टीम एबीएन, रांची। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष एवं छात्र आंदोलनकारी नेता देवेन्द्र नाथ महतो ने आज मोराबादी स्थित आॅक्सीजन पार्क में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा जारी 14 वीं संयुक्त असैनिक सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2025 के परिणाम पर गंभीर सवाल उठाये।
उन्होंने कहा कि जिस परीक्षा से झारखंड के लाखों युवाओं का भविष्य जुड़ा हो, उस परीक्षा की पूरी प्रक्रिया पूर्णत: पारदर्शी, निष्पक्ष एवं संवैधानिक होनी चाहिए। किंतु हाल में जारी परिणाम ने अनेक गंभीर संदेह उत्पन्न कर दिये हैं।
देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि समाचारों के अनुसार परिणाम पर आयोग के संवैधानिक सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं हैं तथा आयोग के भीतर मतभेद की बातें सामने आई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर-1 की एक ओएमआर शीट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें कथित रूप से केवल 48 प्रश्नों के उत्तर अंकित होने के बावजूद अभ्यर्थी को सफल घोषित किए जाने का दावा किया जा रहा है।
यदि यह वायरल ओएमआर शीट और उससे जुड़े दावे सही पाए जाते हैं, तो यह अत्यंत गंभीर मामला है तथा परीक्षा की गोपनीयता और पूरी चयन प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। इसके अतिरिक्त आयोग द्वारा श्रेणीवार कट-आॅफ अंक भी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, जिससे चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर संदेह और गहरा हो गया है।
उन्होंने कहा कि परिणाम जारी होने के तुरंत बाद 18, 19 एवं 20 जुलाई 2026 को मुख्य परीक्षा निर्धारित कर दी गई है। अभ्यर्थियों को आवेदन एवं तैयारी के लिए अत्यंत कम समय दिया गया है, जिससे विशेषकर ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के अभ्यर्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
देवेन्द्र नाथ महतो ने यह भी कहा कि 19 जुलाई 2026 को खररउ की झारखंड क्षेत्रीय कार्यकर्ता प्रतियोगिता परीक्षा-2024, यूपीएससी सीएपीएफ परीक्षा तथा सीएसआईआर- यूजीसी नेट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाएं भी निर्धारित हैं। ऐसे में अनेक अभ्यर्थी एक साथ कई परीक्षाओं में शामिल होने से वंचित हो सकते हैं, जो समान अवसर के सिद्धांत के विपरीत है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जेएलकेएम किसी भी राज्य अथवा किसी अभ्यर्थी के विरुद्ध नहीं है। संगठन की लड़ाई केवल पारदर्शी, निष्पक्ष एवं संविधानसम्मत भर्ती प्रक्रिया के लिए है। यदि चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष है, तो उसकी स्वतंत्र जांच कराने में किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
देवेन्द्र नाथ महतो ने मांग की कि 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा की संपूर्ण चयन प्रक्रिया की उच्चस्तरीय सीबीआई जांच करायी जाये। जांच पूरी होने तथा श्रेणीवार कट-आॅफ सार्वजनिक किये जाने तक मुख्य परीक्षा तत्काल स्थगित की जाये। साथ ही वायरल ओएमआर शीट एवं उससे जुड़े सभी तथ्यों की भी निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाये।
उन्होंने कहा कि जेएलकेएम झारखंड के युवाओं के अधिकार, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था एवं न्यायपूर्ण चयन प्रक्रिया के लिए सदैव संघर्ष करता रहेगा। यदि अभ्यर्थियों के हितों की अनदेखी की गयी तो संगठन लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन चलाने को बाध्य होगा।
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