एबीएन न्यूज नेटवर्क, जमशेदपुर। करनडीह स्थित दिशोम जाहेरथान प्रांगण में आयोजित ऑल इंडिया संताली राइटर्स एसोसिएशन और दिशोम जाहेरथान कमेटी के 22वें संताली परसी माहा एवं ओलचिकी शताब्दी समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संताली में अपना संबोधन दिया। यहां उन्होंने कहा कि यहां आने से पहले जाहेर आयो को जोहार कर रघुनाथ मुर्मू को श्रद्धांजलि दी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहुंचीं रांची, राज्यपाल-सीएम ने किया अभिनंदनटीम एबीएन, रांची। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रविवार की शाम छह बजे रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर पहुंची। राष्ट्रपति की आगवानी राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और सीएम हेमंत सोरेन ने की। इसके बाद वे सीधे लोकभवन पहुंचीं, जहां वे रात्रि विश्राम करेंगी। बताते चलें कि राष्ट्रपति 30 दिसंबर तक झारखंड के दौरे पर रहेंगी। इस दौरान वे जमशेदपुर और गुमला में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगी। इधर राष्ट्रपति के आगमन को लेकर लोकभवन में व्यापक तैयारियां की गई हैं। पूरे परिसर को पारंपरिक सोहराय पेंटिंग से सजाया गया है। सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
पुरुष हॉकी इंडिया लीग के उद्घाटन मैच कार्यक्रम के लिए राज्यपाल को आमंत्रण एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह और हॉकी इंडिया के महानिदेशक आरके श्रीवास्तव ने शनिवार को लोक भवन में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने राज्यपाल को रांची में 11 जनवरी, 2026 से आयोजित होने वाली पुरुष हॉकी इंडिया लीग के उद्घाटन मैच में आकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने के लिए आमंत्रित किया। बताते चलें कि 3 जनवरी, 2026 से आरंभ होने वाली पुरुष हॉकी इंडिया लीग मैच चेन्नई, रांची और भुवनेश्वर में आयोजित की जा रही है।
12 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की तैयारी पूरी एबीएन सेंट्रल डेस्क। झारखंड में मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (रकफ) की प्रक्रिया को और सख्त कर दिया गया है। राज्य में लगभग 12 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की तैयारी पूरी हो चुकी है और संभावना है कि फरवरी माह से एसआईआर के दूसरे चरण का कार्य प्रारंभ कर दिया जायेगा। पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वोटर आईडी बनाये जाने की शिकायतों के बाद भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने झारखंड सहित सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए कड़े निर्देश जारी किये हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची हर हाल में सही, भरोसेमंद और विवाद से परे होनी चाहिए। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, जिन मतदाताओं को निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी की ओर से नोटिस जारी किया जायेगा, उन्हें अपनी पात्रता से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज निर्धारित समय सीमा के भीतर जमा करने होंगे। इसमें पिछली एसआईआर प्रक्रिया के दौरान की गयी मैपिंग से जुड़े प्रमाण भी शामिल हो सकते हैं। सभी दस्तावेजों को बूथ लेवल आॅफिसर ऐप के माध्यम से अपलोड किया जायेगा। दस्तावेज अपलोड होने के बाद ईआरओ स्तर पर उनकी गहन जांच की जायेगी। निर्वाचन आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि दस्तावेज प्राप्त होने के पांच दिनों के भीतर सत्यापन प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य होगा। पूरी प्रक्रिया जिला निर्वाचन अधिकारी की निगरानी में संचालित की जायेगी। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने इस संबंध में सभी जिलों को पत्र भेजकर आयोग के ताजा निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्यभर में मतदान केंद्रों और उनके क्षेत्रों की जियो-फेंसिंग करायी जा रही है, जिससे मतदाता सूची की पारदर्शिता और विश्वसनीयता और मजबूत हो सके। के. रवि कुमार ने कहा कि कम मैपिंग वाले क्षेत्रों में वोटर आउटरीच प्रोग्राम चलाकर मतदाताओं की सहभागिता बढ़ायी जाये। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि एक भी योग्य मतदाता छूटने न पाये और अधिक से अधिक मतदाताओं को पिछली गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया की मतदाता सूची से मैपिंग कराना सुनिश्चित किया जाये।
वित्त वर्ष 2025 में 183 सार्वजनिक उपक्रमों ने सीएसआर पर कुल 6,437 करोड़ रुपये खर्च किये, जो पिछले वर्ष से 31% अधिक है, जबकि उनका शुद्ध मुनाफा 9.6% घटाएबीएन सेंट्रल डेस्क। वित्त वर्ष 2025 के दौरान देश के कुल 183 केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) द्वारा कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) पर खर्च 31.1 प्रतिशत बढ़ा है। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए सार्वजनिक उद्यमों के सर्वे के मुताबिक सीपीएसई ने सीएसआर पर रिकॉर्ड 6,437 करोड़ रुपये खर्च किये हैं। सीएसआर पर खर्च करने वाली शीर्ष सीपीएसई में तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम लिमिटेड ने 929.08 करोड़ रुपये, इंडियन आयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने 583.04 करोड़ रुपये, एनटीपीसी लिमिडेट ने 362.94 करोड़ रुपये, पॉवर ग्रिड कॉर्पोरेशन आॅफ इंडिया लिमिटेड ने 360.19 करोड़ रुपये और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने 358.14 करोड़ रुपये खर्च किये हैं। वित्त वर्ष 2025 में सीएसआर पर किये गये कुल खर्च में शीर्ष 10 सीपीएसई का योगदान 59.48 प्रतिशत रहा है, जो वित्त वर्ष 2024 में 56.72 प्रतिशत था। सरकार ने 1 अप्रैल 2014 से कम से कम 500 करोड़ रुपये नेटवर्थ, न्यूनतम 1,000 करोड़ रुपये टर्नओवर या 5 करोड़ रुपये न्यूनतम शुद्ध मुनाफा कमाने वाली सीपीएसई सहित सभी कंपनियों के अपने 3 साल के औसत शुद्ध मुनाफे का 2 प्रतिशत सीएसआर पर खर्च करना अनिवार्य कर दिया था। सीएसआर के तहत तमाम काम आते हैं। अगर काम के आधार पर देखें तो सीएसआर का सबसे अधिक पैसा भुखमरी और गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य देखभाल और स्वच्छता पर खर्च किया गया है। इन मदों में किया गया खर्च कुल सीएसआर आवंटन का 47.8 प्रतिशत है। इसके बाद शिक्षा और कौशल विकास पर 25 प्रतिशत खर्च किया गया है। वहीं महिला सशक्तीकरण व आर्थिक रूप से पिछले वर्ग पर कुल खर्च का 2.48 प्रतिशत खर्च किया गया है। वहीं पर्यावरण सततता पर 4.25 प्रतिशत खर्च किया गया है। वित्त वर्ष 2025 के दौरान परिचालन वाली सीपीएसई का शुद्ध मुनाफा पिछले साल की तुलना में 9.6 प्रतिशत कम हुआ है। यह गिरकर 2.91 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो वित्त वर्ष 2024 में 3.22 लाख करोड़ रुपये था। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि विनिर्माण, प्रसंस्करण और उत्पादन सेक्टर में काम करने वाली सीपीएसई का कुल मिलाकर शुद्ध मुनाफा 33.9 प्रतिशत कम हुआ है, जबकि खनन व अन्वेषण क्षेत्र का शुद्ध मुनाफा 3.6 प्रतिशत कम हुआ है। बहरहाल, वित्त वर्ष 2025 के दौरान कृषि व सेवा क्षेत्र के सार्वजनिक उद्यमों का शुद्ध मुनाफा क्रमश: 18 प्रतिशत और 26.1 प्रतिशत बढ़ा है। सीपीएसई में कुल कर्मचारियों की संख्या वित्त वर्ष 2025 के दौरान 1.6 प्रतिशत बढ़कर 15.4 लाख हो गयी, जबकि इस दौरान नियमित कर्मचारियों की संख्या 3.7 प्रतिशत कम हुई है और ठेके के कर्मचारियों की संख्या 7.7 प्रतिशत बढ़ी है। सर्वे से यह भी पता चलता है कि सीपीएसई में महिला कर्मचारियों की संख्या वित्त वर्ष 2025 में 1.2 प्रतिशत कम होकर 76,685 रह गयी है, जो कुल कर्मचारियों की संख्या का 9.8 प्रतिशत है। इसमें यह भी कहा गया है कि कुल महिलाओं में 32.2 प्रतिशत इस समय प्रबंधन/एग्जिक्यूटिव के स्तर पर काम रही हैं, जबकि 8.7 प्रतिशत सुपरवाइजर के स्तर पर और 58.9 प्रतिशत कामगार की श्रेणी में हैं।
एच1बी वीजा नियमों से भारतीयों को समस्या पर अमेरिका के साथ हो रही है बातचीत : विदेश मंत्रालय एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत ने कहा है कि वह अमेरिका में एच 1 बी वीजा के नियमों में बदलाव के कारण प्रभावित भारतीय नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए अमेरिका के साथ गंभीरता से बातचीत कर रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को यहां साप्ताहिक ब्रीफिंग में सवालों के जवाब में कहा कि सरकार को इस बारे में भारतीय नागरिकों से शिकायतें मिल रही हैं और सरकार को उनकी कठिनाइयों का पता है। उन्होंने कहा कि भारत इन परेशानियों को कम करने के लिए अमेरिका के साथ गंभीरता से बात कर रहा है। प्रवक्ता ने कहा कि भारत सरकार को कई भारतीय नागरिकों से इस बारे में लिखित जानकारी मिली है। ये लोग अपने वीजा अपॉइंटमेंट के पुनर्निर्धारण में समस्याओं का सामना कर रहे हैं। वीजा से जुड़े मुद्दे किसी भी देश के संप्रभु क्षेत्राधिकार में आते हैं। हमने इन मुद्दों और अपनी चिंताओं को अमेरिकी पक्ष के समक्ष नई दिल्ली और वाशिंगटन डीसी, दोनों जगह उठाया है। कई लोग लंबे समय से फंसे हुए हैं, जिससे उनके परिवारों और उनके बच्चों की शिक्षा को लेकर काफी कठिनाइयां उत्पन्न हुई हैं। भारत सरकार अपने नागरिकों को होने वाली परेशानियों को कम से कम करने के लिए अमेरिकी पक्ष के साथ गंभीरता से बात कर रही है।
15वें वित्त आयोग का 275.12 करोड़ झारखंड को मिला टीम एबीएन, रांची। केंद्र सरकार ने 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के आलोक में झारखंड को 27512.53 लाख रुपये विमुक्त कर दिया है। केंद्र सरकार ने राशि विमुक्त करने के आदेश के साथ ही रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया से यह अनुरोध किया है कि वह इस राशि के झारखंड सरकार के खाते में ट्रांसफर कर दें। यह राशि Untied फंड के रूप में दी गयी है। यानी सरकार संबंधित क्षेत्र की जरूरतों के हिसाब से इस पैसे को खर्च कर सकती है। केंद्र सरकार ने 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के आलोक में इस राशि को विमुक्त करते हुए इसे 4342 पंचायतों और 253 पंचायत समितियों और 24 जिला परिषदों के माध्यम से खर्च की जायेगी। केंद्र द्वारा निर्धारित इस शर्त के आलोक में राज्य के तीन ग्राम पंचायतों और 11 पंचायत समितियों में खर्च नहीं की जा सकेगी। राज्य में 4345 ग्राम पंचायत और 264 पंचायत समितियां हैं। केंद्र सरकार द्वारा विमुक्त राशि का बंटवारा ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों में 2011 की आबादी के आलोक में किया जायेगा। केंद्र से मिली राशि का बंटवारे में आबादी के 90% और क्षेत्रफल को 10% वेटेज दिया जायेगा। ग्रामीण क्षेत्र में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के बीच राशि का बंटवारा राज्य वित्त आयोग द्वारा की गयी अनुशंसा के आलोक में किया जायेगा। केंद्र सरकार ने पैसे विमुक्त करने के साथ ही इसे 10 कार्य दिवस के दौरान पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों को हस्तांतरित करने का आदेश दिया है।
सीएम हेमंत और राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राज्यवासियों को क्रिसमस के पर्व की दी शुभकामनाएं टीम एबीएन, रांची। रांची समेत पूरे झारखंड में बुधवार को क्रिसमस का पर्व हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। चर्चों में विशेष प्रार्थनाएं हुईं, वहीं शहरों और कस्बों में रोशनी, सजावट और उल्लास का माहौल देखने को मिला। मौके पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया के माध्यम से राज्यवासियों को क्रिसमस की शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने अपने संदेश में लिखा कि क्रिसमस प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का प्रतीक पर्व है। उन्होंने कामना की है कि यह पावन अवसर सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आये। वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने संदेश में कहा कि क्रिसमस प्रेम, करुणा, शांति और सेवा का पर्व है। प्रभु यीशु मसीह का जीवन और उनका संदेश मानवता, त्याग और भाईचारे के मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों को हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं और जोहार देते हुए कामना की कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में उत्तम स्वास्थ्य, शांति और समृद्धि लेकर आये।
अब आसमान में उड़ान भरेंगे ये 2 नये एयरलाइंस के विमानइंडिगो संकट के बाद केन्द्र की हरी झंडीएबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत के उड्डयन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और यात्रियों को अधिक विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। सरकार ने उड़ान भरने की तैयारी कर रही दो नई विमानन कंपनियों AI Hindi Air और FlyExpress को परिचालन की मंजूरी दे दी है। नागरिक विमानन मंत्रालय की ओर से इन दोनों कंपनियों को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी किया गया है।विमानन क्षेत्र में बोझ कम करने की कोशिशयह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब इंडिगो संकट और कुछ अन्य एयरलाइंस पर बढ़ते परिचालन दबाव के कारण घरेलू विमानन बाजार में प्रतिस्पर्धा सीमित हो गई थी। बीते कुछ वर्षों में हवाई यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ी है, लेकिन नये खिलाड़ियों के प्रवेश में ऊंची लागत, भारी कर्ज और संचालन से जुड़ी चुनौतियां बड़ी बाधा बनी हुई थीं। ऐसे में सरकार का यह कदम घरेलू विमानन क्षेत्र पर मौजूदा कंपनियों के अत्यधिक दबदबे को कम करने और बाजार में संतुलन लाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।इसके अलावा उत्तर प्रदेश की Shankh Air को पहले ही एनओसी मिल चुका है और उम्मीद जताई जा रही है कि वह 2026 से अपनी वाणिज्यिक उड़ानें शुरू कर देगी। फिलहाल भारत के घरेलू विमानन क्षेत्र में केवल नौ एयरलाइंस सक्रिय हैं, जबकि अक्टूबर में Fly Big द्वारा अपनी सेवाएं बंद किए जाने के बाद यह संख्या और घट गई थी। वर्तमान में भारतीय विमानन बाजार पर इंडिगो और एयर इंडिया समूह का वर्चस्व है।आसमान में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धाइंडिगो अकेले लगभग 65 प्रतिशत घरेलू बाजार पर काबिज है, जबकि एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के साथ मिलकर यह नियंत्रण करीब 90 प्रतिशत तक पहुंच जाता है। नए खिलाड़ियों के आने से न केवल प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, बल्कि टिकट कीमतों में संतुलन, सेवा की गुणवत्ता में सुधार और यात्रियों के लिए बेहतर विकल्प भी सामने आने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, AI Hindi Air, FlyExpress और Shankh Air जैसी नई कंपनियों की एंट्री से आने वाले वर्षों में भारतीय आसमान में प्रतिस्पर्धा तेज होने और विमानन उद्योग को नई रफ्तार मिलने की संभावना है।
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