टीम एबीएन, रांची। भूख हड़ताल के दौरान रांची सदर अस्पताल में उपचाररत छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो को पुलिस द्वारा कथित रूप से धक्का-मुक्की कर ध्वजारोहण एवं तिरंगा यात्रा में शामिल होने से रोके जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। आज यह मामला महामहिम राज्यपाल महोदय तक पहुंचा।
जेपीएससी-जेएसएससी में कथित भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के प्रमुख छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगा यात्रा एवं ध्वजारोहण से रोके जाने तथा उनके साथ पुलिस बल प्रयोग एवं धक्का-मुक्की के मामले को लेकर आज एक प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल महोदय से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में रूपेश कुशवाहा, जयराम महतो, मुकेश कुमार, शिवम, रामा अवतार एवं महावीर साहु शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में बताया कि जेपीएससी-जेएसएससी में कथित भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान 10 अगस्त 2026 को विधानसभा घेराव के समय हुए पुलिस लाठीचार्ज के बाद छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो रांची सदर अस्पताल में उपचाररत थे। गंभीर स्वास्थ्य स्थिति के बावजूद वे छात्रों के अधिकार एवं न्याय के लिए लगातार भूख हड़ताल पर थे।
ज्ञापन में कहा गया कि 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उपचाररत होने के बावजूद देवेन्द्र नाथ महतो ने तिरंगा यात्रा में शामिल होने एवं राष्ट्रीय ध्वज फहराने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा उन्हें रोका गया तथा उनके साथ कथित रूप से बल प्रयोग एवं धक्का-मुक्की की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि घटना से संबंधित फोटो एवं वीडियो सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं। स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर तिरंगे से जुड़ी इस घटना को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच आवश्यक है।
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