राज काज

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Published / 2026-01-20 21:16:03
एनएचएम, 15वें वित्त आयोग और पीएम-अभीम की प्रगति पर अपर मुख्य सचिव ने की समीक्षा, खर्च तेज करने के निर्देश

अपर मुख्य सचिव का आदेश- सभी सहिया को तत्काल मानदेय दें 

टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 20 जनवरी 2026 को अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में सभी जिलों के सिविल सर्जनों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गयी।

बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, 15वें वित्त आयोग एवं पीएम-अभीम योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गयी। बैठक में एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा एवं निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं डॉ सिद्धार्थ सान्याल भी उपस्थित थे। 

एनएचएम में कम खर्च पर चिंता, जनवरी अंत तक 100% एक्सपेंडिचर का निर्देश 

समीक्षा के दौरान सामने आया कि अब तक एनएचएम मद में मात्र 50 प्रतिशत राशि ही खर्च हो सकी है। इस पर अपर मुख्य सचिव ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सभी सिविल सर्जनों को निर्देश दिया कि जनवरी के अंतिम सप्ताह तक पूरी राशि खर्च सुनिश्चित की जाये। उन्होंने कहा कि इसके लिए कैंप का आयोजन, बकाया बिलों का त्वरित भुगतान और रूटीन खर्च जैसे मानदेय एवं वेतन मद में तत्काल भुगतान किया जाये। 

सहिया भुगतान और पेंडिंग बिल एक सप्ताह में क्लियर करने का आदेश 

अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी सहिया का लंबित भुगतान तत्काल किया जाए तथा जिनका मानदेय बकाया है, उनका भी शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाये। 

उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर सभी पेंडिंग बिलों का भुगतान किया जाए, ताकि खर्च में तेजी लायी जा सके। साथ ही सिविल सर्जनों को नियमित रूप से स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया, जिससे अद्यतन स्थिति पर नजर बनी रहे। 

दवाओं की उपलब्धता और ई-औषधि पर एंट्री सुनिश्चित करने का निर्देश 

एनएचएम के अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा ने सभी सिविल सर्जनों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी पीएचसी, सीएचसी एवं अन्य अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने ई-औषधि पोर्टल पर दवाओं की उपलब्धता की नियमित एंट्री करने और 100 प्रतिशत खर्च शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया। 

पीएम-अभीम योजना में धीमी प्रगति पर सख्ती 

बैठक में पीएम-अभीम योजना की भी समीक्षा की गई। जहां खर्च की गति धीमी पायी गयी, वहां अपर मुख्य सचिव ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और खर्च बढ़ाने के स्पष्ट निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जहां टेंडर लंबित हैं, वहां शीघ्र टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाये और जहां टेंडर हो चुके हैं, वहां कार्य तुरंत शुरू कराया जाये। 

बैठक के अंत में अपर मुख्य सचिव ने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं का प्रभाव तभी जमीन पर दिखेगा, जब वित्तीय प्रबंधन, समयबद्ध भुगतान और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लायी जायेगी। सभी जिलों को इस दिशा में पूरी गंभीरता से कार्य करने का निर्देश दिया गया।

Published / 2026-01-20 21:04:00
विदेश में झारखंड के विकास का खाका बना रहे सीएम हेमंत सोरेन

टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री राज्य के विकास का खाका वैश्विक मंच #दावोस पर खींचने की कोशिश में लगे हैं और तमाम चुनौतियों के वावजूद एक स्पष्ट विजन के साथ राज्य को आगे बढ़ाने की उनकी सोच को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर स्वीकार्यता मिल रही है। दिशोम गुरू शिबू सोरेन के आशीर्वाद से मिले इस विजन को धरातल पर उतारना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है कि यहां के मेहनती व मेधावी युवाओं के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और उद्योगों के क्षेत्रों में वैश्विक अवसर सृजित किये जायें। 

जब पिछले साल नवंबर में बाबा की जीवनी पर व्याख्यान देने मैं ससेक्स विश्वविद्यालय गया था। वहां राज्य सरकार द्वारा दी जा रही मारांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा छात्रवृत्ति के तहत शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों से मुलाकात हुई थी। मुख्यमंत्री की इस सोच से प्रभावित होकर विश्वविद्यालय के प्रबंधन ने ससेक्स यूनिवर्सिटी और राज्य के आदिवासी कल्याण विभाग तथा राज्य की शिक्षण संस्थाओं के बीच संबंधों को और प्रगाढ़ करने तथा विकासशील मामलों मे विश्व की अग्रणी रैंकिंग प्राप्त इस विश्वविद्यालय के आईडीएस (इंस्टीच्यूट आफ डेवलपमेंट स्टडीज) के रिसर्च को बाबा की प्रेरणा से जोड़कर इसका दायरा और बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की थी और इसे लेकर जनवरी में झारखंड का दौरा कर एक खाका बनाने की योजना बनायी थी।

इसी क्रम में विश्वविद्यालय के प्रो वीसी सिमोन थंपसन के रांची पहुंचने पर मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में विभागीय मंत्री चमरा लिंडा संग आयोजित बैठक में सभी बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान आने वाले समय मे ससेक्स विश्वविद्यालय में झारखंड के विद्यार्थियों के लिए शिबू सोरेन के नाम पर विशेष छात्रवृत्ति शुरू करने, राज्य की अग्रणी बिजनेस और लॉ संस्थानों संग एक्सचेंज कार्यक्रम व शैक्षणिक सहयोग समझौते, राज्य में विकास मामलों पर अनुसंधान हेतु वैश्विक केंद्र स्थापित करने तथा वैश्विक मापदंडों पर प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों समेत कई अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं पर चर्चा हुई। 

मंत्री चमरा लिंडा ने आश्वस्त किया कि आने वाले समय में मारांग गोमके छात्रवृत्ति में विद्यार्थियों की संख्या को बढ़ाने पर काम हो रहा है और सरकार आने वाले समय में यह भी ध्यान रखेगी कि क्वान्टिटी के ऊपर क्वालिटी को प्राथमिकता देते हुए राज्य के विद्यार्थियों की शिक्षा ब्रिटेन की प्रतिष्ठित संस्थाओं में हो। 

राज्य सरकार ससेक्स जैसी विख्यात अंतराष्ट्रीय संस्थानों के साथ के संबंधों का लाभ यहां के छात्रों को देना चाहती है। प्रो सिमोन थंपसन ने कहा कि फरवरी में इन सभी विषयों पर साझेदारी हेतु एक प्रस्ताव राज्य सरकार के पास भेजेंगे। मई के महीने में विश्वविद्यालय का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल झारखंड आकर मुख्यमंत्री से मिलकर कार्य योजना को आगे बढ़ाने का काम करेगी।

Published / 2026-01-19 23:36:21
दावोस में संस्थागत निवेश पर जोर देने में जुटे सीएम हेमंत और कल्पना

एबीएन न्यूज नेटवर्क, रांची/दावोस। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दूसरे दिन मंगलवार को केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन, गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष रमेशकुमार संघवी एवं अन्य दावोस में कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के तत्वाधान में आयोजित राउंड टेबल बैठक के दौरान वरिष्ठ नीति निर्माताओं, विभिन्न कंपनियों के सीईओ और संस्थागत निवेशकों एक साथ बातचीत करेंगे। 

बैठक में इस बात पर विचार-विमर्श होगा कि सतत विकास की कार्ययोजना कैसी होनी चाहिए और इसके लिए क्या आवश्यक है। मालूम हो कि दुनिया का सतत विकास का लक्ष्य एक महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर रहा है। 

जलवायु, संसाधन और प्रौद्योगिकी में हो रहे बदलावों की गति बढ़ने के साथ सरकार, व्यापारी वर्ग और निवेशकों के लिए चुनौती अब महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करना नहीं है, बल्कि सतत विकास को वास्तविक अर्थव्यवस्था में तेजी से सभी क्षेत्रों में जारी होड़ से समझौता किए बिना संगठित करना है।

ये होंगे इस बैठक में चर्चा के केंद्र बिंदु

इस बैठक के केंद्र में ऊर्जा, अवसंरचना, विनिर्माण, प्रौद्योगिकी और मानव संसाधन के कार्यान्वयन के तरीके, नीतिगत सामंजस्य और प्रबंधक की भूमिका, विखरे हुए विश्व-परिवेश में परिचालन और दीर्घकालिक मूल्य का निर्माण, पायलट परियोजनाओं से आगे बढ़ते हुए यह सत्र समाधानों को व्यापक स्तर पर लागू करने, सार्वजनिक और निजी कार्यों को समन्वित करने और सतत विकास को उत्पादकता और आपसी समन्वय स्थापित करने पर व्यावहारिक समझ प्रदान करेगा।

Published / 2026-01-19 23:32:14
दावोस में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की टाटा स्टील के शीर्ष नेतृत्व से अहम बैठक

  • दावोस में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की टाटा स्टील के शीर्ष नेतृत्व से अहम बैठक
  • झारखण्ड में 11,000 करोड़ रुपये के ग्रीन स्टील निवेश का संकल्प
  • WEF ने मुख्यमंत्री को वाइट बैच से किया गया सम्मानित
  • अर्बन ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में सहयोग के लिए स्वीडन ने दिखाई रुचि
  • स्वीडन और भारत के बीच अप्रैल में संभावित सहयोग और निवेश के लिए राउंड टेबल मीटिंग आयोजित किया जायेगा

एबीएन न्यूज नेटवर्क, रांची/दावोस/स्विट्ज़रलैंड। विश्व आर्थिक मंच (WEF) दावोस के दौरान मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखण्ड सरकार के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल ने टाटा स्टील के शीर्ष नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक के दौरान टाटा स्टील ने झारखंड में न्यू एज ग्रीन स्टील टेक्नोलॉजी के तहत कुल 11,000 करोड़ रुपये के निवेश के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जिसे लेकर आशय पत्र एवं सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। 

इस निवेश के अंतर्गत हिरसाना ईज़ी एंड मेल्ट टेक्नोलॉजी में 7,000 करोड़ रुपये, कॉम्बी मिल परियोजना में 1,500 करोड़ रुपये तथा टिनप्लेट विस्तार परियोजना में 2,600 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। ये सभी परियोजनाएं पर्यावरण-अनुकूल ग्रीन स्टील तकनीक पर आधारित होंगी, जिनमें नीदरलैंड और जर्मनी की उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखण्ड सरकार टिकाऊ औद्योगिक विकास, स्वच्छ तकनीक और स्थानीय रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। टाटा स्टील के साथ यह साझेदारी राज्य की औद्योगिक क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के साथ-साथ झारखण्ड को हरित औद्योगिक परिवर्तन का अग्रणी राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। 

यह निवेश न केवल राज्य के खनिज-आधारित औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती देगा, बल्कि ग्रीन एनर्जी और जलवायु-अनुकूल विकास के राष्ट्रीय लक्ष्यों को भी गति प्रदान करेगा। हिताची कम्पनी ने विद्युत, उच्च स्तरीय ग्रिडिंग एवं उन्नत अवसंरचना हेतु निवेश पर अपना प्रस्ताव दिया है।

मुख्यमंत्री को वाइट बैच से किया गया सम्मानित, स्वीडन ने दिखायी रुचि

विश्व आर्थिक मंच (WEF) द्वारा मुख्यमंत्री को व्हाइट बैज प्रदान किया गया तथा मुख्यमंत्री की ओर से सहयोग का औपचारिक पत्र सौंपा गया। यह सहयोग WEF के उत्कृष्टता केंद्रों के अनुरूप तीन प्रमुख विषयों पर आधारित है क्रिटिकल मिनरल्स एवं नई ऊर्जा, तथा जलवायु और जैव विविधता संरक्षण। राज्य सरकार का विजन 2050 व्यापक रूप से WEF की समावेशी समाज की अवधारणा के साथ पूर्णतः मेल खाती है। 

इस सहभागिता के माध्यम से सीख, ज्ञान-विनिमय और क्रियान्वयन आधारित सहयोग की दिशा में एक सार्थक और दीर्घकालिक साझेदारी की कोशिश की जाएगी। वहीं पिछले वर्ष झारखण्ड सरकार के स्वीडन के आधिकारिक यात्रा का प्रतिफल भी सामने आया है। स्वीडन ने अर्बन ट्रांसपोर्ट में निवेश को लेकर बातचीत को आगे बढ़ाया है। इसको लेकर स्वीडन और भारत के बीच अप्रैल में संभावित सहयोग और निवेश के लिए राउंड टेबल मीटिंग आयोजित किया जाएगा। आज की बैठक में मुख्यमंत्री की स्वीडन की उन कंपनियों से भी मुलाकात हुई, जिनसे स्वीडन की यात्रा के दौरान पिछले वर्ष बातचीत हुई थी।

वर्ल्ड विमन लीडर्स फ़ोरम के प्रतिनिधियों से हुई मुलाक़ात जिसमें महिला राजनीतिक नेतृत्व को सशक्त बनाने, विशेषकर हाशिये पर रहने वाले वर्गों  से आने वाली महिलाओं के लिए झारखण्ड सरकार के साथ एक सहयोगात्मक ढांचा स्थापित करने की इच्छा व्यक्त की गयी। साथ ही, भारत चैप्टर की स्थापना तथा सभी राजनीतिक दलों की महिला प्रतिनिधियों के लिए एक साझा और गैर-दलीय मंच के गठन का प्रस्ताव भी रखा गया, जिसमें संवाद, क्षमता निर्माण और सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एवं आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ टाटा स्टील के एमडी एवं सीईओ टी. वी. नरेंद्रन, स्वीडन इंडिया बिज़नेस काउंसिल की चीफ इंडिया रिप्रेज़ेंटेटिव सुश्री सेसिलिया ओल्डने, वुमन पॉलिटिकल लीडर्स फोरम की अध्यक्ष सुश्री सिलवाना कोच-मेहरिन, विश्व आर्थिक मंच (WEF) से विराज मेहता, हिताची इंडिया के क्षेत्रीय प्रमुख भारत कौशल, एवं टेक महिंद्रा के आईएमईए डिवीजन के प्रमुख एवं अध्यक्ष साहिल धवन बैठक में शामिल हुए।

Published / 2026-01-19 21:06:43
ग्लोबल कंपनियों के प्रमुख से सीएम हेमंत सोरेन की बातचीत की होगी शुरुआत

  • झारखंड ने सुनियोजित वार्ताओं के साथ वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में अपनी भागीदारी का शुभारंभ करेगा 
  • औद्योगिक विकास को स्थिरता और तकनीकी उन्नति के साथ जोड़ने के प्रयासों को मिलेगा बल 
  • टाटा स्टील, हिताची इंडिया, टेक महिंद्रा, ब्लूमबर्ग एपीएसी, स्वीडन इंडिया बिजनेस काउंसिल और यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम (यूएसआइएसपीएफ) के साथ बैठक 

टीम एबीएन, रांची /दावोस। युवा झारखंड दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक 2026 के उद्घाटन समारोह के उपरांत उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में ग्लोबल इकोनॉमिक और नीतिगत चर्चाओं में मजबूती से अपनी स्थिति से दुनिया को अवगत करायेगा। प्रतिनिधिमंडल दीर्घकालिक अंतरराष्ट्रीय साझेदारी और निवेश के अवसरों को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित सुनियोजित वार्ताओं के साथ अपनी भागीदारी का शुभारंभ कर रहा है। 

विभिन्न पहलुओं पर बातचीत 

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक के पहले दिन ग्लोबल को-आपरेशन, अंतरराष्ट्रीय व्यापार परिषदों और संस्थागत भागीदारों के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ संवाद होंगे। इस संवाद में झारखण्ड औद्योगिक विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, स्थिरता और संस्थागत सहयोग के क्षेत्र में सहयोग को गहरा करने के अपने उद्देश्य को स्पष्ट करेगा। 

प्रमुख बैठकों में टाटा स्टील के साथ चर्चा शामिल है, जिसमें भारत के औद्योगीकरण और उन्नत एवं टिकाऊ विनिर्माण की दिशा में इसके विकास में झारखंड की ऐतिहासिक भूमिका की पुष्टि होगी। 

हिताची इंडिया के साथ आयोजित बैठक में अवसंरचना विकास, ऊर्जा प्रणालियों और प्रौद्योगिकी-आधारित समाधानों के अवसरों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जबकि टेक महिंद्रा के साथ चर्चा में आईटी केंद्र, डिजिटल परिवर्तन, नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र एवं अन्य पहलुओं को बताया जायेगा। 

झारखंड की प्रतिबद्धता को बल मिलेगा 

ब्लूमबर्ग एपीएसी, स्वीडन इंडिया बिजनेस काउंसिल और यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम (यूएसआइएसपीएफ) के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत में निवेश को सुगम बनाने, वैश्विक बाजार एकीकरण सहयोग के अवसरों का पता लगाया जायेगा। प्रतिनिधिमंडल विश्व आर्थिक मंच के वरिष्ठ प्रतिनिधियों से भी मुलाकात कर दीर्घकालिक आर्थिक और नीतिगत चर्चाओं को आकार देने वाले वैश्विक मंचों में भागीदारी के प्रति झारखंड की प्रतिबद्धता को बल देगा।

इन बैठकों के अतिरिक्त महिला विकास को लेकर होने वाली बातचीत में राज्य द्वारा समावेशी नेतृत्व और लैंगिक समानता को आर्थिक विकास और शासन के अभिन्न अंग के रूप में महत्व देने पर बल दिया जायेगा। साथ ही, बैठक के पहले दिन टेक्नोलॉजी से संबंधित पवेलियनों के दौरे से उभरते नवाचारों और भविष्योन्मुखी समाधानों से अवगत होने का अवसर मिलेगा, जिससे झारखंड के औद्योगिक विकास को स्थिरता और तकनीकी उन्नति के साथ जोड़ने के प्रयासों को बल मिलने की उम्मीद है। 

25 वर्ष का युवा झारखंड विजन 2050 की ओर अग्रसर है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के उद्घाटन के पहले दिन झारखंड क्षेत्रीय भागीदारी से हटकर सक्रिय वैश्विक सहभागिता की ओर एक स्पष्ट बदलाव का संकेत देगा। इन प्रारंभिक वातार्ओं के माध्यम से राज्य आने वाले दिनों के लिए दिशा-निर्देश तैयार कर दिये हैं जो टिकाऊ साझेदारी, जिम्मेदार निवेश आकर्षित करने और झारखण्ड को भविष्य के लिए तैयार और वैश्विक स्तर पर जुड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने पर केंद्रित है।

Published / 2026-01-18 15:02:19
झारखंड : जल्द बज जायेगा निकाय चुनाव का बिगुल

  • रांची नगर निगम चुनाव का बिगुल! अब बारी है अपने मेयर और पार्षद चुनने की

टीम एबीएन, रांची। राजधानी की जनता का लंबा इंतजार अब खत्म होने वाला है। हाई कोर्ट के दखल और आदेश के बाद  रांची नगर निगम चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं।

बताया जा रहा है कि बहुत जल्द चुनाव की तारीखों का आधिकारिक ऐलान हो जाएगा। रांची नगर निगम के कुल 53 वार्डों के लिए वोट डाले जाएंगे। मतदाता इस बार अपने-अपने क्षेत्र से 53 पार्षदों का चुनाव करेंगे, जो शहर के विकास की जिम्मेदारी संभालेंगे।

सभी 53 वार्डों में संभावित उम्मीदवारों ने अपना जनसंपर्क बढ़ा दिया है। वार्डों में बैठक का दौर शुरू हो चुका है। रांची की जनता साफ-सफाई, जल आपूर्ति और सड़कों जैसी बुनियादी समस्याओं को लेकर पिछले काफी समय से निर्वाचित प्रतिनिधियों की कमी महसूस कर रही थी।

Published / 2026-01-17 22:57:52
झारखंड : 87 मोस्ट वांटेड अपराधियों का लिस्ट जारी

  • झारखंड पुलिस ने जारी की 87 मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची, जनता से लगायी मदद की गुहार

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के विभिन्न जिलों में सक्रिय 87 मोस्ट वांटेड अपराधियों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। राज्य पुलिस ने इन अपराधियों की धर पकड़ के लिए आधिकारिक सूची और तस्वीरें जारी की हैं, ताकि आम जनता की सूचना पर इन्हें पकड़ा जा सके।

पुलिस ने जनता से की अपील

इन अपराधियों पर हत्या, डकैती, रंगदारी, लूट और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। ये झारखंड के साथ-साथ बिहार व पश्चिम बंगाल में भी वारदातें कर फरार हैं। सूची में झारखंड के लगभग सभी बड़े जिले शामिल हैं। 

जमशेदपुर से रंजन मिश्रा, सूरज सिंह, अनवर अली प्रमुख हैं। रांची में लखन सिंह, मजहर अंसारी, चाईबासा में गुलशन बिरुली, देवघर में गौरव खबारे, हजारीबाग में उमेश दास जैसे नाम हैं। सरायकेला, लोहरदगा, लातेहार, कोडरमा, जामताड़ा, दुमका, गढ़वा, पलामू, खूंटी, गिरिडीह, गुमला व बोकारो के अपराधी भी लिस्ट में शुमार हैं। 

अन्य राज्यों से बिहार के राजू यादव, हरियाणा के मो. आरिफ, पश्चिम बंगाल के डब्लू शेख व फरीदाबाद के अरशद अली भी शामिल हैं। पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी अपराधी की जानकारी गोपनीय रखते हुए थाने या हेल्पलाइन पर दें। इससे अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में मदद मिलेगी।

Published / 2026-01-17 21:41:24
आपरेशन सिंदूर के दौरान क्रिटिकल मिनरल से बने ब्रह्मोस ने पड़ोसी देश को सिखायी थी सबक : सतीश चंद्र दुबे

पलामू के राजहरा कोलियरी में कोयले का उत्पादन शुरू  

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पलामू। पलामू की लाइफ लाइन राजहरा कोलियरी में शनिवार से कोयला का उत्पादन शुरू हो गया है। इसका उद्घाटन केंद्रीय कोयला खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने किया। मौके पर श्री दुबे ने कहा कि भारत मां सोना, हीरा, कोयला सहित काफी उपयोगी मिनरल्स सहित देश के लिए जो भी आवश्यकता है वह देती है। क्रिटिकल मिनरल का ही देन ब्रह्मोस है जो आपरेशन सिंदूर के दौरान पड़ोसी देश पाकिस्तान को सबक सिखायी। कोल से जो बिजली बनती है जिससे सभी आवश्यक सुविधाएं देती है। 

उन्होंने कहा कि विश्व में नरेंद्र मोदी ही एक ऐसा लीडर हैं जो कहते हैं वह करते हैं। पहले ही सरकारें सिर्फ कोयला उत्पादन कर धरती मां को जैसे तैसे छोड़ देती है। लेकिन देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में माइंस को प्लान बनाकर चलाया जा रहा है। धरती मां से कोयला निकाल कर उसे पुन: बराबर कर उस धरती को हरा-भरा बनाती है यदि माइंस ज्यादा गहरा होता है तो उसे पर्यटन स्थल के रुप में विकसित करतीं हैं। उन्होंने कहा कि कोयला निकालने के दौरान ओबी में भी कुछ मिनरल निकलता है, जिसकी पहचान कर उसका सदुपयोग किया जाता है। 

केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार पर्यावरण संरक्षण करते हुए ही आवश्यकताओं की पूर्ति करतीं हैं। उन्होंने कहा देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित, शिक्षित व आत्मनिर्भर भारत बनाने का जो सपना देखा है वह पूरा होता जा रहा है। आज स्थिति ऐसी बन गयी है कि कोल इंडिया इतना कोयला उत्पादन शुरू कर दी है। अब कोल इंडिया विदेशों में भी कोयला निर्यात करने की स्थिति में आ गयी है। समारोह का संचालन संजीव कुमार ने किया।

धन्यवाद ज्ञापन परियोजना पदाधिकारी विनोद कुमार दीपक ने किया। मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष अमित तिवारी, माइंस मैनेजर एम एम चतुर्वेदी, फेयर माइंस कार्बन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक राजीव कुमार सिंह, जीएम सुभाष सिन्हा, विभाकर पांडेय, सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य रविंद्र तिवारी, किशोर पांडेय, केएन पांडेय, सीसीएल के मनु राम, जन्मेजय पांडेय, सत्येंद्र पांडेय, अशोक मिश्रा, शशांक सिंह सहित कई लोग मौजूद थे। 

पांच लाख लोगों को देती है रोजगार  

केंद्रीय राज्यमंत्री सतीश चन्द्र दुबे ने कहा कि सीसीएल प्रत्यक्ष रूप से पांच लाख लोगों को रोजगार देती है। इसके साथ ही 25 लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार देने का काम करती हैं। उन्होंने कहा कि सीसीएल केवल कोयला निकाल कर व्यवसाय नहीं करती है बल्कि डीएफएमटी के फंड से इलाके में विकास कार्य करती है। साथ ही सीएसआर के तहत इलाके के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार उपलब्ध कराती है। मंत्री ने कहा कि कोल इंडिया दस लाख तक का इलाज लोगों को कराती है इसके साथ ही प्रतिभा को भी सम्मान देते हुए मेधावी छात्रों को आर्थिक रूप से मदद करती है। खिलाड़ियों को भी आगे बढ़ाने में सीसीएल सहयोग करती है। 

अपने वादा को निभाने का काम किया : बीडी राम  

सांसद बीडी राम ने कहा कि वर्ष 2014 में चुनाव प्रचार के दौरान इस इलाके के लोगों ने राजहरा कोलियरी के बंद होने की जानकारी दी थी। उसी समय मैंने वादा किया था कि राजहरा कोलियरी में कोयले का उत्पादन जरूर शुरू कराउंगा और आज वह वादा पूरा हुआ। सांसद ने सीसीएल प्रबंधन से कहा कि रैयतों की जो भी समस्या है उसे दूर करने के लिए एक कर्मी को जिम्मा दिया जाए। जो भी विस्थापित हुए हैं आपके नियम व शर्तों को पूरा करते हैं तो तत्काल उन्हें नौकरी दिया जाये। 

अब राजहरा का होगा निरंतर विकास : सीएमडी  

सीसीएल के सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह ने कहा कि राजहरा पलामू की लाइफ लाइन है। यह इलाके की एक पहचान है जो कुछ समय से धुमिल होते जा रही थी लेकिन अब पुन: इसमें चमक आ जायेगी। राजहरा कोलियरी में पुरानी रौनक लौट गयी है। अब राजहरा कोलियरी निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढेगी। उन्होंने कहा कि सांसद बीडी राम ने कोयला मंत्रालय और राजहरा कोलियरी के बीच सेतु का काम किया जिसके परिणामस्वरूप आज राजहरा कोलियरी उत्पादन शुरू हुआ। 

देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी राजहरा : जीएम  

राजहरा क्षेत्र के महाप्रबंधक मनीष कुमार ने कहा कि राजहरा कोलियरी में कोयले का उत्पादन शुरू होना इस इलाके के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी। इससे औद्योगिक वातावरण कायम होगा। रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। यह राजहरा कोलियरी कोयला उत्पादन कर देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी। 

फेयर माइंस से मिली प्रेरणा

सीसीएल के सीएमडी निलेन्दु कुमार सिंह ने कहा कि राजहरा कोलियरी के बगल में संचालित फेयर माइंस कार्बन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा माइंस चालू कर दिये जाने से मुझे काफी प्रेरणा मिली। फेयर माइंस कार्बन प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों ने भी कहा कि सर आप राजहरा कोलियरी को शुरू करेंगे तो पलामू में औद्योगिक वातावरण बनेगा और पलामू का विकास होगा। जिसके बाद हमलोगों का भी हौसला बढ़ा और आज परिणाम सामने है।

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