एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। आज राजधानी दिल्ली के पीतमपुरा स्थित सर्वोदय को-एड विद्यालय के खेल परिसर में आयोजित 47वीं जूनियर बॉयज नेशनल हैंडबॉल चैंपियनशिप का समापन समारोह भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू अति विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शामिल हुए। आयोजनकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। समापन समारोह के दौरान श्री धीरज प्रसाद साहू ने विजेता एवं उपविजेता टीमों सहित उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किए। पुरस्कार वितरण के दौरान खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखने को मिला। देश के विभिन्न राज्यों से आए युवा हैंडबॉल खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में अपने कौशल, अनुशासन और खेल भावना का शानदार प्रदर्शन किया। मौके पर उपस्थित खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों को संबोधित करते हुए श्री साहू ने कहा कि खेल युवाओं के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम है। खेल न केवल शारीरिक मजबूती प्रदान करता है, बल्कि अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास भी विकसित करता है। उन्होंने कहा कि आज के युवा खिलाड़ी ही देश का भविष्य हैं और ऐसे राष्ट्रीय स्तर के आयोजन उन्हें आगे बढ़ने का मंच प्रदान करते हैं। श्री साहू ने कहा कि हैंडबॉल जैसे खेलों को और अधिक प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने खिलाड़ियों से पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बनाये रखने की अपील की और कहा कि निरंतर अभ्यास, मेहनत और सकारात्मक सोच से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। पूर्व सांसद ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि इतनी उत्कृष्ट व्यवस्था के साथ राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन करना प्रशंसनीय कार्य है। उन्होंने दिल्ली हैंडबॉल संघ और सभी सहयोगी संस्थाओं को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। समापन समारोह में खेल अधिकारियों, विभिन्न राज्यों के टीम प्रतिनिधियों, कोचों, रेफरी और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। 47वीं जूनियर बॉयज नेशनल हैंडबॉल चैंपियनशिप ने न केवल युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया, बल्कि खेलों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता और भाईचारे का संदेश भी दिया। मौके पर अध्यक्ष महेश चौहान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ प्रदीप कुमार बलमुचू, महासचिव :- प्रीतपाल सलूजा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
बलदेव साहू मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट में शिरकत करेंगी भोजपुरी अदाकारा अक्षरा सिंह, अपने संगीत से करेंगी दर्शकों का मनोरंजन एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। जिला क्रिकेट एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित होने वाला बलदेव साहू मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट इस वर्ष खेल और मनोरंजन का भव्य संगम बनने जा रहा है। 9 से 13 फरवरी तक बीएस कॉलेज स्थित क्रिकेट मैदान में आयोजित होने वाला यह टूर्नामेंट जिले के खेल इतिहास में एक यादगार आयोजन के रूप में दर्ज होगा। टूर्नामेंट में जहां देश के नामी क्रिकेट खिलाड़ी अपनी मौजूदगी दर्ज करायेंगे, वहीं फिल्मी दुनिया की चर्चित हस्तियां भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ायेंगी। इस संबंध में जानकारी देते हुए लोहरदगा जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष सह पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू ने बताया कि बलदेव साहू मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट को ऐतिहासिक बनाने की पूरी तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह टूर्नामेंट न केवल क्रिकेट प्रेमियों के लिए बल्कि आम जनता के लिए भी खास आकर्षण का केंद्र होगा। आयोजन में खेल के साथ-साथ सांस्कृतिक और मनोरंजन कार्यक्रमों को भी शामिल किया गया है, ताकि सभी वर्ग के लोग इससे जुड़ सकें। टूर्नामेंट का शुभारंभ 9 फरवरी को भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ किया जायेगा। उद्घाटन समारोह के अवसर पर रसियन बैंड द्वारा वॉयलिन थीम पर विशेष प्रस्तुति दी जायेगी, जो दर्शकों के लिए एक नया और अनोखा अनुभव होगा। 10 फरवरी को कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भोजपुरी सिनेमा की लोकप्रिय अदाकारा अक्षरा सिंह होंगी, जो अपने गीत-संगीत और मंचीय प्रस्तुति से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करेंगी। अक्षरा सिंह की मौजूदगी को लेकर युवाओं में पहले से ही खासा उत्साह देखा जा रहा है। टूर्नामेंट के समापन समारोह का आयोजन 13 फरवरी को किया जायेगा, जो और भी खास रहने वाला है। समापन समारोह में भारतीय क्रिकेट जगत के दिग्गज सितारे वीरेंद्र सहवाग और हरभजन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इन अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त खिलाड़ियों की उपस्थिति से न सिर्फ खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय युवा क्रिकेटरों को भी प्रेरणा मिलेगी। धीरज प्रसाद साहू ने बताया कि बलदेव साहू मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्देश्य जिले में क्रिकेट को प्रोत्साहित करना और युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर पाते हैं। साथ ही खेल के प्रति सकारात्मक माहौल का निर्माण होता है। आयोजन को लेकर जिला क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। सुरक्षा, दर्शकों की सुविधा, खिलाड़ियों के ठहराव और मैदान की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आयोजन समिति को उम्मीद है कि यह टूर्नामेंट न केवल सफल होगा, बल्कि आने वाले वर्षों में भी लोहरदगा को खेल और सांस्कृतिक आयोजनों के मानचित्र पर एक नयी पहचान दिलायेगा।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। झारखंड जिम्नास्टिक्स एसोसिएशन के तत्वावधान में तथा धनबाद जिला जिम्नास्टिक्स एसोसिएशन के सहयोग से दिनांक 15 से 18 जनवरी 2026 तक एक्रोबेटिक्स जिम्नास्टिक्स एवं रिदमिक जिम्नास्टिक्स की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का भव्य आयोजन धनबाद में किया जा रहा है। इस चार दिवसीय प्रतियोगिता में झारखंड के विभिन्न जिलों से चयनित खिलाड़ी भाग लेंगे एवं अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे। प्रतियोगिता में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी आगामी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए क्वालिफाई करेंगे। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य राज्य में एक्रोबेटिक्स एवं रिदमिक जिम्नास्टिक्स जैसे उभरते खेलों को प्रोत्साहित करना तथा खिलाड़ियों को एक सशक्त प्रतिस्पर्धात्मक मंच प्रदान करना है। झारखंड जिम्नास्टिक्स एसोसिएशन की तुलिका श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी जिलों के अध्यक्षों एवं सचिवों से अनुरोध है कि वे अपने-अपने खिलाड़ियों की प्रविष्टियां आवश्यक दस्तावेजों सहित दिनांक 13 जनवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से जमा करा दें, ताकि प्रतियोगिता की तैयारियां समय पर पूर्ण की जा सकें। उन्होंने यह भी बताया कि प्रतियोगिता हेतु पंजीकरण शुल्क 200/- प्रति खिलाड़ी निर्धारित किया गया है। प्रविष्टि के साथ संलग्न किए जाने वाले आवश्यक दस्तावेज : जन्म प्रमाण पत्र की छायाप्रति आधार कार्ड की छायाप्रति दो पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो यदि खिलाड़ी का पता किसी अन्य राज्य का है, तो संबंधित राज्य के सचिव द्वारा निर्गत मूल एनओसी अनिवार्य रूप से संलग्न करना होगा। झारखंड जिम्नास्टिक्स एसोसिएशन ने सभी जिलों से समय पर सहयोग की अपील करते हुए प्रतियोगिता को सफल बनाने का आग्रह किया है।
भाईचारा एकता फुटबॉल में लातेहार ने गया को तीन गोल से हरायाहमारे क्षेत्र में खेल असीम संभावनाएं है बस उसे तरासने की आवश्यकता है : विधायकएबीएन न्यूज नेटवर्क, हुसैनाबाद, पलामू। भाईचारा एकता कमेटी द्वारा पथरा खेल के मैदान में चल रही नॉक आउट फुटबॉल टूर्नामेंट-2026 का आज फ़ाइनल महामुकाबला गया बिहार, बनाम लातेहार झारखण्ड के बीच खेला गया। इस फ़ाइनल महामुकाबला देखने के लिए क्षेत्र से हजारों हजार की संख्या में खेल प्रेमी मैदान के चारो तरफ खेल देखने आये थे।मौके पर क्षेत्रीय विधायक संजय कुमार सिंह यादव, जिला परिषद उपाध्यक्ष आलोक कुमार सिंह अनुमण्डल पदाधिकारी गौरांग महतो, हुसैनाबाद नगर पंचायत अध्यक्ष शशि कुमार, थाना प्रभारी सोनू कुमार चौधरी, झामुमो के वरिष्ठ नेता छेदी खान, पंसस कलावती देवी, राजद नेता रवि यादव, विनय कुमार सिंह यादव आदि गणमान्य लोगों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर राष्ट्रीय गीत के पश्चात विधायक ने गेंदे को किक मार प्रारम्भ कराया, मौके पर विधायक ने भाईचारा एकता कमिटी को 16 वर्षों से इस खेल का आयोजन कराने के लिए बधाई दी।उन्होंने कहा कि फुटबॉल मैच हमारी ग्रामीण विरासत को मजबूत करता फुटबॉल कई तरह की प्रेरणा देता है इससे समाज मे एकता व एकरुकता को भी बल मिलता है। उपाध्यक्ष श्री सिंह ने कहा कि खिलाड़ी खेल को खेल भावनाओं से साथ खेले हार और जीत दोनो एक सिक्के के दो पहलू है इससे आत्मविश्वास मजबूत होता है। शशि कुमार ने कहा कि दोनों खिलाड़ियों की शारीरिक दक्षता एक समान है।खेल प्रारम्भ होते ही दोनों खिलाड़ियों ने जबरदस्त उत्साह से प्रदर्शन करते हुए दिखे खेल में अंतिम क्षण तक दोनों खिलाड़ियों ने मैदान में जमकर संघर्ष किया, लेकिन लातेहार की टीम ने खेल के प्रथम पाली में गया को एक गोल मार कर खेल को रोमांचक मोड़ में ला दिया गया। बिहार की टीम जम कर संघर्ष की तबतक द्वितीय पाली में भी लातेहार झारखण्ड की टीम ने गया बिहार में दो गोल दाग दिया। जवाब में गया कि टीम संघर्ष करते रहा लेकिन अंतिम खेल तक एक भी गोल नही बना पाया। इस तरह फाइनल मुकाबला की ट्रॉफी पर लातेहार ने तीन गोल से जीतकर अपने नाम की। मैन ऑफ द मैच उज्ज्वल कुमार मैन ऑफ़ द सीरीज नवनीत कुमार, बेस्ट गोलकीपर विकास कुमार को दिया गया। वहीं पोलडीह पंचायत के पूर्व मुखिया अभय कुमार सिंह ने प्रत्येक एक गोल करने वाले खिलाड़ियों को 1100 रुपया नगद इनाम दिये।पूरे खेल के रेफरी के रूप में कवींद्र पासवान ने निष्पक्ष रूप से खेलाया। वहीं कार्यक्रम को सफल बनाने में संयोजक मो जाकिर अली उर्फ राज अली, अध्यक्ष डॉ विशेष कुमार पासवान, सचिव चितरंजन पासवान, भोला कुमार, राम प्रवेश पासवान, बिहारी पासवान समेत कमेटी के लोग सक्रिय रहे।
पीके मिश्रा मेमोरियल महिला ट्रॉफी बवंडर इलेवन ने जीतीएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। आज बीआईटी मेसरा पॉलिटेक्निक मैदान में दुरंधर इलेवन की कप्तान प्रोमिला ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। 12 ओवर में बावा दार ने 109/5 रन बनाए। मंजू ने 7 चौकों और 4 छक्कों की मदद से 55 रन बनाए। दुरंधर के लिए मीना ने 15 और मिनी ने 14 रन देकर मृदुला ने 2 विकेट लिए।जवाब में दुरंधर ने 12 ओवर में 84/3 रन बनाए। सेजल ने 35 और प्रीति ने 12 रन बनाए। बवंडर इलेवन 26 रन से विजयी रही। नाबाद 55 रन बनाने और 1 विकेट लेने वाली मंजू को वुमन ऑफ द मैच घोषित किया गया।श्रीमती स्वर्णिमा पायल ने बवंडरएक्सआई के कप्तान और अन्य खिलाड़ियों को मोमेंटो और विजेता ट्रॉफी सौंपी। इस अवसर पर डॉ. गौतम शांडिल्य, एसोसिएट डीन, छात्र मामले, डॉ. तिवारी, संजय, डॉ. विशाल और खिलाड़ी और कर्मचारी उपस्थित थे।
भारतीय हॉकी को झटका, ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता दविंदर सिंह गरचा का निधन एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय हॉकी जगत के लिए शनिवार का दिन शोक संदेश लेकर आया, जब 1980 के मॉस्को ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम के अहम सदस्य रहे ओलंपियन दविंदर सिंह गरचा का निधन हो गया। उनके निधन से खेल जगत, विशेषकर हॉकी प्रेमियों में गहरा शोक व्याप्त है। सुरजीत हॉकी सोसाइटी के मुख्य कार्यकारी इकबाल सिंह संधू ने दविंदर सिंह गरचा के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने बताया कि उनके अंतिम संस्कार की तारीख और समय अभी तय नहीं किया गया है। सोसाइटी के सभी सदस्यों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। हॉकी को समर्पित रहा दविंदर सिंह गरचा का जीवन 7 दिसंबर 1952 को जन्मे दविंदर सिंह गरचा उस भारतीय हॉकी टीम का हिस्सा थे, जिसने 1980 के समर ओलंपिक में देश को स्वर्ण पदक दिलाया था। इस ऐतिहासिक टूनार्मेंट में उन्होंने छह मैचों में हिस्सा लेते हुए आठ गोल दागे और टीम की जीत में अहम भूमिका निभायी। अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में दविंदर सिंह ने केवल तीन प्रमुख टूर्नामेंट खेले, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने 30 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैचों में 19 गोल किये, जो उनकी आक्रामक खेल शैली और गोल करने की क्षमता को दर्शाता है। खेल से संन्यास के बाद भी उनका हॉकी से जुड़ाव बना रहा। वह मशहूर मोहिंदर सिंह मुंशी हॉकी टूर्नामेंट के अध्यक्ष रहे और युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने में अहम योगदान दिया। उनके निधन से भारतीय हॉकी ने एक ऐसा सपूत खो दिया है, जिसने मैदान पर ही नहीं बल्कि खेल प्रशासन और विकास में भी अपनी अहम भूमिका निभायी।
विराट कोहली इतिहास रचने से महज 25 रन दूर, बड़ा रिकॉर्ड टूटना तय एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। न्यूजीलैंड के खिलाफ रविवार से शुरू हो रही तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली एक और ऐतिहासिक मुकाम के बेहद करीब पहुंच गये हैं। कोहली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 28,000 रन पूरे करने से महज 25 रन दूर हैं। ऐसा करने वाले वह सचिन तेंदुलकर और कुमार संगकारा के बाद दुनिया के तीसरे खिलाड़ी बन जायेंगे। इतना ही नहीं, कोहली को सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय रनों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंचने के लिए सिर्फ 42 रन और चाहिए। फिलहाल यह रिकॉर्ड श्रीलंका के पूर्व कप्तान कुमार संगकारा (28,016 रन) के नाम दर्ज है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कोहली का शानदार सफर विराट कोहली ने अब तक 556 अंतरराष्ट्रीय मैचों की 623 पारियों में 27,975 रन बनाये हैं। उनका औसत 52.58 का है और उनके नाम 84 शतक व 145 अर्धशतक दर्ज हैं। कोहली का यह आंकड़ा उन्हें मौजूदा दौर के सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल करता है। इस सूची में कोहली से आगे सिर्फ दो महान खिलाड़ी हैं। कुमार संगकारा ने 594 मैचों की 666 पारियों में 28,016 रन बनाये, जबकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम है। तेंदुलकर ने 664 मैचों की 782 पारियों में 34,357 रन बनाये थे, जिसमें 100 शतक और 164 अर्धशतक शामिल हैं। शुभमन गिल ने की कोहली-रोहित की तारीफ पहले वनडे से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय वनडे कप्तान शुभमन गिल ने विराट कोहली और रोहित शर्मा की अहमियत पर खुलकर बात की। गिल ने रोहित को वनडे इतिहास के महानतम ओपनरों में से एक बताया, वहीं कोहली को अब तक के सर्वश्रेष्ठ वनडे बल्लेबाजों में शामिल किया। गिल ने कहा कि रोहित और विराट जैसे खिलाड़ियों का टीम में होना कप्तान की जिंदगी आसान बना देता है। जब भी टीम मुश्किल स्थिति में होती है, आप उनके अनुभव का सहारा ले सकते हैं। उन्होंने कई बार ऐसे हालात देखे हैं और उनका सुझाव किसी भी कप्तान के लिए बेहद कीमती होता है।
अकाने यामागुची रिटायर, पीवी सिंधु 13 महीनों में अपने पहले सेमीफाइनल में पहुंची एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने शुक्रवार को हराकर सुपर 1000 इवेंट मलेशिया ओपन के सेमीफाइनल में जगह बनाई। पूर्व वर्ल्ड चैंपियन सिंधु को तीसरी सीड जापान की अकाने यामागुची के रिटायर होने से सेमीफाइनल में प्रवेश मिल गया। यामागुची पहला गेम 21-11 से हारने के बाद मैच से रिटायर हो गयी। सिंधु एक साल से ज्यादा समय बाद अपने पहले सेमीफाइनल में पहुंच गयी, जब सीजन के पहले मलेशिया ओपन के क्वाटर्र फाइनल में डिफेंडिंग वर्ल्ड चैंपियन अकाने यामागुची पहले गेम के बाद चोट के कारण रिटायर हो गयीं। सिंधु गुरुवार को यामागुची की हमवतन टोमोका मियाजाकी पर शानदार जीत के साथ क्वार्टर में पहुंची थीं, लेकिन यामागुची के खिलाफ मुकाबला इतना आसान होने की उम्मीद नहीं थी। लेकिन यामागुची अपनी पुरानी फॉर्म में नहीं दिख रही थीं, क्योंकि सिंधु ने पहले गेम के इंटरवल में 11-5 की बढ़त बना ली थी। इसके बीच में पूर्व खिलाड़ी शॉट लगाने की कोशिश में चोटिल हो गयी और उनके टखने में मोच आ गयी। पहला गेम खत्म होने में थोड़ा समय लगा, सिंधु ने इसे सिर्फ 12 मिनट में 21-11 से जीत लिया। इसके खत्म होने के तुरंत बाद, यामागुची अंपायर के पास गयी और उन्हें मैच से रिटायर होने के अपने फैसले के बारे में बताया और सिंधु से हाथ मिलाया। सिंधु आखिरी बार दिसंबर 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल में सेमीफाइनल में पहुंची थीं, जहां उन्होंने हमवतन उन्नति हुड्डा को सीधे गेम में हराया था और फिर फाइनल में चीन की वूओ लुओ यू को आसानी से हराकर खिताब जीता था। वह सिंधु की आखिरी जीत थी और वह मलेशिया ओपन के सेमीफाइनल में दूसरी वरीयता प्राप्त वांग झी यी या छठी वरीयता प्राप्त पुत्री कुसुमा वदार्नी में से किसी एक का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। सिंधु, जो पैर की चोट के कारण बाहर थीं और अक्टूबर के बाद किसी भी टूनार्मेंट में हिस्सा नहीं लिया था, ने मियाजाकी पर अपनी जीत के बाद टॉप-लेवल प्रदर्शन बनाए रखने में फिटनेस के महत्व पर जोर दिया।
69वीं राष्ट्रीय स्कूली हॉकी प्रतियोगिता में झारखंड की बेटियों ने किया कमाल, अंडर-14 और अंडर-19 में डबल गोल्ड टीम एबीएन, रांची। 69वीं राष्ट्रीय स्कूली हॉकी प्रतियोगिता (एसजीएफआई) में झारखंड की बेटियों ने इतिहास रचा है। मध्यप्रदेश के ग्वालियर स्थित श्रीमंत राजमाता विजयराजे सिंधिया खेल परिसर, कंपू में 2 जनवरी से 7 जनवरी तक आयोजित इस प्रतियोगिता में झारखंड की बालिका टीमों ने अंडर-14 और अंडर-19 दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक जीतकर डबल गोल्ड अपने नाम कर पूरे राज्य को गौरवान्वित किया है। अंडर 14 झारखंड बालिका टीम ने मध्यप्रदेश को हराया पूरे टूनार्मेंट के दौरान झारखंड की बेटियों ने अनुशासन, तकनीकी कौशल और जबरदस्त आत्मविश्वास का परिचय दिया। लीग मुकाबलों से लेकर फाइनल तक टीम का प्रदर्शन संतुलित और आक्रामक रहा। खिलाड़ियों की फिटनेस, पासिंग गेम और गोल करने की क्षमता ने दर्शकों के साथ-साथ मेजबान राज्य की टीमों को भी प्रभावित किया।अंडर-14 बालिका वर्ग के फाइनल मुकाबले में झारखंड का सामना मध्यप्रदेश से हुआ। रोमांचक मुकाबले में राजमुनी कुमारी और सुष्मिता गुरिया ने अहम मौकों पर शानदार गोल दागे, जिसकी बदौलत झारखंड ने मध्यप्रदेश को 2-1 से पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मैच के दौरान झारखंड की टीम ने लगातार दबाव बनाये रखा और निर्णायक क्षणों में संयम दिखाया। अंडर 19 में भी झारखंड बालिका टीम का कमाल वहीं अंडर-19 बालिका वर्ग का फाइनल भी बेहद संघर्षपूर्ण रहा। इस मुकाबले में रोशनी आइंद, गुलजन कुमारी और लेवनी हेमरम के शानदार गोलों की मदद से झारखंड ने मध्यप्रदेश को 3-2 से हराकर दूसरा स्वर्ण पदक भी जीत लिया। मैच की शुरूआत से ही झारखंड की टीम ने आक्रामक रुख अपनाया और मध्यप्रदेश की टीम को रक्षात्मक खेल खेलने पर मजबूर कर दिया।इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे खिलाड़ियों के साथ-साथ कोच और मैनेजमेंट की अहम भूमिका रही। टीम के साथ कोच और मैनेजर के रूप में गयी एम्मा बारा, रजनी टोप्पो, आरती बाराइक और दिव्या रोज जोजो की रणनीति, मार्गदर्शन और प्रेरणादायी नेतृत्व ने खिलाड़ियों का मनोबल ऊंचा बनाये रखा।
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