सांसद सांस्कृतिक महोत्सव सह स्वदेशी मेला का शुभारंभ3 मई तक सांसद सांस्कृतिक महोत्सव सह स्वदेशी मेला का उत्सव आड्रे हाउस मेंप्रातः 9 बजे से रात्रि 10 बजे तक सभी लोगो के लिए प्रवेश निःशुल्कवंदे मातरम के गौरवशाली 150 वर्ष पूर्ण होने परटीम एबीएन, रांची। आड्रे हाउस में तीन दिवसीय सांसद सांस्कृतिक महोत्सव सह स्वदेशी मेला का शुभारंभ 1 मई, शुक्रवार को हुआ। प्रातः 11:00 स्वदेशी मेले का विधिवत पूजन व नारियल फोड़कर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने शुभारंभ किया। इस अवसर पर मेयर रोशनी खलको, डिप्टी मेयर नीरज कुमार, पुर्व सांसद अजय मारू आदि मौजूद थे।मेले में 125 स्टॉल निःशुल्क उपलब्ध कराए गए हैं, जो पूर्णत स्वदेशी को समर्पित है। मौके पर संजय सेठ ने कहा कि झारखंड की संस्कृति, पहचान, विविधता, परंपरा, लोक कला साथ ही यहां के लोक नृत्य संगीत को एक ही छत के नीचे कला संस्कृति के माध्यम से उनका संरक्षण और संवर्धन के लिए स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहित करने का वृहद अलौकिक, सुंदर कार्य सांसद सांस्कृतिक महोत्सव स्वदेशी मेला के माध्यम से किया गया है, जो हमारे स्वदेशी कला संस्कृति और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने का एक सशक्त माध्यम भी है। मेले के प्रथम व दूसरे दिन हजारों लोगों ने स्वदेशी मेला का भ्रमण किया। मेले में महिलाओं के द्वारा निर्मित पापड़, खजला, बड़ी, मंगोड़ी, विभिन्न प्रकार के अचार, ब्लैक राइस, रेड राइस, एनर्जी चॉकलेट मडुवा के लड्डू, रागी की कुकीज, चॉकलेट सहित कई और उत्पाद मिल रहा है। इसके अलावा हर्बल मसाला, घरेलू दवा, मेटल की तस्वीर, जूट बैग, उन से बने हैंडमेड फ्लावर, लिपिन आर्ट, ब्लू कार्ड पेंटिंग की तस्वीर आदि भी विक्रय के लिए सही मूल्य पर रखी गयी है। स्वदेशी मेला में श्री अन्न आहार कुटीर जहां झारखंड के पारंपरिक वयन्जनो का भी जायका लिया जा सकता है।साथ ही पारंपरिक मोटे अनाज से बने व्यंजन और उनके उत्पादों की बिक्री हुई। मोटे अनाज से बने मड़वा समोसा,मड़वा चोप, निमकी, भुजिया चॉकलेट, बिस्किट जैसे खाद्य पदार्थ लोगों ने मेला में चखा और उसका आनंद उठाते हुए खरीददारी की। इसी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के झलमुडी के कटॉउत सेटअप पर लोगो ने खूब तस्वीर खिंचवाई।आड्रे हाउस में ही लगायी गयीं प्रदर्शनीऑपरेशन सिंदूर पर रांची के बच्चों के द्वारा बनाई गई पेंटिंग की भी प्रदर्शनी लगाई गई। बच्चों ने ऑपरेशन सिंदूर की शौर्यगाथा को कैनवास पर उतारने का कार्य किया है। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत कई स्कूलों के बच्चों ने रंगारंग प्रस्तुति दी, जिसमें राधा कृष्ण लीला, आसाम फॉग डांस, संबलपुरी डांस, गुजराती डांस समेत अन्य प्रकार की प्रस्तुति दी गई। संध्या 7 बजे महामहिम राज्यपाल संतोष गंगवार, मुख्यमंन्त्री हेमंत सोरेन, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, राज्य सभा सांसद, विधायक, महापौर, उपमहापौर ने सांस्कृतिक महोत्सव स्वदेशी मेला का सामूहिक रूप से उद्घाटन किया। इस अवसर पर सभी अतिथियों को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ देकर अभिनंदन व स्वागत किया गया। मुख्यमंन्त्री ने अपने सकारात्मक विचारों के संग कहा हमारे बीच कई समाज, कई वर्ग, उनके बीच खूबियां संग पहचान हमारे देश की संस्कृति का मजबूत स्तम्भ है।देश मे हम जिन चीजो का उत्पाद करते है ऐसे उत्पाद को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा मिले।देश के इतिहास के पन्नो में महात्मा गांधी ने विदेशी संस्कृति को छोड़कर खादी को अपनाया। आज अलग अलग जगहों पर स्वदेशी को मजबूती के साथ देखा जा रहा है। महानगर सहित छोटे शहरों में भी स्वदेशी को प्राथमिकता दी जा रही है।जिस पर हमें ओर कार्य करने की आवश्यकता है। इस बीच उन्होंने कार्यक्रम में उपस्तिथ मुकुल नायक जी की भी चर्चा की मुख्यमंन्त्री ने महोत्सव के बेहतर प्रयास के लिए संजय सेठ को भी धन्यबाद दिया। राज्यपाल संतोष गंगवार ने अपने संबोधन में सांसद सांस्कृतिक महोत्सव स्वदेशी मेला के सफल आयोजन के लिए सांसद महोदय को अच्छे कार्यक्रम के लिए बधाई देते हुए सभी आयोजको को बधाई दी। उन्होंने कहा यह सिर्फ आयोजन ही नही स्वदेशी चेतना एवम जीवन का प्रतीक है।यहां की संस्कृति यहाँ के लोकनृत्य एक कला ही नही बल्कि हमारी धरोहर है।हमारे कारीगरों के हाथों में संस्कार सहित संवेदना निहित है। हमे स्थानीय उत्पादों एवम कारीगरों के ऊपर ध्यान देकर लोकल फ़ॉर बोकल के कार्य को ओर मजबूत करना होगा। स्थानीय उत्पादों को सम्मान देना है जो आपकी कला हमारी संस्कृति की आत्मा है।इसके पूर्व राज्य सभा सांसद आदित्य साहू, दीपक प्रकाश ने भी संबोधन के माध्यम से आयोजन के लिए बधाई, शुभकामनाये दी।केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने राज्यपाल, मुख्यमंन्त्री, राज्य सभा सांसद , विधायक, महापौर, उपमहापौर सहित सभी प्रबुद्ध जनो सहित बाहर से आये कलाकारों सहित स्कुल के बच्चों को महोत्सव स्वदेशी मेला आयोजन में शामिल होने के लिए बहुत बहुत साधुवाद दिया। अतिथियों ने स्वदेशी मेले के स्टॉल का भर्मण किया। सायं 8 बजे से धरत्रि कला केंद्र के द्वारा प्रस्तुति दी गयी। राजकोट से पधारे बिश्वप्रसिद्ध 15 लोगो की टीम ने गरबा के नृत्य की प्रस्तुति से मन मोह लिया।साथ ही उड़ीसा के डालखाई नृत्य , वंदे मातरम की प्रस्तुति ,झूमर नृत्य, पदम श्री मुकुंद नायक की उपस्थिति में, साथ ही पाईका नृत्य, कत्थक नृत्य सहीत झारखंडी लोकगीतो के नृत्य द्वारा सांसद सांस्कृतिक महोत्सव मैं लोगों ने आनंद उठाया। कुंज कला के साथी द्वारा भी कार्यक्रम की प्रस्तुति रखी गयी।आयोजन को सफल बनाने में केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ, अजय मारू, अजय मलकानी, मुकेश काबरा, ऐष्वर्य सेठ, आशीष सत्यव्रत, पूनम आनंद, रविंद्र कुमार ,शंकर दुबे, प्रमोद सारस्वत, संजय पोद्दार ,बलराम, कमलजीत सिंह, नीतू सिंह, संजीव साहू, विजय यादव,आनंद, नयन मयूर परमार, ललन श्रीवास्तव, रवि वर्मा ,संजय गोयल , प्रदीप रवि, भीष्म सिंह, मनोज कुमार, गौरव मित्तल, राजू रजक, राजीव सहाय , अमित चौधरी ,राहुल सिन्हा चंकी, एच डी सिंह, सतीश सिंहा, शंकर पाठक, रतन अग्रवाल सहित काफी संख्या में लगे है।2 मई को प्रातः 9:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक आड्रे हाउस में स्वदेशी मेला में लोगो ने सांस्कृतिक आयोजन के संग श्री अन्न आहार कुटीर में झारखंड के पारंपरिक व्यंजनों का लुफ्त उठाया। साथ ही यहां से बने उत्पादों सहित मोटे अनाज रागी, ज्वार, बाजरा ,मड़वा से बनी चीजो की खरीदारी की। प्रातः 10 बजे से DAV हेहल, गांधी नगर सहित कई अन्य स्कुल के बच्चों ने ओम नमः शिवाय से प्रारंभ कई नाट्य नृत्य व संगीत की प्रस्तुति दी गई। लोगो ने बच्चों द्वारा दिये जा रहे सांस्कृतिक कार्यक्रम की सराहना की।2 तारीख को सायं 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक उभरते कलाकारों के द्वारा हजारों बच्चों की उपस्तिथि में एवम अंतरराष्ट्रीय कलाकारों द्वारा बॉम्बे से नाथ आराधना, सरायकेला, कलकत्ता, आसाम की टीम ने SNA, छउ नृत्य, पाइका, शास्त्रीय प्रस्तुतियां, वंदे मातरम पर विशेष प्रस्तुतियां, लघु नाटिका सहित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रखी गयी।सायं 6 बजे संगीत नाट्य एकेडमी की प्रमुख संध्या पुरेचा कार्यक्रम में शामिल हुई।इसी के साथ स्वदेशी मेला में आने वाले लोगों के लिए पार्किंग की व्यवस्था सूचना भवन, रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय, ATI में रखी गयी है। 3 मई को प्रातः 9 बजे से रात्रि 10 बजे तक मेले में निःशुल्क प्रवेश रहेगा। उक्त जानकारी प्रमोद सारस्वत और संजय पोद्दार ने दी।
झारखंड में स्व-गणना शुरू, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने लोगों से की भाग लेने की अपीलटीम एबीएन, रांची । झारखंड में शुक्रवार को जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत स्व-गणना शुरू हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इसके तहत लोग अपने परिवार का विवरण डिजिटल रूप से दे सकेंगे।राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लोगों से इस प्रक्रिया में भाग लेने और सटीक जानकारी देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, मैं राज्य के लोगों से एक मई से शुरू हुई जनगणना की स्व-गणना प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील करता हूं और राज्य में जनगणना 2027 की सफलता की कामना करता हूं। गंगवार ने कहा कि विकास नीतियों को तैयार करने में आंकड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा, जनगणना से वास्तविक जनसंख्या, घरों, परिवार के सदस्यों की संख्या और प्रकार, साथ ही उनकी सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति के बारे में जानकारी मिलती है। यह डेटा सरकार को लोगों के विकास और कल्याण के लिए नीति बनाने में मदद करता है।सोरेन ने अपनी पत्नी कल्पना की उपस्थिति में अपने आवास पर स्व-गणना का कार्य पूरा किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, जनगणना-2027 के पहले चरण के तहत मैंने स्व-गणना प्रक्रिया पूरी कर ली है। यह केवल आंकड़े एकत्र करने का कार्य नहीं बल्कि यह हमारे झारखंड के साथ-साथ पूरे देश के भविष्य को सही दिशा में ले जाने का आधार है।मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं में निपुण कर्मचारियों को शामिल करके इस प्रक्रिया को हर नागरिक तक सुचारू रूप से पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा, मैं राज्य के सभी नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय और सार्थक रूप से भाग लेने की अपील करता हूं।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने जनगणना-2027 के तहत स्व-गणना (self Enumeration) की प्रक्रिया पूरी कीमुख्यमंत्री ने समस्त झारखंड वासियों से जनगणना-2027 प्रक्रिया में अपनी महत्ती जिम्मेदारी का निर्वहन, सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण भागीदारी की अपील कीजनगणना सिर्फ आंकड़े जुटाना नहीं बल्कि, आमजनमानस के भविष्य को सही दिशा देने का आधारजनगणना कार्य से सरकार की योजनाओं को और ज्यादा प्रभावी तरीके से पात्र लोगों तक पहुंचाने में मिलेगी मदद : हेमन्त सोरेनटीम एबीएन, रांची । मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में जनगणना-2027 के तहत स्व-गणना (self Enumeration) की प्रक्रिया पूरी की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने समस्त झारखंड वासियों से जनगणना- 2027 की प्रक्रिया में अपनी महती जिम्मेवारी का निर्वहन करते हुए सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण भागीदारी की अपील की । मौके पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की धर्मपत्नी विधायक कल्पना सोरेन भी उपस्थित रहीं।जनगणना प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी से हुए अवगतइस दौरान मुख्यमंत्री को जनगणना से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने ऑनलाइन स्व-गणना पोर्टल पर पंजीकरण करने से संबंधित प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी से अवगत कराया। मुख्यमंत्री के समक्ष जनगणना अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान के तहत 01 मई से 15मई तक स्व-गणना कार्य प्रारंभ हो चुका है। इसके पश्चात मकान सूचीकरण एवं मकान गणना कार्य दिनांक 16 मई से 14 जून 2026 तक पूरे राज्य में किया जाएगा। इस गहन जनगणना अभियान के दौरान घर-घर जाकर प्रगणक से संबद्ध कर्मी डेटा संग्रह करेंगे। सभी जिलों में इस कार्य के लिए प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी गई है।जनगणना कार्य सिर्फ आंकड़े जुटाना नहीं बल्कि आमजन के भविष्य को सही दिशा देने का आधारइस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि जनगणना कार्य सिर्फ आंकड़े जुटाना नहीं बल्कि आमजनों के भविष्य को सही दिशा देने का आधार है। जनगणना से राज्य सरकार की योजनाओं को और ज्यादा प्रभावी तरीके से पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस कार्य के दौरान क्षेत्रीय भाषाओं के जानकार पदाधिकारी एवं कर्मियों को सम्मिलित किए जाने की बात जनगणना अधिकारियों से कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना- 2027 का कार्य तकनीकी रूप से सराहनीय पहल है। मुख्यमंत्री ने समस्त राज्य वासियों से इस राष्ट्रीय जनगणना अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।इस अवसर पर जनगणना कार्य निदेशालय, भारत सरकार के निदेशक प्रभात कुमार, उपायुक्त रांची मंजूनाथ भजंत्री, नगर आयुक्त, रांची नगर निगम सुशांत गौरव, सहायक नगर आयुक्त राहुल यादव, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी शेषनाथ बैठा, जनगणना कार्य निदेशालय के उप निदेशक केशया० आर, सहायक निदेशक मुरारी मोहन, सांख्यिकी अधिकारी कौशल किशोर सहित अन्य उपस्थित रहे।
रिकॉर्ड दुरुस्त करें, लंबित मामलों का करें त्वरित निष्पादन : आयुक्तप्रमंडलीय आयुक्त ने गढ़वा के एलआरडीसी कार्यालय का किया निरीक्षणएबीएन न्यूज नेटवर्क, गढ़वा (पलामू)। । प्रमंडलीय आयुक्त श्रीमती कुमुद सहाय आज भूमि सुधार उप समाहर्ता (एलआरडीसी) कार्यालय, गढ़वा का औचक निरीक्षण कर राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय में संधारित विभिन्न पंजियों, अभिलेखों एवं लंबित मामलों की स्थिति का जायजा लिया तथा कई पंजियां अद्यतन नहीं पाए जाने पर नाराजगी जतायीं। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को सभी पंजियों को समयबद्ध तरीके से अद्यतन करने का निर्देश दिया। आयुक्त ने सहायक एवं एलडीसी के सेवा पुस्त की जांच की। साथ ही सूचना का अधिकार पंजी, आगत-निर्गत पंजी सहित अन्य आवश्यक अभिलेखों का अवलोकन कर उनकी अद्यतन स्थिति की जानकारी लीं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्यालयी अभिलेखों का संधारण व्यवस्थित, पारदर्शी एवं अद्यतन रहना चाहिए, ताकि आमजनों को समय पर सेवाएं उपलब्ध हो सके।प्रमंडलीय आयुक्त ने लंबित अपीलीय मामलों की समीक्षा करते हुए ई-रेवेन्यू कोर्ट के मामलों, दाखिल-खारिज के लंबित अपीलीय मामलों सहित अन्य राजस्व मामलों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मामलों में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।उन्होंने अंचल कार्यालय एवं हल्का स्तर के कार्यों की भी जानकारी ली। राजस्व वसूली की प्रगति की समीक्षा करते हुए पिछले वित्तीय वर्ष में लक्ष्य के अनुरूप हुई वसूली की जानकारी ली तथा चालू वित्तीय वर्ष में निर्धारित लक्ष्य को समय पर प्राप्त करने हेतु तत्परता से कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने राजस्व वसूली में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया।आयुक्त ने रेंट फिक्सेशन, दखल-दिहानी, सर्टिफिकेट केस, कैंप कोर्ट एवं भूदान भूमि की वर्तमान स्थिति की भी विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने इन मामलों में लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने तथा जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।प्रमंडलीय आयुक्त ने राजस्व से जुड़े सभी कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही के साथ कार्य करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को जनहित के मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने तथा अभिलेखों को सुव्यवस्थित रखने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान आयुक्त के सचिव बिजय वर्मा, गढ़वा के उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा भी उपस्थित रहे। मौके पर गढ़वा के भूमि सुधार उपसमाहर्ता रविश राज सिंह उपस्थित थे।
हमर अधिकार मंच का प्रतिनिधिमंडल मिला लोकायुक्त न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार गुप्ता सेलोकायुक्त कार्यालय में पूर्व से लंबित 3000 से अधिक शिकायतों पर तीव्र गति से जांच करवाने और झारखंड के 24 जिलों में आम जनमानस हेतु लोकायुक्त के कार्यों और शक्तियों की जानकारी के बारे में जागरूकता ड्राइव चलाने की मांग कियाअध्यक्ष दीपेश निराला ने हमर अधिकार मंच के द्वारा किए जा रहे कार्यों से अवगत कराया लोकायुक्त कोटीम एबीएन, रांची। हमर अधिकार मंच का एक प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष दीपेश निराला की अध्यक्षता में झारखंड के लोकायुक्त श्री अमिताभ कुमार गुप्ता, पूर्व न्यायमूर्ति, झारखंड उच्च न्यायालय से मिलकर उनको पुष्पगुच्छ देकर बधाई दिया और उनको अपने द्वारा फुटपाथ विक्रेताओं, यातायात नियमावली और नागरिक सुविधाओं पर लिखित पुस्तक, जिसे क्रॉउन पब्लिकेशन ने प्रकाशित किया है।भेंट करते हुए एक ज्ञापन प्रेषित किया और मांग की है कि लोकायुक्त कार्यालय में भ्रष्टाचार के विरुद्ध लंबित 3000 से अधिक शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उनके जांच में तेजी लायी जाय और झारखंड के 24 जिलों में व्यापक जागरूकता ड्राइव चलाया जाय, ताकि जहां-जहां भ्रष्ट आचरण हो रहा है, वहां आम जनमानस को लोकायुक्त की शक्तियों और कार्यों के बारे में जानकारी हो सके और वह लोग लोकायुक्त कार्यालय पहुंच कर भ्रष्ट आचरण के विरुद्ध अपना शिकायत दर्ज करवा सकें।साथ ही उन्होंने हमर अधिकार मंच के विगत कार्यों जैसे आरटीआई कार्यशाला और मानव अधिकार कार्यशाला, सिविल राइट्स की जागरूकता, इत्यादि के बारे में लोकायुक्त को जानकारी दी। इस पर लोकायुक्त महोदय ने कहा कि हम लोग लंबित शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने जा रहे हैं, साथ ही साथ 24 जिलों में समय-समय पर जागरूकता ड्राइव भी चलाया जाएगा, ताकि भ्रष्टाचार पर अंकुश लग सके।हमर अधिकार मंच के प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष दीपेश निराला, उपाध्यक्ष रेणुका तिवारी, संतोष मृदुला, महासचिव उमाशंकर सिंह, कोषाध्यक्ष विनोद जैन बेगवानी, सचिव चंद्र देव कुमार बरनवाल, चंदू, संयुक्त सचिव मनीष बक्शी, दीनबंधु कुमार, बीरेंद्र नगड़ूवार, जूही कुमारी चौधरी, कार्यकारिणी सदस्य सुजीत कुमार पांडेय, अश्विनी कुमार, संतोष कुमार शामिल थे। उक्त जानकारी हमर अधिकार मंच के अध्यक्ष दीपेश निराला ने दी।
वात्सल्य धाम में आयुक्त कुमुद सहाय का औचक निरीक्षण, विशेष बच्चों की देखभाल व सुविधाओं पर दिये निर्देश एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर, (पलामू)। प्रमंडलीय आयुक्त कुमुद सहाय आज वात्सल्य धाम का औचक निरीक्षण कर वहां संचालित व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां रह रहे बच्चों से आत्मीय बातचीत की और उनकी दिनचर्या, आवश्यकताओं तथा उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। आयुक्त ने यहां रह रहे विशेष बच्चों संग कुछ पल बिताये, उनसे बातचीत की, खुशियां बांटी और उनका विशेष ख्याल रखने का भरोसा दिया। बच्चों के बीच लूडो, गर्मी के मद्देनजर बिस्किट, फल एवं पेयजल (पानी बोतल) एवं स्लीपर(चप्पल) सहित अन्य आवश्यक सामग्री का वितरण कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। निरीक्षण के क्रम में आयुक्त ने बाल संरक्षण पदाधिकारी मो. जिसान अहमद, अधीक्षक शिलवी शालवी एवं गृहपति राकेश कुमार से विशेष बच्चों को उपलब्ध करायी जा रही सुविधाओं, भोजन एवं नाश्ते की गुणवत्ता, नियमितता तथा मेन्यू के पालन की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्धारित मेन्यू के अनुसार बच्चों को पौष्टिक एवं संतुलित आहार उपलब्ध कराया जाए और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर आयुक्त ने विशेष जोर देते हुए निर्देश दिया कि मेडिकल टीम द्वारा सभी बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही आवश्यकतानुसार विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं थेरेपिस्ट से समय-समय पर जांच करायी जाए, ताकि बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास में कोई बाधा नहीं आए। आयुक्त ने बच्चों के आवासीय परिसर, साफ-सफाई, सुरक्षा एवं अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने परिसर में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने, बच्चों के रहने की सुरक्षित व व्यवस्थित व्यवस्था तथा उनकी देखभाल में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का परिचय देने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वात्सल्य धाम में रह रहे प्रत्येक बच्चे को बेहतर देखभाल, पोषण, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। साथ ही समय-समय पर निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जाए, ताकि बच्चों को एक सुरक्षित, स्वस्थ एवं सकारात्मक वातावरण मिल सके। निरीक्षण में सामाजिक सुरक्षा के उपनिदेशक श्री पीयूष भी उपस्थित रहे।
गैस के लिए घंटों धूप में खड़े रहने व लगातार शिकायत के बाद एसडीएम ने स्वामी इंडेन के मैनेजेर को लगाया फटकार नगर पंचायत कार्यालय में हुई हाई लेबल की बैठक, एक माह का उठाव व वितरक का ब्यौरा मांगा गया गैस कलाबजारी की सूचना मिली तो नपेंगे मैनेजर व एजेंसी, मंगलवार से घर घर उपलब्ध कराये : एसडीएम एबीएन न्यूज नेटवर्क, हुसैनाबाद/ पलामू। पलामू घरेलू गैस की मारा मारी ने आखिरकार हुसैनाबाद की सरकारी तंत्र को बैठक लेने पर मजबूर कर ही दिया। शनिवार को नगर पंचायत कार्यालय में अनुमंडल पदाधिकारी गौरांग महतो, अंचलाधिकारी पंकज कुमार, नगर अध्यक्ष अजय भारती, कार्यपालक पदाधिकारी शशि शेखर सुमन, बीडीओ सुनील कुमार वर्मा, थाना प्रभारी चंदन कुमार व आपूर्ति पदाधिकारी मनोज कुमार पासवान ने जपला में स्वामी इंडेन गैस के मैनेजर के साथ बैठक की। जिसमें घरेलू गैस के लिए इस प्रचंड गर्मी व धूप में उपभोक्ता को लगातार घंटों लाईन में खड़े रहने पर अनुमंडलीय प्रशासन नाराज दिखे व एजेंसी के मैनेजर रंजन पासवान को जमकर फटकार लगाया। इस दौरान एसडीएम ने कहा कि पिछले एक माह में कितना सिलेंडर उठाव किया गया है। कितना उपभोक्ता को डीएसी के माध्यम से वितरण किया गया है। उसका डाटा उपलब्ध कराइये,उन्होंने मंगलवार से हर हाल में घर घर उपभोक्ताओं गैस उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि धूप में कोई उपभोक्ता लाईन में खड़ा रहेगा, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित कराइये नहीं तो कार्रवाई होगी। रोजाना उपभोक्ता की वितरण व उठाव की स्पष्ट कॉपी डेली रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। उन्होंने अस्पष्ट शब्दो मे कहा कि अगर कोई उपभोक्ता द्वारा कलाबजारी करने व दूसरे के डीएसी नंबर की बेचने जैसी अन्य शिकायत किया तो मैनेजर व वितरक एजेंसी दोनो पर कार्रवाई निश्चित होगा विधि व्यवस्था उत्पादन हुई तो भी कार्रवाई होगी। विदित हो कि घरेलू गैस को लेकर हुसैनाबाद में स्वामी इंडेन गैस थाना गेट पर रोजाना लगातार हजारों की संख्या में महिला पुरूष चिलचिलाती धूप में घंटों खड़े रह रहे हैं। उन्हें गैस नहीं मिल रहा एक सिलेंडर के लिए चार से पांच दिन लोग एजेंसी के मैनेजर को पर्ची कटाने के लिए खोज रहे हैं। गैस उपभोक्ताओं की लगातार नाराजगी के बाद नगर पंचायत अध्यक्ष अजय कुमार भारती ने एसडीएम को पत्र लिखकर कर इस मामले को गंभीरता पूर्वक संज्ञान में लेने की मांग किया था। वहीं अनुमंडल के सभी प्रखंडों में शांति व्यवस्था में गैस वितरण कराया जा रहा, जबकि हुसैनाबाद में इसको लेकर सभी लोग परेशान है। क्या सरकारी कर्मी क्या आम उपभोक्ता मैनेजर व एजेंसी की तानाशाही व्यवस्था से आम लोग काफी परेशान थे लगातार शिकायत आ रही थी।
दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच व यूनाइटेड किंगडम की सफल यात्रा के बाद राज्य में निवेश एवं औद्योगिक के क्षेत्र में हो रहे अद्यतन कार्य प्रगति की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने दीमुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के दावोस एवं यूनाइटेड किंगडम में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापनों पर फोकस, औद्योगिक विकास के साथ-साथ टेक्सटाइल उद्योग, उच्च शिक्षा, फूड्स प्रोसेसिंग, आईटी , क्रिटिकल मिनरल एवं पर्यटन इत्यादि क्षेत्रों में निवेश को प्राथमिकता देने का निर्देश अधिकारियों को दियाटीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने शुक्रवार को कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में अधिकारियों के साथ राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच एवं यूनाइटेड किंगडम की सफल यात्रा के बाद राज्य में निवेश एवं औद्योगिक क्षेत्र में हो रहे अद्यतन कार्य प्रगति की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने दी।बैठक में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को राज्य सरकार के दावोस में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापनों पर फोकस, औद्योगिक विकास, टेक्सटाइल उद्योग, उच्च शिक्षा, फूड्स प्रोसेसिंग, आईटी, क्रिटिकल मिनरल एवं पर्यटन क्षेत्र में निवेश को प्राथमिकता देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने दावोस और यूनाइटेड किंगडम यात्रा के दौरान निवेश को लेकर इन क्षेत्रों में हुए एमओयू इत्यादि कार्यों को जल्द से जल्द आगे बढ़ाते हुए अमलीजामा पहनाने की बात कही।मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश के लिए इच्छुक कंपनियों के प्रस्तावों और एमओयू को जल्द से जल्द जमीन पर उतारा जा सके इसके लिए प्रतिबद्धता के साथ बेहतर कार्य योजना बनाते हुए आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री एवं अधिकारियों के बीच राज्य में टेक्सटाइल्स पॉलिसी पर चर्चा हुई। बैठक में वैसे सभी औद्योगिक संस्थानों को लेकर चर्चा हुई जो राज्य में निवेश के लिए अधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य में वस्त्र उद्योग के बढ़ावा को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिया कि यह एक महत्वपूर्ण सेक्टर है इसमें महिलाओं को ज्यादा रोजगार मिलने की संभावनाएं रहती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर यह देखा जाता है कि झारखंड से बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों में यहां के लोग जाकर टेक्सटाइल सेक्टर में कार्य करते हैं। अतएव झारखंड में टेक्सटाइल इंडस्ट्री की एक बेहतर नीति बनने से रोजगार का सृजन अधिक से अधिक हो सकेगा।मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच में राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व समस्त झारखंडवासियों की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दावोस के वैश्विक मंच पर झारखंड ने पूरे विश्व को संदेश दिया कि यह अपार संभावनाओं वाला राज्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश निवेश के लिए अनुकूल है। विश्व आर्थिक मंच में झारखंड की भागीदारी काफी मजबूत रही। राज्य सरकार पूरी तैयारी के साथ इस मंच में सक्रिय रही। काफी अच्छी रणनीति के साथ हमने निवेशकों को अपनी ओर आकर्षित किया है, कई अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक संस्थानों और समूहों के साथ सकारात्मक वार्ता हुई है, जिससे आने वाले समय में झारखंड में निवेश के साथ-साथ रोजगार के अवसर में बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए रोजगार सृजित करना, किसानों की समृद्धि के लिए कार्य एवं वूमेन इंपावरमेंट की दिशा में विशेष प्रयास किए जाने की जरूरत पर बल दिया।मुख्यमंत्री ने कहा कि मेगालिथ और मोनोलिथ स्थलों के विकास एवं संरक्षण के लिए राज्य के सभी संबंधित क्षेत्रों से जियो टैगिंग कर इसकी विस्तृत जानकारी प्राप्त की जाए तथा इस क्षेत्र के विकास के लिए आगे की कार्य योजना बनाएं। बैठक में मुख्यमंत्री ने क्रिटिकल मिनरल्स के रिसर्च, उत्पादन, प्रसंस्करण को बढ़ावा देने पर बल दिया है और यूनाइटेड किंगडम के प्रमुख संस्थानों के साथ संयुक्त साझेदारी से सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस स्थापन करने की दिशा में निर्देश दिये।मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि पर्यटन, खाद्य प्रसंस्करण, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और ईवी कंपोनेंट्स और वस्त्र उद्योग जैसे निवेश पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। इन क्षेत्रों में अधिक से अधिक निवेश हो इसके लिए सरल, बेहतर एवं आकर्षक कार्य योजना बनाते हुए आगे बढ़ने की आवश्यकता है। बैठक में राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल, प्रधान सचिव उच्च शिक्षा एवं तकनीकी विभाग राहुल पुरवार, सचिव उद्योग विभाग अरवा राजकमल, सचिव वित्त विभाग प्रशांत कुमार, सचिव सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग पूजा सिंघल, सचिव पर्यटन विभाग मुकेश कुमार, विशेष सचिव आईपीआरडी राजीव लोचन बक्शी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
ट्रेजरी घोटाले में अब सीआईडी की एंट्री9 सदस्यीय टीम ने शुरू की जांचटीम एबीएन, रांची। झारखंड में ट्रेजरी घोटाले को लेकर अब जांच तेज हो गयी है। राज्य सरकार की अनुमति के बाद झारखंड सीआईडी ने इस पूरे मामले को टेकअप कर लिया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी पंकज कंबोज की अध्यक्षता में 9 सदस्यीय विशेष जांच टीम यानी एसआईटी का गठन किया गया है, जिसने अपनी जांच शुरू कर दी है। सीआईडी की ओर से सूचना जारी कर इस जांच के बाबत मीडिया को जानकारी दी गयी है।बड़ी वित्तीय गड़बड़ी का अंदेशायह जांच ट्रेजरी से वेतन समेत कई मद में हुई अवैध निकासी के पूरे नेटवर्क को उजागर करने पर केंद्रित होगी। शुरूआती संकेतों में बड़े स्तर पर वित्तीय गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। खास बातें कि वित्त विभाग के स्तर से कअर अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक हाई लेवल कमिटी भी मामले की जांच कर रही है।बोकारो और हजारीबाग में खुली घोटाले की परतदरअसल, इस घोटाले की परतें उस वक्त खुलनी शुरू हुईं जब बोकारो और हजारीबाग जिलों में ट्रेजरी से संदिग्ध निकासी के मामले सामने आये। जांच में पाया गया कि वेतन मद के नाम पर फर्जी तरीके से पैसे निकाले गए। इस खुलासे के बाद वित्त विभाग और संबंधित ट्रेजरी कार्यालयों में हड़कंप मच गया था। कई अधिकारी और कर्मचारी चिह्नितविभागीय स्तर पर तत्काल कार्रवाई करते हुए कई अधिकारियों और कर्मचारियों को चिन्हित किया गया। कुछ को निलंबित किया गया, जबकि कई के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गयी है। कई आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। साथ ही, ट्रेजरी सिस्टम में पारदर्शिता लाने और गड़बड़ी रोकने के लिए निगरानी भी बढ़ायी गयी है।
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