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एशियन गेम्स : चौथे दिन मीराबाई की चांदी, भारत को मिले पांच पदक
Published / 2026-09-23 19:15:45
एशियन गेम्स : चौथे दिन मीराबाई की चांदी, भारत को मिले पांच पदक

भारत ने बढ़ायी पदकों की संख्या: मीराबाई ने करायी चांदी, निशानेबाजी में भी मिले दो मेडल; जानें कैसा रहा प्रदर्शन एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। एशियन गेम्स के चौथे दिन भारत ने अपने पदकों की संख्या में इजाफा किया है। बुधवार को भारत की झोली में एक रजत सहित कुल पांच पदक आये जिससे उनके कुल पदकों की संख्या 12 पहुंच गयी है। भारत को आज निशानेबाजी, सॉफ्ट टेनिस, भारोत्तोलन और बैडमिंटन में पदक मिले। इसके अलावा वुशु में रोशिबिना ने फाइनल में पहुंचकर स्वर्ण पदक की उम्मीद जगायी। पुरुष कबड्डी टीम भी सेमीफाइनल में पहुंची और उन्होंने देश के लिए एक पदक पक्का किया। महिला हॉकी ने दबदबा बरकरार रखते हुए एकतरफा अंदाज में जीत दर्ज की। शूटिंग में मिले दो पदक, मनु ने किया निराश भारत ने बुधवार को एशियन गेम्स 2026 में शूटिंग में दो और कांस्य पदक अपने नाम किए। पहले परिनाज धालीवाल, राइजा ढिल्लों और महेश्वरी चौहान की भारतीय तिकड़ी ने महिलाओं की स्कीट टीम स्पर्धा में कांस्य जीता। इसके बाद अनंत जीत सिंह नारूका, मैराज अहमद खान और भवतेघ सिंह गिल की पुरुष टीम ने भी स्कीट में कांस्य पदक अपने नाम किया।  जय मीणा ने सॉफ्ट टेनिस में रचा इतिहास सॉफ्ट टेनिस में जय मीणा ने भारत के लिए ऐतिहासिक पदक जीत लिया। उन्होंने पुरुष एकल के क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस के शेरविन नुगुइट को 4-3 से हराया। मुकाबला 3-3 से बराबर था और निर्णायक गेम में जय 3-5 से पीछे चल रहे थे। हालांकि, उन्होंने शानदार वापसी करते हुए लगातार चार अंक जीते और मुकाबला अपने नाम कर लिया।इसके साथ ही वह सेमीफाइनल में पहुंच गए और एशियाई खेलों में सॉफ्ट टेनिस में भारत का पहला पदक पक्का कर दिया था। हालांकि, जय मीणा को चोट के कारण सेमीफाइनल मुकाबले से हटना पड़ा। इसके साथ ही उनका स्वर्ण पदक जीतने का सफर थम गया और उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।

एशियन गेम्स : श्रीलंका को हरा भारतीय महिलाओं ने जीता स्वर्ण
Published / 2026-09-22 18:06:25
एशियन गेम्स : श्रीलंका को हरा भारतीय महिलाओं ने जीता स्वर्ण

महिला टी-20 में भारत की सबसे बड़ी जीत: पूरी श्रीलंकाई टीम मंधाना को भी नहीं छोड़ सकी पीछे, दूसरी बार जीता सोना एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय महिला टीम ने श्रीलंका को हराकर एशियन गेम्स 2026 में पहला स्वर्ण पदक जीत लिया है। भारतीय टीम ने इसके साथ ही एशियाड में अपने स्वर्ण पदक का सफलतापूर्वक बचाव किया। भारत ने इससे पहले हांग्झू एशियन गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीता था। भारत ने फाइनल में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में तीन विकेट पर 216 रन बनाये। जवाब में श्रीलंका की टीम 15.4 ओवर में 69 रन पर ढेर हो गयी। इस तरह भारतीय महिला टीम ने 147 रनों के अंतर से जीत दर्ज की। एशियन गेम्स में श्रीलंका ने रजत और पाकिस्तान ने महिला क्रिकेट में कांस्य पदक अपने नाम किया। भारत ने एशियन गेम्स के तीसरे दिन आखिरकार स्वर्ण पदक का इंतजार खत्म किया। भारत ने पहले दो दिन चार रजत और दो कांस्य जीते थे, लेकिन स्वर्ण का इंतजार बढ़ता ही जा रहा था। हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली भारतीय महिला टीम ने अब ये इंतजार खत्म कर दिया। भारतीय टीम शुरुआत से ही खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही थी और टीम ने अपना दबदबा जारी रखा। भारतीय महिला टीम ने एशियन गेम्स में बड़ा कीर्तिमान भी बनाया। भारत ने श्रीलंका के खिलाफ स्वर्ण पदक मुकाबले में तीन विकेट पर 216 रन बनाये। ये एशियाड में महिला क्रिकेट का सर्वोच्च टोटल है। एशियाड में दूसरी बार हुआ है जब महिला क्रिकेट में 200 रनों का आंकड़ा पार हुआ है। इससे पहले ये रिकॉर्ड हॉन्गकॉन्ग के नाम था जिन्होंने 2023 में मंगोलिया के खिलाफ चार विकेट पर 202 रन बनाये थे।

एशियाई खेलों में भारत की उम्मीदें...
Published / 2026-09-21 23:25:58
एशियाई खेलों में भारत की उम्मीदें...

एशियाई खेलों में भारत की उम्मीदें... सत्यनारायण गुप्ताएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। 19 सितंबर से जापान के आइची-नगोया में 20वें एशियाई खेलों का आगाज होने जा रहा है।4 अक्टूबर तक चलने वाले इन खेलों में एशिया के शीर्ष खिलाड़ी और टीमें अपनी श्रेष्ठता साबित करने उतरेंगी। कुल 43 खेलों में 469 स्पर्धाओं में 11000 एशियाई एथलिट अपनी किस्मत आजमाएंगे। भारत की ओर से 37 खेलों में 508 एथलिट भाग लेंगे।भारत के लिए यह आयोजन इसलिए खास है कि पिछली बार 2023 में हांगझोऊ में उसने पहली बार 100 पदकों का आंकड़ा पार किया था। 28 स्वर्ण, 38 रजत और 41 कांस्य सहित कुल 107 पदकों के साथ भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा था। अब सवाल यह है कि क्या भारत नगोया में उस उपलब्धि को दोहरा पाएगा अथवा उससे आगे निकल सकेगा? भारत की इस बार की चुनौती केवल पदकों की संख्या तक सीमित नहीं है। खेल शुरू होने से पहले ही भारतीय दल पर डोपिंग का साया पड़ गया है। कुश्ती में तीन खिलाड़ी डोपिंग मामलों के कारण एशियाई खेलों से बाहर हो चुके हैं। इसके अलावा भारोत्तोलन, जूडो, एथलेटिक्स, निशानेबाजी, रोइंग और वुशु सहित कई खेलों में भी डोपिंग संबंधी मामले सामने आए हैं। 1951 में नई दिल्ली में पहली बार एशियाई खेलों का आयोजन हुआ था। 11 एशियाई देशों के 489 खिलाड़ियों ने सात खेलों में हिस्सा लिया था। भारत ने 15 स्वर्ण, 16 रजत और 20 कांस्य सहित 51 पदक जीते और जापान के बाद दूसरे स्थान पर रहा।तब भारत एशिया की प्रमुख खेल शक्तियों में था। लेकिन बाद के दशकों में चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों ने खेलों में जबरदस्त निवेश किया और भारत धीरे-धीरे पदक तालिका में पीछे होता गया। इसके बावजूद भारत ने प्रत्येक एशियाई खेल में कम से कम एक स्वर्ण पदक जीता है और एशियाई खेलों के हर संस्करण में भाग लेने वाले चुनिंदा देशों में शामिल है। 1982 में भारत ने दूसरी बार दिल्ली में एशियाई खेलों की मेजबानी की। लेकिन भारतीय खेलों का नया दौर वास्तव में 21वीं सदी के दूसरे दशक में दिखाई देने लगा। निशानेबाजी, मुक्केबाजी, कुश्ती, बैडमिंटन, तीरंदाजी और एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति मजबूत की। 2018 के जकार्ता एशियाई खेलों में मिला, जब भारत ने 70 पदक जीते। इसके बाद हांगझोऊ में भारत ने 107 पदक जीतकर पहली बार शतक पार किया। भारत ऐसा करने वाला चीन, जापान और दक्षिण कोरिया के बाद चौथा देश बना। नगोया में भारतीय खेल दल के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी पिछली उपलब्धि को बनाए रखने की है। हांगझोऊ के 107 पदक अब एक नया मानक बन चुके हैं। अच्छी बात यह है कि भारत की पदक संभावनाएं अब केवल एक-दो खेलों पर निर्भर नहीं हैं।एथलेटिक्स, निशानेबाजी और तीरंदाजी भारत के प्रमुख पदक स्रोत होंगे।इनके अलावा कुश्ती, मुक्केबाजी, भारोत्तोलन, बैडमिंटन, हॉकी, क्रिकेट, कबड्डी, स्क्वैश और टेबल टेनिस से भी भारत को महत्वपूर्ण पदकों की उम्मीद है। एथलेटिक्स में, जैवलिन थ्रो में नीरज का स्वर्ण भारत के लिए लगभग एक सुनिश्चित उम्मीद माना जाता रहा है। लेकिन इस बार एशियाई खेलों में वह नहीं होंगे। एथलेटिक्स में अविनाश साबले की स्टीपलचेज, तजिंदरपाल सिंह तूर की शॉटपुट, पारुल चौधरी की लंबी दूरी की दौड़, अब्दुल्ला अबूबकर की ट्रिपल जंप और अन्य भारतीय एथलीटों पर नजर रहेगी।2023 तक भारत के एशियाई खेलों के कुल पदकों में एथलेटिक्स का योगदान 283 पदकों का रहा है, जिसमें 85 स्वर्ण शामिल हैं। इसके बाद निशानेबाजी, कुश्ती और मुक्केबाजी जैसे खेल आते हैं। यदि नगोया में भारत के लिए किसी एक खेल से बड़ी संख्या में पदकों की उम्मीद की जा सकती है तो वह है निशानेबाजी। सबकी  निगाहें ईशा सिंह पर होंगी। 21 वर्षीय ईशा महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल में विश्व नंबर एक और 10 मीटर एयर पिस्टल में विश्व नंबर दो के रूप में प्रतियोगिता में उतर रही हैं। हांगझोऊ में उन्होंने दो व्यक्तिगत रजत और एक टीम स्वर्ण जीता था। पिछले डेढ़ वर्ष में विश्व चैंपियनशिप और विश्व कप में उनके प्रदर्शन ने उनकी पदक संभावनाओं को और मजबूत किया है।  उनके साथ मनु भाकर, सुरुचि फोगाट, सरबजोत सिंह, स्वप्निल कुसाले, सिफ्त कौर सामरा और मैराज अहमद खान जैसे निशानेबाज भारत की पदक उम्मीदों को मजबूत करेंगे।@        तिरंदाजी में  ज्योति सुरेखा वेन्नम भारत की सबसे बड़ी उम्मीद होंगी। कंपाउंड तीरंदाजी में उनका अंतरराष्ट्रीय अनुभव और निरंतरता भारत के लिए महत्वपूर्ण है। व्यक्तिगत मुकाबले के साथ-साथ टीम स्पर्धाओं में भी भारत पदक का दावेदार है।यह उन खेलों में से है जहां भारत ने पिछले कुछ वर्षों में केवल प्रतिभा ही नहीं, बल्कि व्यवस्थित प्रशिक्षण के दम पर खुद को एशिया की शीर्ष शक्तियों में स्थापित किया है।कुश्ती में अमन सहरावत, अंतिम पंघाल और सुजीत कलकल जैसे खिलाड़ियों पर विशेष निगाह रहेगी। लेकिन इस बार कुश्ती का उल्लेख एक कड़वी चिंता के साथ करना पड़ रहा है। तीन भारतीय पहलवान डोपिंग मामलों के कारण टीम से बाहर हो चुके हैं। इससे कुछ भार वर्गों में भारत की चुनौती कमजोर हुई है और भारतीय कुश्ती की छवि पर भी सवाल उठे हैं। भारोत्तोलन में मीराबाई चानू पर विशेष निगाह रहेगी। ओलंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई ने विश्व स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है, लेकिन एशियाई खेलों में उनके नाम अभी तक पदक नहीं है। नगोया उन्हें यह अधूरा अध्याय पूरा करने का अवसर देगा। पी. वी. सिंधु और लक्ष्य सेन भारतीय बैडमिंटन की सबसे बड़ी उम्मीद होंगे। सिंधु लंबे समय से भारतीय खेल की सबसे विश्वसनीय खिलाड़ियों में रही हैं। उनके पास ओलंपिक और विश्व स्तर का अनुभव है।लक्ष्य सेन से भी पदक की उम्मीद होगी। इनके अलावा युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी नजर रहेगी।डबल्स में सात्विक -चिराग की जोड़ी से उम्मीदें हैं। हॉकी में गत विजेता पुरूष टीम से स्वर्ण पदक की  उम्मीद है।विश्वकप में शानदार प्रदर्शन करने वाली महिला टीम भी मजबूत दावेदार है। एशियाई खेलों में हॉकी का स्वर्ण केवल पदक नहीं होता, बल्कि ओलंपिक क्वालीफिकेशन की दृष्टि से भी इसका विशेष महत्व है।@    पिछले एशियाई खेलों में महिला और पुरूष दोनों वर्गों में भारत ने स्वर्ण  पदक जीता था। भी इस बार भी पुरुष और महिला दोनों भारतीय टीमें स्वर्ण पदक की दावेदार हैं। कबड्डी, मुक्केबाजी और स्क्वैश भी महत्वपूर्ण : कबड्डी भारत की पारंपरिक ताकत है। पुरुष और महिला दोनों टीमों से स्वर्ण की उम्मीद की जा रही है। पवन सहरावत जैसे खिलाड़ियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।मुक्केबाजी में लवलीना बोरगोहेन और अन्य भारतीय मुक्केबाज पदक के दावेदार हैं। स्क्वैश में भी भारत ने पिछले कुछ वर्षों में मजबूत स्थिति बनाई है। टेबल टेनिस और टेनिस से भी कुछ पदक आने की उम्मीद है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल—डोपिंग : भारत ने खेलों में अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि बनाने के लिए पिछले वर्षों में काफी मेहनत की है। ऐसे में डोपिंग के मामले गंभीर चिंता पैदा करते हैं। विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी के आंकड़ों को लेकर भारत पहले भी सवालों के घेरे में रहा है और 2024 में भारतीय खिलाड़ियों के खिलाफ 260 प्रतिकूल विश्लेषणात्मक निष्कर्ष सामने आए थे। यह केवल नगोया की समस्या नहीं है। यदि भारत भविष्य में ओलंपिक जैसे बड़े आयोजन की मेजबानी की आकांक्षा रखता है तो विश्वसनीय और मजबूत डोपिंग नियंत्रण व्यवस्था उसकी अनिवार्य शर्त होगी।@खेल में हार स्वीकार की जा सकती है, खराब दिन भी स्वीकार किया जा सकता है, लेकिन प्रतिबंधित पदार्थों के सहारे मिली सफलता खेल भावना के मूल अर्थ को ही समाप्त कर देती है।@पदकों से आगे भी है सफलता का अर्थ@आइची-नगोया में भारत के सामने लक्ष्य निश्चित रूप से 107 पदकों के आंकड़े को पार करना होगा। लेकिन भारतीय खेल की सफलता को केवल पदक तालिका से नहीं मापा जाना चाहिए।1951 में दिल्ली से शुरू हुई भारत की एशियाई खेल यात्रा में 51 पदकों से लेकर 2023 में 107 पदकों तक का सफर केवल आंकड़ों का सफर नहीं है। यह भारतीय खेलों में आए बदलाव की कहानी है। एथलेटिक्स के पुराने गौरव से लेकर निशानेबाजी, कुश्ती, मुक्केबाजी, बैडमिंटन, तीरंदाजी और अब क्रिकेट तक- भारतीय खेल का दायरा लगातार विस्तृत हुआ है। अब नगोया की बारी है।

पीएम मोदी ने एशियाड में हिस्सा लेने वाले भारतीय दल का बढ़ाया हौसला
Published / 2026-09-20 05:06:00
पीएम मोदी ने एशियाड में हिस्सा लेने वाले भारतीय दल का बढ़ाया हौसला

एशियाई खेल: पीएम मोदी ने एशियाड में हिस्सा लेने वाले भारतीय दल को दी शुभकामनाएंएबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2026 एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहे भारतीय दल को अपनी शुभकामनाएं दी हैं। पीएम ने कहा है कि हमारे एथलीटों ने उल्लेखनीय समर्पण और दृढ़ संकल्प दिखाया है। एशियाड की शनिवार को आधिकारिक रूप से शुरुआत हुई है। आइची-नागोया में हुए 2026 एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह में कबड्डी स्टार पवन सहरावत और ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने भारतीय दल का नेतृत्व किया।शानदार सफलता हासिल करने की शुभकामनाएं दी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स एक्स पर पीएम मोदी ने लिखा, आइची-नागोया में एशियाई खेलों की शुरुआत के साथ ही मैं भारतीय दल को अपनी शुभकामनाएं देता हूं। हर खिलाड़ी ने बहुत कड़ी मेहनत की है और अद्भुत लगन व दृढ़ संकल्प दिखाया है। भारत को उन पर गर्व है। वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें, अच्छा खेलें और शानदार सफलता हासिल करें। 

एशियन चैंपियंस ट्रॉफी खेलने भारत नहीं आयेगा पाकिस्तान
Published / 2026-09-18 21:39:01
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी खेलने भारत नहीं आयेगा पाकिस्तान

एशियन चैम्पियंस ट्रॉफी : पाक ने भारत आने से किया इनकार, हॉकी इंडिया ने कहा- पाकिस्तान नहीं आया तो कोई और खेलेगा एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। एशियन चैम्पियंस ट्रॉफी हॉकी को लेकर पाकिस्तान ने एक बार फिर से विवाद खड़ा कर दिया है। मोहाली और जालंधर में 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक होने वाले इस टूर्नामेंट के लिए पहले पाकिस्तान ने टीम भेजने की मंजूरी दी थी। लेकिन अब सुरक्षा का हवाला देकर न्यूट्रल वेन्यू पर गेम्स कराने का अनुरोध किया है।  पाकिस्तान हॉकी महासंघ के अध्यक्ष मोहिनउद्दीन अहमद वानी ने कहा कि इस मांग का उद्देश्य खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और अनुकूल माहौल सुनिश्चित करना है। भारत के साथ पाकिस्तान, चीन, जापान, मलेशिया और कोरिया को इसमें खेलना है। हालांकि हमारे पास पाकिस्तान ने अब तक लिखित डिमांड नहीं भेजी है।  इस पर अब हॉकी इंडिया के सेक्रेटरी जनरल और एएचएफ के वाइस प्रेसिडेंट भोला नाथ सिंह का बयान आया है। उन्होंने समाचार पत्र भास्कर को बताया, पाकिस्तान को टूर्नामेंट में हिस्सा लेना है तो भारत आना होगा, नहीं आना तो वे हट सकते हैं। पहले भी पाकिस्तान की टीम हॉकी प्रतियोगिताओं से हट चुकी है। हमारा स्टैंड क्लियर है। मुकाबले पंजाब में ही होंगे। उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर पाकिस्तान अपनी टीम भारत नहीं भेजता तो ऐसे में बांग्लादेश या ओमान को शामिल किया जा सकता है।

ओडिशा के राष्ट्रीय योगासन चैंपियनशिप में रांची के जगदीश को सिल्वर मेडल
Published / 2026-09-14 09:47:40
ओडिशा के राष्ट्रीय योगासन चैंपियनशिप में रांची के जगदीश को सिल्वर मेडल

ओडिशा में आयोजित राष्ट्रीय योगासन चैंपियनशिप में रांची के जगदीश को सिल्वर मेडलटीम एबीएन, रांची। ओडिशा के प्रसिद्ध जगन्नाथ धाम, पुरी में आयोजित तीन दिवसीय “इंडिया योग चैंपियनशिप एवं योग महोत्सव” में रांची के योग प्रशिक्षक जगदीश सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सीनियर ग्रुप में सिल्वर मेडल हासिल किया।चैंपियनशिप का आयोजन ओनली-योगा द्वारा सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी के सहयोग से 11 से 13 सितंबर 2026 तक किया गया। देश के विभिन्न हिस्सों से प्रतिभागियों ने इसमें हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जगदीश ने सीनियर वर्ग में रजत पदक प्राप्त किया। इसके साथ ही योगासन प्रतियोगिता में जजमेंट के क्षेत्र में योगदान के लिए भी उन्हें सम्मानित किया गया।अपनी इस उपलब्धि पर जगदीश सिंह ने अपनी कोच एवं डिवाइन योगा अकादमी की निदेशक डॉ. परिणिता सिंह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और निरंतर सहयोग ने उन्हें प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। गौरतलब है कि जगदीश इससे पहले सिलीगुड़ी में आयोजित राष्ट्रीय योगासन प्रतियोगिता में “चैंपियन ऑफ चैंपियन” वर्ग में रनर-अप का खिताब भी हासिल कर चुके हैं।वर्तमान में जगदीश सिंह झारखंड स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एन एच एम) में योग प्रशिक्षक के रूप में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सी एच सी ), ओरमांझी में कार्यरत हैं। योग के क्षेत्र में उनकी लगातार उपलब्धियां झारखंड के लिए भी गौरव का विषय हैं।

दामोदर सेफीफाइनल में, अजय टूर्नामेंट से बाहर
Published / 2026-09-13 20:55:19
दामोदर सेफीफाइनल में, अजय टूर्नामेंट से बाहर

प्रेस क्लब मीडिया कप फुटबॉल टूर्नामेंट में कोयल, शंख और कारो भी जीती  टीम एबीएन, रांची। प्रेस क्लब मीडिया कप फुटबॉल टूर्नामेंट के दूसरे दिन चार मुकाबलों में दामोदर, कोयल, शंख और कारो ने जीत दर्ज कर पूरे अंक हासिल किये। बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में आयोजित प्रतियोगिता में दामोदर अपने पहले दोनों मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में पहुंच गयी है। वहीं, टीम अजय अपने पहले दोनों मुकाबला हार कर टूर्नामेंट से बाहर हो गई है।  रविवार को पहले मुकाबले में दामोदर ने गंगा को 1-0 से पराजित किया। आरजे अरविंद मैन आॅफ द मैच रहे। वहीं, दूसरे मुकाबले में कोयल ने अमानत को 1-0 से हराया। इस मैच में कृष्ण कुमार शर्मा ने एक मात्र गोल किया और मैन आॅफ द मैच चुने गये। दिन के तीसरे मुकाबले में शंख ने अजय को 1-0 से पराजित किया। शंख के रंजीत कुमार को मैन आॅफ द मैच दिया गया। दिन के अंतिम मुकाबले में कारो ने भैरवी को 1-0 से हराया। कारो के निर्भय ने गोल किया। उन्हें मैन आॅफ द मैच दिया गया। प्रतियोगिता में प्रेस क्लब की टीम के साथ-साथ वरिष्ठ पत्रकार मौजूद थे।

अमानत, दामोदर और गंगा जीती, कोयल-भैरवी का मैच ड्रॉ
Published / 2026-09-12 22:00:44
अमानत, दामोदर और गंगा जीती, कोयल-भैरवी का मैच ड्रॉ

मीडिया कप फुटबॉल प्रतियोगिता 2026  एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क, रांची। प्रेस क्लब मीडिया कप फुटबॉल प्रतियोगिता 2026 का शुभारंभ शनिवार को हो गया। बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में आयोजित प्रतियोगिता में अमानत, दामोदर और गंगा ने जीत के साथ शुरूआत की। वहीं, कोयल-भैरवी का मैच बराबरी पर छूटा। उद्घाटन समारोह में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण झारखंड के निदेशक नीरज कुमार मुख्य अतिथि और खेलकूद एवं युवा कार्य निदेशालय झारखंड के उप निदेशक निर्भय कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे। पहला मैच अमानत और कारो के बीच हुआ। अमानत ने यह मुकाबला 2-1 से जीता। अमानत की तरफ से राजा मेहंदी ने दो गोल और कारो की ओर से निर्भय ने एक गोल किया। राजा मेहंदी मैन आॅफ द मैच रहे। दूसरे मुकाबले में दामोदर ने शंख को एकतरफा मुकाबले में दो 2-0 से हराया। बासुदेव मिश्रा और नवल किशोर ने एक-एक गोल किया। बासुदेव मिश्रा मैन आॅफ द मैच रहे। कोयल और भैरवी के बीच खेला गया तीसरा मुकाबला एक-एक की बराबरी पर रहा। कोयल की ओर से मोनु कुमार और भैरवी की ओर से नूतन तिर्की ने गोल किया। नूतन तिर्की मैन आॅफ द मैच रहे। दिन के अंतिम मुकाबले में गंगा ने अजय को 2-1 से पराजित किया। गंगा की ओर से शंकर ठाकुर और राजेश सिंह ने और अजय की ओर से संतोष गुप्ता ने गोल किया। शंकर ठाकुर मैन आॅफ द मैच रहे। समारोह में प्रेस क्लब की टीम के साथ-साथ वरिष्ठ पत्रकार मौजूद थे।

रांची : स्टार वॉरियर्स की तीन बेटियों का झारखंड U-16 टीम में चयन
Published / 2026-09-11 15:08:25
रांची : स्टार वॉरियर्स की तीन बेटियों का झारखंड U-16 टीम में चयन

स्टार वॉरियर्स की तीन बेटियों का झारखंड U-16 टीम में चयनटीम एबीएन, रांची। कांके चरदी स्थित स्टार वॉरियर्स फुटबॉल क्लब की तीन होनहार खिलाड़ियों राखी कुमारी, नैंसी मुंडा और आयुषी कुमारी का चयन झारखंड U-16 फुटबॉल टीम के लिए हुआ है। तीनों खिलाड़ी इस समय झारखंड टीम के साथ आंध्र प्रदेश में हैं और आज झारखंड-बिहार के बीच होने वाले मुकाबले में राज्य का प्रतिनिधित्व करती नजर आएंगी। राखी कुमारी और नैंसी मुंडा ऊलातू पंचायत के चरदी गांव की रहने वाली हैं, जबकि आयुषी कुमारी बोड़या पंचायत के संग्रामपुर गांव की निवासी हैं।इन बेटियों की सफलता की खास बात यह है कि मैदान की कमी के बावजूद खेतों में अभ्यास कर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। स्टार वॉरियर्स फुटबॉल क्लब से लगातार खिलाड़ी झारखंड टीम में चयनित होकर राज्य के लिए पदक जीत रही हैं। यह ग्रामीण क्षेत्र की उन बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखती हैं। क्लब के कोच सह संस्थापक अनवरुल हक उर्फ बबलू ने तीनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि हमारी बेटियां परिस्थितियों से नहीं, अपनी मेहनत और हौसले से पहचान बना रही हैं। आज मैदान की कमी है, लेकिन उनके सपनों की कोई सीमा नहीं है। तीनों खिलाड़ियों के चयन पर जगदीश सिंह जग्गू, रश्मि तिर्की, शाहनवाज कुरैशी, राणा मिश्रा, रामेंद्र कुमार, समेंदर कुमार, शकील अहमद, नुरूल हक, सुमित महतो और छोटू टोप्पो सहित क्षेत्र के लोगों ने शुभकामनाएं दीं।

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