पालन करने और पत्तों से बने उत्पादों, बांस की टोकरी और कागज से बने सामान जैसे पर्यावरण अनुकूल विकल्पों का उपयोग करने के निर्देश दिये गये हैं।
अधिकारी ने कहा, इन उपायों से न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी, बल्कि मेले में साफ-सफाई बनाए रखने में भी सहयोग मिलेगा। उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री, पुलिस उप महानिरीक्षक सह वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार सिन्हा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर में आयोजित होने वाले रथ यात्रा मेले की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।
एसएसपी सिन्हा ने बताया कि मेले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है तथा परिसर में वॉच टावर और सीसीटीवी कैमरे लगाये जायेंगे। इसके अलावा, प्रमुख स्थानों पर दंडाधिकारी और पुलिसकर्मियों की तैनाती की जायेगी। उपायुक्त ने यह भी बताया कि मेले के दौरान बिजली आपूर्ति, शौचालय, पेयजल, अग्निशमन वाहन और एंबुलेंस की समुचित व्यवस्था की गई है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड की राजधानी रांची में होने वाले ऐतिहासिक रथ यात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन अपनी तैयारी को अंतिम रूप देने में लगा हुआ है। रविवार को डीआईजी सह एसएसपी रांची चंदन कुमार सिन्हा और रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने जगन्नाथपुर रथ यात्रा मेला की तैयारी का जायजा लिया। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के साथ-साथ उन्होंने जिला के वरीय पदाधिकारियों और मंदिर समिति के सदस्यों के साथ बैठक भी की।
बता दें कि जगन्नाथपुर रथ यात्रा न केवल रांची बल्कि पूरे झारखंड के लिए बेहद अहम होता है। इस दौरान पुरी के भगवान जगन्नाथ की तरह ही सभी पूजा अनुष्ठान और यात्रा होती है। यही वजह है कि सुरक्षा के साथ-साथ दूसरे इंतजामों के लिए डीआईजी सह एसएसपी रांची और डीसी रांची दोनों ही जोर शोर से लगे हुए हैं।
रविवार को हुई बैठक में डीसी और एसएसपी ने निर्देश दिया है कि सभी विभाग एवं मेला न्यास समिति टीमवर्क की तरह कार्य करें। सभी सामूहिक जिम्मेदारी के तहत अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए कार्यों को संपादित करना सुनिश्चित करें। रविवार को डीआईजी सह एसएसपी रांची ने जगन्नाथपुर रथ यात्रा मेला की तैयारी एवं सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इसके साथ जिला के वरीय पदाधिकारियों और मंदिर समिति के सदस्यों के साथ बैठक की और आवश्यक निर्देश जारी किया।
रांची डीसी ने बताया कि जगन्नाथपुर रथ यात्रा के दौरान साफ-सफाई के विशेष इंतजाम रखने के निर्देश दिये हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि मेला परिसर में प्लास्टिक की थैलियों, डिस्पोजेबल ग्लास, प्लेट्स, चम्मच और अन्य सामग्रियों का उपयोग न करें। इसके साथ ही हर स्टॉल के बाहर डस्टबिन अनिवार्य रूप से रखना होगा।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के कई जिले सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर बीमारी से प्रभावित हैं। इसको लेकर राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची में आयोजित एक जागरूकता कार्यक्रम में हिस्सा लिया और सिकल सेल से पीड़ित लोगों से बातचीत की। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी, यूनिसेफ के प्रतिनिधि, वरिष्ठ चिकित्सक, मुख्य सचिव अलका तिवारी समेत कई अधिकारी उपस्थित थे।
कार्यक्रम में हिन्दपीढ़ी निवासी सिकल सेल मरीज अब्दुल हकीम ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि इस बीमारी में अत्यधिक थकान होती है, चलने-फिरने में परेशानी होती है और हीमोग्लोबिन की कमी के कारण अक्सर ब्लड चढ़वाना पड़ता है। कई बार अस्पताल में ब्लड नहीं मिल पाता, ऐसे में ब्लड डोनर खोजने की मजबूरी होती है।
हकीम ने बताया कि पहले उन्हें बुखार हुआ, जांच में मलेरिया की पुष्टि हुई और फिर आगे की जांच में सिकल सेल की पहचान हुई। स्वास्थ्य विभाग के सचिव सुनील कुमार ने बताया कि राज्य में करीब एक हजार से अधिक लोग सिकल सेल से ग्रसित हैं। आंकड़ों के अनुसार हर 1300 व्यक्तियों में से एक में इसके लक्षण पाये जाते हैं।
सबसे अधिक मामले रांची, गुमला, सिमडेगा और चाईबासा जिलों में सामने आए हैं। रांची में 1300, गुमला में 400 मरीज हैं। यह बीमारी आदिवासी और जनजातीय इलाकों में अधिक पायी जाती है। मलेरिया के बाद इसके संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है। रांची की विमला कुमारी (28), जो सदर अस्पताल में काउंसलिंग का काम करती हैं, ने बताया कि 2016 में उन्हें इस बीमारी का पता चला।
शुरुआत में हाथ-पैर में दर्द और ब्लड की कमी की शिकायत रहती थी। जांच के बाद सिकल सेल की पुष्टि हुई। पंडरा निवासी 15 वर्षीय स्नेहा तिर्की ने भी इस बीमारी से जूझने के अपने अनुभव साझा किये। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि अधिकतर बीमारियां गंदगी से जुड़ी होती हैं। उन्होंने कह कि जब घर में सांप घुसता है, तो लोग लाठी-डंडे लेकर उसे भगाने लगते हैं। उसी तरह, जब शरीर में बीमारी आ जाये तो उसका भी मुकाबला करना होगा। इस बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए हमें गंभीरता से सोचना होगा।
सीएम ने जोर देते हुए कहा कि जिस तरह राज्य में नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाया जाता है, उसी तरह सिकल सेल के खिलाफ भी रणनीतिक और संगठित अभियान चलाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में इस बीमारी के अधिक मरीज हैं, वहां समुचित इलाज की व्यवस्था के साथ-साथ जागरूकता और स्क्रीनिंग की मजबूत व्यवस्था करनी होगी ताकि यह बीमारी आगे किसी और को न हो। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी, मुख्य सचिव अलका तिवारी, यूनिसेफ प्रतिनिधि, स्वास्थ्य विशेषज्ञ और कई अधिकारी मौजूद रहे।
टीम एबीएन, रांची। भारी बारिश की संभावना के मद्देनजर स्कूली छात्राओं के सुरक्षार्थ दिनांक 19.06.2025 को जिला में संचालित सभी कोटि के सरकारी/गैर सरकारी सहायता प्राप्त (अल्पसंख्यक सहित) एवं सभी निजी विद्यालयों में केजी से वर्ग-12 तक के विद्यालय को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग, भारत मौसम विज्ञान केंद्र झारखंड, रांची के विशेष बुलेटिन दिनांक 19.06.2025 को भारी बारिश के परिप्रेक्ष्य में रेड जोन की श्रेणी में रांची जिला को चिन्हित करते हुए भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गयी है। जिसके आलोक में जिला प्रशासन द्वारा स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। आदेश का अनुपालन नहीं किये जाने पर संबंधित विद्यालय/संस्थान आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की सुसंगत धारा के तहत उत्तरदायी होंगे।
जिले के सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, अवर विद्यालय निरीक्षक, क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी एवं प्रधानाध्यापक-सह- निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी, सभी कोटि के विद्यालय के प्राचार्य/प्रधानाध्यापक/प्रभारी प्रधानाध्यापक/ संबंधित शिक्षक-शिक्षिका/संबंधित विद्यालय प्रधान एवं गैर सरकारी सहायता प्राप्त (अल्पसंख्यक सहित) प्रारंभिक/माध्यमिक एवं +2 उच्च विद्यालय/ सचिव/प्रधानाध्यापक/प्रभारी प्रधानाध्यापक को आदेश पालन हेतु आवश्यक कार्यवाही करने को कहा गया है।
एबीएन बिजनेस डेस्क। भारतीय स्टेट बैंक ने 15 जून 2025 से अपनी एफडी और सेविंग्स अकाउंट पर मिलने वाली ब्याज दरों में कटौती कर दी है। बैंक ने सभी अवधि की रेगुलर एफडी पर 25 बेसिस पॉइंट (0.25%) और सेविंग अकाउंट पर 50 बेसिस पॉइंट (0.50%) तक की कटौती की है। इससे ग्राहकों की जमा पूंजी पर मिलने वाला ब्याज पहले की तुलना में कम हो जायेगा।
एसबीआई ने सेविंग अकाउंट (बचत खाता) की ब्याज दर को अब सभी खातों के लिए एक समान 2.5% कर दिया है। पहले यह दर बैलेंस के आधार पर अलग-अलग थी:
अब दोनों को समायोजित कर एक ही दर 2.5% प्रति वर्ष तय कर दी गयी है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि राज्य के सभी 29,562 मतदान केंद्र के क्षेत्रों का जियो फेंसिंग कराने के लिए विभिन्न जिलों से आए 540 पदाधिकारियों एवं कर्मियों को 6 बैचों में 11 से 13 जून तक चलने वाले तीन दिवसीय प्रशिक्षण के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया है।
ये पदाधिकारी एवं कर्मी अपने जिलों में बीएलओ एवं बीएलओ सुपरवाइजर के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए उनके मतदान केंद्र के क्षेत्रों का जियो फेंसिंग करने का कार्य करेंगे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी शुक्रवार को निर्वाचन सदन में आयोजित मतदान केंद्र के क्षेत्रों का जियो फेंसिंग से संबंधित प्रशिक्षण सत्र को संबोधित कर रहे थे। कुमार ने कहा कि जियो फेंसिंग के माध्यम से प्रत्येक मतदान केंद्र क्षेत्र की सीमा सुनिश्चित की जा सकेगी जिससे बीएलओ द्वारा आसानी से अपने क्षेत्र के मतदाताओं तक पहुंच बनायी जा सकेगी।
प्रशिक्षण के तीसरे एवं अंतिम दिन भी उपस्थित प्रतिभागियों को पीपीटी, प्रैक्टिकल एवं फील्ड विजिट कराया गया एवं उनके द्वारा किये गये कार्यों को मूल्यांकित भी किया गया। इस अवसर पर संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी देव दास दत्ता, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के पदाधिकारी एवं कर्मी, विभिन्न जिलों से आए उप निर्वाचन पदाधिकारी एवं संबंधित जिलों के कर्मी उपस्थित रहे।
टीम एबीएन, रांची। रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री के दिशा-निर्देश पर आज दिनांक 11 जून 2025 को निषिद्ध मादक पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने हेतु जागरूकता कार्यक्रम सह प्रशिक्षण के तहत रांची के शहरी क्षेत्र एवं सभी प्रखंड में नशा मुक्ति एवं तंबाकू व अन्य मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभाव को लेकर प्रचार प्रसार वाहन एवं जागरूकता रथ (माइकिंग) को डॉ प्रभात कुमार, सिविल सर्जन, रांची के द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में नशीले पदार्थों के सेवन के खिलाफ जागरूकता पैदा करना और इससे होने वाले नुकसान से लोगों को अवगत कराना है। मौके पर अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सिद्धेश्वर बास्की, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, प्रवीण कुमार सिंह, जिला कंसलटेंट, टोबैको कंट्रोल सेल रांची सुशांत कुमार एवं अन्य चिकित्सा पदाधिकारी एवं स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।
सिविल सर्जन रांची डॉ प्रभात कुमार ने कहा कि तंबाकू एवं मादक पदार्थ पर रोक लगाने हेतु पूर्ण संकल्पित है। चार दिवसीय प्रशिक्षण का आज तीसरा दिन है जिसमें स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला स्तर पर प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में प्रतिभागी के रूप में प्रत्येक ब्लॉक से चार चिकित्सा पदाधिकारी एवं 10 स्वास्थ्य कर्मी को प्रशिक्षित किया जा रहा है जो इस प्रशिक्षण के उपरांत अपने-अपने कार्य क्षेत्र में मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य है कि तंबाकू एवं मादक पदार्थ से होने वाले बीमारी एवं इस्तेमाल में कमी लाई जा सके। माइकिंग के माध्यम से समुदाय के स्तर पर जागरूकता बढ़ेगी और लोग नशा छोड़ने के लिए प्रेरित होंगे।
वहीं एक आंकड़े के मुताबिक झारखंड में तंबाकू एवं मादक पदार्थों के सेवन करने वाले लोग 38. 9% है जो की काफी अधिक है। इसकी रोकथाम हेतु हमें पंचायत लेवल तक प्रचार प्रसार किया जा रहा है। यह एक जन जागरूकता अभियान है जिसमे हम सभी की भागीदारी एवं सबका सहयोग अति महत्वपूर्ण है। हालांकि हाल ही में रांची जिला में तकरीबन 6 000 हेक्टेयर भूमि पर लगे अफीम की फसल को नष्ट किया गया है।
डॉ एस बास्की ने बताया कि देशभर में नशीली दावों की लत एक गंभीर समस्या बन गयी है। खासकर युवा पीढ़ी किसी न किसी कारण से नशीली दावों का सेवन कर रहे हैं इससे न केवल परिवार में परेशानी होती है बल्कि समाज में अपराध भी बढ़ता जा रहा है। इन समस्या से निपटने के लिए इसे लेकर लोगों को जागरूक करना साथ ही इससे होने वाले भयानक दुष्परिणामों के बारे में लोगों को बताना होगा ताकि लोग इसका सेवन न करें।
डीपीएम प्रवीण कुमार सिंह ने कहा कि जिन लोगों की नशे की लत है वे परामर्श, पुनर्वास केन्द्र और दवा के माध्यम से इसे छोड़ सकते हैं और एक स्वस्थ जीवन शैली अपना कर अपनी जिंदगी जी सकते हैं। इस जागरूकता कार्यक्रम का मकसद नशीली दवाओं के दुरुपयोग को कम करना, प्रभावित व्यक्तियों का पुनर्वास करना और दीर्घकालिक सुधार के लिए एक सहायक वातावरण बनाना है।
सुशांत कुमार, जिला परामर्शी, टोबैको कंट्रोल सेल ने कहा कि माइकिंग के माध्यम से हम मादक पदार्थों के सेवन को कम करने और उसके दुष्परिणामों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए प्रयासरत है। यह लोगों को नशे के नुकसान के बारे में शिक्षित करेगा।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse