राज काज

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Published / 2026-02-02 23:28:51
झारखंड : हेमंत कैबिनेट की बैठक पांच को

झारखंड कैबिनेट की बैठक 5 फरवरी को

टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने पांच फरवरी को कैबिनेट की बैठक आयोजित की है। बैठक दो बजे से प्रोजेक्ट भवन में आयोजित की जायेगी। 

बैठक में गुरु जी क्रेडिट कार्ड में आंशिक संशोधन से संबंधित प्रस्ताव पेश किए जाने की संभावना है। इस संशोधन का उद्देश्य छात्रों को कर्ज मिलने में हो रही समस्याओं को दूर करना है।

Published / 2026-02-02 23:26:42
मुख्यमंत्री ने सेरेंगसिया शहीद स्मारक पर किया माल्यार्पण

  • मुख्यमंत्री हेमंत ने चाईबासा में 398 करोड़ की 197 योजनाओं का किया शिलान्यास-उद्घाटन

टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सेरेंगसिया के शहीदों को नमन-सह-परियोजनाओं के शिलान्यास, उद्घाटन एवं परिसंपत्ति वितरण समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने सेरेंगसिया शहीद स्मारक पर माल्यार्पण कर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करने वाले अमर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो प्रखंड अंतर्गत सेरेंगसिया में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अपने वीर शहीदों का सम्मान झारखंड की परंपरा में शामिल है और इस परंपरा को और मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने पूर्वजों के बलिदान को जान सकें।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 398 करोड़ 19 लाख 35 हजार 298 रुपये की लागत से 197 विकास योजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन किया। 224 करोड़ 78 लाख 77 हजार 843 रुपये की लागत से 122 योजनाओं का शिलान्यास किया। 173 करोड़ 40 लाख 57 हजार 405 रुपये की लागत से 75 योजनाओं का उद्घाटन किया गया।

इसके साथ ही विभिन्न विभागों की योजनाओं के अंतर्गत 3 लाख 77 हजार 256 लाभार्थियों के बीच 637 करोड़ 43 लाख 13 हजार 500 रुपये की परिसंपत्तियों का वितरण किया गया। वहीं, 1479 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड हमेशा से शूरवीरों की धरती रही है। जब देश में आजादी की लड़ाई की शुरुआत भी नहीं हुई थी, तब यहां के आदिवासियों ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया।

कोल्हान का कोल विद्रोह इसका जीवंत उदाहरण है। हमारे पूर्वजों ने अपनी पहचान, जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए सब कुछ न्योछावर कर दिया। भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हु, नीलांबर-पीतांबर और पोटो हो जैसे महानायकों की शहादत की यह धरती साक्षी रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि आधी आबादी यानी महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना सरकार का संकल्प है। मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत 18 से 50 वर्ष की महिलाओं को हर वर्ष 30 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है, ताकि वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें।

Published / 2026-02-02 23:12:13
15वें वित्त आयोग की स्वास्थ्य योजनाओं में शून्य प्रगति पर कार्रवाई के संकेत

  • स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति पर सख्ती: 15वें वित्त आयोग में शून्य प्रगति वाले जिलों पर कार्रवाई के संकेत

टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 2 फरवरी 2026 को अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आईपीएच सभागार, नामकुम में सभी जिलों के सिविल सर्जनों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गयी।

बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), मुख्यमंत्री अस्पताल रखरखाव योजना, 15वां वित्त आयोग तथा पीएम-अभीम की वर्तमान स्थिति का विस्तृत आकलन किया गया।
बैठक में एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, अपर सचिव विद्यानंद शर्मा पंकज, संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला तथा निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. सिद्धार्थ सान्याल सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी एवं सभी जिलों के सिविल सर्जन उपस्थित थे।

अपर मुख्य सचिव ने एनएचएम अंतर्गत किये गये खर्च और संभावित व्यय की रिपोर्ट लेते हुए अतिशीघ्र विपत्र तैयार कर भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि समय पर भुगतान के लिए सभी संबंधित अधिकारियों एवं स्टेकहोल्डर्स के साथ आवश्यक बैठकें आयोजित की जाएं।मुख्यमंत्री अस्पताल रखरखाव योजना के अंतर्गत अस्पतालों में मरम्मत एवं रंग-रोगन की अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की गई। उन्होंने निर्देश दिया कि जहां भी छोटी-मोटी कमियां रह गई हों, उन्हें शीघ्र दुरुस्त किया जाए।

15वें वित्त आयोग के अंतर्गत उपलब्ध राशि की समीक्षा करते हुए श्री सिंह ने कहा कि सभी अस्पतालों में आवश्यक मशीनें उपलब्ध कराई जाएं। यदि कहीं अतिरिक्त राशि की आवश्यकता हो तो उसे तत्काल उपलब्ध कराया जायेगा। कम खर्च पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने जिन जिलों में प्रगति शून्य पाई गई, वहां कारण-पृच्छा करने का निर्देश दिया। साथ ही चेतावनी दी कि स्थिति में सुधार नहीं होने पर संबंधित सिविल सर्जनों के वेतन पर रोक और कड़ी कार्रवाई की जायेगी। बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों की उन्होंने प्रशंसा की और पिछड़े जिलों को उनसे अनुसरण करने का निर्देश दिया।

बैठक में यह भी सामने आया कि उप विकास आयुक्त एवं नगर परिषद को भी 15वें वित्त आयोग की राशि आवंटित की गई है, जहां खर्च की गति धीमी है। इस पर अपर मुख्य सचिव ने सभी सिविल सर्जनों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और 13 फरवरी तक नगर परिषद एवं उप विकास आयुक्त द्वारा खर्च की गई राशि का यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट जमा करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में न्यूनतम 60 प्रतिशत राशि का उपयोग अनिवार्य है।

अपर मुख्य सचिव ने यह भी बताया कि अटेंडेंस सिस्टम को वेतन से जोड़ने की प्रक्रिया पर कार्य किया जा रहा है, ताकि अस्पताल कर्मियों का वेतन उपस्थिति के आधार पर सुनिश्चित किया जा सके। सहियाओं को मिलने वाले इंसेंटिव को भी ऑन करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे, जिसके लिए आवश्यक होने पर कैबिनेट स्तर पर प्रस्ताव ले जाया जायेगा।

बैठक के दौरान कुछ सिविल सर्जनों ने जिले में एंबुलेंस संचालन में आ रही समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराया। इस पर अपर मुख्य सचिव ने सुझाव दिया कि 108 एंबुलेंस सेवा को एकीकृत संचालन के तहत सौंपा जाए, ताकि सुरक्षित और सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।

Published / 2026-02-02 23:02:47
स्पर्श कुष्ठ से निपटने को लेकर विभिन्न विभागों के बीच समन्वय पर जोर

  • स्पर्श कुष्ठ से निपटने को लेकर विभिन्न विभागों के बीच समन्वय पर जोर
  • स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान को लेकर स्टेट कोआर्डिनेशन कमेटी की बैठक, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय पर जोर

टीम एबीएन, रांची। स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आज अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड सरकार अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में स्टेट कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ लेप्रसी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी।

बैठक में पंचायती राज विभाग की निदेशक राजेश्वरी बी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, स्टेट लेप्रोसी आफिसर डॉक्टर अनिल कुमार, शिक्षा विभाग के पदाधिकारी तथा पंचायती राज विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में बताया गया कि स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान 30 जनवरी से 13 फरवरी 2026 तक राज्यभर में चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य कुष्ठ रोग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, रोग से जुड़े सामाजिक भेदभाव को समाप्त करना तथा प्रभावित व्यक्तियों के आत्मसम्मान को सुनिश्चित करना है। वर्ष 2026 की थीम भेदभाव का अंत और आत्मसम्मान को सुनिश्चित करना निर्धारित की गयी है।

अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि कुष्ठ रोग पूरी तरह उपचार योग्य है और समय पर पहचान एवं बहु-औषधि चिकित्सा से इसका पूर्ण इलाज संभव है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि अभियान के दौरान पंचायत से जिला स्तर तक समन्वित एवं प्रभावी जन-जागरूकता गतिविधियां संचालित की जायें। 

उन्होंने कहा कि ग्राम सभाओं, प्रचार-प्रसार गतिविधियों, जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों तथा कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों की सहभागिता के माध्यम से समाज में फैली भ्रांतियों को दूर किया जाये और लोगों को सही जानकारी उपलब्ध करायी जाये।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि स्पर्श अभियान के साथ-साथ द्वितीय चरण कुष्ठ रोग खोज अभियान भी प्रस्तावित है, जो 9 मार्च से 23 मार्च 2026 तक चलेगा। इसके अंतर्गत उन चिन्हित गांवों एवं वार्डों में घर-घर सर्वेक्षण और संपूर्ण शारीरिक जांच की जाएगी, जहां पिछले 5 से 7 वर्षों में कुष्ठ रोग के मरीज पाये गये हैं।

बैठक के बाद क्षेत्रीय निदेशक डॉक्टर रवि शंकर ने बताया कि झारखंड देश का पहला राज्य है जहां GIS आधारित ग्रामवार कुष्ठ रोगियों का डेटा तैयार किया गया है। साथ ही राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2024-25 से कुष्ठ रोगियों को प्रति मरीज प्रतिमाह 500 पोषण सहायता तथा रोगियों के संपर्क में आने वाले व्यक्तियों को चिकित्सीय जांच अवधि तक प्रति व्यक्ति प्रति माह 100 अवगमन सहायता प्रदान की जा रही है। बैठक के अंत में सभी विभागों से आपसी समन्वय के साथ अभियान को सफल बनाने की अपील की गयी।

Published / 2026-02-02 21:21:19
झारखंड : आठ फरवरी तक कर सकते हैं लोक भवन का दीदार

लोक भवन उद्यान आम नागरिकों के लिए खुला 

टीम एबीएन, रांची। राज्यपाल के निदेशानुसार लोक भवन, रांची स्थित उद्यान को आम नागरिकों के भ्रमण एवं परिदर्शन हेतु 2 फरवरी से 8 फरवरी तक के लिए खोला गया है। उद्यान के खुलने के पहले ही दिन बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचे। प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, उद्घाटन दिवस पर कुल 2559 नागरिकों ने लोक भवन उद्यान का भ्रमण किया और वहां के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया। 

उद्यान भ्रमण का समय सुबर 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक निर्धारित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उद्यान में प्रवेश लोक भवन के गेट संख्या- 2 से कराया जा रहा है, जहां सुरक्षा जांच के उपरांत ही नागरिकों को प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। प्रवेश का समय दोपहर 1 बजे तक निर्धारित है। 

राज्यपाल ने कहा कि लोक भवन उद्यान को आम लोगों के लिए खोलने का उद्देश्य नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुखद वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आगंतुकों की सुविधा, स्वच्छता और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए। 

उद्यान खुलने से शहरवासियों में उत्साह देखा गया। बड़ी संख्या में परिवार, बुजुर्ग और बच्चे उद्यान में पहुंचे और फूलों, हरियाली व प्राकृतिक वातावरण का आनंद लिया। नागरिकों ने लोक भवन उद्यान को आम लोगों के लिए खोलने के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे एक सराहनीय पहल बताया।

Published / 2026-02-01 22:48:16
तिनसुकिया में आदिवासी भाई बहनों से मिलना गर्व की बात : हेमंत सोरेन

  • सीएम हेमंत सोरेन पहुंचे असम, आदिवासी महासभा में की शिरकत, कही ये बात

एबीएन न्यूज नेटवर्क, असम/ रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस समय असम के दौरे पर हैं। इस दौरान वे तिनसुकिया में आयोजित आदिवासी महासभा में शामिल हुए, जहां बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग मौजूद थे।

आदिवासी भाई-बहनों और बुजुर्गों से मिलना गर्व की बात

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने असम के तिनसुकिया में ऑल आदिवासी स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ आसाम की ओर से आयोजित आदिवासी महासभा में शिरकत की। इस महासभा में आदिवासी समाज के छात्र, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस कार्यक्रम में शामिल होने को अपना सौभाग्य बताया।

उन्होंने कहा कि असम में अपने हजारों आदिवासी भाई-बहनों और बुजुर्गों से मिलना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताया और सफल आयोजन के लिए सभी आयोजकों का आभार व्यक्त किया।

इस मौके पर झारखंड के सांसद विजय हांसदा, मंत्री चमरा लिंडा और विधायक एमटी राजा भी मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहे। सभी नेताओं ने आदिवासी समाज के साथ संवाद बढ़ाने और आपसी सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया। महासभा के दौरान आदिवासी समाज की एकता, पहचान और सामाजिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आमंत्रण के लिए धन्यवाद देते हुए जोहार कहकर अपना संबोधन समाप्त किया।

Published / 2026-02-01 22:40:22
तिनसुकिया में आदिवासी भाई बहनों से मिलना गर्व की बात : हेमंत सोरेन

  • सीएम हेमंत सोरेन पहुंचे असम, आदिवासी महासभा में की शिरकत, कही ये बात

एबीएन न्यूज नेटवर्क, असम/ रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस समय असम के दौरे पर हैं। इस दौरान वे तिनसुकिया में आयोजित आदिवासी महासभा में शामिल हुए, जहां बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग मौजूद थे।

आदिवासी भाई-बहनों और बुजुर्गों से मिलना गर्व की बात

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने असम के तिनसुकिया में ऑल आदिवासी स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ आसाम की ओर से आयोजित आदिवासी महासभा में शिरकत की। इस महासभा में आदिवासी समाज के छात्र, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस कार्यक्रम में शामिल होने को अपना सौभाग्य बताया।

उन्होंने कहा कि असम में अपने हजारों आदिवासी भाई-बहनों और बुजुर्गों से मिलना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताया और सफल आयोजन के लिए सभी आयोजकों का आभार व्यक्त किया।

इस मौके पर झारखंड के सांसद विजय हांसदा, मंत्री चमरा लिंडा और विधायक एमटी राजा भी मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहे। सभी नेताओं ने आदिवासी समाज के साथ संवाद बढ़ाने और आपसी सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया। महासभा के दौरान आदिवासी समाज की एकता, पहचान और सामाजिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आमंत्रण के लिए धन्यवाद देते हुए जोहार कहकर अपना संबोधन समाप्त किया।

Published / 2026-01-31 21:31:38
नुक्कड़-नाटक के सहारे पोस्ता की खेती से बचाने की पहल

टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 31-01-2026 की चाइल्ड राइट्स फाउंडेशन रांची एवं जिला प्रशासन खूंटी/रांची  के सहयोग से आज सतरंजी बाजार में पोस्ता की खेती के विरुद्ध नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम एवं पंपलेट  का वितरण किया गया। किसानों को अफीम खेती नहीं करने एवं बैकल्पिक खेती ड्रैगन फल एवं स्टाबेरी स्वीट कॉर्न  टमाटर  बैगन, लाह उत्पादन  इत्यादि की खेती को प्रोत्साहित कर रही है, जिससे किसान भाई अफीम की खेती से ज्यादा आमदनी कर सकते हैं। 

अफीम के सेवन का दुष्परिणाम नाड़ी की गति मंद होना हाथ पैर व मुख की त्वचा काला पड़ना, विषम स्वांस, अधिक पसीना आना, लीवर कैंसर एवं किडनी प्रभावित करना, पाचन तंत्र को कमजोर करना इत्यादि बीमारी होती है। अफीम की खेती कानूनन अपराध है। इसमें सम्मिलित पाये जाने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। गिरफ्तार या पकड़े जाने पर 10 वर्षों की सजा तथा आजीवन कारावास एवं एनडीपीएस एक्ट के तहत होगी। 

संपत्ति जब्त भी की जा सकती है। अफीम खेती से आपका उपजाऊ जमीन भी बंजर हो जाता है। अफीम की खेती कहीं भी की जारी है तो उसकी सूचना स्थानीय जिला प्रशासन एवं थानों को अवश्य दें। मौके पर बैद्यनाथ कुमार, चंदन कुमार, दीपक एवं नाटक मंडली की टीम ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया।

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