टीम एबीएन, रांची। नगर निकाय चुनाव की तैयारी को लेकर 08 जनवरी को राज्य निर्वाचन आयोग आला अधिकारियों के साथ समीक्षा करने जा रहा है। वीडियो कॉफ्रेसिंग के जरिए होनेवाली इस समीक्षा बैठक में राज्य के सभी जिलों के डीसी-एसपी के अलावे नगर विकास सचिव, डीजीपी, गृहसचिव आदि अधिकारी मौजूद रहेंगे।
समीक्षा बैठक के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग के द्वारा निकाय चुनाव की तैयारी, सुरक्षा बलों की तैनाती सहित कई बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी। इस संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने बताया कि चुनाव घोषणा से पूर्व कई बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की जाती है। जिसके तहत 08 जनवरी को पहली वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक होगी। जिसमें राज्य के सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी के साथ आला अधिकारी मौजूद रहेंगे।
राज्य में नगर निकाय चुनाव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में है और इसी महीने यानी जनवरी के तीसरे सप्ताह में इसकी घोषणा होने की संभावना है। जिला स्तर पर की गई तैयारी की समीक्षा के उपरांत राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव को लेकर निर्णय लेगा। गौरतलब है कि राज्य निर्वाचन आयोग ने झारखंड हाईकोर्ट को पिछले दिनों हुई सुनवाई के दौरान शपथपत्र के जरिए बताया है कि विस्तृत तैयारी के लिए 8 सप्ताह की जरूरत पड़ेगी।
साथ ही चुनावी प्रक्रिया पूर्ण करने में अतिरिक्त 45 दिन लगेंगे। इस बाबत सीलबंद शपथ पत्र 22 नवंबर को आयोग द्वारा दाखिल किया गया था। इस मामले में अगली सुनवाई चूंकि 30 मार्च को निर्धारित है ऐसे में आयोग इससे पहले चुनावी प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी में है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, जमशेदपुर। खरसावां गोलीकांड में शहीद हुए वीरों को श्रद्धांजलि देने के लिए गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां शहीद स्थल पहुंचे। मौके पर मुख्यमंत्री के साथ मंत्री दीपक बिरुवा, सिंहभूम की सांसद जोबा मांझी, चक्रधरपुर के विधायक सुखराम उरांव, खरसावां के विधायक दशरथ गागराई और ईचागढ़ की विधायक सविता महतो भी मौजूद रहीं।
मुख्यमंत्री ने शहीदों को नमन करते हुए घोषणा की कि खरसावां गोलीकांड में शहीद हुए लोगों को चिह्नित कर उन्हें सम्मान देने के लिए न्यायिक जांच आयोग का गठन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि गोवा गोलीकांड की तर्ज पर खरसावां गोलीकांड के शहीदों को सम्मान दिया जाएगा।
इसके लिए एक विस्तृत मसौदा तैयार किया जा रहा है, जिसमें यह तय किया जायेगा कि प्रशासनिक अधिकारियों की क्या भूमिका होगी और शहीदों की पहचान किस प्रक्रिया से की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही इस मसौदे को अंतिम रूप दिया जायेगा। आयोग में सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को शामिल किया जायेगा और अगले वर्ष के शहीद दिवस से पहले शहीदों की पहचान कर उन्हें सम्मानित किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि झारखंड के अलावा ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से भी आदिवासी समाज के लोग हर वर्ष खरसावां आकर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हैं। दशरथ गागराई ने बताया कि वर्ष 2014 में विधायक बनने के बाद उन्होंने विधानसभा में न्यायिक आयोग गठित करने की मांग उठायी थी।
इसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास ने जांच आयोग का गठन किया, जिसमें दो शहीदों खरसावां के महादेव बूटा और कुचाई के बाईडीह निवासी सिंगराय बोदरा को चिह्नित कर उनके परिजनों को एक-एक लाख रुपये की सहायता दी गयी थी। हालांकि, वर्ष 2017 में कुछ घटनाओं के बाद शहीदों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया रुक गयी थी।
टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने 15 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया है। सरकार ने रांची के पूर्व उपायुक्त छवि रंजन को निलंबन मुक्त करते हुए एनआरएचएम के अभियान निदेशक के पद पर पदस्थापत किया है। पदस्थापन की प्रतीक्षा में रहे कुमार रजत को रांची के एसडीओ के पद पर पदस्थापित किया है। कार्मिक विभाग ने इससे संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को नीति आयोग में देश के प्रमुख अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले आयोजित इस विचार-विमर्श का मुख्य उद्देश्य भारत की दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि को बनाए रखने के लिए एक ठोस रणनीति तैयार करना रहा।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने साफ किया कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अब विभिन्न क्षेत्रों में मिशन मोड में सुधार जरूरी है। नीति आयोग में आयोजित इस बैठक का मुख्य विषय आत्मनिर्भरता और संरचनात्मक परिवर्तन: विकसित भारत के लिए एजेंडा था। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने इस पर जोर दिया कि विकसित भारत का संकल्प अब केवल सरकारी नीति तक सीमित नहीं रह गया है।
बल्कि यह 140 करोड़ भारतीयों की एक जन-आकांक्षा बन चुका है। उन्होंने कहा कि देश की नीति-निर्धारण और बजट प्रक्रिया को हमेशा 2047 के विजन से जुड़ा रहना चाहिए। हमें विश्व स्तरीय क्षमताएं विकसित करने और वैश्विक बाजारों के साथ गहरे एकीकरण की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाने होंगे।
बैठक में उपस्थित विशेषज्ञों ने वर्ष 2025 के दौरान हुए विभिन्न नीतिगत बदलावों और उनके सकारात्मक प्रभावों पर चर्चा की। गौरतलब है कि साल 2025 में जीएसटी स्लैब में बदलाव, आयकर अधिनियम 2025 का लागू होना और बीमा क्षेत्र में 100% एफडीआई जैसे बड़े सुधार देखे गये हैं।
प्रधानमंत्री ने भारत को वैश्विक कार्यबल और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। अर्थशास्त्रियों ने विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में उत्पादकता बढ़ाने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मकता सुनिश्चित करने के लिए रणनीतिक सुझाव दिये। घरेलू बचत बढ़ाने और बुनियादी ढांचे में निवेश के माध्यम से आर्थिक ढांचे को मजबूत करने पर विमर्श हुआ।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की उपस्थिति में हुई इस बैठक को 1 फरवरी, 2026 को पेश होने वाले बजट की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी और सीईओ बीवीआर ब्रमण्यम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस मंथन में हिस्सा लिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने विशेषज्ञों से अपील की है कि भारत न केवल अपनी आंतरिक चुनौतियों का सामना करे, बल्कि वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में एक नेतृत्वकारी भूमिका निभा सके। विकसित भारत के रोडमैप के तहत, सरकार का ध्यान अब जटिल अनुपालनों को कम करने और व्यापार सुगमता अगले स्तर पर ले जाने पर केंद्रित है।
भारत अपने लोगों के नवाचार के जोश के बल पर वैश्विक ध्यान का केंद्र बनकर उभरा है और आज दुनिया भारत को आशा और विश्वास की नजरों से देख रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में यह बात कही। लिंक्डइन पर पोस्ट किये गये एक लेख में प्रधानमंत्री ने 2025 को भारत की सुधार यात्रा का एक ऐतिहासिक वर्ष बताया।
पिछले 11 वर्षों में हुई प्रगति पर निर्णायक रूप से आधारित है। उन्होंने कहा कि दुनिया भारत में हुए अगली पीढ़ी के सुधारों की सराहना करती है। इन कदमों का मकसद देश की विकास क्षमता को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि मैं कई लोगों से कहता रहा हूं कि भारत सुधार के दौर में है। इस सुधार का प्राथमिक इंजन भारत की जनसंख्या, हमारी युवा पीढ़ी और हमारे लोगों का अदम्य साहस है।
उन्होंने आगे कहा कि 2025 को भारत के लिए एक ऐसे वर्ष के रूप में याद किया जायेगा जब उसने पिछले 11 वर्षों में हासिल की गई उपलब्धियों के आधार पर निरंतर राष्ट्रीय मिशन के रूप में सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया। हमने संस्थानों का आधुनिकीकरण किया, शासन को सरल बनाया और दीर्घकालिक, समावेशी विकास की नींव को मजबूत किया।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन मुर्मू ने मंगलवार सुबह लोकभवन (राजभवन) में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। यह एक शिष्टाचार भेंट वार्ता थी।
इसके बाद राष्ट्रपति लोकभवन से गुमला के लिए रवाना हो गईं, यहां वे रायडीह प्रखंड में आयोजित अंतरराज्यीय जनसांस्कृतिक समागम कार्तिक जतरा 2025 में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू झारखंड के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को जमशेदपुर शहर के बाहरी इलाके करनाडीह में दिशोम जाहेर थान प्रांगण में संथाली भाषा की ओलचिकी लिपि के शताब्दी समारोह और 22वें संथाली पारसी महा (भाषा दिवस) को संबोधित किया।
टीम एबीएन, जमशेदपुर/ रांची। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू झारखंड के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज जमशेदपुर शहर के बाहरी इलाके करनाडीह में दिशोम जाहेर थान प्रांगण में संथाली भाषा की ओलचिकी लिपि के शताब्दी समारोह और 22वें संथाली पारसी महा (भाषा दिवस) को संबोधित किया।
इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने भाषण की शुरूआत संथाली भाषा में जाहेर आयो (आदिवासी मातृ देवी) की स्तुति में एक प्रार्थना गीत गाकर की। मुर्मू ने संथाली भाषा में भाषण देते हुए कहा कि सभी तरह की भाषाएं सीखने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन अपनी मातृभाषा को कभी मत भूलिए। जब आप अपने लोगों से बात करें, तो हमेशा अपनी मातृभाषा में बात करने की कोशिश करें।
उन्होंने कहा कि ओल चिकी अब डिजिटल मंच पर है और इसका उपयोग भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए किया जाना चाहिए। ओल चिकी को बढ़ावा देने में टाटा स्टील के योगदान की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि समाज की बेहतरी के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के विकास के लिए 24,000 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
राष्ट्रपति ने संथाली साहित्य के विकास में योगदान देने वाले 12 प्रतिष्ठित संथाली व्यक्तियों को भी सम्मानित किया। इस समारोह में मुख्य अतिथि मुर्मू के अलावा राज्यपाल संतोष गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तथा झारग्राम (पश्चिम बंगाल) से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद और पद्मश्री से सम्मानित कालीपद सोरेन भी मौजूद रहे।
यह कार्यक्रम पंडित रघुनाथ मुर्मू द्वारा 1925 में शुरू किये गये ओल चिकी आंदोलन के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। उन्होंने ओल चिकी लिपि के जनक पंडित रघुनाथ मुर्मू की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
मुर्मू यहां राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर के 15वें दीक्षांत समारोह में भी शामिल होंगीं। राष्ट्रपति तीन दिवसीय दौरे पर रविवार रात झारखंड पहुंचीं। वह अंतरराज्यीय जनसंस्कृति समागम समारोह-कार्तिक यात्रा को संबोधित करने के लिए कल यानी मंगलवार को गुमला जायेंगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सरकार ने सशस्त्र बलों की क्षमता बढ़ाने के लिए 79,000 करोड़ रुपये के रक्षा खरीद सौदों के प्रस्तावों को मंजूरी दी है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को हुई रक्षा खरीद परिषद की बैठक में तीनों सेनाओं के लिए आवश्यकता के आधार पर खरीद के इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी।
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस वर्ष की अंतिम बैठक में मंजूर किये गये इन खरीद सौदों की कुल अनुमानित लागत लगभग 79,000 करोड़ रुपये है और इनमें सेना की तोपखाना रेजिमेंट के लिए लॉयटर म्यूनिशन सिस्टम, लो लेवल लाइट वेट रडार, पिनाका मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम के लिए लंबी दूरी के निर्देशित रॉकेट एम्युनिशन तथा इंटीग्रेटेड ड्रोन डिटेक्शन एंड इंटरडिक्शन सिस्टम मार्कझ्रकक की खरीद को मंजूरी दी गयी।
बैठक में नौसेना के लिए बोलार्ड पुल टग्स, हाई फ्रीक्वेंसी सॉफ्टवेयर डिफाइंड रेडियो मैनपैक तथा हाई एल्टीट्यूड लॉन्ग रेंज रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम को लीज पर लेने के प्रस्तावों को आवश्यकता पर खरीद की स्वीकृति प्रदान की गयी।
वायु सेना के लिए आटोमैटिक टेक-आफ लैंडिंग रिकॉर्डिंग सिस्टम, अस्त्र मार्क-कक मिसाइलें, फुल मिशन सिम्युलेटर तथा स्पाइस-1000 लॉन्ग रेंज गाइडेंस किट्स आदि की खरीद को आवश्यकता की स्वीकृति दी गयी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, जमशेदपुर। करनडीह स्थित दिशोम जाहेरथान प्रांगण में आयोजित ऑल इंडिया संताली राइटर्स एसोसिएशन और दिशोम जाहेरथान कमेटी के 22वें संताली परसी माहा एवं ओलचिकी शताब्दी समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संताली में अपना संबोधन दिया। यहां उन्होंने कहा कि यहां आने से पहले जाहेर आयो को जोहार कर रघुनाथ मुर्मू को श्रद्धांजलि दी।
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