राज काज

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Published / 2026-01-05 19:35:42
झारखंड दौरे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने दिया निष्पक्ष चुनाव का जोर

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का झारखंड दौरा, मतदाता सूची शुद्धिकरण और निष्पक्ष चुनाव पर जोर 

टीम एबीएन, देवघर/ दुमका/ रांची। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार दो दिनों के दौरे पर झारखंड में हैं। सोमवार को उन्होंने देवघर और दुमका के बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वच्छ और निष्पक्ष मतदान तभी संभव है, जब मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध और पारदर्शी हो।

बीएलओ को संबोधित करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने चुनाव प्रक्रिया की बारीकियों पर चर्चा की और बताया कि लोकतंत्र की रक्षा केवल कानून से नहीं, बल्कि ईमानदार मतदाता सूची से होती है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इसकी सबसे मजबूत नींव मतदाता सूची ही है। 

देवघर में मीडिया से बातचीत के दौरान ज्ञानेश कुमार ने झारखंड के राज्य मुख्य निर्वाचन आयुक्त और जिला प्रशासन की खुले तौर पर सराहना की। उन्होंने कहा कि पारदर्शी चुनाव और मतदाता सूची के शुद्धिकरण को लेकर यहां कोई कोताही नहीं बरती जा रही है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने दो टूक कहा कि मतदाता सूची में किसी भी गैर-नागरिक का नाम होना संविधान के खिलाफ है। 

इसी को ध्यान में रखते हुए देश के 12 राज्यों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) की शुरुआत की गयी है, जिसे आने वाले समय में पूरे देश में लागू किया जायेगा। इसका उद्देश्य केवल पात्र भारतीय नागरिकों को ही मतदान का अधिकार सुनिश्चित करना है। 

उन्होंने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी बीएलओ को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि मतदाता सूची शुद्धिकरण की प्रक्रिया सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर पूरी सख्ती और पारदर्शिता के साथ लागू हो। ज्ञानेश कुमार ने कहा कि फिलहाल बिहार सहित 12 राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है। 

यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है, जिसमें प्रशासन द्वारा सूची तैयार करने के बाद दावा (क्लेम), आपत्ति और अपील के लिए पर्याप्त समय और अवसर दिए जाते हैं। एक महीने तक निरीक्षण और अपील का विकल्प भी खुला रहता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत मतदाता का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है और इसी संवैधानिक प्रावधान के तहत मतदाता शुद्धिकरण का यह अभियान देशभर में तेज किया जायेगा। 

मुख्य चुनाव आयुक्त ने अंत में कहा कि शुद्ध मतदाता सूची के साथ ही देश लोकतंत्र के अगले पर्व चुनाव को पूरी मजबूती और विश्वास के साथ मनायेगा। उनका संदेश साफ है वोटर लिस्ट में गड़बड़ी नहीं, लोकतंत्र में समझौता नहीं। गौरतलब है कि ज्ञानेश कुमार ने रविवार को बाबा मंदिर में पूरे विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना की और देश की समृद्धि और लोकतंत्र की मजबूती की मंगलकामना की।

Published / 2026-01-04 21:59:08
दो दिनों के झारखंड दौरे पर देवघर पहुंचे ज्ञानेश कुमार

टीम एबीएन, रांची। देश के मुख्य चुनाव आयुक्त के दो दिवसीय देवघर प्रवास में रविवार को बाबा बैद्यनाथ की पूजा की। इसे लेकर पूरे जिले में प्रशासनिक और सुरक्षा तैयारियां पूरी कर ली गयीं हैं। ज्ञानेश कुमार रविवार दोपहर 12 बजकर 50 मिनट दिल्ली से देवघर पहुंचे। 

अधिकारियों ने बताया था कि आगमन के साथ ही उनका कार्यक्रम आस्था के साथ प्रशासनिक कार्य से जुड़ा रहेगा। देवघर पहुंचते ही मुख्य चुनाव आयुक्त द्वादश ज्योतिर्लिंग बाबा बैद्यनाथ धाम में विधिवत पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद वे शहर के प्रख्यात नौलखा मंदिर में भी दर्शन-पूजन के लिए जाएंगे। 

धार्मिक अनुष्ठान के बाद काफिला सीधे एम्स देवघर के लिए प्रस्थान करेगा, जहां वे संस्थान का निरीक्षण करेंगे और अधिकारियों के साथ आवश्यक बैठक करेंगे। शाम के समय वे फिर से बाबा बैद्यनाथ धाम लौटकर भव्य श्रृंगार पूजा में सम्मिलित होंगे। 

सोमवार को ज्ञानेश कुमार का कार्यक्रम 

सोमवार की सुबह 8:30 बजे मुख्य चुनाव आयुक्त देवघर से दुमका स्थित बासुकीनाथ धाम के लिए रवाना होंगे। वहां बाबा के दर्शन के बाद लगभग 10 बजे दुमका के फॉरेस्ट गेस्ट हाउस पहुंचेंगे, जहां अल्पाहार के बाद देवघर लौट जाएंगे, यहां तपोवन स्थित मोहनानंद प्लस टू विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के तहत वे स्थानीय बीएलओ (बूथ लेवल आफिसर) से सीधा संवाद करेंगे। इसके बाद वे मीडिया से बात करेंगे। 

जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर 

मुख्य चुनाव आयुक्त के दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। उनके आगमन से पूर्व उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा और अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार ने तपोवन पहाड़ सहित मंदिर परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का गहन जायजा लिया। संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं, ताकि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदाधिकारी के दौरे के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था में किसी प्रकार की चूक न हो।

Published / 2026-01-03 20:44:29
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलीं पलामू डीसी और एसपी

सीएम से की मुलाकात के दौरान नव वर्ष की दी बधाई 

टीम एबीएन, पलामू/ रांची। पलामू डीसी समीरा एस और पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन ने शनिवार को रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को नये साल 2026 की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। 

मुख्यमंत्री ने भी उपायुक्त और एसपी को नववर्ष की बधाई देते हुए पलामू जिले में बेहतर कानून-व्यवस्था बनाये रखने और जन-कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने की मंगलकामनाएं दीं।

Published / 2026-01-03 20:43:51
जानिये क्या है पेसा कानून के कायदे-कानून

अधिसूचना जारी होते ही राज्य में पेसा कानून लागू: जानिये नियमावली में क्या है प्रावधान 

टीम एबीएन, रांची। कैबिनेट से पास होने के बाद से पेसा नियमावली को सार्वजनिक करने के उठ रही मांग पर अब विराम लगता दिख रहा है। राज्य सरकार के पंचायती राज विभाग के सचिव के हस्ताक्षर से इस संबंध में अधिसूचना आज 2 जनवरी को जारी कर दी गयी है। अधिसूचना के अनुसार अनुसूचित क्षेत्रों के संरक्षण और विकास के लिए सरकार ने कई प्रावधान किये हैं।

करीब 20 पेज के इस अधिसूचना में 17 अध्यायों में विस्तार से पेसा नियमावली के प्रावधान का वर्णन किया गया है। इसके अलावा अधिसूचना के साथ 8 पृष्ठों का विभिन्न आवेदन प्रारूप को भी विभाग ने जारी किया है, जिससे ग्राम सभा के कामकाज आसानी से हो। 

पेसा नियमावली में ग्राम सभा के अध्यक्ष अनुसूचित क्षेत्र के पारंपरिक ग्राम सभा क्षेत्र में परंपरा से प्रचलित रीति रिवाज के अनुसार मान्यताप्राप्त व्यक्ति जैसे संथाल समुदाय- मांझी/ परगना, हो समुदाय- मुंडा/ मानकी/ दिउरी, खड़िया समुदाय-डोकलो सोहोर, मुंडा समुदाय-हातू मुंडा/ पड़हा बेल (राजा)/ पहान, भूमिज-मुड़ा/ सरदार/ नाया/ डाकुआ होंगे। 

ग्राम सभा का सचिव ग्राम पंचायत का पंचायत सचिव होगा। वहीं सहायक सचिव ग्राम सभा द्वारा चुने गये पंचायत सहायक अथवा अन्य सदस्य होंगे। पारंपरिक ग्राम ग्राम सभाओं तथा उनकी सीमाओं की मान्यता और प्रशासन की जिम्मेदारी उपायुक्त को दी गयी है जिनके द्वारा प्रखंड स्तर पर एक टीम का गठन किया जायेगा। 

प्रत्येक पारंपरिक ग्राम सभा राजस्व ग्राम के समान होगी जिसकी पहचान उपायुक्त द्वारा गठित टीम पारंपरिक ग्राम सभा के प्रधान और सदस्यों के साथ मिलकर करेंगे। नियमावली के अनुसार ग्राम सभा की बैठक महीने में काम से कम एक बार होगी। 

जो ग्राम सभा के सदस्यों की कुल संख्या के 1/10 सदस्यों अथवा 50 सदस्यों जो भी कम हो के लिखित अपेक्षा किये जाने पर या ग्राम प्रधान ग्राम पंचायत के मुखिया, पंचायत समिति, जिला परिषद या जिला दंडाधिकारी या उपायुक्त द्वारा अपेक्षित किये जाने पर ग्राम सभा की बैठक सात दिनों के अंदर भी बुलायी जा सकती है। 

ग्राम सभा के कुल सदस्यों की संख्या के एक तिहाई सदस्यों की संख्या कोणों के लिए अनिवार्य है वहीं इन एक तिहाई सदस्यों की संख्या में भी एक तिहाई महिला सदस्यों की उपस्थिति भी अनिवार्य होगी। ग्राम सभा की बैठक का संचालन इसकी अध्यक्षता करने वाली व्यक्ति द्वारा किया जायेगा जो अध्यक्ष के नाम से संबोधित किया जायेगा। 

ग्राम सभा के निर्णय के आलोक में ग्राम पंचायत यथासंभव कार्य करेगी। ग्राम सभा के सरकारी योजनाओं एवं चयनित लाभुकों की योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की कार्यकारिणी समिति की होगी।

Published / 2026-01-03 20:32:37
हाईकोर्ट के आदेश पर सीएम और रांची डीसी ने लिया शहर में अतिक्रमण का जायजा

टीम एबीएन, रांची। उच्च न्यायालय झारखंड के आदेश के आलोक में रांची शहर एवं जिले के विभिन्न जगहों पर अतिक्रमण एवं जलाशयों को अतिक्रमण मुक्त करने की कार्रवाई तेजी से चल रही है। इसी कड़ी में आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने हटिया जलाशय (धुर्वा डैम) के आसपास के क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। 

निरीक्षण के दौरान अतिक्रमण की स्थिति का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जलाशयों की मूल सीमा को राजस्व नक्शे के अनुसार चिह्नित किया जाए। जलाशयों की मूल सीमा को राजस्व नक्शे के अनुसार चिह्नित किया जाए तथा किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को शीघ्र हटाया जाए। 

उन्होंने कहा कि जलाशयों पर अतिक्रमण न केवल जल भंडारण क्षमता को प्रभावित करता है, बल्कि पर्यावरण, भूजल स्तर एवं शहर की पारिस्थितिकी पर भी गहरा असर डालता है। जिला प्रशासन का स्पष्ट लक्ष्य है कि रांची के सभी प्रमुख जलाशयों - जिसमें कांके डैम, हटिया डैम, धुर्वा डैम, गेतलसूद डैम, हरमू नदी, हिनू नदी एवं अन्य तालाब शामिल हैं - को पूर्णत: अतिक्रमण मुक्त कर उनका संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण सुनिश्चित किया जाए। 

निरीक्षण के दौरान अंचल अधिकारी अन्य संबंधित विभागों को संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। अपर समाहर्ता को सभी अंचल अधिकारियों के लिए रोस्टर तैयार कर नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही, अतिक्रमण हटाने के बाद दोबारा कब्जा न हो। इसको लेकर कई आवश्यक निर्देश दिये गये। 

आम नागरिकों से अपील की कि वे जलाशयों के आसपास किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न करें तथा जल संरक्षण अभियान में प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि उच्च न्यायालय के आदेशों का अक्षरश: पालन किया जाएगा तथा इस दिशा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। यह कार्रवाई रांची को स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं पर्यावरण अनुकूल शहर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन की सतत प्रतिबद्धता का हिस्सा है।

Published / 2026-01-03 12:36:59
झारखंड : राज्य में पैसा कानून लागू होने की अधिसूचना जारी

  • अधिसूचना जारी होते ही राज्य में पेसा कानून लागू: जानिए नियमावली में क्या है प्रावधान

टीम एबीएन, रांची। कैबिनेट से पास होने के बाद से पेसा नियमावली को सार्वजनिक करने के उठ रही मांग पर अब विराम लगता दिख रहा है। राज्य सरकार के पंचायती राज विभाग के सचिव के हस्ताक्षर से इस संबंध में अधिसूचना आज 2 जनवरी को जारी कर दी गई है।

अधिसूचना के अनुसार अनुसूचित क्षेत्रों के संरक्षण और विकास के लिए सरकार ने कई प्रावधान किए हैं। करीब 20 पेज के इस अधिसूचना में 17 अध्यायों में विस्तार से पेसा नियमावली के प्रावधान का वर्णन किया गया है। इसके अलावा अधिसूचना के साथ 8 पृष्ठों का विभिन्न आवेदन प्रारुप को भी विभाग ने जारी किया है जिससे ग्राम सभा के कामकाज आसानी से हो।

पेसा नियमावली में ग्राम सभा के अध्यक्ष अनुसूचित क्षेत्र के पारंपरिक ग्राम सभा क्षेत्र में परंपरा से प्रचलित रीति रिवाज के अनुसार मान्यता प्राप्त व्यक्ति जैसे संथाल समुदाय- मांझी/परगना, हो समुदाय- मुंडा/मानकी/दिउरी, खड़िया समुदाय-डोकलो सोहोर, मुंडा समुदाय-हातू मुंडा/पड़हा बेल(राजा)/पहान,भूमिज-मुड़ा/सरदार/नाया/डाकुआ होंगे।

ग्राम सभा के सचिव ग्राम पंचायत का पंचायत सचिव होगा वहीं सहायक सचिव ग्राम सभा द्वारा चुने गए पंचायत सहायक अथवा अन्य सदस्य होंगे। पारंपरिक ग्राम ग्राम सभाओं तथा उनकी सीमाओं की मान्यता और प्रशासन की जिम्मेदारी उपायुक्त को दी गई है जिनके द्वारा प्रखंड स्तर पर एक टीम का गठन किया जाएगा।

प्रत्येक पारंपरिक ग्राम सभा राजस्व ग्राम के समान होगी जिसकी पहचान उपायुक्त द्वारा गठित टीम पारंपरिक ग्राम सभा के प्रधान और सदस्यों के साथ मिलकर करेंगे। नियमावली के अनुसार ग्राम सभा की बैठक महीने में काम से कम एक बार होगी। जो ग्राम सभा के सदस्यों की कुल संख्या के 1/10 सदस्यों अथवा 50 सदस्यों जो भी कम हो के लिखित अपेक्षा किये जाने पर या ग्राम प्रधान ग्राम पंचायत के मुखिया, पंचायत समिति, जिला परिषद या जिला दंडाधिकारी या उपायुक्त द्वारा अपेक्षित किए जाने पर ग्राम सभा की बैठक सात दिनों के अंदर भी बुलाई जा सकती है। 

ग्राम सभा के कुल सदस्यों की संख्या के एक तिहाई सदस्यों की संख्या कोणों के लिए अनिवार्य है वहीं इन एक तिहाई सदस्यों की संख्या में भी एक तिहाई महिला सदस्यों की उपस्थिति भी अनिवार्य होगी।

ग्राम सभा की बैठक का संचालन इसकी अध्यक्षता करने वाली व्यक्ति द्वारा किया जाएगा जो अध्यक्ष के नाम से संबोधित किया जाएगा। ग्राम सभा के निर्णय के आलोक में ग्राम पंचायत यथासंभव कार्य करेगी। ग्राम सभा के सरकारी योजनाओं एवं चयनित लाभुकों की योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की कार्यकारिणी समिति की होगी।

Published / 2026-01-02 20:32:20
निबंधन प्रक्रिया सुदृढ़ बनाने को लेकर अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण

टीम एबीएन, रांची। रांची जिले में नागरिक निबंधन प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी तथा समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आज रांची समाहरणालय, रांची के ब्लॉक- बी स्थित कमरा संख्या-505 में नागरिक निबंधन कार्य (जन्म-मृत्यु) से जुड़े पदाधिकारियों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि जन्म एवं मृत्यु का समय पर तथा सटीक निबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह न केवल व्यक्ति के मूलभूत अधिकारों की रक्षा करता है, अपितु आधार कार्ड निर्माण, शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, मतदाता सूची में नामांकन, संपत्ति हस्तांतरण तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सहायक होता है। 

उन्होंने कहा कि निबंधन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी यह सुनिश्चित करें कि निर्धारित समय-सीमा (जन्म के 21 दिनों एवं मृत्यु के 21 दिनों के अंदर) में निबंधन पूर्ण हो। प्रशिक्षण के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिले के सभी प्रखंडों, अंचलों तथा नगर निगम क्षेत्र में कार्यरत निबंधनकर्ताओं की क्षमता संवर्धन के लिए आयोजित किया गया है।

इसमें ऑनलाइन पोर्टल के उपयोग, दस्तावेज सत्यापन, त्रुटि सुधार तथा आमजन की सुविधा हेतु नवीनतम दिशा-निर्देशों पर विस्तृत चर्चा की गई। पदाधिकारियों से आह्वान किया कि वे इस प्रशिक्षण का उपयोग कर अपनी कार्यकुशलता बढ़ाएं तथा आम नागरिकों को दलालों के चक्कर से मुक्ति दिलाते हुए त्वरित एवं पारदर्शी सेवा प्रदान करें। 

प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी सदर राँची, कुमार रजत, अपर समाहर्ता राँची, रामनारायण सिंह, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी एवं सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, पंचायत सचिव, नगर निगम के निबंधन कर्मी तथा अन्य संबंधित पदाधिकारीगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे। प्रशिक्षण सत्र का संचालन जिला स्तर के प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स द्वारा किया गया, जिसमें व्यावहारिक प्रदर्शन एवं संदेह समाधान पर विशेष बल दिया गया। 

सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि सभी पंचायतों में कार्यरत पंचायत सचिव सह रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) को अपने स्तर से निदेशित करेंगे कि प्रत्येक नियमित रूप से पंचायत सचिवालय सह जन्म मृत्यु निबंधन कार्यालय में उपस्थित रहकर जन्म मृत्यु निबंधन से संबंधित कार्य करेंगे। 

साथ ही प्रखण्ड सांख्यिकी पर्यवेक्षक एवं प्रखण्ड पंचायती राज पदाधिकारी को निदेशित करेंगे कि प्रत्येक माह कम-से-कम एक-एक निबंधन इकाई की जाँच कर जाँच प्रतिवेदन जिला सांख्यिकी कार्यालय, राँची को निश्चित रूप से उपलब्ध करायेंगे।  

जन्म-मृत्यु निबंधन में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया जाएगा  सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रांची जिला नागरिक सेवाओं में उत्कृष्टता की मिसाल बनेगा तथा जन्म-मृत्यु निबंधन में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया जाएगा। 

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला प्रशासन की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसमें सरकारी सेवाओं को जनता के द्वार तक पहुंचाने तथा डिजिटल इंडिया की भावना को साकार करने पर जोर दिया जा रहा है।

Published / 2026-01-02 20:26:42
रांची : आठ बीडीओ को मिला आई कार्ड

टीम एबीएन, रांची। आज अपने कार्यालय कक्ष में कुल-08 प्रखंड विकास पदाधिकारियों को आईकार्ड प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी पदाधिकारियों को नव वर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं दीं तथा कार्यालयीन अनुशासन एवं जनसेवा के प्रति समर्पण पर जोर दिया। 

प्रखंड विकास पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचें तथा प्रखंड कार्यालय में आने वाले आमजन की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनें और उन्हें शीघ्रता से निष्पादित कराएं। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि कार्यालय परिसर में बिचौलियों का आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित रहे तथा इस संबंध में कड़ी निगरानी रखी जाए। 

हर सप्ताह जनता दरबार में प्राप्त होने वाली शिकायतों का निष्पादन गंभीरता एवं समयबद्ध तरीके से किया जाए हर सप्ताह जनता दरबार में प्राप्त होने वाली शिकायतों का निष्पादन गंभीरता एवं समयबद्ध तरीके से किया जाए, ताकि आम नागरिकों को त्वरित न्याय एवं राहत मिल सके। 

उन्होंने पदाधिकारियों से अपील की कि नव वर्ष में जनसेवा को और अधिक प्रभावी बनाते हुए जिला प्रशासन की योजनाओं को धरातल पर उतारा जाए। इस अवसर पर निम्नलिखित प्रखंड विकास पदाधिकारियों को आईकार्ड प्रदान किया गया :

  1. प्रखंड विकास पदाधिकारी, लापुंग
  2. प्रखंड विकास पदाधिकारी, बुढ़मु
  3. प्रखंड विकास पदाधिकारी, बुंडू
  4. प्रखंड विकास पदाधिकारी, कांके
  5. प्रखंड विकास पदाधिकारी, नामकुम
  6. प्रखंड विकास पदाधिकारी, राहे
  7. प्रखंड विकास पदाधिकारी, बेड़ो
  8. प्रखंड विकास पदाधिकारी, चान्हो 

यह आयोजन जिला प्रशासन की ओर से बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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