राज काज

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Published / 2025-07-31 18:11:20
झारखंड पुलिस राष्ट्रपति के दौरे को लेकर हाई अलर्ट

एबीएन न्यूज नेटवर्क, देवघर। राष्ट्रपति एम्स देवघर के पहले दीक्षांत समारोह में भाग लेंगी और कल यानी 1 अगस्त को आईआईटी (भारतीय खनि विद्यापीठ), धनबाद के 45वें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। इससे पहले उन्होंने बीते बुधवार को पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में एम्स-कल्याणी के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया था। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए देवघर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि देवघर हवाई अड्डे से एम्स तक के रास्ते पर सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। वह अपराह्न 3 बजे दीक्षांत समारोह को संबोधित करेंगी। उन्होंने बताया कि रास्ते में सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए बीते बुधवार को एक अभ्यास किया गया। 

अधिकारियों ने बताया कि काफिले में प्रोटोकॉल के अनुसार वाहन होंगे, जिनमें एक एम्बुलेंस और सामान ले जाने वाली गाड़ी के अलावा अन्य वाहन भी शामिल होंगे। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे सभी वाहनों को अनिवार्य जांच के बाद तैयार रखा गया है। इस बीच, धनबाद शहर भी राष्ट्रपति के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। 

अपने कार्यक्रम के तहत, मुर्मू एक अगस्त को 99 साल पुराने आईआईटी (भारतीय खनि विद्यापीठ) के 45 वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। इस कार्यक्रम में राज्यपाल संतोष गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के भी मौजूद रहने की उम्मीद है। 

अधिकारियों के अनुसार, मुर्मू आईआईटी-आईएसएम के दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए लगभग 1 घंटे तक धनबाद में रहेंगी। एक अधिकारी ने कहा, उनके दोपहर 12 बजे पहुंचने और समारोह में शामिल होने की उम्मीद है। वह दोपहर 1 बजे तक रवाना होंगी। मुर्मू आईआईटी-आईएसएम, धनबाद में दीक्षांत समारोह में शामिल होने वाली दूसरी राष्ट्रपति होंगी।

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 10 मई, 2014 को संस्थान के 36 वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की थी। आईएसएम धनबाद की स्थापना 1926 में हुई थी और 6 सितंबर, 2016 को इसे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) का दर्जा दिया गया था।

Published / 2025-07-30 21:15:27
फिर पटरी पर वापस लौटी 108 एंबुलेंस सेवा

हड़ताल खत्म, चालक और ईएमटी कर्मी लौटेंगे काम पर 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड की 108 एंबुलेंस सेवाएं एक बार फिर से सुचारू हो जायेंगी। पिछले दो दिनों से जारी एंबुलेंस चालक एवं ईएमटी कर्मियों की हड़ताल समाप्त हो गई है। झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ ने सरकार से बातचीत के बाद हड़ताल वापस लेने की घोषणा की है। गुरुवार से सभी कर्मचारी पुन: ड्यूटी पर लौटेंगे। 

यह सहमति बुधवार को अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, अजय कुमार सिंह के साथ हुई बैठक में बनी। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित झारखंड स्टेट हेल्थ सोसाइटी के एमडी शशि प्रकाश झा, झारखंड मेडिकल एंड हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के एमडी अबु इमरान, परिवहन विभाग के संयुक्त आयुक्त डॉ प्रवीण प्रकाश एवं 108, 104 और एनजीओ के स्टेट नोडल पदाधिकारी डॉ पंकज कुमार सिन्हा उपस्थित थे। 

बैठक में कर्मचारी संघ की चार सूत्री मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिनमें कुशल श्रमिक के अनुरूप मानदेय देने, अगस्त माह से ईपीएफ लागू करने तथा ओवरटाइम का नियमानुसार भुगतान शामिल था। 

सरकार ने की मांगों पर सकारात्मक पहल 

  • अपर मुख्य सचिव ने कर्मचारियों को कुशल श्रमिक की श्रेणी के मानदेय व ओवरटाइम भुगतान का निर्देश दिया। 
  • अगस्त से ईपीएफ लाभ सुनिश्चित करने तथा 15 हजार से अधिक की राशि पर कर्मियों से कंसेंट लेटर लेने का निर्देश दिया गया। 
  • सितंबर माह से ईपीएफ कटौती के साथ वेतन भुगतान करने को कहा गया। 
  • जिन कर्मियों को हड़ताल अवधि में हटाया गया था, उन्हें भी पुन: काम पर लेने का आदेश दिया गया। 
  • ड्राइवरों को अपने लाइसेंस और ईएमटी कर्मियों को अपने प्रमाण पत्र व्हाट्सएप ग्रुप में अपलोड करने का निर्देश दिया गया। 
  • अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि कर्मचारी अनुशासन बनाये रखें, अनुशासनहीनता पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी। 

संघ ने जताया भरोसा, सेवाएं होंगी बहाल 

मांगे मान लिए जाने के बाद संघ ने अपनी हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की और सभी कर्मियों को काम पर लौटने के निर्देश दिये। यह निर्णय राज्य भर में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की बहाली की दिशा में एक राहतभरी खबर है, जिससे आम जनजीवन को बड़ी राहत मिलेगी।

Published / 2025-07-27 20:45:15
झारखंड : भारी बारिश को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग का हाई अलर्ट

झारखंड में भारी बारिश को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग का हाई अलर्ट, दिशा-निर्देश जारी, लोगों से सतर्क रहने की अपील

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झारखंड में भारी बारिश को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग का हाई अलर्ट, दिशा-निर्देश जारी, लोगों से सतर्क रहने की अपील - JHARKHAND WEATHER
झारखंड के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर अलर्ट है. आपदा विभाग की ओर से भी अलर्ट जारी किया गया है.
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बारिश (ईटीवी भारत)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : July 27, 2025 at 6:55 AM IST



  • रांची। मौसम विभाग ने लो प्रेशन एरिया के कारण अगले कुछ दिनों तक झारखंड के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। 

मौसम विज्ञान केंद्र, रांची द्वारा जारी चेतावनी के बाद राज्य के स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ इरफान अंसारी भी पूरी तरह सतर्क और सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्पतालों से लेकर आपदा विभाग तक की सारी व्यवस्थाओं को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश जारी किए हैं।

मंत्री इरफान अंसारी ने बताया कि उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग के प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को अलर्ट मोड पर रहने को कहा है ताकि खराब मौसम, वज्रपात और भारी बारिश से जान-माल की हानि न हो और सभी सुरक्षित रहें। उन्होंने राज्यवासियों को सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर आवश्यक सलाह दी है और उनसे सतर्क रहने तथा स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पालन करने की अपील की है।

मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के अनुसार अगले 36 घंटों में डिप्रेशन झारखंड से उत्तरी छत्तीसगढ़, पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ेगा, जिसके कारण इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। यही वजह है कि रविवार को रांची समेत कई जिलों में आंधी-तूफान, तेज हवाओं के साथ-साथ भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

Published / 2025-07-26 21:14:03
झारखंड में जनगणना की तैयारी तेज

सरना धर्म कोड पर टिकी है सभी की नजर 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार ने 16वीं जनगणना की तैयारियों को लेकर कमर कस ली है। राज्य सरकार 31 जुलाई 2025 तक जनगणना अधिसूचना जारी करने की तैयारी में है। इस अधिसूचना में सरना धर्म कोड को शामिल करने की अनुशंसा की जा सकती है। 

ज्ञात हो कि झारखंड में सत्तारूढ़ झामुमो और कांग्रेस लंबे समय से जनगणना में सरना धर्म कोड को मान्यता देने की मांग करते रहे हैं। राज्य विधानसभा में भी इस आशय का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है। सरना कोड की मांग आदिवासी समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। 

बता दें कि जनगणना 2027 की तैयारी के लिए भारत सरकार ने झारखंड सहित सभी राज्यों को निर्देश जारी कर दिया है। राज्यों को कहा गया है कि दिसंबर 2025 तक हर हाल में नये जिले के गठन, प्रखंड, निकाय इत्यादि का गठन करना है तो कर लिया जाये इस अवधि के बाद इन कार्यों पर रोक रहेगा। इसके अलावा राज्य सरकार को कहा है कि 31 जुलाई तक हर हाल में जनगणना कार्य से संबंधित संकल्प जारी कर दिया जाये। 

एक मार्च 2027 से जनगणना कार्य शुरू होगा, देशभर में इस कार्य के लिए 34 लाख से अधिक अधिकारी-कर्मचारी लगायें जायेंगे। इन्हें जनगणना कार्य के पूर्व ट्रेनिंग भी दिया जायेगा। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना दो तरह से आयोजित होगी। पहले पूरे देशभर के घरों की गिनती होगी, इसके बाद प्रत्येक निवासियों की गिनती की जायेगी। इसमें जातीय जनगणना भी की जायेगी। केंद्र सरकार के निर्देश पर भू-राजस्व विभाग झारखंड जनगणना कार्य कराने के लिए तैयारी कर रहा है। 

अगस्त 2025 में जनगणना से जुड़े कर्मियों का प्री-टेस्ट होगा। नवंबर 2025 से जनवरी 2026 में मास्टर ट्रेनर और फील्ड ट्रेनर को प्रशिक्षण दिया जाएगा। जनवरी 2026 में जनगणना से जुड़े सवालों की अधिसूचना (गजट) प्रकाशित होगी। फरवरी 2026 में जनगणना कर्मियों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होगी। अप्रैल से सितंबर 2026 में घरों के चयन और फील्ड वर्क का काम चलेगा। दिसंबर 2026 में जनगणना पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा और 1 मार्च 2027 से देशभर में जनगणना शुरू होगी।

Published / 2025-07-24 22:12:23
अर्थतंत्र को मजबूत करेगी सहकारिता नीति : शाह

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सहकारी नीति 2025 का अनावरण करने के बाद कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है और सहकारिता के मार्ग पर चलने से देश का अर्थतंत्र मजबूत होगा। श्री शाह ने कहा कि पिछले चार वर्षों में सहकारिता मंत्रालय की अनेक उपलब्धियां रही, लेकिन इसकी सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि आज देश की छोटी से छोटी सहकारी इकाई का सदस्य गर्व के साथ खड़ा हो गया है। 

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सहकारिता नीति-2025 का शुभारंभ हुआ है। वर्ष 2002 में भारत सरकार ने सहकारिता नीति में बनायी थी उस समय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार थी और आज भाजपा सरकार द्वारा दूसरी सहकारिता नीति लाई गई है। उन्होंने कहा कि जो सरकार के दृष्टिकोण को, जो भारत को, उसके विकास को और भारत के विकास के लिए आवश्यक सभी कारकों को समझता है, वही सहकारी क्षेत्र को महत्व दे सकता है। यदि देश और अर्थव्यवस्था की मूल इकाई समृद्धि रोजगार देने वाली हो तो वह आर्थिक मॉडल कभी विफल नहीं हो सकता। 

श्री शाह ने कहा कि सहकारिता नीति बनाते समय इस बात का ध्यान रखा गया कि नीति का केंद्र बिंदु व्यक्ति, गाँव, कृषि, गाँव की महिलाएँ, दलित, आदिवासी हों। इसका विजन सहकारिता की समृद्धि के माध्यम से 2047 तक एक विकसित भारत का निर्माण करना है। इसका मिशन पेशेवर, पारदर्शी, तकनीकी, जिम्मेदार और आर्थिक रूप से स्वतंत्र तथा सफल लघु सहकारी इकाइयाँ विकसित करना है। हम हर गाँव में कम से कम एक सहकारी संस्था के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार ने 2027 में भारत को विश्व के तीसरे नंबर का अर्थतंत्र बनाने का लक्ष्य रखा है और मुझे पूर्ण विश्वास है कि हम इस लक्ष्य तक जरुर पहुंच जाएंगे। पिछले चार वर्षों के अंदर सहकारी क्षेत्र को कॉपोर्रेट सेक्टर के समान अधिकार मिले हैं। एक जमाने में अर्थतंत्र के जानकारों ने सहकारिता को डाइंग सेक्टर घोषित कर दिया था। 

आज वही लोग कहते हैं कि सहकारिता का भी भविष्य है। उन्होंने कहा, मैं सभी को कहना चाहता हूँ कि सहकारिता का भी भविष्य है नहीं, सहकारिता का ही भविष्य है। उन्होंने कहा कि देश के 140 करोड़ लोगों को साथ लेकर देश का समविकास करने की क्षमता केवल सहकारिता में ही है। छोटी-छोटी पूंजी वाले अनेक लोगों को मिलाकर बड़ी पूंजी बनाकर एक उद्यम स्थापित करने की क्षमता केवल सहकारिता में है। 

श्री शाह ने कहा कि नई नीति तैयार करने के लिए 48 सदस्यीय एक समिति बनी थी, जिसकी अध्यक्षता पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने की। इस समिति में विभिन्न राज्यों और केंद्रीय सरकार के अधिकारी, सहकारी संघों के सदस्य और विशेषज्ञ शामिल थे।

Published / 2025-07-24 22:08:34
अटल मोहल्ला क्लिीनिक अब हो जायेगा इतिहास

टीम एबीएन, रांची। राज्य में संचालित अटल मोहल्ला क्लीनिक अब मदर टेरेसा एडवांस हेल्थ क्लीनिक के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आज 24 जुलाई को हुई कैबिनेट की बैठक में अटल मोहल्ला क्लीनिक योजना का नाम परिवर्तित करने सहित 21 प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया। 

झारखंड मंत्रालय में हुई इस बैठक कि जानकारी देते हुए कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने कहा कि मंत्रिपरिषद के द्वारा कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इसके तहत राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों में उर्दू सहायक शिक्षकों के पूर्व से सृजित 3712 पदों का प्रत्यर्पण करते हुए प्रथम चरण में उर्दू के लिए इंटरमीडिएट प्रशिक्षित सहायक आचार्य के 3287 पद तथा मध्य विद्यालयों में स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य के 1052 पद कुल 4339 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है।

इसके अलावे कैबिनेट की बैठक में उग्रवादी घटनाओं अथवा राष्ट्र की सीमा के रक्षार्थ ड्यूटी के दौरान वीरगति प्राप्त होने वाले झारखंड के केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल कर्मियों के आश्रित को विशेष अनुग्रह अनुदान एवं अनुकम्पा के आधार पर सरकारी सेवा में नियुक्ति प्रदान करने स्वीकृति दी गई है।

कैबिनेट ने झारखंड राज्य के पुलिस, कक्षपाल, सिपाही, उत्पाद सिपाही संयुक्त भर्ती नियमावली, 2025 गठन के उपरांत पुलिस के पूर्व से प्रकाशित विज्ञापन को रद्द करने, भविष्य के नियुक्ति में पूर्व के आवेदकों को शुल्क भुगतान की छूट, सभी कोटि के आवेदकों को अधिकतम उम्र सीमा में छूट एवं अन्य बिन्दुओं पर निर्णय लिए जाने की स्वीकृति दी गई है। 

कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय जिसे आपके लिए जानना है जरूरी 

  • भारत के नियंत्रक महालेखापरीक्षक का मार्च, 2023 को समाप्त हुए अवधि का प्रतिवेदन को झारखंड विधानसभा के पटल पर आगामी सत्र में रखने की स्वीकृति दी गई। 
  • झारखंड वित्त (अंकेक्षण एवं लेखा) सेवा नियमावली-2025 की स्वीकृति दी गई। 
  • सेवा से नदारद डॉ कुमारी रेखा, चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मुसाबनी, जमशेदपुर को सेवा से बर्खास्त करने की स्वीकृति दी गई। 
  • सेवा से गायब डॉ रिना कुमारी, चिकित्सा पदाधिकारी (पैथोलॉजिस्ट), सदर अस्पताल, बोकारो को सेवा से बर्खास्त करने की स्वीकृति दी गई। 
    डालटनगंज न्यायमंडल में एससी-एसटी केसों की सुनवाई के लिए विशेष न्यायालय के गठन की स्वीकृति दी गई। 
  • डॉ वीणा कुमारी एम, चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, कसमार, बोकारो को सेवा से बर्खास्त करने की स्वीकृति दी गई। 
  • झारखंड राज्य विधि विज्ञान निदेशालय एवं प्रयोगशाला अधीनस्थ चतुर्थ वर्गीय पद -विसरा कटर एवं प्रयोगशाला वाहक की भर्ती एवं अन्य सेवा शर्त नियमावली, 2025 के गठन की स्वीकृति दी गई। 
  • राजकीय श्रावणी मेला- 2025 के मद्देनजर दिनांक- 10 जुलाई से 10अगस्त तक 28 अस्थायी मेला ओपी एवं 19 अस्थायी यातायात ओपी के गठन की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। 
  • राज्य के सेवानिवृत्त सरकारी सेवकों को न्यायालय द्वारा जारी सम्मन के क्रम में साक्ष्य देने के लिए किए गए यात्रा पर हुए व्यय की प्रतिपूर्ति की स्वीकृति दी गई। 
  • राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों में अध्ययनरत विभिन्न प्रकार के दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की समुचित व्यवस्था प्रदान करने के निमित विशेष शिक्षा सहायक आचार्य की नियुक्ति हेतु विशेष शिक्षा सहायक आचार्य संवर्ग (नियुक्ति एवं सेवा शर्त) नियमावली, 2025 की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। 
    झारखंड राज्य आयुष स्वास्थ्य सेवा (भर्ती, प्रोन्नति एवं अन्य सेवा शर्त) (संशोधन) नियमावली- 2024 का गठन की स्वीकृति दी गई। 
  • झारखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2025 की स्वीकृति दी गई। इसके तहत राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में नियुक्ति के लिए राज्य स्तरीय यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन के गठन का प्रावधान है।

Published / 2025-07-24 21:17:14
रिम्स टू बनेगा देश का सर्वश्रेष्ठ अस्पताल : डॉ इरफान अंसारी

झारखंड के लिए मॉडल बना रांची सदर अस्पताल 

देश में नंबर 1 बना रांची सदर अस्पताल : मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में रचा इतिहास 

44 निजी डॉक्टर, 25 सुपर स्पेशलिस्ट - मरीजों की सेवा में समर्पित टीम 

बाइक एंबुलेंस से लेकर सुपर स्पेशलिटी तक झ्र स्वास्थ्य क्रांति की ओर झारखंड 

टीम एबीएन, रांची। सदर अस्पताल ने आयुष्मान भारत - मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के क्रियान्वयन में देशभर में पहला स्थान प्राप्त कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। इस उपलब्धि पर झारखंड के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने आज प्रेस वार्ता कर प्रसन्नता व्यक्त की। 

डॉ. अंसारी ने कहा कि  यह गौरवपूर्ण क्षण है कि रांची सदर अस्पताल ने पूरे देश में पहला स्थान प्राप्त कर झारखंड को गौरवान्वित किया है। यह अस्पताल इस बात का प्रमाण है कि राज्य में स्वास्थ्य क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन हो रहा है। सदर से अब अन्य अस्पताल भी प्रेरणा लेंगे और झारखंड को हम निरामय राज्य के रूप में स्थापित करेंगे। 

प्रेस वार्ता के दौरान अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध निदेशक अबू इमरान भी उपस्थित रहे। मंत्री ने बताया कि सदर अस्पताल में अब 44 निजी डॉक्टर सेवा दे रहे हैं जो नि:स्वार्थ भाव से मरीजों की सेवा में समर्पित हैं। उन्होंने अस्पताल के समस्त चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को देश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने पर हार्दिक बधाई भी दी। 

अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने जानकारी दी कि राँची सदर अस्पताल ने अब तक दो लाख से अधिक आयुष्मान कार्डधारकों को नि:शुल्क उपचार प्रदान किया है। इसके अतिरिक्त, अस्पताल में सुपर स्पेशलिटी सेवाएं प्रारंभ हो चुकी हैं, जिनमें हृदय, छाती, किडनी रोग जैसे गंभीर बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध हैं। 

वर्तमान में अस्पताल में निम्न विशेषज्ञ कार्यरत हैं: 

  • @25 सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर 
  • @7 विशेषज्ञ चिकित्सक 
  • @12 मेडिकल आॅफिसर : निजी तौर पर इंपैनल्ड 
  • आगे मंत्री डॉ. अंसारी ने यह भी बताया कि @राज्य में 104 निजी डॉक्टरों को आयुष्मान योजना के अंतर्गत इंपैनल्ड किया गया है। 
  • @बाइक एंबुलेंस सेवा शीघ्र शुरू की जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों तक त्वरित स्वास्थ्य सुविधा पहुँचेगी। 
  • @सदर अस्पताल में बेड की संख्या बढ़ाने की प्रक्रिया पर कार्य हो रहा है। 
  • @रिम्स टू परियोजना निश्चित रूप से पूरी होगी और एक विश्वस्तरीय चिकित्सा संस्थान के रूप में विकसित होगी। 

अंत में मंत्री ने कहा कि झारखंड स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांति के दौर से गुजर रहा है। सदर अस्पताल इसका उदाहरण है और हम पूरे राज्य में इस मॉडल को दोहराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

Published / 2025-07-24 21:14:41
सदर अस्पताल, रांची की ऐतिहासिक उपलब्धि पर राज्य को गर्व

आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन में देशभर में प्रथम स्थान 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड की राजधानी रांची स्थित सदर अस्पताल ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। आयुष्मान भारत - मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के सफल क्रियान्वयन में सदर अस्पताल को देश भर में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। यह गौरवपूर्ण उपलब्धि ऐसे समय में मिली है जब देश के तमाम प्रमुख मेडिकल कॉलेज एवं बड़े सरकारी अस्पताल इस योजना के तहत सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं। ये उपलब्धि इसकी दक्षता, कार्यकुशलता एवं समर्पण को दशार्ता है। 

2 लाख से अधिक मरीजों को मिला मुफ्त इलाज 

सदर अस्पताल, रांची ने अब तक दो लाख से अधिक आयुष्मान कार्डधारकों को नि:शुल्क इलाज की सुविधा दी है। इनमें सामान्य बीमारियों से लेकर अत्यंत जटिल सर्जरी और सुपर स्पेशलिटी उपचार शामिल हैं। 

सुपर स्पेशलिटी सेवाओं की सुनियोजित शुरुआत 

राज्य सरकार की पहल और अस्पताल प्रशासन की तत्परता से सदर अस्पताल में चरणबद्ध रूप से सुपर स्पेशलिटी सेवाओं की शुरूआत की गई है। 

वर्तमान में अस्पताल में निम्नलिखित विभाग सक्रिय हैं- 

  1. हृदय रोग  
  2. छाती रोग  
  3. किडनी रोग  
  4. कैंसर चिकित्सा  
  5. नेत्र रोग  
  6. मूत्र रोग  
  7. न्यूरो साइंसेज  
  8. हड्डी प्रत्यारोपण  
  9. प्लास्टिक सर्जरी 
  10. आईसीयू 
  11. कार्डियेक केयर यूनिट 

इनके अतिरिक्त कई अन्य विभागों में भी स्पषलिस्ट और सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर सेवारत हैं। आज सदर अस्पताल में घुटना प्रत्यारोपण, टोटल हिप रिप्लेसमेंट, गैस्ट्रो में ईआरसीपी के साथ दूरबीन द्वारा पथरी निकालना और गले के कैंसर में स्टेंटिंग, यूरोलॉजी में रिनल स्टोन, पेषाब की नली के स्टोन की सर्जरी और प्रोस्टेट सर्जरी, न्यूरो सर्जरी में स्पाइन सर्जरी और ब्रेन सर्जरी की जा रही है। इसके साथ बच्चों से जुड़े सभी तरह का आॅपरेषन इस अस्पताल में किया जा रहा है।  

इन सेवाओं से न केवल रांची, बल्कि आस-पास के ग्रामीण इलाकों के मरीजों को भी बड़ा लाभ मिल रहा है। कई गंभीर रोगों के लिए अब मरीजों को अन्य राज्यों में नहीं जाना पड़ रहा, बल्कि अन्य राज्यों से मरीज अब सदर अस्पताल, रांची में इलाज हेतु आ रहे हैं। अस्पताल में सरकारी फार्मेसी के अतिरिक्त अमृत फामेर्सी एवं जन औषधि केंद्र भी हैं जहां मानक के अनुरूप की दवायें उचित कीमत पर मरीजों को दी जा रही हैं। 

अस्पताल में सुविधाओं का लगातार विस्तार 

  • सदर अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या और जरूरतों को देखते हुए लगातार अधोसंरचना और चिकित्सकीय सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। विषिष्ट सेवा के लिए प्राइवेट डॉक्टरों की सेवा ली जा रही है। 
  • वर्तमान में अस्पताल में 850 बेड हैं। 
  • 25 सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर, 7 स्पेशलिस्ट, और 12 मेडिकल आॅफिसर निजी तौर पर सेवा दे रहे हैं। 
  • 29 सरकारी एमओ अस्पताल में कार्यरत हैं। 
  • पिछले वर्ष निजी डॉक्टरों को लगभग 2 करोड़ का इंसेंटिव दिया गया, जबकि वर्ष 2025 में अब तक 69 लाख इंसेंटिव प्रदान किए जा चुके हैं। सरकारी डॉक्टरों को भी प्रोत्साहन स्वरूप विगत वर्ष 6.09 करोड़ एवं इस वर्ष 60 लाख से अधिक की राशि दी जा चुकी है। 
  • राज्य सरकार द्वारा अन्य जिलों में भी निजी डॉक्टरों की सेवा ली जा रही है ताकि हर स्तर पर आयुष्मान भारत योजना का समुचित लाभ मरीजों तक पहुँचाया जा सके। राज्य के अन्य जिलों में अब तक 104 डॉक्टरों को इंपैनल्ड किया जा चुका है।  

गुणवत्ता और समयबद्ध इलाज का संकल्प 

सुपर स्पेशलिटी विभागों के संचालन के लिए अनुभवी और प्रशिक्षित सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को आयुष्मान योजना से जोड़ा गया है, ताकि रोगियों को समय पर, सटीक और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके। 

राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नई पहचान 

सदर अस्पताल, रांची की यह ऐतिहासिक उपलब्धि झारखंड राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक मील का पत्थर है। यह केवल एक अस्पताल की सफलता नहीं, बल्कि राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों, प्रभावी कार्यान्वयन, और जनकल्याण की भावना का प्रमाण है।

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