टीम एबीएन, रांची। अब राशन की दुकानों पर घंटों लाइन में लगने की जरूरत नहीं रहेगी। सरकार ने एक नया और अत्याधुनिक तरीका अपनाया है- अन्नपूर्ति एटीएम। यह एक ऐसी स्वचालित डिजिटल मशीन है जो बैंक एटीएम की तरह काम करती है, लेकिन इसमें पैसे नहीं, गेहूं, चावल और चीनी जैसे अनाज मिलते हैं।
डिजिटल तकनीक से लैस इस मशीन में राशन कार्ड नंबर और बायोमेट्रिक पहचान (अंगूठे के निशान) के जरिए लाभार्थी की पहचान होती है। लाभार्थी स्क्रीन पर अपनी पसंद का अनाज चुनता है और मशीन निर्धारित मात्रा में अनाज डिस्पेंस कर देती है। अंत में रसीद भी मिलती है, जिसमें वितरण की पूरी जानकारी होती है।
फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन डिपार्टमेंट के अनुसार, यह मशीन मात्र 5 मिनट में 50 किलो तक अनाज वितरित कर सकती है, जिससे परंपरागत वितरण की तुलना में 70% समय की बचत होती है। इससे अनाज की बर्बादी, गड़बड़ी और भ्रष्टाचार जैसी समस्याएं भी काफी हद तक खत्म हो सकती हैं।
देशभर में 5 लाख से अधिक राशन की दुकानें हैं, जहां लंबी कतारों, तोलने में गड़बड़ी, अनाज की बबार्दी और स्टोर में चूहों द्वारा अनाज के खराब होने जैसी समस्याएं आम हैं। अन्नपूर्ति एटीएम एक लोहे की डिजिटल मशीन है जो इन सभी दिक्कतों का समाधान पेश करता है।
इस पहल की शुरुआत ओडिशा से हुई थी और अब इसे देश के अन्य राज्यों में भी लागू किया जा रहा है। यदि आप अपने क्षेत्र में अन्नपूर्ति एटीएम की जानकारी चाहते हैं तो
एबीएन न्यूज नेटवर्क, हजारीबाग। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की एक उच्चस्तरीय टीम द्वारा सोमवार को समाहरणालय सभागार में हजारीबाग जिले के दौरे को लेकर बैठक आयोजित की गई। इस दौरान उप विकास आयुक्त, एनआरएलएम प्रतिनिधि टीएस कृष्णन, डीआरडीए निदेशक, संबंधित बीडीओ, जेएसएलपीएस के डीपीएम एवं अन्य कर्मी उपस्थित रहे।
टीम ने जानकारी दी कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार एनआरएलएम की टीम हजारीबाग जिले के तीन प्रखंडों चौपारण, सदर एवं ईचाक के कुल सात पंचायतों का दौरा करेगी। चौपारण प्रखंड के झापा, गोबिंदपुर, बच्छई पंचायत, सदर प्रखंड के भेलवारा एवं मंडई पंचायत, तथा ईचाक प्रखंड के डुमरांव एवं डाडीघाघर पंचायत शामिल हैं।
दौरे के दौरान एनआरएलएम की टीम पंचायतों में संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं जैसे कि एनआरएलएम, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जनमन अभियान, एनएसएपी सहित अन्य योजनाओं की जमीनी स्तर पर समीक्षा करेगी।
टीम प्रत्येक पंचायत में चयनित पांच ग्रामीण मजदूरों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं और जरूरतों को समझने का प्रयास करेगी। साथ ही, ग्रामीणों को एनआरएलएम की अवधारणा, योजनाएं और उनके लाभ के बारे में जागरूक किया जायेगा।
इसके अतिरिक्त टीम जिला स्तर पर जेएसएलपीएस के अंतर्गत संचालित प्रशिक्षण केंद्र का भी निरीक्षण करेगी। इस दौरे का उद्देश्य योजनाओं की प्रभावशीलता, क्रियान्वयन की स्थिति एवं लाभुकों तक उनकी पहुंच की समग्रता से जांच करना है।
टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत रांची जिले में लाभुक महिलाओं को मई माह की सम्मान राशि का भुगतान कर दिया गया है।
प्रथम चरण में कुल 3 लाख 25 हजार 51 लाभुकों के बैंक खातों में 2500 रुपये प्रति लाभुक की दर से राशि ट्रांसफर की गई है। इस चरण में कुल 81 करोड़ 26 लाख 27 हजार 500 रुपये का भुगतान आधार आधारित DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से किया गया।
राशि भुगतान करने के बारे में जानकारी देते हुए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने बताया कि योजना का लाभ उन्हें ही मिलेगा, जिनका बैंक खाता आधार से सीडेड है। ऐसे लाभुक जिनका आवेदन पहले ही स्वीकृत हो चुका है, लेकिन आधार सीडिंग नहीं हुई है, उनसे शीघ्र संबंधित बैंक से संपर्क कर सीडिंग कराने की अपील की गई है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 1 अगस्त को झारखंड के धनबाद स्थित प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी (आईएसएम) में आयोजित 45वें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। यह समारोह संस्थान के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। राष्ट्रपति इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि होंगी, जबकि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सलाहकार डॉ. पी. के. मिश्रा को डॉक्टर ऑफ साइंस (डीएससी) की मानद उपाधि प्रदान की जाएगी। समारोह के दौरान विभिन्न कोर्स पूरे करने वाले लगभग 2000 विद्यार्थियों को डिग्री दी जायेगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस संस्थान में आने वाली देश की तीसरी राष्ट्रपति होंगी। इससे पहले भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद संस्थान का दौरा कर चुके हैं। वहीं, वर्ष 2014 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे।
आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के लिए यह अवसर गर्व का क्षण है, क्योंकि शताब्दी वर्ष के इस खास आयोजन में देश की राष्ट्रपति की उपस्थिति संस्थान के गौरव को और बढ़ाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। समारोह को भव्य और यादगार बनाने के लिए संस्थान द्वारा विशेष तैयारियां की जा रही हैं।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में शुक्रवार को झारखंड मंत्रालय में कैबिनेट की अहम बैठक आयोजित की गयी, जिसमें कुल 27 प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी। प्रमुख फैसलों में झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 1 से 7 अगस्त तक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
कैबिनेट ने गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के उस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी, जिसके तहत राज्य के सभी थानों से जर्जर और पुरानी गाड़ियों को हटाकर 2952 नयी पेट्रोलिंग वाहन खरीदे जायेंगे। इनमें 1255 चार पहिया और 1697 दो पहिया वाहन शामिल हैं।
गाड़ियों की खरीद पर कुल 146.79 करोड़ खर्च होंगे और इन्हें जीईएम पोर्टल के माध्यम से खरीदा जाएगा। यदि जीईएम पोर्टल पर वाहन उपलब्ध नहीं होते हैं, तो अधिसूचना संख्या 2315 के तहत अन्य प्रक्रिया अपनायी जायेगी। यह खरीद दो चरणों में पूरी की जायेगी।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 11 जुलाई 2025 को मंत्रिपरिषद की आयोजित की गयी। इस बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। जिनमें प्रमुख निम्न हैं :
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड कैबिनेट की बैठक 11 जुलाई (गुरुवार) को प्रोजेक्ट भवन स्थित मंत्रालय में दोपहर 2 बजे से होगी। इस संबंध में मंत्रिमंडल सचिवालय एवं समन्वय विभाग ने जानकारी दी है। इस बार की बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा और फैसले होने की संभावना है। पिछली बैठक में मंत्रिपरिषद ने कुल 23 प्रस्तावों को मंजूरी दी थी।
सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र की तिथि तय की जा सकती है। पिछले साल उत्पाद सिपाही भर्ती की दौड़ परीक्षा के दौरान कई अभ्यर्थियों की मौत हो गयी थी, जिसके बाद परीक्षा पर रोक लगा दी गयी थी।
अब कैबिनेट इस परीक्षा को दोबारा शुरू करने पर मुहर लगा सकती है। इसके अलावा मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना को लेकर भी अहम फैसला लिया जा सकता है। कई जिलों में लाखों लाभार्थी महिलाएं इस योजना का लाभ नहीं ले पा रही हैं। सरकार इसका समाधान निकाल सकती है।
राज्य में वृद्ध, विधवा और दिव्यांग पेंशन के लिए भी सरकार के पास पर्याप्त फंड नहीं है। ऐसे में केंद्र सरकार से लंबित बकाया राशि प्राप्त करने की रणनीति पर भी मंत्रिपरिषद में विचार हो सकता है। बारिश के कारण कई जिलों में स्कूल-कॉलेज की जर्जर इमारतें और पुल-पुलिया क्षतिग्रस्त हो गए हैं। खूंटी जिले में बनई नदी पर पेलोल पुल के पुनर्निर्माण पर भी फैसला लिया जा सकता है।
पिछले चार साल से राज्य में नगर निकाय चुनाव नहीं हुए हैं, जिससे शहरी क्षेत्रों में विकास कार्य प्रभावित हुए हैं। बैठक में नगर निकाय चुनाव की तिथि तय करने पर भी विचार हो सकता है। कुल मिलाकर इस बार की कैबिनेट बैठक में कई जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू करने से जुड़े प्रस्तावों पर निर्णय लिया जा सकता है।
टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने बाल किशोर महतो, झा0प्र0से0 (कोटि क्रमांक-438/20), तत्कालीन अंचल अधिकारी, चक्रधरपुर, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा को आरोप मुक्त किया है।
इस संबंध में कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने संकल्प जारी किया है।
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