टीम एबीएन, रांची। रांची में सरकारी शराब दुकानों के संचालन को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। अब प्लेसमेंट एजेंसियों की जगह होमगार्ड के जवान इन दुकानों का संचालन करेंगे। इस संबंध में रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने होमगार्ड के समादेष्टा को पत्र भेजा है।
रांची जिले में कुल 166 खुदरा शराब दुकानें हैं, जिनमें 76 विदेशी शराब की दुकानें, 41 देशी शराब की दुकानें, 49 कंपोजिट (विदेशी + देशी) दुकानें शामिल हैं। इन दुकानों के संचालन के लिए 367 होमगार्ड जवानों की जरूरत बतायी गयी है।
डीसी के पत्र में यह भी उल्लेख है कि शराब दुकानों की नयी संचालन नियमावली लागू होने में करीब 2 महीने का समय लगेगा। तब तक प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए संचालन को लेकर गड़बड़ी की आशंका जतायी गयी है। इसलिए यह फैसला लिया गया है कि अब इन दुकानों की जिम्मेदारी होमगार्ड जवानों को दी जायेगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और संचालन ठीक से हो सके।
टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने सीमा कुमारी, तत्कालीन अंचल अधिकारी, सेन्हा, लोहरदगा के विरूद्ध झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2016 के नियम- 14 के अंतर्गत विभागीय संकल्प सं0-18325, दिनांक 02/12/2022 द्वारा अधिरोपित दंड असंचयात्मक प्रभाव से दो वेतन वृद्धि पर रोक को विलोपित किया है।
इस संबंध में कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने संकल्प जारी किया है।
टीम एबीएन, रांची। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश की उपस्थिति में आयोजित जनता दरबार में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने आज यहां पार्टी कार्यालय में आम जनों की समस्याएं सुनी।
जनता दरबार में आम जनों की समस्याओं को सुनने के क्रम में उपस्थित श्री कमलेश ने कहा कि इस परिपाटी के आरंभ होने से जनता के बीच सकारात्मक संदेश जा रहा है। लोग सरकार के पक्ष में स्पष्ट राय रख रहे हैं। जनता समझ रही है कि सरकार समस्याओं को धरातल पर समाधान करने के लिए कार्रवाई कर रही है।
एबीएन सेन्ट्रल डेस्क। क्या आपके पास अब भी ₹2000 के नोट रखे हुए हैं? अगर हां, तो यह खबर आपके लिए है। भले ही दो साल पहले भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने इन नोटों को चलन से हटाने की घोषणा की थी, लेकिन अब भी देशभर में ₹6,099 करोड़ मूल्य के 2000 रुपये के नोट मौजूद हैं।
₹3.56 लाख करोड़ से घटकर ₹6,099 करोड़ – फिर भी पूरी तरह नहीं हुए बाहर
RBI के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 19 मई 2023 को जब ₹2000 के नोट वापस लेने की प्रक्रिया शुरू हुई थी, तब बाजार में इनकी कुल वैल्यू ₹3.56 लाख करोड़ थी। लेकिन 30 जून 2025 तक, इनमें से 98.29% नोट लौटाए जा चुके हैं। इसके बावजूद, एक बड़ी राशि अभी भी जनता या बाजार के पास मौजूद है।
RBI ने स्पष्ट किया है कि ₹2000 के नोट अभी भी लीगल टेंडर हैं यानी आप इनका इस्तेमाल खरीदारी या भुगतान के लिए कर सकते हैं। हालांकि, इन्हें धीरे-धीरे सिस्टम से हटाने की प्रक्रिया जारी है।
हालांकि बैंकों में ₹2000 के नोट बदलवाने की सुविधा 7 अक्टूबर 2023 को समाप्त हो गई थी, लेकिन RBI के 19 इश्यू ऑफिस अब भी यह सेवा दे रहे हैं। लोग वहां जाकर अपने नोट जमा कर सकते हैं या उन्हें बदल सकते हैं।
अगर आप RBI के ऑफिस तक नहीं जा सकते, तो भारतीय डाक सेवा के जरिए भी नोट भेजे जा सकते हैं। डाकघर से नोट RBI को भेजने पर, वह राशि आपके बैंक खाते में जमा कर दी जाती है। यह सुविधा विशेष रूप से दूरदराज इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है।
RBI का कहना है कि ₹2000 का नोट एक तत्काल समाधान था, जो 2016 की नोटबंदी के बाद नकदी की कमी को दूर करने के लिए पेश किया गया था। अब जब छोटे मूल्यवर्ग के नोट भरपूर मात्रा में हैं, तो ₹2000 के नोट की आवश्यकता नहीं रह गई है।
टीम एबीएन, रांची। रांची रेल मंडल अंतर्गत विभिन्न रेलखंडों में चल रहे विकास कार्यों के कारण जुलाई और अगस्त माह में कई ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया गया है। इस दौरान कुछ ट्रेनें रद्द रहेगी, तो कुछ ट्रेनों को छोटे स्टेशनों से समाप्त या प्रारंभ किया जाएगा। दक्षिण पूर्व रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस अस्थायी नियमन की घोषणा की है।
13503/13504 बर्द्धमान-हटिया-बर्द्धमान मेमू पैसेंजर : यह ट्रेन 2 जुलाई से 31 अगस्त 2025 तक निर्धारित कई तिथियों में बोकारो स्टील सिटी से ही प्रारंभ/समाप्त की जायेगी। यानी यह ट्रेन उन दिनों हटिया तक नहीं जायेगी, बल्कि बोकारो स्टील सिटी से ही अपनी यात्रा पूरी या शुरू करेगी। रेलवे की ओर से यात्रियों को सलाह दी गयी है कि वे अपनी यात्रा योजना यात्रा तिथि से पहले रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, हेल्पलाइन या स्टेशन पर संपर्क कर अद्यतन जानकारी प्राप्त करें।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर (पलामू)। खुदरा शराब दुकानों के संचालन के लिए चयनित मानव बल प्रदाता की सेवा अवधि 30 जून 2025 को समाप्त हो रही है। उक्त के आलोक में प्राप्त विभागीय निर्देश अनुसार खुदरा शराब दुकानों में मौजूद शराब के स्टॉक एवं उपस्कर का Handover/Takeover मानव बल प्रदाता से JSBCL के बीच किया जाना है।
दिनांक 1 जुलाई 2025 से Handover/Takeover प्रारम्भ किया जायेगा। Handover/Takeover की प्रक्रिया की समाप्ति के उपरांत दिनांक 5 जुलाई 2025 से जिले में संचालित सभी खुदरा शराब दुकानें संचालित होंगी।
यह जानकारी उत्पाद अधीक्षक संजीत कुमार देव ने दी। उन्होंने बताया कि जिन दुकानों का Handover/Takeover की प्रक्रिया की जाएगी। सिर्फ वही दुकानें बंद रहेंगी। अन्य दुकानें खुली रहेंगी।
टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने गिरेन्द्र टूटी, झाप्रसे, तत्कालीन अंचल अधिकारी, गम्हरिया, सरायकेला-खरसावां को निलंबन मुक्त किया है।
रविन्द्र कुमार, झाप्रसे (कोटि क्रमांक-241/20), उप नगर आयुक्त, रांची नगर निगम, रांची को भविष्य में सचेत रहने की चेतावनी के साथ आरोप मुक्त किया है।
कृष्ण कन्हैया राजहंस, झाप्रसे (कोटि क्रमांक-851/24), तत्कालीन अंचल अधिकारी, रातू, रांची के विरूद्ध गठित आरोप पत्र में प्रतिवेदित आरोपों की जांच हेतु विभागीय कार्यवाही संचालित किया है। इस संबंध में कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने संकल्प जारी किया है।
टीम एबीएन, रांची। हर घर नल से जल को लेकर चल रहे जल जीवन मिशन की झारखंड में वर्तमान स्थिति को लेकर मुख्य सचिव अलका तिवारी की अध्यक्षता में बुधवार को समीक्षा की गयी। समीक्षा के दौरान मिशन के आड़े आ रही समस्याओं का समाधान निकालने की कोशिश की गयी। वर्चुवल माध्यम से जुड़े तमाम जिले के उपायुक्तों को मुख्य सचिव ने मिशन के सुचारू क्रियान्वयन में लीडरशिप देने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि मिशन के कार्यों में समन्वय स्थापित करने के लिए सक्रिय सहभागिता निभायें। इसकी नियमित समीक्षा करें। इलाके के मुखिया के साथ नियमित अंतराल पर बैठक करें। इससे इलाके की अच्छी जमीनी जानकारी मिलेगी। इस फीडबैक का उचित उपयोग करें। उन्होंने कहा कि अधूरा कार्य और पूरा भुगतान का मामला सामने आने पर उसे गंभीरता से लें। उसकी जांच करायें और समुचित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिया कि वे जब भी किसी काम से फील्ड में जायें, तो वहां के जल जीवन मिशन के कार्यों को जरूर देखें। उसका आकलन करें और जरूरत पड़ने पर मौके पर ही समस्या का समाधान करें। जल जीवन मिशन की सफलता के लिए सभी उपायुक्तों को दो कमिटेड इंजीनियर दिये जा रहे हैं। वे उपायुक्तों के अधीन कार्य करेंगे। मुख्य सचिव ने कहा कि उनका टेक्निकल सेल बना कर पूरा काम लें।
रोज उन्हें काम सौंपे और उसकी रिपोर्ट लें। बताते चलें की 15 अगस्त 2019 को सभी ग्रामीण घरों, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में नल से जल पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन की शुरुआत हुई थी। दिसंबर 2028 तक इस योजना के तहत कार्य संपन्न करना है। इसके तहत अब तक झारखंड में 97,535 योजनाएं ली गई हैं। उनमें से 56,332 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं।
24,781 योजनाएं ग्राम समिति को सुपुर्द की जा चुकी ही। बाकी बची योजनाओं को ग्राम समिति को सुपुर्द करने की कार्रवाई की जा रही है। बताते चलें कि झारखंड में 29,398 गांव हैं। उनमें से 6963 गांवों को पूर्णत: नल के जल से जोड़ा जा चुका है। झारखंड के गांवों में 62,54,059 घर हैं। उनमें से 34,42,332 घरों में नलका से पानी आपूर्ति की जा रही है।
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