एबीएन सेंट्रल डेस्क। हजारीबाग के पूर्व डीसी और वर्तमान में जेल में बंद आईएएस अधिकारी विनय चौबे को सुप्रीम कोर्ट ने सशर्त जमानत दे दी। यह बेल न्यायालय ने गवाहों के प्रभावित नहीं करने और जांच में सहयोग करने की शर्त पर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश बीवी नागरथना और उज्जल भुयान की पीठ में हुई है। सुनवाई के दौरान विनय चौबे की ओर से दलील दी गई है कि इस मामले में विजय प्रताप सिंह और सुधीर कुमार सिंह को जमानत दी जा चुकी है। दोनों ही इस मामले में लाभार्थी हैं। यह मामला वर्ष 2009-10 का है।
उस वक्त वह जिले में उपायुक्त थे। इससे पहले झारखंड हाई कोर्ट की एकलपीठ, जिसकी अध्यक्षता न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी कर रहे थे, ने 6 जनवरी को चौबे की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। उस समय अदालत ने आरोपों को गंभीर मानते हुए राहत देने से इनकार कर दिया था।
मामले की शुरुआत अगस्त 2025 में दर्ज प्राथमिकी से हुई थी, जब एसीबी ने सेवायत भूमि की कथित अनियमित खरीद-बिक्री को लेकर केस संख्या 9/2025 के तहत जांच शुरू की। जांच एजेंसी ने चौबे के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी है, जिसमें उन पर पद के दुरुपयोग और नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाये गये हैं। ज्ञात हो कि विनय चौबे 20 मई 2025 से जेल में बंद हैं।
इनकी गिरफ्तारी शराब घोटाला मामले में हुई थी। विनय चौबे पर एसीबी ने चार अलग अलग मामले दर्ज की है। शराब घोटाला और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में पूर्व में ही निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे को जमानत मिल चुकी है।
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