टेस्ट सीरीज खेलने के लिए श्रीलंका पहुंची भारतीय टीमएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने के लिए भारतीय क्रिकेट टीम श्रीलंका पहुंच चुकी है। दोपहर को सभी खिलाड़ी श्रीलंका के लिए रवाना हुए और कुछ ही घंटों में पहुंच गए। पहला टेस्ट मैच 15-19 अगस्त और दूसरा 23-27 अगस्त के बीच होगा। 7-9 के बीच तीन दिन का अभ्यास मैच होगा। दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने के लिए भारतीय क्रिकेट टीम श्रीलंका पहुंच चुकी है। दोपहर को सभी खिलाड़ी श्रीलंका के लिए रवाना हुए और कुछ ही घंटों में पहुंच गए। पांच बजे के करीब श्रीलंका क्रिकेट ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भारतीय क्रिकेटरों के स्वागत की तस्वीरें साझा की जिससे यह साफ हो गया कि टीम इंडिया श्रीलंका की सरजमीं पर कदम रख चुकी है। शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय टीम दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलेगी। यह टेस्ट मैच विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण होंगे। 15 अगस्त से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले 3 दिनों का अभ्यास मैच 7 से 9 अगस्त के बीच खेला जाएगा, जो एक तरह से भारतीय टीम का वार्मअप मैच होगा। यह मैच श्रीलंका इलेवन के खिलाफ भारतीय टीम खेलेगी। मुकाबले से पता चल जाएगा कि भारतीय टीम श्रीलंका में टेस्ट खेलने के लिए कितनी तैयार है। भारत आखिरी बार वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप साइकल का मैच दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपनी सरजमीं पर खेला था, जहां उसे 2-0 से क्लीन स्वीप होना पड़ा था। यह सीरीज 2025 में खेली गई थी। 2026 में यह वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से पहली टेस्ट सीरीज होगी।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। डीएवी गांधीनगर के खिलााड़यों ने इस वर्ष सीबीएसई द्वारा आयोजित क्लस्टर/ जोनल स्तरीय प्रतियोगिता के अन्तर्गत विभिन्न खेलों में बहुत ही बढ़िया प्रदर्शन किया। जैसा कि इस प्रतियोगिता में बिहार, झारखंड से सीबीएसई एफिलिएटेड विद्यालय के ही खिलाड़ी किसी भी खेल प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। इस वर्ष डीएवी गांधीनगर खिलाड़ी बैडमिंटन बालक अंडर 19 वर्ग में आयुष कुमार, पीयूष कुमार, यशवंत पिंगवा ने गोल्ड मेडल जीता। वहीं अंडर 17 वर्ग में तन्मय कुमार, अनिकेत सर्राफ, अभिनव सिंह, निधिश राज ने सिल्वर मेडल जीता। तीरंदाजी में अंडर 14 बालिका में अनुष्का कुमारी ने बराउंज मेडल जीती। अंडर-17 टेबल टेनिस बालक वर्ग में आयुष कुमार ने ब्राउनज मेडल जीता। अंडर- 17 शूटिंग बालिका में स्वाति कुमारी ने भी ब्राउंज मेडल जीती।मौके पर विद्यालय के प्राचार्य पीके झा सभी खिलाड़ियों को हौसला अफजाई करने के लिए सभी खिलाड़ियों को मेंडल प्रदान किये और शुभकामनाएं भी दिये। मौके पर विद्यालय के वरीय शारीरिक शिक्षक गोविंद झा, कौशल कुमार, स्वाति शिप्रा, निशा कुमारी ने सभी खिलाड़ियों को भविष्य में और अच्छा करने की शुभकामनाएं दी।
हरियाणवी छोरी प्रीति पंवार का कमाल, स्वर्ण पदक जीतकर रचा इतिहास... जानें कैसा रहा मुश्किल सफर एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भिवानी जिला के गांव बड़ेसरा की निवासी भारतीय सेना की नायब सूबेदार प्रीति पवार ने राष्ट्रमंडल खेल-2026 में 54 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने कनाडा की सवाना डेलगाडो को एकतरफा 5-0 से पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वर्ष 2017 में मुक्केबाजी शुरू करने वाली प्रीति पंवार ओलंपिक भी खेल चुकी है। प्रतिदिन 6 से 9 घंटे तक बॉक्सिंग की प्रैक्ट्सि करती रही है। उन्होंने 14 साल की उम्र से बॉक्सिंग शुरू की थी। उनके दादा व परदादा पहलवान रहे, वही उनके पिता सोमबीर सिंह कबड्डी के खिलाड़ी है तथा उनकी माता सलीन देवी गृहणी। वहीं उनके चाचा विनोद मुक्केबाजी के कोच है, जिनकी देखरेख में वह मुक्केबाजी सीखती रही है। वह दो बार राष्ट्रीय खेलों में गोल्ड मैडल ले चुकी है। प्रीति पंवार ने 2019 में नेशनल स्कूल गेम्स में गोल्ड मैडल जीता, 2021-22 में खेलो इंडिया में सिल्वर व गोल्ड मैडल हासिल किया। 2021 के एशियन खेलों में सिल्वर मैडल, 2022 में एशियन चैंपियनशिप में ब्रांज मैडल भी ले चुकी है। वे भारतीय सेना, स्पोर्ट्स एथोरिटी आफ इंडिया, भारतीय बॉक्सिंग, जीएसडब्ल्यू सहित हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन का भी धन्यवाद करती है। जिसके बूते वे यहां तक पहुंची है। उन्होंने कहा कि गलास्को कॉमनवेल्थ खेलों में भारत की महिला खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन किया है, जो महिला सशक्तिरण को दिखाता है। उनकी जीत की इस खुशी का आलम उनके घर-परिवार में भी देखने को मिला। प्रीति पंवार ने बताया कि प्रीति साई पवार की यह जीत भारतीय महिला मुक्केबाजी के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि आगामी एशियाई खेलों में भी देश को उनसे स्वर्ण पदक की उम्मीद रहेगी। प्रीति साई पवार की इस उपलब्धि पर खेल जगत में खुशी की लहर है। उनके स्वर्ण पदक ने राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की सफलता में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया। बता दें कि इसके साथ ही भारत के 7 गोल्ड सहित कुल 27 मेडल हो गये हैं। भारत मेडल टैली में छठे स्थान पर पहुंच गया है। फाइनल के मुकाबले वहीं, भारत के 8 और मुक्केबाज गोल्ड मेडल के लिए फाइनल में उतरेंगे। शाम 4:15 बजे जदुमणि सिंह (55 किग्रा), रात 9 बजे साक्षी चौधरी (51 किग्रा), 9:15 बजे प्रिया घंघास (60 किग्रा), 9:30 बजे अरुंधति चौधरी (70 किग्रा), 10:15 बजे लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा), 10:45 बजे सचिन सिवाच (60 किग्रा), 11:15 बजे अंकुश पंघाल (80 किग्रा) और 11:45 बजे नरेंद्र बरवाल (90+ किग्रा) अपने-अपने फाइनल मुकाबले खेलेंगे। शनिवार को हुए मैच में प्रीति ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और हर मुकाबले में अपना दबदबा बनाये रखा। फाइनल में भी उन्होंने बेहतरीन तकनीक, आक्रामक खेल और आत्मविश्वास का परिचय देते हुए सर्वसम्मत निर्णय से जीत हासिल की। इस बारे में प्रीति ने बताया कि वह गोल्ड मैडल जीतकर बहुत खुश है।
टीम एबीएन, रांची। अग्रवाल युवा सभा, रांची द्वारा आयोजित अग्रवाल पिकलबॉल लीग सीजन-1 का सफल एवं भव्य आयोजन रविवार, 26 जुलाई 2026 को टॉप कोर्ट, मॉल आॅफ रांची में संपन्न हुआ। सुबह 10 बजे से प्रारंभ हुए इस रोमांचक टूर्नामेंट में संस्था के अनेक सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा अपने उत्कृष्ट खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। पूरे दिन चले रोमांचक मुकाबलों के बाद कमल अग्रवाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता ट्रॉफी अपने नाम की, जबकि ऋषभ सिकरिया ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन करते हुए उपविजेता बनने का गौरव प्राप्त किया। इस सफल प्रतियोगिता के आयोजन में संस्था के स्पोर्ट्स डायरेक्टर्स अनुबंध अग्रवाल एवं आभास बथवाल की विशेष भूमिका रही। उनके कुशल नेतृत्व, सुव्यवस्थित योजना एवं अथक प्रयासों के कारण यह टूर्नामेंट अत्यंत सफल एवं यादगार बना। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष रोहित सरावगी, सचिव चेतन पोद्दार, कोषाध्यक्ष शुभम लोहिया, पूर्व अध्यक्ष रौनक झुनझुनवाला, पूर्व अध्यक्ष सौरव बजाज एवं तरुण सर्राफ ने भी आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया तथा खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। संस्था के अध्यक्ष रोहित सरावगी ने कहा कि अग्रवाल युवा सभा, रांची केवल सामाजिक सेवा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं के शारीरिक स्वास्थ्य, आपसी सौहार्द, टीम भावना एवं मनोरंजन को बढ़ावा देने के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। भविष्य में भी संस्था द्वारा ऐसे खेलकूद, मनोरंजन एवं समाजहित के अनेक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे, जिससे समाज के युवा अधिक से अधिक जुड़ें और स्वस्थ एवं सकारात्मक वातावरण का निर्माण हो।कार्यक्रम के अंत में सभी खिलाड़ियों, विजेताओं, आयोजकों एवं उपस्थित सदस्यों को बधाई देते हुए उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया। पूरे आयोजन में खेल भावना, उत्साह, अनुशासन एवं भाईचारे का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने अग्रवाल पिकलबॉल लीग सीजन-1 को एक यादगार एवं ऐतिहासिक आयोजन बना दिया। उपरोक्त जानकारी संस्था के मीडिया प्रभारी अमित बजाज और यश सुरेखा ने दी।
श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारत ने जीती पहली टी-20 सीरीजजिम्बाब्वे की बल्लेबाजी फिर रही फ्लॉपएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत ने जिम्बाब्वे को दूसरे टी-20 मुकाबले में 90 रनों से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में पांच विकेट पर 219 रन बनाए। जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 17.5 ओवर में 129 रन पर सिमट गई। लक्ष्य का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी बेहद खराब रही और टीम किसी भी समय सुखद स्थिति में नहीं दिखी। जिम्बाब्वे ने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए। सीरीज का तीसरा और आखिरी टी20 मुकाबला रविवार को खेला जाएगा। श्रेयस को मिली राहतभारत को श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पहली बार टी-20 सीरीज में जीत मिली है। सूर्यकुमार यादव की जगह टी-20 टीम के कप्तान बनाए गए श्रेयस की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। श्रेयस की कप्तानी में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ भारत ने सीरीज गंवाई थी। श्रेयस कप्तान के तौर पर पहले सात मैचों में जीत नहीं दर्ज कर सके थे, लेकिन जिम्बाब्वे दौरे पर उन्हें राहत मिली। भारत ने इस सीरीज के दोनों मुकाबले अपने नाम कर सीरीज पर कब्जा जमा लिया है।
वर्ल्ड चैंपियन स्पेन का अपने देश में जोरदार स्वागतविश्व विजेता स्पेन टीम का स्वदेश लौटने पर होगा भव्य स्वागत, विजय परेड में हिस्सा लेंगे खिलाड़ीएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। स्पेन की विश्व कप विजेता टीम स्वदेश लौटने के लिए तैयार है, जहां टीम के 11 सदस्यों का स्वागत स्पेन के शाही महल और प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज द्वारा किया जायेगा। इसके बाद शाम को खिलाड़ी खुली छत वाली बस में सवार होकर शहर के मध्य भाग में विजय परेड में हिस्सा लेंगे। टीम के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसकों के जुटने की उम्मीद है। स्पेन ने 16 साल का खिताबी सूखा किया समाप्तपरेड प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास मोनक्लोआ पैलेस के निकट से शुरू होकर सिबेल्स स्क्वायर तक जायेगी। इसके बाद सिबेल्स स्क्वायर पर खिलाड़ियों के सम्मान में एक समारोह आयोजित होगा। यह वही ऐतिहासिक स्थल है, जहां स्पेन की राष्ट्रीय टीमें और उनके समर्थक बड़ी जीत के बाद पारंपरिक रूप से जश्न मनाते रहे हैं। स्पेन ने रविवार को न्यू जर्सी के ईस्ट रदरफोर्ड में खेले गए फाइनल में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर विश्व कप का खिताब अपने नाम किया। स्पेन ने इससे पहले 2010 में दक्षिण अफ्रीका में पहली बार यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी जीती थी। इस तरह यह उसके इतिहास का दूसरा विश्व कप खिताब है। फाइनल की समाप्ति के साथ ही मैड्रिड जश्न में डूब गया। हजारों समर्थक बार और रेस्तरां से निकलकर सड़कों पर उमड़ पड़े। कई लोग स्पेन का राष्ट्रीय ध्वज ओढ़े हुए थे, जबकि अनेक प्रशंसक टीम के रंगों वाली जर्सियां पहने हुए थे। राजधानी के पुर्ता देल सोल सहित प्रमुख चौक लोगों से खचाखच भर गये। समर्थकों ने गीत गाये, नृत्य किया, आतिशी की और पूरे शहर में वाहनों के हॉर्न गूंजते रहे। कई लोग सोमवार तड़के तक जीत का जश्न मनाते रहे।जश्न के बीच हुई दुखद घटनापुरुष विश्व कप के साथ-साथ 2023 में स्पेन द्वारा जीते गए महिला विश्व कप को मिलाकर यह यूरोपीय देश एक साथ पुरुष और महिला दोनों विश्व कप खिताब अपने पास रखने वाला पहला देश बन गया है। जश्न के बीच एक दुखद घटना भी सामने आयी। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, मैड्रिड के उत्तर-पश्चिम में स्थित सलामांका में 13 वर्षीय एक किशोर की उस समय मृत्यु हो गयी, जब वह दोस्तों के साथ जश्न मनाने के लिए जिस फव्वारे पर चढ़ा था, वह ढह गया।पूरे स्पेन में उत्साह का माहौलस्पेन फुटबॉल टीम के कई युवा समर्थकों के लिए यह पहली बार है जब उन्होंने पुरुष राष्ट्रीय टीम को विश्व कप ट्रॉफी उठाते देखा है। इसी कारण पूरे देश में उत्साह और उल्लास का अभूतपूर्व माहौल है। टीम के लौटने से पहले ही मैड्रिड के बराखास हवाई अड्डे के आगमन क्षेत्र में बड़ी संख्या में प्रशंसक उनका स्वागत करने के लिए पहुंच गये। अनेक लोग टीम की जर्सी पहने हुए थे और हाथों में स्पेन के राष्ट्रीय ध्वज लहरा रहे थे। टीम के समर्थक सोमवार सुबह से ही सिबेल्स स्क्वायर के आसपास अपनी जगह सुरक्षित करने लगे। तेज धूप और 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने वाले संभावित तापमान से बचने के लिए वे अपने साथ छतरियां भी लेकर पहुंचे।
जापान ओपन में भारत को हाथ लगी निराशा एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। युवा बैडमिंटन खिलाड़ी आयुष शेट्टी और उन्नति हुड्डा जापान ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में बुधवार को संघर्षपूर्ण मुकाबलों में हार गए जबकि लक्ष्य सेन को सीधे गेम में पराजय मिली। एशिया चैम्पियनशिप के उपविजेता आयुष को दूसरी वरीयता प्राप्त पूर्व विश्व चैम्पियन थाईलैंड के कुन्लावुत वितिदसर्न ने 21-19, 23-25, 21-15 से हराया। विश्व रैंकिंग में 24वें स्थान पर काबिज उन्नति को चीनी ताइपै की हुआंग यू सुन ने 16-21, 21-16, 21-15 से मात दी। आल इंग्लैंड चैम्पियनशिप उपविजेता लक्ष्य को स्थानीय खिलाड़ी कोकी वातानाबे ने 38 मिनट में 21 -16, 21-14 से हराया। भारत के तीनों खिलाड़ी पहले दौर की बाधा भी पार नहीं कर सके जो अगले महीने दिल्ली में होने वाली विश्व चैम्पियनशिप से पहले अच्छा संकेत नहीं है। भारत 17 साल बाद इसकी मेजबानी कर रहा है। अब भारत की उम्मीदें दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पी वी सिंधू और ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो की मिश्रित टीम पर टिकी हैं। सिंधू का सामना पांचवीं वरीयता प्राप्त चीन की हान युइ से होगा जबकि ध्रुव और तनीषा शीर्ष वरीयता प्राप्त फेंग यान झि और हुआंग डोंग पिंग से खेलेंगे।
यूथ हॉकी 5 साइड एशियन चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में झारखंड के 6 खिलाड़ियों का चयन एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क (रांची)। हॉकी इंडिया ने मस्कट (ओमान) में 20 से 25 जुलाई 2026 तक आयोजित होने वाली महिला एवं पुरुष यूथ हॉकी 5 साइड एशियन चैंपियनशिप के लिए 10-10 सदस्यीय भारतीय टीम की घोषणा कर दी है। घोषित टीम में झारखंड के कुल छह खिलाड़ियों को जगह मिली है। इनमें महिला वर्ग में पांच और पुरुष वर्ग में एक खिलाड़ी शामिल हैं। महिला टीम में संदीपा कुमारी, पुष्पा मांझी, श्रुति कुमारी, खिल्ली कुमारी और नीलम टोपनो का चयन हुआ है, जबकि पुरुष वर्ग में आशीष तनी पूर्ति भारतीय टीम का हिस्सा बने हैं। छह खिलाड़ियों के चयन से झारखंड ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान दर्ज करायी है। हॉकी इंडिया ने मध्य प्रदेश के भोपाल में 4 से 18 जुलाई तक आयोजित राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर महिला टीम का चयन किया है। वहीं पुरुष टीम का चयन चंडीगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर के आधार पर किया गया। चयनित महिला खिलाड़ी पहले से ही भोपाल में चल रहे 15 सदस्यीय सब-जूनियर राष्ट्रीय तैयारी समूह का हिस्सा थीं। हॉकी झारखंड के अध्यक्ष भोलानाथ सिंह ने सभी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि झारखंड के छह खिलाड़ियों का भारतीय टीम में चयन राज्य में हॉकी के विकास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार के खेल विभाग और हॉकी झारखंड द्वारा जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने का सकारात्मक परिणाम अब लगातार सामने आ रहा है। हॉकी झारखंड के पदाधिकारी मनोज ने कहा कि यह पूरे झारखंड के लिए गर्व का क्षण है। हमारे खिलाड़ियों ने कठिन मेहनत और अनुशासन के बल पर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई है। हमें पूरा विश्वास है कि सभी खिलाड़ी एशियन चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर भारत और झारखंड का नाम रोशन करेंगे। हॉकी झारखंड भविष्य में भी खिलाड़ियों को हर संभव सहयोग और बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। झारखंड की महिला हॉकी खिलाड़ियों का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में जूनियर भारतीय महिला हॉकी टीम के यूनाइटेड किंगडम एक्सपोजर दौरे के लिए भी झारखंड की चार खिलाड़ियों का चयन हुआ था। इसके अलावा एशियन गेम्स के लिए घोषित भारतीय महिला टीम में भी राज्य की चार खिलाड़ी शामिल हैं। अब सब-जूनियर यूथ हॉकी 5डी टीम में पांच और खिलाड़ियों के चयन के साथ सीनियर, जूनियर और सब-जूनियर भारतीय महिला टीमों में झारखंड की कुल 13 खिलाड़ी जगह बना चुकी हैं। इसे राज्य के हॉकी इतिहास की बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है। इससे स्पष्ट है कि झारखंड भारतीय हॉकी को लगातार प्रतिभाशाली खिलाड़ी दे रहा है और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
विवादों से भरे वर्ल्ड कप के बीच और अमीर बनकर उभरा फीफा एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। वर्ल्ड कप से जुड़े एक और विवाद के शांत होने के साथ ही एक बात साफ हो गयी है कि फीफा के बॉस जियानी इन्फेंटिनो पहले से कहीं ज्यादा मजबूत स्थिति में दिख रहे हैं। 2026 के टूर्नामेंट की लगभग हर पहलू से आलोचना हुई है, चाहे वह टिकट की कीमत हो, ईरान की टीम को बाहर रखना हो, सोमालिया के रेफरी पर रोक लगाना हो या राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पहली बार फीफा शांति पुरस्कार देना हो। पिछले कुछ दिनों में फीफा के प्रति नाराजगी तब चरम पर पहुंच गई जब ट्रंप के दबाव में एक सस्पेंडेड स्टार अमेरिकी खिलाड़ी को मैदान पर उतरने की इजाजत दी गई जिसकी गैर-अमेरिकी लोगों ने कड़ी आलोचना की। स्पोर्ट्स लॉयर निक डी मार्को ने कहा, अब मुद्दा यह नहीं है कि ओरिजिनल रेड कार्ड सही था या नहीं। मुद्दा यह है कि क्या फीफा ने वर्ल्ड कप की गरिमा और फुटबॉल के ग्लोबल रेगुलेटर के तौर पर अपनी अथॉरिटी को कमजोर किया है।हालांकि, टूर्नामेंट खत्म होने के बाद ये शिकायतें शायद खत्म हो जायेंगी। बेल्जियम द्वारा वर को 4-1 से बुरी तरह हराने के बाद अमेरिकी स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन को खेलने की इजाजत देने से जुड़े विवाद की तीव्रता कम होने लगी है। इस बीच इन्फेंटिनो अपने सबसे अहम काम पैसा कमाने पर पूरी तरह से फोकस बनाये हुए हैं। फीफा को सत्ता और पैसे के साथ अपनी दूसरी जिम्मेदारी (खेल के नियमों और कानूनों को बनाये रखने) के बीच संतुलन बनाने में लगातार तनाव का सामना करना पड़ता है। पैसा जीत रहा है। दुनिया के सबसे ज्यादा कमाई वाले खेल के 56 वर्षीय एडमिनिस्ट्रेटर के नेतृत्व में फीफा के 2026 वर्ल्ड कप से सीधे तौर पर लगभग $9 बिलियन कमाने की उम्मीद है, जो कतर में हुए 2022 एडिशन से लगभग $2 बिलियन ज्यादा है। एक दशक से कुछ समय पहले वर प्रॉसिक्यूटर द्वारा भ्रष्टाचार के मामले की जांच के बाद फीफा घोटालों का पर्याय बन गया था। एक साल के भीतर इन्फेंटिनो को संगठन के नए चेहरे के तौर पर लाया गया। उन्होंने सुधारों की देखरेख की, पारदर्शिता में थोड़ी बढ़ोतरी की और फीफा के टूर्नामेंट्स (जिसमें ज्यादा कमाई वाला क्लब वर्ल्ड कप भी शामिल है) के साइज और दायरे को काफी बढ़ाया। लेकिन उन्होंने गवर्निंग बॉडी को पैसे, सत्ता और राजनीति को मिलाने के पुराने रास्ते पर भी आगे बढ़ाया है।
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