टीम एबीएन, रांची। शनिवार को जीतो (जेआईटीओ जैन इंटरनेशनल ट्रेड आॅगेर्नाइजेशन) के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें 9 अप्रैल 2026 को आयोजित होने वाले विश्व नवकार महामंत्र दिवस (द्वितीय संस्करण) हेतु सादर आमंत्रित किया। यह आयोजन विश्व स्तर पर एक साथ मनाया जाएगा, जिसमें विश्व शांति एवं समृद्धि के लिए णमोकार मंत्र का सामूहिक जाप किया जायेगा। णमोकार मंत्र एक सार्वभौमिक मंत्र है, जिसमें किसी एक धर्म विशेष का उल्लेख नहीं है, अत: इसे सभी धर्मों के लोग श्रद्धा के साथ उच्चारित कर सकते हैं। मौके पर जीतो के अध्यक्ष विशाल जैन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस पावन दिवस पर अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता कर इस आध्यात्मिक अभियान का हिस्सा बनें। रांची में यह कार्यक्रम मारवाड़ी भवन, हरमू रोड में प्रात: 8:01 बजे से 9:36 बजे तक आयोजित होगा। जो व्यक्ति इस समय कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित नहीं हो सकते, वे जहां भी हों, उसी समय णमोकार मंत्र का जाप कर इस वैश्विक आयोजन से जुड़ सकते हैं। प्रतिनिधिमंडल में चीफ सेक्रेटरी सर्वेश जैन, लेडीज विंग की चीफ सेक्रेटरी एकता बड़जात्या, यूथ विंग चेयरपर्सन नितेश जैन एवं राकेश बछावत शामिल थे। उक्त जानकारी विशाल जैन (9431103355) ने दी।
टीम एबीएन, रांची। आज रांची के लोकभवन में राज्यपाल संतोष गंगवार के कर कमलों द्वारा चित्रपट झारखंड फिल्म फेस्टिवल 2026 के पोस्टर का भव्य विमोचन किया गया। इस गरिमामय अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर जी, क्षेत्र प्रचारक रामनवमी जी, विभाग संपर्क प्रमुख भानु जालान, महानगर प्रचार प्रमुख स्निग्ध रंजन, चित्रपट झारखंड के अध्यक्ष नंद कुमार सिंह तथा कोषाध्यक्ष सुमित मित्तल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। चित्रपट झारखंड द्वारा आयोजित यह फिल्म महोत्सव आगामी 26, 27 एवं 28 जून 2026 को सरला बिरला विश्वविद्यालय परिसर, टाटीसिल्वे, रांची में आयोजित किया जायेगा। इस फिल्म महोत्सव का मुख्य उद्देश्य झारखंड के युवा फिल्म निर्माताओं को अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करना तथा क्षेत्रीय सिनेमा को प्रोत्साहित करना है।इसके माध्यम से झारखंड के फिल्मकार अपनी कला के जरिए राज्य की ऐतिहासिक, पौराणिक एवं सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत कर सकेंगे। साथ ही, यह आयोजन सामाजिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित वसुधैव कुटुंबकम की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य भी करेगा। इस फिल्म महोत्सव में केवल झारखंड राज्य के फिल्म निमार्ता ही अपनी फिल्में जमा कर सकते हैं। प्रतियोगिता में फिल्मों की तीन श्रेणियां निर्धारित की गयी हैं— लघु फिल्म (अधिकतम 20 मिनट) वृत्तचित्र (अधिकतम 30 मिनट) परिसर फिल्म (अधिकतम 15 मिनट; इसमें केवल लघु फिल्म ही मान्य होगी) पंजीकरण शुल्क लघु फिल्म : 500 वृत्तचित्र : 500 परिसर फिल्म : 250 विद्यार्थियों के लिए विशेष रियायत के तहत वे किसी भी श्रेणी में मात्र 250 शुल्क देकर अपनी फिल्म जमा कर सकते हैं। झारखंड में बोली जाने वाली सभी भाषाओं में फिल्में स्वीकार की जायेंगी। हिंदी और अंग्रेजी के अतिरिक्त अन्य भाषाओं की फिल्मों के लिए हिंदी अथवा अंग्रेजी में उपशीर्षक अनिवार्य होगा। फिल्मों के लिए निम्नलिखित 12 विषय निर्धारित किये गये हैं: झारखंड का इतिहास जनजातीय समाज ग्राम विकास महिला सशक्तिकरण पर्यावरण सामाजिक समरसता युवा और नशामुक्ति नागरिक कर्तव्य खेल और प्रतिभा पलायन डिजिटल भारत / तकनीकी परिवर्तन भ्रष्टाचार और पारदर्शिता आयोजन समिति ने यह भी निर्धारित किया है कि केवल 1 जुलाई 2023 के बाद निर्मित फिल्में ही मान्य होंगी। फिल्म जमा करने की अंतिम तिथि रविवार, 7 जून 2026 निर्धारित की गयी है, जबकि चयनित फिल्मों की सूची 15 जून 2026 को प्रकाशित की जायेगी। इस फिल्म महोत्सव में कुल 2,70,000 का नकद पुरस्कार रखा गया है। यह आयोजन झारखंड के युवाओं के लिए फिल्म निर्माण के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करेगा। उक्त जानकारी चित्रपट झारखंड के सदस्य नवीन सहाय ने दी।
झारखंड से मुंबई और अजमेर का सफर अब आसान! रेलवे ने चलायी स्पेशल ट्रेनें, यात्रियों को बड़ी राहत एबीएन सेंट्रल डेस्क। गर्मियों की छुट्टियों में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने बड़ी राहत दी है। झारखंड की राजधानी रांची से मुंबई, बंगाल और अजमेर जाने वाले यात्रियों के लिए स्पेशल ट्रेनों का ऐलान किया गया है। इससे सफर पहले से ज्यादा आसान और सुविधाजनक हो जायेगा। रांची और आसपास के इलाकों से मुंबई जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने खास इंतजाम किया है। हटिया से लोकमान्य तिलक टर्मिनस (मुंबई) के बीच साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन चलायी जायेगी। ट्रेन नंबर 08609 (हटिया-लोकमान्य तिलक टर्मिनस स्पेशल) यह ट्रेन 6 अप्रैल से 29 जून तक हर सोमवार को हटिया से शाम 4:20 बजे चलेगी। रास्ते में राउरकेला, बिलासपुर, नागपुर, भुसावल, मनमाड़ और कल्याण जैसे स्टेशनों पर रुकेगी और बुधवार को रात 12:40 बजे मुंबई पहुंचेगी। वापसी ट्रेन 08610 (लोकमान्य तिलक टर्मिनस-हटिया) यह ट्रेन 8 अप्रैल से 1 जुलाई तक हर बुधवार को सुबह 5:00 बजे मुंबई से चलेगी और गुरुवार शाम 6:00 बजे हटिया पहुंचेगी। इस स्पेशल ट्रेन में कुल 22 कोच होंगे, जिनमें जनरल, स्लीपर और एसी कोच शामिल हैं, ताकि यात्रियों को आरामदायक सफर मिल सके। अजमेर और बंगाल के लिए भी राहत रेलवे ने सांतरागाछी से अजमेर जाने वाली साप्ताहिक समर स्पेशल ट्रेन (08611/08612) की अवधि भी बढ़ा दी है। 08611 ट्रेन हर सोमवार (6 अप्रैल से 29 जून) सांतरागाछी से चलेगी। 08612 ट्रेन हर गुरुवार (9 अप्रैल से 2 जुलाई) अजमेर से चलेगी। इस ट्रेन का रूट, समय और ठहराव पहले जैसा ही रहेगा। गिधनी स्टेशन पर अस्थायी ठहराव श्रीश्री ठाकुर अनुकूल चंद्र स्मरणोत्सव के मौके पर कुछ ट्रेनों का गिधनी स्टेशन पर 2 मिनट का अस्थायी ठहराव होगा। 22891 हावड़ा-रांची इंटरसिटी एक्सप्रेस: 15 से 18 अप्रैल तक दोपहर 3:12 बजे पहुंचेगी और 3:14 बजे रवाना होगी। 22892 रांची-हावड़ा इंटरसिटी एक्सप्रेस: 15 से 18 अप्रैल तक दोपहर 12:15 बजे पहुंचेगी और 12:17 बजे रवाना होगी।
झारखंड में मातृ मृत्यु दर पर समीक्षा, 5 जिलों में 100 प्रतिशत रिपोर्टिंग एबीएन हेल्थ डेस्क। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग झारखंड के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आज नेपाल हाउस में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर पर एक रणनीतिक समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक में राज्य में मातृ मृत्यु की स्थिति, रिपोर्टिंग प्रक्रिया तथा मृत्यु के कारणों की विस्तार से समीक्षा की गयी। बैठक के दौरान जिलावार प्रदर्शन की समीक्षा में पाया गया कि खूंटी, लोहरदगा, रामगढ़, साहिबगंज और सिमडेगा जिलों ने एचएमआईएस पोर्टल पर मातृ मृत्यु की 100 प्रतिशत रिपोर्टिंग की है। वहीं बोकारो, दुमका, पूर्वी सिंहभूम, रांची और पश्चिम सिंहभूम जिलों में लक्ष्य से अधिक रिपोर्टिंग दर्ज की गयी। अपर मुख्य सचिव ने सभी जिलों को रिपोर्टिंग की गुणवत्ता और सटीकता बनाये रखने तथा बेहतर प्रगति लाने का निर्देश दिया। मातृ मृत्यु के कारणों के विश्लेषण में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आये। प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव 15.5 प्रतिशत मामलों में प्रमुख कारण पाया गया, जबकि उच्च रक्तचाप या एक्लेम्पसिया 12.5 प्रतिशत तथा संक्रमण (सेप्सिस) 6.9 प्रतिशत मामलों में मृत्यु का कारण रहा। बैठक में निर्देश दिया गया कि सभी जिलों में प्रत्येक मातृ मृत्यु मामले की वर्बल आॅटोप्सी अनिवार्य रूप से करायी जाये और रिपोर्टिंग की गुणवत्ता में सुधार किया जाये। बैठक में शिशु मृत्यु के कारणों की भी समीक्षा की गयी, जिसमें सेप्सिस संक्रमण, श्वास संबंधी समस्या, निमोनिया और प्री-मैच्योर जन्म प्रमुख कारण पाये गये। शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए संस्थागत प्रसव की गुणवत्ता सुधारने, लेबर रूम में कार्यरत नर्सों को प्रशिक्षित करने तथा सभी प्रसव संस्थानों में बेबी वार्मर मशीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा सभी प्रसव कराने वाले स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षित मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से संबंधित आईईसी प्रचार-प्रसार सामग्री उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया, ताकि गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की देखभाल के प्रति जागरूकता बढ़ायी जा सके। बैठक के अंत में अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि सभी जिलों में मातृ एवं शिशु मृत्यु के प्रत्येक मामले का गहन विश्लेषण कर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाये।
झारखंड शराब घोटाला: आइएएस विनय चौबे को बड़ी राहत, कोर्ट ने दी डिफॉल्ट बेल टीम एबीएन, रांची। झारखंड के चर्चित शराब घोटाले और आय से अधिक संपत्ति मामले में निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे को अदालत से बड़ी राहत मिली है। रांची की विशेष एसीबी कोर्ट ने उन्हें डिफॉल्ट बेल दे दी है। एसीबी इस पूरे मामले की जांच कर रही सोमवार को विनय चौबे के वकील ने रांची की एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) कोर्ट में डिफॉल्ट बेल के लिए याचिका दाखिल की। वकील ने कहा कि कानून के अनुसार किसी भी आरोपी को एक तय समय से ज्यादा बिना चार्जशीट के जेल में नहीं रखा जा सकता। अगर जांच एजेंसी समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं करती है, तो आरोपी को जमानत मिल सकती है। विनय चौबे पर हैं ये आरोप कोर्ट ने इस दलील को सही मानते हुए विनय चौबे को जमानत दे दी। इससे पहले भी उन्हें शराब घोटाले से जुड़े एक अन्य मामले में इसी आधार पर डिफॉल्ट बेल मिल चुकी है। एसीबी ने इस मामले में कांड संख्या 20/2025 दर्ज किया है। विनय चौबे पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का गलत इस्तेमाल कर अवैध संपत्ति बनाई और झारखंड में शराब नीति लागू करने के दौरान वित्तीय गड़बड़ी की। फिलहाल एसीबी इस पूरे मामले की जांच कर रही है और उनकी संपत्ति व दस्तावेजों की जांच जारी है। कानून के अनुसार, बीएनएस की धारा 187(3) के तहत अगर तय समय के अंदर चार्जशीट दाखिल नहीं होती है, तो आरोपी को डिफॉल्ट बेल पाने का अधिकार होता है।
उलिहातु पहुंचे उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णनबिरसा मुंडा के परिजनों को किया सम्मानितटीम एबीएन, रांची। भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन और झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार शनिवार को भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली खूंटी जिले के उलिहातु पहुंचे। हेलीपैड पर जिला प्रशासन द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस मौके पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने उपराष्ट्रपति का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। उपायुक्त आर. रॉनिटा और पुलिस अधीक्षक मनीष टोप्पो सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। इसके बाद उपराष्ट्रपति और राज्यपाल उलिहातु स्थित भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली पहुंचे, जहां उन्होंने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान दोनों गणमान्य अतिथियों ने बिरसा मुंडा के वंशजों से आत्मीय मुलाकात की और उन्हें मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया।कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति ने वहां उपस्थित बच्चों से संवाद किया। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इसके पश्चात वे बिरसा कॉम्प्लेक्स पहुंचे, जहां पुनः भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए और स्थानीय ग्रामीणों से भी मुलाकात की। इस अवसर पर राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, उपराष्ट्रपति के सचिव अमित खरे सहित अन्य गणमान्य अतिथि और संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
रांची तपोवन मंदिर में सीएम हेमंत ने पत्नी संग की पूजा, राज्य की खुशहाली की मांगी दुआ टीम एबीएन, रांची। हेमंत सोरेन ने रामनवमी के पावन अवसर पर रांची के प्रसिद्ध तपोवन मंदिर में पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी पत्नी और विधायक कल्पना सोरेन के साथ रामनवमी के मौके पर रांची के श्री राम जानकी तपोवन मंदिर, निवारणपुर में विधि-विधान से पूजा की। भगवान श्रीराम सभी की मनोकामनाएं पूरी करें मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम के चरणों में नमन करते हुए राज्य की उन्नति, सुख-शांति और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम सभी की मनोकामनाएं पूरी करें। उन्होंने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी उन्हें तपोवन मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला है। मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और विभिन्न अखाड़ों की शोभायात्रा भी यहां आ रही है। तपोवन मंदिर का इतिहास बहुत पुराना है मुख्यमंत्री हेमन्त ने लोगों से अपील की कि वे इस पर्व को श्रद्धा, उत्साह और खुशी के साथ मनाएं और भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं। साथ ही सामाजिक सद्भाव और भाईचारे के साथ इस पर्व को खास बनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि तपोवन मंदिर का इतिहास बहुत पुराना है और इसकी अलग पहचान है। सरकार मंदिर के सौंदर्यीकरण का काम तेजी से कर रही है, ताकि इसे और भव्य बनाया जा सके। उन्होंने भगवान श्रीराम से प्रार्थना की कि यह कार्य जल्द पूरा हो।
झारखंड : अब 27 को रहेगा रामनवमी का अवकाशरामनवमी की छुट्टी में बदलाव: अब 27 मार्च को रहेगा अवकाश, पहले 26 को घोषित थी छुट्टी टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार ने रामनवमी के अवसर पर छुट्टी की तिथि में बदलाव का फैसला किया है। अब 26 मार्च की जगह 27 मार्च को रामनवमी की छुट्टी होगी। जल्द ही इसका आदेश जारी कर दिया जायेगा। इसकी वजह यह है कि रामनवमी इस बार 27 मार्च को पड़ रही है, और उसी दिन रांची सहित राज्य के अन्य शहरों और क्षेत्रों में शोभा यात्रा निकाली जायेगी। पहले 26 मार्च यानि गुरुवार को एनआईए एक्ट के तहत छुट्टी घोषित थी, लेकिन अब यह छुट्टी 27 मार्च यानि शुक्रवार को होगी।
मनरेगा नियुक्ति में विभागीय मंत्रालय ने धनबाद उपायुक्त को जारी किया पत्रपरीक्षा में सभी स्वीकृत अभ्यर्थियों को समान अवसर देने का सुझावटीम एबीएन, रांची। ग्रामीण विकास विभाग, मनरेगा कोषांग द्वारा संविदा आधारित नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर विभागीय पत्र जारी किया गया है। विभागीय मंत्री दीपिका सिंह पांडे के आप्त सचिव संदीप दुबे ने आज (मंगलवार) धनबाद के उपायुक्त को पत्र प्रेषित किया।जारी पत्र में नियुक्ति विज्ञापन की कंडिका संख्या-10 के आलोक में आवश्यक संशोधन करने तथा सभी स्वीकृत अभ्यर्थियों (एक्सेप्टेड कैंडीडेट्स) को परीक्षा में समान-अवसर प्रदान करने का सुझाव दिया गया है।उल्लेखनीय है कि स्वीकृत अभ्यर्थियों द्वारा खूंटी, जामताड़ा, चतरा एवं पलामू सहित अन्य जिलों की तर्ज पर समान अवसर की मांग को लेकर पूर्व में भी 29 दिसंबर 2025 को विभागीय पत्र उपायुक्त कार्यालय को भेजा गया था। बावजूद इसके, अब तक उस निर्देश का अनुपालन नहीं किया गया है, जिसे अभ्यर्थीगण विभागीय निर्देश की अवमानना मान रहे हैं।
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