एबीएन न्यूज नेटवर्क, गुमला। जिले के सिसई प्रखंड की भुरसो पंचायत में लघु सिंचाई योजना के तहत चल रहे सार्वजनिक तालाब के सुंदरीकरण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि कार्य में मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिससे तालाब की संरचना, आसपास के घरों और सिसई-लोहरदगा मुख्य पथ की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। इस संबंध में उन्होंने जिला प्रशासन को लिखित आवेदन देकर निष्पक्ष जांच और सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार यह तालाब भुरसो सहित आसपास के टोला-मुहल्लों के लिए जीवनरेखा है। पूजा-पाठ, पशु-पक्षियों की आवश्यकताओं और खेतों की सिंचाई के लिए लोग इसी तालाब पर निर्भर हैं। ग्राम प्रधान दिनेश उरांव और अन्य ग्रामीणों का दावा है कि लगभग 5,000 एकड़ भूमि की सिंचाई इस तालाब के पानी से होती है।
आरोप है कि निर्माण के दौरान कहीं अत्यधिक खुदाई की गई है, तो कहीं मिट्टी के बड़े-बड़े ढेर छोड़ दिए गए हैं। संकरी जगह पर गार्डवाल निर्माण से बरसात में पानी के तेज बहाव का खतरा बढ़ सकता है, जिससे आसपास के घर और मुख्य सड़क नुकसान का सामना कर सकते हैं।
तालाब से निकली मिट्टी को साप्ताहिक हाट, खेल मैदान और सरना स्थल के पास डंप करने से भी ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि समतलीकरण की मांग करने पर ठेकेदार ने साफ इनकार कर दिया। आपत्ति जताने पर दुर्व्यवहार और धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
इस मुद्दे पर ग्रामसभा बुलाई गई, जिसमें ठेकेदार को आमंत्रित किया गया था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। ग्रामीणों ने कहा कि शिकायत के बावजूद अब तक कोई जांच शुरू नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्य में सुधार और जांच नहीं हुई, तो वे प्रखंड मुख्यालय का घेराव करने और मुख्य मार्ग पर प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
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